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15-09-2020
मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और श्रवण यंत्र मिलने सरल हुआ दिव्यांगों का जीवन

कोरिया। समाज कल्याण विभाग ने मंगलवार को 5 दिव्यांगों को विभिन्न सहायक उपकरण वितरण किए। कलेक्टोरेट परिसर में कलेक्टर एसएन राठौर ने विकासखण्ड बैकुण्ठपुर के ग्राम कंचनपुर के अस्थिबधित दिव्यांग राम कुमार को ट्राइयसाइकल, ग्राम सरभोका के सलोन कुमार टोप्पो, नगर पंचायत झगराखांड के सुनील कुमार, विकासखण्ड सोनहत के ग्राम लटमा के गुरू प्रसाद को मोटराइज्य ट्राइसाइकल प्रदान की। विकासखण्ड बैकुण्ठपुर के ग्राम धौराटिकरा के श्रवणबाधित दिलबस का श्रवण यंत्र दिया। कलेक्टर ने कहा कि इससे दिव्यांगजनों की गतिशीलता एवं कार्यक्षमता बढ़ेगी तथा अपने दैनिक क्रियाकलापों को सरलता से तथा कम समय में कर पायेंगे। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तूलिका प्रजापति उपस्थित थीं।

 

08-09-2020
फिरोज़ और प्लेसिद कुज़ूर की ज़िंदगी में खुशी बनकर आई ट्राइसिकल

रायपुर/बलरामपुर। समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों के लिए बानी विभिन्न योजना से ट्रायसायकल मिलने से महावीरगंज निवासी फिरोज और धनवारकला के रहने वाले प्लासिद कुजूर की जिंदगी में आयी खुशी। कलेक्टर श्याम धावड़े ने दो दिव्यांग व्यक्तियों को संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में ट्रायसायकल वितरित किया। कलेक्टर ने इस दौरान दिव्यांगजनों से चर्चा कर उनका हाल-चाल जाना और उन्हें पेंशन सुचारू रूप से मिल रहा या नहीं उसकी जानकारी ली। ट्रायसायकल प्राप्त कर महावीरगंज निवासी फिरोज आलम ने बताया कि वे 90 प्रतिशत दिव्यांग है और उन्होंने ट्रायसायकल के लिए आवेदन किया था। मेरा आवेदन प्राप्त होते ही कलेक्टर श्याम धावड़े की ओर से समाज कल्याण विभाग को तत्काल निर्देशित कर ट्रायसायकल प्रदाय किया गया।

विकासखण्ड वाड्रफनगर के धनवारकला के रहने वाले प्लासिद कुजूर शारीरिक रूप से अक्षम हैं और उन्होंने भी ट्रायसायकल के लिए आवेदन किया था। कलेक्टर ने इन्हें भी ट्रायसायकल प्रदाय किया। प्लासिद कुजूर ने सायकल मिलने पर बताया कि दिव्यांग होने के कारण कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। कहीं भी आने जाने के लिए मुझे सहारे की जरूरत पड़ती थी किन्तु अब ट्रायकसायकल मिलने से परेशानी दूर हो गयी है। प्लासिद कुजूर और फिरोज आलम ने प्रशासन की सक्रियता व सेवा भावना के लिए आभार व्यक्त किया है। कलेक्टर श्याम धावड़े ने बताया कि शासन की ओर से दिव्यांगता के 21 प्रकार निर्धारित किये गये हैं, जिले में पात्रता के अनुसार सभी दिव्यांगजनों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

28-08-2020
निशक्तजन चिकित्सा परीक्षण शिविर में दिव्यांगजनों को दिए गए सहायक उपकरण

बीजापुर। जिले के दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान करने सहित अन्य योजनाओं से लाभान्वित किए जाने के लिए ब्लाकों के प्रमुख बसाहटों में क्लस्टरवार निशक्तजन चिकित्सा परीक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में विगत दिवस बीजापुर ब्लाक के मुरकीनार,नुकनपाल और पुसगुड़ी के कुल 90 निशक्तजनों का चिकित्सा जांच कर उन्हें दिव्यांग प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी (UDID) कार्ड बनवाया गया एवं 9 निशक्तजनों को सहायक उपकरण वितरण किया गया।

उक्त संबंध में उप संचालक समाज कल्याण विभाग अरविंद गेडाम ने बताया कि हरेक ब्लाक अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह दो-दो दिन शिविरों का आयोजन कर सभी दिव्यांगजनों का चिकित्सा परीक्षण कर उन्हे दिव्यांग प्रमाणपत्र प्रदान किया जा रहा है एवं दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड बनाया जायेगा साथ ही चिन्हित निशक्तजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण प्रदान किये जा रहे हैं। 29 अगस्त से ग्राम पंचायत जैतालूर, ईटपाल, बोरजे एवं धनोरा में भी शिविर का आयोजन कर दिव्यांग प्रमाण पत्र यूडीआईडी बनाया जायेगा साथ ही आवश्यकतानुसार सहायक उपकरण प्रदान किया जायेगा।

 

22-08-2020
विद्यार्थी गढ़ रहे ईको-फ्रेंडली गणेश की प्रतिमाएं, ऑनलाइन प्रशिक्षण कक्षाओं में तराशी जा रहीं दिव्यांग प्रतिभाएं

रायपुर। कोविड-19 महामारी ने लोगों के लिए नई परिस्थितयां उत्पन्न कर दी हैं। इस दौर में लोगों को पारिस्थितिक संतुलन का महत्व समझ आने लगा है। ऐसे में स्थानीय वस्तुओं के लिए लोगों का रूझान बढ़ रहा है। लोग अपने घर से ही आजीविका के कई साधन तलाश रहे हैं। इन परिस्थितियों के लिए दिव्यांग विद्यार्थियों को भी तैयार किया जा रहा है। संक्रमण से बचाव के लिए शिक्षण संस्थाएं बंद होने के कारण समाज कल्याण विभाग द्वारा रायपुर में संचालित दिव्यांग महाविद्यालय द्वारा ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को तराशकर उनके हुनर को निखारने का काम किया जा रहा है।दिव्यांग बच्चे अपने-अपने घरों में रहते हुए शिक्षकों की मदद से विडियों कॉल के माध्यम से विभिन्न कलाकृतियां बनाना सीख रहे हैं। गणेशोत्सव के लिए शिक्षक चंद्रपाल पांजरे और कृष्णा दास ने विद्याथियों को मिट्टी से इको फ्रेंडली गणेश की मूर्तियां बनाना सिखाया है। इससे बच्चों में रचनात्मकता के विकास के साथ उनके समय का सदुपयोग भी हो रहा है।

आगे चलकर उनका यही हुनर उनके लिए आत्मनिर्भरता का पर्याय बन सकता है। राजधानी के माना स्थित दिव्यांग महाविद्यालय इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से मान्यता यह छत्तीसगढ़ का एकमात्र दिव्यांग महाविद्यालय है जहां दृष्टिबाधित, अस्थिबाधित बच्चे शास्त्रीय गायन और तबला बादन तथा मूक-बधिर चित्रकला की विधिवत शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।दिव्यांग महाविद्यालय में मूर्तिकला सीख रहे 17 विद्यार्थियों में से कुम्हारी निवासी बी.एफ.ए.(बैचलर आफ फाइन आर्टस) की मूकबधिर छात्रा नेहा दुबे और कोरबा निवासी मूकबधिर छात्र हेमप्रकाश साहू ने भी ऑनलाइन कक्षा में सीखकर गणेश की सुंदर प्रतिमाएं तैयार की है। नेहा के पिता पी.एन.दुबे ने बताया कि नेहा ने घर के पास रखी काली मिट्टी से गणेश की दो प्रतिमाएं बनाई है। जिसमें से एक प्रतिमा 200 रुपए में बिक गई और एक प्रतिमा की घर में पूजा कर रहे हैं। अभी कॉलेज बंद है ऐसे में नेहा वाट्सअप और वीडियो कॉल के माध्यम से अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेती रहती है। वह सभी प्रकार की प्रतिमाएं बना लेती है, नेहा का ये हुनर उसके भविष्य के लिए सहायक होगा।

13-08-2020
डॉ.शिवकुमार डहरिया ने छन्नू साहू और चित्ररेखा धृतलहरे को प्रदान की बैटरी चलित ट्राइसायकल

रायपुर। नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया ने विकासखंड आरंग के दो हितग्राहियों को बैटरी चलित ट्राइसायकल प्रदान की। उल्लखनीय है कि आरंग विकासखंड के ग्राम पिरदा निवासी छन्नुलाल साहू और ग्राम बाना निवासी चित्ररेखा धृतलहरे ने ट्राइसायकल के लिए मंत्री से निवेदन किए थे। वे दोनों लगभग 80 प्रतिशत दिव्यांग की श्रेणी में है। मंत्री डॉ.डहरिया ने इसे गंभीरता से लेते हुए इन हितग्राहियों को समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के तहत लाभान्वित किया। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष चंद्रशेखर चंद्राकर, उपाध्यक्ष नरसिंह साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष खिलेश देवांगन, जिला पंचायत सदस्य केशरी साहू, कोमल साहू, अब्दुल गौरी, मंगल मूर्ति अग्रवाल, लल्ला साहनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

 

13-08-2020
समाज कल्याण विभाग के 8 अफसरों का अस्थाई पदस्थापना आदेश जारी

रायपुर। समाज कल्याण विभाग के आठ अधिकारियों का आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थापना आदेश जारी किया है राज्य शासन ने। मंत्रालय महानदी भवन से समाज कल्याण विभाग की ओर से इस आशय का आदेश जारी कर दिया गया है। अधीक्षक सुचिता मिंज प्रभारी उप संचालक और  अधीक्षक शासकीय श्रवण बाधितार्थ विद्यालय जशपुर को प्रभारी उप संचालक जिला जशपुर के पद पर पदस्थ किया गया हैै। सहायक संचालक नदीम काजी प्रभारी उप संचालक कोण्डागांव को प्रभारी उप संचालक बालोद, सहायक संचालक धर्मेंद्र साहू प्रभारी उप संचालक महासमुंद को संचालक कार्यालय, समाज कल्याण रायपुर में उप संचालक पद पर नवीन पदस्थापना दी गई है।

इसी तरह अधीक्षक संगीता सिंह शासकीय श्रवण व दृष्टि बाधित विद्यालय मठपुरैना, रायपुर को प्रभारी उप संचालक, महासमुंद, अधीक्षक वैशाली मरड़वार श्रवण बाधित विद्यालय, धमतरी को प्रभारी उप संचालक जिला बस्तर, अधीक्षक  अरविंद गेडाम, शासकीय बौद्धिक मंदता विद्यालय बीजापुर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, बेनेदिक्ता तिर्की, अधीक्षक बौद्धिक मंदता विद्यालय, नारायणपुर को प्रभारी उप संचालक, सूरजपुर और उपसंचालक आर.एन.बोस उप संचालक, राज्य संसाधन व पुनर्वास केन्द्र रायपुर को संचालक कार्यालय, समाज कल्याण रायपुर में उप संचालक के पद पर नवीन पदस्थापना दी गई है।

 

30-05-2020
विवाह प्रोत्साहन राशि से दिव्यांग जोड़ों को मिली बड़ी राहत,दो माह में 92 जोड़ों को 58 लाख रूपए का भुगतान

रायपुर। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लाॅकडाउन में समाज कल्याण विभाग से मिली विवाह प्रोत्साहन राशि कई दिव्यांग जोड़ों के लिए बड़ी राहत बन रही है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विगत मार्च-अप्रैल माह में 92 दिव्यांग जोड़ों को 58 लाख रूपये का भुगतान किया गया है। इस योजना के तहत जनवरी 2020 में 33 दिव्यांग जोड़ों को 21.50 लाख रूपये और फरवरी में 61 दिव्यांग जोड़ों को 32.21 लाख रूपये प्रदान किया गया है। उल्लेखनीय है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विवाहित जोड़ों में से एक व्यक्ति के दिव्यांग होने पर 50 हजार रूपए और पति-पत्नी दोनों दिव्यांग होने पर भावी जीवन यापन के लिए एक लाख रूपए की राशि प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत पति-पत्नी दोनों दिव्यांग होने पर प्रोत्साहन राशि 50 हजार रूपए से बढ़ाकर एक लाख रूपए देने का प्रावधान किया गया है।
विभाग द्वारा विगत वित्तीय वर्ष 2019-20 में 556 दिव्यांग जोड़ों को 3 करोड़ 34 लाख से अधिक की विवाह प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। इस वर्ष धमतरी जिले में ही विभागीय जिला कार्यालय द्वारा विवाह प्रोत्साहन राशि के लिए दिव्यांग 28 जोड़ों का चयन कर 15 लाख रूपए से अधिक की राशि का वितरण किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिव्यांग जोड़ों को विवाह प्रोत्साहन राशि का वितरण अलग-अलग समय में किया जा रहा है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके। दिव्यांग जोड़ों का कहना है कि लाॅकडाउन के समय विवाह प्रोत्साहन योजना की राशि उन्हें बड़ी राहत देगी। मुश्किल समय में राशि के मिलने से हमारी खुशी दोगुनी हो गई है। विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत धमतरी के बांस पारा वार्ड के हेमंत गुप्ता को 50 हजार रूपए, ग्राम ढ़िमरटिकुर के दिव्यांग जोड़े केशरी सुखदेव और निधि साहू को 50 हजार रूपए, भखारा के पोखराज साहू और उनकी पत्नी संतोषी को एक लाख रूपए, पोटी कुरूद के लुकेश्वर साहू और उनकी पत्नी लांगइन को एक लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया है। इनके जैसे कई दिव्यांग जोड़ों को आवेदन पर प्रोत्साहन राशि वितरण किया जा चुका है,शेष जोड़ों को विवाह प्रोत्साहन राशि स्वीकृति की सूचना दे दी गई है। जल्द ही उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी है।

 

29-05-2020
तृतीय लिंग समुदाय ने सहयोग के लिए जताया आभार, बैंक खातों में मिल रही राशि

रायपुर। छत्तीसगढ़ तृतीय समुदाय ने सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में आज भी इंसानियत है। हम जैसे जरुरतमंदों की मदद कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के तृतीय लिंग समुदाय को सूखा राशन और राहत राशि का वितरण किया जा रहा है। कोविड-19 महामारी के समय समाज का हर वर्ग प्रभावित है। आम लोग अपने परिवार के पास लौट रहे हैं। समुदाय के पास न तो परिवार है और ना ही आजीविका का कोई साधन। भिक्षावृत्ति, नाचना गाना, मजदूरी बंद होने के कारण समुदाय पूरी तरह से प्रभावित है।

समाज कल्याण विभाग छत्तीसगढ़, श्रम विभाग छत्तीसगढ़, नगर निगम रायपुर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार, विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं और जजमान के सहयोग से राशन और राहत राशि बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव, दुर्ग, धमतरी, बलौदाबाजार, महासमुंद, रायपुर और अन्य जिलों में वितरित किया गया है। छत्तीसगढ़ तृतीय लिंग सामुदायिक संगठन मितवा समिति ने कहा कि इस महामारी से हम सबका जीवन बदल गया है। हम लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा दिन भी आएगा। छत्तीसगढ़ के तृतीय लिंग समुदाय विभिन्न विभाग मंत्रालय और स्वयंसेवी संस्थाओं का इस संकट की घड़ी में मदद करने आभार व्यक्त करता है।

28-05-2020
कोरोना वायरस से बुजुर्गों को बचाने के लिए समाज कल्याण विभाग चलाएगी अभियान

रायपुर। वरिष्ठ नागरिकों को नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण की अधिक संभावना और संक्रमण की स्थिति में उनमें जटिल स्वास्थ्यगत समस्याओं को देखते हुए बुजुर्गों को इस संक्रमण से बचाने के लिए प्रदेश में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। समाज कल्याण विभाग के सचालक पी. दयानंद द्वारा सभी विभागीय जिला अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। जारी निर्देश में हितग्राहियों को यथा संभव उनके घर तक विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने कहा गया है,जिससे बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने की कम से कम आवश्यकता हो। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए घर से बाहर जाने की अति आवश्यकता होने पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने, मास्क के उपयोग का प्रचार-प्रसार और विभिन्न विभागों के समन्वय तथा सहयोग से कोविड-19 के संक्रमण से बचाव की जानकारी जमीनी स्तर तक पहुचाने के लिए कहा गया है।

अधिकारियों को कहा गया है कि राज्य के समस्त वरिष्ठ नागरिकों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के उपाय बताए जाएं साथ ही युवाओं को संक्रमण का संदेह होने पर वरिष्ठ नागरिकों के पास न जाने की भी सलाह दी जायेे। किसी भी वरिष्ठ नागरिक में कोविड-19 के संक्रमण से संबंधित कोई भी लक्षण दिखाई देने पर इसकी जानकारी तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र में अथवा हेल्प लाईन नम्बर-104 पर दी जायेे। इसके साथ ही केन्द्रीय और राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जिला कलेक्टर द्वारा नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

02-05-2020
भौगोलिकता के आधार पर हो कार्य योजना : नीना 

बीजापुर। जिला पंचायत सदस्या नीना रावतिया उद्दे ने जिला बिजापुर की भौगौलिक परीस्थितियों को क्षेत्रीय विधायक विक्रम शाह मंडावी के द्वारा छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संज्ञान में लाते हुए पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। नीना रावतिया ने अपने पत्र में लिखा है जिला बिजापुर गहन नक्सल प्रभावित एवं सघन वनाच्छादित क्षेत्र होने और 75% क्षेत्र आज भी पहुंच विहीन। पुर्ववर्ती सरकार के द्वारा परिस्थितियों के आधार पर मास्टर प्लान न बना कर विकास न करने का दुश्परिणाम है। बड़ी संख्या मे स्थानीय मजदूरों का पलायन।

नीना ने पत्र में लिखा है कि अविकसित क्षेत्र का लाभ बड़ी संख्या में सक्रिय श्रमिक दलालों के द्वारा भी उठा कर ज्यादा मजदूरी का लालच देकर अन्यत्र मजदूरों को भ्रमित कर ले जाया जाता है और कभी-कभी इसके विभत्स परिणाम जमलों के रुप में आते हैं। निना रावतिया ने मुख्यमंत्री से जिले के सारे निर्माण कार्यों को स्थानीय ठेकेदारों से ही करवाये जाने निवेदन किया है, जिससे अधिकाधिक स्थानीय लोगों को ही रोजगार से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री से यह भी मांग कि गई है कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को खादी ग्रामोद्योग विभाग से पहल करते हुए लघुउद्योग के लिए प्रेरित करते हुए विकासखंड मे लघुउद्योग नगरी कि स्थापना की जाए जिससे स्थानीय शिक्षीत बेरोजगार युवाओं एवं श्रमिकों को वृहद रोजगार प्राप्त हो। निना रावतिया ने यह भी कहा कि ऐसे नाबालिग बच्चे जिनके माता-पिता निशक्त एवं वृद्ध हो उनके लिए समाज कल्याण विभाग के मार्फत बेहतर योजनाएं शुरू किया जाए।

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