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06-07-2020
कोरोना पॉजिटिव से सम्पर्क में आने के बाद भाजपा-कांग्रेस के कई नेताओं ने कराया टेस्ट, रिपोर्ट आई...

राजनांदगांव। कांग्रेस और भाजपा के कई नेताओं ने कोरोना पॉजिटिव के सम्पर्क में आने के कारण कोरोना टेस्ट कराया। इनमें महापौर हेमा देशमुख, सुदेश देशमुख सहित कुछ कांग्रेस के और भाजपा के नेता प्रतिपक्ष शोभा सोनी, पूर्व जिला अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष सचिन बघेल आदि शामिल थे। बताया गया कि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है।

12-06-2020
सहकारी बैंक प्रबंधक ने टीम के साथ कृषकों को बांटा सैनिटाइजर और मास्क, कोरोना बचाव के लिए दिए सुझाव 

सूरजपुर। जिले के प्रेमनगर आदिम जाति सहकारी मर्यादित बैंक प्रबंधक राजेश मिश्रा के नेतृत्व में बैंक से जुड़े खाता धारक किसानों को कोरोना माहमारी से संक्रमित ना हो इसके लिए सेनेटाइजर के साथ मास्क वितरण किया गया। गौरतलब है कि प्रेमनगर के सहकारी बैंक में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में  किसान लेन देन करने आते है। जिसके बाद भी बैंक प्रबंधक राजेश कुमार मिश्रा द्वारा किसानों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए बैंक आये सभी किसानों संतुष्ट कर रहें है। बैंक प्रबंधक मिश्रा ने अपने बैंक के ग्राहकों को सैनिटाइजर और मास्क वितरण कर सोशल डिस्टेंस बनाने सहित कोरोना महामारी के बचाव की जानकारी दी।

इस दौरान मिश्रा ने किसानों को कहा कि बैंक से संबंधित कोई किसी तरह का कार्य नहीं रुकेगा। किसानों के हित में हमेशा बैंक व कर्मचारी समर्पित है। कोरोना वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने में बैंक का सहयोग करने की अपील की है। उक्त अवसर पर बैंक के कर्मचारी श्यामलाल, दीपक सोनी, अनिल राजवाड़े, सहित अन्य कर्मचारी व बड़ी संख्या कृषक मौजूद थे।

11-05-2020
किसान ले सकते हैं सहकारी बैंक से शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण : कलेक्टर

कोरिया। कलेक्टर की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में कृषि से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक हुई। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों से किसानों से जुड़ी शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन एवं खाद बीज भंडारण की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।बैठक के दौरान सहकारिता विभाग के अधिकारी ने बताया कि कोरिया जिले में विपणन संघ के गोदाम में 9431 मीट्रीक टन खाद का भंडारण हो गया है। जिले के सहकारी समितियों में 5602.89 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। जिले में समस्त 23 आदिम सहकारी समितियों में कुल 4139.7 क्विंटल धान बीज का भंडारण हो गया है। सभी किसान खरीफ फसल के लिए जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक कोरिया की समस्त शाखाओं से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर नगद ऋण ले सकते हैं।बैठक में कलेक्टर ने खाद्य विभाग के अधिकारी से माह जून के राशन भंडार की जानकारी प्राप्त की तथा छुटे हुए परिवारों का राशनकार्ड शीघ्र बनाने के निर्देश दिये। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत चना भंडारण एवं वितरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारी से बाड़ी विकास के संबंध में मनरेगा एवं डीएमएफ से स्वीकृत सभी कार्यों की प्रगति पर चर्चा करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारी से पशुओं के टीकाकरण कार्य में तेजी लाने तथा जून के प्रथम सप्ताह तक टीकाकरण कार्य को पूरा करने के के निर्देश दिये।

 

27-02-2020
सहकारी बैंक तीन बड़ी योजनाओं में कम ब्याज पर कर्ज देंगे, उद्योगों को होगा लाभ  

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गैर अनुसूचित शहरी और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को तीन बड़ी योजनाओं में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को वित्तीय मदद मुहैया कराने के लिए शामिल किया है। इसमें क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट, क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम और ब्याज छूट जैसी योजनाएं शामिल है। बता दें कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इस क्षेत्र को कर्ज देने में एनबीएफसी की भागीदारी अभी 13 फीसदी है। अगर गैर अनुसूचित शहरी और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को भी इसमें शामिल किया जाता है, तो योजना की पहुंच और बढ़ जाएगी। दूरदराज के इलाकों में छोटे उद्योगों को काफी लाभ मिलेगा। इस कदम से एक तरफ तो कर्जदाताओं में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और वित्तीय क्षेत्र में समानता आएगी, दूसरी ओर ग्राहकों के सामने भी अपनी सुविधा और पहुंच के अनुरूप कर्ज लेने के ज्यादा विकल्प होंगे।

13-01-2020
जय किसान फसल ऋण माफी योजना के शेष आवेदन लिए जाएंगे 15 से 31 जनवरी तक

छिन्दवाड़ा। राज्य शासन द्वारा जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत आवेदन करने से शेष रह गये किसानों से आवेदन पत्र प्राप्त करने के निर्देश दिये गये है। इन निर्देशों के परिपालन में जिले के सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और राष्ट्रीयकृत बैंक के 2 लाख रूपये तक के चालू व कालातीत ऋणी खातों में 31 मार्च 2018 की स्थिति में बकाया राशि के ऋणी कृषक जो उस समय आवेदन नहीं कर सके थे अब 15 से 31 जनवरी तक संबंधित ग्राम पंचायत या विकासखंड के जनपद पंचायत कार्यालय में केवल पिंक-1 (गुलाबी) आवेदन जमा कर सकते है। कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा द्वारा इस संबंध में जिले की सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।

उप संचालक कृषि ने बताया कि जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अंतर्गत विकासखंड स्तर पर सभी जनपद पंचायतों से आवेदन पत्र प्राप्त करने के कार्य का संपादन कराया जा रहा है और ऋणी कृषकों से आवेदन प्राप्त करने के लिये शासकीय सेवकों को नियुक्त किया जा रहा है। जनपद पंचायतों में प्राप्त आवेदनों की पोर्टल पर डाटा एंट्री का कार्य एक से 10 फरवरी तक नियत शासकीय सेवकों द्वारा ऑफलाईन आवेदन का सत्यापन करने के बाद किया जायेगा। उन्होंने बताया कि गुलाबी आवेदन पत्रों को जिला स्तर से संबंधित बैंक शाखा और समिति को प्रेषित किया जायेगा तथा संबंधित बैंक शाखा/समिति द्वारा परीक्षण के बाद कृषक के आवेदन का निराकरण किया जायेगा। ऋणी कृषक के आवेदन का आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य है। बैंक द्वारा निराकृत प्रकरण को अनुमोदन के लिये जिला स्तर पर भेजा जायेगा और जिला स्तर से बैंक के प्रस्ताव का परीक्षण करने के बाद उसे अनुमोदित कर स्वीकृति की कार्यवाही की जायेगी। सभी जनपद पंचायतों को पर्याप्त संख्या में पिंक-1 आवेदन उपलब्ध कराये जा रहे हैं।

उप संचालक कृषि ने बताया कि इस संबंध में जिले की सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि 14 जनवरी को सभी ग्राम सचिवों और रोजगार सहायकों की बैठक लेकर उन्हें कार्य संपादित करने के संबंध में मार्गदर्शन दे और नामजद नोडल अधिकारी की नियुक्ति करें। यह नोडल अधिकारी वर्ग-3 स्तर का होना चाहिये। प्रत्येक ग्राम पंचायत में कृषकों को सूचित करने के लिये अनिवार्य रूप से मुनादी कराये ताकि निर्धारित समयावधि में कृषकों से आवेदन पत्र प्राप्त किये जा सके। बैंकों द्वारा जारी सूची में से उस समय जिन कृषकों द्वारा आवेदन नहीं दिया गया है, उन्हीं कृषकों से पिंक-1 आवेदन भरवायें और आवेदन प्राप्ति की पावती कृषकों को दें। आवेदन प्राप्त करने के बाद नोडल अधिकारी सभी आवेदनों को जनपद पंचायत कार्यालय में जमा करायेंगे।

ग्यास अहमद रिपोर्ट

 

13-01-2020
प्रभावी परिवहन न होने से 22 केन्द्रों मे 7. 25 लाख कट्टा धान जाम

रायपुर। परिवहन की शुरुआत मे विलंब होने व प्रभावी परिवहन न होने से आरँग व मँदिरहसौद सहकारी बैंक शाखा के अधीनस्थ बनाये गये 22 धान उपार्जन केन्द्रों मे तकरीबन सवा सात लाख कट्टा धान जाम हो चला है। किसान सँघर्ष समिति ने प्रतिकूल मौसम की वजह से सीमित सँसाधनोँ मे समितियों द्वारा इस जाम धान की सुरक्षा कर पाना असंभव होने व सूखत की भरपायी से समितियों की हालत खस्ता हो जाने की बात कहते हुए तुरन्त जाम धान का परिवहन कराने का आग्रह शासन-प्रशासन से किया है। साथ ही आगाह किया है कि जाम धान की वजह से देर सबेर कई केन्द्रों मे धान खरीदी भी प्रभावित हो सकता है।

कई धान उपार्जन केन्द्रों का दौरा करने व समितियों के सँचालक मँडल के सदस्यों से चर्चा व मिली जानकारी के आधार पर समिति सँयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने जानकारी दी है कि केन्द्रीय सहकारी बैंक शाखा आरँग के अधीन आने वाले 15 धान उपार्जन केन्द्रों मे साप्ताहिक धान खरीदी बँद होने की तिथि बीते शुक्रवार की स्थिति मे तकरीबन 5 लाख 70 हजार कट्टा व मँदिरहसौद शाखा के अधीनस्थ 7 केन्द्रों मे तकरीबन डेढ लाख कट्टा धान परिवहन का इन्तजार करते जाम पड़ा था । आरँग के गुल्लू केन्द्र मे लगभग 70 हजार कट्टा, बाना मे 56 हजार, गौरभाट व रीवाँ मे 43-43 हजार, फरफौद मे 42 हजार, आरँग मे 38 हजार, चपरीद मे 36 हजार, मोखला-भानसोज व गोविंदा मे 35-35 हजार, लखौली मे 32 हजार, जरौद व खमतराई मे 31-31 हजार, भिलाई मे 24 हजार व पँधी मे  17 हजार कट्टा तथा मँदिरहसौद के गोढी मे 35 हजार, टेकारी व गनौद मे 28-28 हजार, मँदिरहसौद मे 20 हजार, उमरिया मे 15 हजार तथा बरौदा मे 5 हजार कट्टा धान जाम था। शर्मा का कहना है कि शासन द्वारा प्रत्येक उपार्जन केन्द्र के लिये निर्धारित बफर स्टाक से भी अधिक धान इन केन्द्रों मे परिवहन के इन्तजार मे है। तीन दिनों के भीतर उठाव का निर्देश होने के बाद भी प्रभावी परिवहन नहीं हो रहा है और इसके चलते सूखत के नुकसानी का भरपायी सीमित सँसाधनोँ वाले समितियों को करना पडता है जिसके चलते समितियों की आर्थिक स्थिति गड़बड़ाती है। इसके अतिरिक्त बेमौसम हुई बारिश के चलते जाम धान की गुणवत्ता बनाये रखना भी समितियों के लिये अपने सीमित सँसाधनोँ के भरोसे असँभव है। इन हालातों के मद्देनजर तत्काल धान का प्रभावी परिवहन की व्यवस्था का आग्रह करते हुये जाम धान की वजह से कई केन्द्रों मे खरीदी व्यवस्था लड़खड़ाने की भी आशंका उन्होंने व्यक्त की है ।

15-10-2019
क्या अब बैंकों पर भरोसा कर पाएगी जनता...?  

मुंबई। पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक के 51 वर्षीय संजय गुलाटी का जमाकर्ताओं द्वारा विरोध रैली में हिस्सा लेने के बाद निधन हो गया। संजय गुलाटी के निधन पर राजनीतिक विश्लेषक और समाजसेवी प्रकाशपुंज पाण्डेय ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि इस पीड़ा की घड़ी में शोकाकुल परिवार को इस भारी दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन जवाब दें कि देश में आए दिन बैंकों के स्कैम (घोटाले) सामने आ रहे है,जिससे आम जनता की जमा पूँजी एक झटके में खत्म हो रही है या खतरे में पड़ रही है। संजय गुलाटी जैसे कितने लोग ही इस घोटालें के भेंट चढ़ रही हैं। आखिर इनका क्या कसूर है, जो ये सब आम जनता को झेलना पड़ रहा है। आगे वे कहते हैं कि एक तरफ केंद्र योजना और जागरूकता अभियान के तहत लोगों को जागरूक कर रही है कि आप अपने पैसे बैंक में रखे और डिजिटल लेन-देन करे और ऐसे में कई लोग ऑनलाइन ठगी या फिर इस तरह के बैंक घोटालों में बर्बाद हो रहे हैं। इस तरह से बैंक घोटालों से अपनी जिंदगी से हाथ धो रहे हैं। संजय गुलाटी ने भी पीएमसी में 90 लाख रुपये जमा कर रखे थे, घोटाले की ख़बर सुनते ही उनके होश फाख्ता हो गए। संजय निवेशकों के साथ सोमवार को एक रैली में शामिल हुए थे। उन्होंने वहाँ निवेशकों को रोते हुए, पैसे लौटाने के लिए गिड़गिड़ाते हुए देखा। लोगों के दिल में भरी टीस देखने के बाद जब वह घर लौटे तो कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई।

बैंक के इस घोटाले के लिए कौन जिम्मेदार है...?
नोट-बंदी के समय भी देशभर में न जाने कितने लोगों ने अपनी जान बैंकों की लंबी लंबी-लंबी लाइनों में लग कर गवाँ दी, जिसकी ज़िम्मेदारी भी अभी तय होना बाकी है और उसके बाद से लगातार इस तरह बैंक घोटालों की ख़बरें आ रही हैं। कुछ व्यापारी, सरकारी सांठगांठ से बैंकों का पैसा लेकर मोदी सरकार के नाक के नीचे से विदेश भाग जाते हैं और सरकार मूक दर्शक बने देखती रही। प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने सवाल उठाया है कि अब जनता जानना चाहती है कि केंद्र सरकार और वित्त मंत्री जनता के पैसों को सुरक्षित रखने के लिए कौन से नए नियम ला रही है, जिससे इस तरह से जनता के पैसे न डूबे और न ही इस वजह से किसी निर्दोष की जान जाए। यह सरकार को स्पष्ट करना होगा।

 

13-10-2019
कहीं इस बैंक में तो नहीं आपका खाता, यहां भी हुआ है घोटाला

मुंबई। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक पर छह महीने का प्रतिबंध लगा दिया था। अब देश के एक और को-ऑपरेटिव बैंक पर इसका खतरा मंडरा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि पीएमसी के बाद अब इस बैंक में भी घोटाला सामने आया है। इस बैंक का नाम है शिवाजीराव भोसले सहकारी बैंक। शिवाजीराव भोसले सहकारी बैंक के कामकाज में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। इसके मद्देनजर बैंक के निदेशक मडंल को भी बर्खास्त कर दिया है, जिसके बाद प्रशासक की नियुक्ति की गई है। बता दें कि बैंक के प्रमोटर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य अनिल शिवाजीराव भोसले हैं।

मामले में बैंकों के खाताधारकों के मामलों को बढ़ाने वाले ग्रुप के सदस्य मिहिर थाटे ने कहा कि फर्जी कर्जदारों को 300 करोड़ रुपए का कर्ज वितरित करने की वजह से यह मुसीबत आई है। इसकी वजह से बैंक के करीब एक लाख खाताधारकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खाताधारक बैंक से अपने पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं। सहकारिता आयुक्त सतीश सोने ने आदेश जारी कर कहा है कि अप्रैल 2019 में आरबीआई द्वारा एक स्पेशल जांच की गई थी। जांच के दौरान बैंक के कामकाज में भारी अनियमितताएं पाई गईं थीं। आदेश में यह भी कहा गया था कि निदेशक मंडल के स्थान पर उप-जिला रजिस्ट्रार नारायण आघव को प्रशासक नियुक्त किया गया है। 

16-09-2019
शातिर ठग ने अपने चाचा, नाना को नहीं बख्शा, किया ये कारनामा...

कोरिया। जिले के पटना थाना अंतर्गत एक शातिर ठग ने अपने ही नाना व चाचा को हजारों रुपए का चूना लगा दिया। अब दोनों पीड़ित थाने के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।मामले में मिली जानकारी के अनुसार छिंदिया निवासी आलम शाह पिता बाबूलाल उम्र 70 वर्ष के सहकारी बैंक के खाते में फसल बीमा की राशि 23,439 रुपए जमा हुई। इसकी जानकारी उसके नाती अरूण सिंह को हुई तो उसने आलम शाह को कहा कि मेरा फसल बीमा का पैसा आपके खाता में आ गया। यह कह कर अरुण ने बहला फुसलाकर अपने नाना के खाते से 20 हजार रुपए निकलवा लिए। चूंकि अरूण उसका नाती लगता था तो आलम शाह ने उस पर भरोसा कर लिया। इसी प्रकार अरुण ने अपने चाचा केदारनाथ निवासी छिंदिया को भी गुमराह कर उसके खाते से 35 हजार रुपए निकलवा लिए।
जब अन्य किसानों के खाते में फसल बीमा का पैसा आया तब दोनों पीड़ितों को इसकी जानकारी हुई। अरुण से पैसे मांगने पर उसने पटना समिति के कम्प्यूटर ऑपरेटर को आधा पैसा देना बताया। जब दोनों पीड़ितों को रकम वापस नही मिली तब थक हार कर दोनों ने पटना पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई है।

 

22-07-2019
समिति सलका में मनाया गया ऋण मुक्ति प्रमाण पत्र वितरण तिहार 

उदयपुर। विकासखंड उदयपुर अंतर्गत समिति सलका में विशाल ऋण मुक्ति प्रमाण-पत्र वितरण तिहार मनाया गया। अतिथियों के स्वागत पश्चात् शुरू हुए कार्यक्रम में लगभग 500 कृषकों को 2 करोड़ से अधिक राशि का ऋण मुक्ति प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रमाण-पत्र वितरण से पूर्व गांव के सरपंच राम सिंह, जनपद उपाध्यक्ष राजीव सिंह देव एवं विधायक प्रतिनिधि सिद्धार्थ सिंहदेव ने सभा को संबोधित किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र के विधायक एवं स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव के अथक प्रयासों से किसानों को ऋणमुक्ति मिली है। इसका भरपूर लाभ किसानों को उठाना चाहिए, राजीव सिंह देव ने कहा कि ऋणमुक्ति के अतिरिक्त सभी परिवारों को नवीन राशन कार्ड बनाने का कार्य भी किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सलका समिति सरगुजा संभाग की सबसे अच्छी समिति है, जहां पर सबसे कम डिफाल्टर कृषक हैं। सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक आरके खरे ने कहा कि सभी बचत खाता एवं केसीसीधारक कृषक अपना एटीएम कार्ड शाखा से जरूर प्राप्त करें एवं अपनी राशि बैंक की बचत योजनाओं में रखे। खरे ने महिला कृषकों से अपने बच्चों के नाम पर आरडी खाता खोलने की बात कही। इससे पूर्व समिति के अध्यक्ष खेम सिंह,  समिति प्रबंधक सलका जनक दास ने अतिथियों को माल्यार्पण से स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन शाखा प्रबंधक आरके खरे व आभार प्रदर्शन शाखा उदयपुर के सहायक लेखापाल महेश मिश्रा ने किया। समिति कर्मचारी जनक दास, रोशनी सिंह, विलास सिंह, मिथलेश प्रधान, गुलाब दास आदि का कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष योगदान रहा। 

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