GLIBS
11-09-2019
जम्‍मू-कश्‍मीर : सोपोर में एनकाउंटर में मारा गया लश्‍कर का मोस्ट वांडेट आतंकी

श्रीनगर। जम्‍मू-कश्‍मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों ने पाकिस्‍तान के आतंकी संगठन लश्‍कर-ए-तैयबा के टॉप आतंकी आसिफ को ढेर कर दिया है। आसिफ को बुधवार हुए एक एनकाउंटर में ढेर किया गया है। कश्‍मीर की मीडिया के मुताबिक आसिफ ने हाल ही में सोपोर में ही एक फल व्‍यापारी के परिवार के तीन सदस्‍यों को गोली मार दी थी। घायलों में एक छह साल की बच्‍ची अस्‍मां जान भी है। आसिफ ने एक अप्रवासी मजदूर शफी आलम की भी हत्‍या की थी। बताया जा रहा है कि आसिफ एक कार से कहीं जा रहा था जब सुरक्षाबलों को नाके पर उसके बारे में पता चला। उसे रुकने के लिए कहा गया लेकिन वह नहीं रुका और उसने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद जवानों की तरफ से उसे जवाब दिया गया और गोलीबारी में उसकी मौत हो गई। सेना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पिछले माह पांच से सात आतंकी एलओसी पर ढेर किए गए हैं।

11-09-2019
लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बीच संपत्ति विभाजन के लिए निगरानी समिति की घोषणा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के दो नवगठित केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के बीच संपत्तियों के विभाजन की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय सलाहकार समिति की घोषणा की। लद्दाख व जम्मू-कश्मीर औपचारिक रूप से 31 अक्टूबर 2019 को अस्तित्व में आ जाएंगे। गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि तीन सदस्यीय सलाहकार समिति में पूर्व रक्षा सचिव संजय मित्रा, पूर्व आईएएस अधिकारी अरुण गोयल और भारतीय नागरिक लेखा सेवा (आईसीएएस) के पूर्व अधिकारी गिरिराज प्रसाद शामिल होंगे। दो केंद्र शासित प्रदेशों के बीच संपत्तियों का बंटवारा 31 अक्टूबर को अस्तित्व में आ जाएगा। इसमें व्यापक वित्तीय व प्रशासनिक कार्य शामिल होंगे।

संयोग से देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती भी इसी दिन होगी। यहां एक शीर्ष नौकरशाह ने कहा, "प्रमुख प्रशासनिक निर्णय में लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के लिए राज्य की विभिन्न मौजूदा सेवाओं से नौकरशाहों का आवंटन करना शामिल होगा। राज्य सरकार के प्रत्येक विभाग को लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश के लिए अधिकारियों को आवंटित करते समय विचार करना होगा। उस क्षेत्र से बहुत कम अधिकारी है, जो वर्तमान में राज्य सरकार की सेवा में हैं।उन्होंने कहा, इसलिए घाटी व जम्मू क्षेत्र में राज्य व केंद्र सरकार की सेवाओं में शामिल अधिकारियों के लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश की सेवा का स्वैच्छिक रूप से विकल्प चुनने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, इस समस्या को हल करने के लिए राज्य के अधिकारियों को लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के लिए तीन साल की प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाएगा। उन्हें राज्य के वर्तमान में केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारियों में लाया जाएगा।

लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश कैडर धीरे-धीरे विकसित होगा। प्रतिनियुक्ति को बाद के चरण में बंद किया जा सकता है।" अधिकारी ने कहा कि संपत्तियों के विभाजन में हथियारों, पुलिस बल के लिए गोला-बारूद, वाहनों का विभाजन व बुनियादी ढांचा व दूसरे संसाधन का आनुपातिक विभाजन शामिल है। उन्होंने कहा, इसी तरह से अन्य सभी राज्य विभागों की संपत्ति का विभाजन जैसे कि राजस्व, वित्त, बिजली विकास, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, सामाजिक कल्याण, ग्रामीण विकास, सार्वजनिक काम और पर्यटन का विभाजन आबादी के अनुपात में होगा। नौकरशाह ने कहा, "कानूनी रूप से केंद्र शासित प्रदेशों के अस्तित्व में आने से पहले ही यह कवायद हो चुकी होनी चाहिए। कार्य शुरू हो चुका है और सलाहकार समिति की आखिरी बैठक के बाद संपत्तियों का विभाजन औपचारिक रूप से हो जाएगा।

05-09-2019
सुप्रीम कोर्ट ने इल्तिजा मुफ्ती को दी मां महबूबा मुफ्ती से मिलने की इजाजत

नई दिल्‍ली। जम्‍मू कश्‍मीर की पूर्व मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मां से मिलने की इजाजत दे दी है। इल्तिजा जिन्‍हें घर में सना के नाम से बुलाया जाता है, उन्‍होंने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में उन्‍होंने अथॉरिटीज से अपील की थी कि उन्‍हें उनकी मां से मिलने की इजाजत दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इल्तिज़ा को चेन्नई से श्रीनगर जाने और अपनी मां से मुलाकात की इजाज़त दे दी है। कोर्ट ने साफ किया कि इसके अलावा श्रीनगर में उन्हें कहीं आने-जाने के लिए प्रशासन की इजाज़त लेनी होगी। 

बता दें कि पांच अगस्‍त को घाटी से आर्टिकल 370 को हटाया गया था और उसके एक दिन पहले यानी चार अगस्‍त को घाटी के कुछ नेताओं को नजरबंद किया गया था। इनमें महबूबा के अलावा दो और पूर्व मुख्‍यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला और उनके पिता फारूक अब्‍दुल्‍ला भी शामिल हैं। इल्तिजा ने अपनी याचिका में कहा है कि उनकी मां की तबियत ठीक नहीं है और पिछले एक माह से उनकी मुलाकात अपनी मां से नहीं हो पाई है। उन्‍हें अपने मां के स्‍वास्‍थ्‍य की चिंता है, जो ठीक नहीं हैं। इल्तिजा के वकील आकाश कामरा ने कहा है कि याचिका बिल्‍कुल उसी तरह की है जो सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी की ओर से दायर की गई थी। 28 अगस्‍त को सुप्रीम कोर्ट ने येचुरी की याचिका पर फैसला दिया था और सरकार से कहा था कि उन्‍हें कश्‍मीर जाने दिया जाए। येचुरी ने अपनी पार्टी के नेता मोहम्‍मद युसूफ तारीगामी से मिलने की इजाजत कोर्ट से मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने येचुरी को इस शर्त पर कश्‍मीर जाने की इजाजत दी थी कि वह सिर्फ स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी चिंताओं पर ही तारीगामी से बातचीत करेंगे।

05-09-2019
5000 श्रद्धालु वीजा फ्री यात्रा के तहत रोजाना कर सकेंगे करतारपुर साहिब के दर्शन 

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करने के बाद पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच बुधवार को पंजाब के अटारी बॉर्डर से आपसी सौहार्द की खबर आई है। भारत-पाकिस्तान के बीच बुधवार को हुई संयुक्त सचिव स्तरीय बैठक में तय हुआ कि अब गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जाने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी। गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव एससीएल दास ने बताया कि प्रतिदिन 5000 श्रद्धालुओं को गलियारे से पाकिस्तान में प्रवेश दिया जाएगा। यह गलियारा पूरे साल, सातों दिन खुला रहेगा और श्रद्धालु जब चाहें करतारपुर साहिब के दर्शन करने जा सकेंगे। उन्हें बस एक परमिट लेना होगा। उन्होंने बताया कि विदेशी नागरिकता वाले भारतीय मूल के श्रद्धालु भी इस रास्ते से बिना वीजा के गुरुद्वारे के दर्शन करने जा सकेंगे। हालांकि पूरे मसौदे को लेकर दोनों देशों में अब भी कुछ मतभेद हैं, जिन पर अगली बैठक हो सकती है। पाकिस्तान श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क वसूलना चाहता था, जिसका भारत ने विरोध किया। वहीं पाकिस्तान ने भारत को गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में काउंसलर व प्रोटोकॉल सुविधा देने से इनकार कर दिया है।

करतारपुर गलियारे को लेकर दोनों पक्षों के बीच यह तीसरे दौर की बातचीत थी। इस दौरान पाकिस्तान से 15 सदस्यों वाला एक प्रतिनिधिमंडल वाघा बॉर्डर के रास्ते अटारी पहुंचा। विशेष पर्व और आयोजनों पर यह क्षमता बढ़ाई भी जा सकती है। करतारपुर साहिब गुरुद्वारा की स्थापना सिखों के संस्थापक गुरु गुरुनानक देव जी ने 1522 में की थी। यह गलियारा पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा करतारपुर साहिब और भारत के गुरदासपुर में डेरा बाबा नानक साहिब को जोड़ेगा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता व सार्क देशों के महानिदेशक मोहम्मद फैसल ने बैठक में हिस्सा लेने से पहले वाघा बॉर्डर पर कहा कि गलियारे का 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पाकिस्तान ने अगले दौर की बैठक के लिए भारतीय अधिकारियों को पाकिस्तान आने का न्योता दिया है। नवंबर में सिख गुरु गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के मौके पर करतारपुर गलियारे का शुभारंभ होगा। इस मौके पर भारतीय श्रद्धालु दर्शन करने करतारपुर साहिब जाएंगे। भारत-पाकिस्तान की आजादी के 73 साल बाद करतारपुर गलियारा पहला ऐसा रास्ता है जहां से पाकिस्तान जाने के लिए वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी। दोनों देशाें ने पिछले साल नवंबर में गुरुनानक देव के अंतिम स्थल करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक से जोड़ने के लिए गलियारा बनाने की पहल की थी। इस गलियारे का करतारपुर साहिब से भारतीय सीमा तक का हिस्सा पाकिस्तान बनाएगा वहीं भारतीय सीमा से डेरा बाबा नानक तक का हिस्सा भारत सरकार को बनाना है। करतारपुर साहिब और डेरा बाबा नानक पीर के बीच चार किलोमीटर का फासला है।

04-09-2019
गिरफ्तार आतंकियों ने कबूला पाकिस्तानी फौज करती है मदद 

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने बुधवार को पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी। सेना और पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 21 अगस्त को लश्कर-ए-तैयबा के 2 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। सेना की तरफ से दोनों आतंकियों का कबूलनामा जारी किया गया। आतंकियों ने बताया कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के उस तरफ पाकिस्तानी फौज हमारी मदद कर रही है। पाक फौज की मदद से ही हमें घुसपैठ और हमले की ट्रेनिंग मिली। सेना के लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने कहा, ‘‘कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने के लिए पाक आर्मी एलओसी पर हर रोज ज्यादा से ज्यादा आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश रही है। 15 आतंकी घुसपैठ और हमले की फिराक में हैं। आतंकियों ने भी अपने बयान में यही कबूला है। सबसे ज्यादा घटनाएं राजौरी और घाटी क्षेत्र में हुईं। पांच से सात आतंकी हर रोज घुसपैठ की कोशिश कर रहे। हमारी सेना माकूल जवाब दे रही है। फिलहाल स्थितियां नियंत्रण में हैं। ले. जनरल ढिल्लन ने कहा कि6 अगस्त को पत्थरबाजी के दौरान जख्मी हुए कश्मीरी नागरिक असरार अहमद खान की बुधवार को मौत हो गई। पिछले 30 दिन में यह पांचवें कश्मीरी नागरिक की मौत है। यह सब पाकिस्तान के आतंकियों, पत्थरबाजों और कठपुतलियों की वजह से हो रहा है।’’

Advertise, Call Now - +91 76111 07804