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10-06-2020
मुख्यमंत्री ने गौठानों को आर्थिक गतिविधियों के अनुरूप विकसित करने,चारागाह विकास के कार्य कराने दिए निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को जिलों में शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को गौठानों को आय मूलक गतिविधियों के केन्द्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। राज्य में इस योजना के तहत नरवा के उपचार की स्थिति की भी उन्होंने जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि भू-जल स्तर को बेहतर बनाने के साथ ही खेती किसानी को समृद्ध बनाने के लिए नालों में बहते पानी को रोकना जरूरी है। उन्होंने नालों के उपचार के कार्य को प्राथमिकता से कराए जाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को गौठान समितियों को सक्रिय करने और समिति को प्रदाय की जा रही राशि से पशुओं के चारे-पानी का बेहतर प्रबंध तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खुली चराई प्रथा पर रोक लगे, इसके लिए ग्राम सभा की बैठक में आवश्यक पहल की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने गांव के युवाओं के भी समूह बनाने और उन्हें आय उपार्जन की गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। गौठान समितियों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की ओर से उत्पादित सामग्री की मार्केटिंग की भी व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय समूहों की ओर से उत्पादित सामग्री की क्वालिटी एवं पैकेजिंग बेहतर हो इसके लिए भी आवश्यक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण जरूरी है।बैठक में चारागाह विकास के काम को भी प्राथमिकता से कराए जाने के निर्देश दिए गए ताकि गौठानों में पशुओं को नियमित रूप से हरा चारा मिलता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पशुओं के स्वास्थ्य एवं दुग्ध उत्पादन बेहतर होगा। वन क्षेत्रों से लगे ग्रामों में गौठान की स्थापना के लिए आवर्ती चराई योजना के अंतर्गत सुनिश्चित करने और वन समितियों के माध्यम से हरे चारे के उत्पादन को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने बाड़ी विकास कार्यक्रम की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सामूहिक और व्यक्तिगत बाड़ियों से उत्पादित होने वाली सब्जी की आपूर्ति स्कूलों, आश्रमों छात्रावासों, सुरक्षा बलों के मेस में कराने की व्यवस्था करने को कहा ताकि सब्जी उत्पादक को साल भर आमदनी हो सके।

16-05-2020
भूपेश बघेल ने गौठानों में लघु वनोपजों के 50 लाख पौधों का रोपण करने दिया लक्ष्य

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को वन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश में बनाए जा रहे गौठानों में अभियान चलाकर जुलाई माह में लघु वनोपजों के 50 लाख पौधों का रोपण करने कहा है। उन्होंने वृक्षारोपण के तहत रोपित पौधों की सुरक्षा के लिए प्रदेश में स्व-सहायता समूहों के बांस ट्री गार्ड के निर्माण की प्रशंसा की और इसे बढ़ावा देने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आवर्ती चराई योजना के तहत वन क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारागाह घेरने, शेड निर्माण और वहां वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन के साथ-साथ देशी मुर्गी पालन और बतख और सूकर पालन जैसे गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

राज्य में चालू वर्ष में रायपुर से जगदलपुर तक 300 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग में दोनों ओर वृक्षारोपण किया जाएगा। साथ ही प्रदेश में 1300 किलोमीटर लंबाई के राम वन गमन पथ के 75 विभिन्न स्थलों में आम, बरगद, पीपल, नीम तथा आंवला आदि फलदार प्रजाति के पौधों का रोपण किया जाएगा। वन मंत्री मो.अकबर ने बैठक में बताया कि इस वर्ष तेंदूपत्ता तोड़ाई के पारिश्रमिक का भुगतान सीधे हितग्राहियों के खाते में करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में चालू वर्ष के दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण से 12 लाख 53 हजार परिवारों को लगभग 649 करोड़ रुपए का पारिश्रमिक मिलेगा। प्रदेश के सभी जिलों में होने वाली वनोपजों की जानकारी से संबंधित डाटा एकत्र करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है अगले तीन से 4 वर्षों में लघु वनोपजों की आनलाइन खरीदी की व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

कोविड-19 लॉक डाउन के दौरान वन विभाग की ओर से अब तक 80 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के माध्यम से जरुरतमंदों को तत्परता पूर्वक रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसी तरह देश में सर्वाधिक 26 करोड़ रूपए की राशि के लघु वनोपजों का संग्रहण कर बड़ी तादाद में लाभ दिलाया गया है। राज्य में अब तक लगभग 165 करोड़ रुपए की राशि के 4 लाख 11 हजार 222 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संर्ग्रहण हो चुका है। इसके माध्यम से लोगों को रोजगार के साथ-साथ आय का लाभ मिल रहा है। इसी तरह वनों में अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग अंतर्गत कुल 3 हजार 506 बीटों में अग्नि रक्षक लगाकर रोजगार उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा 241 नर्सरियों में पौधा तैयार करने और संयुक्त वन प्रबंधक के अंतर्गत वर्मी कम्पोस्ट, मशरूम उत्पादन, मछली पालन, तालाब गहरीकरण, बांस ट्री गार्ड निर्माण, लाख चूड़ी उत्पादन और भू-जल संरक्षण कार्य तथा नरवा विकास कार्यों के माध्यम से काफी तादाद में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। बस्तर में इमली की प्रोसेसिंग के माध्यम से लगभग 12 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। इन्हें हर माह ढाई हजार से 3 हजार रुपए की आय हो रही है। चिरौंजी, रंगीली लाख, कुसमी लाख, शहद, महुआ बीज संग्रहण और प्रोसेसिंग के माध्यम से 8580 महिलाओं को काम मिला है। जशपुर में महुआ से सेनेटाइजर बनाया जा रहा है।

19-04-2020
गौठानों में सब्जियों की खेती से महिलाओं ने कमाए 74 हजार रुपए

रायपुर। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने देशव्यापी लॉक डाउन के दौरान जब रोजगार की अधिकांश गतिविधियां ठप्प हैं, तब ऐसे समय में कांकेर जिले के स्वसहायता समूहों की महिलाओं ने गौठानों में सब्जियों की खेती कर 74 हजार 600 रूपए कमाए हैं। जिले के 17 गौठानों में 34 स्वसहायता समूह सब्जी उत्पादन कर रही हैं। लॉक-डाउन के दौर में ये महिलाएं अपने गांव के साथ ही आसपास के गांवों में भिण्डी, बरबट्टी, मिर्ची और कई प्रकार की भाजियों की आपूर्ति कर रही हैं। सब्जियों की बिक्री से नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम श्रीगुहान की जय मां लक्ष्मी स्वसहायता समूह को 12 हजार 400 रूपए और चारामा विकासखण्ड के मरकाटोला की ज्योति स्वसहायता समूह को नौ हजार 500 रूपए की आमदनी हुई है। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे गौठान पशुधन के संरक्षण-संवर्धन के साथ ही रोजगार का भी केंद्र बन रहे हैं। इन्हें स्थानीय ग्रामीणों के रोजगार के लिए मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वसहायता समूह की महिलाएं गौठानों और चारागाहों के लिए आरक्षित अतिरिक्त भूमि पर सब्जी उत्पादन के साथ ही मक्का उत्पादन, सीमेन्ट पोल निर्माण, मछली पालन और मशरूम उत्पादन कर कमाई कर रही हैं। इससे गांव में ही अनेक महिलाओं को स्थायी रोजगार मिल रहा है। गौठानों में कंपोस्ट खाद बनाने और फल-फूल व सब्जियों के उत्पादन के लिए बाड़ी विकास की भी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

 

07-02-2020
राज्य शासन के निर्णयों और कार्यक्रमों को तेजी से क्रियान्वित करें: आरपी मण्डल

रायपुर। मुख्य सचिव आरपी मण्डल ने सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों से कहा है कि नगरीय क्षेत्रों में भूमि के आबंटन, व्यवस्थापन, पट्टों के नवीनीकरण, पट्टों का भूमि स्वामी हक प्रदान करने के लिए तत्काल कार्ययोजना तैयार की जाए और शीघ्र ही नगरीय क्षेत्रों में शिविर लगाकर हितग्राहियों को जानकारी प्रदान कर उन्हें लाभान्वित करें। मुख्य सचिव मण्डल  शुक्रवार को महानदी भवन मंत्रालय में सचिव स्तरीय बैठक में राज्य शासन द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्य सचिव ने नगरीय क्षेत्र के भूमिहीन व्यक्तियों को पट्टाधारी अधिकारों को प्रदाय करने अधिनियम 1984, 1998 और 2002 के तहत पट्टों का नवीनीकरण तथा नियमितिकरण कराने, 7500 वर्ग फीट तक का भूमि आबंटन और व्यवस्थापन, आबादी और नजूल पट्टों को भूमि स्वामी हक में परिवर्तन करने तथा परिवर्तित भूमि के वार्षिक भू-भाटक की वसूली को सरलीकृत करने के निर्देश राजस्व विभाग के अधिकारियों को दिए। इसी तरह से राजस्व अधिकारियों को राजस्व बढ़ाने के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने कहा। बैठक में नगरीय क्षेत्रों में भूमि पट्टों का वितरण, शहरी स्लम स्वास्थ्य और हाट बाजार क्लीनिक योजना, लोक सेवा गारंटी, नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी, सुपोषण अभियान सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि नवीन गौठानों को राजमार्गो, हाईवे तथा प्रमुख सड़कों के नजदीक ही बनाया जाये, गौठानों में पैरादान के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने, गौठानों के पास लाइवलीहुड के कार्य विकसित करने और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार गौठानों का निर्माण एवं गौठानों के संचालन के लिए प्रतिमाह दस हजार रूपए नियमित रूप से प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, सिंचाई, नगरीय प्रशासन, आवास एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को इन योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डीडी सिंह, राजस्व सचिव  रीता शांडिल्य सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

16-01-2020
325 गौठानों के लिए 4.15 लाख क्विंटल पैरा संग्रहित

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक के निर्देश पर सुराजी गांव योजना के तहत जिले में पशुओं के सुरक्षित ठौर के लिए बनाये गये 325 गौठानों में पशुओं को बारह माह चारे की व्यवस्था के लिए अब तक 4 लाख, 15 हजार, 40 क्विंटल पैरा का संग्रहण किया जा चुका है। कलेक्टर पाठक ने जिले के प्रत्येक गौठान में तीन-तीन सौ ट्रेक्टर पैरा संग्रहित करने के निर्देश दिये हैं। उनके आदेश के परिपालन में गौठानों में पैरा संग्रहण का काम कराया जा रहा है। ज्ञातव्य है की कलेक्टर द्वारा पैरादान की अपील करते हुए जिले के सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों को पत्र भेजे गये थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 जनवरी तक जिले के जनपद पंचायत अकलतरा के 41 गौठानों के लिए 97,460 क्विंटल, बलौदा के 31 गौठानों के लिए 51 हजार 100 क्विंटल, बम्हनीडीह के 32 गौठानों के लिए 42 हजार 40 क्विंटल, डभरा के 33 गौठानों के लिए 15 हजार 240 क्विंटल, जैजैपुर के 37 गौठानों के लिए 36 हजार 920 क्विंटल, मालखरौदा के 35 गौठानों के लिए 32 हजार 860 क्विंटल,  नवागढ़ के 40 गौठानों के लिए 62 हजार 460 क्विंटल,  पामगढ़ के 32 गौठानों के लिए 38 हजार 700 क्विंटल और सक्ती के 37 गौठानों के लिए 38 हजार 260 क्विंटल पैरा संग्रहित किया जा चुका है। कलेक्टर ने गौठान प्रभारियों, नोडल अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप प्रत्येक गौठान में पैरा संग्रहण की कार्यवाही शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिये हैं।

 

03-01-2020
कलेक्टर ने कृषि विभाग की बैठक लेकर की विभागीय कार्यों की समीक्षा....

धमतरी। कलेक्टर रजत बंसल ने कृषि विभाग के मैदानी अमलों के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने किसानों से पैरा दान करवाकर गौठानों में चारा उपलब्ध कराने वाले ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की सराहना की। वहीं कुछ गौठानों में अब तक किसानों के द्वारा पैरा दान शुरू नहीं करा पाने वाले आर.ए.ई.ओ. को उन्होंने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एक सप्ताह के बाद इसकी पुनः समीक्षा करने के निर्देश दिए तथा इसमें सुधार नहीं लाने वाले मैदानी कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने के लिए उप संचालक कृषि को निर्देशित किया। इस दौरान जिले में वर्मी कम्पोस्ट, चारागाह विकास, मखाना, सिंघाड़ा रागी उत्पादन सहित बांस प्लांटेशन की स्थिति की समीक्षा की।

जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि शासन का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा ग्रामीणों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर करना है। उन्होंने सभी विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों को क्लस्टर तैयार कर खेतों में फसल अवशेषों को नहीं जलाकर किसानों को समझाइश देते हुए पैरा दान के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। साथ ही धान खरीदी केन्द्रों में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के द्वारा धान खरीदी को लेकर किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। इसके पहले, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता गांधी ने पिछली बैठक के एजेण्डे पर समीक्षा करते हुए ब्लाॅकवार तथा आरएईओ वार कार्य प्रगति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने की ज्यादातर शिकायतें मगरलोड विकासखण्ड के से प्राप्त हो रही हैं। सी.ई.ओ. ने कहा कि मगरलोड के 32 गौठानों में से 20 में अच्छे कार्य सम्पादित किए जा रहे हैं, जबकि शेष 12 गौठानों में पैरा दान का कार्य काफी धीमा है। एक सप्ताह भीतर इसमें जोर लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में 143 गौठान स्वीकृत हैं, जिनमें धमतरी विकासखण्ड में 30, कुरूद में 49, मगरलोड व नगरी में 32-32 गौठान शामिल हैं। इसके अलावा वर्मी कम्पोस्ट की खपत के मामले में  नम्रता गांधी ने यह स्पष्ट किया कि गांवों की पारम्परिक व्यवस्था को ही कायम रखते हुए गौठान समिति के माध्यम पहले इच्छुक ग्रामीणों को खाद बेचें, उसके बाद बच जाने पर उद्यानिकी विभाग को बेचना सुनिश्चित करें। बैठक में गौठानों में अन्य आर्थिक गतिविधियों के संबंध में चर्चा की गई। इसके अलावा उन्होंने चारागाह विकास पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की। साथ ही मखाना, सिंघाड़ा, रागी और बांस के प्लांटेशन के लिए प्रत्येक विकासखण्ड में अधिक से अधिक रकबा में पैदावार के लिए प्रगतिशील कृषकों को प्रोत्साहित कर उन्हें तैयार करने तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के मार्गदर्शन में नर्सरी तैयार करने सहित विभिन्न  बिंदुओं पर सविस्तार चर्चा की गई। इस अवसर पर उप संचालक कृषि जी.एस. कौशल, सहायक संचालक आर.के. कश्यप, कृषि विज्ञान केन्द्र के समन्यक डाॅ. चंद्रवंशी, बीज निगम के अधिकारी सहित सभी विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी, उद्यान विस्तार अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

03-11-2019
पंचायतों के अधिकारों पर कटौती कर रही कांग्रेस : सवन्नी

रायपुर। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता भूपेन्द्र सवन्नी ने कहा कि गौठानों के नींव से निर्माण की प्रक्रिया में जिस तरह से प्रदेश की कांग्रेस की सरकार राजनीति कर रही है वो निंदनीय है । गौठान के निर्माण के जो गौठान समिति का गठन किया गया है। उनके अधिकारों को ग्रामसभा को न देकर प्रशासनिक स्तर पर कांग्रेस सरकार ने खुद ही अपने हाथों में ले रखा है। सवन्नी ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में ग्रामसभा जैसी संस्थायें कमजोर हो रही है। केवल कांग्रेस अपने नरवा, गुरवा, धुरवा, बारी अभियान के नाम पर ग्राम पंचायतों के अधिकारों को छीनने लगी है। महात्मा गांधी का स्वप्न था कि स्वराज के माध्यम से गांव में मजबूती आये लेकिन कांग्रेस उनकी परिकल्पना को ही कमजोर करने में जुटी है। गौठान समिति के लिये जो गौठान समितियों का गठन किया जाना था उनमें अब कांग्रेसियों की ही नियुक्ति इस संस्था ने पिछले  दरवाजे से किया जा रहा है। जिसकी जितनी निंदा की जाये वो कम है। पूरे प्रदेश सहित बिलासपुर जिले में गौठान निर्माण को लेकर प्रशासनिक तंत्र जिस तरह से सरपंचों पर भय का वातावरण निर्मित कर रहा है उससे पंचायतों के काम काज पर सीधा असर पड़ रहा है। इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस की सरकार को  अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि ग्राम पंचायतों के अधिकारों यथावत रहेगा या इस तरह से अधिकारों के नाम पर प्रशासनिक आतंकवाद और बदलापुर की राजनीति जारी रहेगी।

02-11-2019
गौठानों के सुचारू संचालन में माहेश्वरी समाज दे योगदान: भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने माहेश्वरी समाज से अपने प्रबंधन कौशल का योगदान गौठानों के सुचारू संचालन में देने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री शनिवार को साइंस कॉलेज ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ प्रादेशिक माहेश्वरी युवा संगठन द्वारा आयोजित दीपावली मिलन और अभिनंदन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने माहेश्वरी समाज को दीपावली और राज्य स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि महेश्वरी समाज ने प्रबंधन के क्षेत्र में विशेष दक्षता हासिल की है, यदि यह समाज अपने इस कौशल का योगदान गौठानों के प्रबंधन में देता है, तो यह छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी सेवा होगी। उन्होंने कहा कि महेश्वरी समाज जशपुर से लेकर सुकमा तक के गांव में रहता है और वहां स्थानीय समाज से घनिष्ठ रूप से घुल- मिल गया है। 

 मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नरवा, गरवा, घुरवा और बारी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज हम गौ माता की सेवा करना चाहते हैं, लेकिन गाय सड़कों पर आवारा घूमती हैं और प्लास्टिक खा रही हैं। आवारा पशुओं से आज फसलों को बचाना एक बड़ी चुनौती हो गया है, इसलिए गांव में गौठान बनाए जा रहे हैं, जहां पशुओं के लिए डे केयर की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ट्रॉली में बिकने वाला पशुओं का गोबर अब प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। गोबर से बनी वर्मी कंपोस्ट 8 से 10 रूपए प्रति किलो की दर पर बिक रही है। मुख्यमंत्री ने महेश्वरी समाज के लोगों को राज्योत्सव में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। इस अवसर पर महेश्वरी समाज की युवा विंग के अध्यक्ष राजेश मंत्री सहित स्वराज्य लड्डा, अनूप चांडक और जय चांडक, साध्वी अलका सिंह सहित समाज के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

23-10-2019
गोवर्धन पूजा के दिन मनाया जाएगा 'गौठान दिवस'

धमतरी। प्रदेश सरकार की महती सुराजी गांव योजना के तहत् बनाए गए गौठानों में इस गोवर्धन पूजा के मौके पर 'गौठान दिवस' मनाया जाएगा। कलेक्टर रजत बंसल ने आज समय सीमा की बैठक लेते हुए सभी सेक्टर अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रदेश सरकार की मंशा अनुरूप जिले में बने सभी 61 गौठानों में 'गौठान दिवस' मनाने आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लें। साथ ही सुनिश्चित् करें कि गौठान दिवस से पहले ही ग्रामीणों में से अध्यक्ष एवं सदस्य बनाकर गौठान सेवा समिति का गठन कर लिया गया है, जिससे कि गौठान दिवस के मौके पर उक्त समिति को औपचारिक रूप से कार्यभार सौंपा जा सके। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सुबह 11 बजे से आहूत समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि तत्काल उक्त समिति के बैंकों में खाते भी खोले जाएं, ताकि नवंबर माह से इनके खातों में आबंटन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। इसके अलावा यदि कहीं नवीन गौठान चयनित अथवा स्वीकृत हो तो उनका भूमिपूजन भी पंचायत एवं गांव के समक्ष उस दिन कराया जाए। उन्होंने राजस्व एवं कृषि अमले को संयुक्त रूप से अगले छह दिनों के भीतर फसल क्षति का आंकलन करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि प्रभावितों को मुआवजा दिलाने के लिए आगे की कार्रवाई जल्द शुरू की जा सके। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीके तुर्रे द्वारा राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत डेंगू नियंत्रण एवं बचाव की कार्ययोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कलेक्टर ने आयुक्त, नगरपालिक निगम को निर्देशित किया कि डेंगू से बचाव के लिए चिन्हांकित वार्डों में एंटी लार्वा फॉगिंग की जाए तथा घरों के अंदर व बाहर ठहरे हुए पानी को खाली कराने, कूलर, टंकी और टायर में जमे पानी के लार्वा को नष्ट करने एंटी लार्वा फॉगिंग स्प्रे कराना सुनिश्चित् करें।  इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय दयाराम के., अपर कलेक्टर  दिलीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

19-10-2019
मुख्यमंत्री के साथ कांग्रेस शहर अध्यक्ष गिरीश दुबे ने ख़रीदे दीये

रायपुर। छत्तीसगढ़ माटिकला बोर्ड द्वारा दीपावली के अवसर पर डिजाइनर दीये, थाली कटोरी का प्रदर्शनी लगाई गई। शहर ज़िला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता बंशी कन्नौजे ने बताया की प्रदर्शनी में रायपुर के गौठानों के गोबर से निर्मित दीये रायपुर बिहार के स्वसहायता समूह द्वारा निर्मित छत्तीसगढ़ी व्यंजन की प्रदर्शनी लगाई गई थी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ शहर अध्यक्ष गिरीश दुबे ने भी मिट्टी के दीये ख़रीदे। यह प्रदर्शनी तेलीबांधा तालाब के किनारे मरीन ड्राइव में लगी थी।

 

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