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02-07-2020
कोरोना से बुजुर्ग की मौत, 48 घंटों तक फ्रीजर में रखना पड़ा शव, कोई नहीं आया मदद के लिए

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकता में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी जिसे दफनाने के लिए अधिकारियों की ओर से कोई मदद नहीं मिलने पर परिवार को उनका शव करीबन 48 घंटे तक फ्रीजर में रखना पड़ा। बताया जा रहा है कि सांस में तकलीफ से जूझ रहे 71 वर्षीय बुजुर्ग की सोमवार को घर में मृत्यु हो गई थी। जिस डॉक्टर के पास वह सोमवार को दिखाने गये थे उसने उन्हें कोरोना वायरस की जांच कराने को कहा था और उन्होंने जांच भी कराई। लेकिन घर लौटने के बाद उनकी स्थिति बिगड़ गई और दोपहर को उनकी मौत हो गई।परिवार के सदस्य के अनुसार सूचना पाकर संबंधित डॉक्टर पीपीई किट में उस व्यक्ति के घर गया लेकिन उसने यह कहते हुए मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं जारी किया कि यह कोविड-19 मामला है और उसने परिवार वालों को अहमर्स्ट स्ट्रीट थाने से संपर्क करने की सलाह दी।

पुलिस ने परिवार को स्थानीय पार्षद से संपर्क करने को कहा। परिवार के सदस्य ने कहा, वहां भी हमें कोई मदद नहीं मिली और हमें राज्य स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने को कहा गया। परिवार के दूसरे सदस्य ने कहा कि हमने हेल्पलाइन नंबर पर स्वास्थ्य विभाग को भी कॉल किया लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। तब परिवार ने कई मुर्दाघरों से संपर्क किया, लेकिन वहां से भी मदद नहीं मिली। फिर परिवार ने अंतिम संस्कार तक शव को रखने के लिए फ्रीजर का इंतजाम किया।बुजुर्ग की जांच रिपार्ट मंगलवर को आई थी और कोविड-19 की पुष्टि हुई। बुधवार को परिवार को स्वास्थ्य विभाग का कॉल आया तब उन्होंने सारी बात बताई। फिर कोलकाता नगर निगम के लोग आये और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गये।

30-06-2020
ममता बनर्जी ने किया ऐलान, 2021 तक बंगाल में गरीबों को मिलेेगा फ्री राशन

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जून 2021 तक लाभार्थियों को मुफ्त राशन देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को देश की पूरी आबादी को मुफ्त राशन देना चाहिए। चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि सिर्फ ऐप्स बैन करना पर्याप्त नहीं है। चीन को मुंहतोड़ जवाब देना जरूरी है। राज्य में फिर से मेट्रो सेवाएं शुरू करने को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव राजीव सिन्हा ने केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला को पत्र लिखा है। इसमें यह मांग की गई है कि जिस तरह से अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर 15 जुलाई तक प्रतिबंध है, उसी तरह हॉटस्पॉट वाले स्थानों से कोलकाता आने वाली घरेलू उड़ानों पर भी पाबंदी लगाई जाए और जरूरी सवाओं से जुड़े लोगों के लिए मेट्रो को शुरू किया जाए।

 

10-06-2020
पश्चिम बंगाल: टीएमसी नेता की गोली मार कर हत्या

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में अज्ञात व्यक्तियों ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के एक स्थानीय नेता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी।  एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह घटना तब हुई जब 56 वर्षीय आमिर अली खान जिले के बसंती इलाके में सुबह टहलने निकले थे।

 

09-06-2020
गरीबों के अधिकारों पर राजनीति करना बंद करिए...और 10 साल का हिसाब दीजिए ममता दीदी : अमित शाह

नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मंगलवार को पश्चिम बंगाल के लिए ‘डिजिटल रैली’ कर रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि ममता जी, क्या बंगाल के गरीब लोगों को मुफ्त और अच्छी वाली चिकित्सा सहायता प्राप्त करने का कोई अधिकार नहीं है? आयुष्मान भारत योजना को यहां अनुमति क्यों नहीं है? ममता जी, गरीबों के अधिकारों पर राजनीति करना बंद करें। आप कई अन्य मुद्दों पर राजनीति कर सकती हैं। अमित शाह ने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि बीजेपी सिर्फ आंदोलन करने के लिए बंगाल के मैदान में नहीं आई है। बीजेपी सिर्फ राजनीतिक दल के विस्तार लिए नहीं आई है,बीजेपी बंगाल के अंदर हमारी संगठन नीव को मज़बूत तो करना चाहती ही है लेकिन बीजेपी फिर से बंगाल को संस्कारिक बंगाल बनाना चाहती है।

उन्होंने कहा कि मैं बंगाल की जनता को ये कहना चाहता हूं कि भले ही भाजपा को 303 सीटें देश भर से मिली है। लेकिन मेरे जैसे कार्यकर्ता के लिए सबसे महत्वपूर्ण सीटे हैं। बंगाल की 18 सीटों पर बीजेपी जीतेंगी। उन्होंने कहा कि 2014 से पश्चिम बंगाल में 100 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं ने यहां राजनीतिक लड़ाई में अपनी जान गंवा दी। मैं उनके परिवारों को सम्मान देता हूं क्योंकि उन्होंने सोनार बांग्ला के विकास में योगदान दिया है। मैं उन लोगों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहता हूं, जिन्होंने कोरोना महामारी और अम्फान के कारण अपनी जान गंवाई है। अमित शाह ने कहा कि देश भर ने आयुष्मान भारत योजना को स्वीकार लिया। अंत में केजरीवाल जी ने भी आयुष्मान भारत योजना को स्वीकार कर लिया। लेकिन मामता दीदी आप क्यों नहीं स्वीकार कर रही हो ये बंगाल की जनता आपसे पूछना चाहती है।

उन्होंने कहा कि यूपीए ने 10 साल में एक बार 3.5 करोड़ किसानों का 60 हज़ार करोड़ रुपए का ऋण माफ किया,लेकिन आंकड़े कुछ और है। मोदी जी ने 9.5 करोड़ किसानों के बैंक अकाउंट में 72 हज़ार करोड़ रुपए पहुंचाने का काम किया है और हर साल किसान को 6 हज़ार रुपया पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा ममता दी आप हमारा हिसाब मांगती हो, मैं तो हिसाब लेकर आया हूं। आप कल एक प्रेस कांफ्रेंस करके अपने 10 साल का हिसाब दीजिएगा और ध्यान से दीजिएगा कहीं बम धमाकों या बंद हुई फैक्टरियों की संख्या मत बता दीजिएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी के मार दिए कार्यकर्ताओं की संख्या मत बता दीजिएगा।

23-05-2020
अम्फान तूफान के बाद अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचीं नुसरत जहां, राहत सामग्री कराई उपलब्ध

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के साथ साथ पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अम्फान तूफान ने तबाही मचा दी है। ऐसे में अभिनेत्री और टीएमसी सांसद नुसरत जहां अपने चुनाव क्षेत्र में स्थिति जायजा लेने पहुंचीं। इस दौरान नुसरत ने न सिर्फ लोगों से बात की बल्कि पूरे इलाके का अच्छे से जायजा लिया। इसके साथ ही इस दौरान नुसरत ने यहां राहत सामग्री और खाने-पीने का सामना भी लोगों को मुहैया कराया है। अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर नुसरत जाहं ने लिखा- 'मैं चुनाव क्षेत्र बशीरहाट के बुरी तरह से प्रभावित इलाके में गईं। लोगों से मिलीं और उन्हें शेल्टर होम पहुंचाया। इसमें हम सब साथ हैं।नुसरत ने आगे लिखा- 'कोरोना वायरस से बचने और इस प्राकृतिक आपदा से लड़ने के लिए हमें जरूरी सावधानियां बरतने की जरूरत है, हम इस पर काबू पाएंगे।

23-05-2020
ममता सरकार का रेलवे को पत्र, 26 मई तक राज्य में न भेजें श्रमिक स्पेशल ट्रेन

नई दिल्ली। महाचक्रवात अम्फान की वजह से पश्चिम बंगाल को दोहरा झटका लगा है। बंगाल में चक्रवाती तूफान से 80 लोगों की मौत हो गई है। राज्य में चक्रवाती के कारण तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही हुई। बंगाल में सुपर साइक्लोन की वजह से हजारों लोग बेघर हो गए हैं। कई पुल नष्ट हो गए हैं और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। कोरोना वायरस और अब अम्फान ने बंगाल के जन-जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इस बीच पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव ने शनिवार को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र लिखा है।

इसमें उनका कहना है कि जिला प्रशासन इस समय चक्रवात तूफान अम्फान की वजह से राहत और पुनर्वास के कार्यों में व्यस्त है। इसलिए उनके लिए अगले कुछ दिनों तक स्पेशल ट्रेनों को रिसीव करना संभव नहीं होगा। इसलिए अनुरोध किया जाता है कि 26 मई तक राज्य में कोई भी ट्रेन न भेजी जाए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जिला प्रशासन चक्रवात अम्फान के बाद राहत, पुनर्वास के काम में लगा है और यही वजह है कि वह अगले कुछ दिनों तक विशेष ट्रेनों की अगवानी नहीं कर पाएगा। बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा बार-बार ऐसा कहा जा रहा है कि बंगाल की ममता सरकार श्रमिकों के लिए चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनों को नहीं आने दे रही है। 

दरअसल गृह मंत्री अमित शाह ने एक पत्र में आरोप लगाया था कि बंगाल अपने प्रवासियों को लौटने की अनुमति नहीं दे रहा है। बाद में यह तय किया गया कि इन ट्रेनों के परिचालन के लिए गंतव्य राज्य की सहमति लेना जरूरी नहीं है। कोरोना वायरस के मद्देनजर लागू लॉक डाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए श्रमिक विशेष रेलगाड़ी सेवा शुरू करने के बाद सबसे कम रेलगाड़ियां पश्चिम बंगाल में ही भेजी गई हैं। एक मई से अब तक करीब 2,000 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं जिनमें 31 लाख प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाया गया। बंगाल में अब तक करीब 25 रेलगाड़ियां आईं हैं।

22-05-2020
चक्रवाती तूफान अम्फान से बंगाल में भारी तबाही, अब तक 80 लोगों की हुई मौत

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चक्रवाती तूफान अम्फान से भारी तबाही हुई है। दोनों राज्यों में कई लोगों की मौत की खबर भी आई है। चक्रवाती तूफान के कारण सिर्फ बंगाल में ही चक्रवात से अभी तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। दोनों राज्यों में चक्रवाती के कारण तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही हुई। दोनों ही राज्यों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री ममता ने कहा हमारे पास अभी तक जानकारी है कि अम्फान से 80 लोगों की मौत हो चुकी है। बंगाल में मची तबाही का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राज्य के दौरे पर हैं। इसके अलावा पीएम मोदी ओडिशा का भी दौरा करेंगे।

सुपर साइक्लोन का कहर : 

पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सुपर साइक्लोन अम्फान कहर बनकर टूटा है। बंगाल में सुपर साइक्लोन की वजह से हजारों लोग बेघर हो गए हैं। कई पुल नष्ट हो गए हैं और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। कोलकाता और राज्य के कई अन्य हिस्सों में तबाही के मंजर साफ देखे जा सकते हैं। पश्चिम बंगाल में सौ साल के अंतराल में आए इस भीषणतम चक्रवाती तूफान ने मिट्टी के घरों को ध्वस्त कर दिया, फसलों को नष्ट कर दिया और पेड़ों तथा बिजली के खंभों को भी उखाड़ फेंका है। 

मुआवजे का ऐलान :

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को मृतकों के परिवार को दो से ढाई लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की थी। भारी बारिश से कोलकाता हवाईअड्डे समेत कई निचले इलाकों में पानी भर गया था। हजारों मकान ध्वस्त हो गए हैं। नुकसान का आकलन करने के लिए गृह मंत्रालय के अधिकारियों का दल पश्चिम बंगाल और ओडिशा का दौरा करेगा।

22-05-2020
अम्फान में हुई तबाही का जायजा लेने पश्चिम बंगाल पहुंचे पीएम मोदी, ममता बनर्जी ने किया स्वागत

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अम्फान चक्रवात के बाद पैदा हुई स्थिति का जायजा लेने के लिए पश्चिम बंगाल पहुंच चुके हैं। पीएम मोदी पश्चिम बंगाल के कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे, जहां राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ओडिशा का भी दौरा करेंगे। पीएम मोदी अम्फान से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने गुरुवार को कहा कि चक्रवात से प्रभावित लोगों की मदद के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। बता दें कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा में महाचक्रवात अम्फान की तबाही के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शुक्रवार) दोनों राज्यों का दौरा कर रहे हैं। पीएम मोदी तकरीबन तीन महीने बाद दिल्ली से बाहर गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछली बार 29 फरवरी को कोई दौरा किया था, जब वह उत्तर प्रदेश के चित्रकूट और प्रयागराज गए थे। पश्चिम बंगाल और ओडिशा का पीएम का यह दौरा 83 दिनों बाद होने जा रहा है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च से लॉकडाउन जारी है। इसके बाद प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रमों में शिरकत की लेकिन वे दिल्ली से बाहर नहीं गए।

ममता बनर्जी ने की थी प्रधानमंत्री से अपील :

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुरुवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य का दौरा करने की अपील की थी। जिसके कुछ ही घंटे बाद प्रधानमंत्री ने उनकी अपील को स्वीकार करते हुए दौरे का फैसला लिया था। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा था कि मैंने अपने जीवन में ऐसा भीषण चक्रवात और नुकसान कभी नहीं देखा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चक्रवात अम्फान प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के लिए आने को कहूंगी।

'अम्फान' की तबाही के बाद पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, 'मैंने चक्रवाती तूफान अम्फान के कारण पश्चिम बंगाल में नुकसान के दृश्य को देखा है। यह चुनौतीपूर्ण समय है, पूरा देश पश्चिम बंगाल के साथ एकजुट होकर खड़ा है। राज्य के लोगों के कल्याण के लिए प्रार्थना कर रहा हूं। स्थिति सामान्य करने के लिए प्रयास जारी हैं।' उन्होंने कहा कि शीर्ष अधिकारी स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ करीबी समन्वय में काम भी कर रहे हैं। प्रभावित लोगों की मदद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

21-05-2020
प. बंगाल में 'अम्फान' तूफान से 72 की मौत, ममता बनर्जी कही यह बात...

कोलकाता। चक्रवाती तूफान 'अम्फान' ने पश्चिम बंगाल में भयंकर तबाही मचाई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया है कि पश्चिम बंगाल में अभी तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है। ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने ऐसी भयानक तबाही कभी नहीं देखी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वह पश्चिम बंगाल आएं और तबाही का मंजर अपनी आंखों से देखें। 'अम्फान' तूफान के चलते राज्य में हजारों घरों को नुकसान पहुंचा है। लगभग छह लाख लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित बचाया गया है।'अम्फान' के बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ममता बनर्जी ने कहा, 'अभी तक पश्चिम बंगाल में 72 लोगों की मौत हो चुकी है। मैंने आज तक ऐसी तबाही नहीं देखी है। मैं प्रधानमंत्री से अपील करूंगी कि वह बंगाल आएं और हालात देखें।

जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिवार को 2.5 लाख का मुआवजा देने का ऐलान करती हूं।'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद 'अम्फान' से प्रभावित राज्यों पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने ट्वीट करके बताया, 'अम्फान के कारण पश्चिम बंगाल में हुई तबाही के विजुअल्स देख रहा हूं। यह काफी कठिन समय है, पूरा देश इस समय पश्चिम बंगाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। राज्य के लोगों की बेहतरी के लिए हम कामना करते हैं। हालात सामान्य करने के प्रयास जारी हैं।'

लोग बोले कभी नहीं देखी ऐसी तबाही

बंगाल के कई लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा तूफान पहले कभी नहीं देखा तो कुछ बुजुर्गों ने कहा कि तीस दशक पहले उन्होंने ऐसी तबाही देखी थी। चक्रवात अम्फान ओडिशा से होते हुए पश्चिम बंगाल पहुंचा है।
एयरपोर्ट पर खड़े प्लेन को देखकर लग रहा है जैसे वह किसी नदी से बीच में उतार दिया गया हो। प्लेन के पहिए पूरी तरह से पानी में डूबे हैं। हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता समेत तटीय इलाकों में चक्रवात अम्फान से तबाही मचाई। क्रिस्टोफर रोड पर खंभे से टूटकर सड़क पर जिंदा तार गिर गया। कई घरों की छतें उड़ गईं। सड़कों पर पानी भर गया।

21-05-2020
‘अम्फान’ तूफान ने मचाई भारी तबाही, पश्चिम बंगाल में 12 लोगों की मौत, हजारों मकान क्षतिग्रस्‍त

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ से पश्चिम बंगाल में और ओडिशा में अब तक 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि हजारों घर नष्ट हो गए। अम्फान से ओडिशा में भारी तबाही हुई। बता दें कि बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ करीब 190 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बुधवार दोपहर 2:30 बजे पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच जमीन से टकराया। सुपर साइक्लोनिक तूफान के जमीन से टकराने की प्रक्रिया करीब चार घंटे चली और इस दौरान तटीय इलाकों में 160 ये 170 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान चला।

महाचक्रवात अम्फान ने बुधवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में जमकर कहर बरपाया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि कोरोना वायरस महामारी की तुलना में स्थिति अधिक चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सुपर साइक्लोन अम्फान की तबाही में करीब 10 से 12 लोगों की जानें चली गई हैं। वहीं ओडिशा में भी इसका खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है। बता दें कि अम्फान की तबाही में अब तक 21 लोगों के मारे जाने की खबर है। पश्चिम बंगाल में अम्फान तूफान से 12 तो ओडिशा में 2 लोगों की मौत हुई है। वहीं पड़ोसी बांग्लादेश में 7 लोगों की मौत हुई है।  ओडिशा और पश्चिम बंगाल राज्यों में एनडीआरएफ की 39 टीमें तैनात हैं।

20-05-2020
अम्फान’ तूफान ने लिया भयंकर रुप, समुद्रतटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू

नई दिल्ली। सुपर साइक्लोन अम्फान ओडिशा तट के करीब पहुंच गया है। चक्रवाती तूफान अम्फान आज यानी बुधवार को दोपहर तक पश्चिम बंगाल और ओडिशा में दस्तक देने को तैयार है। यह बेहद भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में पश्चिम बंगाल में दीघा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश तटों से गुजर सकता है। महाचक्रवात तूफान अम्फान करीब 155-165 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से समुद्री तटों से टकराएगा। यह आज दोपहर के बाद खतरनाक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस महातूफान से करीब 200 किलोमीटर रफ्तार से हवाएं चलेंगी। भारी बारिश का भी अनुमान है। आशंका जताई जा रही है कि दोपहर से लेकर शाम तक सुपर साइक्लोन अम्फान विकराल रूप धारण कर सकता है और बड़ी तबाही मचा सकता है।

सुंदरवन के करीब बांग्लादेश में दीघा और हटिया के बीच टकराने की आशंका है। बता दें कि तूफान 1999 में उड़ीसा में आए पहले सुपर साइक्लोन से भी खतरनाक माना जा रहा है। फिलहाल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश देखने को मिल रही है। साथ ही समुद्र में लहरें भी उठ रही हैं। पश्चिम बंगाल, ओडिशा समेत अन्य तटीय राज्यों में इसको लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा में भारी बारिश और हवा के झोंके और बंगाल के कुछ हिस्सों में बारिश हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि तूफान के कारण पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जोखिम वाले इलाकों से लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दोनों राज्य हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि चक्रवात के कारण तेज रफ्तार हवाएं चल रही हैं और ओडिशा के कई क्षेत्रों में बारिश हुई है। 

नौसेना के एयरक्राफ्ट भी तैयार :

भारतीय नौसेना ने कहा- ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए जेमिनी बोट और मेडिकल टीम के साथ 20 बचाव दलों को तैयार रखा गया है। नौसेना के एयरक्राफ्ट नौसेना स्टेशनों विशाखापत्तनम में आईएनएस डेगा और अराकोणम में आईएनएस राजाली राहत-बचाव कार्यों के लिए तैयार हैं। 

आइए जानते हैं इस तूफान को लेकर सभी अहम बातें..

1. कोरोना वायरस संकट के बीच में अम्फान किसी बड़े आफत से कम नहीं है। प्रशासन ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि अम्फान का विकराल रूप न सिर्फ फसलों को बर्बाद करेगा, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों और जान-माल का भी बड़ा नुकसान कर सकता है। 

2. मौसम विभाग का अनुमान है कि बुधवार दोपहर से शाम तक यह अम्फान तूफान तेज रफ्तार के साथ ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में पहुंचेगा और तबाही मचा सकता है। संभावित खतरे को देखते हुए राज्य से लेकर केंद्र सरकार और एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता जिले प्रभावित हो सकते हैं। जबकि ओडिशा के तटीय जिलों जगतसिंहपुर, केंद्रापाड़ा, भद्रक, जाजपुर और बालासोर में भारी वर्षा और तूफान आएगा। अम्फान की तबाही मुख्यरूप से भारत के पश्चिम बंगाल और ओडिशा में ही देखने को मिलेगी। मगर माना जा रहा है कि सिक्किम, असम और मेघालय पर भी इसका असर पड़ सकता है।  भारत और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में लगभग 4.2 मिलियन लोगों को सुरक्षा स्थान पर स्थानांतरित किया गया है।

सोमवार को 700 किलोमीटर तक फैले और लगभग 15 कि. मी. ऊंचाई वाला चक्रवात अम्फान अपने केंद्र में 220 से 230 कि. मी. प्रति घंटे की गति से घूम रहा था। चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल में गंगा के आस-पास वाले इलाकों और उत्तर तटीय ओडिशा इलाकों में भी बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। यह 20 मई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और 21 मई को असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी वर्षा का कारण बनेगा।

16-05-2020
कांग्रेस भवन से रवाना हुए प.बंगाल के यात्री, वापसी में तीन बसों से लौटेंगे छत्तीसगढ़वासी

रायपुर। लॉक डाउन के कारण छत्तीसगढ़ में फंसे पश्चिम बंगाल के लगभग 250 लोगों की सकुशल घर वापसी शनिवार को कराई गई। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन, प्रभारी संगठन महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला, शहर अध्यक्ष गिरीश दुबे, अरूण भद्र, इम्तियाज हैदर सहित वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में 3 बसों को रायपुर से पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया। रायपुर के आश्रय स्थल में अब तक मजदूर और यात्री रुके हुए थे। बंगाली समाज की ओर से भी इन लोगों की मदद की जा रही थी। इनके भोजन की व्यवस्था शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से कराई गई। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी और पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के समन्वय से इन मजदूरों और यात्रियों को भेजा गया। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के 100 लोग, मुशिदाबाद जिला के 50 लोग, मेदिनीपुर 50 लोग, कोलकाता के 50 लोग शामिल थे। मजदूरों को लेकर रवाना हुई बसें छत्तीसगढ़ के लोगों के लेकर वापस लौटेगी।

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