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05-03-2020
फर्जी चालानों के जरिए जीएसटी घोटाला करने वालों पर कसा सरकारी शिकंजा

 

नई दिल्ली। तीन कंपनियों पर 4198 करोड़ रुपये से ज्यादा के फर्जी चालान जारी करते हुए 660 करोड़ रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। एक कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य के खिलाफ जीएसटी अधिकारी जांच कर रहे हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के मुताबिक, जीएसटी खुफिया महानिदेशालय मुख्यालय ने 3 मार्च को फॉर्च्यून ग्राफिक्स प्राइवेट लिमिटेड, रीमा पॉलीकैम प्राइवेट लिमिटेड और गणपति एंटरप्राइजेज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान सामने आया कि इन तीनों कंपनियों ने 4198 करोड़ रुपये के फर्जी चालान जारी किए थे। इन फर्जी चालानों में खरीदारों को धोखेबाजी के जरिये 660 करोड़ रुपये की रकम आईटीसी के तौर पर दे दी गई। मंत्रालय ने कहा, रीमा पॉलीकैम के एक निदेशक को गिरफ्तार कर लिया गया। इन तीनों कंपनियों के अन्य निदेशकों की भूमिका की जांच की जा रही है। रीमा पॉलीकैम के खिलाफ पहले भी खुफिया राजस्व महानिदेशालय ने एक मुकदमा दर्ज किया था। कंपनी पर एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत कर मुक्त सामानों का आयात करने के बाद उन्हें इधर-उधर करने का आरोप लगाया गया था।

 

15-12-2019
ऐश्वर्या ने अपनी सास पर लगाया मारपीट और घर से बाहर निकालने का आरोप...

पटना। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद की पुत्रवधु ऐश्वर्या राय ने रविवार की शाम अपनी सास पूर्व सीएम राबड़ी देवी पर मारपीट कर घर से बाहर निकालने का आरोप लगाया। 10 सर्कुलर रोड से बाहर निकली ऐश्वर्या ने कहा कि सास राबड़ी देवी ने उनके साथ मारपीट की है। ऐश्वर्या ने आरोप लगाया कि उनकी सास ने उसके साथ मारपीट की और सिर के बाल भी खींचे। घटना की जानकारी मिलते ही ऐश्वर्या के पिता चंद्रिका राय और मां भी राबड़ी देवी के आवास के बाहर पहुंचे। आक्रोशित पिता चंद्रिका राय ने कहा कि वह अपनी बेटी के खिलाफ इस मारपीट के मामले को लेकर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायेंगे। ऐश्वर्या को पुलिस मेडिकल जांच के लिए ले गई। वहीं राबड़ी देवी के घर के बाहर पिता चंद्रिका राय और मां पूर्णिमा राय जमी हुई हैं। ऐश्वर्या राय और लालू-राबड़ी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के बीच तलाक का मुकदमा पटना की अदालत में चल रहा है। इसमें दो दिन बाद फैसला आने वाला है। चंद्रिका राय ने तेज प्रताप यादव को मानसिक रोगी करार दिया। उन्होंने कहा कि तलाक वाले मुकदमे के बाद वह व्यक्तिगत रूप से तेजप्रताप के खिलाफ मुकदमा करेंगे। ऐश्वर्या ने सास राबड़ी देवी पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो अपने आप को कानून से ऊपर मानती है। इसलिए मेरे साथ बार-बार इस तरह का बर्ताव कर रही है। उन्होंने कहा कि हम जो भी कदम उठायेंगे कानून के दायरे में रह कर ही उठायेंगे। इतनी प्रताड़ना के बाद भी आप इस आवास में क्यों रह रही हैं, पत्रकारों के इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं इस घर में रह रही हूं, इसमें गलत क्या है। वो जो कर रही हैं, उसे गलत नहीं कहा जा रहा है।  

 

13-11-2019
पाक कर रहा आर्मी एक्ट में कई बदलाव, कुलभूषण जाधव पर लेगा बड़ा फैसला

लाहौर। पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले में इमरान खान सरकार बहुत जल्द बड़ा फैसला लेने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जाधव के मामले को सिविल कोर्ट में भेजने की तैयारी की गई है। इसके लिए पाकिस्तान सरकार ने आर्मी एक्ट में कई बदलाव करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के बाद जाधव को अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सिविल कोर्ट में अपील करनी होगी। कुलभूषण जाधव पर अभी तक आर्मी कोर्ट में मुकदमा चलाया जा रहा है। आर्मी एक्ट के तहत ऐसे व्यक्तियों या समूह को जिसका मुकदमा आर्मी कोर्ट में चल रहा हो, उसे सिविल कोर्ट में अपील करने की इजाजत नहीं दी जाती है। लेकिन कुलभूषण जाधव मामले को लेकर पाकिस्तान आर्मी कोर्ट के इस एक्ट में संशोधन करेगा। गौरतलब है कि कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान को हाल में ही बड़ी शिकस्त मिली है। इंटरनेशनल जस्टिस कोर्ट के प्रेसिडेंट जज ने कहा कि इस मामले में पाकिस्तान ने वियना संधि के नियमों की अनदेखी की है। आईसीजे ने कहा कि इस गिरफ्तारी की सूचना भारतीय दूतावास को भी नहीं दी गई थी। यहां तक कि भारत के कई बार अपील के बाद भी कुलभूषण जाधव को काउंसुलर एक्सेस नहीं दिया गया। 

 

02-09-2019
मुकदमा कानून अनुसार चलेगा, वेद-पुराण के आधार पर नहीं

नई दिल्ली। अयोध्या राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 17वें दिन भी जारी है। सोमवार को मुस्लिम पक्षकारों का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने दलीलें पेश कीं। उन्होंने हिंदू पक्ष की तरफ  से पेश की गई दलीलों को काटते हुए कहा कि मुकदमा कानून अनुसार चलेगा, वेद और स्कंद पुराण के आधार पर नहीं। उन्होंने हिंदू पक्ष के परिक्रमा वाले दलील पर कहा कि लोगों का उस स्थान की परिक्रमा करना धार्मिक विश्वास को दिखाता है। यह कोई सबूत नहीं है। वर्ष 1858 से पहले के गजेटियर का हवाला देना भी गलत है। अंग्रेजों ने लोगों से जो सुना लिख लिया। इसका मकसद ब्रिटिश लोगों को जानकारी देना भर था। मुस्लिम पक्षकार के वकील ने रामायण को काल्पनिक काव्य करार दिया। राजीव धवन ने दलील देते हुए कहा कि कहा जा रहा है कि विदेशी यात्रियों ने मस्जिद का जिक्र नहीं किया। लेकिन मार्को पोलो ने भी तो चीन की महान दीवार के बारे में नहीं लिखा था।

मामला कानून का है। हम इस मामले में किसी अनुभवहीन इतिहासकार की बात को नहीं मान सकते हैं। हम सभी अनुभवहीन ही हैं। इस पर कोर्ट ने राजीव धवन से कहा कि आपने भी हाईकोर्ट में ऐतिहासिक तथ्य रखे थे। जस्टिस डीवाई चंद्रचूर्ण ने कहा कि आपने (राजीव धवन) भी कुछ ऐतिहासिक साक्ष्य दिए हैं। कोई ऐसा साक्ष्य है, जिसपर दोनों ने भरोसा जताया हो? इससे पहले राजीव धवन ने कहा कि महाभारत एक इतिहास है और रामायण एक काव्य है। इस पर जस्टिस बोबडे ने पूछा इन दोनों में क्या अंतर है? धवन ने कहा काव्य तुलसीदास द्वारा कल्पना के आधार पर लिखी गई थी। इस पर जस्टिस बोबडे ने कहा कि कुछ तो साक्ष्य के आधार पर लिखा जाता होगा। धवन ने दलील देते हुए कहा कि हम सिर्र्फ  इसलिए इस पक्ष को मजबूती से देख रहे हैं, क्योंकि वहां कि शिला पर एक मोर या कमल था। इसका मतलब यह नहीं है कि मस्जिद से पहले एक विशाल संरचना थी।

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