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03-07-2020
Video: कोयला उद्योग के निजीकरण के खिलाफ किसान सभा और महिला समिति ने किया प्रदर्शन

कोरबा। कोयला उद्योग में कमर्शियल माइनिंग को अनुमति देने और निजीकरण की केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ देशव्यापी मजदूर हड़ताल के दूसरे दिन किसान संगठन हड़ताल का समर्थन करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। कोरबा जिले में भी छत्तीसगढ़ किसान सभा के जवाहर सिंह कंवर, जनवादी महिला समिति की प्रदेश संयोजक धनबाई कुलदीप के नेतृत्व में एसईसीएल सुराकछार कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया। धनबाई कुलदीप ने सभा को संबोधित करते हुए हड़ताल को देश की आम जनता पर लादी जा रही आर्थिक गुलामी के खिलाफ देशभक्तिपूर्ण संघर्ष बताया। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से माकपा जिला सचिव प्रशांत झा,माकपा पार्षद सुरती कुलदीप, राजकुमारी कंवर,हुसैन अली,सीटू नेता जनकदास सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

 

02-07-2020
Video: कोयला उद्योग में संयुक्त ट्रेड यूनियन की हड़ताल को माकपा का समर्थन

कोरबा। केंद्र सरकार की ओर से कामर्शियल माइनिंग को कोयला उद्योग में लागू करने के निर्णय के विरुद्ध संयुक्त ट्रेड यूनियन की तीन दिवसीय हड़ताल का समर्थन माकपा ने किया है। जिला सचिव प्रशांत झा, माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, किसान सभा के नेता जवाहर सिंह कंवर, श्रमिक नेता जनकदास ने हड़ताली कर्मचारियों के बीच पहुँच कर समर्थन किया। माकपा जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा कि कमर्शियल माइनिंग का विरोध केवल ट्रेड यूनियन को ही नहीं बल्की नौजवानों, किसानों, महिलाओं सभी को मिलकर करना होगा क्योंकि इससे सभी को नुकसान होगा। माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर ने कहा कि कोयला उद्योग से जुड़े लाखों कामगारों का न केवल भविष्य अंधकारमय हो जाएगा साथ ही राष्ट्र की संपदा को लूटने की खुली छूट कुछ पूंजीपतियों के पास चली जाएगी। जो एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है। माकपा इस हड़ताल की मांगों को लेकर गांव गांव में अभियान चलाएगी।

18-06-2020
कमर्शियल माइनिंग और कोल ब्लॉक को निजी हाथों में सौंपने के विरोध में माकपा ने किया प्रदर्शन

 कोरबा। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कोरोना महामारी के राहत पैकेज के नाम पर फंड जुटाने देश के सार्वजनिक उद्योगों को बेचने का आरोप लगाते हुए एसईसीएल सुराकछार गेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया।मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव प्रशांत झा ने कहा की मोदी सरकार देश की सार्वजनिक संपत्तियों को विनिवेशीकरण, निजीकरण करने जा रही है,आज से कोल ब्लाक की नीलामी की प्रक्रिया चालू कर रही है साथ ही कमर्शियल माइनिंग कर निजी मालिकों को कोयला खुले रूप से कोयला बेचने का अधिकार दे दी है,जिससे कोल इंडिया का अस्तित्व खत्म होने वाला है साथ ही श्रम कानूनों में परिवर्तन कर मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश की जा रही है।

माकपा 2 जुलाई से 4 जुलाई तक कोयला उद्योग में होने वाले देशव्यापी हड़ताल का समर्थन भी किया। माकपा पार्षद सुरती कुलदीप ने कहा की कोरबा जिले में भी घने जंगलों को उजाड़ कर आदिवासियों को जल जंगल जमीन से बेदखल करने पर्यावरण को खतम करने की साजिश कर देश को देशी विदेशी पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की प्रक्रिया चालू कर दी है। आज एसईसीएल सुराकछार मेन गेट के सामने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति सीटू ने मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में जनवादी महिला समिति की प्रदेश संयोजक धनबाई कुलदीप,माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर,हुसैन अली, जनकदास,रामचरन चंद्रा,लंबोदर,जवाहर सिंह कंवर, दिलहरण बिंझवार उपस्थित रहे।

 

08-09-2019
भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ चिरमिरी ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

कोरिया। भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ चिरमिरी के द्वारा क्षेत्रीय अध्यक्ष राजेष महाराज के तत्वाधान में नीति आयोग भारत सरकार द्वारा कोयला उद्योग में किए गए सौ फिसदी निवेश तथा विनिमेश के साथ ही निजीकरण की नीति के विरोध में क्षेत्रीय महाप्रबंधक कार्यालय एसईसीएल चिरमिरी क्षेत्र के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर नीतियों का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक दिलीप बेहरा अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में संद्य के पदाधिकारियों द्वारा सौंपा गया। बता दें कि उच्च पदाधिकारियों के निर्देष पर चिरमिरी एसईसीएल क्षेत्रांतर्गत स्थित समस्त काॅलरी ईकाईयों में प्रत्यक्ष विदेषी निवेष का केन्द्रीय सरकार के द्वारा कोयला खदानो में 100 प्रतिशत लागू कर देने के विरोध में क्षेत्रीय अध्यक्ष राजेश महाराज, संजय तिवारी, संजय सिंह, पुष्पेन्द्र दुबे ,शुभाशीष सरकार, राकेष कुमार सिंह, विनोद शुक्ला, राजेष पाण्डेय, मनोज राय आदि के तत्वाधान में 2 सितंबर से लेकर 7 सिंतबर तक गेट मीटिंग सहित धरना प्रदर्षन प्रत्येक ईकाईंयों में किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में संघ के सदस्यों सहित कोयला कामगारों के द्वारा भी उपस्थित होकर विरोध किया गया।

कोयला क्षेत्र में शत् प्रतिशत् विदेशी पूंजी निवेश को लागु कर देने से संगठन का मानना है कि सरकार के द्वारा लिया गया यह निर्णय देशहित सहित जनहित में नहीं है। ना ही उद्योग के साथ साथ मजदूरों के हित में हैं। जहां विदेशी पूंजी प्रवाह द्वारा रोजगार उतपन्न करने का प्रश्न है तो धरातली सच्चाई है कि निजी एवं विदेशी पूंजी केवल लाभार्जन करने आती है रोजगार पैदा करने नहीं रोजगार खाने आती है और अब तो इन्हे एक नया खिलौना आर्टिफिसीएल इंटेलिजेंस भी मिल गया हैं। भारतीय मज़दूर संघ 100 प्रतिशत विदेशी पूंजी निवेश के निर्णय की सरकार से आग्रह करता है कि ऐसे आत्मधाती निर्णय को तुरंत वापस लें। धरना प्रदर्षन के दौरान बीएमएस के पदाधिकारियों द्वारा एसईसीएल प्रबंधन को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन के माध्यम से मांग की है की सभी कोयला क्षेत्रों में विनिवेष तत्काल बंद किया जाए बीमार एवं कमजोर पीएसयु का री स्ट्रैक्चरिंग करते हुए पुनरूद्वार किया जाए। आउट सोर्सींग के नाम पर श्रम कानून बनाना बंद करने के साथ ही सभी अधुरे व नए श्रमिक क्षेत्रों को कानून के दाएरे में लाया जाए। कोलइंडीया का अधिक विनिवेश तत्काल बंद किया जाए। कैपिटीव कोल माईनर्स को कमर्शियल माइनिंग की अनुमती न दी जाए। हतारा संगठन सौ फिसदी एफडी आई का पूरी ताकत से श्रमिक हित में काम करता है। इसलिए मजदूर विरोधी नीतियों को समाप्त किया जाए।

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