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01-06-2020
बूढ़ातालाब का सौंदर्यीकरण होना सांसद सुनील सोनी को रास नहीं आ रहा : घनश्याम तिवारी

रायपुर। ऐतिहासिक बूढ़ातालाब के सौंदर्यीकरण पर भाजपा सांसद सुनील सोनी की आपत्ति पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा है कि भाजपा शासनकाल में जब मल्टीपर्पस स्कूल और स्प्रे स्कूल मैदान छोटे किए जा रहे थे, तब सुनील सोनी की अंतरात्मा कहा सोई हुई थी? तिवारी ने आरोप लगाया है कि बूढ़ातालाब को जलकुंभी मुक्त किया जाना सांसद सुनील सोनी को रास नहीं आ रहा है। सुनील सोनी बताएं कि उनको जलकुंभियों से इतना प्रेम क्यों है? महापौर कार्यकाल में जलकुंभियों को बनाए रखा। अब जलकुंभियों को हटाया जा रहा है तो भी सुनील सोनी को तकलीफ हो रही है। 15 वर्षों तक प्रदेश की सत्ता में दो-दो कद्दावर कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत राजधानी से रहे। मगर बूढ़ातलाब पर कभी ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस सत्ता पर है और जनभागीदारी से तालाब का विकास करना चाहती है तो कार्य अवरुद्ध कराने नए-नए प्रपंच किए जा रहे हैं। तिवारी ने कहा कि, वर्तमान में स्मार्ट सिटी संसदीय दल के सदस्य और 2004 से 2009 तक रायपुर महापौर रहे सुनील सोनी को यह भी बताना चाहिए कि, बूढ़ातालाब गॉर्डन के पेड़ों को किसने कटवाया था? बूढ़ातालाब को छत्तीसगढ़ पर्यर्टन मंडल को किसने सौंपा था, जो तालाब से जलकुंभी भी साफ नहीं कर पाता था। भाजपा शासनकाल में दक्षिण विधानसभा के विधायक पूर्वमंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बूढ़ातालाब को लेकर कौन सा मॉडल बनवाया था,जिसमें दानी गर्ल्स और स्प्रे शाला के मैदान को छोटा कर दुकानों के लिए नींव खोदी गई थी।

 

18-12-2019
भाजपा प्रत्याशी बड़े नेताओं की गुटबाज़ी में फंसे : कांग्रेस

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव अंतिम पड़ाव पर है, निकायों में बड़ी हार देख भाजपाई बड़े नेताओं ने दूरी बना ली है। भाजपा विधानसभा में करारी हार के चलते अंतर कलह से जूझ रही है। पूर्व लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत, ग्रामीण पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर, उच्चशिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय, शिक्षा मंत्री केदार कश्यप, वनमंत्री महेश गागड़ा जैसे अनेकों भाजपाई बड़े नेताओं ने नगरीय निकाय चुनाव से दूरी बना ली है,जिससे अंतर्कलह स्पष्ट रूप से उजागर हो रही है, भाजपाई कई गुटों में बंट चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि नगरीय निकायों में भूपेश सरकार के लिए गए फैसले नगरीय निकायों में मुख्यमंत्री वार्ड कार्यलय से जनता की समस्याएं कम हुई है। गुमास्ता एक्ट नवीनीकरण से छूट,पोनी पसारी योजना से रोजगार,अमृत योजना के तहत रायपुर में 212 करोड़ जल आवर्धन के लिए,जमीनों की गाइड लाइन में 30 प्रतिशत की छूट, शहरी भूमिहीनों को पट्टा, किफायती आवास योजना पट्टा वितरण,मोर जमीन मोर मकान के तहत शहरी क्षेत्रों में 1,60 लाख परिवारों को काबिज़ जमीनों पर पक्के मकान के लिए 2,29 लाख की राशि जैसे अनेकों सौगात दिए हैं। आदिवासी क्षेत्रों में तेंदूपत्ता प्रति बोरा 25 सौ से 4 हज़ार रुपए किये जाने से आदिवासियों की आर्थिक स्थिति में अमूल-चूल परिवर्तन दिखायी पड़ रहा है, जिससे भूपेश सरकार के द्वारा प्रदेशहित-जनहित में लिए गए निर्णयों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ-साथ शहरी एवं उद्योग व्यापार क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है।

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