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24-11-2020
मितानिन दिवस पर आंगनबाडी कार्यकर्ता और मितानिनों को ग्राम पंचायत ने दिया 10 हजार रुपए पुरस्कार

महासमुन्द। ग्राम बेलसोंढा में ग्राम पंचायत के रामसजा मंच में मितानिन दिवस मनाया गया।इस अवसर पर मंच में ग्राम की सरपंच भामिनी चन्द्राकर, उप सरपंच हुलसी चन्द्राकर उपस्थित थे। मितानिन दिवस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और एमटी कार्यकर्ता उपस्थित थी, जिन्हें ग्राम की सरपंच व उप सरपंच ने मिठाई, साल और श्रीफल दे कर सम्मानित किया और सभी को ग्रामहित में मन लगाकर काम करने कहा। कार्यक्रम में गांव की सरपंच उप सरपंच सहित ग्राम के वार्ड प्रमुख व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत बेलसोंढा ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिनों को उनके कार्य से खुश हो कर 10 हजार की नगद राशि उपहार में दिया।

13-11-2020
जल जीवन मिशन योजना के लिए ग्राम पंचायतों में 18 नवंबर को होगी विशेष ग्राम सभा

कोरिया। जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत जिले के ग्राम स्तर पर तैयार की जा रही ग्राम कार्ययोजना को ग्रामसभा में अनुमोदन के लिए 18 नवंबर को प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर वैश्विक महामारी के तहत जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए विशेष ग्राम सभा का आयोजन होगा। इसके लिए कलेक्टर एसएन राठौर ने सभी अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं।
उन्होंने पत्र में कहा है कि संबंधित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के द्वारा संबंधित सचिव को सूचना दी जाए। पर्याप्त मुनादी कराकर ग्रामसभा के सदस्यों एवं ग्रामीणों को सूचित किया जाए, ग्रामसभा के सभापति व सचिव के सहयोग के लिए संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के प्रस्ताव के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा ग्राम प्रभारी की नियुक्ति की जाए। ग्राम सभा का आयोजन कोविड-19  वैश्विक महामारी के तहत जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

 

08-11-2020
आरंग में आगामी दो वर्षों में पक्की सड़कों का होगा निर्माण : डॉ. डहरिया

रायपुर। नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आरंग विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में 43 करोड़ 87 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। इसमें ग्राम राखी में एक करोड़ 22 लाख रुपए की लागत से निर्मित विद्यालय भवन और सामुदायिक भवन का लोकार्पण शामिल है। मंत्री डॉ. इस मौके पर कई विकास कार्यों की घोषणा की। डॉ. डहरिया ने लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार बनते ही प्रदेश के किसानों का कर्जा माफ किया। किसानों के प्रति कर्ज माफी में कोई सिलिंग नहीं की गई। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के धान को वाजिब मूल्य में खरीदकर किसानों की हित में काम किया। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल की सरकार पुरखों के बताए हुए मार्ग पर चलकर अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ावर्ग सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। भूपेश बघेल की सरकार ने प्रदेश के किसानों, गरीबों, मजदूरों और व्यापरियों के हित में कारगर नीति बनाई है। राजीव गांधी किसाान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना और नई औद्योगिक नीति के माध्यम से लोगों को लाभवन्तित किया है। इसी का परिणाम है कि आज देश में आर्थिक मंदी के बावजूद भी राज्य में इसका कोई प्रभाव नहीं है।

मंत्री डॉ. डहरिया ने इन कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए कहा कि आरंग क्षेत्र के विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। क्षेत्र का विकास होगा तो लोगों के लिए सुविधाएं भी बढ़ेगी। सड़के बनेंगी, तो आवागमन की सुविधा होगी, स्कूल भवन और आंगनबाड़ी भवन बनेंगे तो बच्चों को शिक्षा मिलेगी। सामुदायिक भवन और पंचायत भवनों में लोग अपने गांव व क्षेत्र के विकास के लिए नियम और नीति बनाएंगे और प्रदेश तथा देश के विकास में सहभागी बनेंगे। मंत्री डॉ. डहरिया ने आरंग विकासखण्ड अन्तर्गत नई राजधानी क्षेत्र के ग्राम राखी में 1.22 करोड़ की लागत से शासकीय उच्चतर माध्यमिक भवन और सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया। डॉ. डहरिया इसके बाद चंदखुरी-खौली मार्ग व आरंग खमतराई मार्ग का चौड़ीकरण व मजबूतीरण सड़क के लिए लगभग 32.96 करोड़ के विकास कार्य का भूमिपूजन किया। वे इसके बाद ग्राम कोसरंगी में 3.97 करोड़ की लागत से गुमा जलाशय योजना का जीर्णोद्धार एवं लाईनिंग कार्य का भूमिपूजन किया। आरंग विकासखण्ड के बहुप्रतिक्षित समोदा-कुसमंद-तुलसी मार्ग पतालु नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इसकी लागत 6.1 करोड़ रुपए हैं। डॉ.डहरिया इसके बाद ग्राम देवरी में प्राथमिक सहकारी सेवा समिति का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिला पंयायत रायपुर की अध्यक्ष डोमेश्वरी वर्मा, सदस्यगण माखन कुर्रे, राजू शर्मा, अनिता थानसिंग साहू, केसरी मोहन साहू, जनपद अध्यक्ष  खिलेश देवांगन, वरिष्ठ समाजसेवी  कोमल साहू, सदस्यगण मधु टंडन, इंदिरा पटेल, लक्ष्मी हिरादास जांगड़े, रूखमणी तारक,  दिनेश ठाकुर, नगरपालिका अध्यक्ष चन्द्रशेखर चन्द्राकर, उपाध्यक्ष नरसिंग साहू, मंगलमूर्ति अग्रवाल, हरि बंजारे, जोईधाराम साहू, लल्ला साहनी, सुनिल बांधे, रेखराम पात्रे, गनेश बांधे, रामशंकर साहू सहित सरपंच, पार्षद एवं अन्य जनप्रतिनिधि व नागरिक मौजूद थे।

07-11-2020
बेहतर कार्ययोजना और क्रियान्वयन का प्रमाण है कोरिया जिले में बने 73 नए ग्राम पंचायत व पीडीएस भवन

रायपुर/कोरिया। कोरिया जिले में 73 नवीन ग्राम पंचायत भवन सह पीडीएस भवन का निर्माण किया गया है, जो एक बेहतर कार्ययोजना और क्रियान्वयन का प्रमाण बना है। बता दें कि कलेक्टर एसएन राठौर की कुशल रणनीति से कोरिया जिले में नवीन ग्राम पंचायत भवन के साथ ही पीडीएस भवन का निर्माण किए जाने से शासन की गाइलाइन के अनुसार नवीन ग्राम पंचायत भवन और पीडीएस भवन के निर्माण के लिए जो राशि प्रस्तावित थी, उसमें 3 करोड़ से भी अधिक राशि की बचत की गई है। कलेक्टर एसएन राठौर ने इस अभिनव उपलब्धि पर पंचायत और राजस्व विभाग की पूरी टीम को बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि यह बेहतर टीम वर्क का नतीजा है। गुणवत्ता का ध्यान का रखते हुए ग्राम पंचायत सह पीडीएस भवन के निर्माण में 3 करोड़ 14 लाख 72 हजार रुपए तक राशि बचत की गई है, जिसका उपयोग जिले के विकास के लिए किया जाएगा। शासन की गाइलाइन के अनुसार नवीन ग्राम पंचायत भवन और पीडीएस भवन के निर्माण के लिए प्रस्तावित राशि कुल 17 करोड़ 57 लाख 98 हजार रुपए थी, सुनियोजित कार्ययोजना के आधार पर कार्य करते हुए इस लक्ष्य को 14 करोड़ 43 लाख 26 हजार रुपए में पूरा कर लिया गया है। सुव्यवस्थित ग्राम पंचायत कार्यालय एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें एक साथ बनने से ग्रामीणों को एक ही जगह पर अपना राशन मिलने लगेगा, जिससे समय की बचत तो होगी ही साथ ही ग्राम पंचायत सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर पूरी नजर रख सकेगी।

जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तूलिका प्रजापति ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि शासन की गाइलाइन के अनुसार नवीन ग्राम पंचायत भवन और पीडीएस भवन के निर्माण के लिए प्रस्तावित राशि कुल 17 करोड़ 57 लाख 98 हजार रुपए की राशि 73 निर्माण कार्यों के लिए दी गई। इसमें पंचायत भवन और पीडीएस भवन के अलग-अलग निर्माण करने पर उक्त राशि व्यय होती। कलेक्टर एसएन राठौर से इस कार्य के शीघ्र व गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए अधिकारियों से चर्चा कर कार्ययोजना तैयार की गई। इसमें तय किया गया कि पंचायत भवन और पीडीएस भवन का एक साथ निर्माण किया जाए। राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा स्थल का चिन्हांकन किया गया। स्थल चिन्हांकन करते हुए इस बात का पूरा ध्यान रखा गया कि पंचायत भवन एवं पीडीएस दुकान तक पहुंच ग्रामीणों के लिए सुविधाजनक हो। इसके बाद भवन के निर्माण के दौरान भी सभी एसडीएम एवं सीईओ जनपद पंचायत के द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की गई ताकि गुणवत्तापूर्ण निर्माण हो। स्वयं कलेक्टर राठौर ने भी निरंतर भ्रमण कर निर्माण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस योजना के अनुरूप काम करते हुए 14 करोड़ 43 लाख 26 हजार रुपए की लागत से पंचायत भवन एवं पीडीएस दुकान बनाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।

04-11-2020
भूपेश सरकार की कोशिशों से गौठानों के निर्माण का काम लगातार जारी आर्थिक गतिविधियां हुई तेज

रायपुर/बेमेतरा। भूपेश सरकार के प्रयास से गौठानों का निर्माण कार्य लगातार जारी है। चालन से न केवल स्वयं का वरन अन्य लोगों को रोजगार में वृद्धि की परिकल्पना प्रथम फेस में निर्मित गौठानों मे साकार होते नजर आ रही है । प्रथम फेस के स्वीकृत सभी गौठानों में कार्य पूर्ण कराया जाकर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व गौठान समिति के माध्यम से विभिन्न प्रकार के आर्थिक गतिविधियॉं संचालित हो रही है,जिसमें मुख्य रूप से गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन से पशुपालकों के माध्यम से गौठान समिति द्वारा गोबर की खरीदी कर पशु पालकों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ के साथ-साथ, गौठान स्थल में मशरूम उत्पादन, सब्जी उत्पादन, फलों उद्यान, मत्स्य पालन, मौसमी त्यौहारों के लिए आवश्यक सामाग्री का निर्माण, कोरोना काल में फुडकीट तैयार करना, अगरबत्ती, पेन, कीटनाशक, बैग, तार-जाली, गोबर से विभिन्न प्रकार के उत्पाद निर्माण जैसे:-दीया, लकड़ी, खाद, गमला, आदि।
ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत बेलगांव जनपद पंचायत साजा मुख्यालय से समीपस्थ 13 किमी की दूरी पर स्थित है । यहां पशुओं के प्रबंधन के लिए पारंपरिक तरीके का ही प्रयोग किया जाता रहा। गांव में चारे की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पशु ग्रामीणों की खेती को नुकसान पहुंचाते थे। बेलगांव में लगभग माह मार्च-अप्रैल तक खेतों में फसल लहलहाते है। ऐसे में गौठान निर्माण कर गांव के सभी पशुओं को गौठान के भीतर ही सुनियोजित तरीके से रखे जाने से फसल की नुकसानी में कमी आई हैं । गांव में गौठान निर्माण से ग्रामीण अत्यधिक प्रशन्नता महसूस कर रहे। पशुपालन विभाग के सर्वे के अनुसार कुल 493 पशुधन है। जो कि गौठान स्थल पर उपलब्ध होते । यहां पशु चराई की परंपरागत प्रक्रिया के तहत ग्रामीण चरवाहों के माध्यम से पशुओं की चराई की जाती रही है। इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा प्रचलित गौठान को आधुनिक रूप से विकसित करने की पहल की गई, जिसमें पशुओं के लिए समुचित पेयजल प्रबंधन के लिए पानी टंकी के निर्माण, छाया व्यवस्था के लिए शेड का निर्माण, पशुओं के लिए ग्रामीण जनो के सहयोग से चारे का संकलन, कोटना का निर्माण कीचड़ आदि के बचाव के लिए भूमि विकास कार्य, सीपीटी निर्माण कार्य, आदि का निर्माण कराया गया है । साथ ही साथ ग्राम पंचायत में लगभग 10 एकड़ भूमि में पशुओं लिए चारागाह का विकास ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया है। इसमें मक्का, ज्वार के साथ-साथ नेपियर घास भी रोपित किए गये थे।
साथ ही उक्त चारागाहके लिए चिन्हांकित भूमि में ग्राम की स्व-सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से सब्जी-भाजी के साथ-साथ फलदार पौधारोपण का आर्थिक गतिविधिया संचालित की जा रही हैं। जय बजरंग बली महिला स्व-सहायता समूह से लगभग 2 एकड़ रकबे में टमाटर की खेती कर एक सीजन में ही लगभग 1 लाख रूपये का लाभ प्राप्त किया जा चुका हैं साथ ही आगामी एक माह में उक्त फसल से लगभग 70-80 हजार रूपये का लाभ होना संभावित हैं। स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उक्त भूमि में विभिन्न फसलें जैसे-अरहर,  हल्दी, जिमीकंद, गोभी, भाजी, प्याज इत्यादि फसलें भी लगाई गई हैं। जय बजरंग बली स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष नीलम, सचिव कल्पना तिवारी के साथ-साथ समूह में कुल 11 महिलायें शामिल हैं।

23-10-2020
करंजा भिलाई, संगनी और उफरा बनाई जाएगी माॅडल ग्राम पंचायत,दिया गया प्रशिक्षण

दुर्ग 23 अक्टूबर। जनपद पंचायत दुर्ग के ग्राम पंचायत करंजा भिलाई, जनपद पंचायत धमधा, ग्राम पंचायत संगनी, जनपद पंचायत पाटन, ग्राम पंचायत उफरा को महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत माॅडल पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए चयनित ग्राम पंचायतों के सचिव, तकनीकी सहायक तथा रोजगार सहायकों की दो दिवसीय गुड गवर्नेस इनीशिएटिव के तहत प्रशिक्षण आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के आज जिला पंचायत के सभाकक्ष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में नोडल अधिकारी द्वारा मनरेगा अंतर्गत निर्माण कार्यो में नस्ती संधारण, जॅाब कार्ड संधारण, नागरिक सूचना पटल,7 विभिन्न प्रकार के पंजियों को तैयार करने एवं अद्यतन करने के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। राज्य से प्राप्त दिशा-निर्देशों के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.आलोक के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

सबसे पहले ग्राम पंचायतों में हो रहे कार्यो के दस्तावेजीकरण के बारे में पीपीटी के माध्यम से जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही ग्राम पंचायत में होने वाले समस्त मनरेगा कार्यो के लिए अलग-अलग वर्क फाइल तैयार किए जाने की जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अमले को महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत होने वाले प्रत्येक कार्य के पहले सही स्थान पर नागरिक सूचना पटल बनाए जाने के बारे से तकनीकी ज्ञान दिया गया। इसके अलावा ग्राम पंचायत में प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक के जाॅब कार्ड अद्यतनीकरण की जानकारी प्रायोगिक रूप से दी गई। गुड गवर्नेस इनीशिएटिव माॅडल ग्राम पंचायत के लिए 5 चरणों में चरणबद्ध कार्य किए जाएगें,जिससे ग्राम पंचायतों का रिकार्ड एवं फिल्ड वर्क व्यवस्थित हो सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित परियोजना अधिकारी केके तिवारी, जनपद पंचायत कार्यक्रम अधिकारी गौरव मिश्रा, यूके टिकरिहा सहायक परियाजना अधिकारी उपस्थित रहे।

 

23-10-2020
कोंडागांव में कोरोना के बढ़ते प्रकोप पर नियंत्रण व रोकथाम के लिए कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने दिए  आदेश

रायपुर/कोण्डागांव। जिले में बढ़ते कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में लगातार वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए नोवेल कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के नियंत्रण व रोकथाम के लिए जिला प्रशासन से सभी संभव उपाय अमल में लाए जा रहे हैं। ज्ञात हो कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोविड-19 के प्रकरणों में लगातार इजाफा देखा गया है। इसे देखते हुए कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने आदेश जारी कर विकासखण्ड व ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली किसी भी प्रकार की बैठक के लिए संबंधित अनुभाग के अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) से पूर्व अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश अनुसार ग्राम पंचायत एवं विकासखण्ड में बैठक के लिए एसडीएम की पूर्वानुमति आवश्यक होगी।

21-10-2020
शहीदी स्मृति दिवस:  शहीदों के परिजनों को श्रीफल-शॉल भेंट कर किया सम्मानित, चौकी प्रभारी ने जरूरतमंदों को बांटे कंबल

कोंडागांव। शहीदी स्मृति दिवस के अवसर पर कोण्डागांव पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर बांसकोट पुलिस ने शहीदों के घर जाकर उनके परिवार वालों से भेंट की। उनका हालचाल जाना और उनकी समस्या से अवगत हुए। उन्हें श्रीफल के साथ शाल भेंट कर सम्मानित किया। बाँसकोट चौकी प्रभारी प्रमोद कतलम ने बताया की शहादत दिवस पर चौकी क्षेत्र में आने वाले 16 ग्राम पंचायतों में गरीब तबके के लोग,जिनके पास ठंड में ओढ़ने के लिए चादर नहीं है। ऐसे लोगों को खोज कर ग्राम प्रमुखो के साथ कंबल बांटे गए। उन्होंने कहा कि अब से वे अपनी गाड़ी में 10 कंबल हमेशा रखेंगे ताकि जरूरतमंदों को ठंड की ठिठुरने से बचाने के लिए कंबल दे सके।

 

20-10-2020
जिले में 83 नए वीएलई देंगे लोक सेवाएं,आम जनता को मिलेगी आधार कार्ड-राशन कार्ड-ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की सुविधा

बीजापुर। जिले के अंतर्गत लोक सेवाओं को आम जनता तक पहुँचाने के लिए 83 नए विलेेज लेबल इंटरप्रीमर अपनी सेवाएं देंगे। इन नए वीएलई को ग्राम पंचायतों में इंटरनेट तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इससे जनसाधारण को आधार कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक खाता खोलने सहित जाति, निवास प्रमाण पत्र बनाने इत्यादि सेवाएं उपलब्ध होगी।इस दिशा में कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने नवीन चयनित विलेज लेबल इंटरप्रीमर से रूबरू चर्चा करते हुए कहा कि जनसाधारण को छोटे-छोटे कार्यों के लिए ब्लाक या जिला मुख्यालय तक आना नहीं पड़े और स्थानीय स्तर पर ग्राम पंचायत में ही उन्हे लोक सेवाएं सुलभ करायें। इससे आम जनता को सुविधा होगी। वहीं लोक सेवाओं के लिए एक निर्धारित शुल्क मिलने से स्थानीय युवाओं को आमदनी होगी।

कलेक्टर अग्रवाल ने सभी विलेज लेबल इंटरप्रीमर से कहा कि ग्रामीणों की जरूरत को देखते हुए उन्हे संवेदनशीलता के साथ त्वरित लोक सेवाएं उपलब्ध करायें। उन्होंने अधिकारियों को वीएलई के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने कहा। इसके साथ ही उन्हे आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किये जाने अधिकारियों को निर्देशित किया। वहीं इन वीएलई को बैंकिंग सेवाएं यथा पेंशन, मजदूरी सहित अन्य शासकीय योजनाओं की सहायता राशि का नकद भुगतान आदि के लिए बैंकों से जोड़ने के निर्देश दिए।

 

19-10-2020
सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने पर 596 लोगों पर लगाया गया 17 हजार 460 जुर्माना

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्गनिर्देशन में कोरोना संक्रमण की  रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। निर्देशों के उल्लंघन पर अर्थदण्ड की कार्यवाही भी की जा रही है। कलेक्टर ने इस संबंध में राजस्व अधिकारियों, जनपदों के सीईओ एवं नगरीय निकाय के मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को पत्र जारी कर कोरोना वायरस की रोकथाम और बचाव के संबंध में जनजागरूकता अभियान चलाकर व्यापक प्रचार-प्रसार करवाने के निर्देश दिए हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि जनपद पंचायत पामगढ, बम्हनीडीह, बलौदा, अकलतरा, सक्ती, जैजैपुर, मालखरौदा, नवागढ़, डभरा की सभी नागरिकों द्वारा सार्वजनिक स्थान पर थूकने, मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग नहीं करने, फिजिकल डिस्टेंस आइसोलेशन के नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करवाने के लिए अर्थदण्ड की कार्यवाही की गई। सभी जनपद पंचायतों से अब तक कुल 596 प्रकरणों में 17 हजार 460 रूपए के अर्थदण्ड की वसूली की गई। कोरोना संक्रमण वैश्विक महामारी से बचाव एवं रोकथाम के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना से बचाव के उपाय के लिए दैनिक व्यवहार में परिवर्तन लाना जरूरी है। इसके लिए मास्क का उपयोग,2 गज की दूरी का पालन करना, हाथ धोना जैसे तरीके हैं तथा इस दिशा में प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।
जनपद पंचायत बम्हनीडीह में मास्क न पहनने पर हुई कार्यवाही में अब जुर्माने के तौर पर 140 प्रकरणों में 4 हजार 200 रूपये वसूल किए गए। जनपद पंचायत जैजैपुर में 76 प्रकरणों में 2 हजार 280 रूपए, पामगढ़ में 128 प्रकरणों में 3 हजार 420 रूपए, अकलतरा में 7 प्रकरणों में 710 रूपए, मालखरौदा में 42 प्रकरणों में 1 हजार 260 रूपए, डभरा में 78 प्रकरणों में 2 हजार 340 रूपए एवं नवागढ में 39 प्रकरणों में 1 हजार 170 रूपए की वसूली की गई। जनपद पंचायत बलौदा में 86 प्रकरण में 2 हजार 580 रूपए अर्थदंड लिया गया।

 

18-10-2020
अन्य प्रदेशों से छत्तीसगढ़ लौटे 6.81 लाख लोगों ने पंचायतों में बनाए गए सेंटरों में  पूरी की क्वारेंटाइन अवधि

रायपुर। देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ लौटे प्रवासी श्रमिकों के लिए ग्राम पंचायतों में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटरों से कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने में बड़ी सहायता मिली है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से इसके लिए प्रदेश भर में 21 हजार 580 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए थे। कोरोना काल में प्रदेश लौटे 6 लाख 80 हजार 665 लोग इन सेंटरों में सफलतापूर्वक क्वारेंटाइन अवधि पूरी कर अपने घर पहुंच चुके हैं। इन लोगों ने खुद के एवं अन्य ग्रामीणों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दृष्टि से क्वारेंटाइन अवधि पूर्ण करने के बाद अगले दस दिनों तक होम-क्वारेंटाइन में रहने के निर्देशों का भी गंभीरता से पालन किया है।

गांवों में स्थापित क्वारेंटाइन सेंटरों का संचालन एवं नियंत्रण संबंधित जिला प्रशासन द्वारा किया गया। इनके संचालन में ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला पंचायतों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। ग्राम पंचायतों में स्थापित क्वारेंटाइन सेंटरों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को आवास और भोजन सहित सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई गई थीं। अस्थायी शौचालयों, पुरूषों एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग स्नानगृहों, स्वच्छ पेयजल, लाइट एवं पंखों की भी वहां व्यवस्था की गई थी। लोगों के मनोरंजन के लिए टेलीविजन एवं रेडियो के इंतजाम के साथ अनेक रचनात्मक गतिविधियां भी वहां संचालित की जा रही थीं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने योग और प्राणायाम का भी अभ्यास कराया गया। वृक्षारोपण, पेंटिंग, खेलकूद, पठन-पाठन जैसी गतिविधियों के माध्यम से भी उनकी मानसिक सेहत का ध्यान रखा गया।



क्वारेंटाइन सेंटरों में बेहतर साफ-सफाई के साथ कोरोना संक्रमण से बचाव के दिशा-निर्देशों के पालन पर भी जोर दिया गया था। बार-बार हाथ धोने के लिए साबुन और पानी के साथ ही हैंड-सेनिटाइजर भी उपलब्ध कराया गया था। मुंह ढंकने के लिए मास्क एवं गमछा भी दिया गया। कोरोना संक्रमित व्यक्ति के मिलने जैसी आपात स्थिति के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रत्येक सेंटर में एक कमरा पृथक से आइसोलेशन के लिए सुरक्षित रखा गया था। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से क्वारेंटाइन सेंटरों में रह रहे लोगों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की गई। अस्वस्थ लोगों को इलाज और दवाईयां भी मुहैया कराई गईं। संक्रमण की संभावना और लक्षण वाले व्यक्तियों के तत्काल सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।  
 पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव के निर्देश पर विभाग द्वारा प्रवासी श्रमिकों के लिए मनरेगा के तहत जॉब-कार्ड बनाकर रोजगार दिए जाने के साथ ही उन्हें अन्य योजनाओं के माध्यम से भी रोजगार उपलब्ध कराने त्वरित कदम उठाए गए हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा मजदूरों की स्किल-मैपिंग कर औद्योगिक, भवन निर्माण और अन्य क्षेत्रों में उन्हें काम दिलाने के लिए भी गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।







 

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