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16-04-2020
डीएमएफ फंड का दुरुपयोग करने वाली भाजपा ज्ञान न दें : कांग्रेस

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं रमन सरकार के पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के सरकार पर लगाए गए निराधार आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि रायपुर दक्षिण विधानसभा के विधायक बृजमोहन अग्रवाल जो कि अपने क्षेत्र के लोगों की तकलीफ को दूर नहीं कर पा रहे हैं और लगातार जनता के बीच से गायब है इन नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए वह प्रदेश सरकार पर झूठा, निराधार आरोप लगा रहे हैं। विकास तिवारी ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल को पहले यह बताना चाहिए कि जब वह कृषि मंत्री थे और उनकी सरकार ने 2100 रु. धान समर्थन मूल्य और हर साल 300 रुपए बोनस देने का वादा किया था उसे पूरा किया कि नहीं किया और नहीं किया तो किस मुँह से किसान हितैषी बनने का स्वांग रच रहे हैं। डीएमएफ फंड का उपयोग कोरोना संक्रमण के समय में करने की बात बृजमोहन अग्रवाल कर रहे है। लेकिन उन्हें प्रदेश की जनता को यह भी बताना चाहिए कि पिछले 15 सालों में डीएमएफ फंड में लगातार जो कमीशन खोरी भ्रष्टाचार और लूट मची हुई थी। उसका हिसाब जनता को देंगे या अपने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी पर चुप रहेंगे।

विकास तिवारी ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि पूरी व्यवस्था लचर है और मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के बीच समन्वय नहीं है तो उन्हें यह बताना चाहिए कि 15 सालों में प्रदेश के स्वास्थ्य व्यवस्था को अर्श से फर्श पर लाने वाली भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और उनके दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर भी प्रकाश डालेंगे की नहीं। तिवारी ने कहा कि यह तो सच है कि पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व कृषि मंत्री की टकराहट और मनमोटाव के कारण भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई की दुर्गति हो गयी है, जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी एक सक्रिय विपक्ष की भूमिका भी नहीं निभा पा रही है और पद से हटाए जाने की अनिश्चितता के कारण प्रदेश अध्यक्ष भी शुसुप्त अवस्था में चले गए है। प्रदेश भाजपा की दुर्गति और कमजोर विपक्ष की भूमिका पर पर्दा डालने के लिए पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल केवल बयानबाजी कर रहे हैं। 15 साल तक जनता को आधा पेट राशन देने वाले आज उन्होंने संकट के समय में केवल भाषण दे रहे हैं।

विकास ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उनका पूरा मंत्रिमंडल दिन रात मेहनत करके छत्तीसगढ़ में कोरोना COVID-19 महामारी को फैलने से रोक रहे हैं। पूरे देश में 64 हजार से अधिक जरूरतमंद मजदूरों से संपर्क करके उन्हें राहत सामग्री पहुंचाई गई है। प्रदेश की जनता को भी राहत समाग्री प्रदान की जा रही है और जो राशन कार्ड धारी नहीं है, उनके भी भरपेट भोजन का इंतजाम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कर रहे हैं। यह सब देख बृजमोहन अग्रवाल के पेट में दर्द होने हैं। क्योंकि उनके शासनकाल में 30 हजार करोड़ का राशन घोटाला हुआ था, जिसमें मोटा कमीशन भाजपा नेताओं ने डकारा था और जनता की थाली से अनाज की चोरी की गई थी। अब जब जनता भरपेट खाना खा रही है तो भाजपा के विधायक बृजमोहन अग्रवाल और पूरी भारतीय जनता पार्टी को यह बात नागवार गुजर रही है। विकास तिवारी ने बृजमोहन अग्रवाल से कहा कि इस कठिन समय में बयानबाजी छोड़कर धरातल में उतरे और जनता की तकलीफों और समस्या का समाधान करने में सरकार की मदद करें।

27-08-2019
अजीत जोगी का कांग्रेस सरकार पर लगाया गया आरोप निराधार: त्रिवेदी

रायपुर। अजीत जोगी के जाति मामले पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने पलटवार किया है। त्रिवेदी ने कहा है कि अजीत जोगी की ओर से कांग्रेस सरकार पर जाति मामले में लगाए गए आरोप निराधार एवं तथ्यहीन है। 2003 का विधानसभा चुनाव भाजपा ने अजीत जोगी के नकली आदिवासी होने के मुद्दे पर लड़ा था। चुनाव के बाद अजीत जोगी  के नकली आदिवासी होने के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ाई लड़ी गई। सर्वोच्च न्यायालय ने 13 अक्टूबर 2011 को बिलासपुर कलेक्टर पीटिशनर वाले जिस मामले में आदेश दिया। इस आदेश में माधुरी पाटिल के मामले का संदर्भ आदेश 14 के पैरा क्रमांक 5, 6, 9 में दिया गया था और डे-टू-डे हियरिंग कर दो माह में जांच के आदेश दिये गये थे।त्रिवेदी ने कहा कि रमन सिंह सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के दो माह में फैसले देने के निदेर्शों के बावजूद दो साल बाद जनवरी 2013 में ले देकर कमेटी बनाई। उच्च स्तरीय जांच समिति का प्रतिवेदन दिनांक 22/04/2013 अदालत में जमा किया गया। 22.6.2013 को पूरक प्रतिवेदन उच्च न्यायालय में जमा भी किया गया। हाई कोर्ट में 18/9/2013 को आपसी सहमति से अजीत जोगी और रमन सिंह की सरकार के बीच समझौता कर यह प्रतिवेदन और मामला वापस ले लिया गया।  उन्होंने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में रमन सरकार ने तो जानबूझकर प्रक्रियागत त्रुटियां करके अजीत जोगी के लंबे समय से लंबित जाति के मामले पर फैसले को रोका है। रमन सरकार के कार्यकाल में लगातार प्रक्रिया पर सवाल लगाकर अजीत जोगी की जाति के मामले में निर्णय को बाधित किया जाता रहा। भाजपा सरकार के निहित राजनैतिक स्वार्थों के चलते इसमें अजीत जोगी को सहयोग किया। उच्च न्यायालय में हाईपावर छानबीन कमेटी की सिफारिशों को जमा करके भी विधानसभा चुनावों के ऐन पहले रमन सिंह सरकार ने वापस लिया।  उन्होंने कहा कि भाजपा की बी टीम को मदद पहुंचाने के लिये रमन सिंह सरकार ने अजीत जोगी के जाति मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निदेर्शों की स्पष्ट अनदेखी की जाती रही। छत्तीसगढ़ की जनता ने छजका और भाजपा के इस नापाक गठबंधन को बखूबी समझ कर 2018 के विधानसभा चुनावों में बुरी तरह से नकार दिया था। अजीत जोगी का जाति मामला भाजपा और भाजपा की बी टीम की मिलीभगत का जीता जागता सबूत है।

 

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