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20-01-2021
गांवों में सौर ऊर्जा से मिला रहा पेयजल, जिले में लगे अब तक 538 सोलर पंप

कोरिया। क्रेडा विभाग द्वारा स्थापित सोलर ड्यूल पंप ग्रामीण ईलाके की जनता के लिए बहुउपयोगी साबित हो रही है। दूरस्थ क्षेत्रों में सोलर ड्यूल पंप से खेती-किसानी को प्रोत्साहन मिल रहा है, वहीं पेयजल के लिए शुद्ध पानी भी मिल रहा है। क्रेडा विभाग के अधिकारी ने बताया कि अब तक जिले में 538 पेयजल सोलर पंप की स्थापना की गई है। कोरिया जिले के विकासखण्ड मनेन्द्रगढ के ग्राम पाराडोल, कपरिया एवं विकासखण्ड भरतपुर के ग्राम बसखोहर के ग्रामीण सोलर ड्यूल पंप के जरिये भूमि में साग-सब्जी उत्पादन कर अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्रेडा विभाग की मदद से उनकी भूमि में सोलर ड्यूल पंप लगाया है। क्रेडा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना के अंतर्गत जिले में पूर्व से उपलब्ध बोरवेल में सोलर ड्यूल पंप स्थापित किया जाता है, जिससे दिन के समय सौर विकिरणों की उपल्बधता होने पर बिना परिश्रम के पेय व अन्य परियोजनों के लिए जल की उपल्बधता हो जाती है। इस व्यवस्था में सोलर पंप के साथ 5000-10000 लीटर की टंकी भी एक निश्चित ऊंचाई पर स्थापित की जाती है।

जो निकट स्थापित 4 स्टैंड पोस्ट के नलों से जल निकासी के लिए अतिरिक्त व्यवस्था उपल्बध कराता है। इस योजना की वजह से अब आश्रित महिलाओं को पानी के लिए दूर नहीं जाना पडता है। क्योंकि अब उन्हे पानी उनके निकट में ही सरलता से प्राप्त हो जाता है।इसके साथ ही बाड़ी विकास को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। जल की उपलब्धता से ग्रामीणों द्वारा साग-सब्जी उत्पादन किया जा रहा है। उत्पादित साग-सब्जी के विक्रय से प्राप्त अतिरिक्त आमदनी से उन्हें घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।

27-11-2020
अब कुंए तक नहीं जाना पड़ता सुलोचिनी देवी को, खुद कुंए को उसके पास जाना पड़ा, भूपेश बघेल है तो सम्भव है

रायपुर/बैकुण्ठपुर। गांव की मुख्य सड़क से दूर घर बनाकर रहने वाले एक आदिवासी परिवार के लिए दैनिक उपयोग का पानी और पेयजल की आपूर्ति दोनों एक बड़ी चुनौती बन गए थे। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वर्ष 2017 हमर गांव हमर योजना के तहत पहुंचे दल को समस्या बताकर उसका निदान पाने वाले इस परिवार को महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत मिले कुंए ने दोनों समस्याओं से निजात दिला दी। सुलोचिनी देवी का परिवार अब संयुक्त रूप से अपने दैनिक उपयोग के लिए कुंए का बारहमासी उपयोग कर रहा है  और अब यह परिवार अपने कुंए के आसपास के खेतों में मेहनत कर रबी की फसल में खाली रहने वाली बाड़ी व खेतों में आलू प्याज टमाटर मूली जैसी सब्जी लगाकर हर साल 25 से 30 हजार रुपए की अतिरिक्त आमदनी भी कमाने लगा है। मनेन्द्रगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांव बिछली जो कि ग्राम पंचायत डंगौरा का एक आश्रित गांव है वहां सुलोचिनी का परिवार रहता है। इस परिवार में सुलोचिनी देवी के पुत्र सुखीरामए गजरूप सिंह और रामधन का परिवार के कुल 17 सदस्य एक साथ रहते हैं। यहां उनके घर के आसपास लगभग 3.4 एकड़ कृषि भूमि है जो कि केवल बारिष पर ही आश्रित खेती के लिए है।

तीन वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत में हमर गांव हमर योजना के तहत पहुंचे दल के सदस्यों को इस परिवार ने अपनी प्रमुख समस्या जल के बारे में अवगत कराया। ग्राम पंचायत में कार्यों की सूची बनाने के दौरान इस परिवार के लिए कुंए की मांग को सूचीबद्ध किया गया और ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर जिला पंचायत से वर्ष 2017 में ही इनके लिए एक लाख 80 हजार का कुंआ स्वीकृत किया गया। तकनीकी सहायक अंजु रानी के देखरेख में वर्ष 2018 में जनवरी माह से इस कुंए का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ और जून में पूरा कर लिया गया। उन्होने बताया कि इस परिवार के सदस्यों को मिलाकर कुल अलग अलग तीन जाब कार्ड हैं जिनमें से 8 सदस्यों ने इस कुंए में काम करते हुए लगभग 43 हजार सात सौ रूपए मजदूरी के रूप में भी प्राप्त किए। सुलेाचिनी देवी अब काफी वृद्ध हैं। उनके परिवार के बेटे सुखीराम ही खेती बाड़ी और घर की जिम्मेदारी सम्हालते हैं। सुखीराम ने बताया कि कुंए के बनने से बड़ा लाभ होने लगा। सबसे ज्यादा समस्या तो बरसात में पेयजल के लिए होती थी। वह अब कुंए के बन जाने से समाप्त हेा गई है। साथ ही पूरे परिवार के दैनिक उपयोग के लिए भरपूर पानी हमेषा उपलब्ध रहता है। धान की फसल के बाद हम कुछ नहीं कर पाते थे दूसरे के काम करने के लिए या फिर मनरेगा के तहत मजदूरी करने जाना ही एकमात्र विकल्प था। लेकिन कुंआ बन जाने से अब धान की फसल के ठीक बाद सरसाें आलू मटर जैसी कम पानी खपत वाली फसलें लगा लेते हैं। इसके साथ ही सब्जी की खेती करने से 25 से 30 हजार रुपए मिल जाते हैं। इस साल सुखीराम ने पहले ही मूली और लालभाजी की फसल लगा ली थी जिसे बेचकर वह 9 हजार रुपए कमा चुके हैं। साथ ही उनके दूसरे खेत में भी मूली की फसल तैयार हो रही है। मनरेगा के तहत कुंआ बन जाने से अब सुलोचिनी देवी का यह परिवार अब पेयजल और सिंचाई के छोटे से साधन के रूप में कुंए से अपनी दैनिक जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर हो गया है।

24-10-2020
मरवाही उपचुनाव: मतदान में न हो कोई गड़बड़ी, कलेक्टर ने कहा अधिकारियों से योजनाबद्ध हो तैयारी

रायपुर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डोमन सिंह ने शनिवार को बैठक में  अधिकारियों-कर्मचारियों को मतदान दिवस की तैयारियां योजनाबद्ध तरीके से करने के निर्देश दिए। इससे निश्चित समयांतराल में मतदान प्रक्रिया से सम्बंधित विभिन्न कार्यो को सुव्यवस्थित तरीके से पूर्ण किया जा सके।जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी विकासखंडों के सीईओ को मतदान केंद्रों में दीवार लेखन, व्हील चेयर, पेयजल, शौचालय, विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही अन्य आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मतदान केंद्रों में जनरेटर, टेंट, लाइट, माइक इत्यादि व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।

 जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदान केंद्रों के बाहर और अंदर लाइट की पर्याप्त व्यवस्थाएं होनी चाहिए। उन्होंने मतदान दिवस के दिन तीनों ब्लाकों में मास्टर ट्रेनरों को पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहने के निर्देश दिए।   उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार  को निर्वाचन के सम्बंध में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिये गए दिशानिर्देशों का अध्ययन करते हुए सभी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर अजीत वसंत, एसडीएम अपूर्व टोप्पो सहित अन्य अधिकारी  उपस्थित थे।

20-10-2020
जल जीवन मिशन योजनाओं का अनुमोदन, ग्रामीणों को मिल पाएगा पर्याप्त मात्रा में पेयजल

दुर्ग। जल जीवन मिशन की बैठक में 120 गांवों के लिए 81 करोड़ रुपए की योजनाओं को अनुमोदित किया गया। इनमें 32 हजार 541 नल जल कनेक्शन लोगों को मिल सकेंगे। इनमें रेट्रोफिटिंग योजनाएं भी हैं और सिंगल विलेज योजनाएं भी शामिल हैं। रेट्रोफिटिंग योजनाओं में 80 योजनाएं हैं,जिनमें दुर्ग ब्लाक की 19, धमधा की 16 और पाटन की 38 योजनाएं शामिल हैं। कलेक्टर डा.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इन योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजनांतर्गत राज्य के सभी ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से 2023 तक पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। इस संबंध में गठित जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्ट्रोरेट में आयोजित की गयी। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए किए जाने वाले कार्य योजना एवं व्यवस्था की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि जिले में 304 ग्राम पंचायत एवं 385 ग्राम हैं। इनमें 419 बसाहटें निवासरत है। वर्तमान स्थिति में कुल 1 लाख 46 हजार 500 परिवारों में से 31 हजार 923 परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत नल कनेक्शन दिया जा चुका है। शेष परिवारों को जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल कनेक्शन प्रदाय किया जाएगा।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए वृहद कार्य योजना बनाई गई है। योजना के लक्ष्य को मूर्तरूप देने के लिए बड़े पैमाने पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। निर्धारित लक्ष्य 2023 को ध्यान में रखते हुए कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से कहा है कि नल जल योजना के लक्ष्य को देखते हुए सभी अधिकारी अपने स्तर पर कार्याें का मूल्यांकन कर गतिशीलतापूर्वक कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घरों में नल कनेक्शन निश्चितरूप से दिया जाए। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में भी नल कनेक्शन देने के लिए कार्य योजना बनाए। आंगनबाड़ी केन्द्रों में कीचन एवं केन्द्र परिसर में कनेक्शन देवें। इसी प्रकार स्कूलों में मध्यान्हन भोजन कक्ष, वाशरूम, शौचालय एवं पेयजल के लिए निर्धारित स्थान पर कनेक्शन दिया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को योजना के लक्ष्य के अनुरूप कार्याें का संपादन करने कहा है। पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता  समीर शर्मा ने बताया कि रेट्रोफिटिंग योजनाओं के माध्यम से वर्तमान क्षमता में विस्तार के लिए पाइप लाइन का विस्तार, टंकी की क्षमता बढ़ाना आदि कार्य शामिल है ताकि सभी को पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल मिल पाए।

 

20-10-2020
अब नहीं होगी पेयजल समस्या,पानी उपलब्ध कराने हर गांव की बनेगी कार्ययोजना

कोरबा। जिले के सभी गांवों में घर-घर नल कनेक्शन उपलब्ध कराकर ग्रामीणों को पीने के शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जायेगी। अगले दो महिनों में हर गांव की कार्य योजना तैयार होगी। इस कार्य योजना का गांव की ग्राम सभा में अनुमोदन होगा और उसे क्रियान्वयन की स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जायेगा। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर किरण कौशल की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर जल एवं स्वच्छता मिशन समिति का गठन हुआ है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता इस समिति के सदस्य सचिव हैं। बैठक में सदस्य सचिव ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से जिले के हर गांव के हर घर में क्रियाशील नल कनेक्शन देकर शुद्ध पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

इस योजना का लक्ष्य वर्ष 2024 तक है। आंगनबाड़ियों, विद्यालयों में नल कनेक्शन के माध्यम से और हाॅट-बाजार स्थलों पर स्टैंड पोस्ट के माध्यम से शुद्ध जल की आपूर्ति भी योजना के तहत की जायेगी। एक-एक घर में पानी की आपूर्ति के लिए रैट्रोफिटिंग एकल ग्राम योजना और समूह ग्राम योजनाएं संचालित होंगी। सदस्य सचिव ने बताया कि वर्तमान में चल रही नल-जल योजनाओं के रैट्रोफिटिंग, नई एकल ग्राम जल प्रदाय योजनाएं और समूह जल प्रदाय योजनाओं से हर ग्रामीण के घर मेें नल कनेक्शन देकर न्यूनतम 55 एलपीसीडी जल प्रदाय किया जायेगा। जल जीवन मिशन की कार्ययोजना में कोरबा जिले में वर्तमान में क्रियान्वित  रैट्रोफिटिंग की 134नल-जल योजनाओं, 75 नई नल-जल प्रदाय  योजनाओं और 12 समूह जल प्रदाय योजनाओं को शामिल कर लिया गया है। वर्तमान में इन योजनाओं से 494 गांवों को लाभान्वित किया जायेगा। इन योजनाओं के माध्यम से एक लाख 96 हजार 153 नल कनेक्शन ग्रामीण घरों में दिए जायेंगे। जल जीवन मिशन के तहत अब तक जिले में 22 सोलर आधारित जल प्रदाय योजनाओं की भी स्वीकृति मिल गई है।

 

25-08-2020
खोदाई कर रेस्टोरेशन का काम छोड़ा, ठेकेदार को नोटिस...

रायपुर/बिलासपुर। अमृत मिशन योजना के ठेकेदार ने मुख्य मार्ग में खोदाई की लेकिन उसका रेस्टोरटेशन नहीं किया। इसके कारण हल्की बारिश में यातायात बाधित हो रहा है। निगम आयुक्त ने इसे देखते हुए ठेकेदार को नोटिस देकर गड्ढों में कांक्रीट भरकर ट्रैफिक व्यवस्था ठीक करने कहा है। बता दें कि शहर के अंदर पेयजल की पाइप लाइन डालने के लिए अमृत मिशन योजना के तहत सड़कों की खोदाई की गई है। इन गड्ढों को पाटकर उसे ट्रैफिक के लायक बनाने के बजाय ठेकेदार ने मिट्टी और रेत पाटकर सड़क को वैसे ही छोड़ दिया है। बारिश के दौरान इससे आवाजाही में लोगों को बहुत कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तो मुख्य मार्ग में ट्रैफिक भी जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है। ठेकेदार को पूर्व में भी खोदाई करने के साथ ही उसे पाटकर ठीक करने के लिए कहा गया था। 

इसके बाद भी उसका पूरा ध्यान केवल खोदाई में है। रेस्टोरेशन करके सड़क ठीक करने में लगाताार लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे में पूरे मामले की शिकायत निगम आयुक्त से की गई है। ठेकेदार को नोटिस देकर खोदाई के बजाय रेस्टोरेशन के लिए अधिक स्टाफ लगाने के लिए कहा गया है ताकि परेशानी कम हो सके। उल्लेखनीय है कि अमृत मिशन का काम पूरे शहर में चल रहा है। इसके लिए सड़क को जगह-जगह खोदा गया है। ठेकेदार को कांक्रीट रोड खोदने पर वहां फिर से कांक्रीटिंग और डामर रोड खोदने पर वहां डामरीकरण के निर्देश हैं। डामर रोड में बारिश के दौरान काम नहीं होने के कारण दिक्कत हो रही है। अब देखना यह होगा कि ठेकेदार द्वारा कब तक रेस्टोरेशन का काम पूरा किया जाता है।

10-08-2020
अब हर घर को नल से जल, 42 लाख परिवारों को मिलेगा मुफ्त कनेक्शन

रायपुर। भूपेश सरकार की मंशानुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल व्यवस्था करने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्रकुमार की विशेष पहल पर  अब जल जीवन मिशन के कार्य नए अनुबंध दर पर किए जाएंगे। मंत्री गुरु रुद्रकुमार ने कहा है कि, राज्य में हर घर में नल से जल मिलेगा। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी मिनीमाता अमृत धारा नलजल योजना के तहत प्रदेश के सभी 42 लाख परिवार को निशुल्क नल कनेक्शन उपलब्ध होगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव की अध्यक्षता में बीते दिनों राज्य स्तरीय निविदा एवं क्रय समिति और वित्त विभाग के प्रतिनिधि की उपस्थिति में बैठक हुई। इसमें रुचि की अभिव्यक्ति के माध्यम से प्राप्त न्यूनतम दरों को औचित्य प्रतिपादित कर स्वीकृति की अनुशंसा की।  

मंत्री गुरु रुद्रकुमार ने कहा कि, जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिए दर अनुबंध करने की कार्रवाई पूर्ण की गई है। इसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 9485.60 करोड़ रुपए की लागत से उच्च स्तरीय जलागार निर्माण, पाइपलाइन विस्तार कार्य, सिविल वर्क, घरेलू कनेक्शन, क्लोरिनेटर स्थापना एवं पावर पंप स्थापना के कार्य किए जाएंगे। इसके लिए राज्य में पहली बार मंत्रिमंडल के अनुमोदन उपरांत निविदाकारों से रुचि की अभिव्यक्ति के माध्यम से दरें प्राप्त कर औचित्य दर प्रतिपादित की गई। उन्होंने कहा कि, इससे ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले पेयजल प्रदाय कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने में जहां मदद मिलेगी, वहीं यह पहल राज्य के अनुसूचित जाति-जनजाति बाहुल्य एवं वनांचल क्षेत्रों के सर्वहारा वर्ग को घरेलू कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल प्रदाय करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी विभागों को निर्माण कार्यों के लिए नए एसओआर लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके परिपालन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सर्वप्रथम राज्य में अपना नया यूएसओआर-2020 जारी कर निर्माण-संधारण संबंधी कार्य में एसओआर लागू करने में अग्रणी रहा है।

14-07-2020
पेयजल शुद्ध नहीं आने पर गांववालों में आक्रोश

कोरबा। भैरोताल बस्ती में पेयजल एसईसीएल सुराकछार द्वारा दिया जा रहा है। खदान से बिना फिल्टर किए बस्ती में पानी दिया जा रहा है। यह जल शुद्ध नहीं है,जिससे ग्रामवासियों में  आक्रोश है। भैरोताल बस्ती की पानी की समस्या को लेकर वार्ड 57 की माकपा पार्षद सुरती कुलदीप ने एसईसीएल के उपक्षेत्रीय प्रबंधक से मुलाकात कर भैरोताल की पानी समस्या से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा। पार्षद सुरती कुलदीप ने कहा की पानी काला आ रहा है इसलिए पानी को फिल्टर कर के दिया जाए ताकि ग्रामवासियों को शुद्ध पेयजल मिल सके।

 

25-06-2020
जिपं की सामान्य सभा में विक्रम मंडावी ने कहा, स्वास्थ्य और पेयजल पहली प्राथमिकता

बीजापुर। जिला पंचायत सामान्य सभा में बस्तर प्राधिकरण उपाध्यक्ष और स्थानीय विधायक विक्रम मण्डावी शामिल हुए। यह सामान्य सभा इसलिये और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि कोरोना संक्रमण के चलते सामान्य सभा नहीं हो पाई थी। मण्डावी ने सभी विभाग प्रमुखों को इस संकट काल में बीजापुर स्थिति और विकास की गति बनाये रखने शुभकामनाएं दी और  सभी जनप्रतिनिधियों एवं जिला अधिकारियों से कहा कि मिलकर क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए संकल्पित रहेंगे।सामान्य सभा की कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए विधयक ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहली प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पेयजल है। इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र के स्कूलों में शाला प्रबंधन समिति की बैठक प्रतिमाह नियमित रूप से हो साथ ही टापर्स बच्चों को सम्मानित किया जाए। जिले में कोरोना वायरस और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के रोकथाम के लिए जन जागरूकता के साथ विशेष प्रयास किये जायें। साथ ही जिले विकास संबंधी विभागीय विषयों की जानकारी ली। जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में किये जा रहे विकास कार्यो से अवगत कराया।जिला सीईओ चंद्राकर ने सामान्य सभा बैठक को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि जिले में ग्रामीण क्षेत्रो में विकास के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के बीच समन्वय आवश्यक है। हम सभी क्षेत्र के विकास के लिए ऐसे ही मिलजुलकर कार्य करते रहेंगे। इस महत्वपूर्ण सामान्य सभा में अनुपस्थित विभागीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।सामान्य सभा में सदस्य बसंत राव टाटी, सरिता चांपा, सोमारुराम कश्यप,संतकुमारी मण्डावी, नीना रावतिया उद्दे, बुधराम कश्यप,जानकी कोरसा,बी.पुष्पाराव के अलावा विभाग के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

 

10-06-2020
सभी ग्रामीणों दुर्गम व वन क्षेत्रों में भी पेयजल की सुचारू व्यवस्था कर रही है भूपेश सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की ओर से राज्य के दुुर्गम और वन क्षेत्रों में पेयजल की सुचारू व्यवस्था की जा रही है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के दूरस्थ अंचल क्षेत्र में जहां विद्युत आपूर्ति की समस्या है उन क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से किसानों को सौर-सुजला योजना की सुविधा देकर लाभ पहुंचाया जा रहा है। साथ ही जशपुर जिले के आश्रम छात्रावासों में सोलर हैण्डपंप स्थापित करके बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। बालक आश्रम कलिया, गीधा, गजमा और कन्या आश्रम दनगरी में एक-एक नग सोलर हैण्डपंप स्थापित करके क्रेडा विभाग द्वारा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है। इसका उपयोग आश्रम के छात्र-छात्रा  कर रहे हैं। क्रेडा विभाग के सहायक अभियंता संदीप बंजारे ने बताया कि योजनांतर्गत आश्रमों के पेयजल व्यवस्था सामान्य हैण्डपंप में सोलर डवल पंप की स्थापना की जाती है। ड्वल पंप में हैंडपंप और सोलरपंप दोनोें होता है,जिससे रात्रि में सोलर नहीं होने पर हैंडपंप का उपयोेग किया जा सकता है। इसमें एक नग 5000 लीटर का ओव्हर हैण्ड ट्रेक हैंड पंप से संबंध रहता है। इसे पानी स्टोर किया जा सकता है। इस संयत्र में एक सेंसर लगा हुआ होता है जिस कारण से पंप स्वतः ऑन-ऑफ होता है। पानी बर्बादी नहीं होती है और 4 नग टेप नल लगा रहता है,जिससे पानी का उपयोग किया जा सकता है।

 

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