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12-04-2020
 डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती 14 अप्रैल को, भाजपा का मेरी बस्ती कोरोना मुक्त बस्ती अभियान

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी आगामी 14 अप्रैल को संविधान रचयिता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती पर विविध व्यक्तिगत कार्यक्रम रख कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेगी। भाजपा ने प्रदेश कार्यकर्ताओं से लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का इस दौरान पालन करने को कहा है। इसके साथ ही भाजपा मेरी बस्ती कोरोना मुक्त बस्ती अभियान जारी करेगी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे सभी 14 अप्रैल को अपने-अपने निवास में डॉ. अंबेडकर के चित्र का पूजन कर माल्यार्पण करें और अपने कार्यक्रम को सोशल मीडिया पर अपलोड करें। इस मौके पर डॉ. अंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश अध्यक्ष आॅडियो-वीडियो संदेश जारी करेंगे। उसेंडी ने कहा कि प्रत्येक मंडल इकाइयां गरीब बस्तियां  चिह्नित कर भोजन का कार्यक्रम रखेंगी और घर पर बने मास्क के पर्याप्त मात्रा में वितरण की व्यवस्था करेंगी। सभी कार्यकर्ता अपनी चिह्नित मेरी बस्ती, कोरोना मुक्त बस्ती अभियान शुरू करेंगे। इसी तरह लेखकों से सामाजिक एकता पर केंद्रित लेख आदि के लेखन व प्रकाशन की भी योजना है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष उसेंडी ने अपील की कि सभी कार्यकर्ता इस दिन भारतीय संविधान के प्रति अपनी निष्ठा का संकल्प लें और प्रस्ताव बनाकर सबको इस तरह संकल्पित करें। सभी कार्यकर्ता केंद्र व भाजपा शासित राज्यों की ओर से किए गए कार्यों को सामाजिक समरसता व स्वाभिमान के साथ जोड़कर लोगों तक पहुंचाएंगे। इसके लिए सोशल मीडिया का भी उपयोग करें।

02-03-2020
भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को लिखा खत, आयकर कार्रवाई को बताया संघीय ढांचे पर चोट, हस्तक्षेप की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जारी आयकर कार्रवाई पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। इसके पूर्व कार्रवाई के विरोध में भूपेश बघेल ने दिल्ली में सोनिया गांधी से भी मुलाकात की थी। सोमवार को भूपेश बघेल ने पीएम मोदी को खत लिखा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लिखा कि हमारे पूर्वजों ने संविधान में संघीय ढांचे का प्रावधान बहुत सोच समझकर किया था। आपने मुख्यमंत्री रहते हुए इसका बार—बार जिक्र भी किया है। कुछ केंद्रीय एजेंसियों द्वारा छत्तीसगढ़ में संघीय ढांचे के प्रावधानों को चोट पहुंचाने वाली कार्रवाइयां हुई हैं। विनम्रता पूर्वक आपके संज्ञान में लाते हुए आपसे हस्तक्षेप की अपेक्षा है।

 

 

01-03-2020
एनआरसी-सीएए के खिलाफ सरकार से विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ बचाओ आंदोलन ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर को मोदी सरकार द्वारा लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरएसएस संचालित सरकार अपनी विभाजनकारी नीतियों को थोप कर पूरे देश और आम जनता को साम्प्रदयिक दंगो में झोंकना चाहती हैं। सीबीए ने दिल्ली में हुए दंगों को संघ और भाजपा द्वारा प्रायोजित बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ प्रदेश भर में चल रहे आंदोलनों को मजबूत करने का फैसला किया है। इसके साथ ही उसने छत्तीसगढ़ विधानसभा में इसके विरोध में प्रस्ताव पारित करने की मांग की है। इस संबंध में सीबीए का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेगा।

छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन की इस बैठक में वरिष्ठ आदिवासी नेता अरविंद नेताम, पूर्व विधायक व आदिवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष कुंजाम, कामरेड सी आर बक्शी, माकपा राज्य सचिव संजय पराते, समाजवादी नेता आंनद मिश्रा, जिला किसान संघ के सुदेश टेकाम, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (मजदूर-किसान समिति) के रामाकांत बंजारे, छत्तीसगढ़ किसान सभा के नंदकुमार कश्यप, अधिवक्ता शालिनी गेरा, भारत जन आंदोलन के विजय भाई और जनसाय पोया सहित विभिन्न जनसंगठनों के नेता मौजूद थे। 

31-01-2020
नरेंद्र मोदी का बयान, कहा-सीएए पर हमने कुछ गलत नहीं किया,रक्षात्मक होने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली। संसद में हुई एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता कानून को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून पर हमने कुछ गलत नहीं किया, हमें फ्रंट फुट पर रहना चाहिए। रक्षात्मक होने की कोई जरूरत नहीं है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि मुस्लिम भी इस देश के उतने ही नागरिक हैं, जितने बाक़ी लोग हैं। उनका भी उतना ही हक और कर्तव्य है जितना बाकी नागरिकों का है। एनडीए बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में पीएम मोदी के नेतृत्व में फिर से विश्वास जताते हुए कहा गया कि एनडीए चट्टान की तरह उनके पीछे खड़ा है। प्रस्ताव में कहा गया कि नागरिकता कानून के ज़रिए महात्मा गांधी के सपने को साकार किया गया। इस प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने पेश किया था। प्रस्ताव में बोडो समझौता, धारा 370, नागरिकता कानून और करतारपुर का ज़िक्र किया गया।

बता दें कि नागरिकता कानून को लेकर बीते दिनों में भाजपा ने जनसंपर्क अभियान चलाया। देशभर में बीजेपी के नेताओं ने जनता से संपर्क स्थापित किया और ये समझाने की कोशिश की कि सीएए नागरिकता देने का कानून है, इसमें किसी की भी नागरिकता लेने का प्रावधान नहीं है। खुद अमित शाह गृहमंत्री ने कई रैलियों को संबोधित किया। उन्होंने विपक्ष को इस कानून पर बहस करने की चुनौती दी। दिल्ली चुनाव में भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश हो रही है।
वहीं विपक्ष इस कानून को संविधान के खिलाफ बताकर सरकार को घेर रही है। देश के कई हिस्सों में इसको लेकर अभी भी विरोध प्रदर्शन जारी है। खासकर दिल्ली का शाहीन बाग सुर्खियों में है जहां एक महीने ज्यादा समय से नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। जैसे जैसे समय बीत रहा है दिल्ली के शाहीन बाग का प्रदर्शन भी चुनाव का मुद्दा बनता जा रहा है। 

30-01-2020
टीएस सिंहदेव को संवैधानिक मर्यादा रखनी चाहिए : भाजपा

रायपुर। भाजपा नेता सत्यम दुवा ने कहा कि रायपुर के जय स्तंभ चौक पर सीएए के विरोध में मुठ्ठी भर लोगों के जमावड़े को समर्थन देने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का उस स्थान पर जाना और उन्हें समर्थन देना पूरी तरह संविधान और लोकतंत्र का अपमान है। भाजपा नेता ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के इस कृत्य की निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश में कानून बनाने का पूर्ण अधिकार देश की संसद को है। जब देश का संसद कोई कानून बनाता है और उस पर देश के राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के उपरांत शासकीय गजट में प्रकाशन हो जाता है तो यह अधिनियम पूरे देशवासियों के लिए लागू हो जाता है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को इस बात की जानकारी होना चाहिए कि वे जिस संविधान की शपथ लेकर विधायिका और मंत्री परिषद् का पद धारण किए हुए हैं वे उसी संविधान की अवहेलना कर रहे हैं। टीएस सिंहदेव को अपने संवैधानिक मर्यादा को बनाए रखना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी यह लगातार कहती आ रही है कि देश में सीएए के विरोध के पीछे कांग्रेस पार्टी पूरी तरह शामिल है। केन्द्र में कांग्रेस की सरकार नहीं है जिससे कांग्रेस का केन्द्रीय नेतृत्व तिलमिलाया हुआ है और उसके नीचे के सभी संगठनात्मक ढांचे को और कांग्रेस शासित राज्यों को इस कानून का विरोध करने के लिए झोंक दिया है। सिंहदेव का विरोध करने वालों को समर्थन कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों के तहत ही है। 

30-01-2020
भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, सीएए में संशोधन वापस लेने की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर नागरिकता संशोधान अधिनियम 2019 (सीएए) को वापस लेने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि जहां एक ओर इस अधिनियम का वर्तमान संशोधन धर्म के आधार पर अवैध प्रवासियों का विभेद करता प्रतीत होता है, वहीं भारतीय संविधान के अनुच्छेद-14 के विपरीत होने का संकेत दे रहा है। दूसरी ओर भारत के पड़ोसी देशों, जैसे- श्रीलंका, म्यांमार, नेपाल और भूटान इत्यादि देशों से आने वाले प्रवासियों के संबंध में इस अधिनियम में कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में इस अधिनियम के विरूद्ध काफी विरोध प्रदर्शन देखे गए, जो कि शांतिपूर्ण रहे, अपितु इसमें इस प्रदेश के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। छत्तीसगढ़ में मूलत: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के निवासी हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में गरीब, अशिक्षित एवं साधनविहीन हैं, जिसे इस अधिनियम की औपचारिकता को पूर्ण करने में कठिनाइयों का निश्चित रूप से सामना करना पड़ सकता है। संविधान के समक्ष सभी सम्प्रदाय समान होते हैं, संसद के द्वारा अधिनियमित नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 (सीएए) धर्म निरपेक्षता के इस संवैधानिक आधारभूत भावना को खंडित करता दृष्टिगत हो रहा है। मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में देश के संविधान के अनुच्छेद-14 को देश के सभी वर्गों के व्यक्तियों के समानता के अधिकार और कानून के अंतर्गत समानता की गारंटी को सुरक्षित रखने के लिये आवश्यक है कि संविधान की इस मूल भावना के विपरीत कोई भी कानून नहीं बनाया जाये। जनमानस में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए, गरीब तबके एवं असाक्षर लोगों को असुविधा न हो, देश में शांति बनी रहे, एवं संविधान की मूल अवधारणा सुरक्षित रहे, इन सबके दृष्टिगत, नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 (सीएए) में लाये गए संशोधन को वापस लिये जाने का प्रदेशवासियों की ओर से अनुरोध किया है।

 

28-01-2020
आरोपी मुकेश की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 29 जनवरी को सुनाएगा फैसला

नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप और मर्डर के चार दोषियों में से एक मुकेश कुमार की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। कल इस मामले का फैसला सुनाया जाएगा। मुकेश ने डेथ वॉरंट 1 फरवरी को टालने और राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका खारिज होने के विरोध में गुहार लगाई थी। दिल्ली में कोर्ट ने चारों दोषियों को फांसी पर चढ़ाने के लिए एक फरवरी की तारीख तय की है। मुकेश की ओर से पेश वकील अंजना प्रकाश ने कहा कि न्यायिक फैसले की समीक्षा का अधिकार नहीं रखते, लेकिन मौत के मामले में उनको संविधान के तहत समीक्षा का अधिकार है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने खुद ही कहा था कि दया याचिका को लंबित रखना अमानवीय है। सरकार ने कोर्ट की इस भावना का सम्मान किया है। राष्ट्रपति ने सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर बिना विलंब के याचिका पर फैसला किया। यह आरोप सही नहीं है कि मनमाने ढंग से दया याचिका खारिज की गई। तुषार मेहता ने कहा कि जेल में दुर्व्यवहार के आरोप की सुनवाई इस स्टेज में सुप्रीम कोर्ट में नहीं की जा सकती।

 

27-01-2020
भाजपा के नव निर्वाचित जिलाध्यक्ष ने किया ध्वजारोहण

बीजापुर। जिला भाजपा कार्यालय में 71वां गणतंत्र दिवस के मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने भारत माता के तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर ध्वजारोहण किया। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष ने भाजपा कार्यकर्ताओ को गणतंत्र पर्व की महत्वता की जानकारी देते हुए संविधान के मौलिक अधिकारों को बताया। ध्वजारोहण करने के बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं ने आम नागरिकों को मिठाई बांटी। ध्वजारोहण के दौरान पार्षद घासीराम नाग, नंदकिशोर राणा, संजय गुप्ता पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष भगवती पुजारी, सुखलाल पुजारी, मंडल अध्यक्ष भुवन सिंह चौहान, भाजपा के वरिष्ठ बेचन प्रसाद साह, संजय लुक्कड़, महादेव राणा प्रवीण उइका, ओंकार तारम, सत्येंद्र ठाकुर, महेश्वरी दुर्गम, शकुंतला पांडे, सिरोज विश्वकर्मा, धनेश्वरी बाकडे, लक्ष्मी प्ररता गिरी, ज्योति हेमला, के यशराज के अलावा भाजपा पार्टी के सभी पदाधिकारी कार्यकर्ता एवं स्कूल बच्चे तथा स्पोर्ट्स के छात्र मौजूद रहे।
 

25-01-2020
भाजपा अध्यक्ष उसेंडी ने दी गणतंत्र दिवस की बधाई

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने छत्तीसगढ़ वासियों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर बधाई दी है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए राष्ट्रीय एकता, अखंडता, संप्रभुता, परस्पर भाईचारे और संविधान के आत्मीय सम्मान के लिए कृत संकल्पित होने का आह्वान किया। उसेंडी ने कहा कि देश और प्रदेश आज जिन चुनौतियों से जूझ रहा है, विभाजनकारी ताकतें वैमनस्यता फैलाकर देश को नुकसान पहुंचा रही हैं, उन पर राष्ट्र के प्रति ध्येयनिष्ठ समर्पण की भावना से ही विजय पाई जा सकती है। छल-प्रपंच, झूठ-फरेब और सत्तावादी अहंकार ने भी हमारे समक्ष जो चुनौतियां उपस्थित की हैं, उनसे भी हमें निपटना है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष उसेंडी ने कहा कि प्रदेश का हर नागरिक देश और संविधान के प्रति पूर्ण सम्मान रखकर सबको साथ लेकर सब के सर्वांगीण विकास का लक्ष्य साधते हुए एक नए भारत की रचना करने की दिशा में आगे बढ़े और भारतीयता की पहचान स्थापित करते हुए हम सब भारत को एक समृद्धशाली, स्वाभिमानी और शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में विश्व का नेतृत्व करता हुआ देखने का संकल्प गणतंत्र दिवस की वर्षगांठ पर व्यक्त करें।

 

 

25-01-2020
सीएम भूपेश बघेल ने 71वे गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को देश के 71वे गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि गणतंत्र दिवस लोकतंत्र का महापर्व है। आज ही के दिन देश का संविधान लागू हुआ। हमारे महान नेताओं के त्याग और बलिदान से देश को जो आजादी मिली, हमें जो संविधान मिला और जो लोकतंत्र का वरदान मिला है, वह लगातार मजबूत हो। हमारे संविधान की प्रस्तावना के पहले वाक्य ‘हम भारत के लोग‘ ने 26 जनवरी 1950 से लेकर आज तक भारत के जनमन में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति भरोसे को बनाए रखा है। विविध रंगों से सजे भारत के लिए हमारे पुरखों ने एक ऐसी बुनियाद रखी, जिसमें देश की एकता और अखण्डता, हर एक व्यक्ति की स्वतंत्रता, भाईचारा, समानता और न्याय समाहित है। संविधान की यही मूल भावना है।

 

24-01-2020
प्रदेश के शैक्षणिक संस्थाओं में होगी संविधान पर चर्चा, स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर। प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थाओं में अब हर सोमवार को प्रार्थना के बाद संविधान से संबंधित विभन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी करते हुए प्रदेश के सभी संभाग के आयुक्त और जिला कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। जारी निर्देश के अनुसार माह के प्रथम सप्ताह में संविधान की प्रस्तावना पर चर्चा होगी, वहीं दूसरे सप्ताह में संविधान में उल्लेखित मौलिक अधिकार, तीसरे सप्ताह में मौलिक कर्तव्य और चौथे सप्ताह में राज्य के नीति निदेशक तत्व पर चर्चा आयोजित की जाएगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन संविधान दिवस के अवसर पर यह घोषणा की थी कि प्रदेश के शैक्षणिक संस्थाओं में छात्र-छात्राओं को संविधान की जानकारी देने के लिए प्रत्येक सोमवार को कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि बच्चों को इसकी समुचित जानकारी हो सके।

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