GLIBS
26-06-2020
छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन का 17वें दिन भी काली पट्टी धारण कर विरोध रहा जारी

अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के प्रांतीय निकाय के आह्वान पर 3 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन आज 17वें दिन भी जारी रहा। कर्मचारी काली पट्टी धारण करते हुए शासकीय कार्यों का निर्वाह एवं सरकार के कर्मचारी विरोधी नीतियों को लेकर अपना असंतोष एवं आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। सरकार वित्तीय संकट एवं वैश्विक महामारी के काल में शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों के समस्त संगठनों से बिना संवाद किए बिना किसी सहमति के 1 दिन का वेतन जून माह में भी देने का आदेश पुन: जारी कर दिया है। जो प्रदेश सरकार के कार्य करने की स्वेक्षाचारिता एवं अलोकतांत्रिक कार्यप्रणाली का जीता जागता है। सरकार के इस आदेश का कर्मचारी जगत पूर्णत: विरोध कर रहा है इस विरोध के माहौल में भी कर्मचारी 1 दिन का वेतन कटौती कराना चाहते हैं उनसे लिखित सहमति के आधार पर वेतन कटौती की जाए।

छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ संघ ने इस बात पर खेद व्यक्त किया है की वित्तीय संकट के दौर में छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार द्वारा निगम मंडलों में भारी नियुक्ति, प्रदेश सरकार के अधिकारी कर्मचारियों का थोक भाव में तबादला, जनप्रतिनिधियों एवं मंत्री स्तर के लोगों द्वारा बड़े स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाना, शैक्षणिक जगत के संकट के बीच अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई को भी इसी वर्ष से लागू कराया जाना, मॉडल स्कूल की परिकल्पना इस बात को रेखांकित करता है की सरकार वित्तीय संकट के नाम पर केवल मगरमच्छी आंसू ही बहा रही है। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने अपने प्रेस विज्ञप्ति में सरकार को एवं शासन को विनम्रता पूर्वक सलाह दी है कि अनेकों प्रकार की नकारात्मक आदेश जारी करने से बेहतर कि प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में सेवानिवृत्ति होने वाले अधिकारी कर्मचारियों की सेवा में 2 साल का विस्तार की जाए ताकि सेवानिवृत्ति के उपरांत दिए जाने वाले लाखों करोड़ों रुपए के तत्काल भुगतान से सरकार को राहत महसूस होगी।


छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संगठन अपने सहयोगी संगठनों एवं छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के साथ मिलकर संयुक्त रुप से 1 जुलाई 2020 को काला दिवस के रूप में विरोध कार्यक्रम आयोजित करेगी तत्पश्चात यदि परिस्थितियां आंदोलन एवं विरोध के अनुकूल रही तो 3 जुलाई को राष्ट्रव्यापी विरोध स्वरूप श्रमिक विरोधी, किसान विरोधी, कर्मचारी विरोधी एवं जन विरोधी नीतियों को लेकर एक बड़ा विरोध का आयोजन किया जाएगा। संगठन ने अभी भी प्रदेश की सरकार से निवेदन किया है अपने कर्मचारी विरोधी आचरणों को त्याग कर बड़े दिल का परिचय दें ताकि बढ़ते असंतोष एवं अप्रिय स्थिति को टाला जा सके एवं अनावश्यक आंदोलन के रास्ते से कर्मचारियों को बचाया जा सके। इस आशय की विज्ञप्ति छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला शाखा अध्यक्ष अनंत सिन्हा ने जारी की है।

11-06-2020
Video: अस्पताल में काली पट्टी लगाकर कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन

रायगढ़। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की नर्सेस और स्टॉफ, ड्यूटी तो आम दिनों की तरह ही दे रहे हैं। लेकिन ये अपनी कुछ मांगों को मनवाने के लिए काली पट्टी लगाकर विरोध भी जता रहे हैं। यही सूरत-ए-हाल तकरीबन सभी वार्डों का है। दरअसल, कोरोना काल में काम करने के बावजूद डीए में कटौती और इंक्रीमेंट पर रोक लगाने के ख़िलाफ़ शासकीय कमर्चारी-अधिकारी फेडरेशन की मांगों को पूरा करवाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारी संघ भी सामने आ गया है। यही नहीं, कोरोना संकट के इस दौर में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों ने 50 लाख का बीमा और जोखिम भत्ता की मांग पर भी अडिग हैं। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के सभी कर्मचारी काली पट्टी लगाकर काम कर रहे हैं। इनका कहना है कि जब तक शासन उनकी मांग पूरी नहीं करती है, तब तक यह विरोध चलता रहेगा। वहीं 1 जुलाई को प्रदेश भर में मुख़ालफ़त भी की जाएगी।स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मांग भी की है कि इनको वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाए। वहीं, कर्मचारी और पेंशनरों को जुलाई 2019 और जनवरी 2020 से कुल 9 प्रतिशत महंगाई भत्ता भुगतान की सौगात भी मिले। बहरहाल, कोरोना वायरस के कहर के बीच अपनी जान को जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाने वाले कर्मचारियों की सैलरी में 30 फीसदी कटौती हो रही है तो जनवरी के डीए भी रोक दिया गया है।  यही वजह है कि अपनी मांगों को मनवाने को लेकर अस्पताल के कर्मचारी काली पट्टी लगाकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 

 

17-10-2019
फारूक अब्दुल्ला की बहन और बेटी रिहा, प्रदर्शन के दौरान हुईं थीं गिरफ्तार

श्रीनगर। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की बहन और बेटी समेत महिला प्रदर्शनकारियों को एक अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। इन्हें प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि अब्दुल्ला की बहन सुरैया, बेटी साफिया और 11 अन्य महिलाओं ने आपराधिक दंड संहिता की धारा 107 के तहत 10 हजार रुपये का निजी मुचलका और 40 हजार रुपये की जमानत भरते हुए आश्वासन दिया कि वे शांति बनाए रखेंगे।

उन्होंने बताया कि श्रीनगर केंद्रीय कारागार में बंद महिलाओं को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जमानत दिए जाने के बाद बुधवार शाम को करीब छह बजे रिहा किया गया। सुरैया और साफिया ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए महिला कार्यकर्ताओं के एक समूह का नेतृत्व किया था, जिन्होंने बाजू पर काली पट्टी बांधी हुई थी और हाथ में तख्तियां ली हुई थी। पुलिस ने उन्हें एकत्रित होने की अनुमति नहीं दी और शांतिपूर्वक जाने के लिए कहा। हालांकि उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया और धरना देने की कोशिश की जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

 

27-06-2019
निगम कर्मचारियों का थम नहीं रहा गुस्सा, काली पट्टी बांधकर किया विधायक आकाश विजयवर्गीय का विरोध

इंदौर। इंदौर विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा नगर निगम के अधिकारी की बैट से पिटाई के विरोध में आज कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। सभी कर्मचारी आज सुबह नगर निगम पहुंचे यहां से काली पट्टी बांधकर रैली के रूप में संभाग आयुक्त कार्यालय पहुंचे और उन्हेें ज्ञापन सौंपा। सभी ने घटना का विरोध करते हुए नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि विधायक के खिलाफ धाराएं बढ़ाई जाएं।

इसके साथ ही कर्मचारियों को सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। बता दें कि बुधवार को भी निगम कर्मचारियों ने मारपीट के बाद काम बंद कर दिया था और फिर उसके बाद निगमायुक्त की समझाइश के बाद वे काम पर लौटे। उस समय पूरा संभाग आयुक्त कार्यालय नगर निगम के कर्मचारियों से पूरी तरह भर गया था। इस दौरान बारिश भी होने लगी, लेकिन कर्मचारी वहां से नहीं हिले।

01-01-2019
pension scheme: काली पट्टी बांधकर नई पेंशन योजना का किया विरोध

 दुर्ग। पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा के आह्वान पर जिले के कर्मचारियों ने अंशदायी पेंशन योजना का विरोध करते हुए सांकेतिक विरोधस्वरूप काली पट्टी लगाकर काम किया और पुरानी पेंशन योजना फिर से बहाल करने की मांग की। पुरानी पेंशन बहाली मोर्चा के प्रांतीय उपसंचालक ओम प्रकाश पाण्डेय, दुर्ग जिला संचालक शत्रुघ्न साहू, ब्लॉक संचालक किशन देशमुख, सालिकराम ठाकुर, मदन साटकर, कमल वैष्णव, देवकरण कुंजाम, सरस्वती गिरिया आदि ने शासन से जल्द से जल्द पुरानी पेंशन को फिर से बहाल करने की मांग की है। ओम प्रकाश पाण्डेय ने पुरानी पेंशन को बुढ़ापे का एकमात्र सहारा बताते हुए पुरानी पेंशन को कर्मचारियों और अधिकारियों का अधिकार बताया। काला दिवस के रूप में नई पेंशन योजना के विरोध में मिथलेश देशलहरा, दानेश्वर प्रसाद वर्मा, हिमांशु साहू, नीलमा कांत, सरोज बघेल, रजनी वर्मा आदि की अहम भूमिका रही।

ReplyForward

16-10-2018
DSP: डीएसपी के विरोध में चिकित्सकों ने खोला मोर्चा, काली पट्टी लगाकर जताया विरोध 
06-09-2018
Seventh Pay : शिक्षकों ने बांधी काली पट्टी, सातवें वेतन आयोग को लागू करने की मांग

रायपुर। सातवें वेतनमान की मांग लेकर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। आज प्रदेश के सभी कॉलेजों में शिक्षकों ने आंख में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते हुए अध्यापन कार्य किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ महाविद्यालयीन एवं विश्वविद्यालयीन शिक्षक महासंघ के महासचिव डॉ अजय शर्मा ने बताया की आज रायपुर सहित अन्य 27 जिलों में भी शिक्षकों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि

छत्तीसगढ़ के अनुदान प्राप्त एवं शासकीय विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के लगभग 3000 हजार शिक्षकों ने विरोध व्यक्त कर रहें है। साथ ही उन्होंने कहा की अगर जब तक राज्य प्रशासन आयोग के अनुरुप सातवां वेतन नही देंगा, तब तक तरीके से आन्दोलन जारी रहेगा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 10 एवं 11 सितम्बर को काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए जनप्रतिनिधि से भेंट किया जाएगा। 12 सितम्बर को शिक्षण गण कलमबंद हडताल पर रहेंगे। 14 सितम्बर को आजाद चौक में रामधुर का आयोजन कर विरोध व्यक्त किया जाएगा। 15 सितम्बर को विशाल मौन रैली सुबह 11बजे से सप्रे शाला से मुख्यमंत्री निवास तक निकाली जाएगी।

 
 
 
 
 
 
 
Advertise, Call Now - +91 76111 07804