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27-01-2020
मध्‍य क्षेत्रीय परिषद की 22वीं बैठक 28 जनवरी को, अमित शाह करेंगे अध्यक्षता

रायपुर। मध्य क्षेत्रीय परिषद की 22 वीं बैठक 28 जनवरी को अटल नगर नया रायपुर में आयोजित की जा रही है। इस बैठक की अध्‍यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे और बतौर मेजबान छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल उपाध्‍यक्ष होंगे। बैठक में मध्य क्षेत्रीय परिषद में शामिल छत्तीसगढ़ सहित उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, इन राज्यों के दो-दो मंत्री, मुख्य सचिव तथा केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों के वरिष्ठ विभागीय अधिकारी शामिल होंगे। मध्य क्षेत्रीय परिषद की अंतिम बैठक 24 सितंबर 2018 को लखनऊ (उत्‍तर प्रदेश) में आयोजित की गई थी। वर्ष 1957 में राज्य पुर्नगठन अधिनियम,1956 की धारा 15-22 के तहत पांच क्षेत्रीय परिषदों की स्थापना की गई थी। केंद्रीय गृह मंत्री इन पांचों क्षेत्रीय परिषदों के अध्यक्ष और मेजबान राज्य के मुख्यमंत्री (हर साल बारी-बारी से चुना जाता है) उपाध्यक्ष होते हैं। प्रत्येक राज्य के दो और मंत्रियों को राज्यपाल द्वारा सदस्य के रूप में नामित किया जाता है। परिषद, केंद्र और सदस्य राज्यों से संबंधित मुद्दों को उठाती है। क्षेत्रीय परिषद, केंद्र और राज्यों के बीच और क्षेत्र के कई राज्यों के बीच विवादों और समस्‍याओं को हल करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। क्षेत्रीय परिषद में व्यापक मुद्दों पर चर्चा की जाती है,जिसमें राज्‍यों की सीमा से संबंधित विवाद, सुरक्षा, बुनियादी ढांचा से संबंधित मामले जैसे सड़क,परिवहन,उद्योग,जल और बिजली, वन और पर्यावरण से संबंधित मामले, आवास, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, पर्यटन, परिवहन आदि शामिल हैं। 

 

31-12-2019
मीठी यादें लेकर गए देश-विदेश के जनजातीय कलाकार, मुख्यमंत्री का माना आभार
 

रायपुर। राजधानी के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में भाग लेने आए देश के विभिन्न राज्यों और छह देशों के जनजातीय कलाकारों की सभी टीमे अपने निवास स्थान को रवाना हो चुकी हैं। अरूणाचल प्रदेश का दल आज रात्रि 10 बजे अपने गंतव्य के लिए रवाना हो जाएंगे। कलाकारों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति इस भव्य आयोजन के लिए आभार प्रकट किया है। देश के विभिन्न राज्यों और छह देशों से आए कलाकार यहां से मीठी यादें लेकर गए हैं। प्रांतों और देश के कलाकारों ने प्रस्थान के समय कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ में जो सम्मान और स्नेह मिला है उसे वे भूला नहीं पाएंगे। यहां आकर उन्हें बहुत कुछ नया सीखने को मिला। यहां की मेहमानवाजी देखने को मिला। यहां का भोजन बहुत स्वादिष्ट था। कलाकारों ने महोत्सव के प्रतियोगिता में अपने प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जम्मू कश्मीर से आए जनजातीय कलाकारों ने रेल्वे स्टेशन में प्रस्थान करने के समय कहा कि छत्तीसगढ़ में जो सम्मान और प्यार उन्हें मिला है उसके सामने प्रतियोगिता का पुरस्कार कोई मायने नहीं रखता है। महोत्सव में दल के साथ आए जम्मू-काश्मीर के बकरनलाल सलाहकार बोर्ड के अल्ताफ हुसैन ने कहा कि वे अपने राज्य के कलाकारों के साथ देश के अधिकांश हिस्सों का दौरा किया है और कई कार्यक्रम में भाग लिया है, लेकिन रायपुर के राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव की तरह व्यवस्था और सुविधाएं और मान-सम्मान कहीं देखने को नहीं मिली। हुसैन ने कहा कि महोत्सव में उत्कृष्ट प्रबंधन और सफलतापूर्वक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस प्रशासन को सलाम करता हूं। उत्तराखण्ड से आए कलाकारों ने कहा कि राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों और छह देशों की कला और संस्कृति को देखने, सुनने और समझने का अवसर मिला है। यहां आकर नया अनुभव प्राप्त हुआ। त्रिपुरा के कलाकारों ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में आमंत्रित करने और उन्हें उनकी संस्कृति और परंपराओं को प्रस्तुत करने का अवसर दिया उसके उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।

29-12-2019
अंतिम दिन बघरवाल, हन्ना, मरायुराट्टम, संथाली नृत्य सहित बस्तर के गौर नृत्य की रही धूम

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतिम दिन उत्तराखण्ड, उत्तरप्रदेश, आन्ध्रप्रदेश, झारखण्ड सहित छत्तीसगढ़ के बस्तर के गौर नृत्य का प्रदर्शन मंच से हुआ, जिसमें कलाकारों ने अपने अप्रतिम नृत्य के हुनर का प्रदर्शन किया। एक ओर जहां उत्तराखण्ड से आए कलाकारों ने सैन्य पराक्रम पर आधारित बघरवाल नृत्य किया, वहीं केरल के मरायुराट्टम नृत्य ने प्रदेश के जवांरा पर्व की याद दिला दी। इसी प्रकार उत्तरप्रदेश के हन्ना नृत्य और हो व संथाली समुदाय के नर्तकों ने पारम्परिक विवाह उत्सव का प्रदर्शन गीत-संगीत से किया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के गरद नृत्य, माड़िया जनजाति का गौर व मांदरी नृत्य और आंध्रप्रदेश के डब्रू नृत्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया। तीन दिवसीय महोत्सव के समापन दिवस पर स्थानीय साइंस कॉलेज मैदान परिसर में आयोजित सुबह से देश-प्रदेश से आये कलाकारों ने आदिवासी जनजातियों पर आधारित नृत्य कला का प्रदर्शन किया।

इसी क्रम में देवभूमि उत्तराखण्ड से आए पुरूष कलाकारों ने हाथों में तलवार और ढाल लेकर विशेष अंदाज में शारीरिक भाव-भंगिमा का प्रदर्शन किया, वहीं महिलाएं आकर्षक पारम्परिक परिधानों के साथ नृत्य करती नजर आईं। इस नृत्य के माध्यम से शिव आराधना को भी दशार्या गया। इसके बाद केरल राज्य से आए नर्तकों ने मरायुराट्टम नृत्य किया। इस नृत्य में छत्तीसगढ़ के जवांरा की भांति कलाकार झूपते नजर आए। महिला नर्तक खुले केश के साथ हाथों में लम्बी छड़ी लिए हुए एक ताल में नाचती रहीं। वहीं छड़ी को अलग-अलग अंदाज में घुमाकर नृत्यांगनाएं नाचती नजर आईं।

उत्तरप्रदेश से आए कलाकारों ने मंच साझा करते हुए हन्ना नृत्य विशिष्ट अंदाज में किया। इसमें शामिल महिलाएं कमर के निचले हिस्से में लाचा तथा सिर पर दुपट्टा लिए हुए नृत्य कर रही थी, वहीं पुरूष नर्तकों ने सफेद कुर्ता और सफेद टोपी पहनकर टहनीनुमा लकड़ी में रंग-बिरंगे कपड़ों के टुकड़े बांधकर हास्य मुद्रा में नृत्य किया। इसके उपरान्त झारखण्ड के कलाकारों ने हो एवं संथाली जनजाति द्वारा विवाह के रस्मों-रिवाजों को नृत्य की भाव मुद्रा के माध्यम से प्रदर्शित किया। इस नृत्य की खासियत है कि वर के घर वधू पक्ष बारात लेकर जाता है, जिसमें वाद्य यंत्रों का प्रयोग मंत्रोच्चार के समान माना जाता है। यह नृत्य छत्तीसगढ़ की उरांव जनजाति के सरहुल नृत्य के समान प्रतीत हुआ। इसी तारतम्य में उत्तरप्रदेश के वाराणसी और सोनभद्र के गोंड़ जनजाति के कलाकारों ने वीरता और उत्साह पर आधारित गरद नृत्य किया, इसमें युवक शारीरिक कौशल और करतब के माध्यम से युवतियों को आकर्षित करने के लिए युद्ध कला का प्रदर्शन करते हैं। इसमें प्रयुक्त होने वाले वाद्य यंत्र छत्तीसगढ़ के गाड़ा बाजा के समान थे, जिसमें गुदूम, मोहरी और ताशा, झांझ की ताल पर नर्तक झूमते नजर आए।

छत्तीसगढ़ के माड़िया जनजाति के द्वारा विभिन्न उत्सवों में किया जाने वाला गौर नृत्य का पारंपरिक लोक वाद्य यंत्र तुरही व मांदर की थाप पर गोंडी गीत में थिरकते हुए कलाकारों ने सम्मोहक प्रस्तुति दी। पुरूष नर्तक मोर की कलगी, कौड़ियों से लकदक बायसन की सींग से बने मुकुट पहने हुए तथा महिलाएं हाथों में घुंघरूयुक्त छड़ी के साथ एक ताल में थिरकीं। इस नृत्य की खासियत यह है कि लय-परिवर्तन के साथ ही नर्तक अपने नृत्य की गति में भी बदलाव लाते हैं। इसी तरह बस्तर के कोंडागांव के विख्यात गौर मांदरी नृत्य में युवा नर्तकों ने गौर का अपने पारम्परिक शस्त्र तीर-धनुष से शिकार करते हुए नृत्य करते रहे। इसके बाद आंध्रप्रदेश के नर्तकों ने तासे की थाप पर डब्रू नृत्य कर कतरब कौशल का प्रदर्शन किया। इसी प्रदेश के नर्तक धिमसा नृत्य की विशिष्ट शैली में रंग-बिरंगे पारम्परिक वेशभूषा में थिरकते रहे।

 

14-10-2019
इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को दिया अवार्ड

रायपुर। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा 11 से 13 अक्टूबर तक नई दिल्ली में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को बेस्ट स्टॉल प्रिपरेशन तथा हर्बल उत्पाद में उत्कृष्ट श्रेणी के अवार्ड से सम्मानित किया गया। मेले का आयोजन कृषि तथा कृषि आधारित सहकारी समितियों के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए किया गया था। इसमें 40 देश तथा 23 राज्यों के लोगों ने भाग लिया। मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे। इसमें छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के वनोपज तथा हर्बल उत्पाद का प्रदर्शन सह-विक्रय किया गया। साथ ही इनका व्यापक प्रचार-प्रसार कर व्यापार को बढ़ावा देने का कार्य किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम तथा नेडैक के अध्यक्ष संदीप नायक, उत्तराखण्ड के सहकारिता मंत्री डॉ. धनसिंह रावत और सहकारी युवा सशक्तीकरण समाज श्रीलंका के अध्यक्ष  एमएस  रियास द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। 

11-10-2019
सीएस कुजूर की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थाई समिति की हुई बैठक

रायपुर। मुख्य सचिव सुनील कुजूर की अध्यक्षता मे शुक्रवार को नया रायपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थाई समिति की 13वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड राज्य के महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में उत्तरप्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र प्रसाद तिवारी, मध्यप्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव के के सिंह, अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय गृह मंत्रालय के विशेष सचिव संजीव गुप्ता, उत्तराखंड के सचिव पंकज पांडे सहित भारत सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

05-10-2019
 मुख्य सचिव कुजुर ने ली सामान्य प्रशासन विभाग की बैठक

रायपुर। मुख्य सचिव सुनील कुजूर की अध्यक्षता में शनिवार को मंत्रालय महानदी भवन में सामान्य प्रशासन विभाग की बैठक का आयोजन किया। बैठक में मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्टेंडिंग कमेटी की बैठक की तैयारियों और बैठक के दौरान होने वाले चर्चा के बिन्दुओं और जानकारियों की तैयारी के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ, उत्तराखण्ड और मध्यप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह बैठक 11 अक्टूबर 2019 को प्रातः 11 बजे से नया रायपुर में आयोजित होगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी और मनिन्दर कौर द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
 

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