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06-02-2020
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर लगा पीएसए

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती पर श‍िकंजा और कस गया है। गुरुवार को प्रशासन ने इन दोनों नेताओं पर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) लगा दिया। पिछले साल अगस्‍त में जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से ही ये दोनों नेता नजरबंद चल रहे हैं। इनके साथ दो अन्य नेताओं पर भी पीएसए लगाया गया है। बता दें कि उमर के पिता तथा नेशनल कॉन्फ्रेंस चीफ फारूक अब्दुल्ला पहले से ही पीएसए के तहत बंद हैं। उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को छह महीने ऐहतियातन हिरासत में लिए जाने की अवधि गुरुवार को समाप्त हो रही थी। ये सभी नेता पिछले वर्ष पांच अगस्त के बाद से ऐहतियातन हिरासत में रखे गए थे। अब इन पर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) लगा दिया गया है। पुलिस के साथ पहुंचे मैजिस्ट्रेट ने महबूबा के आवास पर जाकर उन्‍हें इस आदेश के बारे में जानकारी दी। महबूबा इसी बंगले में नजरबंद हैं। इसके अलावा जिन दो अन्य नेताओं पर पीएसए लगाया गया, उनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के सीनियर नेता अली मोहम्मद सागर और पीडीपी के सरताज मदनी शामिल हैं। पूर्व विधायक बशीर अहमद वीरी पर भी पीएसए लगने की खबरें आ रही थीं, लेकिन बाद में उन्हें रिहा किए जाने की सूचना है। जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) उन लोगों पर लगाया जा सकता है,जिन्हें सुरक्षा और शांति के लिए खतरा माना जाता हो। 1978 में शेख अब्दुल्ला ने इस कानून को लागू किया था। 2010 में इसमें संशोधन किया गया था,जिसके तहत बगैर ट्रायल के ही कम से कम 6 महीने तक जेल में रखा जा सकता है। राज्य सरकार चाहे तो इस अवधि को बढ़ाकर दो साल तक भी किया जा सकता है।

 

05-09-2019
सुप्रीम कोर्ट ने इल्तिजा मुफ्ती को दी मां महबूबा मुफ्ती से मिलने की इजाजत

नई दिल्‍ली। जम्‍मू कश्‍मीर की पूर्व मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मां से मिलने की इजाजत दे दी है। इल्तिजा जिन्‍हें घर में सना के नाम से बुलाया जाता है, उन्‍होंने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में उन्‍होंने अथॉरिटीज से अपील की थी कि उन्‍हें उनकी मां से मिलने की इजाजत दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इल्तिज़ा को चेन्नई से श्रीनगर जाने और अपनी मां से मुलाकात की इजाज़त दे दी है। कोर्ट ने साफ किया कि इसके अलावा श्रीनगर में उन्हें कहीं आने-जाने के लिए प्रशासन की इजाज़त लेनी होगी। 

बता दें कि पांच अगस्‍त को घाटी से आर्टिकल 370 को हटाया गया था और उसके एक दिन पहले यानी चार अगस्‍त को घाटी के कुछ नेताओं को नजरबंद किया गया था। इनमें महबूबा के अलावा दो और पूर्व मुख्‍यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला और उनके पिता फारूक अब्‍दुल्‍ला भी शामिल हैं। इल्तिजा ने अपनी याचिका में कहा है कि उनकी मां की तबियत ठीक नहीं है और पिछले एक माह से उनकी मुलाकात अपनी मां से नहीं हो पाई है। उन्‍हें अपने मां के स्‍वास्‍थ्‍य की चिंता है, जो ठीक नहीं हैं। इल्तिजा के वकील आकाश कामरा ने कहा है कि याचिका बिल्‍कुल उसी तरह की है जो सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी की ओर से दायर की गई थी। 28 अगस्‍त को सुप्रीम कोर्ट ने येचुरी की याचिका पर फैसला दिया था और सरकार से कहा था कि उन्‍हें कश्‍मीर जाने दिया जाए। येचुरी ने अपनी पार्टी के नेता मोहम्‍मद युसूफ तारीगामी से मिलने की इजाजत कोर्ट से मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने येचुरी को इस शर्त पर कश्‍मीर जाने की इजाजत दी थी कि वह सिर्फ स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी चिंताओं पर ही तारीगामी से बातचीत करेंगे।

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