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30-12-2019
जम्मू-कश्मीर: 5 नेताओं की रिहाई, फारूख अब्दुल्ला,महबूबा मुफ्ती अब भी नजरबंद

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पिछले चार महीनों में हिरासत में रखे गए पांच राजनीतिक नेताओं को रिहा कर दिया है। सोमवार को जिनकी रिहाई हुई, उनमें दो पीडीपी के, दो नेशनल काफ्रेंस और एक निर्दलीय पूर्व विधायक शामिल हैं। इन पांचों को जम्मू-कश्मीर में विशेष राज्य का दर्जा छीनने वाले अनुच्छेद 370 के अगस्त में लागू होने के बाद सुरक्षा कारणों से हिरासत में ले लिया गया था, जबकि सोमवार को इन्हें रिहा किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक रिहा किए गए नेताओं में इशफाक जब्बार,गुलाम नबी भट, बशीर मीर,जहूर मीर और यासिर रेशी हैं। इन नेताओं को तो रिहा कर दिया गया,मगर नेशनल कॉफ्रेंस अध्यक्ष फारूख अब्दुल्ला और पीडीपी चीफ व जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती अभी भी नजरबंद हैं।

 

05-09-2019
सुप्रीम कोर्ट ने इल्तिजा मुफ्ती को दी मां महबूबा मुफ्ती से मिलने की इजाजत

नई दिल्‍ली। जम्‍मू कश्‍मीर की पूर्व मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मां से मिलने की इजाजत दे दी है। इल्तिजा जिन्‍हें घर में सना के नाम से बुलाया जाता है, उन्‍होंने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में उन्‍होंने अथॉरिटीज से अपील की थी कि उन्‍हें उनकी मां से मिलने की इजाजत दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इल्तिज़ा को चेन्नई से श्रीनगर जाने और अपनी मां से मुलाकात की इजाज़त दे दी है। कोर्ट ने साफ किया कि इसके अलावा श्रीनगर में उन्हें कहीं आने-जाने के लिए प्रशासन की इजाज़त लेनी होगी। 

बता दें कि पांच अगस्‍त को घाटी से आर्टिकल 370 को हटाया गया था और उसके एक दिन पहले यानी चार अगस्‍त को घाटी के कुछ नेताओं को नजरबंद किया गया था। इनमें महबूबा के अलावा दो और पूर्व मुख्‍यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला और उनके पिता फारूक अब्‍दुल्‍ला भी शामिल हैं। इल्तिजा ने अपनी याचिका में कहा है कि उनकी मां की तबियत ठीक नहीं है और पिछले एक माह से उनकी मुलाकात अपनी मां से नहीं हो पाई है। उन्‍हें अपने मां के स्‍वास्‍थ्‍य की चिंता है, जो ठीक नहीं हैं। इल्तिजा के वकील आकाश कामरा ने कहा है कि याचिका बिल्‍कुल उसी तरह की है जो सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी की ओर से दायर की गई थी। 28 अगस्‍त को सुप्रीम कोर्ट ने येचुरी की याचिका पर फैसला दिया था और सरकार से कहा था कि उन्‍हें कश्‍मीर जाने दिया जाए। येचुरी ने अपनी पार्टी के नेता मोहम्‍मद युसूफ तारीगामी से मिलने की इजाजत कोर्ट से मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने येचुरी को इस शर्त पर कश्‍मीर जाने की इजाजत दी थी कि वह सिर्फ स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी चिंताओं पर ही तारीगामी से बातचीत करेंगे।

05-09-2019
महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी के खिलाफ बेटी की याचिका पर सुनवाई आज 

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की। इस याचिका में इल्तिजा ने शीर्ष अदालत से गुहार लगाई है कि उसे अपनी मां से मिलने की इजाजत देने के लिए जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों को निर्देश दिया जाए। पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाने के साथ ही महबूबा मुफ्ती को सुरक्षा के नाम पर हिरासत में ले लिया गया था। इस याचिका को चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एसए नजीर की पीठ के सामने गुरुवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

अपने वकील आकर्ष कामरा के जरिये शीर्ष अदालत में लगाई याचिका में इल्तिजा ने अपनी मां के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि वह पिछले एक महीने से उनसे नहीं मिल सकी है। इल्तिजा ने याचिका में अपने लिए ठीक वैसी ही राहत की मांग की है, जैसी कि शीर्ष अदालत ने माकपा महासचिव सीताराम येचुरी की याचिका पर उन्हें दी थी। येचुरी ने अपनी पार्टी के सहयोगी मोहम्मद यूसुफ तरीगामी के खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर 28 अगस्त को शीर्ष अदालत से उनसे मिलने की इजाजत देने की गुहार लगाई थी। शीर्ष अदालत ने 29 अगस्त को उन्हें तरीगामी से मिलने की इजाजत दे दी थी। माना जा रहा है कि गुरुवार को शीर्ष अदालत इल्तिजा से भी वैसे ही शपथपत्र की मांग कर सकती है, जैसा येचुरी ने दिया था। शीर्ष अदालत ने येचुरी को तरीगामी से मिलकर सिर्फ उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछने की इजाजत दी थी। साथ ही इस दौरे में किसी भी राजनीतिक गतिविधि को अंजाम देने के लिए प्रतिबंधित किया था।

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