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02-11-2019
पीएमसी बैंक घोटाला : एक और खाता धारक की मौत, अब तक सात लोगों से गंवाई जान

मुंबई। पंजाब एवं महाराष्ट्र को ऑपरेटिव बैंक (पीएमसी बैंक) के एक और निवेशक की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इस घोटाले से पीड़ित निवेशकों में 64 वर्षीय कुलदीप कौर विज की मौत इस मामले में सातवीं मौत है। बैंक में 4355 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और धन निकासी पर आरबीआई की रोक से ऐसी मौतें हो रही हैं। कौर के परिजनों ने बताया कि वह नवी मुंबई के खारघर में रहती थीं और मंगलवार की रात अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

पीएमसी बैंक से नकद निकासी पर पाबंदी हटाने को लेकर सरकार और आरबीआई को नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक (पीएमसी) से नकद निकासी पर लगी पाबंदी को हटाने की मांग वाली जनहित याचिका पर केंद्र, दिल्ली सरकार और आरबीआई को नोटिस जारी किया। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस सी हरिशंकर की पीठ ने शुक्रवार को वित्त मंत्रालय, दिल्ली सरकार, आरबीआई और पीएमसी बैंक को याचिका पर रुख स्पष्ट करने को कहा है।

याचिका में ग्राहकों के बैंक में जमा पैसे के लिए 100 फीसदी बीमा कवर की मांग की गई है। 4,355 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद आरबीआई ने पीएमसी बैंक पर पाबंदियां लगा दी थीं। आरबीआई ने पहले, तरलता संकट को ध्यान में रखते हुए राशि निकालने की सीमा 1,000 रुपये कर दी थी। इसे बाद में बढ़ा कर 40,000 रुपये (छह महीने के भीतर) कर दिया, जिससे ग्राहक तनाव में हैं। याचिका बेजोन कुमार मिसरा ने दायर की है। पहले उन्होंने याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी लेकिन पिछले महीने इस पर सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

16-10-2019
पीएमसी बैंक घोटाला : महिला खाताधारक ने की खुदकुश़ी? पुलिस जुटी जांच में

मुंबई। पीएमसी बैंक के एक खाताधारक की दिल का दौरा पड़ने से मौत के 24 घंटे के भीतर ही एक अन्‍य महिला खाताधारक ने आत्महत्या कर ली। महिला का नाम निवेदिता बिजलानी (39) है। निवेदिता मुंबई के अंधेरी इलाके में रहती थीं और पेशे से डॉक्‍टर थीं। निवेदिता का पीएमसी बैंक में अकाउंट जरूर था लेकिन पुलिस इस मामले को पीएमसी घोटाले की वजह से आत्महत्या नहीं मान रही है। पुलिस की मानें तो निवेदिता काफी संपन्न घर से थीं और आर्थिक रूप से काफी मजबूत थीं। इस मामले की जांच कर रही वर्सोवा पुलिस के मुताबिक निवेदिता ने पीएमसी बैंक की वजह से आत्महत्या नहीं की हैं। निवेदिता ने नींद की गोलियों का ओवरडोज़ लिया था। दरअसल निवेदिता की पहली शादी साल 2001 में हुई थी। इसके बाद उनकी दूसरी शादी साल 2017 में एक अमेरिकी नागरिक से हुई थी। पहली शादी से निवेदिता को एक 17 साल की बेटी है। निवेदिता खुद एक डॉक्टर थीं और अमेरिका में प्रैक्टिस करती थीं। निवेदिता के पिता ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा है कि मार्च 2018 में उसने अमेरिका में भी आत्महत्या करने की कोशिश की थी। उसके बाद वो डिप्रेशन का शिकार हो गई थीं। इस घटना के बाद वो भारत आकर रहने लगीं और एक डॉक्टर से डिप्रेशन का इलाज करवाने लगीं थी। 

 

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