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25-08-2020
भूपेश बघेल ने कहा मरवाही में जन्म लेकर दिल्ली तक सक्रिय रहे अजीत जोगी, जीते जी वे मिथक बन गए थे...

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को श्रद्धांजलि देकर विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत हुई। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे जीते जी मिथक बन गए थे। किदवंती बन गये थे भाषण, लेखनी से प्रभावित हुए बिना कोई नहीं रह सकता था। उनके जाने से प्रदेश और सदन को अपूरणीय क्षति हुई है। बघेल ने अजीत जोगी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राजकुमार कॉलेज में उन्होंने कहा था मैं सपनों का सौदागर हूं। वे सर्वहारा वर्ग के लिए लड़ते रहे। जब सूखा पढ़ा तो कोष खाली था, उस वक़्त उन्होंने राहत दी, पानी की व्यवस्था दी। बड़ा काम था। नवगठित तीन राज्यों में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था अच्छी रही। राज्य वित्तीय प्रबंधन अच्छा रहा है तो नींव मज़बूत रहा तो मकान अच्छा बना। बघेल ने कहा कि 2008 के 2013 के बीच सदन में आया था, तो उन्होंने कार में बैठते कहा कि भूपेश तुम सक्रिय रहते हो तो अच्छा रहता है।

वे सेंट्रल पॉइंट में राजनीति करते थे। उनकी जिजीविषा है कि मरवाही में जन्म लेकर दिल्ली तक सक्रिय रहे। उन्होंने मेडिकल साइंस को विफल साबित कर दिया। मेडिकल साइंस कहती थी 10 साल जीवित रहेंगे। मरवाही-पेंड्रा-गौरेला ज़िला बनने पर वो काफी खुश थे। उन्होंने कहा कि मैंने कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाया।इसके पूर्व अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अजीत जोगी के उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर बलिहार सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री राजा नरेश सिंह, नक्सली घटना को शहीदों और भारत चीन सीमा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने अजीत जोगी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। आईपीएस और आईएएस के रूप में सफल हुए। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया। अविभाजित मध्यप्रदेश में कलेक्टर के रूप में कई जिलों में उन्होंने काम किया। छत्तीसगढ़ में भी कलेक्टर के रूप में उन्होंने काम किया। कलेक्टर के रूप में काम करते हुए राजनीति के क्षेत्र से उनका जो लगाव उसे सब जानते हैं। राज्यसभा के सांसद के रूप में निर्वाचित हुए।

29-06-2020
अजीत जोगी का जीवन अदम्य साहस से भरा था, उनका व्यक्तित्व और कृतित्व प्रेरणादायी : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को सागौन बंगला में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की आत्मा की शांति के लिए आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना व श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत अजीत जोगी की पत्नी डॉ. रेणु जोगी और उनके पुत्र अमित जोगी से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जोगी का जीवन हम सबको हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। संघर्ष के लिए, माटी के प्रति प्रेम और लक्ष्य प्राप्ति की लगन के लिए। जोगी का जीवन अदम्य साहस से भरा हुआ था। जोगी ने कभी अपने जीवन में हार नहीं मानी। चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो या प्रशासनिक अधिकारी के रूप में हो या फिर लेखन, विचार या राजनीति का क्षेत्र हो। जोगी ने प्रत्येक क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने गांव से निकलकर राजधानी तक के सफर में अनेक ऊंचाईयों को हासिल किया। उन्होंने जब से राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा तब से कभी पीछे पलटकर नहीं देखा। राजनीति के इस सफर में उन्होंने अनेक उतार-चढ़ाव को भी देखा, परंतु इसमें उन्हें कभी भी टूटते हुए, रूकते हुए नहीं देखा और हमने उन्हें हमेशा आगे बढ़ते हुए पाया। उन्होंने कहा कि जोगी के निधन से छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक शून्यता आई है, जो हम सबके लिए अपूरणीय क्षति है।

29-06-2020
अजीत जोगी की पहचान एक संघर्षशील व्यक्तित्व के रूप में रही : डॉ.चरणदास महंत

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत अपनी धर्मपत्नी ज्योत्सना महंत, सासंद कोरबा लोकसभा के साथ, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की शोकसभा सभा में शामिल हुए। उन्होंने दिवंगत अजीत जोगी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। शोकसभा में उपस्थित पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी, पुत्र अमित जोगी से भेंट कर अपनी ओर से संवदेनाएं प्रकट की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत ने कहा कि आत्मा अमर है। अजीत जोगी की पहचान एक संघर्षशील व्यक्तित्व के रूप में रही है, वे हम सबके बीच से पूरे संघर्षो के साथ पूरे सम्मान के साथ गए हैं। मैं इस बात को जानता हूं कि जोगी के तीन पितृ पुरूष रहे हैं प्रभु यीशु, कबीर साहेब, बाबा गुरूघासीदास।  इन तीनों गुरूओं ने हमें सिखाया है कि, प्रेम ही यीशु है, "लव इज गॉड" और इन्हें मानते हुए ही प्रदेश में गरीबों, अमीरों को प्यार दिया और आज की उपस्थिति इस बात को साबित करती है। डॉ. महंत ने ईश्वर से प्रार्थना की कि अजीत जोगी की आत्मा को ईश्वर अपने श्रीचरणों में लीन करें, समाहित करें, चिरशांति प्रदान करें। उनके परिजनों को और समस्त उनके चाहने वालों को संबल प्रदान करें। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की शोकसभा में डॉ. चरणदास महंत के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष पूर्व विधायक गुरुमुख सिंह होरा, पूर्व विधायक राजकमल सिंघानिया, वरिष्ठ कांग्रेसी सुभाष धुप्पड़, ओएसडी अमित पांडेय, पीसीसी प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी, युवक कांग्रेस प्रदेश सचिव अजहर रहमान ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

09-06-2020
अजीत जोगी के जाने के बाद विधायक प्रतिनिधि ने छोड़ी पार्टी, कांग्रेस का थामा दामन

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन के बाद उनके विधायक प्रतिनिधि ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया। विधायक प्रतिनिधि ज्ञानेन्द्र उपाध्याय ने राजीव भवन पहुंचकर कांग्रेस प्रवेश किया। अजीत जोगी के करीबी रहे ज्ञानेन्द्र ने कांग्रेस प्रवेश करने के बाद मुख्यमंत्री निवास जाकर भूपेश बघेल से मुलाकात भी की। ज्ञानेंद्र उपाध्याय 1980 से सक्रिय राजनीति में है, ये इस क्षेत्र से जनपद अध्यक्ष और मंडी अध्यक्ष भी रह चुके हैं। जनता कांग्रेस से पूर्व में भी बड़े नेताओं ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस प्रवेश किया है। इसके पूर्व जोगी के खास रहे और भी नेताओं ने पार्टी छोड़ कांग्रेस में वापसी की है। ज्ञानेंद्र उपाध्याय ने कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से अजीत जोगी के साथ रहे। अब वे इस दुनिया में नहीं है और मै अमित जोगी के साथ काम नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रभावित होकर कांग्रेस वापसी किए हैं।

30-05-2020
अजीत जोगी के अंतिम संस्कार में धरमलाल कौशिक सहित अन्य भाजपा नेता हुए शामिल

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर शोक व्यक्त किया है। शनिवार को गौरेला में उनके अंतिम संस्कार में प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक भी शामिल हुए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, राष्ट्रीय महामंत्री व सांसद सरोज पांडे, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह, सांसद रामविचार नेताम, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय, केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह, सहित अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

30-05-2020
ईसाई रीति रिवाज से अजीत जोगी का हुआ अंतिम संस्कार

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का शनिवार शाम गौरेला में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। ज्योतिपुर के ग्रेवयार्ड में ईसाई रीति रिवाज से अजीत जोगी का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के कई मंत्री, विधायक सहित अन्य दलों के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। अजीत जोगी का जन्म 29 अप्रैल 1946 हो हुआ था। 74 वर्ष की आयु में शुक्रवार 29 मई को उनका निधन हो गया।

 

30-05-2020
राजकीय शोक के दौरान दुर्ग निगम में राष्ट्रीय ध्वज झुकने के बजाय हुआ गायब 

दुर्ग। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के मृत्यु उपरांत पूरे राज्य में 3 दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। इसके तहत पूरे प्रदेश में सरकारी भवनों पर राजकीय ध्वज तिरंगा झंडा आधा झुका रहेगा। लेकिन दुर्ग नगर निगम में इस आदेश के विपरीत झंडा तो कहि दिखा नहीं। इसके विपरीत झंडारोहण वाला रोड ही लगा है। झंडा कहीं दिख ही नहीं रहा है। इस तरह की लापरवाही पूरे नगर निगम प्रशासन की लापरवाही को दर्शता है।

29-05-2020
भूपेश बघेल, मंत्री और विधायकों ने सागौन बंगला पहुंच अजीत जोगी को अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार देर शाम सागौन बंगला पहुंचे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अजीत जोगी की धर्मपत्नी रेणु जोगी और पुत्र अमित जोगी से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जोगी के जीवन को वे तीन हिस्सों में देखते हैं, जिसमें वे मेधावी छात्र, दक्ष प्रशासनिक अधिकारी और अच्छे राजनेता के रूप में नजर आते हैं।  विपरीत परिस्थिति में भी उन्होंने संघर्ष का दामन नहीं छोड़ा। लगातार समस्याओं से जूझने वाले बहुत ही जीवट और संघर्षशील व्यक्तित्व के धनी थे। छत्तीसगढ़ के माटीपुत्र अजीत जोगी के निधन से अपूरणीय क्षति हुई है। मुख्यमंत्री बघेल ने आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इसी तरह छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल के सदस्यों और विधायकों ने भी अजीत जोगी के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

 

29-05-2020
पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर ताम्रध्वज साहू ने जताया शोक

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने उन्हें नमन करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। गृहमंत्री साहू ने कहा है कि स्व.जोगी का छत्तीसगढ़ से बहुत स्नेह था। वे प्रतिभा के धनी थे,ऐसे विरले लोग ही होते हैं। स्व.जोगी इंजीनियर, आईपीएस, आईएएस थे। वे अविभाजित मध्यप्रदेश के कई जिलों के कलेक्टर रहे। वे सांसद,विधायक सहित अनेक राजनीति पदों पर रहकर जनता की सेवा की है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है।

 

29-05-2020
Video: अजीत जोगी के निधन पर भावुक हुई सांसद ज्योत्सना महंत, कही यह बात...

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन पर कोरबा सांसद ज्योत्सना  महंत ने संवेदना व्यक्त की है। सांसद महंत संवेदना व्यक्त करते हुए भावुक हो गई। सांसद ज्योत्सना महंत ने कही कि अजीत जोगी एक अच्छे प्रशासक और अच्छे नेता थे। अभी बहुत कुछ उनसे सीखना बाकी था। विश्वास नहीं हो रहा है कि जोगी जी हमारे बीच नहीं रहे। जोगी जी मुझे छोटी बहना मानते थे और मैं उन्हें अपना बड़ा भाई मानती थी। भले ही वो आज हमारे बीच नही है लेकिन छत्तीसगढ़ के जनता के दिलों में हमेशा राज करेंगे।

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