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21-05-2020
आतंकवाद विरोधी दिवस पर राजभवन में ली गई शपथ

रायपुर। आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर गुरुवार को राजभवन सचिवालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आतंकवाद और हिंसा का विरोध करने और विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की शपथ ली। उन्होंने देश की अहिंसा एवं सहनशीलता की परम्परा में दृढ़ विश्वास बनाए रखने, मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शांति, सामाजिक सद्भाव तथा सूझबूझ कायम करने और मानव जीवन के मूल्यों को खतरा पहुंचाने वाली एवं विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की भी शपथ ली। इस अवसर पर अवसर पर राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

 

05-04-2020
महावीर स्वामी की शिक्षा पर चलें,दीन-दुखियों और जरुरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि संत महावीर ने समाज को सत्य, अहिंसा, प्रेम और करूणा का संदेश दिया। उन्होंने अहिंसा को सभी धर्मों से सर्वोपरि बताया है। भगवान महावीर ने लोगों को जियो और जीने दो की सीख दी। उनके सिद्धांत और उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने आम जनता से कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए समाज हित में अपने घरों में रहकर ही उत्साह से महावीर स्वामी की जयंती मनाएं। महावीर स्वामी की शिक्षा पर चलें और दीन-दुखियों और जरुरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आएं।

30-01-2020
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि आज, बापू के विचार आज भी प्रासंगिक

नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का आज 72वां शहादत दिवस है। 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोड्से ने बापू की हत्या कर दी थी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर में गुरुवार को कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पटना के गांधी मैदान स्थित दुनिया की सबसे लंबी गांधीजी की प्रतिमा पर लोग श्रद्धा के फूल अर्पित करेंगे। वहीं बगल में स्थित गांधी संग्रहालय में कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। आज भी देश-दुनिया में वंचितों, शोषितों को जब अपने अधिकारों की जंग लड़नी होती है तो वे गांधीजी के बताये आंदोलन की राह पर चलकर अपना हक हासिल करते हैं। बापू के विचार आज भी प्रासंगिक है। महात्मा गांधी ने हर परिस्थिति में अहिंसा और सत्य का पालन किया और लोगों से भी इनका पालन करने के लिए कहा करते थे। यही नहीं उन्होंने अपना पूरा जीवन सदाचार और लोगों के न्याय के लिए समर्पित कर दिया था। शायद यही वजह है कि बापू का दिया हुआ हर सिद्धांत का अनुसरण देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लोग आज भी करते हैं।

08-01-2020
महात्मा गांधी के छिंदवाड़ा प्रवास की जानकारी से बच्चों और युवाओं में दिखा उत्साह

छिन्दवाड़ा। वैसे तो छिंदवाडा जिले के सभी स्कूली विद्यार्थियों ने अपनी सहायक वाचन की पुस्तक में महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और कृतित्व की सभी मोटी-मोटी बातों को पढा, जाना और समझा था। लेकिन जब से उन्हें जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किये गये महात्मा गांधी प्रवास शताब्दी समारोह के माध्यम से यह पता चला है कि महात्मा गांधी उनके छिंदवाडा जिले में न केवल एक बार बल्कि दो-दो बार आ चुके हैं, तब से इन स्कूली बच्चों और युवाओं में एक अलग ही उत्साह और उमंग देखने को मिल रहा है। इतना ही नहीं महात्मा गांधी के छिंदवाड़ा जिले में प्रवास शताब्दी शुभारंभ के अवसर पर इनमें से पूरे एक सौ बच्चों ने महात्मा गांधी के स्वरूप और उनकी वेशभूषा में अपने को प्रदर्शित कर सभी जिलेवासियों को सत्य, अहिंसा और प्रेम का संदेश भी दिया।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 6 जनवरी 1921 को अली बंधुओं के साथ पहली बार छिंदवाड़ा आए थे। उन्होंने दोपहर में ग्रामीण महिलाओं की एक सभा को संबोधित करने के बाद शाम को गांधीगंज, जो उस समय चिटनवीसगंज के नाम से जाना जाता था में आमसभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने देशभक्ति की व्याख्या की, स्वदेशी और एकता का महत्व बताया और स्वराज प्राप्ति का उद्देश्य स्पष्ट किया। उनके प्रथम बार छिंदवाड़ा आगमन के बाद इस स्थल का नाम गांधीगंज पड़र। महात्मा गांधी दूसरी बार 29 नवंबर 1933 में छिंदवाडा आये थे। यहां महात्मा गांधी ने अनुसूचित जाति समुदाय के मोहल्लों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें मानपत्र अर्पित किये गये और आदिवासियों ने एक सौ रूपये की थैली भेंट की।
जिला प्रशासन द्वारा महात्मा गांधी प्रवास शताब्दी समारोह के अंतर्गत 2 जनवरी को स्कूल स्तर पर और 4 जनवरी को विकासखण्ड स्तर पर महात्मा गांधी के जीवन दर्शन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा महाविद्यालय स्तर पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता की तैयारी के दौरान भी इन बच्चों और युवाओं ने महात्मा गांधी के संबंध में अध्ययन किया और कई रोचक और महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत हुए। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा जनसंपर्क विभाग के माध्यम से 6 जनवरी 2020 को छिंदवाडा के एसएएफ ग्राउण्ड महात्मा गांधी प्रवास शताब्दी समारोह स्थल पर महात्मा गांधी के छिंदवाडा आगमन और जीवन यात्रा से संबंधित छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से भी इन बच्चों और युवाओं को महात्मा गांधी के कृतित्व और व्यक्तित्व के बारे में कई नई जानकारियां प्राप्त हुईं। प्रदर्शनी स्थल पर छिंदवाडा के खादी ग्रामोद्योग विभाग द्वारा सूत कातता हुआ चलित चरखे का प्रदर्शन भी बच्चों और युवाओं के आकर्षण का केन्द्र रहा। इस दौरान बच्चों और युवाओं ने स्वदेशी और खादी के महत्व को भी समझा।

अरविंद वर्मा की रिपोर्ट

17-12-2019
मुख्यमंत्री ने गुरू घासीदास जयंती की दी बधाई  

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरू घासीदास की जयंती 18 दिसम्बर के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। सीएम बघेल ने कहा कि गुरू घासीदास ने दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया। गुरू बाबा घासीदास के उपदेश समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय हैं। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को 'मनखे-मनखे एक समान' के प्रेरक वाक्य के साथ यह संदेश दिया कि सभी मनुष्य एक समान है। गुरू घासीदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से दलित-शोषित समाज कोे कुरीतियों, रूढ़ियों से दूर कर उनके नैतिक और चारित्रिक विकास का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। गुरू बाबा घासीदास जी ने लोगों को मानवीय गुणों के विकास के लिए रास्ता दिखाया और उनमें नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की। सीएम बघेल ने कहा कि गुरू घासीदास जी का पशुओं के प्रति भी गहरा प्रेम था। राज्य सरकार भी उनकेे बताए रास्ते पर चलकर काम कर रही है। हम सबको गुरू बाबा घासीदास जी के संदेशों को चारो ओर फैलाने की जरूरत है, जिससे समानता, समरसता और सत्यनिष्ठा का वातावरण बना रहे।

06-12-2019
21वीं सदी में भी प्रासंगिक हैं महात्मा गांधी के विचार

रायपुर। महात्मा गांधी के दर्शन, उनकी सोच, उनके सिद्धांतों में हमें आज भी सत्य, अहिंसा, अस्तेय, सादगी, अपरिग्रह, श्रम, नैतिकता देकने को मिलती है। स्थानीय स्वशासन और स्वावलम्बन का सिद्धांत,महात्मा गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उपर्युक्त बातें पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य अध्ययनशाला द्वारा 6 से 8 दिसंबर तक ’21वीं सदी में गांधी के विचारों की प्रासंगिकता’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के शोधार्थी, प्राध्यापक एवं विषय विशेषज्ञों ने व्यक्त कीं। रविवि के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष एवं सेमीनार के समन्वयक एसोसिएट प्रो.डॉ.एलएस गजपाल ने बताया कि राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। रविवि के कला भवन में आयोजित संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि छ्त्तीसगढ़ शासन के कृषि एवं ग्रामीण योजना सलाहकार प्रदीप शर्मा थे। इस अवसर पर शर्मा ने विखंडनवाद पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उत्तर आधुनिकतावाद किसी चीज को नहीं मानता। फिर वे प्राचीन परंपराएँ हो अथवा धार्मिक गंथों के महावृत्तान्त, यह समाज के लिए उचित नहीं है। ऐसे में महात्मा गांधी के विचार हमें आज भी प्रासंगिक लगते हैं, जो समानता और सहभाव पर आधारित समाज के बुनियादी ढांचे को निर्मित करने के प्रति प्रेरित करते हैं।

महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र के प्रो.नृपेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी के विचारों को पूरी तरह से वास्तविकता के धरातल पर लाने के उद्देश्य से आयोजित इस संगोष्ठी के लिए समाजशास्त्र अध्ययनशाला को शुभकामनाएँ दी और कहा कि महात्मा गांधी के विचार सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में प्रासंगिक हैं। उनके सिद्धांतों पर चलकर ही हम महात्मा गांधी  के सपनों के भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केसरीलाल वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नरवा, गरुवा, घुरवा और बारी के संवर्धन की दिशा में जो कदम उठाया वह महात्मा गांधी के विचारों को ही सार्थकता देता है जिससे प्रदेश उत्थान की दिशा की ओर अग्रसर होगा। यह गांधीजी के ग्राम स्वराज के स्वपन को भी साकार करता है और ग्रामीण भारत की सामाजिक और आर्थिक मजबूती की दिशा में उठाया गया बेहतर कदम है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सुलभ इंटरनेशनल, दिल्ली के उपाध्यक्ष डॉ. अमित दत्ता मिश्रा ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर आयोजन सचिव समाजशास्त्र एवं समाज कार्य अध्ययनशाला के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.एन.कुजूर एवं वरिष्ठ व्याख्याता डॉ. हेमलता बोरकर सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, विषय विशेषज्ञ, शोधार्थी एवं विद्यार्थीगण उपस्थित थे।

09-11-2019
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी समुदाय करें सम्मान: प्रियंका गांधी वाड्रा

नई दिल्ली। अयोध्या मामले पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को कहा कि सभी समुदायों, पक्षों एवं नागरिकों को इसका सम्मान करना चाहिए और सौहार्द एवं भाईचारे को मजबूत करना चाहिए। अयोध्या मुद्दे पर भारत की सर्वोच्च अदालत ने फैसला दिया है। सभी पक्षों, समुदायों और नागरिकों को इस फ़ैसले का सम्मान करते हुए हमारी सदियों से चली आ रही मेलजोल की संस्कृति को बनाए रखना चाहिए। हम सबको एक होकर आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करना होगा। प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, ‘अयोध्या मुद्दे पर भारत की सर्वोच्च अदालत ने फैसला दिया है। सभी पक्षों, समुदायों और नागरिकों को इस फ़ैसले का सम्मान करते हुए हमारी सदियों से चली आ रही मेलजोल की संस्कृति को बनाए रखना चाहिए। हम सबको एक होकर आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करना होगा।’ फैसले से पहले उन्होंने कहा था, ‘यह महात्मा गांधी का देश है। अमन और अहिंसा के संदेश पर क़ायम रहना हमारा कर्तव्य है। 

 

10-10-2019
गांधी विचार यात्रा के समापन पर बोले सीएम - महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा,स्वावलंबन और करुणा का दिखाया रास्ता 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन और करुणा का रास्ता दिखाया। गांधी के इन जीवन मूल्यों में ठोस आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक दर्शन है। इस दर्शन में स्वावलंबन का सूत्र भी छुपा है। उन्होंने कहा कि गांधी ने अहिंसा की ताकत को पहचाना। उनका अहिंसा पर अटूट विश्वास था। मुख्यमंत्री आज गुरुवार को राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक गांधी मैदान में कंडेल से प्रारंभ हुई सप्ताहव्यापी गांधी विचार पदयात्रा के समापन अवसर पर आयोजित विशाल आमसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 150वीं जयंती पर पूरी दुनिया में याद किया जा रहा है, क्योकि उन्होंने अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश को आजादी दिलायी। महात्मा गांधी अहिंसा की ताकत को पहचानते थे। उन्होंने पशुबल के सामने आत्मबल को खड़ा किया। उनका अहिंसा का रास्ता आम जनता के लिए था। महात्मा गांधी ने किसानों के लिए संघर्ष किया, बुनकरों को सम्मान दिलाया। उन्होंने कहा कि हाथ से काम करने वाले भी सम्मान के पात्र हैं। स्वतंत्रता आंदोलन में राष्ट्रपिता ने समाज के सभी वर्गों को जोड़ने का काम किया और अंग्रेजों भारत छोड़ो और करो या मरो का नारा दिया और अहिंसा की ताकत से देश को आजादी दिलायी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गांधी की करुणा को समझने के साथ-साथ सम्प्रदायिकता की अंतरंग बुनावट और तानाशाही की मंशा के समाजशास्त्र को भी समझना होगा तभी गांधी विचार यात्रा पूरी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी कंडेल नहर सत्याग्रहको समर्थन देने के लिए छत्तीसगढ़ आये थे। उन्होंने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान रायपुर के गांधी मैदान में आमसभा को संबोधित किया था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उनकी स्मृति में कंडेल से 4 अक्टूबर को गांधी विचार पदयात्रा प्रारंभ की गई और आज इस सप्ताहव्यापी पदयात्रा का गांधी मैदान में समापन हो रहा है। उन्होंने कहा कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ एक परिवार के जैसा है। सुख-दु:ख में हम सब एक दूसरे के साथी हैं। छत्तीसगढ़ सरकार इसी भावना के साथ कार्य कर रही है। नरवा, गरवा, घुरुवा और बाड़ी ये केवल नारे नहीं है बल्कि इसमें गांधी का दर्शन और स्वावलंबन सूत्र छुपा है। 



 

सीएम  बघेल ने इस पदयात्रा में शामिल सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि आप सब ने पूरे जोश और उत्साह के साथ इस पदयात्रा में शामिल होकर गांधी  के रास्ते पर चलने का संकल्प लिया है। बारिश के बीच भी पदयात्रा पूरे उत्साह के साथ बिना रूके आगे बढ़ती रही, जिसके लिए आप सब बधाई के पात्र है। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाएं गांधी के आदर्शों और विचारों से प्रेरित हैं। विधायक  मोहन मरकाम ने भी आम सभा को संबोधित किया। समापन अवसर पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, सांसद  छाया वर्मा, विधायक धनेन्द्र साहू, अरुण वोरा, कुलदीप जुनेजा और विकास उपाध्याय, पूर्व सांसद करुणा शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

04-10-2019
सीएम बघेल ने दीं सौगातें, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर कंडेल में खुलेगा महाविद्यालय  
  

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को कंडेल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘गांधी विचार पदयात्रा’ के दौरान एक विशाल आमसभा को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर कंडेल में महाविद्यालय प्रारंभ करने, माडमसिल्ली बांध का नामकरण स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव के नाम पर करने, गर्मी की फसलों के लिए बांधों से पानी देने, पुल निर्माण और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हजारी लाल जैन के नाम पर शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक शाला गोपालपुरी का नामकरण करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने आमसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि कंडेल की पावन धरती पर अंग्रेजों द्वारा सिंचाई कर लगाने के निर्णय के विरोध में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय  बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव ने कंडेल नहर सत्याग्रह प्रारंभ किया था। इस नहर सत्याग्रह में शामिल होने के लिए महात्मा गांधी कंडेल आने वाले थे। यह सूचना मिलने पर अंग्रेजों को सिंचाई कर हटाना पड़ा। कंडेल नहर सत्याग्रह की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए कंडेल से ‘गांधी विचार पदयात्रा’ प्रारंभ की जा रही है। मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और कृृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बापू ने किसानों, मजदूरों की लड़ाई लड़ी। नारी शिक्षा, नारी उत्थान और स्वावलम्बन के लिए काम किया। उन्होंने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश को आजादी दिलाई। देश की आजादी के लिए इसके पहले कहीं भी अहिंसा आंदोलन नहीं हुआ था। महात्मा गांधी ने अहिंसा को आम जनता की ताकत बनाया और इसके बल पर देश को आजादी दिलायी। 

सीएम बघेल ने कहा कि यह महात्मा गांधी के विचारों का ही परिणाम है कि लोगों को अधिकार मिले। छत्तीसगढ़ सरकार महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चल रही है। राज्य सरकार ने किसानों का कर्जा माफ किया, किसानों को देश में सबसे अधिक 2500 रूपए प्रति क्विंटल धान का मूल्य दिया। तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर चार हजार रूपए प्रतिमानक बोरा किया। आदिवासियों को उनकी जमीन लौटाने का काम किया। उन्होंने जनभागीदारी से गौठान बनाने में कंडेल के ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि गांव वालों ने गांव की भूमि से अतिक्रमण हटाकर गौठान बनाया। इसके लिए ग्रामवासियों ने स्वेच्छा से पांच लाख रूपए एकत्रित किए और श्रमदान किया।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कंडेल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और कंडेल नहर सत्याग्रह के नायक बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव की मूर्ति का अनावरण किया। सप्ताहव्यापी यह पदयात्रा 10 अक्टूबर को रायपुर के गांधी मैदान में सम्पन्न होगी। इसके बाद 11 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में गांधी विचार यात्रा का आयोजन किया जाएगा। यात्रा के शुभारंभ अवसर पर कृषि मंत्री रवीन्द्र चौबे, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल, विधायक मोहन मरकाम, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

02-10-2019
सर्वधर्म प्रार्थना में शामिल हुए स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम

रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर बुधवार सुबह सुभाष स्टेडियम में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की ओर से आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना में शामिल हुए। उन्होंने महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ और ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये जे’ के साथ यहां उपस्थित सभी धर्मों के लोगों और बच्चों ने सामाजिक सदभाव और समरसता के लिए प्रार्थना की।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के बच्चों एवं पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संबंध में महात्मा गांधी की सोच को साकार करने से ही पूरी मानव जाति का विकास हो सकता है। वर्तमान में गांधीजी के आदर्शों की प्रासंगिकता बढ़ गई है। वे संपूर्ण विश्व के लिए सामाजिक सररसता के अग्रदूत थे। उनके बताए आदर्श लंबे समय तक हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि बापू का रास्ता ही देश के विकास के लिए सच्चा रास्ता है। उनकी विचारधारा को अपनाकर जीवन में प्रगति पथ पर बढ़ा जा सकता है। आज गांधीजी की जयंती केवल श्रद्धांजलि का ही नहीं, अपितु उनके सिद्धांतों और आदर्शों को कार्यरूप में परिणित करने का भी दिन है। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त एवं विधायक विनोद चन्द्राकर ने कहा कि आज देश की दो महान विभूतियों महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री को याद करने का दिन है। आज के दिन उनके बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लेना ही उनका असली सम्मान होगा। विधायक द्वारिकाधीश यादव भी इस अवसर पर मौजूद थे। सर्वधर्म प्रार्थना में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य सचिव कैलाश सोनी, राज्य संगठन आयुक्त हसरत खान और करूणा मसीह, सहायक राज्य संगठन आयुक्त शैलेन्द्र मिश्रा और भूपेन्द्र शर्मा तथा राज्य प्रशिक्षण आयुक्त टीकेएस परिहार और सरिता पाण्डेय सहित विभिन्न स्कूलों के भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के बच्चे उपस्थित थे।

 

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