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18-10-2020
अमित-ऋचा का नामांकन निरस्त होने पर भड़के जोगी कांग्रेसी,पुतला दहन के दौरान पुलिस के साथ जमकर झूमा झटकी

रायपुर। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी और ऋचा जोगी का नामांकन निरस्त होने पर जेसीसीजे के लोग भड़क गए हैं। युवा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता प्रदीप साहू ने आरोप लगाया है कि तानाशाह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आदेशानुसार नामांकन अवैधानिक रूप से निरस्त किए गए। इसके वरोध में रविवार को बड़ी संख्या में जोगी कांग्रेसी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पुतला जलाने धरना प्रर्दशन करने बूढ़ापारा पहुंचे। पुतला को जलाने के दौरान पुलिस बल के साथ झूमाझटकी हुई। पुतला का अस्थि पंजर अलग-अलग हो गया। इसे जोगी कांग्रेसियों ने पुलिस से छीनकर बूढ़ातालाब में बहाकर भड़ास निकाली। प्रदीप साहू ने कहा है कि 17 अक्टूबर का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में लोकतंत्र का काला दिन के रूप में जाना जाएगा। इस दिन तानाशाह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आदेश पर न सिर्फ हमारे अध्यक्ष अमित जोगी और ऋचा जोगी का नामांकन निरस्त हुआ हैं, बल्कि लोकतंत्र की हत्या भी हुई है। जोगी परिवार को मरवाही से चुनाव लड़ने से रोककर भूपेश बघेल ने स्व. जोगी और मरवाही की जनता का अपमान भी किया है। प्रदीप साहू ने कहा है बात उठेगी तो दूर तलक जाएगी, जोगी परिवार से जाति पूछने वाले पहले अपने गांधी परिवार से पूछे कि खान परिवार, गांधी परिवार कैसे हो गया। 20 साल से मरवाही की जनता को धोखे में रखने का आरोप लगाने वाले पहले यह बताए कि किस परिवार ने देश को 70 साल से धोखा दिया है।


जनता कांग्रेस महिला विभाग की प्रदेश अध्यक्ष अनामिका पॉल ने कहा है कि मरवाही की जनता इतनी बेबस और बेवकूफ नहीं कि कांग्रेस की चाल को नहीं समझ रही है। चुनाव लड़ने से पहले ही कांग्रेस चुनाव हार गई है और जोगी कांग्रेस का मुकाबला करने से कांग्रेस डर गई है। इसलिए उन्होंने अमित जोगी और ऋचा जोगी को नामांकन षडयंत्र पूर्वक निरस्त कर दिया। कार्यक्रम में महेन्द्र चंद्रकार, राजीव कश्यप, संदीप यदु, विक्रम नेताम, अजय देवांगन, हरीश वर्मा, सुजीत डहरिया, नजीब अशरफ , राज नायक, डेमन लाल, अनिल भारती,, सन्नी सालोमन,, मंसु निहाल, सन्नी तिवारी, सन्नी सिंह होरा, दशमु तांडी, राजकिशोर साहू, रोहित नायक, गजेन्द्र कश्यप, संजू धीवर, दुर्गेश सारथी, सनील नेताम, दिलीप राठौर, सतीश नागवानी, मनीराम, मनीष धीवर, प्रसन्न पंडया, राहूल बंजारे, राजेश, राज, मंजीत चेलक, शाहरूख, अफसार कुरैशी, पारस साहू, अजय सेन, अजय चंद्राकर, जयप्रकाश, विवेक बंजारे, योगेंद्र देवांगन, चेतन आडिल सहित बड़ी संख्या में जोगी कांग्रेसी उपस्थित थे।

 

17-10-2020
Breaking : मरवाही चुनाव में अमित जोगी को झटका, छानबीन समिति ने रद्द किया जाति प्रमाण पत्र

रायपुर। मरवाही उपचुनाव में जोगी कांग्रेस अध्यक्ष अमित जोगी को बड़ा झटका लगा है। छानबीन समिति ने उनका जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिया है। बता दें कि 16 अक्टूबर को आदेश की कॉपी जारी की गई थी, जिसमें समिति ने अमित जोगी को कंवर नहीं माना है। अमित के पिता स्व. अजीत जोगी का भी जाति प्रमाण पत्र पहले ही रद्द हो चुका है। अब अमित जोगी का जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया। गौरतलब है कि पहले ऋचा जोगी का जाति प्रमाण पत्र रद्द हो चुका है।  जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद अमित जोगी मरवाही चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे।

16-10-2020
पिता अजीत जोगी को पुष्पांजलि अर्पित कर नामांकन भरने पहुंचे अमित, मां रेणु और पत्नी ऋचा थे साथ

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने शुक्रवार को अपनी माता रेणु जोगी व धर्मपत्नी ऋचा जोगी की उपस्थिति में मरवाही विधानसभा में होने वाले उपचुनाव के लिए अपना नामांकन भरा। इसके पूर्व अमित जोगी पेंड्रा स्थित अपने स्व.पिता के समाधि स्थल में पहुंचे।  यहां अमित ने माथा टेका और उनका आशीर्वाद लिया। मिट्टी को अपने माथे में लगाकर नामांकन आवेदन भरने पहुंचे। अमित जोगी ने सपत्निक अपनी माता रेणु जोगी का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। अमित जोगी ने कहा है कि मैं अजीत पुत्र अमित, अर्जुन का अभिमन्यु नहीं बनने वाला हूं, चाहे विरोधी जितने जाल बिछा दे, नहीं फंसने वाला हूं। मैं हर चक्रव्यूह को तोड़ूंगा और मरवाही को जीतूंगा। मैं तो प्रतीक मात्र हूं, चुनाव तो मरवाही की 2 लाख जनता लड़ रही है, जो स्वयं में जोगी है। अमित ने आरोप लगाया है कि सरकारी तंत्र का चाहे जितना भी दुरुपयोग कर ले शासन, चाहे जितने भी पहरे बिठाले, चाहे जितने भी सितम कर ले। मरवाही की जनता इससे डरने वाली नहीं है। हमेशा की तरह वह इस बार भी इसका जवाब जोगी के प्रति अपने प्रेम और आस्था से देगी।

अमित ने कहा है कि इस बात को प्रदेश सरकार भी अच्छी तरह से जान रही है, इसीलिए वह अपने साथ-साथ अपनी पूरी कांग्रेस और अपने पूरे प्रशासन तंत्र को मरवाही के मुकाबले में झोंक दिया है। जो इस कोरोना काल में अपनी आवाजाही से शहर और गांव को कोविड-19 के संक्रमण के खतरे में डाल रहे हैं। सत्ता की भूखी सरकार शायद यह भूल रही है कि मरवाही की जनता जोगी के साथ-साथ एक बैगा भी है। डॉक्टरों का इलाज करना उसे आता है,इसे वह 3 नवंबर को अपने मतदान से साबित करेगी। अमित जोगी ने कहा है कि 10 नवंबर को होने वाली मतगणना में प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार और उनकी कांग्रेस और उनके प्रशासन तंत्र को भी यह पता चल जाएगा कि जोगी का मतलब ही मरवाही है और मरवाही का मतलब ही जोगी है। जोगी अमर थे, अमर हैं और अमर ही रहेंगे।

 

15-10-2020
अमित जोगी ने लिखा भारतीय निर्वाचन आयोग को पत्र,हस्तक्षेप करने लगाई गुहार

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने भारतीय निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है। अमित ने कहा है कि राज्य सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर किसी भी तरह उनको और उनकी पत्नी ऋचा जोगी को चुनाव लड़ने से रोकने की कोशिश करेगी। राज्य सरकार इस बात से पूरी तरह वाकिफ है कि मरवाही के लोगों के दिलों में सिर्फ जोगी परिवार बसता है,जिससे राज्य सरकार बुरी तरह बौखला गई है। साम दाम दंड भेद की नीति के बाद भी जब राज्य सरकार मरवाही उपचुनाव में अपनी हार और जोगी परिवार की जीत ही दिख रही तो वो अब फिर से जोगी परिवार की जाति का मुद्दा उठाकर उन्हें गैर कानूनी तरीके से चुनाव लड़ने से रोक रही है।
जोगी परिवार आदिवासी समाज से आता है, कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद इस बात को माना था और स्व.अजीत जोगी को छत्तीसगढ़ का प्रथम आदिवासी मुख्यमंत्री बनाया था। तो अब उसी पार्टी की राज्य सरकार को जोगी परिवार के जाति से क्या दिक्कत हो गई ? खुद उच्च न्यायालय ने स्व. अजीत जोगी की आदिवासी जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने से स्टे लगाया था और उनका पुत्र उन्होंने के नाते मेरा आदिवासी जाति प्रमाण पत्र भी सरकार निरस्त नहीं कर सकती। इस संबंध में जेसीसीजे प्रवक्ता भगवानू नायक ने कहा है कि राज्य सरकार ने जो छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग अधिनियम, 2013 में जो बदलाव किए हैं, उसके खिलाफ अमित जोगी और ऋचा जोगी ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकर और रिटर्निंग अफसर उनका व उनकी पत्नी का नामांकन अमान्य व रद्द करके मरवाही उपचुनाव लड़ने व जितने से हरसंभव प्रयास करेंगे, इसलिए अमित जोगी ने भारतीय निर्वाचन आयोग से गुहार लगा कर राज्य सरकार के इस असंवैधानिक कार्य मे हस्तक्षेप के लिए अनुरोध किया।

 

12-10-2020
ऋचा जोगी ने छानबीन समिति को भेजा जवाब  

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी की बहु और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अध्यक्ष अमित जोगी की पत्नि डॉ. ऋचा जोगी ने मुंगेली जिला स्तरीय प्रमाणपत्र छानबीन समिति को जवाब भेज दिया है। 8 अक्टूबर को ऋचा जोगी की जाति मामले की प्रथम सुनवाई के दौरान दिए गए पत्र का उन्होंने सोमवार को समिति को जवाब भेजा है। ऋचा ने अपने जवाब में कहा है कि 8 अक्टूबर को समिति द्वारा उन्हें 29 सितम्बर को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस और उनके विरुद्ध की गई शिकायत की प्रति उपलब्ध करवाई गई जिसके लिए वे समिति सदस्यों की आभारी है। डॉ. जोगी ने कहा है कि 8 अक्टूबर को समिति द्वारा उनसे आवेदन की मूल प्रति मांगी गई थी। उन्होंने आवेदन चॉइस सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन किया था।

चॉइस सेंटर के कर्मचारी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज दिखाने के बाद कर्मचारी द्वारा यह फॉर्म ऑनलाइन भरा गया था। डॉ. ऋचा जोगी के भाई ने समिति का पत्र मिलने के तुरंत बाद मुंगेली कलेक्टर के समक्ष ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेजों की कॉपी उपलब्ध करवाने का आवेदन दिया था। उनके भाई ने स्वयं के जाती प्रमाण पत्र के लिए भी चॉइस सेंटर से आवेदन किया था। कलेक्टर मुंगेली को दिए गए आवेदन में डॉ. जोगी के भाई ने स्वयं के आवेदन से सम्बंधित दस्तावेज भी मांगे हैं, लेकिन आज तक उन्हें मुंगेली कलेक्टर कार्यालय से दस्तावेज नहीं मिले हैं।

डॉ. ऋचा जोगी ने कहा कि समिति द्वारा भेजे गए पत्र में उनसे 1950 से पहले का राजस्व दस्तावेज (मिसल) और 2 जून 1940 के बिक्रीनामे की मूलप्रति मांगी गई थी। डॉ. जोगी ने  सभी रिकॉर्ड की सत्यापित प्रति समिति के समक्ष प्रस्तुत कर दी थी। सभी मूल दस्तावेज बिलासपुर जिला रजिस्ट्रार के पास जमा हैं, जिन्हें लेने उनके भाई गए थे। लेकिन बिलासपुर जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में एक कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव होने के कारण कार्यालय 7 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक बंद है जिस वजह से उन्हें यह दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।  डॉ. जोगी ने मांग की है कि उन्हें ये सभी दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए 7 दिनों का और समय दिया जाए। डॉ. ऋचा जोगी ने यह भी लिखा है कि समिति द्वारा उन्हें शिकायत की जानकारी 8 अक्टूबर को ही दी गई और सिर्फ 4 दिन बाद 12 अक्टूबर को अगली सुनवाई रख दी जिसमें भी बीच में 2 दिन शनिवार-इतवार गैर कार्यदिवस थे। इसलिए उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए जरूरी दस्तावेज अभी तक नहीं मिल पाए हैं। डॉ. जोगी ने कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों को देखते हुए उन्हें खुद का पक्ष रखने के लिए न्यायोचित समय दिया जाना चाहिए। इसलिए समिति को आज की मीटिंग स्थगित करके उन्हें कम से कम 10 दिनों का समय देना चाहिए। 

डॉ. जोगी ने मांग की है कि नियमों के तहत समिति को उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई और वीडियोग्राफी में गवाहों के प्रतिपरीक्षण का अवसर भी देना चाहिए। क्योंकि वे 2 माह के बच्चे की माँ हैं, जिसे लगातार ब्रेस्टफीड और मातृत्व केयर की जरूरत है तथा कोरोना महामारी को देखते हुए वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन और आईसीएमआर की गाइडलाइन्स के अनुसार 10 दिनों बाद समिति द्वारा चिकित्सकीय निगरानी में कोरोना फ्री माहौल में उन्हें सुनवाई का अवसर दिया जाए।

08-10-2020
रेणु जोगी बहू ऋचा के साथ पहुंची राजभवन,राज्यपाल से किए शिकायत

रायपुर। रेणु जोगी और ऋचा जोगी ने गुरुवार को राज्यपाल से मुलाकात कर जाति मामले में शिकायत की है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी की पत्नी डॉ. ऋचा जोगी ने उनकी जाति पर छिड़े विवाद पर कहा है कि जाति प्रमाण पत्र बनवाते समय जो पता उन्होंने दिया था, न ही उस पते पर और न ही उनके आधार कार्ड में दर्ज पते पर मुंगेली कलेक्टर ने कोई नोटिस भेजा है। उनके जाति प्रमाण पत्र के विरुद्ध की गई शिकायत की प्रति भी उन्हें उपलब्ध नहीं करवाई गई है। डॉ.ऋचा जोगी ने कहा है कि मुंगेली कलेक्टर की ओर से जारी किए गए तथाकथित नोटिस की सूचना उन्हें विभिन्न समाचार पत्रों से मिली है। ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार की मनमर्जी के मुताबिक द्वेषपूर्ण तरीके से उन्हें अंधेरे में रख के उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। डॉ.ऋचा जोगी ने मुंगेली कलेक्टर से मांग की है कि उन्हें यह तथाकथित नोटिस और उनके जाति प्रमाण पत्र के विरुद्ध की गई शिकायत की प्रति उपलब्ध करवाई जाए। जिसका अध्यन कर वे अपना पक्ष रख सकें। 24 सितंबर को जारी किए गए नोटिफिकेशन के नियम 14 (1) के तहत राज्य सरकार को सात सदस्यीय जिला स्तरीय प्रमाणपत्र छानबीन समिति का गठन करना है। इस समिति का गठन अभी तक नहीं हुआ है। 24 सितंबर को जारी किये गए संशोधन के नियम 22 (1) के तहत फॉर्म 6 इ के पैराग्राफ 3 के तहत "क्यों न आपका जाति प्रमाणपत्र रद्द कर दिया जाए" जैसा नोटिस देने का अधिकार केवल हाई पावर प्रमाणपत्र स्क्रूटिनी कमिटी को ही है। इसलिए जिला स्तरीय प्रमाणपत्र छानबीन समिति और उसके द्वारा जारी किया गया तथाकथित नोटिस दोनों ही गैर कानूनी हैं।

डॉ.ऋचा जोगी ने कहा कि इन सबके बावजूद वे उन सभी दस्तावेजों की प्रति जिला छानबीन समिति को भेज रही हैं, जिन दस्तावेजों के तहत उन्हें कांग्रेस की इसी राज्य सरकार की ओर से यह जाति प्रमाण पत्र जारी हुआ था। इन दस्तावेजों में परिवार वालों के जाति प्रमाण पत्र जिनके द्वारा उन्होंने सरकारी नौकरी की है, भूमि राजस्व रिकॉर्ड, वंश वृक्ष आदि शामिल हैं। यदि यह जाति प्रमाण पत्र गलत जारी हुआ है तो यह राज्य सरकार की पूर्ण रूप से अक्षमता को दर्शाता है। डॉ.ऋचा जोगी ने कहा कि चूंकि हाल ही में उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया है, जिन्हें ब्रेस्ट फीड और माता की निरंतर देखभाल की जरुरत है। साथ ही कोरोना महामारी को देखते हुए वे पूर्ण रूप से होम आइसोलेशन में हैं। इस वजह से वे 8 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से मुंगेली में छानबीन समिति के समक्ष मौजूद नहीं हो पा रही हैं। डॉ. ऋचा जोगी ने कहा कि नोटिस और अन्य दस्तावेज मिलने के बाद जब भी छानबीन समिति उन्हें बुलाएगी वे सुनवाई में उपस्थित हो जाएंगी।

07-10-2020
राजभवन में जाति का मामला लेकर पहुंचा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल,जांच के लिए राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

रायपुर। वरिष्ठ कांग्रेसी विधायक और पूर्व आईएएस शिशुपाल शोरी के साथ 5 कांग्रेस विधायक इंद्र शाह मंडावी, यूडी मिंज, गुलाब कमरो, मोहित कुमार केरकेट्टा और पुरुषोत्तम कवर ने बुधवार को राज्यपाल से राजभवन में मुलाकात की। कांग्रेस के आदिवासी विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्रों के फर्जी होने का आरोप लगाते हुए समुचित जांच के लिए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश कांग्रेस के आरक्षित वर्ग के विधायकों ने अनुरोध किया है कि मरवाही विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित है। किंतु फर्जी जाति प्रमाण के आधार पर पूर्व में स्व. अजीत जोगी अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित सीट मरवाही विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आ रहे थे। स्व. जोगी के जाति प्रमाण पत्र को हाई पावर कमेटी की ओर से  23.08.2019 को निरस्त किया गया है।

उपरोक्त परिस्थतियों में स्व. अजीत जोगी के जाति संबधी प्रकरण उच्च न्यायालय में लंबित होने के कारण उनके पुत्र अमित जोगी और उनके परिवार के किसी भी सदस्य को अनुसूचित जनजाति वर्ग का सदस्य नहीं माना जा सकता है।स्व. अजीत जोगी की ओर से उपरोक्त प्रमाण पत्र निरस्तीकरण के खिलाफ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में याचिका लंबित है।  वह रद्द हो चुकी है, क्योकि जोगी की मृत्यु हो चुकी है।कहा गया है कि जोगी परिवार प्रारंभ से ही प्रदेश की जनता को गलत प्रमाण पत्र और झूठे तथ्यों के आधार पर अपने आप को आदिवासी बताते हुए छलावा करते रहे हैं। अब वर्तमान में उनका पुत्र भी उसी राह में अग्रसर है, ऋचा रूपाली साधु पिता प्रवीण राज साधु जाति क्रिश्चियन (ईसाई) ग्राम पेन्ड्रीडीह, उप तहसील जरहागांव जिला मुंगेली, जो कि अब स्व. अजीत के पुत्र अमित जोगी की पत्नी है। एक फर्जी जाति प्रमाण पत्र निर्मित करवाकर अपने आप को आदिवासी बताने और जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। ऋचा रूपाली जोगी और उनके परिवार के सदस्यों ने पढ़ाई के दौरान किसी भी जाति प्रमाण पत्र में अपने आप को आदिवासी वर्ग का नहीं बताया है।

उक्त परिवार के नाम दर्ज भूमि आदिवासी मद में दर्ज नहीं है। साथ ही यह भी उल्लेखनीय है कि ऋचा रूपाली जोगी के पैतृक परिवार के लोग आदिवासी समाज के लोगों के साथ संव्यवहार नहीं रखते है। इससे भी यह प्रमाणित होता है कि वे आदिवासी समुदाय से संबंध नहीं रखते हैं और उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने योग्य है। ऋचा जोगी ने आवेदन पत्र आनलाइन फॉर्मेट में दिया है जो कि अपने आप में विश्वसनीय और संभाव्य प्रतीत नहीं होता है। वह प्रमाण पत्र प्रथम दृष्टया अनुचित प्रतीत होता और सत्यतता से परे दिखता है, जिसकी जांच किया जाना अनिवार्य है। इसी तरह कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपे अपने ज्ञापन में अन्य बातों का भी जिक्र करते हुए जांच की मांग की है।

02-12-2019
बलात्कारियों को सरेराह फांसी देने की मांग को लेकर कैंडल मार्च आज

रायपुर। स्व. डा प्रियंका रेड्डी को श्रद्धांजलि देने तथा दोषियों को तत्काल सरेराह फांसी देने की मांग को लेकर अजीत जोगी, रेणु जोगी, अमित जोगी, ऋचा जोगी के नेतृत्व में सोमवार को शाम 5.30 बजे कैंडल मार्च निकालकर रायपुर के जयस्तंभ चौक पर कैंडल जलाकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी जाएगी। यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदीप साहू ने दी।

 

10-06-2019
पानी की समस्या को लेकर ऋचा जोगी के नेतृत्व में पैदल मार्च

रायपुर। राजधानी में बढ़ती पानी की समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ जनता जोगी कांग्रेस ने आज हल्ला बोल दिया है। ऋचा जोगी के नेतृत्व में सागौन बंगले से नगर निगम तक पैदल निकलकर हंगामा किया गया। कई वार्ड में पानी की समस्या गंभीर हो गई है। मामले को लेकर पहले ही महापौर को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक पानी को लेकर लोग हलाकान हैं।

20-10-2018
JCCJ : ऋचा जोगी बसपा और जनता कांग्रेस की एकता का प्रतीक, दोनों दल का रिश्ता भाई-बहन जैसा- अमित जोगी

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष अजीत जोगी की बहू ऋचा जोगी का बसपा की टिकट पर अकलतरा से चुनाव लड़ने के फैसले पर मरवाही विधायक अमित जोगी ने कहा कि ऋचा जोगी बसपा और जनता कांग्रेस की एकता के प्रतीक है। बसपा और जनता कांग्रेस दो दल एक दिल हैं। 

उन्होंने कहा कि बसपा और जेसीसीजे का रिश्ता बहन-भाई का रिश्ता है, जो समान विचार और वृहद जनाधार के बल पर छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने जा रहा है। हाथी और हल में कोई अंतर नहीं है। चुनाव जीतने के लिए लड़ा जाता है, कहीं हाथी के पांव मजबूत हैं तो कहीं हल का बल ज्यादा है और इसी अनुसार पर हमने अपनी रणनीति पर काम किया है। दोनो दलों का जनाधार बंटे न इसलिए, यह एक रणनीतिक और नैतिक निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से अकलतरावासी अत्यंत खुश और उत्साहित हैं। नाखुश और दुखी, केवल दिल्ली के दोनों दल हैं जो अकलतरा से हारने के डर से खिसयानी बिल्ली की तरह खम्बा नोच रहे हैं और बेतुकी बयानबाजी कर रहे हैं।

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