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16-09-2020
Video: सुपोषण अभियान को कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

जांजगीर चांपा। जिला कलेक्टर यशवंत कुमार सिंह ने बुधवार को सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर कलेक्ट्रेट परिसर से रवाना किया। दो सुपोषण रथ पूरे जांजगीर-चांपा जिले के 9 ब्लॉकों से होते हुए लोगों को सुपोषण के बारे में संदेश देंगे। सुपोषण अभियान के तहत लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने के लिए बताया जाएगा एवं बाल विवाह पर रोकथाम के लिए जानकारी दी जाएगी एवं बालविवाह को किस प्रकार से रोका जाएगा उसके लिए भी जानकारी दी जाएगी।कलेक्टर यशवंत कुमार बताया की यह सुपोषण अभियान का जरूरत है इसका उद्देश्य लोगों को सुपोषण के बारे में जानकारी एवं उसके उद्देश्यों को लोगों से अवगत कराने एवं बाल विवाह रोकथाम एवं उसके बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। 

 

11-09-2020
सचिव आर.प्रसन्ना ने अधिकारियों से कहा, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान पर प्रभावी रूप से करें काम

कांकेर। राज्य शासन द्वारा दिये गये निर्देशानुसार जिले में आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन शुरू हो गया है तथा गर्भवती एवं एनिमिक महिलाओं और आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को गरम भोजन का वितरण किया जा रहा है। महिला बाल विकास विभाग के सचिव आर. प्रसन्ना एवं कलेक्टर केएल चौहान ने उद्यान, पशुचिकित्सा और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने कुपोषण कम करने एवं मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्राम पंचायत के गौठानों में निर्मित मुर्गी सेट में एनआरएलएम के महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से मुर्गी पालन कर अण्डा उत्पादन को बढ़ावा देकर उसका उपयोग आंगनबाडी केन्द्रों में करने के लिए निर्देश दिये। सभी आंगनबाडी केन्द्रों, स्कूलों, आश्रम शालाओं तथा छात्रावासों में अधिक से अधिक मुनगा के पौधेरोपण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी किशनक्रांति टंडन, उप संचालक पशुचिकित्सा सेवाएं एलपी सिंह, सीडीओपी सीएस मिश्रा, सहायक संचालक उद्यानिकी व्हीके गौतम, आंकाक्षी जिला फेलो अंकित पिंगले और नेहा सिंह, परियोजना अधिकारी कांकेर त्रिभुवन ध्रुव, चारामा शकुंतला कोमरे, दुर्गूकोंदल सुमन नेताम, नरहरपुर निर्मला ध्रुव उपस्थित थीं।

 

06-07-2020
सफल रहा मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, दूरस्थ अंचलों में कुपोषित से सामान्य होने वाले बच्चों की संख्या बढ़ी

रायपुर। अपनी संतान के स्वास्थ्य और सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण माता-पिता के लिए कुछ नहीं होता, लेकिन कभी-कभी अज्ञानता, निर्धनता, जागरूकता के अभाव जैसे कई कारणों से कुपोषण बच्चों को अपना शिकार बना लेता है। ऐसे बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 2 अक्टूबर 2019 से शुरू किया गया मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान वरदान साबित हो रहा है। इस अभियान से शिशुओं, किशोरियों, युवतियों और महिलाओं को कुपोषण और एनीमिया से मुक्ति दिलाने के निर्णायक कदम का दूरस्थ अंचलों में अच्छा प्रतिसाद मिला है। अब यहां कुपोषित से सामान्य स्थिति में आने वाले बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। आदिवासी जिले कोण्डागांव के ऐसे ही दूरस्थ अंचल मर्दापाल के सीमावर्ती ग्राम बेचा में रहने वाले किसान दम्पत्ति पिता राजूू राम कोर्राम और मां सुकारो बाई मरकाम की डेढ़ वर्षीय पुत्री सरस्वती समुचित खान-पान के अभाव में कुपोषण की चपेट में आ गई थी।

कुपोषण की वजह से आई कमजोरी से वह चल-फिर भी नहीं पा रही थी। इसकी जानकारी मिलने पर स्थानीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रजबती बघेल और सुपोषण अभियान के नोडल प्रकाश बागड़े ने बच्ची को सतत् निगरानी में रखते हुए उसके पोषण का उचित प्रबंध किया। उन्होंने बच्ची सरस्वती का पंजीयन कर उसे प्रोटीन युक्त पोषण आहार जैसे अण्डा, चना, सोयाबड़ी, फल और अन्य समाग्रियां वैकल्पिक रूप से उपलब्ध कराने की शुरुआत की। इसके साथ ही सरस्वती को कोण्डागांव के पोषण पुर्नवास केन्द्र भेजा गया फलस्वरूप उसके स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन आना शुरू हो गया। अब नन्ही सरस्वती बिना किसी सहारे के चल फिर रही है। उसके शरीर में रक्त के मात्रा और वजन में वृद्धि हुई है। उचित देखभाल से उसके स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। उल्लेखनीय है कि कोण्डागांव में स्थापित पोषण पुर्नवास केन्द्र मे दूर-दराज के गांव जैसे कड़ेनार, कुदूर, कारसिंग, नुगाली, के कुपोषित शिशुओं को रखने की व्यवस्था की गई है। यहां उपचार के अलावा बच्चों को पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य स्थिति मे लाने तक रखा जाता है। इन प्रयासों से कुपोषण की दर में तेजी से गिरावट देखने को मिल रही है।

14-06-2020
'मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान' को मिली सफलता, 67 हजार से अधिक बच्चे हुए कुपोषण से मुक्त

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ‘मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान‘ और विभिन्न योजनाओं के एकीकृत प्लान से बच्चों में कुपोषण दूर करने में बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2019 में किये गये वजन त्यौहार से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 9 लाख 70 हजार बच्चे कुपोषित थे, इनमें से मार्च 2020 तक 67 हजार 889 बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए हैं। इस तरह कुपोषित बच्चों की संख्या में लगभग 13.79 प्रतिशत की कमी आई है। जो कुपोषण के खिलाफ शुरू की गई जंग में एक बड़ी उपलब्धि है। राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण-4 के अनुसार प्रदेश के 5 वर्ष से कम उम्र के 37.7 प्रतिशत बच्चे कुपोषण और 15 से 49 वर्ष की 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित थे। इन आंकड़ों को देखे तो प्रदेश में 9 लाख 70 हजार बच्चे कुपोषित थे। इनमें से अधिकांश आदिवासी और दूरस्थ वनांचल इलाकों के बच्चे थे। इन आंकड़ों को नई सरकार एक चुनौती के रूप में लिया और  ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ‘ की संकल्पना के साथ महात्मा गांधी की 150वीं जयंती 2 अक्टूबर 2019 से पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की है। अभियान की सफलता के लिए इसमें जन-समुदाय को भी शामिल किया गया है।

प्रदेश के नक्सल प्रभावित बस्तर सहित वनांचल के कुछ ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सुपोषण अभियान की शुरूआत की गई। दंतेवाड़ा जिले में पंचायतों के माध्यम से गर्म पौष्टिक भोजन और धमतरी जिले में लइका जतन ठउर जैसे नवाचार कार्यक्रमों के जरिए इसे आगे बढ़ाया गया। जिला खनिज न्यास निधि का एक बेहतर उपयोग सुपोषण अभियान के तहत गरम भोजन प्रदान करने की व्यवस्था की गई। इसकी सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने इस अभियान को 2 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में लागू किया। इस अभियान के तहत चिन्हांकित बच्चों को आंगनवाड़ी केन्द्र में दिए जाने वाले पूरक पोषण आहार के अतिरिक्त स्थानीय स्तर निशुल्क पौष्टिक आहार और कुपोषित महिलाओं और बच्चों को गर्म पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है। एनीमिया प्रभावितों को आयरन पोलिक एसिड, कृमिनाशक गोली दी जा रही है। प्रदेश को आगामी 3 वर्षों में कुपोषण से मुक्त करने का लक्ष्य के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों की ओर से समन्वित प्रयास किये जा रहे हैं। कुपोषण प्रभावित बच्चों और महिलाओं को निशुल्क काउंसलिंग और परामर्श सेंवाएं देने के साथ नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है। सुपोषण रथ, शिविरों और परिचर्चा के माध्यम से जनजागरूकता के प्रयास भी हो रहे हैं। इसी की एक कड़ी के रूप में एनीमिया के स्तर और स्वास्थ्य सुधार के लिए बस्तर जिले में शुरू किये गए मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान और स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत किचन गार्डन बागवानी को पोषण के लिए अनूठी राह बताते हुए यूनिसेफ ने सराहना की है।

15-03-2020
राज्यपाल ने आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को सौंपी सुपोषण टोकरी

धमतरी। राज्यपाल अनुसुइया उइके ने अपने दो दिवसीय धमतरी प्रवास के दौरान रविवार को आंगनबाड़ी केंद्र मरादेव (गंगरेल) का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आज अपराह्न आंगनबाड़ी केंद्र मरादेव पहुंचकर नौनिहाल बच्चों से भेंट कर उनसे चर्चा की। इस अवसर पर राज्यपाल ने  केन्द्र में मौजूद 3 कुपोषित बच्चों और 2 एनीमिक महिलाओं को सुपोषण टोकरी भेंट की। कलेक्टर रजत बंसल ने राज्यपाल अनुसुइया उइके को बताया कि सुपोषण अभियान में जिले के कुपोषित व एनीमिक महिलाओं को प्रतिदिन गरम भोजन व अंडा दिया जाता है। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सोनमणि बोरा, पुलिस अधीक्षक बीपी राजभानू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिलापंचायत नम्रता गांधी, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

 

16-02-2020
छत्तीसगढ़ में सोशल-इकोनोमी इंडेक्स के अध्ययन से तैयार होंगी नई नीतियां : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 14 फरवरी को अपने अमेरिका प्रवास के दौरान बोस्टन में रहें जहां उनकी मुलाकात मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी और सोलन स्कूल ऑफ मेनेजमेंट के प्रोफेसर स्कॉट स्टर्न और सोशल प्रोग्रेस इम्पेरेटिव के सीईओ माइकल ग्रीन से हुई। इस मुलाकात में छत्तीसगढ़ राज्य के इकोनॉमिक एवं सोशल इंडेक्स, सोशल इकानॉमी सर्वे और सोशल ऑडिट सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह चर्चा इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण रही कि पहले इस विषय पर इतने बड़े स्तर में सोशल इकोनॉमिक इंडेक्स के अध्ययन पर काम नही किया गया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि इनके अध्ययन से राज्य सरकार को नई नीति तैयार करने में मदद मिलेगी।

प्रोफेसर स्कॉट स्टर्न ने इस अवसर पर एक प्रस्तुतीकरण भी दिया। जिसमें उपरोक्त आर्थिक-सामाजिक इंडेक्स के सर्वे के माध्यम राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के आर्थिक विकास पर अध्ययन कर उनके विकास के लिए नए प्रोग्राम और नीति आदि तैयार करने में मदद मिलेगी ताकि ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों का समुचित विकास हो सके और लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। इसके माध्यम से प्रमुख रूप से रोजगार उपलब्ध कराना एवं एक वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से आर्थिक सुधार पर कार्य करने के लिए यह अच्छे उपाए साबित होंगे।

इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे सुपोषण अभियान, हॉट-बाजारों और शहरी स्लम इलाकों में चलित अस्पताल तथा बस्तर क्षेत्र में पिछले 15 सालों से बंद पड़े लगभग 300 स्कूलों को फिर से प्रारंभ करने और महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में दिए जा रहे विशेष ध्यान को बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख सोशल इंडेक्स के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव आर.पी.मण्डल, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, सीएसआईडीसी के एमडी अरूण प्रसाद सहित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत आईएएस अधिकारी एम.गीता भी उपस्थित रहीं।

15-02-2020
 छत्तीसगढ़ में सोशल-इकोनोमी इंडेक्स के अध्ययन से तैयार होंगी नई नीतियां : भूपेश बघेल 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 14 फरवरी को अपने अमेरिका प्रवास के दौरान बोस्टन में रहें जहां उनकी मुलाकात मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी और सोलन स्कूल ऑफ मेनेजमेंट के प्रोफेसर स्कॉट स्टर्न और सोशल प्रोग्रेस इम्पेरेटिव के सीईओ माइकल ग्रीन से हुई। इस मुलाकात में छत्तीसगढ़ राज्य के इकोनॉमिक एवं सोशल इंडेक्स, सोशल इकानॉमी सर्वे और सोशल ऑडिट सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह चर्चा इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण रही कि पहले इस विषय पर इतने बड़े स्तर में सोशल इकोनॉमिक इंडेक्स के अध्ययन पर काम नही किया गया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि इनके अध्ययन से राज्य सरकार को नई नीति तैयार करने में मदद मिलेगी। प्रोफेसर स्कॉट स्टर्न ने इस अवसर पर एक प्रस्तुतीकरण भी दिया। इसमें उपरोक्त आर्थिक-सामाजिक इंडेक्स के सर्वे के माध्यम राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के आर्थिक विकास पर अध्ययन कर उनके विकास के लिए नए प्रोग्राम और नीति आदि तैयार करने में मदद मिलेगी ताकि ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों का समुचित विकास हो सके और लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। इसके माध्यम से प्रमुख रूप से रोजगार उपलब्ध कराना एवं एक वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से आर्थिक सुधार पर कार्य करने के लिए यह अच्छे उपाए साबित होंगे।

इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे सुपोषण अभियान, हॉट-बाजारों और शहरी स्लम इलाकों में चलित अस्पताल तथा बस्तर क्षेत्र में पिछले 15 सालों से बंद पड़े लगभग 300 स्कूलों को फिर से प्रारंभ करने और महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में दिए जा रहे विशेष ध्यान को बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख सोशल इंडेक्स के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव आरपी मण्डल, अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, सीएसआईडीसी के एमडी अरूण प्रसाद सहित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत आईएएस अधिकारी एम.गीता भी उपस्थित रहीं। 

12-02-2020
कलेक्टर ने अमृतधारा महोत्सव की तैयारियों को लेकर सभी विभागों को दिए निर्देश

कोरिया। कलेक्टर की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कलेक्टोरेट के प्रथम तल स्थित सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने अमृतधारा महोत्सव की तैयारियों को लेकर समस्त विभागों को निर्देश दिये और कहा कि सभी विभाग एक अभिनव सोच के साथ अपने स्टाॅल की तैयारी करें। बैठक में उन्होंने जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर की भी जानकारी प्राप्त की। राज्य शासन की 5 महत्वाकांक्षी योजनाओं जिनमें मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना, सार्वभौम पीडीएस, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना एवं मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना शामिल हैं। इनके बेहतर संचालन के विषय में संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। सुपोषण अभियान के संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में 16 हजार 500 एनिमिक महिलाओं को गर्म भोजन प्रदान किया जा रहा है।

इनमें 8 हजार 500 महिलाएं प्रथम सूची में शामिल एवं शेष 8 हजार महिलाएं द्वितीय सूची में शामिल हैं। इसी तरह उन्होंने राज्य शासन के आदेशानुसार 6 माह से 3 साल तक के बच्चों के लिए किये जा रहे नये प्रयासों के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 6 माह से डेढ़ साल तक के बच्चों को तरल पदार्थ एवं डेढ़ साल से 3 साल तक के बच्चों को संपूर्ण आहार दिया जायेगा। कलेक्टर ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में एनिमिक महिलाओं के नामों की सूची चस्पा की जाये। नगर पालिक निगम चिरमिरी की आयुक्त ने बताया कि वार्ड कार्यालय योजना के तहत 300 से अधिक आवेदन प्राप्त किये गये हैं। जिनका निराकरण किया जा रहा है। वर्तमान में 4 वार्ड कार्यालय संचालित हैं। इसी तरह कलेक्टर ने सार्वभौम पीडीएस एवं मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना और मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। बैठक में कलेक्टर ने धान खरीदी के संबंध में कोचियों एवं बिचैलियों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिये।  

बैठक के दौरान ग्राम पंचायत के सचिवों द्वारा जन्म, मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र जारी न करने का मामला कलेक्टर के संज्ञान में आया, जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उन्होंने सभी तहसीलदारों को सचिवों के नाम नोटिस जारी करने के आदेश दिये हैं।  
बैठक में कलेक्टर ने श्रम विभाग के अधिकारी से प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना की समीक्षा कर प्रगति लाने के निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर ने स्कूल, छात्रावास, आश्रम का निरीक्षण, कौशल विकास, जिला अस्पताल में संध्या ओपीडी, श्रम पेंशन, लोक सेवा गारंटी, स्वच्छता अभियान, नशामुक्ति कार्यक्रम, प्लास्टिक यूज पर प्रतिबंध आदि की जानकारी प्राप्त की और संबंधितों को निर्धारित समय सीमा में पेंडिंग कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी, डिप्टी कलेक्टर, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकाय के अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

07-02-2020
डीएमएफ से स्वीकृत सभी कार्यों के निर्माण एजेंसियों की समीक्षा बैठक होगी जल्द : कलेक्टर

कोरिया। कलेक्टर की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने अब तक के डीएमएफ से स्वीकृत सभी कार्यों के निर्माण एजेंसियों की समीक्षा बैठक शीघ्र करने की बात कही। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों से स्वीकृत प्रारंभ एवं अप्रारंभ और पूर्ण हो चुके कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी जानकारियां अद्यतन करने के निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर ने चुनाव ड्यूटी में अनुपस्थित अधिकारी, कर्मचारियों की सूची देने, मतदान दलों के मान देय वितरण, परिवहन कार्य में लगे वाहनों का वाउचर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने, आबादी पट्टा वितरण, आबादी नजूल पट्टा की भूमि को फ्री होल्ड करने, स्लम पट्टों के नवीनीकरण, 1984 में दिये गये पट्टों के नवीनीकरण, शहरी क्षेत्रों में भूमिहीन व्यक्तियों को पट्टा वितरित करने, धान खरीदी केंद्रों में पटवारियों की ड्यूटी लगाने, पैरादान की प्रगति, धान के रकबे कम करके मक्का उत्पादन करने, नये गौठानों के निर्माण, वनधन केंद्र, द्वितीय चरण के सुपोषण अभियान के तहत वार्डवार शिविर लगाकर कार्ययोजना बनाने, अगले शिक्षण सत्र से स्थानीय भाषा में शिक्षा देने, जिला स्तरीय मैराथन दौड़ 19 फरवरी को जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में तथा विकास खण्ड स्तरीय दौड़ 12 फरवरी को मनेन्द्रगढ़ एवं खड़गंवा, 13 फरवरी को सोनहत एवं भरतपुर तथा 14 फरवरी को बैकुंठपुर में आयोजित करने, जिला एवं विकासखंड स्तरीय मैराथन दौड़ के आयोजन के लिए आवश्यक तैयारी, अमृतधारा महोत्सव की तैयारी प्रारंभ करने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान, वृध्दाश्रम प्रारंभ करने, मुख्यमंत्री की घोषणा के लंबित कार्य, जीएडी मकानों के आबंटन के लिए समिति बनाने, पेंशन वितरण, ऋण पुस्तिका सत्यापन, ई-कोर्ट में दर्ज प्रकरण, 7वीं आर्थिक गणना, समाज कल्याण विभाग से कृत्रिम अंग खरीदी, पशुपालन विभाग को चूजा वितरण, पशुओं को बधियाकरण, पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान, जनससमया निवारण शिविर सप्ताह में कम से कम एक दिन तहसील स्तर एवं नगरीय निकायों में करने, बीसी सखी के माध्यम से पेंशन वितरण करने आदि पर चर्चा की। 

बैठक में कलेक्टर ने राज्य सरकार की पांच महत्वाकांक्षी योजनाओं पर चर्चा करते हुए सुपोषण अभियान के अंतर्गत 06 माह से 3 साल के बच्चों के लिए गर्म भोजन देने, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, सार्वभौम पीडीएस एवं वार्ड कार्यालय योजना पर चर्चा की। बैठक में कलेक्टर ने लोक सेवा गारंटी योजना के तहत लंबित आवेदनों के निराकरण पर विशेष ध्यान देने के सख्त निर्देश दिये हैं। इसी प्रकार उन्होंने स्कूल, छात्रावास, आश्रम का निरीक्षण, कौशल विकास, न्यायाधीशों के निवास एवं न्यायालय चिरमिरी, जिला अस्पताल में संध्या ओपीडी, अस्पताल निरीक्षण, श्रम पेंशन, सुराजी शिक्षा, नशामुक्ति कार्यक्रम आदि की जानकारी प्राप्त की और संबंधितों को निर्धारित समय सीमा में पेंडिंग कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तुलिका प्रजापति, सभी अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, डिप्टी कलेक्टर, सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकाय के अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


 

10-01-2020
मुख्यमंत्री ने अन्नदान लेकर सुपोषण अभियान को किया समर्पित

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को यहां छेरछेरा पुन्नी के दिन प्राचीन और ऐतिहासक दूधाधारी मठ में आकर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने महंत राजेश्री रामसुन्दर दास से अन्नदान लेकर मंदिर के आस-पास के घरों में जाकर दान लिया। मुख्यमंत्री ने दान में प्राप्त अन्न को प्रदेश के सुपोषण अभियान के लिए समर्पित किया। बता दें कि ऐतिहासिक दूधाधारी मंदिर में वर्षों पूर्व से छेरछेरा पुन्नी मनाया जा रहा है। मंदिर में भगवान को भोग लगाकर सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरण किया जाता है। छेरछेरा पुन्नी के अवसर पर मंदिर परिसर में अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं। आज यहां छत्तीसगढ़ महतारी की झांकी एवं चटकुला नर्तक दल और गाड़ी बईला के साथ ही कृषि उपकरण का प्रदर्शन किया गया। चिन्हारी लोक कला मंच ने नृत्य प्रस्तुत किया। इस मौके पर राउत नाचा और डंडा नाच का भी आयोजन किया गया। 

 

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