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11-11-2020
कोरबा, पोड़ी जनपद में गौठान बनाने के काम ने पकड़ी रफ्तार

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल की नाराजगी के बाद अब कोरबा और पोड़ी-उपरोड़ा जनपदों में गौठान स्थापना के कामों ने रफ्तार पकड़ ली है। कलेक्टर के निर्देश के बाद पिछले एक सप्ताह में इन दोनों जनपदों में 20 गौठान और नौ चारागाह बनाने के काम पूरे कर लिये गये हैं। समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक में बुधवार को कलेक्टर किरण कौशल ने नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी विकास योजना की प्रगति की जानकारी सभी जनपदों के सीईओ से ली और साप्ताहिक समीक्षा की। किरण कौशल ने करतला, कटघोरा और पाली जनपदों को एक और मौका देते हुए गौठानों के कामों को अगले एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिये।बैठक में जिला पंचायत के सीईओ कुंदन कुमार ने भी एनजीजीबी के कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की और सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को काम में देरी या लापरवाही करने वाली एजेंसियो को बदलने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर ने एनजीजीबी के तहत कार्यों की साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश पिछली बैठक में दिये थे। उन्होंने यह भी कहा था कि नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी विकास के कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा के आधार पर जनपद पंचायतों का हर सप्ताह रैंक तय किया जाये और लगातार कमजोर प्रदर्शन वाले सीईओ के विरूद्ध कार्रवाई की जाये। कलेक्टर के निर्देशों के बाद अब काम मे तेजी आई है।बैठक में किरण कौशल ने गौठानों में बन रही वर्मी कम्पोस्ट की मात्रा और बिक्री की भी जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने प्रमाणीकरण के लिये वर्मी कम्पोस्ट के नमूने जांच कराने रायपुर की लैब भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिये ताकि कम्पोस्ट खाद की गुणवत्ता प्रमाणित होने के बाद उसे बेचा जा सके।

कलेक्टर ने वर्मी कम्पोस्ट की पैकेजिंग की तैयारियों के बारे में भी बैठक में अधिकारियों से पूछा। उन्होने पैकेजिंग के लिये बैग, छानने के लिये छन्नी आदि की व्यवस्था की जानकारी ली और अभी तक गौठानों में बन चुकी कम्पोस्ट खाद को जांच के बाद तत्काल पैकेजिंग कर आवश्यकतानुसार-मांग अनुसार बिक्री करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने नरवा विकास कार्यक्रम के तहत भी कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता को सभी प्रभारी सब-इंजीनियरों का साप्ताहिक प्रगति प्रतिवेदन बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नरवा विकास के कार्यों में लक्ष्यानुसार प्रगति नहीं ला पाने वाले सब-इंजीनियरों पर भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। कलेक्टर ने गौठानों में बन गई लगभग 80 क्विंटल खाद को विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा आवश्यकतानुसार तत्काल खरीदने के भी निर्देश दिये। उन्होंने गौठानों में पानी की व्यवस्था के लिये नलकूप खुदाई, पंप स्थापना और बिजली की व्यवस्था भी तत्काल करने के भी निर्देश दिये। किरण कौशल ने क्रेडा के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि जिन गौठान और चारागाहों में बिजली की व्यवस्था मुश्किल हो वहां सौर उर्जा चलित पंप स्थापना का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

 

04-11-2020
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा एक सप्ताह के भीतर गौठानों के काम पूरे करें नहीं तो किया जाएगा ट्रांसफर  

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल ने कोरबा और करतला जनपद पंचायतों के सीईओ पर नाराजगी जताई है। उन्होंने गौठानों की स्थापना का काम धीमा होने पर फटकार लगाई। बैठक में कलेक्टर ने गौठान बनाने के सभी शेष बचे काम एक सप्ताह के भीतर पूरा कराने का कहा है। कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कहा एक सप्ताह के भीतर गौठानों के काम पूरे नहीं होने पर उनका ट्रांसफर किया जा सकता है। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ कुंदन कुमार ने भी एनजीजीबी के कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की। सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को काम में देरी या लापरवाही करने वाली एजेंसियों को बदलने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी विकास के कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा के आधार पर जनपद पंचायतों का हर सप्ताह रैंक तय किया जाये और लगातार कमजोर प्रदर्शन वाले सीईओ के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। बैठक में कलेक्टर ने गौठानों में बन रही वर्मी कम्पोस्ट की मात्रा और बिक्री की भी जानकारी अधिकारियों से ली।

03-11-2020
बारदाना उठाव की धीमी गति पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी

कोरबा। छत्तीसगढ़ सहित कोरबा जिले में भी एक दिसम्बर से संभावित धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा कलेक्टर किरण कौशल ने बैठक में की। किरण कौशल ने किसानों से धान खरीदने के लिये बारदानों की उपलब्धता की जानकारी जिला विपणन प्रबंधक से ली। उन्होंने अब तक बारदानों के उठाव की धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और अगले एक सप्ताह के भीतर लक्ष्यानुसार बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित कर प्रतिवेदन देने के निर्देश डीएमओ को दिये। कलेक्टर किरण कौशल ने सभी उपार्जन केन्द्रों पर धान खरीदी की समुचित व्यवस्था के निरीक्षण-पर्यवेक्षण के लिये नोडल अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश समय-सीमा की बैठक में दिये हैं। सभी नोडल अधिकारियों को समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के समय खरीदी गई मात्रा, किसानों को किये गये भुगतान आदि की माॅनीटरिंग के निर्देश भी जारी किये गये हैं। कलेक्टर किरण कौशल ने धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को बिना किसी परेशानी के समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिये सभी तैयारियां अगले एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश बैठक में दिये हैं। उपार्जन केन्द्रों में मूलभूत आवश्यकताओं जैसे- साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, कम्प्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, इंटरनेट की व्यवस्था अभी से करने के निर्देश किरण कौशल ने अधिकारियों को दिये। उन्होंने उपार्जन केन्द्रों पर आर्द्रतामापी यंत्र, तौल यंत्र, बारदानों के साथ-साथ चबूतरों की संख्या और बारिश की स्थिति में धान को ढॅंकने के लिये तारपोलिन आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि किसानों को उपार्जन केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था की जायेगी। साथ ही धान खरीदी शुरू होने के पहले सत्यापित एवं पंजीकृत किसानों की सूची और उनकी पूरी डाटा एन्ट्री कम्प्यूटर साॅफ्टवेयर में कर ली जायेगी।

 

24-10-2020
सांसद मोहन मण्डावी ने किया अस्पताल का निरीक्षण, सफाई और अन्य अव्यवस्था पर जताई नाराजगी

कांकेर। लोकसभा सांसद मोहन मण्डावी शनिवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुँचे। यहां उन्होंने सफाई व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने फ्री किडनी डायलिसिस  सेवा का नाम बदलने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने सीएसआर मद से 19 करोड़ स्वास्थ्य विभाग को दिए है ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सके। लेकिन इसमें केवल 10 करोड़ रूपये खर्च करने की बात कही जा रही है। बाकि बचे 9 करोड़ अन्य कार्यों में खर्च कराये जाने की बात कही गई है। अब तक इस पैसों का उपयोग कहां और किस कार्य पर किया गया है यह कार्य दिखाई नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में सफाई व्यवस्था सहीं नहीं है। अव्यवस्थाओं के बीच डाक्टर्स व अन्य लोग कार्य कर रहे हैं। उन्होंने फ्री डायलिसिस सेवा का नाम बदलकर जीवनधारा सेवा योजना लिखा देखा। नाम बदलाव को लेकर सांसद मोहन मंडावी ने अधिकारियों को फटकार लगाई है।

 

06-10-2020
वन अधिकार मान्यता पत्र बनाने की धीमी गति पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी,एक सप्ताह में भेजने के दिए निर्देश

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समय सीमा की साप्ताहिक बैठक में वन अधिकार मान्यता पत्र बनाने की धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों, राजस्व एवं वन अमले के साथ-साथ आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त को सभी पात्र हितग्राहियों के वन अधिकार मान्यता पत्र बनाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। किरण कौशल ने अगले एक हफ्ते में हर गांव में ग्राम सभाओं का आयोजन कर वन अधिकार पट्टे के लिए प्राप्त आवेदनों का परीक्षण-निरीक्षण करके पात्र हितग्राहियों के प्रस्तावों का अनुमोदन सुनिश्चित कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। जिले में लक्ष्य अनुसार तीन हजार 960 सामुदायिक पट्टे वितरित होने हैं, जिनमें से अभी तक केवल एक हजार 35 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। कलेक्टर ने सामुदायिक पट्टों के प्रकरण लक्ष्य अनुसार तैयार करने के निर्देश दिए और व्यक्तिगत पट्टों के लिए पात्र सभी हितग्राहियों के प्रकरणों को ग्राम सभाओं में अनुमोदन कराकर विकासखंड स्तरीय समिति को भेजने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत कुंदन कुमार, नगर निगम आयुक्त एस.जयवर्धन, संयुक्त कलेक्टर सूर्यकिरण तिवारी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। वीडियो कांफे्रंसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम तथा ब्लाक स्तरीय अधिकारी भी समय सीमा की बैठक में शामिल रहे।

बैठक में कलेक्टर ने जिले में सड़कों के मरम्मत के कामों की भी जानकारी लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री से ली। उन्होंने पाली से डूमरकछार के बीच सड़क मरम्मत का काम नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए कटघोरा एसडीएम को सत्त मानिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर कौशल ने सड़क मरम्मत के कामों में लगे ठेकेदारों सहित निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों और सभी सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों की भी बैठक आहूत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले के ग्रामीण इलाकों में लगने वाले पारंपरिक हाट-बाजारों की भी जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने ऐसे सभी हाट-बाजारों को पूर्व की तरह ही संचालित कराने के इंतजाम कराने के निर्देश सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को दिए। उन्होंने हाट-बाजारों में कोविड प्रोटोकाॅल के पालन के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना भी सुनिश्चित कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने बाजारों में आने वाले ग्राहकों और दुकान लगाने वाले सभी दुकानदारों को मास्क पहनना अनिवार्य करने के निर्देश दिए। किरण कौशल ने बाजारों में पहले की तरह ही चलित मेडिकल टीम के भी उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए। किरण कौशल ने सभी जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में प्रतिदिन की जा रही गोबर खरीदी का सतत निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।

 

17-09-2020
आयुक्त की नाराजगी के बाद विश्वविद्यालय ने उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण रोका

रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने शैक्षणिक सत्र 2019-20 की वार्षिक परीक्षाओं के शेष बचे प्रश्नपत्र और सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित किए जाने का आदेश जारी किया है। कुलसचिव ने सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों और केन्द्राध्यक्षों को इस आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। ज्ञातव्य है कि, शैक्षणिक सत्र 2019-20 की वार्षिक परीक्षाओं के शेष बचे प्रश्नपत्र और सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए 17 सितंबर से उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण का कार्य शुरू किया गया था, जिसे तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।

 

 

 

17-09-2020
आयुक्त उच्च शिक्षा ने जताई नाराजगी,कहा-कोविड-19 के मार्गदर्शी निर्देशों का कड़ाई से पालन करें

रायपुर। आयुक्त उच्च शिक्षा संचालनालय ने सभी राजकीय विश्वविद्यालय के कुलसचिवों को शैक्षणिक सत्र 2019-20 की वार्षिक परीक्षा और अंकसूची के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों से कहा गया है कि, कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी मार्गदर्शी निर्देशों का पालन सभी शासकीय संस्था को करना अनिवार्य है। विभाग के आदेशों का कड़ाई से पालन किया जाएं। जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि, प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को अंकसूची जारी करने के संबंध में और अंतिम वर्ष के नियमित विद्यार्थियों और सभी वर्षों के स्वाध्यायी विद्यार्थियों की परीक्षा आयोजन के संबंध में पूर्व में मार्गदर्शन जारी किया गया है। शासन के संज्ञान में आया है कि, कुछ  विश्वविद्यालयों की ओर से शासकीय निर्देशों की उपेक्षा करते हुए उत्तर पुस्तिकाओं के वितरण और संकलन के लिए विद्यार्थियों को परीक्षा केन्द्र तक बुलाने की कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में सभी कुलसचिवों को स्मरण कराया गया है कि, परीक्षार्थियों को भौतिक रूप से महाविद्यालय में बुलाने संबंधी कार्यवाही कोविड-19 की संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य शासन की ओर से जारी मार्गदर्शी निर्देश के उल्लंघन की श्रेणी में आता है।

 

12-09-2020
जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर,सही तरीके से सोशल डिस्टेंसिंग नहीं किए जाने पर जताई सख्त नाराजगी

दुर्ग। कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने कोरोना सैंपल लेने के लिए बनाए गए रजिस्ट्रेशन केंद्र का निरीक्षण किया। सैंपल देने पहुंचे नागरिक लाइन में तो थे। लेकिन सही तरह से सोशल डिस्टेंसिंग का अभाव था, इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से कहा कि अभी सैंपल के लिए आए लोगों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जो निर्धारित दो गज की दूरी है। उसका पालन कराएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन यह देखें कि जिन लोगों को यहां सोशल डिस्टेंसिंग बनाने की ड्यूटी दी गई है वे इसका गंभीरता से पालन कर रहे हैं या नहीं। इसके साथ ही अस्पताल में सुरक्षा के लिए जो एजेंसी लगाई गई हैं उनके कार्यों की भी समीक्षा करें।

करीब के फीवर क्लीनिक के नंबर डिस्प्ले करें

उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग जिला अस्पताल में सीधे आते हैं इस वजह से जिला अस्पताल में दबाव काफी बढ़ जाता है चूंकि नजदीकी फीवर क्लीनिक में भी जांच की सुविधा है अतएव इनकी जानकारी भी यहां पर डिस्प्ले करें। इससे नजदीकी फीवर क्लीनिक के बारे में लोगों को जानकारी भी मिल पाएगी और इस तरह जिला अस्पताल में भीड़ छंटेगी।

रजिस्ट्रेशन के लिए काउंटर्स की संख्या बढ़ाएं

कलेक्टर ने रजिस्ट्रेशन के लिए काउंटर्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि इससे कागजी प्रक्रिया में लगने वाला समय कुछ घट जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए वालंटिर्यस की मदद भी ली जा सकती है। एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा ने बताया कि इस कार्य के लिए वालंटियर्स से संपर्क किया जा रहा है।

सुरक्षा का रिव्यू और रोटेशन जरूरी

कलेक्टर ने सीएस से कहा कि सबसे जरूरी यह है कि जल्दी से जल्दी लोगों के सैंपल लिये जाए। यह प्रक्रिया जितनी संक्षिप्त होगी, भीड़ उतनी ही छंटेगी और सोशल डिस्टेंसिग बनाने में उतनी ही मदद मिलेगी। सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के लिए और व्यवस्था के लिए जिन लोगों को लगाया गया है। उनके कार्य की मानिटरिंग स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा निरंतर की जाए। जहां पर कार्य संतोषजनक न हो, वहां बदलाव किये जाएं।

दिक्कत वाले मरीजों के सैंपलिंग के लिए अलग से हो व्यवस्था

कलेक्टर ने कहा कि जिन लोगों को उम्र आधारित अथवा शारीरिक अक्षमता आधारित किसी तरह की समस्या है उनकी जिला अस्पताल में ही पृथक रूप से किसी जगह पर सैंपलिंग की जाए।

 

07-09-2020
 कारण बताओ नोटिस को लेकर पटवारी संघ में नाराजगी, मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर। पटवारी संघ ने सोमवार को कई मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। वाणिज्य उद्योग एवं वन विभाग के प्रमुख सचिव तथा जिले के प्रभारी सचिव मनोज पिंगुआ ने अम्बिकापुर, लखनपुर, लुण्ड्रा, बतौली, सीतापुर तथा मैनपाट विकासखण्ड के ग्रामों में आरआई एवं पटवारी द्वारा किए जा रहे गिरदावरी का निरीक्षण कर खसरा एवं रकबे में लगाए गए फसल का सत्यापन किया गया। वही मनोज पिंगुआ ने दौरे के दौरान अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम भिठ्ठीकला में गिरदावरी निरीक्षण के दौरान खसरा क्रमांक 386 में लगाए गए अरहर के फसल का गिरदावरी पंजी में दर्ज नहीं करने और आरआई एवं पटवारी द्वारा संतोषप्रद जवाब नहीं देने पर आरआई अजय गुप्ता और पटवारी मनोज सिंह को कारण बताओ सूचना जारी करने के निर्देश दिया गया था। वन विभाग प्रमुख सचिव के द्वारा किए गए कार्यवाही से नाराज पटवारी संघ ने कलेक्टर को जाकर अपनी समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा।

उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव के द्वारा कारण बताओं नोटिस तो जारी कर दिया गया हैं लेकिन समय अवधि कम दी गई हैं। साथ ही उन्होंने ने कहा कि बारिश के समय में गिरदावरी करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। बिना किसी संसाधन के पटवारियों द्वारा सारे कार्यो का निष्पादन सरलता पूर्वक किया जा रहा हैं। इसके बावजूद प्रमुख सचिव के द्वारा इस्ताहार व सुधार का विकल्प होने के बावजूद सीधे मनोज सिंह के निलंबन का आदेश जारी किया गया। इसे देखते हुए पटवारी संघ हडताल का रास्ता चुन सकता है। वही इस मामले में कलेक्टर संजीव  कुमार झा ने कहा कि सरगुजा पटवारी संघ के द्वारा मांग की गई हैं कि गिरदावरी सत्यापन के दौरान यदि कोई भी त्रुटी पाई जाती हैं तो संशोधन का मौका दिया जाए। तत्काल किसी भी पटवारी पर कार्यवाही न की जाए। साथ ही कहा कि जो अच्छे काम करेंगे उन्हें प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।

 

 

01-09-2020
विधायक की नाराजगी के बाद एक माह में पीएम आवासों में मुहैया हो गई पानी, बिजली की सुविधाएं

दुर्ग। एक माह पहले पीएम आवास योजना के अधूरे कार्यों को लेकर दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा की नाराजगी के बाद निगम प्रशासन ने यहां पानी बिजली की सुविधा मुहैया करा दी है। गौरतलब है कि एक साल पहले यहां हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई थी, लेकिन सुविधाएं न होने के कारण हितग्राही यहां रहने के लिए तैयार नहीं हुए। इस मामले में अरुण वोरा ने एक माह पहले नाराजगी जताई थी। वोरा की नाराजगी के बाद निगम प्रशासन ने यहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा दी है। विधायक अरुण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल और निगम कमिश्नर इंद्रजीत बर्मन ने आज बोरसी स्थित ग्लैक्सी हाईट के पास बने 252 यूनिट प्रधानमंत्री आवासों का निरीक्षण किया। वोरा ने मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने सड़क, नाली, पानी और बिजली की व्यवस्था देखने के बाद संतोष व्यक्त किया। इस दौरान सहायक अभियंता जितेन्द्र समैया, पूर्व पार्षद राजेश शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना के आर्किटेक्ट, इंजीनियर भी मौजूद थे। इन आवासों में ठगड़ा बांध वार्ड 46 में बसे परिवारों को शिफ्ट किया जाएगा।

16 सितंबर से ठगड़ा बांध के किनारे रहने वाले लोगों को पीएम आवास में शिफ्ट करने की कार्रवाई शुरू होगी। निगम कमिश्नर ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास में बोर पम्प लगाकर पानी की व्यवस्था की गई है। दो नग ट्रांसफार्मर लगाकर प्रकाश की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक ब्लाक तक आने-जाने के लिए सड़क और पानी की निकासी के लिए नाली बनाई गई है। शिफ्टिंग के बाद ठगड़ा बांध के सौदर्यीकरण का कार्य शुरू किया जाएगा। ठगड़ा बांध क्षेत्र वाटर बाडी क्षेत्र है। यहां बसे किसी भी व्यक्ति को पट्टा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट गाइड लाइन है कि वाटर बाडी जैसे तालाब, ग्रीन बेल्ट आदि में किसी को भी निवास करने पट्टा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने ठगड़ा बांध के निवासियों से अपील है कि वे जल्द से जल्द बोरसी के प्रधानमंत्री आवास में शिफ्ट हो जाएं। 16 सितंबर से जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के संयुक्त टीम के साथ नगर निगम प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू करेगा।

 

15-07-2020
कलेक्टर ने कार्यशैली में सुधार करने दी सख्त हिदायत,लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, पंचायत सचिव निलंबित

रायपुर। कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने ग्राम मटिया के गोठान की अव्यवस्था और आधारभूत कार्य नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने पंचायत सचिव को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गौरव कुमार सिंह ने पंचायत सचिव देव कुमार यादव को स्थल पर ही निलंबन आदेश जारी किया। शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा,घुरुवा और बाड़ी अंतर्गत जिले में धरसींवा विकासखंड के ग्राम मटिया,जरौंदा और निलजा के गोठानों,सारागांव के धान चबूतरा और पवनी के नाला जीर्णोद्धार पर किए गए स्टॉप डैम के कार्यों का बुधवार को कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन और सीईओ डॉ. गौरव कुमार सिंह और सहायक कलेक्टर नम्रता जैन ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि गोठान के लिए शासन की ओर से निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप कार्य किया जाए। संबंधित अधिकारी कार्यशैली में सुधार करे, काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पशुओं को अनिवार्य रूप से गोठानों में लाएं। पशुओं के गोठान में आने से खुले में चराई से मुक्ति मिलने के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा और उचित देखभाल हो सकेगा। गोठान को शासन के मंशानुरूप बहुआयामी केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है।


उन्होंने कहा कि आगामी 20 जुलाई से गोठनों में गोधन न्याय योजना के तहत गोबर की खरीदी की जानी है। उन्होंने गोबर के संग्रहण के लिए गौठान में पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए। गोठानों से महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओ को स्वयं के आर्थिक स्त्रोत को बढाने का अवसर प्राप्त हो सकेगा।  गोठान में पशुओं के लिए चारा और पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो,इसके लिए चारागाह में नेपियर घास तत्काल लगाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने गोेठान में उपस्थित स्व-सहायता समूह की महिलाओं और ग्रामीणों से गोठान को विकसित करने और अन्य समस्याओं के बारे में चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को निराकृत करने के निर्देश दिए। इसी तरह ग्राम सारागांव में बन रहे धान चबूतरा के निर्माण कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसी तरह ग्राम पवनी में नाला जीणोद्धार के लिए बनाए गए स्टॉप डैम का  भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गांव के सरपंच,पंच,धरसींवा जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीलाराम पटेल,संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन निरीक्षण स्थल पर उपस्थित थे।

12-07-2020
अधूरे निर्माणकार्यों पर सीईओ ने जताई नाराजगी, कार्यवाही की दी चेतावनी 

कवर्धा। जिला पंचायत सीईओ ने विकासखंड बोड़ला के अंतर्गत गौठान विकास कार्य और धान चबूतरा के निर्माणकार्यों का निरीक्षण किया। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना सुराजी गांव अभियान के तहत गौठान विकास के कार्य में अपेक्षाकृत प्रगति नहीं मिलने के कारण उन्होंने नराजगी जताई। साथ ही चेतावनी दी गई कि निर्धारित समय में कार्य पूर्ण नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के इंजीनियर और सीईओ जनपद पंचायत को कड़े निर्देश दिए हैं कि, आगामी एक सप्ताह के भीतर धान चबूतरा केन्द्र और गौठान विकास कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। बता दें कि राजानवागांव के सचिव घनश्याम तिलकवार और ग्राम रोजगार सहायक को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम विजय दयाराम के. साथ निरीक्षण करने पहुंचे थे। 

उन्होंने बोड़ला क्षेत्र में सघन निरीक्षण के दौरान ग्राम राजनवागांव, तारो, खैरबनाकला, महराजपूर, छपरी जैसे मैदानी क्षेत्र से लेकर रेंगाखार उसरवाही, जामुनपानी, पंडरीपानी, लोहारीडीह और बोदा 47 जैसे विभिन्न ग्रामों में कराए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। रेंगाखारकला में निमार्णाधीन धान चबूतरा कि गुणवत्ता के संबंध में सरपंच, सचिव से चर्चा की गई। उन्हें बताया गया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से स्वीकृत इन कार्यो को समयावधि में पूरा किया जाना है। गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य कराया जाए ताकि धान चबूतरा में बरसात का पानी रूकने जैसी समस्या न हो। बोदा 47 के गौठान में विकास कार्य का निरीक्षण किया गया। वर्मी शेड और नाडेफ टैंक को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सभी मैदानी कर्मचारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा गया है कि, सभी गौठान को आजीवन के कार्यों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा है कि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो और महिला स्व सहयता समहू की सक्रिय भागीदारी तय करने के निर्देश दिए हैं

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