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03-03-2020
गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ और नई युवा पीढ़ी के निर्माण को समर्पित है संजीवनी बजट : भूपेश बघेल

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्ष 2020-21 के लिए बजट पेश किया। बजट पेश करने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह बजट गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ और नई युवा पीढ़ी के निर्माण को समर्पित है। इसमें पुराने के साथ साथ नए प्रावधान भी बनाए गए हैं। इस बजट को हमने संजीवनी बजट नाम दिया है। विगम वर्ष के प्रावधान जारी रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि झीरम के शहीदों की याद में शहीद स्मारक का निर्माण किया जाएगा। बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। 17 लाख 34 हजार किसानों का कर्जा माफ किया। स्वास्थ्य योजनाओं के लिए 550 करोड़ का प्रावधान। विशेष पोषण आहार के लिए 766 करोड़ का प्रावधान किया। नरवा, गरवा, घुरवा, बारी के लिए 1603 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया। प्रति व्यक्ति आय 98 हजार 281 रुपए का अनुमान। राशन कार्ड से चावल उपलब्ध कराने के लिए 3 हजार 410 करोड़ का प्रावधान। राजीव गांधी किसान न्याय योजना का ऐलान। बस्तर संभाग में गुड़ के लिए 50 करोड़ का प्रावधान। कुपोषण और एनिमिया को जड़ से खत्म करेंगे। लघु सिंचाई परियोजनाओं के लिए 610 करोड़ रुपए का प्रावधान। एसटी इलाकों में चना वितरण के लिए 171 करोड़ का प्रावधान। एनिमिया को खत्म करने के लिए पोषण आहार योजना। हर साल युवा महोत्सव का आयोजन होगा। खूबचंद बघेल योजना के लिए 550 करोड़ रुपए का प्रावधान। हाट बाजार क्लिनिक योजना के लिए 13 करोड़ रुपए का प्रावधान। रायपुर का डे भवन स्वामी विवेकानंद स्मृति संस्थान बनेगा। नल जल योजना के लिए 225 करोड़ का प्रावधान है। पर्यटन के लिए 103 करोड़, नगर निगम क्षेत्रों में सर्वेक्षण के लिए 25 करोड़, 11 नए ऑडिटोरियम का एलान किया गया। एनीकट और स्टॉप डैम के लिए 171 करोड़ का प्रावधान। पौनी पसारी योजना 166 निकायों में लागू होगी। 10 पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों की स्थापना की जाएगी। पीएम फसल योजना के लिए 366 करोड़। वाटर शेड प्रबंधन के लिए 366 करोड़। बागवानी मिशन के लिए 205 करोड़। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 370 करोड़। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए 110 करोड़। शहरी विद्युतीकरण योजना के लिए 135 करोड़। महानदी परियोजना के लिए 237 करोड़। लोरमी में कृषि कॉलेज खोला जाएगा। बेमेतरा, तखतपुर में डेयरी कॉलेज। बेमेतरा, धमतरी, अर्जुंदा, जशपुर में हॉर्टिकल्चर कॉलेज खोला जाएगा।

02-03-2020
शेरा और राजधानी क्लब ने जीता चैंपियनशिप कप फुटबाल टूर्नामेंट

रायपुर। खेलों को बढ़ावा देने और फिट रहने अटल नगर फुटबाल क्लब की ओर से नवा रायपुर में चैंपियनशिप कप फुटबाल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इसमें 16 टीमों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ फुटबाल एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा समाज कल्याण, सहकारिता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव आर. प्रसन्ना ने इस एक दिवसीय टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। पुरूष वर्ग में शेरा क्लब एवं महिला वर्ग में राजधानी फुटबॉल क्लब ने ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। पुरूष वर्ग में 11 और महिला वर्ग में पांच टीमों ने हिस्सा लिया। रायपुर की तीन राष्ट्रीय महिला रेफरियों शालिनी यादव, कविता साहू और चित्राणी धनगढ़ ने टूर्नामेंट में रेफरशिप की। शालिनी यादव छत्तीसगढ़ महिला फुटबाल टीम की चयनकर्ताओं में भी शामिल हैं।
खेल-मेल से आगे बढ़, गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ को चरितार्थ करने तथा खुद को चुस्त-दुरूस्त, फिट रखने और खेलों को बढ़ावा देने नवा रायपुर के सेक्टर-27 व सेक्टर-29 के रहवासी बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने अटल नगर फुटबाल क्लब का गठन किया है। आयोजन के एक दिन पहले क्लब के सदस्यों ने नवा रायपुर के सेक्टर-26, 27, 28, 29 और 30 में बाइक एवं कार रैली निकालकर स्थानीय निवासियों को टूर्नामेंट में भाग लेने और मैच देखने के लिए आमंत्रित किया। फेसबुक और व्हाट्स-अप के साथ ही अन्य सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को टूर्नामेंट से जुड़ने आमंत्रित किया गया। टूनार्मेंट के सभी मैच सेक्टर-27 स्थित अटल नगर स्पोर्ट्स ग्राउंड में खेले गए। टूर्नामेंट में विजयी चारों टीमों को ट्रॉफियां भी प्रदान की गई। दोनों वर्गों में सर्वेश्रेष्ठ गोलकीपर को गोल्डन ग्लब्स और सर्वेश्रेष्ठ खिलाड़ी को गोल्डन बूट के विशेष पुरस्कार से भी नवाजा गया। टूर्नामेंट में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को प्रमाण-पत्र दिए गए। नवागांव-खपरी के सरपंच सुजीत कुमार घिदौड़े और आयोजन समिति की संयोजक एडव्होकेट बलवंत कौर बल ने विजेता टीमों को पुरस्कार वितरित किए। समिति के सचिव संजीव जोसेफ ने कार्यक्रम का संचालन और अध्यक्ष राजीव त्रिपाठी ने टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों, दर्शकों, वालिंटियर्स और खिलाड़ियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

31-01-2020
डॉ. शिव कुमार डहरिया ने देखी छत्तीसगढ़ी फिल्म 'जोहार छत्तीसगढ़'

रायपुर। नगरीय प्रशासन और श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने आज श्याम टॉकिज जाकर छत्तीसगढ़ी फिल्म 'जोहार छत्तीसगढ़' देखा। डॉ. डहरिया ने फिल्म देखने के बाद प्रतिक्रिया में कहा कि राज्य सरकार के गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के तर्ज पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा और छत्तीसगढ़ महतारी को लेकर फिल्म जोहार छत्तीसगढ़ बनी है। यह फिल्म प्रदेशवासियों के लिए काफी प्रेरणाप्रद है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना शुरू की गई है। इसके साथ ही मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ दुरस्थ वनांचल के गरीबों, पिछड़ों और आदिवासियों सहित सभी वर्गाें के विकास के लिए निरंतर प्रयास की जा रही है। डॉ. डहरिया ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्म को हमेशा से ही प्रोत्साहन देते रहे हैं। आगे भी हरसंभव मदद किया जाएगा। इस मौके पर विधायक कुलदीप जुनेजा, जोहार छत्तीसगढ़ के डायरेक्टर देवेन्द्र जांगड़े सहित छत्तीसगढ़ी फिल्म के निर्माता, निर्देशक, कलाकार और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

 

16-01-2020
बाबा गुरु घासीदास ने समतामूलक समाज की दिखाई राह : प्रेमसाय सिंह टेकाम

दुर्ग। राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव का गुरुवार को भिलाई 3 स्थित मंगल भवन में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि अनुसूचित जाति जनजाति मंत्री प्रेमसाय सिंह ने शुभारंभ करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने मनखे मनखे एक समान का संदेश देकर समता मूलक समाज का संदेश दिया है। बाबाजी ने सत्य अहिंसा का संदेश देकर सभी जीवों के प्रति प्रेम करुणा का उपदेश दिया है। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती में अनेक संत महात्माओं ने जन्म लिया है। इनमे गुरु घासीदास सर्वोपरि है, जिन्होंने समूचे समाज को एक सूत्र में बांधने और ऊंचनीच के भेद को मिटाने का संदेश दिया। मंत्री टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबाजी के संदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के माध्यम से काम कर रही है। सरकार राज्य की कला संस्कृति को बढ़ावा देने का काम कर रही है। अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों की हितों के संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। इन वर्ग के युवाओं और विद्यार्थियों को सुविधा मुहैया करा रही है,जिससे इनका सही विकास हो सके। मंत्री टेकाम ने लोगों को आहवान करते हुए कहा कि सभी बाबाजी के संदेश को आत्मसात कर अपने जीवन में उतारकर अपना जीवन सिद्ध करें। 2 दिवसीय राज्य स्तरीय लोक कला महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये 30 पंथी नर्तक दलों के बीच प्रतियोगिता होगी। समापन दिवस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 17 जनवरी को पुरस्कृत करेगें। संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके पूर्व राज्य सरकार द्वारा राज्य की संस्कृति को सहेजने के उद्देश्य से आदिवासी महोत्सव  युवा महोत्सव का आयोजन रायपुर में कर चुके हैं।

 

10-01-2020
सरगुजा के 283 प्रतिभागी राज्य स्तरीय युवा महोत्सव में करेंगे कला का प्रदर्शन 

अम्बिकापुर। लोक संस्कृति के ताने-बाने को समेटे हुए सरगुजा जिले के 283 प्रतिभागी राजधानी रायपुर में आयेजित राज्यस्तरीय युवा महोत्सव में विविध कलाओं का प्रदर्शन करेगें। इनमें 157 पुरूष तथा 126 महिला प्रतिभागी शामिल है। राज्यस्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर 12 से 14 जनवरी 2020 को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में किया जा रहा है। राज्यस्तरीय युवा महोत्सव में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के थीम पर लोकसंगीत सहित 25 विधाओं में 15 से 40 एवं 40 से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागी अपनी प्रस्तुति देंगे। जिले के युवा अपनी कला संस्कृति का प्रदर्शन राजधानी रायपुर में करने का मौका मिलने पर काफी उत्साहित हैं। राज्यस्तरीय युवा महोत्सव में सरगुजा जिले के प्रसिद्ध लोकनृत्य, करमा और सैला की मनमोहक प्रस्तुतियों की झलक दिखाई देगी।    

 

29-12-2019
आदिवासियों के अधिकारों के लिए एकजुट होना होगा : कवासी लखमा

रायपुर। राष्ट्रीय शोध-संगोष्ठी आदिवासी अस्मिता : कल, आज और कल, के तीसरे दिन प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि आदिवासियों के और अधिकारों के लिए एकजुट होना होगा। प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा सम्पन्न हैं, जो प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण कड़ी है। आदिवासी प्राकृतिक संसाधनों को सहजने का कार्य करते हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर आदिवासियों को अपनी जमीन का पट्टा नहीं बन पाया है। शासन ने सभी को जमीन का पट्टा देने का निर्णय लिया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से 10 लाख 80 हजार आदिवासियों को जंगल से बेदखल करने का आदेश से आदिवासी व्यथित है। मंत्री लखमा ने कहा कि इस आदेश से छत्तीेसगढ में 2 लाख 80 हजार आदिवासी भी प्रभावित हो रहे हैं। इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्टे लिया है। मंत्री लखमा ने कहा कि आदिवासी प्रकृति पर आधारित फसल बोने से लेकर काटने और शादी जैसे रस्मों को उत्सव के रुप में मनाते हैं। इस तरह की शोध संगोष्ठी् का आयोजन बस्तर और सरगुजा संभाग में भी आयोजित किया जाएं। कार्यक्रम में विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी भी उपस्थित रहें। मासिक पत्रिका ‘गोडवाना स्वदेश’ के तत्वधान में 27 से 29 दिसंबर तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोध-संगोष्ठी गढ़बों नवा छत्तीसगढ़ के थीम पर आधारित “आदिवासी अस्मिता: कल, आज और कल” विषय पर देश भर के विश्वविद्यालयों से आए प्रोफेसर, शोधार्थी एवं बुद्धजीवीगण अपने शोध-आलेख एवं आदिवासी समस्याओं के चिंतन पर मंथन करने शामिल हुये हैं। आज संगोष्ठी का तीसरा और समापन का  दिन रहा है ।

कार्यक्रम के आयोजन में छत्तीसगढ़ शासन के ‘संस्कृति विभाग’ एवं ‘आदिमजाति विकास विभाग’ का विशेष सहयोग रहा। गढ़बों नवा छत्तीसगढ़ के नवसृजन के लिए प्रतिबद्ध प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और संस्कृति एवं खाद्य मंत्री  अमरजीत भगत के मार्गदर्शन में “आदिवासी अस्मिता: कल, आज और कल” पर आधारित राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार रायपुर में शोध-संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। इस संगोष्ठी में देश के प्रख्यात केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय आदिवासी विश्वविद्यालय अमरकंटक, टाटा इन्स्टीट्यूट ऑफ सोसल साइंस मुंबई, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय, शांति निकेतन विश्वविद्यालय कोलकाता, गुजरात विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय ओडिशा, गुरुघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर, पं. रविशंकर विश्वविद्यालय, बस्तर विश्वविद्यालय जगदलपुर एवं मानवविज्ञान सर्वेक्षण संस्थान जगदलपुर के विषय विशेषज्ञ, प्रोफेसर एवं सैकड़ों शोधार्थियों ने अपना शोध-पत्र एवं आलेख वाचन किया। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र का वितरण किया गया।

बस्तर के आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता माखनलाल शौरी ने कहा कि आदिवासी समुदाय को समझने के लिए उनके रहन-सहन बोली परम्परा और संस्कृति को समझना जरूरी है। वे हजारों वर्षों से प्रकृति की नजदीक, नदी, पहाड़ और जंगलों से जुड़े हुए हैं। शासकीय गुंडाधुर महाविद्यालय कोंडागांव के प्राचार्या डॉ. किरण नुरेटी ने आदिवासियों के जीवन पर आधारित ध्यान पद्वतियों, मनोवैज्ञानिक चिकित्सा्, प्राकृतिक चिकित्सा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रकृति शक्ति ही सर्वशक्ति मान है। इसलिए प्रकृति का बचाव करना जरुरी है। झारखंड के मानव वैज्ञानिक डॉ. शब्बीर हुसैन ने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की कुपोषण समस्या पर चिंता व्यक्त किया। यहां 52 प्रतिशत से अधिक आदिवासी बच्चे कुपोषण और ज्यादातर महिलाएं एनिमिया के शिकार हैं।


 

27-12-2019
आदिवासी सहित सभी वर्गों को जोड़कर ही निकलेगा देश की तरक्की का रास्ता : राहुल गांधी

रायपुर। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के शुभारंभ में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे राहुल गांधी ने कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासियों और सभी वर्गों को जोड़कर ही देश की तरक्की का रास्ता निकलेगा। सभी वर्गों और लोगों को जोड़ना और सभी को साथ लेकर चलना हमारी सांस्कृतिक पहचान है और यही भावना इस महोत्सव में दिख रही है। इस महोत्सव में आदिवासी संस्कृति और इतिहास को जानने और समझने का बेतहर मौका मिल रहा है। यह महोत्सव हमारी विविधता में एकता को भी दर्शाता है। लोक सभा सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को यहां साइंस कालेज मैदान में तीन दिनों तक चलने वाले राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की। इस महोत्सव में 25 राज्यों, 3 केन्द्रशासित राज्यों और बांग्लादेश, युगांड़ा, मालदीप, बेलारूस, थाईलैण्ड तथा श्रीलंका के लगभग 18 सौ लोक कलाकार शामिल हुए हैं। शुभारंभ समारोह में राहुल गांधी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी, किसान, माताओं और बहनों सबको साथ लेकर ही अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा रहे हैं। यह महोत्सव भी सबको जोड़ने की भावना का परिणाम है। जब तक आदिवसियों, दलितों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों को नही जोड़ेंगे तब तक देश की अर्थव्यवस्था में सुधार नहीं ला सकते। कोई भी व्यवस्था इन वर्गो से ही चलती  हैं। भाई से भाई को लड़ाकर देश का भला नहीं हो सकता। सबको जोड़कर ही देश को तरक्की के रास्ते पर ले जाया जा सकता है। यहीं इस महोत्सव का भी मकसद है।  

राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आदिवासी समुदाय की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने उनकी जमीन वापस की है, तेन्दूपत्ते की पारिश्रमिक दर भी बढ़ाई है। कुपोषण को दूर करने के लिए सुपोषण अभियान और मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना चलाई जा रही है। इसके सुखद परिणाम मिल रहे हैं। छत्तीसगढ़ में हिंसा में कमी आयी है क्योंकि सरकार लोगों की आवाज सुन रही है। यहां की विधानसभाओं में भी सभी की आवाज सुनाई दे रही है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि हम आदिवासियों की कला संस्कृति, परम्परा और धरोहर को संरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। अनेकता में एकता हमारी पहचान है और ताकत भी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने उनसे कहा था कि ऐसा कार्य होना चाहिए कि सब लोगों को लगे कि हमारी सरकार है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार हर वर्ग के आंसू पोछने का काम कर रही है। हमने किसानों का विश्वास जीता, आदिवासियों की लोहण्डीगुड़ा में उनकी जमीन वापस की। बस्तर अंचल में सुपोषण अभियान की शुरूआत की। उनके स्वास्थ्य के लिए हाट बाजार में क्लिनिक योजना की शुरूआत की। आज हमारी सरकार के कार्यों से छत्तीसगढ़ में सर्वत्र शांति व्याप्त है।

मांदर की थाप पर थिरके राहुल गांधी और अतिथि

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के शुभारंभ मौंके पर पहुंचे राहुल गांधी का आदिवासियों ने परंपरागत वाद्य यंत्रों और नृत्य से स्वागत किया। शुभारंभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के लोक नृत्य दल के द्वारा जब मुख्य मंच पर प्रस्तुति दी जा रही थी तब राहुल गांधी भी खुद को रोक नहीं पाए और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ मुख्य मंच पर पहुंचे। वे एक कलाकार का मांदर लेकर खुद बजाने लगे और बाकी कलाकारों के साथ लय मिलाकर जमकर थिरके। उनके साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य अतिथियों ने भी नृत्य कर नर्तक दलों का उत्साहवर्धन किया।



आदिवासी लोक नृत्य दलों ने निकाली शोभायात्रा

महोत्सव में देश-विदेश से आए नृत्य दलों ने शोभायात्रा भी निकाली। राहुल गांधी, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य अतिथियों ने मांदर की थाप पर लोक नृत्य दलों का साथ दिया।

मुख्य अतिथि ने छत्तीसगढ़ शासन के केलेण्डर का किया विमोचन

मुख्य अतिथि राहुल गांधी ने शुक्रवार को राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के मुख्य मंच से छत्तीसगढ़ शासन के वर्ष 2020 के नये केलेण्डर का विमोचन किया। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की थीम पर आधारित इस केलेण्डर में छत्तीसगढ़ के राज्य गीत की विभिन्न पंक्तियों को समाहित किया गया है। इस मौके पर भारत में यूनाइटेड नेशन की मिशन चीफ रेनटा लोक डेसालियन, पूर्व लोक सभा अध्यक्ष मीरा कुमार, पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, पूर्व केन्द्रीय मंत्री  भक्त चरण दास, राज्य सभा सांसद बी.के. हरिप्रसाद, पी.एल.पूनिया, चंदन यादव, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत, उपाध्यक्ष मनोज मण्डावी सहित मंत्रीमंडल के सभी सदस्य, अनेक विधायक, सांसद और विभिन्न देशों और राज्यों से आए लोक कलाकार और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

07-12-2019
एक साल में ही राज्य की फिजा बदली, जनता में सरकार के प्रति विश्वास जगा:  भूपेश बघेल

रायपुर। नई दिल्ली में आयोजित लीडरशिप समिट में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 11 माह पुरानी है। लेकिन इतने कम समय में राज्य की फिजा इतनी बदल गई है कि दुनिया और देश में इस समय जो चुनौतियां है उनमें छत्तीसगढ़ अटल, अडिग और निरन्तर विकसित अर्थव्यवस्था के रूप में खड़ा रह सका है। मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि 11 महीनों में छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर में जहां 6 प्रतिशत गिरावट आई है, वही 11 महीनों में ही प्रदेश में रियल सेक्टर में 70 प्रतिशत उछाल ओटोमोबाइल सेक्टर में 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी सहित बाजार से गयी रौनक वापस लौट आई है। यह सब चमत्कार नहीं है। हमने गांधी की विचारधारा के मॉडल को अपनाया है। हम नरवा, गरवा, घुरवा, बारी की जिस योजना पर काम कर रहे हैं वो महज कोई सरकारी योजना नहीं है, बल्कि जन विकास का एक वैकल्पिक मॉडल है।

बघेल ने समिट में कहा कि देश को भावनात्मक आधार पर नहीं चला सकते, इसके लिए अर्थव्यवस्था में सुधार करना ही होगा। समिट को संबोधित करते हुए बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में किसानों का कर्ज माफ किया गया है, किसानों से 2500 रुपये क्विंटल धान खरीदा जा रहा है, यही वजह है कि राज्य में मंदी का असर नहीं हुआ है। छत्तीसगढ़ में ऑटोमोबाइल्स, रियल इस्टेट सहित सभी क्षेत्रों में उछाल देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा आम जनता के जेब में पैसे डालने पर ही बाजार में पैसे आएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि, दुनिया में ऐसे उदाहरण कम होंगे कि ग्रामीण व्यवस्था के सुधार में खेती छोड़ चुके किसान हजारों की संख्या में वापस खेतों में लौट आए है। पलायन वाला दौर अब छत्तीसगढ़ में नहीं रहा है, पुनर्वास का यह नया दौर है, जो छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास की तस्दीक करता है। समिट में देश-विदेश से आए ख्याति प्राप्त बुद्धिजीवी भी उपस्थित थे। जीएसटी पर राज्यों को मिलने वाले क्षतिपूर्ति अनुदान से सम्बंधित एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि, छत्तीसगढ़ में क्षतिपूर्ति की माँग वर्ष 2018-19 में बढ़कर 6500 करोड़ हो जायेगी। केंद्र द्वारा अब तक जीएसटी कंपनसेशन रिलीज नहीं होने से राज्य को राजस्व की बड़ी हानि हो रही है और विकास के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

बघेल ने कहा कि, हमारी सरकार ने नेहरू - गांधी की विचारधारा को आत्मसात किया है। हमने अन्याय और शोषण के खिलाफ हमेशा आवाज उठाई है। अनुसूचित-जाति-जनजाति व पिछड़े वर्गो के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम, इसी प्रतिबद्वता और जन विकास के औजार के सहारे गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ की उदार विरासतों, अपार संसाधनों और उत्साही नीतियों के कारण देश में छत्तीसगढ़ विकास और विश्वास का प्रतीक बन गया है।

24-11-2019
मंत्री अनिला भेंड़िया ने नियमित योगाभ्यास की कक्षा का किया शुभारंभ

रायपुर। महिला एवं बाल विकास समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया ने रविवार को राजधानी रायपुर के कलेक्ट्रेट गार्डन में स्वयं योगा कर नियमित योगाभ्यास कक्षा  का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ योग आयोग (समाज कल्याण विभाग) द्वारा आयोजित निःशुल्क योग प्रशिक्षण के अवसर पर आयोग की अध्यक्षा अनिला भेंड़िया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में हमारा प्रदेश गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की ओर अग्रसर हो रहा है। नियमित योगाभ्यास की कक्षा का संचालन योग आयोग की महत्वपूर्ण पहल है। योग करने से ज्ञान और बुद्धि का विकास होता है। सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए योग आवश्यक है। योग आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर इसके अतिरिक्त 5 स्थानों और प्रत्येक विधानसभा स्तर पर एक निःशुल्क योग प्रशिक्षण के लिए नियमित योगाभ्यास कक्षाएं शुरू करने की योजना है।
 

 मंत्री भेंड़िया ने बताया कि इस योग प्रशिक्षण के माध्यम से पूरे छत्तीसगढ़ को स्वस्थ और सुंदर बनाना चाहते हैं। इसमें आप सबकी भागीदारी और सहयोग  रहेगा जिससे हम  अन्य लोगों को स्वस्थ रहने के लिए मार्गदर्शन दे सकते हैं। उन्हें स्वस्थ रहने के लिए कह सकते आप सब जानते हैं कि ऋषि-मुनियों ने भी योग के माध्यम और रोगों से निजात पाया है। कई बड़ी से बड़ी बीमारियां योग से दूर हुई है। योग के द्वारा रोगों से दूर रहा जा सकता है। योगाभ्यास से आज हम सब भी इस ओर आगे बढ़ रहे है। उन्होंने कहा कि आसपास के लोगों को योग के महत्व बताएं ताकि हम सभी स्वस्थ्य रहें। योगाभ्यास के दौरान वृक्षासन, कटीसौंदर्यासन, चक्कीआसन, भुजंगासन, मर्कटासन, हास्यासन और शवासन आदि का योगाभ्यास कराया गया। इस अवसर पर मुख्य मास्टर ट्रेनर छबीराम साहू ने प्राणायाम के द्वारा मन मस्तिष्क को केंद्रित कर मृगी मुद्रा में अनुलोम-विलोम आसन से शरीर को स्वस्थ रखने योगाभ्यास कर जानकारी दी। इस अवसर पर सचिव योग आयोग एम एल पांडे, सीईओ जिला पंचायत डॉ. गौरव कुमार सिंह, उपसचिव राजेश तिवारी, संयुक्त संचालक भूपेंद्र पांडे सहित बड़ी संख्या में लोगों ने योगाभ्यास किया।

24-11-2019
मुख्यमंत्री से रविन्द्र चौबे ने की मुलाकात, पुरस्कार की ट्राफी सीएम को सौंपी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से रविवार को उनके निवास कार्यालय में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने मुलाकात की। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित स्टेट ऑफ द स्टेट कॉनक्लेव 2019 में छत्तीसगढ को ‘सर्वोत्तम समावेशी विकास के क्षेत्र में उत्कृष्टतम प्रदर्शन’ के लिए दिए गये पुरस्कार की ट्राफी मुख्यमंत्री बघेल को सौंपी। कृषि मंत्री चौबे ने छत्तीसगढ़ की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया था। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए कृषि मंत्री सहित प्रदेशवासियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि हमारे राज्य में ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ के नारे के साथ नया आर्थिक मॉडल अपनाया गया है। ऐसी अर्थव्यवस्था अपनाई गयी है, जिसके केंद्र में गांव हैं। आज जब पूरे देश में मंदी छाई हुई है, छत्तीसगढ़ के बाजार में रौनक है। राज्य सरकार द्वारा किसानों की कर्ज माफी, 2500 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी सहित समाज के सभी वर्ग की उन्नति के लिए योजनाएं और कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत अधोसंरचनाओं को मजबूत करने के लिए चौतरफा कदम उठाए जा रहे हैं। 
इस अवसर पर विधायक देवव्रत सिंह, शिशुपाल सोरी और खेलसाय सिंह भी उपस्थित थे।

22-11-2019
डॉ. प्रेमसाय ने किया राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं युवा महोत्सव का शुभारंभ  

रायपुर। मंत्री स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने शुक्रवार को सूरजपुर जिला मुख्यालय में आयोजित जिला स्तरीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं युवा महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि सुआ, करमा, शैला, डोमकेच नृत्य और गेड़ी दौड़ छत्तीसगढ़ संस्कृति और परम्परा की पहचान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कलाकारों को बढ़ावा देने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। जिससे आदिवासियों को एक अच्छा मंच और उचित सम्मान मिल सके। प्रदेश की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य में राज्यगीत प्रारंभ किया गया है। जिसे प्रत्येक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सुनाया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने मांदर पर थाप देकर नृत्य दलों का उत्साहवर्धन किया। 

महोत्सव का शुभारंभ अलग-अलग स्थानीय परिधानों से सुसज्जित जिले के अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों से चयनित प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा के जौहर का प्रदर्शन किया। डॉ. टेकाम सहित सभी अतिथि प्रतिभागियों का प्रदर्शन देख मंत्रमुग्ध हो गए। डॉ. टेकाम ने कहा कि प्रतिभागियों का प्रदर्शन और गांव की परम्परा को एक बार फिर से जीवन्त रूप में देखकर बीता हुआ कल सामने आ गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अध्यक्ष सरगुुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण एवं विधायक प्रेमनगर खेलसाय सिंह, विधायक भटगांव पारसनाथ राजवाड़े, अध्यक्ष जिला पंचायत अशोक जगते, कलेक्टर दीपक सोनी, जिला प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्कूल के विद्यार्थी और ग्रामीणजन उपस्थित थे।कलेक्टर ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की थीम पर जिला स्तरीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव और युवा उत्सव का आयोजन जिला स्तर पर किया जा रहा है। इसमें जिले के प्रत्येक स्थान से प्रतिभागी कलाकार सम्मिलित होकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए जिले के 6 विकास खण्डों को 31 कलस्टर में विभाजित कर 19 से 31 अक्टूबर तक कलस्टर स्तरीय युवा महोत्सव और आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया गया। डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और अन्य अतिथियों ने इस अवसर पर शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लगाए गए स्टालों का अवलोकन कर सभी प्रदर्शनियों को सराहा।

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