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27-01-2020
सीएए के खिलाफ विधानसभा में आज प्रस्ताव पेश करेंगी ममता बनर्जी

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन आज भी जारी है। इन सबके बीच राजस्थान और पंजाब की राह पर चलते हुए ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेंगी। राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि आगामी 27 जनवरी को दोपहर दो बजे विधानसभा के विशेष सत्र में यह प्रस्ताव लाया जाएगा। माना जा रहा है कि तृणमूल विधायकों की संख्या अधिक होने के कारण यह प्रस्ताव पास भी हो जाएगा। ममता बनर्जी के इस प्रस्ताव को वामपंथी पार्टियों के अलावा कांग्रेस का भी समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार सुप्रीम कोर्ट में इस कानून के खिलाफ अपील भी दायर करने की तैयारी में है। इससे पहले केरल और कांग्रेस नेतृत्व वाले पंजाब और राजस्थान के विधानसभा में यह प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। इसके अलावा कांग्रेस की ही सत्ता वाले मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी जल्द ही यह कदम उठाए जाने की संभावना सूत्रों ने जताई है।  महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी व कांग्रेस के गठबंधन वाली महाविकास अघाड़ी सरकार भी जल्द ही विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पेश करेगी। कांग्रेस प्रवक्ता राजू वाघमारे ने कहा कि हमारे गठबंधन के वरिष्ठ नेता जल्द ही इस मुद्दे पर बैठक आयोजित कर निर्णय लेंगे।

 

11-01-2020
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्पात क्षेत्र में लॉन्च किया पूर्वोदय

रायपुर। मिशन पूर्वोदय इस्पात क्षेत्र के त्वरित विकास के द्वारा पूर्वोत्तर भारत की वृद्धि की कहानी लिखेगा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री  धर्मेंद्र प्रधान ने आज पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पूर्वोदयः एकीकृत स्टील हब के माध्यम से पूर्वी भारत का त्वरित विकास लॉन्च किया। प्रधान ने इस अवसर पर कहा कि "चाहे वह हमारा स्वतंत्रता आंदोलन हो या सामाजिक सुधार, पूर्वी भारत ने राष्ट्र को नेतृत्व प्रदान किया है। पूर्वी भारत अनंत अवसरों का देश है। प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न होने के बावजूद, यह क्षेत्र देश के कुछ अन्य हिस्सों की तुलना में सामाजिक-आर्थिक विकास में पिछड़ गया है। आज हम इस्पात क्षेत्र में पूर्वोदय आरम्भ कर रहे हैं, जो एकीकृत स्टील हब के माध्यम से इस्पात क्षेत्र के त्वरित विकास द्वारा पूर्वी भारत के उत्थान की कहानी में एक नया अध्याय लिखेगा।”

पूर्वी भारत के विकास के लिए सरकार के प्रयासों के बारे में उन्होंने कहा, “ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने पूर्वी भारत के विकास पर अभूतपूर्व ध्यान दिया है। लगभग आधे आकांक्षी जिले इस क्षेत्र में हैं, जो सामाजिक-आर्थिक विकास का नया केंद्र बन रहे हैं। हमारी सरकार 102 लाख करोड़ रुपये की राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन लेकर आई है। चाहे वह पाइपलाइन हो, अंतर्देशीय जलमार्ग, जहाजरानी, वायु या सड़क क्षेत्र हो, हमारी सरकार अभूतपूर्व गति से बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है। पूर्वी भारत हमारे बुनियादी ढांचे के विकास के प्रयासों में विशेष स्थान रखता है।” प्रधान ने प्रौद्योगिकी के बारे में कहा, “21 वीं सदी ज्ञान और प्रौद्योगिकी का युग बनने जा रही है। नई प्रौद्योगिकियां अर्थव्यवस्था और समाज को नया आकार दे रही हैं। डिजिटाइजेशन द्वारा संचालित उद्योग 4.0 में बहुत अधिक संभावनाएं हैं। इस्पात क्षेत्र में विनिर्माण द्वारा उद्योग 4.0 का अंगीकरण औद्योगिक क्रांति 4.0 के तेज प्रभाव से पूर्वी भारत को लाभ सुनिश्चित करेगा।”

व्यवसाय के माहौल में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “व्यवसाय करने की सुगमता हमारी सरकार के लिए केवल नारा भर नहीं है। कंपनियों को स्थापित करने से लेकर नियामक मंजूरी, कराधान आदि तक, हमारी सरकार ने व्यवसाय करने की सुगमता में सुधार के हर पहलू पर काम किया है। हाल ही में, हमारी सरकार कोयला क्षेत्र में शायद अबतक का सबसे बड़ा सुधार लाई। कोयला क्षेत्र में अधिक राजस्व, अधिक उत्पादन और संभार तंत्र विकास पूर्वी भारत के विकास को और आगे बढ़ाएगा।”

इस्पात क्षेत्र में पूर्वोदय का उद्देश्य एकीकृत इस्पात हब की स्थापना के माध्यम से पूर्वी भारत के त्वरित विकास को गति देना है। भारत के पूर्वी राज्यों (ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल) और आंध्र प्रदेश के उत्तरी हिस्से में देश का 80% लौह अयस्क, 100% कोयला और क्रोमाइट, बॉक्साइट और डोलोमाइट के भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा स्थित है। यहां भारत की 30 प्रतिशत प्रमुख बंदरगाह क्षमता के साथ पारादीप, हल्दिया, विजाग, कोलकाता आदि जैसे प्रमुख बंदरगाहों की उपस्थिति है। 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने के भारत के प्रयासों में 5 पूर्वी राज्य एक प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं जहां इस्पात क्षेत्र उत्प्रेरक बन सकता है। इस पूर्वी क्षेत्र में राष्ट्रीय इस्पात नीति द्वारा परिकल्पित देश की 75% से अधिक वृद्धिशील स्टील क्षमता को जोड़ने की क्षमता है। ऐसी उम्मीद की जाती है कि 2030-31 तक 300 मीट्रिक टन क्षमता में से, 200 मीट्रिक टन से अधिक अकेले इस क्षेत्र से आ सकते हैं, जो उद्योग 4.0 द्वारा प्रेरित है।

ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश सन्निहित यह प्रस्तावित एकीकृत स्टील हब पूर्वी भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए एक मशाल की तरह काम करेगा। इस हब का उद्देश्य त्वरित क्षमता संवर्धन में सक्षम बनाना और लागत तथा गुणवत्ता दोनों मामले में स्टील उत्पादकों की समग्र प्रतिस्पर्धा में सुधार लाना है।

एकीकृत स्टील हब 3 प्रमुख तत्वों पर केंद्रित होगा:
 1. ग्रीनफील्ड स्टील प्लांटों की स्थापना को सुगम बनाने के माध्यम से क्षमता में वृद्धि
2. एकीकृत इस्पात संयंत्रों एवं मांग केंद्रों के पास इस्पात समूहों का विकास।
3. संभार तंत्र एवं उपयोगिता बुनियादी ढांचे में रूपान्तरण जो पूर्वी क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को बदल देगा।

इस तरह के हब के माध्यम से इस्पात उद्योग की वृद्धि पूरे मूल्य श्रृंखला में रोजगार के उल्लेखनीय अवसरों के सृजन को बढ़ावा देगी और पूर्वी भारत के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इस प्रकार पूर्व और देश के अन्य क्षेत्रों के बीच व्याप्त विषमता को कम करेगी। इस्पात मंत्रालय की अपर सचिव रसिका चौबे, पश्चिम बंगाल सरकार की उद्योग सचिव वंदना यादव, ओडिशा सरकार के उद्योग सचिव, हेमंत शर्मा, इंडियन ऑयल के अध्यक्ष संजीव सिंह, सेल के अध्यक्ष अनिल चौधरी, कोल इंडिया के अध्यक्ष अनिल कुमार झा, सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी, आरएसबी लिमिटेड के एमडी एस.के. बेहरा ने भी श्रोताओं को संबोधित किया।

 

11-01-2020
प्रधानमंत्री से मिली ममता बनर्जी, की CAA, NRC और NPR वापस लेने की मांग

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच आज कोलकाता में राजभवन में मुलाकात हुई। दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तकरार है। केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी सीएए के पक्ष में कैंपेन चला रही है तो वहीं टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी लगातार सीएए के खिलाफ रोड शो कर रही हैं। मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी से सीएए, एनपीआर और एनआरसी वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि कुछ वित्तीय मामलों को लेकर भी मैंने चर्चा की। आज ही जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता पहुंचे तो सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कोलकाता हवाई अड्डे के बाहर और राज्य के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया। सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की छात्र इकाई, युवा कांग्रेस और एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि उन्हें शहर में उतरने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। एसएफआई के कार्यकर्ता यादवपुर विश्वविद्यालय, गोलपार्क, कॉलेज स्ट्रीट, हातीबगान और एस्प्लेनेड के पास हाथों में पोस्टर लेकर जमा हुए जिन पर ‘फासीवाद के खिलाफ छात्र’ जैसे नारे लिखे हुए थे। तृणमूल कांग्रेस की छात्र इकाई टीएमसीपी ने कोलकाता में रानी रासमणि मार्ग पर सीएए, राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के खिलाफ ‘धरना’ दिया।

पीएम मोदी का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री की आज एयरपोर्ट पर राज्यपाल जगदीप धनखड़, राज्य के मंत्री फरहाद हाकिम, बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष और बीजेपी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अगवानी की। पीएम मोदी अपनी दो दिवसीय यात्रा के तहत कोलकाता बंदरगाह ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित समारोह में शामिल होंगे। यही नहीं प्रधानमंत्री मोदी हावड़ा जिले में रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ में रात गुजार सकते हैं। मिशन के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अगर मोदी मठ में रात गुजारते हैं तो ऐसा करने वाले वह संभवत: पहले प्रधानमंत्री होंगे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और कई दूसरे प्रधानमंत्री भी कई बार मठ आ चुके हैं लेकिन कोई भी रात में यहां नहीं ठहरा था।

 

08-01-2020
गैंगरेप के बाद पीड़िता को किया आग के हवाले, तीन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के साउथ दिनाजपुर जिले से वह खौफनाक वाकया सामने आया है, जिसने एक बार फिर से पिछले साल नवंबर में हैदराबाद की वेटनरी डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी और उसको जलाकर मारने की घटना को ताजा कर दिया है। यहां पर रविवार को 18 वर्षीय एक युवती को कथित तौर पर गैंगरेप कर तीन लोगों ने जिंदा जला दिया गया। कुमारगंज पुलिस स्टेशन के एक ऑफिसर ने नाम न बताने की शर्त पर बताया- “हमने इस घटना को लेकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी उम्र 20 से 22 साल के बीच है। आगे की जांच की जा रही है।” अभियुक्तों की पहचान महबूब मियां, गौतम बर्मन और पंकज बर्मन के तौर पर हुई है। शुरुआती जांच में यह पता चला कि महबूबा का उस लड़की के साथ अफेयर था। पुलिस ने बताया कि रविवार को महबूब ने लड़की से कहा कि वे उससे शाम करीब पांच बजे आकर मिले। उसके बाद पंकज और गौतम भी बाद में आए। तीनों ने मिलकर उस लड़की के साथ कथित तौर पर करीब चार घंटे तक बलात्कार किया। जब पीड़िता बेहोश हो गई तो आरोपियों ने रात में उसके ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। कुमारगंज के विधायक तोरफ हुसैन मंडल ने कहा- “सोमवार की रात आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है। 

03-01-2020
पटाखा फैक्टरी में विस्फोट, पांच की मौत

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी इलाके में एक पटाखा फैक्टरी में विस्फोट होने से पांच लोगों की मौत हो गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पटाखा फैक्टरी के अंदर शुक्रवार को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे यह धमाका हुआ। उन्होंने बताया कि इस हादसे में चार कर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। इसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अधिकारी ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए मौके पर दस दमकल गाड़ियों को भेजा गया।

 

02-01-2020
महाराष्ट्र की झांकी को परेड के लिए नहीं मिली अनुमति, शिवसेना-राकांपा ने केंद्र सरकार को घेरा

मुंबई। गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार महाराष्ट्र की झांकी नहीं दिखाई देगी। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने इसे परेड के लिए अस्वीकार कर दिया है। मराठी रंगमंच के 175 साल पूरे होने के अवसर की थीम पर ही झांकी बनाई गई थी। इसे लेकर शिवसेना और राकांपा ने केंद्र सरकार पर निशाने पर लेते हुए पक्षपात का आरोप लगाया है। बता दें कि पश्चिम बंगाल की झांकी को भी परेड में शामिल नहीं किया गया है, जिसे लेकर तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और केंद्र सरकार पर हमलावर है। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए हमला बोला है। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की झांकी हमेशा से देश का आकर्षण रही है। अगर कांग्रेस के कार्यकाल में ऐसा हुआ होता तो महाराष्ट्र भाजपा हमलावर हो जाती। राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने भी इसे लेकर केंद्र को घेरा है। सुप्रिया सुले ने आरोप लगाया कि केंद्र ने गणतंत्र दिवस परेड के लिए गैर-भाजपा शासित महाराष्ट्र और प.बंगाल की झांकियों को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनकी झांकियों को अनुमति नहीं देना लोगों का अपमान जैसा है। सुले ने ट्वीट किया- केंद्र ने गणतंत्र दिवस पर परेड के लिए महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की झांकियों को अनुमति नहीं दी है। यह देश का त्योहार है और केंद्र से सभी राज्यों को प्रतिनिधित्व देने की उम्मीद है। लेकिन सरकार पक्षपातपूर्ण तरीके से व्यवहार कर रही है और विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों से सौतेला व्यवहार कर रही है। 

 

02-01-2020
प.बंगाल की झांकी को नहीं मिली गणतंत्र दिवस समारोह में मंजूरी, टीएमसी ने बताया अपमान

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर पश्चिम बंगाल की झांकी को मंजूरी ना देकर भाजपा ने राज्य के लोगों का 'अपमान' किया है। ऐसा इसलिए किया क्योंकि हमने नागरिकता संशोशन कानून (सीएए) का विरोध किया है। हालांकि रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को जानकारी दी कि बंगाल सरकार की झांकी का प्रस्ताव विशेषज्ञ समिति के पास दो बार भेजा गया। दूसरी बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद इसे खारिज कर दिया गया। भाजपा ने कहा है कि टीएमसी को हर मुद्दे पर राजनीति करना छोड़ देना चाहिए। प.बंगाल के संसदीय मामलों के राज्यमंत्री तापस रॉय ने कहा,'सिर्फ इसलिए कि प.बंगाल भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करता रहा है, राज्य के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। चूंकी हमने सीएए जैसे जन-विरोधी कानूनों का विरोध किया है, केंद्र ने हमारी झांकी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। ऐसा पहली बार नहीं है जब प.बंगाल की झांकी का प्रस्ताव ठुकराया गया है।

निकट भविष्य में भाजपा को इसका जवाब मिलेगा।' मामले पर प.बंगाल भाजपा का कहना है, झांकी के प्रस्ताव को इसलिए अस्वीकार किया गया है क्योंकि राज्य सरकार ने प्रस्ताव प्रस्तुत करने में नियमों और प्रक्रिया का ठीक से पालन नहीं किया था। प.बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा,'राज्य सरकार ने नियमों का पालन नहीं किया। बाकी राज्यों ने पालन किया, तो उनके झांकी के प्रस्ताव स्वीकार हो गए। टीएमसी को हर एक मुद्दे पर राजनीति करना बंद कर देना चाहिए।'जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020 के गणतंत्र दिवस परेड के लिए 56 झाकियों के प्रस्ताव गृह मंत्रालय को प्राप्त हुए थे। इनमें से 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रालय या विभाग से आए थे। गणतंत्र दिवस परेड पर हुए पांच दौर की बैठक के बाद 56 झाकियों के प्रस्ताव में से 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 22 प्रस्तावों और मंत्रालयों व विभागों की 6 झाकियों को इस बार की परेड में शामिल होने के लिए चुना गया। चुने हुए प्रस्तावों में पश्चिम बंगाल की झांकी का प्रस्ताव नहीं है।

31-12-2019
नए साल के पहले चित्रकोट पहुंच रहे पर्यटक

जगदलपुर। बस्तर के नियाग्रा चित्रकोट जलप्रपात को निहारने काफी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। ठंड के मौसम में पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के पर्यटक बड़ी संख्या में बस्तर पहुंच रहे हैं। जगदलपुर से सबसे नजदीक और सुरक्षित पर्यटक स्थल चित्रकोट जलप्रपात है। साल के अंतिम दिन में यहां काफी लोग पहुंच रहे हैं। 31 दिसंबर को बाहरी पर्यटकों के अलावा स्थानीय लोग की भी भीड़ चित्रकोट में देखने को मिल रही है। वहीं शहर के होटल में भी ऑनलाइन बुकिंग हुई है। बस्तर की आबोहवा से प्रभावित लोग नया साल मनाने हर साल पहुंचते हैं। जगदलपुर में भारी संख्या में लोग पहुंचे हुए हैं।

21-12-2019
देश में भड़के उग्र प्रदर्शन के कारण रेलवे को 88 करोड़ का नुकसान

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में भड़के उग्र प्रदर्शन के कारण रेलवे को भारी नुकसान हुआ है। रेलवे के अनुसार  88 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, इसमें पूर्वी रेलवे जोन में 72 करोड़, दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में 13 करोड़ और नॉर्थईस्ट फ्रंटियर जोन में 3 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। रेलवे सुरक्षा बल के डीजी अरुण कुमार ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में हालात सबसे बदतर है, यहां बड़े पैमाने पर पूर्वी रेलवे है और केवल यहां 72 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। शनिवार को रेलवे ने जोन वार अपने नुकसान का ब्यौरा दिया।

बंगाल में सबसे ज्यादा हावड़ा, सीलदह और माल्दा प्रभावित हुआ। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नागरिकता कानून के खिलाफ रैली के बाद रेलवे की संपत्ति पर तेजी से हमला हुआ। हालांकि अब यहां हालात बेहतर हैं, रैली के बाद किसी तरह की कोई हिंसा नहीं हुई। रेलवे ने हिंसक घटनाओं को लेकर 85 एफआईआर दर्ज की हैं,जिसमें रेलवे के 12 कर्मचारी घायल हुए थे। अरुण कुमार के अनुसार ऐसे लोग हैं जिनकी पहचान हिंसा के वीडियो के जरिए हुई है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पूर्वोत्तर में 2200 अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। बता दें कि नागरिकता संसोधन कानून के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहा है। प्रदर्शनकारी कई स्थानों पर ट्रेनों को रोक रहे हैं, उनमें तोड़फोड़ कर रहे हैं।

20-12-2019
तृणमूल कांग्रेस का आधार खिसकने से ममता तनाव में : रेड्डी

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में सीएए और एनआरसी को लेकर लोग ही नहीं सरकार भी इस बिल का खुलकर विरोध कर रही है। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर मचे बवाल के बीच केंद्रीय राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर पलटवार किया है। रेड्डी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस का आधार खिसक रहा है, इसीलिए वह तनाव में हैं। उन्हें पता ही नहीं की वह क्या कह रही हैं। यह एक मुख्यमंत्री का गैर जिम्मेदाराना बयान है। रेड्डी ने आगे कहा कि हम लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे विरोध ना करें। एक्ट में किसी भी भारतीय नागरिक के खिलाफ एक भी शब्द या लाइन नहीं है। राजनीतिक दलों और बुद्धिजीवियों से भी पूछता हूं जो लोगों को गुमराह कर रहे हैं, क्या आप लोगों को धर्म के आधार पर विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं।

18-12-2019
भाजपा महासचिव को प. बंगाल में भीड़ ने घेरा, मदद के लिए लगाई गुहार

कोलकाता। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को मुर्शिदाबाद जाते हुए नवग्राम के पास भीड़ ने घेर लिया। विजयवर्गीय ने ट्वीट किया,"मुर्शिदाबाद जाते हुए मुझे नवग्राम के पास बड़ी भीड़ ने घेर लिया है। मेरी गाड़ी के दोनों तरफ भीड़ जमा है। प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा! एसपी और डीजी भी फ़ोन नहीं उठा रहे! पश्चिम बंगाल में अराजक सरकार के रहते कुछ भी हो सकता है! यहाँ किसी की जान सुरक्षित नहीं है!"
पश्चिम बंगाल के प्रभारी भाजपा महासचिव में ममता सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था की हालत खराब है। विजयवर्गीय ने ट्वीट किया,"पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि विपक्ष के नेताओं की जान सुरक्षित नहीं कही जा सकती!
इससे पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के तीखे विरोध पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय कैलाश विजयवर्गीय ने तंज कसा था कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बांग्लादेश की मुख्यमंत्री नहीं हैं। उन्होंने कहा, संघीय ढांचे में बनर्जी भला कैसे कह सकती हैं कि वह इस कानून (नागरिकता संशोधन विधेयक) को प.बंगाल में लागू नहीं होने देंगी। वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं, बांग्लादेश की नहीं। 

 

18-12-2019
Breaking : भूपेश बघेल का झारखंड चुनावी दौरा आज, गुमानी में सभा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को पश्चिम बंगाल और झारखंड के दौरे पर रहेंगे। सीएम बघेल पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर होते हुए झारखंड के गुमानी जाएंगे। रायपुर से सुबह 10:00 बजे विमान से रवाना होकर 11:30 बजे पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर पहुंचेंगे। दुर्गापुर से दोपहर 12:40 बजे हेलीकॉप्टर से रवाना होकर 1:25 बजे झारखंड के साहिबगंज जिले के बधरवा विकासखंड के गुमानी पहुंचेंगे और वहां आम सभा को संबोधित करेंगे। 3:15 बजे गुमानी से दुर्गापुर आएंगे, जहां से 4:00 बजे विमान से रवाना होकर शाम 5:30 बजे रायपुर लौट आएंगे।

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