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10-02-2020
खेल प्राधिकरण गठन के साथ-साथ छग में हो खेल विश्वविद्यालय की स्थापना : एबीवीपी

धमतरी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण के गठन किए जाने एवं परीक्षा के दौरान 10वीं तथा 12वीं के परीक्षार्थियों की ओर से बस के किराये में पूरी छूट दिए जाने जैसे महत्त्वपूर्ण निर्णयों का स्वागत करती है। एबीवीपी प्रदेश मंत्री शुभम जायसवाल ने बताया कि नवगठित छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण ने अपनी पहली ही बैठक में जिस तरह पारम्परिक खेलों के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय खेलों के प्रोत्साहन के लिए योजना बनाई वह अभिनन्दनीय है। प्रदेश में खेलों एवं खिलाड़ियों को उचित प्रोत्साहन न मिल पाने के कारण प्रतिभाओं का दम तोड़ना, इन खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं के निर्माण एवं उनके उचित क्रियान्वयन के महत्त्व को रेखांकित कर रहा हैं।

हम इस विषय पर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट करना चाहेंगे कि छत्तीसगढ़ गठन के 19 वर्षों के बाद भी हमारा राज्य आज एक खेल विश्वविद्यालय के लिए तरस रहा है। परिषद् का यह सुविचारित मत है कि प्रदेश में एक सर्वसुविधासम्पन्न खेल विश्वविद्यालय खेलों एवं खिलाड़ियों के विकास के लिये आवश्यक है। गत दिनों अभाविप के 52वें प्रदेश अधिवेशन में भी खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के विषय में सर्वसम्मति से मांग प्रस्ताव पारित किया गया था। प्रदेश में खेलों की उपेक्षा का अनुमान तो इस बात से ही लग जाता है कि जहां सभी जिलों में भारतीय खेल प्राधिकरण के सेंटर होने चाहिए वहां प्रदेश के कुछ ही स्थानों पर ये सेंटर चल रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सरकार से यह अपेक्षा रखती है कि वह छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण के सेंटर प्रत्येक जिलों में स्थापित कर अधिक से अधिक युवाओं को खेल के अवसर प्रदान करेगी, जिससे छत्तीसगढ़ भी खेल के क्षेत्र में अपनी बेहतर स्थिति दर्ज करा सकेगा।

09-02-2020
भूपेश सरकार के दो फैसलों के साथ एबीवीपी, इस निर्णय का किया समर्थन...

रायपुर। भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण के गठन और 10वीं-12वीं के परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र दिखाने पर बस किराए में छूट का निर्णय लिया है। इन दोनों फैसलों का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्वागत किया है। अभाविप विभाग संयोजक विकास मित्तल ने कहा कि नवगठित छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण ने अपनी पहली ही बैठक में जिस तरह पारम्परिक खेलों के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय खेलों के प्रोत्साहन के लिए योजना बनाई वह अभिनन्दनीय है। प्रदेश में खेलों एवं खिलाड़ियों को उचित प्रोत्साहन न मिल पाने के कारण प्रतिभाओं का दम तोड़ना, इन खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने वाली योजनाओं के निर्माण एवं उनके उचित क्रियान्वयन के महत्त्व को रेखांकित कर रहा है।

मित्तल ने कहा कि अभाविप सरकार का ध्यान आकृष्ट करना चाहती है कि छत्तीसगढ़ गठन के 19 वर्षों के बाद भी हमारा राज्य आज एक खेल विश्वविद्यालय के लिए तरस रहा है। परिषद् का यह मत है कि प्रदेश में एक सर्वसुविधासम्पन्न खेल विश्वविद्यालय खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए आवश्यक है। विकास ने कहा कि प्रदेश में खेलों की उपेक्षा का अनुमान तो इस बात से ही लग जाता है कि जहाँ सभी जिलों में भारतीय खेल प्राधिकरण के सेंटर होने चाहिए वहाँ प्रदेश के कुछ ही स्थानों पर ये सेंटर चल रहे हैं। प्रदेश सरकार से अपेक्षा है कि वह छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण के सेंटर प्रत्येक जिलों में स्थापित कर अधिक से अधिक युवाओं को खेल के अवसर प्रदान करेगी, जिससे छत्तीसगढ़ भी खेल के क्षेत्र में अपनी बेहतर स्थिति दर्ज करा सकेगा। 

 

14-09-2019
हरियाणा के पहले खेल विवि के पहले कुलपति होंगे कपिल देव

चंडीगढ़। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव राई खेल विश्वविद्यालय के पहले कुलपति नियुक्त किए जाएंगे। खेलमंत्री अनिल विज ने ट्वीट करके यह जानकारी दी है। बता दें कि सोनीपत के राई में मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोट्र्स कैंपस में ही इस खेल यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई है।  यूनिवर्सिटी के बाकी स्टाफ  की नियुक्ति भी जल्दी कर दी जाएगी। ज्ञात हो कि किसी भी यूनिवर्सिटी के कुलपति का पद प्रदेश के राज्यपाल को दिया जाता है, लेकिन हरियाणा में इस नियुक्ति को लेकर कानून बदला गया है और पहली बार खेल जगत से जुड़े शख्स को इस पद पर नियुक्त किया गया है। हालांकि राज्यपाल संरक्षक की भूमिका में रहेंगे। गौरतलब हो कि हरियाणा सरकार ने पिछले महीने मानसून सत्र में प्रदेश की पहली स्पोट्र्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की थी। 

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