GLIBS
22-02-2020
सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़, लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर समेत दो ढेर

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर सहित दो आतंकवादी मारे गए। बता दें कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के आधार पर राष्ट्रीय राइफल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल तथा जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान दल के जवानों ने शुक्रवार की देर रात अनंतनाग जिले के संगम में संयुक्त रूप से घेराबंदी तथा तलाश अभियान शुरू किया। इस दौरान सुरक्षा बलों के जवानों की वहां छुपे हुए आतंकवादियों से मुठभेड़ हो गयी। सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान शनिवार तड़के लश्कर के दो आतंकवादी मारे गए। सूत्रों के अनुसार घटना स्थल से मारे गये आतंकवादियों के शव और हथियार तथा गोलाबारूद बरामद किए गए हैं। मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान लश्कर के शीर्ष कमांडर फुरकान के तौर पर हुई है। सूत्रों ने बताया कि किसी तरह के प्रदर्शन को रोकने के लिए आस-पास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है।

21-02-2020
एफएटीएफ ने पाक को दी चेतावनी, कहा- चार महीने में नहीं सुधरा तो होगा ब्लैकलिस्ट

नई दिल्ली। एफएटीएफ ने पाक को चेतावनी देते हुए चार महीने में सुधरने का मौका दिया है। एफएटीएफ ने कहा है कि अगर पाक जून 2020 तक नहीं सुधरा पाक तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। पाकिस्तान को पिछले साल अक्टूबर में आतंक को पनाह देने और फंड मुहैया कराने के कारण ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया था। पाकिस्तान पर आरोप था कि वह लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों को फंड देता है। दरअसल फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने में पाकिस्तान विफल रहा है। बता दें कि एफएटीएफ की बैठक में शुक्रवार को यह फैसला लिया गया। यह बैठक फ्रांस की राजधानी पेरिस में 16 फरवरी से चल रही थी। इस बैठक में पाकिस्तानी दल का नेतृत्व पाकिस्तान के वित्त मंत्री हम्माद अजहर कर रहे थे। बता दें कि पाक को जून 2020 तक का समय दिया गया है। इस समय अवधि में उसे 27 प्वाइंट एक्शन प्लान पर काम करना होगा। अगर वह इसमें कामयाब हो जाता है तो ग्रे-लिस्ट से बाहर आ सकता है। लेकिन अगर वह इस पर अमल करने में विफल रहा तो ब्लैक लिस्ट में जा सकता है। हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि वह ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने के अपने प्रयास से संतुष्ट है। वह जून तक सभी शर्तों पर काम पूरा कर लेगा और ग्रे लिस्ट से बाहर निकल जाएगा। आतंकवाद को समर्थन देने के कारण फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पिछले साल अक्टूबर में उसे ग्रे-लिस्ट में डाल दिया था। पाकिस्तान पर आरोप था कि वह आतंकी संगठनों को फंड मुहैया कराने वाले नेटवर्क का समर्थन करता है. बाद में एफएटीएफ के दबाव के चलते पाकिस्तान ने दिखावे के लिए कुछ कदम उठाए लेकिन वह अपनी कार्रवाई से एफएटीएफ को संतुष्ट नहीं कर पाया है। 

07-11-2019
हिजबुल के चार ग्राउंड वर्करों को पुलिस ने किया गिरफ्तार  

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में पुलिस और सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षाबलों को गुरुवार को हिजबुल के चार ओवर ग्राउंड वर्कर के सोपोर में होने की सूचना मिली। पुलिस और सुरक्षाबलों ने बड़ी मुस्तैदी से इस अभियान को अंजाम देते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से हथियार और गोला बारूद बरामद हुआ है। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इन ओवर ग्राउंड वर्कर से पूछताछ में कई खुलासे हो सकते हैं। इससे पहले एक नवंबर को भी उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा इलाके से शुक्रवार को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के दो ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया था। उनके पास से तीन हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे। 21 राष्ट्रीय राइफल्स तथा एसओजी की ओर से हंदवाड़ा में नाका लगाया गया था। चेकिंग के दौरान दो संदिग्धों को रोका गया। पूछताछ में इन्होंने लश्कर के ओजीडब्ल्यू के रूप में काम करने की बात स्वीकार की। इनकी पहचान मागाम हंदवाड़ा के जफर व तजामुल के रूप में हुई थी।

ओवर ग्राउंड वर्कर

ओवर ग्राउंड वर्कर जिसे संक्षेप में ओजीडब्ल्यू कहा जाता है। ये आम लोगों की तरह रहकर आतंकियों के लिए काम करते हैं। किसी आतंकवादी घटना को अंजाम देने के लिए ये ओजीडब्ल्यू आतंकवादियों के लिए जमीन तैयार करते हैं। यह आतंकियों तक सुरक्षाबलों की सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही उनके लिए हथियार, पैसा और सुरक्षित ठिकाने का बंदोबस्त करते हैं। आतंकवादियों के साथ ही ये ओजीडब्ल्यू सेना के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हैं। सुरक्षाबलों के भारी दवाब के चलते आतंकी और उनके मददगार ओवर ग्राउंड वर्कर छिपे हुए हैं। सुरक्षाबलों ने ऐसी रणनीति बनाई है कि आम लोगों के साथ उनका संपर्क ही न होने पाए। इसके चलते पथराव की घटनाएं भी कम हुई हैं।

12-09-2019
पंजाब-जम्मू-कश्मीर बॉर्डर से एके-47 के साथ 3 आतंकी गिरफ्तार

नई दिल्ली। जम्‍मू के कठुआ से गुरुवार को तीन संदिग्‍ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। आतंकियों को पंजाब-जम्मू-कश्मीर बॉर्डर के लखनपुर से गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षाबलों को इनपुट मिला था कि एक ट्रक से हथियार ले जाया जा रहा है। इसके बाद सुरक्षाबलों ने ट्रक को पकड़ा और तीन आतंकियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया। इन आतंकियों के पास से पुलिस ने एके-47 राइफल बरामद की है। माना जा रहा है कि आतंकी घाटी में किसी बड़े हमले को अंजाम देने की फिराक में थे। एसएसपी कठुआ ने ट्रक के जब्त किए जाने की पुष्टि की है। बता दें कि जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस ने एक दिन पहले ही, लश्कर-ए-तैयबा के टॉप आतंकी को मार गिराया था। यह आतंकी बीते सप्ताह सोपोर में सेब व्यापारी के परिवार पर हुए हमले के लिए यह जिम्मेदार था। हमले में एक तीन साल की बच्ची भी घायल हो गई थी।

 

 

11-09-2019
जम्‍मू-कश्‍मीर : सोपोर में एनकाउंटर में मारा गया लश्‍कर का मोस्ट वांडेट आतंकी

श्रीनगर। जम्‍मू-कश्‍मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों ने पाकिस्‍तान के आतंकी संगठन लश्‍कर-ए-तैयबा के टॉप आतंकी आसिफ को ढेर कर दिया है। आसिफ को बुधवार हुए एक एनकाउंटर में ढेर किया गया है। कश्‍मीर की मीडिया के मुताबिक आसिफ ने हाल ही में सोपोर में ही एक फल व्‍यापारी के परिवार के तीन सदस्‍यों को गोली मार दी थी। घायलों में एक छह साल की बच्‍ची अस्‍मां जान भी है। आसिफ ने एक अप्रवासी मजदूर शफी आलम की भी हत्‍या की थी। बताया जा रहा है कि आसिफ एक कार से कहीं जा रहा था जब सुरक्षाबलों को नाके पर उसके बारे में पता चला। उसे रुकने के लिए कहा गया लेकिन वह नहीं रुका और उसने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद जवानों की तरफ से उसे जवाब दिया गया और गोलीबारी में उसकी मौत हो गई। सेना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पिछले माह पांच से सात आतंकी एलओसी पर ढेर किए गए हैं।

05-09-2019
पाकिस्तान ने एलओसी पर तैनात किए 2 हजार सैनिक  

नई दिल्ली। कश्मीर मसले पर अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती झेल चुका पाकिस्तान अब जंग की ढोल पीट रहा है। परमाणु युद्ध की खोखली धमकी देने के बाद अब पाकिस्तान ने नई पैंतरेबाजी करते हुए सीमा से सटे बाघ और कोटली सेक्टर में 2000 से ज्यादा सैनिकों को तैनात किया है। यह स्थान नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित है। भारतीय सेना के सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि इन सैनिकों को बैरकों से निकालकर एलओसी के 30 किलोमीटर के दायरे में तैनात किया गया है। भारतीय सेना पाकिस्तान के इस मूवमेंट पर करीब से नजर रखे हुए है। पाक ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब उसके आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद ने स्थानीय और अफगानों की बड़े पैमाने पर भर्ती करनी शुरू कर दी है।
बता दें कि पाकिस्तान ने पहले ही गिलगित बाल्टिस्तान में स्थित स्कर्दू हवाई अड्डे पर अपने जेएफ-17 युद्ध विमानों को तैनात कर दिया है। यह हवाई अड्डा लद्दाख के नजदीक है। भारतीय खुफिया एजेंसियां पाकिस्तानी सेना की इन गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार तनाव के बीच पाकिस्तानी सेना लद्दाख के नजदीक स्थित अपनी अग्रिम चौकियों पर भारी हथियार और सैन्य साजो-सामान को एकत्रित कर रही है। पाकिस्तानी वायुसेना के तीन सी-130 हरक्यूलस परिवहन विमानों ने सैन्य साजो-सामान को गिलगित बाल्टिस्तान में स्कर्दू हवाई अड्डे पर पहुंचाया। पाकिस्तान ने अग्रिम मोर्चे पर जो साजो-सामानों पहुंचाया है उसका उपयोग युद्ध के दौरान लड़ाकू विमानों की सहायता के लिए किया जाता है। पाकिस्तान द्वारा किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए भारतीय सेना और वायुसेना भी पूरी तरह से तैयार है। भारत की खुफिया एजेंसियां पाकिस्तान  की हर हरकत पर नजर बनाए हुए हैं। सीमा पर सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया है। सेना, वायुसेना और नौसेना अपनी ताकत में लगातार इजाफा कर रही हैं। इस बाबत रक्षा खरीदारियों में भी तेजी देखी जा रही है।

04-09-2019
गिरफ्तार आतंकियों ने कबूला पाकिस्तानी फौज करती है मदद 

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने बुधवार को पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी। सेना और पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 21 अगस्त को लश्कर-ए-तैयबा के 2 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। सेना की तरफ से दोनों आतंकियों का कबूलनामा जारी किया गया। आतंकियों ने बताया कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के उस तरफ पाकिस्तानी फौज हमारी मदद कर रही है। पाक फौज की मदद से ही हमें घुसपैठ और हमले की ट्रेनिंग मिली। सेना के लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने कहा, ‘‘कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने के लिए पाक आर्मी एलओसी पर हर रोज ज्यादा से ज्यादा आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश रही है। 15 आतंकी घुसपैठ और हमले की फिराक में हैं। आतंकियों ने भी अपने बयान में यही कबूला है। सबसे ज्यादा घटनाएं राजौरी और घाटी क्षेत्र में हुईं। पांच से सात आतंकी हर रोज घुसपैठ की कोशिश कर रहे। हमारी सेना माकूल जवाब दे रही है। फिलहाल स्थितियां नियंत्रण में हैं। ले. जनरल ढिल्लन ने कहा कि6 अगस्त को पत्थरबाजी के दौरान जख्मी हुए कश्मीरी नागरिक असरार अहमद खान की बुधवार को मौत हो गई। पिछले 30 दिन में यह पांचवें कश्मीरी नागरिक की मौत है। यह सब पाकिस्तान के आतंकियों, पत्थरबाजों और कठपुतलियों की वजह से हो रहा है।’’

25-08-2019
श्रीलंका के रास्ते भारत में घुसे लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध पकड़े गए 

नई दिल्ली। पुलिस ने केरल और तमिलनाडु में लश्कर-ए-तैयबा के ऐसे कई आतंकियों को हिरासत में लिया है, जो श्रीलंका से भारत में घुसे थे और देश भर में बड़ी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में थे। तमिलनाडु में पुलिस ने छह ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में लिया है, जो लश्कर से ताल्लुक रखते थे और श्रीलंका के रास्ते देश की सीमा में दाखिल हुए थे। कोयंबटूर में भी तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनके भी रिश्ते लश्कर-ए-तैयबा से थे। केरल और तमिलनाडु की पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। केरल पुलिस ने इसी कड़ी में एक ऐसे व्यक्ति को भी पकड़ा है जो 2 दिन पहले ही बहरीन से लौटा है। इस धरपकड़ के बाद भारत और श्रीलंका से सटे समुद्र तटीय इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है। नौसेना हाई अलर्ट पर है।

हर संदिग्ध व्यक्ति की पूछताछ की जा रही है। खासतौर पर मन्नार की खाड़ी और पाल्क स्ट्रेट पर नौसेना और कोस्ट गार्ड दोनों ही चौकन्ना निगाहें रखे हुए हैं। इससे पहले श्रीलंका में हुए आतंकी हमलों का संबंध तमिलनाडु और केरल में बैठे आतंकियों के सिंडिकेट से पाया गया था। खुफिया एजेंसियों को शक है कि श्रीलंका के बाद यही सिंडिकेट भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में है और इसके पीछे पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई का दिमाग है। खुफिया जानकारी के मुताबिक ये आतंकी तमिलनाडु और केरल के जरिए देश के दूसरे हिस्सों में घुसपैठ करने की फिराक में थे। दिल्ली भी इनके निशाने पर थी। अब इस बात की छानबीन की जा रही है कि क्या इस सिंडिकेट के दूसरे आतंकी पहले ही अपने मिशन पर निकल चुके हैं? इस बीच केरल और तमिलनाडु में मंदिर मस्जिद और गिरजा घरों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

23-08-2019
श्रीलंका के रास्ते भारत में दाखिल हुए लश्‍कर के 6 आतंकी, तमिलनाडु में अलर्ट

नई दिल्ली। श्रीलंका के रास्ते लश्‍कर-ए-तैयबा के 6 आतंकियों के भारत में घुसने की खुफिया सूचना मिली है। इसके बाद तमिलनाडु में अलर्ट जारी किया गया है, वहीं राज्‍य के कोयंबटूर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु में लश्‍कर के जिन 6 आतंकियों के घुसने की खुफिया सूचना मिली है। उसके मुताबिक इनमें से एक शख्‍स पाकिस्‍तानी नागरिक है। जबकि अन्‍य श्रीलंका से ताल्‍लुक रखने वाले तमिल मुस्लिम हैं। खुफिया सूचना में कथ‍ित तौर पर यह भी कहा गया है कि ये लोग तमिल हिन्‍दुओं के जैसे कपड़े पहनकर घूम रहे हैं। इतना ही नहीं लोगों को धोखा देने के लिए वे माथे पर तिलक और विभूति भी लगा रहे हैं, ताकि कोई उन्‍हें पहचान न कर सके। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को खास सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

कोयंबटूर और चेन्‍नई के कमिश्‍नर ने इसकी पुष्टि की है कि उन्‍हें कुछ संदिग्‍ध लोगों की गतिविधियों के बारे में खुफिया सूचना मिली है, जिसके आधार पर वे अतिरिक्‍त सतर्कता बरत रहे हैं। प्रदेश में संदिग्‍ध गतिधियों की खुफिया सूचना मिलने के बाद यहां विभिन्‍न इलाकों में गश्‍त बढ़ा दी गई है। खासकर तटवर्ती शहरों में अतिरिक्‍त चौकसी बरती जा रही है। इसके अतिरिक्‍त विभिन्‍न स्‍थानों पर सुरक्षा जांच भी बढ़ा दी गई है और आवश्‍यक कदम उठाए जा रहे हैं।

07-07-2019
आतंकी संगठन जैश और लश्कर ने बदले ट्रेनिंग ठिकाने, अफगानिस्तान बना नया अड्डा

नई दिल्ली। आतंकी समूहों जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के बेस कैंप पाकिस्तान से अफगानिस्तान के कुनार, नंगरहार, नूरिस्तान और कंधार में शिफ्ट किए गए हैं। खबर के अनुसार, भारतीय वायुसेना द्वारा बालाकोट में आतंकी शिविर पर एयरस्ट्राइक के बाद आतंकवादी संगठन अफगानिस्तान शिफ्ट हो गए है।

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को अफगानिस्तान बॉर्डर पर स्थित डुरंड रेखा पार आतंकी संगठन अपने चरमपंथी कैडर को विध्वंसक गतिविधि का प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह शायद इस कारण से है कि मोदी सरकार ने पाकिस्तान की इमरान खान सरकार को 1-2 जुलाई को 15 से अधिक जैश नेताओं और आतंकवादी फंडिंग से जुड़े पांच चैरिटी संगठनों पर कार्रवाई करने को कहा था। भारत ने पाकिस्तान को इस बार आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है और साफ किया है कि इस बार की कार्रवाई दिखावा नहीं होनी चाहिए। 

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकवादी संगठनों को डूरंड लाइन पार शिफ्ट करने की सबसे बड़ी वजह पाकिस्तान ब्लैक लिस्ट में बचने के लिए की है। फाइनेंस एक्शन ट्रास्क फोर्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस इस अंत में पेरिस में होने वाली है और उसकी ब्लैक लिस्ट में शामिल होने से बचने के लिए कदम उठाया है। सीमा पार से मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्तपोषण पर शिकंजा कसने के लिए गठित बहुपक्षीय निकाय ने पाकिस्तान को ग्रे सूची में रखा है।

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804