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06-10-2020
पायल घोष मिलीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा से, कहा- एनसीडब्ल्यू मेरे सपोर्ट में

नई दिल्ली। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप पर सेक्शुअल मिसकंडक्ट का आरोप लगाने वाली ऐक्ट्रेस पायल घोष ने मंगलवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा से नई दिल्ली में मुलाकात की। पायल घोष ने आयोग से मिले सपोर्ट के लिए शुक्रिया भी कहा।मुलाकात के बाद पायल ने कहा, 'हमने चर्चा की कि जांच को कैसे तेजी से आगे बढ़ाया जाए। रेखा मैम पहले दिन से मेरे सपोर्ट में खड़ी हैं। आज भी उन्होंने मुझे मदद का आश्वासन दिया है।' बता दें कि इससे पहले पायल घोष महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से भी मिलने पहुंची थीं। उस दौरान उनके साथ उनके वकील और आरपीआई नेता रामदास आठवले भी मौजूद थे।हाल में पायल ने अपनी जान का खतरा बताते हुए महाराष्ट्र सरकार से Y-कैटिगरी की सुरक्षा की भी मांग की थी।

इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैंने सिक्यॉरिटी इसलिए मांगी थी क्योंकि मैं अपने घर से बाहर नहीं निकल पा रही। मुझे बाहर निकलने से पहले कुछ लोगों को साथ लेना पड़ता है। लोगों ने बताया कि मेरी जान को खतरा हो सकता है इसलिए मैं सावधानी बरत रही हूं। बता दें कि ऐक्ट्रेस रिचा चड्डा ने बॉम्बे हाई कोर्ट में पायल घोष के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। हालांकि पायल घोष ने कहा है कि उनका रिचा चड्ढा से कोई मतलब नहीं है और न ही उन्होंने रिचा की मानहानि की है। पायल का आरोप है कि अगस्त 2013 में अनुराग कश्यप ने उन्हें अपने घर पर बुलाकर यौन शोषण करने का प्रयास किया था।

 

12-07-2020
महाराष्ट्र: राजभवन के कर्मचारी मिले कोरोना पॉजिटिव,राज्यपाल ने खुद को किया क्वारेंटीन

मुंबई। दक्षिण मुंबई में स्थित राजभवन के 18 कर्मचारी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। नगर निकाय के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। इस संबंध में एक अन्य अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ठीक हैं और उन्होंने एहतियाती तौर पर खुद को पृथक कर लिया है।अधिकारी ने बताया कि राजभवन के दो कर्मचारी गत सप्ताह संक्रमित पाए गए थे,जिसके बाद 100 अन्य कर्मचारियों की जांच कराई गई,जिनमें से 16 संक्रमित पाए गए। सूत्रों ने बताया कि संक्रमित पाए गए कर्मचारियों में स्टाफ के वरिष्ठ सदस्य भी शामिल हैं। महाराष्ट्र में संक्रमण के मामलों की संख्या 2,46,600 हो गई।

 

05-01-2020
महाराष्ट्र सरकार में हुआ मंत्रालयों का बंटवारा, जाने किसे मिले कौन से विभाग

मुंबई। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 30 दिसंबर को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। शनिवार शाम को मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। देर रात राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को उद्धव ठाकरे की तरफ से मंत्रालयों के बंटवारे की सूची मंजूरी के लिए भेजी गई थी। जिस पर आज सुबह उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए हैं। सूत्रों के हवाले से जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को वित्त मंत्रालय सौंपा गया है। इसके अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अनिल देशमुश को गृह मंत्री बनाया गया है। यहां जानिए कौन सी पार्टी को कौन-कौन से मंत्रालय मिले

एनसीपी को मिले ये विभाग

अनिल देशमुख- गृह विभाग
अजित पवार- वित्त व नियोजन
जयंत पाटिल- सिंचाई विभाग
छगन भुजबल- खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति
दिलीप वल्से पाटिल- आबकारी और श्रम मंत्रालय
जीतेंद आव्हाद- आवास
राजेश टोपे- स्वास्थ्य
राजेंद्र शिंगणे- खाद्य एवं औषधि प्रशासन
धनंजय मुंडे- सामाजिक न्याय

कांग्रेस की झोली में आए ये विभाग

नितिन राउत- ऊर्जा
बालासाहेब थोराट- राजस्व
वर्षा गायकवाड़- स्कूली शिक्षा
यशोमति ठाकुर- महिला और बाल कल्याण
केसी पाडवी - आदिवासी विकास
सुनील केदार- डेयरी विकास व पशुसंवर्धन
विजय वड्डेटीवार- ओबीसी कल्याण
असलम शेख- कपड़ा, बंदरगाह
अमित देशमुख- स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति
शिवसेना के हिस्से आए ये विभाग
आदित्य ठाकरे- पर्यावरण, पर्यटन
एकनाथ शिंदे- नगरविकास
सुभाष देसाई- उद्योग
संजय राठोड़- वन
दादा भुसे- कृषि
अनिल परब- परिवहन, संसदीय कार्य
संदीपान भुमरे- रोजगार हमी (ईजीएस)
शंकरराव गडाख- जल संरक्षण
उदय सामंत- उच्च व तकनीकी शिक्षा
गुलाब राव पाटिल- जलापूर्ति

शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने राज्य में मंत्रियों के विभागों के वितरण को लेकर चर्चा की थी। उद्धव ठाकरे ने नवंबर में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ कांग्रेस के दो विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी। 

30-12-2019
महाराष्ट्र : उद्ध‌व ठाकरे सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार, अजित और आदित्य ने ली शपथ

नई दिल्ली। महाराष्ट्र की उद्ध‌व ठाकरे की सरकार मंत्रिमंडल का सोमवार को पहला विस्तार हुआ है। शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी सभी मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। एनसीपी के अजित पवार, शिवसेना के आदित्य ठाकरे, कांग्रेस के अशोक चव्हाण ने मंत्री पद की शपथ ली है। अजित पवार राज्य के डिप्टी सीएम नियुक्त किए गए। नियम के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार में मुख्यमंत्री के अलावा 42 मंत्री हो सकते हैं।

इनमें शिवसेना के 16 मंत्री हैं। एनसीपी के 14 और कांग्रेस के 12 मंत्री हैं। सोमवार को शिवसेना से आदित्य ठाकरे, अनिल परब, उदय सामंत, बच्चू कडू, संजय राठोड, शंभुराजे देसाई, अब्दुल सत्तार, गुलाबराव पाटील, दादा भुसे ने मंत्री पद की शपथ ली है। कांग्रेस से पूर्व सीएम अशोक चव्हाण, केसी पडवी, विजय वडेट्टिवर, अमित देशमुख, सुनील केदार, यशोमती ठाकुर, वर्षा गायकवाड़, असलम शेख, सतेज पाटिल और विश्वजीत कदम मंत्री बने। एनसीपी से अजित पवार, धनंजय मुंडे, जीतेंद्र अव्हाड, नवाब मलिक, दिलीप वलसे पाटील, हसन मुश्रीफ, बालासाहेब पाटील, दत्ता भरणे, अनिल देशमुख, राजेश टोपे, शंकरराव, अदिति टटकरे, संजय बनसोड़े, प्राजक्त तनपुरे और डॉ. राजेंद्र शिंगणे ने मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।

 

07-12-2019
सीएम बनने के बाद प्रधानमंत्री से पहली बार मिले ठाकरे

मुंबई। भाजपा के साथ गठबंधन तोड़कर कांग्रेस-एनसीपी की मदद से महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। ठाकरे शुक्रवार शाम को पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए पुणे एयरपोर्ट पर पहुंचे। पीएम यहां होने जा रहे पुलिस महानिदेशकों व महानिरीक्षकों के राष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत करने के लिए पहुंचे हैं। राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री का स्वागत करने के बाद ठाकरे मुंबई के लिए रवाना हो गए। हालांकि इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है कि दोनों के बीच एयरपोर्ट पर क्या बातचीत हुई। एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत करने वालों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल रहे।
 
भाजपा और शिवसेना ने पिछले महीने हुए राज्य विधानसभा चुनावों में एक गठबंधन के तौर पर शिरकत की थी, लेकिन चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद दोनों पार्टियों में तल्खी पैदा हो गई थी। शिवसेना चुनाव से पहले तय की गई शर्तों का हवाला देते हुए अपने लिए ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद मांग रही थी, जबकि भाजपा ने ऐसा कोई समझौता होने से इनकार करते हुए उसे उपमुख्यमंत्री पद देने का प्रस्ताव रखा था। बाद में दोनों दलों ने अपना गठबंधन तोड़ दिया था। परिणाम घोषित होने के बाद नाटकीय घटनाक्रमों के बीच आखिरकार उद्धव ने एनसीपी व कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और इसी के साथ वह ठाकरे परिवार से सरकार में कोई पद संभालने वाले पहले सदस्य बन गए थे।

01-12-2019
उद्धव सरकार ने खेला मराठा कार्ड, निजी क्षेत्र में सिर्फ स्थानीय को ही नौकरी

मुंबई। महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की सरकार ने बड़ा दांव चलने की तैयारी कर ली है। सरकार ये दांव नौकरियों के माध्यम से चलने जा रही है. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार कानून लाकर स्थानीय लोगों के लिए निजी नौकरियों में 80 प्रतिशत आरक्षण  सुनिश्चित करेगी। कोश्यारी ने यह घोषणा विधान भवन में विधायकों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए की। राज्यपाल ने कहा कि शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस की महा विकास आघाडी सरकार बेरोजगारी को लेकर चिंतित है.। राज्यपाल के संबोधन के बाद महाराष्ट्र विधानसभा के निचले सदन को 16 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दिया गया। बता दें कि कांग्रेस उम्मीदवार नाना पटोले को आज महाराष्ट्र विधानसभा में निर्विरोध स्पीकर चुन लिया गया। नाना पटोले के विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि नाना पटोले एक किसान परिवार से आए हैं और मुझे विश्वास है कि वह सभी के साथ न्याय करेंगे। सदन में बोलते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने देवेंद्र फडणवीस की जमकर तारीफ की। कहा कि मैंने देवेंद्र फडणवीस से बहुत चीजें सीखी हैं और मैं हमेशा उनका दोस्त रहूंगा। मैं अभी भी हिंदुत्व की विचारधारा के साथ हूं और इसे कभी नहीं छोड़ूंगा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को रविवार को विधानसभा में विपक्ष का नेता चुना गया। इस दौरान देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विरोधी का मतलब शत्रु नहीं बल्कि वैचारिक विरोध होता है। कल जो विरोधी थे, वे आज मित्र हो गए और जो मित्र थे, वे विरोधी हो गए। 

26-11-2019
महाराष्ट्र : कालीदास कोलंबकर ने ली प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ, विधायकों का शपथ ग्रहण कल

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के विधायक कालीदास कोलम्बकर को प्रोटेम स्पीकर चुना गया है। वे महाराष्ट्र विधानसभा के लिए आठ बार निर्वाचित हो चुके हैं। महाराष्ट्र के राजभवन में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कालीदास कोलंबकर को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ दिलाई। कालीदास कोलम्बकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाएंगे। बुधवार को सुबह 8 बजे से नई विधानसभा का पहला सत्र आयोजित किया जाएगा। इसी सत्र में प्रोटेम स्पीकर कालीदास कोलम्बकर विधानसभा में विधायकों को शपथ ग्रहण कराएंगे।  

 

 

25-11-2019
महाराष्ट्र की सियासत पर सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा महाफैसला कल

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाने के महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन की याचिका पर मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे अपना आदेश पारित करेगा। न्यायमूर्ति एन वी रमन, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ विश्वास मत कराने पर आदेश पारित कर सकती है। शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस यह मांग कर रहे थे कि विश्वास मत सोमवार को कराने का आदेश दिया जाए, जिसका फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विरोध किया।

सुनवाई के दौरान केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि महाराष्ट्र में जब कोई दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं था तब राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति शासन लगाया है। केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और फडणवीस के पत्र सौंपे। न्यायमूर्ति एन वी रमन, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने ये पत्र सौंपने के निर्देश दिए थे। मालूम हो कि शनिवार सुबह देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी, जिसके बाद से यह सियासी मामला और गरमा गया था। वहीं एनसीपी के चार में से दो और विधायक वापस आ गए हैं। दोनों विधायकों को दिल्ली से मुंबई ले जाया गया। 

24-11-2019
एनसीपी प्रमुख के घर पहुंचे भाजपा सांसद, आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

मुंबई। महाराष्ट्र में शनिवार को कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री अजित पवार के शपथ ग्रहण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर आज सुनवाई होगी। इस बीच भाजपा सांसद संजय काकडे शरद पवार के घर उनसे मिलने के लिए पहुंचे हैं। काकडे को एनसीपी अध्यक्ष का करीबी माना जाता है। उनके अलावा एनसीपी नेता जयंत पाटिल भी उनके आवास पर पहुंच गए हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट रविवार सुबह 11.30 बजे शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की संयुक्त याचिका पर सुनवाई करेगी। अपनी याचिका में इन तीनों दलों ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा देवेंद्र फडणवीस को शपथ दिलाने के निर्णय को रद्द करने की मांग की है। साथ ही याचिका में जल्द से जल्द विधानसभा में बहुमत हासिल करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में राज्यपाल के फैसले को मनमाना और असंवैधानिक बताया गया है। साथ ही इसमें कहा गया है कि उनके गठबंधन के पास 154 विधायकों का समर्थन है।

23-11-2019
एनसीपी की बैठक में बड़ा फैसला, विधायक दल नेता पद से अजित पवार को हटाया

नई दिल्ली। भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने वाले एनसीपी नेता अजित पवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया गया है। कार्रवाई के तुरंत बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा था अजित पवार का व्यक्तिगत फैसला है, एनसीपी उनका समर्थन नहीं करती है। अजित पवार ने कथित तौर पर शपथ लेने से पहले एनसीपी के सभी 54 विधायकों के समर्थन के पत्र राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सौंप दिया था। खबरें आ रही हैं कि साथ ही एनसीपी ने अजित पवार के समर्थन करने वाले सभी विधायकों को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया है। वाईबी चव्हाण सेंटर में एनसीपी के विधायकों की बैठक चल रही है, जहां पर नए नेता पर भी फैसला हो सकता है। एनसीपी चीफ शरद पवार से मुलाकात करने धनंजय मुंडे पहुंचे हैं। धनंजय मुंडे आज सुबह अजित पवार के साथ थे। बता दें कि अजित पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ शनिवार सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

23-11-2019
कांग्रेस ने आज के दिन को बताया महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास का काला दिन

मुंबई। महाराष्ट्र में अचानक सियासी पासा पलटने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा है कि यह राज्य के राजनीतिक इतिहास का काला दिन है। शिवसेना और एनसीपी की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अलग से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता अहमद पटेल ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी, शिवसेना, एनसीपी को सरकार बनाने का मौका दिया गया, लेकिन राज्यपाल ने कांग्रेस को मौका नहीं दिया। जिस तरह समर्थन पत्र की पुष्टि की जानी चाहिए थी, वह नहीं हुई। अहमद पटेल ने राज्यपाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि जैसे ही शरद पवार दिल्ली में आए।

उनके घर दो बैठकें हुईं। सबकुछ तय हो गया था। कांग्रेस की तरफ से एक सेकंड की भी देर नहीं हुई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एनसीपी से कुछ लोग बाहर निकले। उन्होंने जाकर एक लिस्ट दे दी। इसकी वजह से यह घटना घटी। पटेल ने बीजेपी पर लोकतंत्रिक मयार्दा की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी ने बेशर्मी की इंतहा पार कर दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार बनाने के लिए एनसीपी और शिवसेना के साथ आम सहमति बनाने में देरी करने के सवाल पर कांग्रेस को क्लीन चिट देते हुए पटेल ने सारा ठीकरा एनसीपी के माथे फोड़ दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी उद्धव ठाकरे का फोन आते ही सक्रिय हो गई।

23-11-2019
सत्ता के लिए भतीजे ने दिया चाचा को धोका : संजय राउत

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में रातोंरात बाजी पलट गई है। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने सरकार बना ली है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने फडणवीस और अजित पवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसे लेकर शिवसेना का राज्य की कमान संभालने का सपना चकनाचूर हो गया है। शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि राजभवन की शक्तियों का दुरुपयोग किया गया है। शरद पवार का इससे लेना-देना नहीं है।
संजय राउत ने कहा, 'शरद पवार साहब का इससे कोई लेना-देना नहीं है। अजित पवार ने महाराष्ट्र के लोगों को धोखा दिया है। कल नौ बजे तक ये महाशय (अजित पवार) हमारे साथ बैठे थे। बाद में ये अचानक गायब हो गए। वो नजर से नजर मिलाकर बात नहीं कर रहे थे। उससे हमें शक भी हुआ था। जो व्यक्ति पाप करने जाता है उसकी नजरें जैसे झुकती हैं वैसे बी झुकी नजरों से बात कर रहे थे।' राउत ने आगे कहा, 'उद्धव ठाकरे और शरद पवार एक-दूसरे के संपर्क में हैं और वह आज मुलाकात करेंगे। वह मीडिया को साथ में संबोधित कर सकते हैं। लेकिन तथ्य यह है कि अजीत पवार और उनका समर्थन करने वाले विधायकों ने छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराष्ट्र का अपमान किया है। सत्ता के लिए भतीजे ने चाचा को धोखा दिया है।

 

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