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17-11-2019
गोटाबाया राजपक्षे ने जीता श्रीलंका का राष्ट्रपति चुनाव

कोलंबो। श्रीलंका में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रविवार को जारी मतों की गणना में पूर्व रक्षा सचिव गोटाबाया राजपक्षे ने जीत दर्ज कर ली। बता दें कि राजपक्षे का झुकाव चीन की तरफ बताया जाता है। श्रीलंका में घातक आतंकवादी हमले के सात महीने बाद कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हुआ था। निर्वाचन आयोग ने बताया कि करीब पांच लाख मतों की गणना के बाद मुख्य विपक्षी उम्मीदवार राजपक्षे 50.51 प्रतिशत मतों के साथ आगे चल रहे हैं, जबकि पूर्व आवासीय मंत्री सजीत प्रेमदासा को 43.56 प्रतिशत मत मिले। प्रेमदासा ने अपनी हार स्वीकार कर ली है।

प्रेमदास ने कहा, ‘लोगों के निर्णय का सम्मान करना और श्रीलंका के सातवें राष्ट्रपति के तौर पर चुने जाने के लिए गोटबाया राजपक्षे को बधाई देना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।’ यूनाइटेड नेशनल पार्टी’ (यूएनपी) के प्रेमदासा देश के पूर्व राष्ट्रपति रणसिंहे प्रेमदासा के पुत्र हैं। देश में 21 अप्रैल को हुए आत्मघाती बम हमलों के बाद यह चुनाव यूएनपी नीत सरकार की लोकप्रियता की परीक्षा है। इन हमलों में कम से कम 269 लोगों की मौत हो गई थी। इन हमलों को रोकने में नाकाम रहने पर सरकार को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। 

13-11-2019
झारखंड : मधु कोड़ा की याचिका की सुनवाई के लिए तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए बुधवार को राजी हो गया, जिसमें उन्होंने चुनाव खर्च का ब्यौरा न देने की वजह से 2017 में निर्वाचन आयोग द्वारा उन्हें अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस दलील पर विचार किया कि इस तथ्य के मद्देनजर कोड़ा की याचिका पर तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है। पीठ ने कहा कि याचिका को शुक्रवार को उचित पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करें। चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव लड़ने में कोड़ा द्वारा खर्च की गई राशि का ब्यौरा जमा न कराने की वजह से 2017 में उन्हें अयोग्य करार दे दिया था। निर्दलीय विधायक कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री रहे।

13-11-2019
टाटा ट्रस्ट ने दिया भाजपा को 356 करोड़ का चंदा, सालभर में मिला 700 करोड़ से अधिक

नई दिल्ली। भाजपा को साल 2018-19 के दौरान टाटा समूह द्वारा नियंत्रित एक चुनावी ट्रस्ट से 356 करोड़ रुपये का चंदा मिला। सत्तारूढ़ दल ने यह जानकारी निर्वाचन आयोग में जमा किए गए दस्तावेजों में दी है। भाजपा द्वारा निर्वाचन आयोग को 31 अक्टूबर को दी गई जानकारी के अनुसार पार्टी को वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान चेक और ऑनलाइन भुगतान के दौरान कुल 700 करोड़ रुपये से अधिक का चंदा मिला। इसमें से लगभग आधा चंदा-356 करोड़ रुपये-टाटा समूह द्वारा नियंत्रित 'प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट' से मिला।

दस्तावेजों के अनुसार भारत के सबसे धनी ट्रस्ट-द प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने पार्टी को 54.25 करोड़ रुपये का चंदा दिया। इस ट्रस्ट को भारती ग्रुप, हीरो मोटोकोर्प, जुबिलैंट फूडवर्क्स, ओरियंट सीमेंट, डीएलएफ, जेके टायर्स जैसे कॉरपोरेट घरानों का समर्थन प्राप्त है। उपलब्ध कराई गई सूचना 20 हजार रुपये या इससे अधिक के चंदे से जुड़ी है, जिसका भुगतान चेक के जरिये या ऑनलाइन किया गया। दस्तावेज में कहा गया कि भाजपा को व्यक्तियों, कंपनियों और चुनावी ट्रस्टों की ओर से भी चंदा मिला। चुनाव संहिता के अनुसार राजनीतिक दलों के लिए वित्त वर्ष के दौरान मिलने वाले समूचे चंदे का खुलासा करना आवश्यक है। वर्तमान में राजनीतिक दलों के लिए ऐसे लोगों और संगठनों के नामों का खुलासा करने की अनिवार्यता नहीं है,जो 20 हजार रुपये से कम का चंदा देते हैं या फिर जो लोग चुनावी बांड के रूप में चंदा देते हैं।

 

23-10-2019
ज्वाइंट कलेक्टर संतोष देवांगन दोषमुक्त,  निर्वाचन आयोग में बने उप सचिव

रायपुर। भ्रष्टाचार के एक मामले में फंसे संयुक्त कलेक्टर संतोष देवांगन को उच्च न्यायालय ने दोष मुक्त कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें राज्य सरकार ने निर्वाचन आयोग में उप सचिव के पद पर नियुक्त कर दिया है। जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार के एक मामले में आरोपी डॉ संतोष देवांगन को दो वर्ष पहले तत्कालीन भाजपा सरकार ने  बर्खास्त कर दिया था। इसके साथ ही उन्हें बिलासपुर के विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने सात वर्ष की सजा सुनाई थी। इस मामले में संतोष देवांगन ने हाईकोर्ट में रिट अपील दायर की थी जहां विचारण के बाद हाईकोर्ट ने उन्हें दोषमुक्त करार दे दिया। राज्य शासन ने इस मसले पर उन्हें नियुक्ति के पहले एसीबी से अभिमत मांगा। एसीबी ने महाधिवक्ता कार्यालय से अभिमत लेकर राज्य सरकार को सौंपा। राज्य सरकार ने इस अभिमत के बाद डॉ संतोष देवांगन की सेवाएं पुन: बहाल करते हुए उन्हें निर्वाचन आयोग में उप सचिव के पद पर नियुक्त किया है। 

 

21-10-2019
मतदान के प्रति आदिवासियों में अपार उत्साह, नदी पार कर वोट देने पहुंच रहे

रायपुर। न केवल शहरी क्षेत्र बल्कि सुदूर वनांचल के आदिवासीजन भी अपने सबसे बड़े संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार 'मतदान करने का अधिकार' के प्रति जागरूक हैं। नक्सलगढ़ के रूप में कुख्यात हो चुके बस्तर में माओवादियों द्वारा चुनाव बहिष्कार की अपील व धमकी के बावजूद बिना किसी डर के,  विषम परिस्थितियों में भी इस क्षेत्र के मतदाता बड़ी संख्या में मतदान में करने में रुचि ले रहे हैं। आज चित्रकोट विधानसभा उप चुनाव में मतदाताओं का मतदान के लिए जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। लोहंडीगुड़ा विकासखंड के नदी पार के गांव काटाबांस के मतदाताओं ने डोंगी से इंद्रावती नदी पार कर मतदान करने पहुंचे। इस गांव के मतदाताओं ने करेकोट में बनाए गए मतदान केंद्र में उत्साह के साथ मतदान किया। निर्वाचन आयोग के अनुसार  दोपहर 3 बजे तक 64.14 फीसदी वोटिंग हो चुकी है।  यहां 85 फीसदी के आसपास मतदान होने की उम्मीद जताई जा रही है। चित्रकोट उपचुनाव में सुबह 8 से शाम 5 बजे तक वोटिंग की समय सीमा तय की गई है। कई पोलिंग बूथ पर मतादाताओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। बता दें कि चित्रकोट विधानसभा उप निर्वाचन के लिए 229 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं। इनमें 213 मतदान केन्द्र बस्तर जिले में और 16 मतदान केन्द्र सुकमा जिले में स्थित हैं। इन मतदान केन्द्रों के लिए 916 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है। निष्पक्ष और स्वतंत्रतापूर्वक मतदान सुनिश्चित करने के लिए 58 संवेदनशील मतदान केन्द्रों में माईक्रो आब्जर्वर  तैनात हैं। इस सीट पर कुल 1 लाख 67 हजार 911 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

06-10-2019
परिसीमन व क्षेत्र निर्धारण और आरक्षण की संशोधित समय-सारणी जारी

जांजगीर-चांपा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2019-20 हेतु परिसीमन एवं क्षेत्र का निर्धारण तथा आरक्षण हेतु संशोधित समय-सारणी के अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश समस्त कलेक्टरों को दिए हैं।  संशोधित समय-सारणी-02 के अनुसार 5 अक्टूबर तक वर्ष 2011 की जनगणना को आधार मानकार ग्राम पंचायतों का प्रथम प्रकाशन, ग्राम पंचायत परिसीमन हेतु दावा-आपत्ति अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 14 अक्टूबर तथा प्रथम प्रकाशन का दावा आपत्ति का निराकरण एवं कलेक्टर को प्रतिवेदन 15 अक्टूबर तक, दावा-आपत्ति के बाद ग्राम पंचायतों के परिसीमन का अंतिम प्रकाशन एवं ग्राम पंचायतों का नजरी नक्शा 16 अक्टूबर तक तैयार करना, 21 अक्टूबर तक ग्राम पंचायतों का राजपत्र में प्रकाशन हेतु भेजा जाना, 25 अक्टूबर तक सांख्किीय प्रतिवेदन तैयार करना, 18 अक्टूबर तक राजस्व जिले अनुसार जिला-जनपद पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्र एवं ग्राम पंचायतों के वार्डो का निर्धारण का प्रारंभिक प्रकाशन, प्रारंभिक प्रकाशन पर 25 अक्टूबर तक दावा-आपत्ति प्राप्त कर निराकरण करना है। जिला-जनपद पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्र एवं ग्राम पंचायतों के वार्डों का निर्धारण का अंतिम प्रकाशन तथा जिला, जनपद पंचायत के क्षेत्र निर्धारण का नजरी नक्शा 26 अक्टूबर तक तैयार करना है, 29 अक्टूबर तक जिला, जनपद, ग्राम पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्र, वार्ड का सांख्यिकीय प्रतिवेदन तैयार कर शासन एवं निर्वाचन आयोग को भेजा जाना है। 5 नवम्बर तक जिला पंचायत के अध्यक्ष पदों का आरक्षण हेतु सूचना का प्रकाशन, 18 नवम्बर तक जिला पंचायत के अध्यक्ष पद का आरक्षण कार्यवाही एवं अधिसूचना का अंतिम प्रकाशन, 6 नवम्बर तक ग्राम पंचायत के सरपंच, वार्ड, जनपद पंचायत के अध्यक्ष, निर्वाचन क्षेत्र एवं जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों का प्रवर्गवार आरक्षण कार्यवाही हेतु सूचना का प्रकाशन, 23 नवम्बर तक ग्राम पंचायत के सरपंच, वार्ड, जनपद पंचायत के अध्यक्ष, निर्वाचन क्षेत्र एवं जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों का प्रवर्गवार आरक्षण कार्यवाही हेतु, 24 नवम्बर तक ग्राम पंचायत के सरपंच, वार्ड, जनपद पंचायत के अध्यक्ष, निर्वाचन क्षेत्र एवं जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों का प्रवर्गवार आरक्षण अधिसूचना का अंतिम प्रकाशन करना है। 

 

22-09-2019
दंतेवाड़ा उपचुनाव : 273 मतदान केन्द्रों में सुबह 7 बजे से वोटिंग

रायपुर। दंतेवाड़ा विधानसभा उपचुनाव कल 23 सितंबर को होगा। 273 मतदान केन्द्रों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग की जाएगी जो दोपहर 3 बजे तक होगी। कड़ी सुरक्षा में निर्वाचन आयोग की ओर से आज मतदान दल को रवाना किया गया है। चुनावी प्रक्रिया पूर्ण कराने सुरक्षा बल की 57 अतिरिक्त फोर्स भेजी गई है। डीआरजी, सीआरपीएफ, एसटीफ सहित अन्य को मिलाकर 10 हजार से अधिक जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं।

21-09-2019
चित्रकूट विधानसभा उपचुनाव 21 अक्टूबर को

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक और विधानसभा सीट चित्रकूट में 21 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। निर्वाचन आयोग की ओर से उपचुनाव की तारीख का ऐलान किया गया है। वहीं प्रदेश की दंतेवाड़ा सीट के लिए भी 23 सितंबर को उपचुनाव होना है। आयोग की ओर से देश की 64 विधानसभा और 1 लोक सभा सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा की गई है।

11-09-2019
निर्वाचन आयोग पहुंचा बीजेपी प्रतिनिधिमंडल, ईवीएम से चुनाव कराने की मांग

रायपुर। नगरीय निकायों के चुनाव के संबंध में भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी के नेतृत्व में राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह को जनहित में विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 4 प्रमुख मांगें भाजपा की ओर से की गईं। पहला, मतदाता सूची के प्रारंभिक प्रकाशन पर दावा-आपत्ति की तिथि 16 सितम्बर को बढ़ाकर 15 अक्टूबर तक करने की मांग की गई हैं। दूसरी मांग है कि वर्तमान सूची लोकसभा निर्वाचन 2019 के आधार पर है, जिसका भौतिक सत्यापन होना आवश्यक है। वहीं बिना त्रुटि के कम समय में मतगणना हो इसके लिए ईवीएम से वोटिंग कराई जाए। नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 10 के अंतर्गत जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्र को दृष्टिगत रखते हुए वार्डों का परिसीमन कराया जाए। प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, सांसद सुनील सोनी, पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री विष्णुदेव साय, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, बृजमोहन अग्रवाल, राजनांदगांव महापौर मधुसूदन यादव, छगनलाल मुंदड़ा, सत्यम दुवा और संजूनारायण सिंह शामिल थे।

 

11-09-2019
छत्तीसगढ़ के 130 से अधिक नेता चुनाव से हो सकते हैं वंचित

रायपुर। निर्वाचन आयोग के फैसले से छत्तीसगढ़ के 130 से अधिक नेताओं का चुनाव लड़ने का सपना टूट जाएगा। आपराधिक प्रकरण, न्यायालय में लंबित मामले और आर्थिक अनियमितता वाले इन नेताओं की लिस्ट बनाकर निर्वाचन आयोग ने इनके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया है। निर्वाचन आयोग की ओर से जल्द ही नाम और निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

 

05-09-2019
हार के डर से भाजपा रोज एक नया बहाना खोज रही  : त्रिवेदी

रायपुर। दंतेवाड़ा उपचुनाव में कांग्रेस पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाकर भाजपा ने निर्वाचन आयोग को शिकायत की है। इस मामले में कांग्रेस की ओर से भाजपा पर पलटवार किया गया है। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री शैलेष नितिन त्रिवेदी ने कहा कि रोज एक नया बहाना खोजकर हार के कारण अभी से पार्टी नेतृत्व के आगे, मोदी और अमित शाह के आगे अपनी खाल बचाने के लिए झूठे और निरर्थक आरोपों का सहारा ले रहे हैं। 82 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय दंतेवाड़ा विधानसभा के लिए नहीं लिया गया है। यह निर्णय पूरे प्रदेश के आदिवासी समाज को उनकी आबादी के अनुरूप यथावत आरक्षण जारी रखने का फैसला है। इन जनहितकारी लोककल्याणकारी फैसलों से पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई और यह भाजपा को बर्दाश्त नहीं हो रहा है। दंतेवाड़ा उपचुनाव की बात तो केवल बहाना बनाने के लिए, कैसे भी करके इन आरक्षणों को अटकाने के लिए आरक्षण विरोधी चरित्र भाजपा का इस बयान से उजागर होता है।

05-09-2019
भाजपा ने कांग्रेस पर लगाया आचार संहिता उल्लंघन का आरोप, निर्वाचन आयोग में शिकायत

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर दंतेवाड़ा उपचुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है। भाजपा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहु से लिखित शिकायत की है। भाजपा की ओर से नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, विधायक बृजमोहन अग्रवाल और अजय चन्द्राकर ने शिकायत की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने कहा कि दंतेवाड़ा से बहुत शिकायतें सामने आई हैं। वहां नामांकन के समय में वृद्धि की गई थी, मंदिर परिसर में कार्यक्रम हुआ जबकि वहां कोई राजनीतिक सभा नहीं हो सकती फिर भी वहां सभा हुई, इसके साथ ही और भी बातें सामने आई जिसे लेकर शिकायत की गई है। विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि चुनाव आयोग से हमारी मुलाकात हुई है। हमने चुनाव आयोग के पास में आशंका जाहिर की है कि निष्पक्ष चुनाव होने में बहुत ज्यादा शक है। सत्ता पार्टी पूरी तरह अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रही है। चुनाव की आचार संहित घोषित होने के बाद में आरक्षण को 82 प्रतिशत करने की अधिसूचना जारी की गई, भीमा मंडावी की हत्या के संबंध में अंतरिम रिपोर्ट प्रेस को जारी की गई, मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता हवाई जहाज से जगदलपुर जाकर फिर नामांकन में शामिल हुए, मंदिर परिसर में कांग्रेस की सभा हुई जबकि मंदिर की कमेटी की ओर से राजनीतिक सभा के लिएप्रतिबंध लगाया गया था। यह सब आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। इन सब बातों को लेकर चुनाव आयोग को शिकायत की है।

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