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13-09-2020
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए हर जनपद पंचायत में बनेंगे शेड, सिंहदेव ने कार्ययोजना की दी विस्तार से जानकारी

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने रविवार को रेडियो पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के विभिन्न आयामों की जानकारी दी। शाम साढ़े सात बजे आकाशवाणी रायपुर से प्रसारित विशेष कार्यक्रम हमर ग्रामसभा में उन्होंने मिशन के अंतर्गत प्रदेश को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए किए गए कार्यों और भावी कार्ययोजना की विस्तार से जानकारी दी।  सिंहदेव ने कहा कि, 2 अक्टूबर 2014 से 31 मार्च 2020 तक स्वच्छ भारत मिशन का पहला चरण संचालित किया गया। इस दौरान गांवों को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए प्रदेश भर में 35 लाख 23 हजार घरेलू शौचालय बनाए गए। 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2025 तक मिशन के दूसरे चरण के दौरान खुले में शौचमुक्त गांवों की स्थिति बनाए रखते हुए ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए गांवों और राष्ट्रीय राजमार्गों में पर्याप्त संख्या में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण की योजना है।

राष्ट्रीय राजमार्गों में बनने वाले सार्वजनिक शौचालयों में यात्रियों को विभिन्न सुविधाएं मुहैया कराने दुकान भी बनाए जाएंगे। स्वसहायता समूहों के माध्यम से इनके संचालन से ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा।मंत्री सिंहदेव ने कहा कि,गांवों में ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए प्रत्येक जनपद पंचायत क्षेत्र में 16 लाख रुपए की लागत से शेड का निर्माण किया जाएगा। यहां प्लास्टिक, सूखा और गीला कचरा को अलग-अलग कर उनका समुचित प्रबंधन किया जाएगा। जिन घरों में अभी तक शौचालय नहीं बने हैं, वहां निर्माण के लिए शासन की ओर से 12 हजार रुपए की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। पंचायत सचिव की ओर से शौचालय के बारे में ग्रामीणों को तकनीकी जानकारी दी जाती है। उन्होंने कार्यक्रम में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन एवं गौधन न्याय योजना के बारे में भी बताया।

09-09-2020
पंचायतों और गौठान समितियों के लिए सीमित संसाधनों के भरोसे मवेशियों की देखभाल कर पाना भगवान भरोसे : भूपेन्द्र शर्मा

रायपुर। राज्य सरकार की ओर से अब तक बनवाए गए आधे-अधूरे नवाचारी गौठानों में पहुंच रहे बाहरी आवारा मवेशियों का सीमित संसाधनों के भरोसे देखरेख कर पाना पंचायतों व गौठान समितियों के बस की बात नहीं है। इन मवेशियों के साथ होने वाले किसी अनहोनी के लिए शासन-प्रशासन द्वारा इनके कंधों पर बंदूक रख चलाने की प्रवृत्ति के चलते ये पंचायतें व समितियां सांसत में हैं और खासकर ग्रामीण राजनीति के कारण ज्यादा। इन्हें इस सांसत से छुटकारा दिलाने ऐसे मवेशियों के लिए अभ्यारण्य बनवाने सहित कई सुझावों को लेकर किसान संघर्ष समिति ने शासन के नुमाइंदों को ज्ञापन प्रेषित किया है । प्रदेश सरकार के मुखिया भूपेश बघेल व पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री टी .एस . सिंहदेव को मेल से व कृषि मंत्री रवीन्द्र चौबे तथा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास को व्हाट्सएप के द्वारा यह सुझावयुक्त ज्ञापन समिति संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने प्रेषित किया है । ज्ञापन मे अवैध कब्जों की वजह से बदरंग हो चले ग्रामों में सुराजी गांव योजना के तहत  वर्तमान परिवेश में नवाचारी गौठान निर्माण की परिकल्पना को व्यापक ग्रामहित में स्वागतेय ठहराते हुये लिखा गया है कि प्रदेश के 20599 ग्रामों में से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल 5000 गौठान निर्माण का लक्ष्य होने व तकरीबन 2200 गौठानों के अस्तित्व में आने की जानकारी मिली है ।

इन अस्तित्वधारी गौठानों के भी परिकल्पना के अनुरूप अब तक निर्माण न हो आधे - अधूरे रहने के बाद भी ऐसे आवारा मवेशियों को किसानों की फसल बचाने मजबूरन सीमित संसाधनों के भरोसे रखे जाने व इन मवेशियों के साथ हो रहे किसी अनहोनी के लिये पंचायत व गौठान समितियों को जिम्मेदार ठहराये जाने से आक्रोश पनपने की जानकारी भी ज्ञापन ‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌में‌ दिया गया है। नवाचारी गौठान न होने वाले ग्रामों के ग्रामीणों द्वारा अपने अनुपयोगी व अलाभप्रद मवेशियों सहित बाहर के ग्रामों से पहुंचने वाले ऐसे आवारा मवेशियों को धकेलते धकेलते इन‌ गोठानों तक पहुंचाने की वजह से हरेक ऐसे गोठानों में सैकड़ों की संख्या में ये मवेशिया अब तक इकट्ठे हो जाने की बात भी ज्ञापन में लिखा गया है। इन मवेशियों के संबंध में पूर्ववर्ती सरकार के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल सहित तात्कालिक मुख्य सचिव  अजय सिंह को सुझावयुक्त ज्ञापन सौंपे जाने व इस पर कार्यवाही लंबित रहने के‌ दौरान ही सरकार बदल जाने की जानकारी देते हुये पूर्ववर्ती सरकार के शासनकाल में इन मवेशियों के लिये अभ्यारण्य निर्माण की योजना को राजनैतिक नजरिया ‌‌‌से न ले तत्काल अमलीजामा पहनाने की दिशा में अग्रसर होने का आग्रह किया गया है ।

फौरी व्यवस्था के तहत इन‌ मवेशियों के लिये हरेक जनपद पंचायत स्तर पर  भूमि का चयन कर ऐसे मवेशियों को एक जगह इकट्ठा रखने व इनकी संपूर्ण जिम्मेदार जनपदों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को देने का सुझाव दिया गया है । ज्ञापन में अनुसंधान विस्तार वन मंडल के  लावारिस पड़े रोपणियों को इसके लिये उपयोग में लाते जाने का भी सुझाव देते हुते बताया गया है कि मंदिरहसौद थाना क्षेत्र के भीतर ही ग्राम कुरूद , बकतरा , मुनगी आदि में ऐसे कई‌ रोपणिया‌ हैं। जो 35-40 एकड़ में फैले हैं तथा चारदीवारी से‌ घिरे‌ होने के साथ पानी की व्यवस्था भी रखते हैं तथा वहां के वृक्ष इतने बड़े हो गये हैं जिन्हें मवेशिया नुकसान नहीं पहुंचा सकते व उन्हें चारा भी आसानी से मिल सकता है। इन इकट्ठे मवेशियों के गोबर से शासन को आय‌ भी होने के साथ-साथ इकट्ठे मवेशियों के देखरेख में गोठानों की तुलना में खर्च भी काफी कम आने ‌‌‌‌‌‌‌की‌ बात ज्ञापन में कहा गया है। प्रायोगिक तौर पर यहां से शुरुआत कर पूरे प्रदेश के ऐसे रोपणियों का‌ पता लगवा इस कार्य को अंजाम दिये जाने का भी सुझाव दिया गया है।

इसके अतिरिक्त ज्ञापन में प्रत्येक ग्राम के किसानों के मवेशियों के पहचान के लिये टैगिंग अविलंब करवाने , आवारा छोड़े जाने वाले मवेशियों के मालिकों पर ऐसे मवेशियों को अपने कब्जे में न रखें जाने पर उनको‌ मिलने वाले समस्त शासकीय सुविधाओं के लाभ से वंचित करने का कानूनी अधिकार पंचायत को देने कानून बनाने व वर्तमान में इन मवेशियों के साथ गौठानों में हो‌ रहे किसी परिस्थितिजन्य अनहोनी के लिये सरपंच व गौठान समिति के अध्यक्ष सहित पंचायत सचिवों के कंधों पर बंदूक रख चलाने वाले अधिकारियों के खिलाफ़ कार्यवाही का भी‌ सुझाव देते हुये प्रत्येक ग्राम के निस्तार पत्रक‌ में गौठानों व‌ चरागनों के लिये कानूनी तौर पर आरक्षित भूमियों पर हुये अवैध कब्जों को न हटवा अन्य सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये कानून सुरक्षित खाली पड़े ‌‌‌भूमियों पर गोठान निर्माण किये जाने पर क्षोभ प्रगट करते‌ हुये सुप्रीम कोर्ट के फैसले का‌ पालन करते हुये ग्रामों के निस्तारी भूमियों को बेजा कब्जों से मुक्त कराने का भी आग्रह किया गया है।

08-09-2020
राशि गबन मामले में महिला पंचायत सचिव निलंबित

जांजगीर-चांपा। बगैर कार्य कराए राशि का आहरण कर गबन किए जाने, कारण बताओ नोटिस का उत्तर प्रस्तुत नहीं करने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने जनपद पंचायत सक्ती के ग्राम पंचायत मसनियाकलां की ग्राम पंचायत सचिव उर्मिला जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जिपं सीईओ ने बताया कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सक्ती ने पंचायत सचिव के खिलाफ शिकायत की जांच की। जांच प्रतिवेदन के आधार पर ग्राम पंचायत मसनियाकलां के नाली निर्माण कार्य के लिए 14वें वित्त की राशि 9 हजार 108, गौठान में पैरा संग्रहण की राशि 2 लाख 80 हजार 600 रूपए तथा पाइपलाइन विस्तार एवं बोर मरम्मत की राशि रूपए 2 लाख 50 हजार इस तरह कुल राशि 5 लाख 39 हजार 618 रूपए पूर्व सरपंच एवं सचिव से वसूली योग्य पाई गई। इस पर सचिव को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया, लेकिन सचिव द्वारा इस पर कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। यह कृत्य पदीय कर्तव्य का निर्वहन उचित ढंग से नहीं करने, कर्तव्य के प्रति घोर उदासीनता, गंभीर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है, जो छग पंचायत (आचरण) नियम 1998 के विपरीत है। उक्त कृत्य के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में पंचायत सचिव उर्मिला जायसवाल का मुख्यालय सक्ती निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। 

 

31-08-2020
जनपद पंचायत सभापति ने अधिकारियों से कहा,निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर नहीं करें समझौता

जशपुर। जिले के बगीचा ब्लॉक में जनपद पंचायत सभापति आशिका कुजूर की अध्यक्षता में संचार एवं संकर्म समिति की पहली बैठक हुई। बैठक में समिति के सदस्य ज्योति खेस, शिशुपाल यादव, प्रभा प्रधान, सुमित्रा पैंकरा, मीरा बाई, पार्वती यादव,समिति के सचिव एसडीओ विपिनराज मिंज एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में ब्लॉक स्तरीय निर्माण कार्यों के सम्बन्ध में चर्चा हुई। वन विभाग द्वारा कराये गए निर्माण कार्यों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए सभापति आशिका कुजूर ने कहा की खानापूर्ति के लिए निर्माण कराने की आवश्यता नहीं है। लोगों की सुविधा के लिए पुल निर्माण कराया जाता है इसलिए निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता ना करें। बता दें कि बगीचा ब्लॉक में छत्तीसगढ़ का सबसे ऊँचा झरना दनगिरी पंचायत में हैं लेकिन वहां तक जाने का मार्ग सुगम ना होने की वजह से मुसाफिरों को असुविधा होती है।

वन बाहुल्य क्षेत्र होने की वजह से अधिकांश निर्माण कार्य वन विभाग द्वारा किया जाता है। पीडब्लूडी विभाग ने निर्माण कार्यों की जानकारी दी,जिसमें कई कार्य विवादों की वजह से अपूर्ण हैँ। सभापति आशिका कुजूर  ने कहा विभाग अगले 4 महीनों में कार्यों को पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें। बैठक में उद्यान विभाग के द्वारा निशुल्क पौधवितरण के सम्बन्ध में जानकारी दी गई। साथ ही समिति के सदस्यों के द्वारा उद्यान विभाग की ओर से प्रति सदस्य 100 नग पौधा उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। पीएचइ विभाग ने पंचायत स्तर पर नल जल योजना के अंतर्गत हुई निर्माण कार्यों की जानकारी दी। समिति के सदस्यों के द्वारा पेयजल की समस्या दूर करने के लिए अति आवश्यक क्षेत्रों में सोलर पम्प लगाने के विषय में चर्चा की। आरइएस विभाग ने जनपद स्तर पर हो रहे निर्माण कार्यों की जानकारियां दी। बैठक में समिति के सदस्यों के द्वारा अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई।

 

29-08-2020
2 से 9 सितंबर तक होगी विशेष ग्राम सभा,कई विषयों पर विचार विमर्श कर लिया जाएगा निर्णय

रायपुर/जगदलपुर। कलेक्टर रजत बंसल ने 2 से 9 सितंबर तक विशेष ग्राम सभा आयोजित करने के संबंध में सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर बंसल ने कहा है कि, गोधन न्याय योजना के अंतर्गत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उदेश्य से गोठानों मे गोठान समितियों के माध्यम से गोबर का क्रय किया जा रहा है। विशेष ग्राम सभा के माध्यम से गोठान समितियों के गठन करने, इंदिरा मितान योजना अंतर्गत जंगल आधारित आजीविका को पुर्नजीवित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, युवाओं को रोजगार का अवसर प्रदान करने, ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण व ग्रामीणों को वृक्ष अधिकार पत्र प्रदान करने और बस्तर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के संबंध मे विचार विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा। इसी संबंध में 2 से 9 सितंबर तक की अवधि में समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम सभा के आयोजन के दौरान वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण के रोकथाम के लिए शासन की ओर से समय समय पर जारी दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने कहा गया है।

 

29-08-2020
जलभराव मस्तूरी का जनपद पंचायत कार्यालय बंद, रजिस्ट्री कार्यालय में भी चारों ओर बारिश का पानी 

रायपुर/बिलासपुर। बिलासपुर जिले के मस्तूरी में भारी बारिश के कारण पूरी बस्ती में चारों ओर पानी ही पानी भर गया है। वही ब्लॉक मुख्यालय होने के कारण वहां मस्तूरी जनपद पंचायत कार्यालय समेत जितने भी शासकीय कार्यालय हैं, सभी में बारिश का पानी घुस गया है। जिससे सभी दफ्तरों में काम धाम ठप हो चुका है। मस्तूरी जनपद पंचायत कार्यालय की स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। वहां समूचे जनपद कार्यालय  परिसर और सभी भवनों में बारिश का पानी भर गया है। जनपद पंचायत के सीईओ कक्ष सहित सभी कमरों में जला जल की स्थिति हो गई है। दफ्तर में रखी जितनी भी अलमारियां हैं उन सभी में पानी भर गया है। जिससे ऑफिस के रिकॉर्ड खराब हो रहे हैं। जनपद कार्यालय को बंद करना पड़ा है। कल गुरुवार को यहां हुई भयंकर बारिश के चलते बदतर हालात पैदा हो गए हैं। ऐसी स्थिति 1 साल पहले 25 अगस्त को हुई थी। तब भी पूरे कार्यालय में पानी भर गया था।इस समय जनपद कार्यालय परिसर में तालाब के समान नजारा दिखाई दे रहा है। परिसर में खड़े चार पहिया गाड़ियों के चक्के तक पानी भरा हुआ है। मस्तूरी के रजिस्ट्री ऑफिस में भी चारों ओर पानी से लबालब हाल है। इस स्थिति के चलते रजिस्ट्री ऑफिस मैं भी कामकाज बंद करना पड़ा है। कमोबेश यही हाल पूरे मस्तूरी बस्ती का है। अगर बारिश का सिलसिला नहीं थमा तो पूरे मस्तूरी में हालात खतरनाक हो सकते हैं। बारिश थमने के बाद भी मस्तूरी जनपद कार्यालय मैं दो-तीन दिन काम करना मुश्किल दिखाई दे रहा है।

20-08-2020
जिला एवं जनपद पंचायतों को और ज्यादा अधिकार देने सरकार ने की समिति गठित

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पंचायती राज संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग में जिला और जनपद पंचायतों को ज्यादा अधिकार संपन्न बनाया जाएगा। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने नई पंचायतीराज व्यवस्था के द्रष्टा पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी की जयंती पर पंचायतीराज संस्थाओं को प्रत्यायोजित अधिकारों की समीक्षा के लिए आठ सदस्यीय समिति गठित कर दी है। यह समिति एक माह में वर्तमान में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं को प्राप्त अधिकारों की समीक्षा कर अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को प्रस्तुत करेंगी। सरकार समिति के प्रस्तावों के मूल्यांकन के बाद इन्हें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर को लागू करने की तैयारी में है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव के अनुमोदन के बाद विभाग ने आज प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं को प्राप्त अधिकारों की समीक्षा के लिए विभाग के विशेष सचिव एवं संचालक, पंचायत की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी है। आयुक्त मनरेगा, राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान (SIRD) के संचालक, विकास आयुक्त कार्यालय के वित्त नियंत्रक तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा नामांकित दो जिला पंचायत अध्यक्षों और दो जनपद पंचायत अध्यक्षों को समिति का सदस्य बनाया गया है। समिति पंचायतीराज संस्थाओं को विभिन्न मदों में मिलने वाली राशि, योजनाओं की स्वीकृति, व्यय और मानिटरिंग व्यवस्था की समीक्षा कर राज्य शासन को अपना प्रतिवेदन सौंपेगी।

 

10-08-2020
संसदीय सचिव कुंवरसिंह निषाद और विधायक भुनेश्वर ने किया पौधरोपण

राजनांदगांव। संसदीय सचिव एवं विधायक गुण्डरदेही कुंवरसिंह निषाद एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं विधायक डोंगरगढ़ भुनेश्वर बघेल राजनांदगांव जिले के दौरे पर रहे। इस दौरान सर्वप्रथम जनपद पंचायत खैरागढ़ में आयोजित सम्मान समारोह में सम्मिलित हुए। तत्पश्चात वे इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में आयोजित बैठक में सम्मिलित हुए। खैरागढ़ के टिकरापारा में आयोजित पारिवारिक कार्यक्रम के बाद ग्राम पंचायत अकरजन में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। ग्राम पंचायत घोटिया, विखं खैरागढ़ के गौठान में आयोजित शुभारंभ एवं पौधरोपण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर नवाज खान पूर्व जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी,लीला मंडावी अध्यक्ष, जनपद पंचायत खैरागढ़, समस्त कांग्रेसी कार्यकर्ता प्रमुख रूप उपस्थित रहे।

 

 

10-08-2020
महिला पंचायत पदाधिकारियों को पंचायत के किसी कार्य में रिश्तेदार हस्तक्षेप नहीं कर सकेंगे

रायपुर/बेमेतरा। पंचायत कार्यालय जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत परिसर के भीतर महिला पंचायत पदाधिकारियों को पंचायत के किसी कार्य में उनके सगे संबंधी या रिश्तेदार हस्तक्षेप नहीं कर सकेंगे। जिला पंचायत सीईओ रीता यादव ने बताया कि हस्तक्षेप करने पर संबंधित महिला पंचायत पदाधिकारी के विरूद्ध पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होने बताया कि पंचायतराज अधिनियम के तहत निर्वाचित महिला पंचायत पदाधिकारियों के पंचायत के कामकाज जैसे नियोजन, क्रियान्वयन और नियंत्रण आदि में स्वयं निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं में महिला पदाधिकारियों की भागीदारी के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इस संबंध में उन्होने जिले के समस्त 429 ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवों को उनके ग्राम पंचायत के संबंधित समस्त निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अवगत कराने और पंचायतों में होने वाले सम्मेलन में महिला पदाधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

04-08-2020
कांकेर जिले के सभी गांवों में 5 से 7 अगस्त के तक विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन होगा

रायपुर/कांकेर। जिले के समस्त ग्रामों में 5 से 7 अगस्त तक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर केएल चौहान ने जिले के सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि विशेष ग्राम सभा में सामुदायिक वन संसाधन के लिए प्रस्ताव पारित किया जाये। इसके अलावा सभी राशन कार्डधारियों की आधार कार्ड की छायाप्रति एकत्रित किया जाये और ऐसे राशन कार्डधारी परिवार जिनका आधार कार्ड नहीं है, उनका चिन्हांकन किया जावे। जनपद पंचायतों के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विशेष ग्रामसभा के आयोजन के लिए अपने स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने और विशेष ग्रामसभा की गतिविधियां संपन्न होने के पश्चात उसका पालन प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय (पंचायत) को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

 

29-07-2020
महासमुंद जिले में 5 करोड़ 87 लाख की लागत से 91 आंगनबाड़ी भवन बनाये जाएंगे

रायपुर। महासमुंद जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना(मनरेगा) और महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 5 करोड़ 87 लाख  95 हजार की लागत से 91 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन बनाए जाएंगे। इस राशि में मनरेगा से 4 करोड़ 55 लाख रूपए और  महिला बाल विकास से 1 करोड़ 32 लाख रूपए खर्च किये जाएंगे। सबसे ज्यादा 40 आंगनबाड़ी केन्द्र बसना जनपद पंचायत में और 25 केन्द्र बागबाहरा जनपद पंचायत में बन रहे हैं। इसके साथ ही सरायपाली में 11, पिथोरा में 9 और शेष महासमुंद जनपद पंचायत में बनेंगे। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत  89 हजार 300 नौनिहालों को लाभ मिलेगा। आंगनबाड़ी भवनों को सर्वश्रेष्ठ आंगनबाड़ी केन्द्र की श्रेणी में लाने की पूरी तैयारी की गई है। इसके लिए मानक के अनुसार आंगनबाड़ी केन्द्रों को बनाया जाएगा। बच्चों के लिए अच्छा वातावरण और उनकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी में आउटडोर गतिविधियों के लिए चारदीवार भी बनाई जा रही है। सभी आंगनबाड़ियों को मॉडल के रूप में विकसित करने कहा गया है,जिसमें बच्चों के खेेलने के लिए स्थान के साथ-साथ अन्य सुविधाएं खिलौने, झूले, बोर्ड, किताबें भी उपलब्ध कराई जाये ताकि बच्चों की आंगनबाडी आने मे रूचि बनी रहे।  


ग्राम पंचायत क्षेत्र में पंचायतों के माध्यम से आंगनबाड़ी भवन निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार मिलेगा। एक भवन के निर्माण में 6 लाख रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज सिन्हा ने बताया कि जिले में एक हजार 763 आंगनबाड़ी केंद्रों में से एक हजार 625 केन्द्रों में भवन बना लिए लिए गए है। लेमन ग्रीन विलेज के नाम से पहचाने जाने वाले बागबाहरा विकासखंड के ग्राम पंचायत टेमरी में लॉक डाउन के दौरान गाइड लाइन का पालन करते हुए 4 माह मे से भी कम समय में आंगनवाड़ी भवन तैयार कर लिया गया। वर्तमान में कुछ केन्द्र किराए के भवन और कुछ सामुदायिक या अन्य सरकारी भवनों में संचालित  किए जा रहे हैं। अब विभिन्न जनपदों के लिए में 91 आंगनबाड़ी केन्द्र बनाने की तैयारी हो गई है। जनपदों के मुख्यकार्यपालन अधिकारियों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। आंगनबाड़ी भवन बन जाने से बच्चों की पोषण,स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति बेहतर तरीके से करने के साथ उन्हें अच्छा वातावरण मिल सकेगा।

 

19-07-2020
‘गोधन न्याय योजना‘ की तैयारियों की समीक्षा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ.रवि मित्तल ने

रायपुर /महासमुंद। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डाॅ.रवि मित्तल ने जिले के सभी पांचों विकासखण्डों  के जनपद पंचायत, कृषि और पशु चिकित्सा अधिकारियों से सोमवार ‘हरेली पर्व से शुरू होने वाली ‘गोधन न्याय योजना‘ की तैयारियों की वीडियों काॅन्फ्रेसिंग के जरिए समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा बैठक में कहा कि ‘गोधन न्याय योजना‘ के शुभारंभ पर कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव आदि के लिए शासन की जारी गाइड लाइन का पूरा ध्यान रखने की बात कही। समीक्षा बैठक में जिला पंचायत, कृषि और पशु चिकित्सा जिला अधिकारी उपस्थित थे । डाॅ.रवि मित्तल ने कहा कि राज्य शासन की यह महत्वपूर्ण योजना है। शासन की ओर से इस योजना के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर इसका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। साथ ही जारी दिशा-निर्देशों का सही-सही पालन करें। डाॅ. मित्तल ने कहा कि कल सोमवार 20 जुलाई को ‘हरेली‘ पर्व के दिन जिले में यह ‘गोधन न्याय योजना’ प्रथम चरण में 76 गौठानों में आरंभ होगी। द्वितीय चरण में यह योजना सभी जिले की सभी 241 गोठानों में शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि कल हरेली पर्व से शुरू होने वाले इस योजना में गौठान समिति के अध्यक्ष, सचिव अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। यह सुनिश्चित किया जाये। गौठानों में पौधा रोपण भी किया जाये। वर्मी बैड प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाये।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिले के सभी विकासंखडों के जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित कृषि और पशु चिकित्सा अधिकारियों से गोबर क्रय, घर से गोबर ढुलाई, गोबर माप के साथ ही वर्मी कम्पोस्ट तैयार आदि करने की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गोबर को संग्रहित कर इसका उपयोग किया जायेगा। गोबर क्रय राशि का भुगतान निर्धारित दिवस के भीतर गौठान समिति की ओर से संबंधित गौ-पालकों को किया जाएगा। शुरूआत में गोबर माप के लिए परम्परागत रूप से घमेला या टोकरी का इस्तेमाल किया जा सकता है। गौठान में अद्र्वठोस गोबर दो रूपए और घर से क्रय किया जाने वाला गोबर निर्धारित परिवहन व्यय काट कर क्रय किया जाएगा। अगर गौ-पालक गौठान में गोबर लाकर देता है, तो दो रूपए की दर से क्रय किया जाएगा। डाॅ. मित्तल ने कहा कि गौठान में वर्मी कम्पोस्ट तैयार के लिए स्थानीय ईच्छुक स्व-सहायता समूह को चिन्हांकित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक गौठानों के लिए एक नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी गौठान समिति से चर्चा कर योजना को सुचारू रूप से संचालित करेंगे। डाॅ. मित्तल ने कहा कि इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है।

 

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