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28-05-2020
टिड्डी दल के संभावित आक्रमण को लेकर कृषि विभाग ने दी समसामयिक सलाह....

धमतरी। जिले में टिड्डी दल के संभावित प्रकोप को दृष्टिगत करते हुए कृषि विभाग द्वारा बचाव की सलाह दी गई है। उप संचालक कृषि ने बताया कि रात्रि के समय में ये टिड्डी दल खेतों में रूककर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। जमीन में लगभग 500 से 1500 अण्डे प्रति मादा कीट देकर सुबह तक उड़कर दूसरी ओर चले जाते हैं, जहां लाखों की संख्या में पेड़-पौध एवं अन्य वनस्पति को खाकर आगे बढ़ जाते हैं। उन्होंने इसके नियंत्रण के लिए सलाह दी है कि कृषक अपने स्तर पर गांव में समूह बनाकर खेतों में रात्रिकालीन समय में निगरानी रखें। यदि टिड्डी दल का प्रकोप हो तो शाम सात से रात नौ बजे के मध्य यह दल विश्राम के लिए बैठते हैं, जिनकी पहचान करने के लिए सतत् निगरानी रखें। जैसे ही किसी गांव में टिड्डी दल के आक्रमण की जानकारी मिलती है तो इसकी जानकारी कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र से को तत्काल दें। उन्होंने बताया कि टिड्डियों का हमला होने पर कृषक टोली बनाकर परंपरागत उपाय जैसे ढोल, डीजे बजाकर अथवा डिब्बे आदि के माध्यम से शोर मचाकर, ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग कर तेज आवाज के जरिए खेतों से भगाया जा सकता है। यदि शाम के समय टिड्डी दली का प्रकोप हो गया हो तो दल के विश्राम अवस्था में सुबह तीन से पांच बजे के बीच तुरंत क्लोरोपाइरीफाॅस 20 ई.सी. 200 एमएल या लेंब्डासायहेलोथ्रिन 5 ईसी 400 एमएल या डायफ्लूबेंजूसन 25 डब्ल्यूटी 240 ग्राम प्रति हेक्टेयर 500 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। साथ ही कीटनाशक पावडर फेनबिलरेट 0.4 प्रतिशत 20-25 किग्रा या क्यूनाॅलफास 0.5 प्रतिशत 25 कि.ग्रा. प्रति हेक्टेयर का भी भुरकाव किया जा सकता है।

 

04-04-2020
अधिक दर पर आवश्यक वस्तुएं बेचने वाले 8 दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई,वसूले गए 23 हजार रुपए

धमतरी। नोवल कोरोना वायरस कोविड-19 के जिले में संभावित संक्रमण के तहत कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रजत बंसल के द्वारा लाॅक डाउन एवं धारा 144 के प्रभावी होने के दौरान जिले की दुकानों में आवश्यक वस्तुओं का मूल्य नियंत्रित करने तथा मुनाफाखोरी के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तारतम्य में शनिवार को निर्धारित कीमत से अधिक मूल्य पर आवश्यक वस्तुएं बेचे जाने पर 8 किराना व्यवसायियों के विरूद्ध कार्रवाई कर 23 हजार रूपए का जुर्माना गठित दल के द्वारा वसूला गया।खाद्य शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व, खाद्य, नापतौल, मण्डी तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम के द्वारा जिले की 12 किराना दुकानों में दबिश दी गई।

इनमें से निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर आवश्यक वस्तुएं बेचने वाले स्थानीय हटकेशर वार्ड के ईश्वर महिलांगे किराना स्टोर्स भटगांव के अमित किराना स्टोर्स, देमार के नयनदास किराना दुकान, बिरेझर के साहू किराना दुकान, कल्ले के दाऊ किराना स्टोर्स, नगरी के अंकित किराना स्टोर्स तथा नगरी के ही गौतम किराना स्टोर्स में आलू, प्याज, शक्कर, दाल एवं अन्य आवश्यक खाद्य सामग्रियां अधिक दर पर बेची जा रही थीं। उक्त दुकान संचालकों के विरूद्ध खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा प्रकरण दर्ज 18 हजार रूपए का जुर्माना वसूला गया। इसी तरह ग्राम देमार के हेमंत किराना स्टोर्स में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने एवं विधिक माप विभाग में पंजीकृत नहीं पाए जाने पर विधिक माप अधिकारी द्वारा पांच हजार रूपए का जुर्माना आरोपित किया गया। इस प्रकार कुल 23 हजार रूपए की वसूली उक्त दुकानदारों से की गई। इसके अलावा दुकानदारों से दैनिक उपभोग की वस्तुओं का मूल्य प्रदर्शित करने की समझाइश भी दी गई। खाद्य अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर प्रतिदिन संयुक्त टीम के द्वारा दुकानों में दबिश देकर शासन के निर्देशों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

03-04-2020
अब मोबाइल एंबुलेंस के जरिए होगा सैंपल कलेक्शन, कोरोना संभावितों के घर पहुंचेंगी एंबुलेंस

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में कोरोना के सभी संभावित लोगों को तेजी से टेस्ट सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक नई रणनीति अमल में लाई जाएगी। इसके तहत सभी संभावितों का सैंपल उनके घर पहुंचकर लिया जाएगा। सैंपल कलेक्शन के लिए मोबाइल एम्बुलेंस में सभी सुविधाओं एवं आवश्यक सामग्री के साथ सैंपल कलेक्शन विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। यह निर्णय शुक्रवार को राज्य स्तरीय कमांड एंड कन्ट्रोल सेन्टर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह की मौजूदगी में आयोजित बैठक में लिया गया। सैंपल कलेक्शन की इस व्यवस्था से उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग तथा टेस्टिंग में तेजी आएगी। बैठक में स्वास्थ्य सचिव सिंह ने सैंपल कलेक्शन की इस नई व्यवस्था के संबंध में सभी कलेक्टरों को पत्र प्रेषित कर इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। मोबाइल एम्बुलेंस संग्रहण के लिए संभावित मरीजों के घर के सामने पहुंचेंगी और उसमें मौजूद लैब टेक्नीशियन पीपीई किट,एन-95 मास्क एवं अन्य सुरक्षा उपकरण पहनकर एम्बुलेंस के पिछले हिस्से में एक-एक कर सभी कोरोना संभावितों का सैंपल कलेक्शन करेंगे। सचिव ने कहा कि प्रत्येक संभावित व्यक्ति का सैंपल कलेक्शन करते समय लैब टेक्नीशियन सिर्फ अपने हैण्डग्लब्स चेंज करेगा। पूरा पीपीई किट बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। मोबाइल एम्बुलेंस के माध्यम से एक दिन में ही कई घरों में जाकर संभावितों का सैंपल कलेक्शन किया जा सकेगा।

सचिव सिंह ने विभागीय अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की अन्य सेवाओं का भी बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय सहित सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, गैरसंचारी एवं संचारी रोगों की रोकथाम तथा अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों का लाभ लोगों को समुचित रूप से मिलना चाहिए। बैठक में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के ईलाज के लिए सभी जिला चिकित्सालयों में कोरोना आईसोलेशन वार्ड की स्थापना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। सचिव निहारिका सिंह ने कोरोना आईसोलेशन वार्ड को चिकित्सालयों के अन्य वार्डों से पर्याप्त दूरी एवं अलग रखने को कहा, ताकि जिला चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को इससे कोई परेशानी न हो। बैठक में माना रायपुर, मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव, मेडिकल कॉलेज जगदलपुर, अम्बिकापुर तथा बिलासपुर में कोविड अस्पताल की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। बैठक में संयुक्त सचिव स्वास्थ्य डॉ.सीआर प्रसन्ना, संचालक स्वास्थ्य नीरज बंसोड़,संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ.प्रियंका शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

02-04-2020
कलेक्टर ने कुरूद के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्थापित आइसोलेशन सेंटर का लिया जायजा

धमतरी। कोरोना वायरस कोविड-19 का जिले में संभावित संक्रमण को दृष्टिगत करते हुए कलेक्टर रजत बंसल लगातार स्वास्थ्य केन्द्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी तारतम्य में उन्होंने बुधवार एक अप्रैल को नगर पंचायत कुरूद में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सिविल अस्पताल) का दौरा कर आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता का जायजा लिया। कलेक्टर ने सिविल लाइन में स्थापित किए गए आइसोलेशन सेंटर का निरीक्षण किया तथा वहां पर उपलब्ध कराए गए जरूरी उपकरणों का भी अवलोकन किया, साथ ही अस्पताल में मास्क, ग्लब्स, हैण्ड सैनिटाइजर के स्टाॅक की जानकारी ली। उन्होंने खण्ड चिकित्सा अधिकारी को कोरोना वायरस के लक्षण वाले मरीजों का विशेष तौर पर स्वास्थ्य जांच करने और सतत् निगरानी रखने के लिए निर्देशित किया। साथ ही आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटीरत डाॅक्टरों और स्टाॅफ को बेहतर ढंग से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही कुरूद के पंचायत प्रशिक्षण केन्द्र में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में भी आवश्यक सुविधाओं का समय-समय में जांच करने, सोशल डिस्टेंसिंग का हरहाल में पालन करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम कुरूद योगिता देवांगन सहित अस्पताल स्टाफ उपस्थित थे।

18-08-2019
यूनेस्को की संभावित धरोहरों की सूची में भारत के 42 धरोहर स्थल

नई दिल्ली। भारत के 42 धरोहर स्थल काफी लंबे समय से यूनेस्को की  धरोहर सूची में शामिल किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अब सरकार यूनेस्को के मापदंडों सहित इन धरोहरों का तुलनात्मक अध्ययन करायेगी ताकि इन्हें जल्द वैश्विक सूची में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हो सके। इन धरोहर स्थलों को यूनेस्को की संभावित धरोहरों की सूची में तो शामिल किया गया है लेकिन पूर्ण रूप से वैश्विक धरोहर के रूप में मान्यता अभी तक नहीं मिली है। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन, यूनेस्को के भारत में संभावित धरोहरों की सूची में पश्चिम बंगाल का विष्णुपुर मंदिर, केरल के कोच्चि स्थित मात्तानचेरी पैलेस, मध्यप्रदेश के मांडू स्थित ग्रुप ऑफ मॉन्यूमेंट और उत्तर प्रदेश के वाराणसी के सारनाथ स्थित प्रचीन बौद्ध स्थल साल 1998 से यूनेस्को की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं हालांकि अब तक पूर्ण रूप से विश्व धरोहर की मान्यता नहीं मिली है। यूनेस्को के विश्व धरोहर की संभावित सूची के बारे में पूछे जाने पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि यह सही है कि यूनेस्को की संभावित या अस्थायी धरोहरों की सूची में करीब 50 धरोहर हैं। ये यूनेस्को के मानदंडों को पूरा करते हैं। हमने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एएसआई से कहा है कि इन मानदंडों के तहत इन स्थलों का तुलनात्मक अध्ययन करें। यूनेस्को के संभावित धरोहरों की सूची में भारतीय धरोहरों में पंजाब के अमृतसर स्थित हरमंदिर साहिब और असम में ब्रह्मपुत्र नदी की मुख्यधारा से लगे माजुली द्वीप साल 2004 से ही शामिल है। वहीं नामदाफा राष्ट्रीय उद्यान और लिटिल रन आफ  कच्छ का वाइल्ड एस सैंचुरी साल 2006 से संभावित सूची में तथा नेउरा वैली नेशनल पार्क और डेजर्ट नेशनल पार्क साल 2009 से यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल है। सिल्क रोड साइट्स इन इंडिया, शांति निकेतन, चारमिनार, कुतुबशाही मकबरा, गोलकोंडा किला तथा कश्मीर का मुगल गार्डन 2010 से यूनेस्को की संभावित धरोहरों में शामिल है। दिल्ली हेरिटेज सिटी साल 2012 से संभावित विश्व धरोहर में शामिल है। 

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