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28-09-2019
आईएनएस खंडेरी नौसेना में शामिल, नहीं आएगी दुश्मनों के पकड़ में

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नौसेना के लिए तीन परियोजनाओं का शुभारंभ करने मुंबई पहुंचे, जहां उन्होंने स्कॉर्पियन क्लास की पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी को हरी झंडी दिखा कर नौसेना में कमीशन कर दिया। अत्याधुनिक तकनीक और फीचरों वाली यह पनडुब्बी चीन, पाकिस्तान या अन्य किसी भी देश के रडार की पकड़ में नहीं आएगी। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह किसी भी रडार की पकड़ में नहीं आएंगी। यह स्टेल्थ और एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन जैसे कई तरह की तकनीकों और अत्याधुनिक फीचरों से लैस है जिससे इसका पता लगाना दुश्मनों के लिए आसान नहीं होगा। यह टॉरपीडो और ट्यूब लॉन्च्ड एंटी-शिप मिसाइल से हमला करने में सक्षम है। युद्ध की स्थिति में यह पनडुब्बी हर तरह की अड़चनों से सुरक्षित और बड़ी आसानी से दुश्मनों को चकमा देकर बाहर निकल सकती है। इसके अलावा इससे जमीन पर भी आसानी से हमला किया जा सकता है। इस पनडुब्बी का इस्तेमाल हर तरह के वॉरफेयर, ऐंटी-सबमरीन वॉरफेयर और इंटेलिजेंस के काम में भी किया जा सकता है। यह हमला टॉरपीडो से भी किया जा सकता है और ट्यूब-लॉन्च पोत विरोधी मिसाइलों से भी। रडार से बच निकलने की क्षमता इसे अन्य कई पनडुब्बियों की तुलना में अभेद्य बनाएगी। खंडेरी पनडुब्बी हर तरह के मौसम और युद्धक्षेत्र में संचालन कर सकती है। नौसैन्य कार्यबल के अन्य घटकों के साथ इसके अंतर्संचालन को संभव बनाने के लिए और संचार उपलब्ध बनाए गए हैं। यह किसी भी अन्य पनडुब्बियों द्वारा अंजाम दिए जाने वाले विभिन्न प्रकार के अभियानों को अंजाम दे सकती है। इन अभियानों में सतह-रोधी युद्धक क्षमता, पनडुब्बी-रोधी युद्धक क्षमता, खुफिया जानकारी जुटाना, क्षेत्र की निगरानी करना शामिल हैं। इनमें रडार से बच निकलने की इसकी उत्कृष्ट क्षमता और सधा हुआ वार कर दुश्मन पर जोरदार हमला करने की योग्यता शामिल है। भारतीय नौसेना ने समुद्र में स्कॉर्पियन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी को शामिल करने से इनकार कर दिया था। नौसेना को समुद्र में यूजर ट्रायल के दौरान इस पनडुब्बी के इंजन से ज्यादा आवाज आने की शिकायत थी। इस कारण खंडेरी को देरी से नौसेना में कमीशन किया जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुंबई में शनिवार को स्कॉर्पियन क्लास की दूसरी पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी को नौसेना में कमीशन किया। इसके अलावा  पी-17ए सीरीज का पहला युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि को भी लॉन्च किया गया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मुंबई में आईएनएस खंडेरी को नौसेना में शामिल करने के दौरान कहा कि यह बेहद गर्व की बात है कि भारत उन चुनिंदा देशों में है जो अपनी पनडुब्बियों का निर्माण खुद कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में जो भी शांति भंग करेगा भारतीय नौसेना उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी ताकतें हैं जो भारत के तटीय क्षेत्र में मुंबई जैसे हमले दोबारा करना चाहती है, हम ऐसा होने नहीं देंगे।

27-09-2019
नौसेना का पहला ड्राई डॉक तैयार, यह होगा फायदा

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना का पहला ड्राई डॉक मुंबई में बनकर तैयार हो गया है। यहां विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य जैसे भारी-भरकम युद्धपोत की भी मरम्मत की जा सकेगी। यह पोत 285 मीटर लंबा, 60 मीटर चौड़ा और 45 हजार टन वजनी है।  अभी तक भारत के पार ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी जिससे पोत को पूरी तरह से पानी से बाहर कर मरम्मत की जा सके। इस डॉकयार्ड का उद्घाटन कल यानी शनिवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इसके अलावा वह नौसेना में स्कॉर्पियन क्लास की दूसरी सबमरीन आईएनएस खंडेरी को भी कमीशन करेंगे। इस ड्राई डॉक को बनाने में 1000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं जबकि इसमें एफिल टॉवर जितने वजन का स्टील लगा है। यह नौसेना का अब तक का सबसे बड़ा डॉकयार्ड है। ड्राइ डॉक के बनने से युद्धपोतों के पानी में डूबे रहने वाले हिस्सों की मरम्मत आसानी से हो सकेगी। जहाज को डॉक पर लाने के बाद उसके नीचे ब्लॉक लगाकर पानी को निकाल दिया जाएगा। जिससे पानी में हमेशा डूबे रहने वाले हिस्से को सुधारा जा सकेगा।

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