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07-08-2020
अब समृद्धि के दूसरे दौर की तैयारी, गौठानों में बड़े पैमाने पर बन रहे वर्मी कंपोस्ट

दुर्ग। गोधन न्याय योजना का पहला पेमेंट ग्रामीणों को मिल चुका है। पशुपालक काफी खुश हैं। इनमें से कई ऐसे हैं,जिन्होंने बीस हजार रुपए तक कमा लिये हैं। अब समृद्धि का दूसरा दौर गौठानों में तैयार हो रहा है। क्रय किये गए गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाये जा रहे हैं। वर्मी कंपोस्ट बनने के बाद इसे प्रशासन द्वारा क्रय किया जाएगा। कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने शुक्रवार को दुर्ग ब्लाक के तीन गांवों के गौठानों का निरीक्षण किया। इनमें से बासीन, बोड़ेगांव और अरसनारा के गौठान शामिल हैं। कलेक्टर ने यहां तैयार हो रहे वर्मी कंपोस्ट की स्थिति देखी। कलेक्टर ने कहा कि वर्मी कंपोस्ट का भाव प्रति किलोग्राम आठ रुपए रखा गया है। इसमें से छह रुपए स्वसहायता समूहों का और दो रुपए गौठान समिति का हिस्सा होगा। कलेक्टर ने कहा कि गांव में जितना अधिक गोबर एकत्रित होगा, उतना ही अधिक लाभ समिति को और स्वसहायता समूहों को होगा। अरसनारा पहुंचने पर वहां गौठान समिति के अध्यक्ष ने बताया कि यहां अब तक 42 हजार किलो गोबर एकत्रित किया जा चुका है और इस पर वर्मी कंपोस्ट बनाने की प्रक्रिया चल रही है। बासीन में गौठान समिति के अध्यक्ष ने बताया कि यहां यह हर दिन पांच सौ से छह सौ किलोग्राम गोबर गौठान में इकट्ठा हो रहा है।

कलेक्टर ने कहा कि जहां पर नाडेप के टांके खाली हैं वहां पर वर्मी कंपोस्ट बनाया जा सकता है इसके लिए अतिरिक्त जगह मिल जाएगी। कलेक्टर ने गौठान समिति के सदस्यों और सरपंच से कहा कि आप लोग सभी ग्रामीणों को गोधन योजना के लाभों के संबंध में जानकारी दें। जितना गोबर एकत्रित होगा और वर्मी कंपोस्ट बनेगा, उतना ही अधिक लाभ स्वसहायता समूहों और गौठान समितियों को होगा। उन्होंने गौठान समिति के पदाधिकारियों से कहा कि विक्रय का पचीस फीसदी गौठान समिति को मिलेगा, इसके माध्यम से गौठान की बेहतरी के लिए आवश्यक खर्च गौठान समिति कर सकेगी। उन्होंने कहा कि लोगों को इस बात के लिए प्रेरित करें कि अपने पशुधन को गौठान भेजें एवं खुले में न छोड़े। गांव के पशुधन के माध्यम से मिलने वाले लाभों को जितना संग्रहित करेंगे, यह उतना ही उपयोगी होगा। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ सच्चिदानंद आलोक भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि हर गौठान में जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त वर्मी टैंक बनाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशिक्षण पूरी तरह से दिया जा चुका है तथा वर्मी कंपोस्ट बनाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। कलेक्टर ने गौठान समिति के पदाधिकारियों से कहा कि आप लोगों पर गौठान के विकास का सर्वाधिक दायित्व है। आपके द्वारा पूरी तरह से लगन से किये गए कार्य से जरूर सफलता मिलेगी और अपने पर्याप्त पशुधन के बूते गांव आर्थिक तरक्की के रास्ते पर बढ़ेगा। इस दौरान स्वसहायता समूहों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन भी किया। कलेक्टर ने इसकी प्रशंसा की। जिला पंचायत सीईओ ने भी इसे सराहा। इस दौरान सहायक कलेक्टर  जितेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

 

05-08-2020
गोधन न्याय योजना से ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों के जीवन में होगा बदलाव : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गोधन न्याय योजना देश-दुनिया की एक अनूठी योजना है। योजना की शुरूआत के एक पखवाड़े के भीतर इसके उत्साह जनक परिणाम देखने और सुनने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों के जीवन में बदलाव लाने वाली तथा लोगों को बारहों महीने रोजगार देने वाली योजना है। मुख्यमंत्री बघेल ने गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी के पहले भुगतान का शुभारंभ करते हुए उक्त बातें कही। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 46 हजार 964 गोबर विक्रेताओं के खाते में एक करोड़ 65 लाख रूपए की राशि आनलाइन अंतरित की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम की शुरूआत में शहीद महेन्द्र कर्मा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके नाम पर प्रदेश में  तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना  का शुभारंभ किया। बघेल ने कहा कि महेन्द्र कर्मा बस्तर टाइगर के नाम से जाने जाते थे, वे आदिवासियों के हक की हर लड़ाई में दमदारी से खड़े रहे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जशपुर, जांजगीर-चांपा, सुकमा, बलौदाबाजार जिले कीे विभिन्न गौठान समितियों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, पशुपालक एवं गोबर विक्रेताओं से गोधन न्याय योजना के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने गोबर विक्रय करने वाले लोगों से भुगतान की राशि प्राप्त होेने, महिला स्व-सहायता समूहों से उनके द्वारा संचालित गतिविधियों विशेषकर वर्मी कम्पोस्ट खाद के निर्माण एवं विक्रय की स्थिति, गौठानों में आने वाले पशुओं की संख्या एवं उनके चारे-पानी के प्रबंध के बारे में जानकारी ली।

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की परिकल्पना आज मूर्तरूप ले चुकी है। यह योजना ग्राम पंचायतों के बाद गांव तक विस्तारित होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोबर खरीदी के एवज में गोबर विक्रेताओं को 15 दिन के भीतर उनके बैंक खाते में राशि के भुगतान का जो वादा किया था, वह आज पूरा हो रहा है। इस योजना के तहत हर 15वें दिन गोबर विक्रेताओं को भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत 20 जुलाई से 1 अगस्त तक राज्य में कुल 4140 गौठानों में पंजीकृत 65 हजार 694 हितग्राहियों में से 46 हजार 964 हितग्राही द्वारा 82 हजार 711 क्विंटल गोबर का विक्रय किया गया, जिसकी कुल राशि 2 रूपए प्रति किलो की दर से 1 करोड़ 65 लाख रूपए पशुपालकों के बैंक खातों में जमा की गई है। इस योजना से 38 प्रतिशत महिला हितग्राही, 48 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, 39 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति, 8 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं 5 प्रतिशत सामान्य वर्ग के हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। गोबर खरीदी का आगामी भुगतान 20 अगस्त को किया जाएगा।

 

05-08-2020
गोधन न्याय योजना के 38 हितग्राहियों को किया 89934 रूपए का भुगतान

भिलाई नगर। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत निगम क्षेत्र के पंजीकृत 38 पशुपालकों को 89934 रूपए पहला भुगतान किया गया। इस योजना के तहत सबसे अधिक वार्ड-3 यादव मोहल्ला कोसा नगर निवासी मनोज यादव ने गोबर बेचकर 9296 रूपए कमाए। मनोज के पास 23 गाय और भैंस हैं। उन्होंने 20 जुलाई को ही पंजीयन कराया तथा 1 अगस्त तक गोधन न्याय योजना के अंतर्गत शहरी गौठान में 4648 किलोग्राम गोबर बेचा। यादव को दो रूपए की दर से उन्हें बुधवार को समन्वय समिति ने बैंक के माध्यम से 9296 रूपए भुगतान किया गया। इसी प्रकार वार्ड-3 निवासी भरतलाल यादव ने 4032 किलोग्राम गोबर बेचा था। उन्हें 8065 रूपए भुगतान किया गया। योजना के नोडल अधिकारी व उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने बताया कि गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालक गोबर बेचने अपना पंजीयन निरंतर करा रहे हैं। इनमें से 38 हितग्राही 20 जुलाई से लगातार शहरी गौठान में गोबर बेच रहे हैं। इस तरह से 20 जुलाई से 1 अगस्त की अवधि में पंजीकृत 38 पशुपालकों से कुल 44,967 किलोग्राम खरीदी गई। जिसका पहला भुगतान बैंक खाते के माध्यम किया गया। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत कोई भी पशुपालक जोन कार्यालय से संपर्क कर पंजीयन करवा सकता है।

निगम प्रशासन की ओर से चिन्हित स्थल पर ले जाकर गोबर बेच सकता है। जोन-1 अंतर्गत शहरी गौठान कोसा नगर, जोन-4 एसएलआरएम सेंटर में गोबर खरीदी की व्यवस्था की गई है। इसी तरह से जोन-2, जोन -3 और जोन-5 में भी गोबर खरीदा जाएगा। पंजीकृत हितग्राहियों के बैंक खाता के माध्यम से 15-15 दिन के अंतराल में भुगतान किया जाएगा। गोधन न्याय योजना के नोडल अधिकारी ने की समीक्षा निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी ने निगम के सभागर में गोधन न्याय योजना की समीक्षा की। सभी जोन आयुक्त को अपने क्षेत्र के चिन्हित स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा। जल्द से जल्द से गोबर खरीदी शुरू करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्व सहायता समूह की महिलाओं को गोधन न्याय योजना की विस्तृत जानकारी भी दी तथा डॉक्यूमेंटेशन को लेकर अद्यतन करने कहा। बैठक में उपायुक्त तरूण पाल लहरे, लेखा अधिकारी जितेन्द्र ठाकुर, पीएमयू के शुभम पाटनी, सभी जोन आयुक्त और समन्वय समिति की महिलाएं मौजूद थी।

 

05-08-2020
छत्तीसगढ़ के 46 हजार 964 पशुपालकों ने 1 अगस्त तक 82 हज़ार 711 क्विंटल गोबर बेचा,मिलेंगे 1 करोड़ 65 लाख

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना से सर्वहारा वर्ग को लाभ मिलेगा। हरेली त्यौहार के दिन 20 जुलाई से शुरू की गई इस योजना के तहत राज्य के सभी वर्गो के 65 हजार 694 पशुपालकों में से 46 हजार 964 पशुपालकों ने एक अगस्त तक 82 हजार 711 क्विंटल गोबर बेचा है। गोबर बेचने वालों में से 40 हजार 913 पुरूष और 24 हजार 781 महिला है। इनमें 25 हजार 474 अनुसूचित जनजाति वर्ग के 5 हजार 474, अनुसूचित जाति के 5 हजार 490 और 71 हजार 724 अन्य पिछड़ा वर्ग के पशुपालक शामिल है।गोधन न्याय योजना के तहत सभी वर्ग को लाभ मिल रहा है। इस योजना के द्वारा गोबर विक्रेता पशुपालकों को लाभ, गोबर के वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने वाले महिला समूहों को लाभ, वर्मी कम्पोस्ट से किसानों को ज्यादा उपज का लाभ, शहरों और गांवों की सड़कों में पशुओं का गोबर नहीं रहने से स्वच्छता का वातावरण, पशुओं को गौठान और घरों में रखने से फसलों को नुकसान नहीं, महिला स्वसहायता समूहों को गोबर से दीया, लकड़ी, टोकरी आदि बनाकर बेचने से अजीविका, जैविक खाद से शुद्ध अनाज और सब्जियां पैदा होने से लोगों के स्वास्थ्य आदि का लाभ मिलेगा।  

गौरतलब है कि राज्य के गोबर बेचने वाले 46 हजार 964 गोबर विक्रेताओं को एक करोड़ 65 लाख रूपए का भुगतान किया जा रहा है। इनमें बस्तर जिले के एक हजार 875 पशुपालकों को 2 लाख तीन हजार रूपए का भुगतान किया जाएगा। इसी प्रकार बीजापुर के 639 पशुपालकों को 97 हजार रूपए, दंतेवाड़ा के 544 पशुपालकों को 97 हजार 658 हजार रूपए, कांकेर के 2 हजार 221 पशुपालकों को 4 लाख 92 हजार रूपए, कोण्डागांव के एक हजार 321 पशुपालकों को एक लाख 9 हजार रूपए, नारायणपुर के 421 पशुपालकों को 40 हजार रूपए, सुकमा के एक हजार 394 पशुपालकों को 2 लाख 16 हजार रूपए, बिलासपुर के 2 हजार 13 पशुपालकों को 3 लाख 65 हजार रूपए, गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही के 744 पशुपालकों को एक लाख 13 हजार रूपए, जांजगीर-चांपा के 2 हजार 235 पशुपालकों को 6 लाख 29 हजार रूपए, कोरबा के 2 हजार 756 पशुपालकों को 8 लाख रूपए, मुंगेली के 902 पशुपालकों को 2 लाख 21 हजार रूपए, रायगढ़ के 2 हजार 335 पशुपालकों को 6 लाख 76 हजार रूपए, बालोद के 2 हजार 228 पशुपालकों को 11 लाख 27 हजार रूपए, बेमेतरा के 637 पशुपालकों को 2 लाख 65 हजार रूपए, दुर्ग के 2 हजार 499 पशुपालकों को 23 लाख 97 हजार रूपए, कवर्धा के 819 पशुपालकों को 5 लाख 14 हजार रूपए, राजनांदगांव के 5 हजार 30 पशुपालकों को 13 लाख 61 हजार रूपए, बलौदाबाजार के एक हजार 108 पशुपालकों को 4 लाख 49 हजार रूपए, धमतरी के 2 हजार 182 पशुपालकों को 11 लाख 49 हजार रूपए, गरियाबंद के 839 पशुपालकों को 3 लाख 46 हजार रूपए, महासमुंद के एक हजार 619 पशुपालकों को 9 लाख 6 हजार रूपए, रायपुर के 3 हजार 698 पशुपालकों को 26 लाख 39 हजार रूपए, बलरामपुर के 858 पशुपालकों को एक लाख 47 हजार रूपए, जशपुर के एक हजार 615 पशुपालकों को एक लाख 69 हजार रूपए, कोरिया के एक हजार 324 पशुपालकों को 2 लाख 50 हजार रूपए, सरगुजा के एक हजार 822 पशुपालकों को 4 लाख 93 हजार रूपए और सूरजपुर जिले के एक हजार 286 गोबर बेचने वाले पशुपालकों को 2 लाख 64 हजार रूपए का भुगतान किया जाएगा।

05-08-2020
रायपुर 13 हजार क्विंटल गोबर खरीद कर राज्य में अव्वल भूपेश सरकार गोधन न्याय योजना में करेगी 1.82 करोड़ भुगतान

रायपुर। भूपेश बघेल सरकार की महत्वाकांक्षी ‘गोधन न्याय योजना‘ के तहत 20 जुलाई से एक अगस्त तक 3 हजार 698 पशुपालकों से रायपुर जिले में सर्वाधिक 13 हजार 195 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। राज्य में इस योजना के तहत एक अगस्त तक कुल 82 हजार 711 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है, जिसका 5 अगस्त को एक करोड़ 65 लाख 42 हजार रुपए का भुगतान गोबर विक्रेताओं के खाते में ऑनलाइन किया जाएगा। 

प्रदेश के जांजगीर-चांपा जिले में 2 हजार 235 पशुपालकों से 3 हजार 148 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बस्तर जिले के एक हजार 875 पशुपालकों से एक हजार 17 क्विंटल, बीजापुर के 639 पशुपालकों से 487 क्विंटल, दंतेवाड़ा के 544 पशुपालकों से 488 क्विंटल, कांकेर के 2 हजार 221 पशुपालकों से 2460 क्विंटल, कोण्डागांव के एक हजार 321 पशुपालकों से 54 हजार 661 क्विंटल, नारायणपुर के 421 पशुपालकों से 201 क्विंटल, सुकमा के एक हजार 394 पशुपालकों से एक हजार 81 क्विंटल, बिलासपुर के 2 हजार 13 पशुपालकों से 18 हजार 28 क्विंटल, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के 744 पशुपालकों से 565 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। 

कोरबा जिले के 2 हजार 756 पशुपालकों से 4 हजार 07 क्विंटल गोबर की खरीदी हुई है। मुंगेली के 902 पशुपालकों से 1105 क्विंटल, रायगढ़ के 2 हजार 335 पशुपालकों से 3 हजार 380 क्विंटल, बालोद के 2 हजार 228 पशुपालकों से 5 हजार 637 क्विंटल, बेमेतरा के 637 पशुपालकों से एक हजार 328 क्विंटल, दुर्ग के 2 हजार 499 पशुपालकों से 11 हजार 985 क्विंटल, कवर्धा जिले में 819 पशुपालकों से 2573 क्विंटल, राजनांदगांव के 5 हजार 30 पशुपालकों से 6 हजार 805 क्विंटल, बलौदाबाजार के एक हजार 118 पशुपालकों से 2 हजार 245 क्विंटल, धमतरी के 2 हजार 182 पशुपालकों सेे 5 हजार 745 क्विंटल, गरियाबंद के 839 पशुपालकों से एक हजार 730 क्विंटल, महासमुंद के एक हजार 619 पशुपालकों से 4 हजार 532 क्विंटल, बलरामपुर के 858 पशुपालकों से 734 क्विंटल, जशपुर के एक हजार 615 पशुपालकों से 847 क्विंटल, कोरिया के एक हजार 324 पशुपालकों से एक हजार 253 क्विंटल, सरगुजा के एक हजार 822 पशुपालकों से 2 हजार 466 क्विंटल और सूरजपुर जिले के एक हजार 286 पशुपालकों सेे एक हजार 321 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है।

04-08-2020
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पशुपालकों को आर्थिक समृद्ध कर रही है छत्तीसगढ़ सरकार

रायपुर/जांजगीर-चांपा। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पशुपालकों विभिन्न योजनाओं से आर्थिक रूप से समृद्ध किया जा रहा है। योजनाओं के तहत दूध उत्पादन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मछली पालन करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जांजगीर-चांपा जिले के विकासखण्ड बम्हनीडीह के ग्राम करनौद निवासी रामचरण पटेल बकरी पालन व्यवसाय से प्रतिवर्ष 70 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। पशुधन विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पशुधन विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत रामचरण पटेल को जमुनापारी नर बकरा प्रदाय किया गया था। उस वक्त उनके पास कुल 20 देशी बकरियां थीं। जमुनापरी नस्ल का बकरा मिलने से नस्ल सुधार हो गया। अब उनके पास उन्नत नस्ल के कुल 79 बकरियॉ है,जिसमें से प्रजनन योग्य-3 नर बकरे, 40 मादा बकरी है। इसमें से 22 बच्चे दे चुकी है और 38 मेमने हैं। इस व्यवसाय से रामचरण को एक वर्ष में लगभग 70 हजार रूपये की आमदनी हुई है। पशुधन विकास विभाग की ओर से रामचरण का मार्गदर्शन, नियमित टीकाकरण और कार्य कृमिनाशक दवापान कराया जाता है। रामचरण से प्रेरित होकर ग्राम करनौद में 15 पशुपालकों की ओर से बकरी पालन का कार्य किया जा रहा है। पशुधन विकास विभाग की इस योजना से पशुपालकों को प्रोत्साहन मिला है। रामचरण ने इस योजना के लिए छत्तीसगढ़ की सरकार को धन्यवाद दिया है।

 

01-08-2020
गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालकों को 5 अगस्त तक भुगतान की तैयारियों का जायजा लिया कलेक्टर भीम सिंह ने

रायपुर/रायगढ़। खरसिया क्षेत्र के प्रवास के दौरान ग्राम-जोबी में आदर्श गोठान और बाड़ी का कलेक्टर भीम सिंह ने निरीक्षण किया। गोधन न्याय योजना के तहत 20 जुलाई से 1 अगस्त  तक किसानों और पशुपालकों से क्रय किए गए गोबर का भुगतान 5 अगस्त को किये जाने वाली तैयारियों का जायजा लिया।कलेक्टर सिंह ने बाड़ी में आम का पौधा लगाया और बाड़ी में लगाये गये जीमी कांदा के पौधों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले ऐसे व्यक्ति और किसान जिनके पास बाड़ी विकसित किये जाने की जगह है उन्हें बाड़ी में लगाये जाने वाले फल व सब्जी के बीज उपलब्ध करावे। शासन की ओर से प्रदान की जाने वाली सभी सुविधाओं का लाभ दिलावे।
कलेक्टर सिंह ने ग्राम जोबी में निवास करने वाले कुल परिवारों की संख्या तथा कुल पशुओं की संख्या के बारे में जानकारी प्राप्त किया और गौठान में आने वाले पशुओं की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कुल पशुओं की संख्या की तुलना प्रतिदिन गोबर खरीदी की मात्रा को बहुत कम बताया, गोबर खरीदी की मात्रा बढ़ाने के लिए पशुपालकों को प्रेरित करने और गोठान से पशुपालकों के घरों की दूरी ज्यादा होने की स्थिति में बैलगाड़ी, रिक्शा या अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाओं से गोबर गौठान में प्रतिदिन मंगाने के निर्देश दिये।

इस व्यवस्था से कम से कम एक स्थानीय व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध होगा और उसे 25 पैसे प्रति किलो गोबर की दर से भुगतान प्राप्त होगा। कलेक्टर सिंह ने गोठान के चरवाहा अतुल सिंह और उसके सहयोगी को गौठान में आने वाले पशुओं का गोबर एकत्र करने और उसकी तौल कराकर अपने नाम से दर्ज करवाने की समझाइश देकर बताया कि उसे प्रतिमाह 6 से 8 हजार रुपए तक की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। कलेक्टर सिंह ने गोठान में गोबर को व्यवस्थित ढंग से रखने और अतिरिक्त पिट का तत्काल निर्माण प्रारंभ करने के निर्देश दिये।कलेक्टर सिंह ने ग्राम सरपंच, गोठान समिति के अध्यक्ष और सदस्यों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछताछ की और स्थानीय युवाओं और युवतियों को गोठान समिति में जोडऩे के निर्देश दिये। उन्होंने ग्राम वासियों की मांग पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने एसडीएम को निर्देशित किया और गांव के स्थानीय निवासी विकलांग व्यक्ति को शासन की ओर से प्राप्त होने वाली सहायता राशि व पेंशन तत्काल स्वीकृत करने और भुगतान करने के निर्देश दिये।

कलेक्टर सिंह ने अपने प्रवास के दौरान खरसिया क्षेत्र के ग्राम-चोढ़ा में 14 करोड़ 34 लाख रूपये की लागत से निर्माणाधीन आदर्श आदिवासी छात्रावास (500 बालक/बालिकाओं ) भवन का निरीक्षण किया और निर्माण एजेंसी को भवन में फिनिशिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने। और भवन हेण्डओव्हर करने के निर्देश दिये। उन्होंने आदिवासी विभाग के अधिकारियों को आदिवासी छात्रों का प्रवेश पूर्ण करने के भी निर्देश दिये। कलेक्टर सिंह ने ग्राम चोढ़ा में निर्माणाधीन धान चबूतरा के निर्माण की प्रगति का भी जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को शासकीय अभिलेख में समिति का नाम सुधारने के भी निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत रायगढ़ के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी बी.तिग्गा, एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ सहित कृषि, पशुपालन और राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

31-07-2020
एसएलआरएम सेंटर में गोबर खरीदी शुरू, गोबर विक्रय के लिए पशुपालक करा रहे हैं पंजीयन

भिलाई। नगर पालिक निगम के जोन-4 वीर शिवाजी नगर के अंतर्गत संचालित एसएलआरएम सेंटर में गोबर खरीदी शुरू हो गई है। गोबर विक्रय के इच्छुक पशुपालक गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अपना पंजीयन करा रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन के गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए किलोग्राम की दर से गोबर बेच सकते हैं। जोन-4 के आयुक्त अमिताभ शर्मा ने बताया कि महापौर व विधायक देवेन्द्र यादव और निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश के मुताबिक पशुपालकों का पंजीयन किया जा रहा है और गोबर खरीदी की जा रही है। जोन-1 के आयुक्त सुनील अग्रहरि ने बताया कि जोन क्षे़त्र के 113 पशुपालकों ने पंजीयन कराया है। उनसे अब तक 59.82 क्विंटल गोबर खरीद चुके हैं। इसी प्रकार से निगम क्षेत्र के अन्य एसएलआरएम सेंटर में पंजीकृत पशुपालकों से गोबर खरीदा जा रहा है। बैंक खाता के माध्यम से पशुपालकों को भुगतान किया जाएगा।

 

31-07-2020
गरियाबंद जिले के गौठानों में 1264.65 क्विंटल गोबर की हुई खरीदी 

रायपुर/गरियाबंद। जिलों के गौठानों में गोधन न्याय योजना से गोबर की खरीदी चालू है। गरियाबंद जिले के 43 गौठानों में 1264.65 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। उप संचालक कृषि  एफ.आर. कश्यप से मिली जानकारी के अनुसार जिले में गोधन न्याय योजना प्रारंभ तिथि से अब तक विकासखंड गरियाबंद के 12 गौठानों में 23 पशुपालकों से 72.09 क्विंटल, विकासखंड फिंगेश्वर के 10 गौठानों में 118 पशुपालकों से 672.73 क्विंटल, विकासखंड छुरा के 8 गौठानों में 113 पशुपालकों से 331.92 क्विंटल, विकासखंड मैनपुर के 4 गौठानों में 64 पशुपालकों से 91.69 क्विंटल तथा विकासखंड देवभोग के 5 गौठानों में 48 पशुपालकों से 74.05 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। इसी प्रकार नगरीय निकाय गरियाबंद, राजिम, फिंगेश्वर और छुरा के एक-एक गौठानों में 12 पशुपालकों से 22.17 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है।

30-07-2020
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में गोधन न्याय योजना की समीक्षा की

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव आरपी मंडल ने आज चिप्स कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में विभिन्न जिलों में गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने गोधन न्याय योजना के गोबर विक्रेता किसानों और पशुपालकों को 5 अगस्त को किए जाने वाले पहले भुगतान की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों में कोरोना संक्रमण की स्थिति, सुरक्षा और बचाव के उपायों की भी समीक्षा की। 

वीडियो कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव वन मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह, सहकारिता सचिव प्रसन्ना आर., मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी और नगरीय विकास विभाग के सचिव अलमेलमंगई डी. सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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