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09-04-2021
छत्तीसगढ़ शासन ने दो सिंचाई योजनाओं के लिए 13.77 करोड़ रुपए की दी स्वीकृति

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए 13 करोड़ 77 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। स्वीकृत कार्यों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड पलारी की तेलसी जलाशय के जीर्णोद्धार कार्य के लिए दो करोड़ 67 लाख 76 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। यह कार्य पूर्ण हो जाने पर 121 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। इसी प्रकार से राजनांदगांव जिले के विकासखंड छुईखदान की अमदनिया डायवर्सन नहर रिमाडलिंग और लाइननिंग कार्य के लिए 11 करोड़ 9 लाख 27 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस कार्य के पूर्ण होने पर 105 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा प्रस्तावित है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से इन सिंचाई योजनाओं के कार्य पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।

08-04-2021
ग्रामीण क्षेत्र में होंगे विकास कार्य, 18 कार्यों के लिए मिली एक करोड़ की स्वीकृत

दुर्ग। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू की अनुशंसा पर दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। इसी क्रम में 18 कार्यों के लिए एक करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। गृहमंत्री की अनुसंशा पर छत्तीसगढ़ राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण मद से ग्राम बोरीगारका में सामुदायिक भवन और दमोदा में समरसता भवन के लिए दस-दस लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह ग्राम तिरगा में सामुदायिक भवन (जय बजरंग मानस मंडली), डूमरडीह कुमारपारा में सामुदायिक भवन, ग्राम अछोटी में कुर्मी सामुदायिक भवन, चिंगरी में वार्ड 1व 2 में मंगल भवन, कोलिहापुरी साहू पारा में सामुदायिक भवन, महमरा में महिला मंडल भवन,जजगिरी धीवर पारा में सामुदायिक भवन, रिसामा साहू  पारा में सामुदायिक भवन, थनोद साहू पारा में सामुदायिक भवन, भरदा में सामुदायिक भवन, कुथरेल में सामुदायिक भवन, मचांदुर आदिवासी पारा में सामुदायिक भवन, पीसेगांव में सामुदायिक भवन और ग्राम नगपुरा में आदिवासी ध्रुव पारा, निषाद पारा एवं कुर्मी पारा में सामुदायिक भवन के लिए पांच-पांच लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

 

30-03-2021
पीड़ितों को 28 लाख रूपए की सहायता स्वीकृत

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा विभिनन प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों को जिला कलेक्टर के माध्यम से आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाती है। प्रदेश में ऐसे 7 प्रकरणों में 28 लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत महासमुंद जिले की सरायपाली तहसील के ग्राम अंतरझोला के पूर्णानंद, ग्राम जलपुर के पण्डा बरिहा और सरायपाली के दानीराम धु्रव और नारायणपुर जिले के ग्राम तरूषमेटा के परमेश्वर की भी पानी में डूब जाने से मृत्यु होने के कारण मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार से कोण्डागांव जिले के केशकाल तहसील के ग्राम खूटपदर (पीपरा) के बुधराम की मधुमक्खियों के काटने से, माकडी तहसील के ग्राम देउरबाल के दशरू और ग्राम काकोड़ी के बलराम की पानी में डूबने से मृत्यु हो जाने के कारण मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

 

10-03-2021
अतिशेष धान की ई-नीलामी में प्राप्त दर स्वीकृत,द्वितीय चरण की नीलामी शुरू

रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित अतिशेष धान की प्रथम 3 दिवस 3, 4 एवं 5 मार्च 2021 की नीलामी में प्राप्त दरों के आधार पर बालोद, दुर्ग, बलौदाबाजार एवं मुंगेली जिले के मोटा एवं सरना के 5 लॉट, लगभग 58 हजार 304 क्विंटल धान विक्रय के लिए स्वीकृत किये गए हैं। इन जिलों के भरदाकला समिति में उपलब्ध मोटा किस्म की धान 1339.2 क्विंटल के लिए निर्धारित दर 1436 रूपए प्रति क्विंटल स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार डीडाभाटा में 8981.2 क्विंटल के लिए 1461 रूपए, रजोली में 20228 क्विंटल के लिए 1435 रूपए, रसेड़ा में सरना धान 24780 क्ंिवटल के लिए 1400 रूपए और खाम्ही समिति में उपलब्ध 2975.6 क्विंटल के लिए 1413 रूपए प्रति क्विंटल की दर पर विक्रय के लिए स्वीकृत किए गए हैं।

खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित अतिशेष धान की द्वितीय चरण की नीलामी ऑनलाईन प्लेटफॉर्म के माध्यम से 10 मार्च 2021 से प्रारंभ हो चुकी है। द्वितीय चरण की नीलामी में धमतरी, बिलासपुर, मुंगेली, रायगढ़, बालोद, बेमेतरा कवर्धा, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद व महासमुंद जिलों की 231 समितियों से लगभग 4.82 लाख में टन अतिशेष की नीलामी किया जाना प्रस्तावित है। नीलामी प्रतिदिन (शनिवार एवं रविवार को छोड़कर) प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक 46 से 48 समितियों से अतिशेष धान की नीलामी की जा रही है। द्वितीय चरण की नीलामी की विस्तृत समय-सारणी, किस्मवार बारदानों की संख्या व वेरायटीवार धान की मात्रा संबंधी जानकारी व नीलामी की सूचना का प्रकाशन मार्कफेड द्वारा किया जा चुका है। उक्त ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अतिशेष धान की ई-नीलामी हेतु क्रेता पंजीयन की कार्यवाही दिनांक 18 फरवरी से प्रारंभ की जा चुकी है।

ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म पर क्रेता पंजीयन की अर्हता, धान नीलामी की नियम-शर्ते एवं नीलामी की समय-सारणी आदि का विस्तृत विवरण खाद्य विभाग की वेबसाईट khadya.cg.nic.in  मार्कफेड की वेबसाईट www.cgmarkfed.in  एवं मेसर्स एन.सी.डी. ई.एक्स.ई.-मार्केट्स लिमिटेड की वेबसाईटwww.neml.in  पर उपलब्ध है। अतिशेष धान की नीलामी के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए मेसर्स एन.सी.डी.ई.एक्स. ई.-मार्केट्स लिमिटेड से ई-मेल askus@neml.in  एवं नंबर 022 61201000, 09981769990, 09752983891, 09730693459 पर सवेरे 10 बजे से सायं 6.00 बजे तक संपर्क भी किया जा सकता है।

 

 

23-02-2021
प्रदेश में स्थायी पम्प कनेक्शन के प्राप्त आवेदनों में 22,249 आवेदन स्वीकृत किए गए: भूपेश बघेल

रायपुर। भूपेश बघेल ने विधानसभा में भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा के लिखित प्रश्रों के लिखित उत्तर में जानकारी दी है कि प्रदेश में वर्ष 2020-21 में स्थायी पम्प कनेक्शन के लिए कुल 26438 आवेदन प्राप्त हुए है। इनमें से 22249 आवेदन स्वीकृत किए गए है। वहीं 579 आवेदन निरस्त एवं 3610 आवेदन स्वीकृति के लिए लंबित है। सीएम बघेल ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 1 लाख 1 हजार 123 कृषकों को सिंचाई के लिए अस्थायी कनेक्शन दिया गया है। वर्तमान में अस्थायी कनेक्शन को स्थायी करने की कोई योजना नहीं है। लेकिन कृषकों द्वारा  स्थायी पंप कनेक्शन के लिए पृथक से आवेदन दस्तावेजों सहित किए जाने पर कंपनी के नियमानुसार कार्यवाही की जाती है एवं जल संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर पंप कनेक्शन के विद्युतीकरण के लिए कार्यवाही कर करनेक्शन जारी किए जाते है। सीएम ने बताया कि  वर्ष 2020-21 में 10 हजार कृषि पंपों का लाइन विस्तार कार्य पूर्ण कर स्थायी कनेक्शन दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। इस लक्ष्य के मुताबिक 31 जनवरी 21 की स्थिति में 7138 पंपों का लाइन विस्तार कार्य पूर्ण कर स्थायी कनेक्शन प्रदाय किया गया है। इसके अतिरिक्त विद्यमान लाइन 3366 कृषि पंपों को स्थायी कनेक्शन प्रदान किया गया है।

 

22-01-2021
विधायक की पहल पर धार्मिक स्थलों के लिए राज्य शासन ने स्वीकृत किए 13 लाख

कोरिया।  विधायक गुलाब कमरो धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण व जीर्णोद्धार कराने के लिए राशि स्वीकृत कराई है। गुलाब कमरो की पहल पर राज्य सरकार ने भरतपुर सोनहत विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों के धार्मिक स्थलों के मंदिरों का जीर्णोद्धार कार्य के लिए 13 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। राज्य शासन ने चनवारीडा॑ड सिद्ध बाबा धाम में मंदिर जीर्णोद्धार निर्माण कार्य के लिए 4 लाख, कर्मघोंघा में मंदिर जीर्णोद्धार निर्माण कार्य के लिए 3 लाख, चुटकी पानी हर्रा में मंदिर जीर्णोद्धार निर्माण कार्य के लिए 3 लाख  एवं हनुमान मंदिर नागपुर में जीर्णोद्धार निर्माण कार्य के लिए 3 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। 

 

05-12-2020
गफ्फार भाई सदैव हम सबके हृदय में रहेंगे, उनकी मंशा अनुरूप वार्डों में स्वीकृत अधूरे कार्यों को करेंगे पूर्ण: महापौर

भिलाई। गफ्फार भाई हमेशा हम सबके हृदय में रहेंगे, उनके मंशा अनुरूप वार्ड में अधूरे स्वीकृत कार्यों को पूरा करेंगे। मौका था वार्ड 23 संत रविदास नगर के भूमिपूजन कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि शिरकत करने महापौर पहुंचे थे। नम आंखों से महापौर ने दिवंगत गफ्फार खान को याद किया। आज कैंप टू तालाब के पास जेपी चैक जैतस्तंभ के पास सीमेंटीकरण कार्य लागत राशि 19.98 लाख एवं संत रविदास नगर पार्षद कार्यालय के पास नाली निर्माण कार्य लागत राशि 5 लाख तथा संत रविदास नगर के विभिन्न स्थानों पर नाली एवं पुलिया निर्माण कार्य लागत राशि 15 लाख के कार्यों की शुरुआत करने महापौर एवं भिलाई नगर विधायक  देवेंद्र यादव वार्ड 23 पहुंचे थे। नागरिकों की उपस्थिति में उन्होंने दो स्थानों पर भूमि पूजन किया। महापौर देवेंद्र यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि गफ्फार खान के अनुपस्थिति में पहली बार उनके वार्ड में पहुंचा हूं, वार्ड के प्रत्येक कार्य में गफ्फार खान साथ में रहे हैं, इस समय हमारे बीच में नहीं है परंतु हमारे हृदय में हमेशा रहेंगे। उन्होंने कहा कि वार्ड क्षेत्र के परिवार के प्रत्येक व्यक्ति से गफ्फार खान का संपर्क था, उनका न होना अविश्वसनीय लग रहा है। गफ्फार खान के छोटे भाई के रूप में सहभागिता निभाकर उनके अधूरे कार्यों को पूरा करूंगा।

अमृत मिशन योजना के अंतर्गत हर घर पानी पहुंचाने का संकल्प उनकी बहुत बड़ी देन है, जो कि अब बहुत जल्द पूरा होने जा रहा है। महापौर परिषद की सदस्य एवं जल विभाग की प्रभारी सदरीन बानो का कार्यकाल स्वर्णिम कार्यकाल साबित होगा। उनके अधूरे स्वीकृत कार्यों एवं परिकल्पना को उनके सुपुत्र मन्नान खान एवं हम मिलकर पूरा करेंगे। भूमि पूजन कार्यक्रम में अंतव्यवसायी सहकारी समिति एवं वित्त विकास निगम की उपाध्यक्ष नीता लोधी, महापौर परिषद के सदस्य जोहन सिन्हा, जी.राजू एवं दुर्गा प्रसाद साहू, एल्डरमैन नरसिंहनाथ, डी.नागमणि एवं अरविंद राय, डी.कॉम राजू, मंच संचालन प्रभाकर जनबंधु ने किया। इसके अतिरिक्त नईम बैग, राजेश गुप्ता, परमिंदर सिंह, दिनेश गुप्ता, रंजू खोबरागडे, निगम से जोन आयुक्त प्रीति सिंह एवं उप अभियंता श्वेता वर्मा सहित अन्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

13-11-2020
223 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी 8.80 करोड़ की लागत से, बनने वाले बलरामपुर के ककनेसा जलाशय से

रायपुर। राज्य शासन ने बलरामपुर जिले के ककनेसा जलाशय योजना की पुनरीक्षित लागत के लिए 8 करोड़ 80 लाख 94 हजार स्वीकृत किए है। इस योजना से क्षेत्र में 223 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रस्तावित है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से ककनेसा जलाशय योजना के कार्याें को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। योजना के अंतर्गत निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य लागत में मितव्ययता और गुणवत्ता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

13-10-2020
स्वीकृत रेत घाटों का होगा सीमांकन, रेडियम युक्त खुंटे गड़ेंगे, सीमा से बाहर रेत खोदने पर  होगी एफआईआर

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल ने मंगलवार को समय सीमा की साप्ताहिक बैठक में आने स्वीकृत रेत घाटों से वाली 16 तारीख से रेत निकालने की शुरूआत के लिये प्रशासन की तैयारियों की समीक्षा की। किरण कौशल ने अगले तीन-चार दिनों में जिले में स्वीकृत सभी रेत घाटों का सीमांकन करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिये। उन्होंने रेत खनन के लिये स्वीकृत स्थल पर अनुमति प्राप्त रकबे का सीमांकन कर चमकीले रेडियम युक्त खुंटे गड़ाकर सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिये। निर्धारित सीमा से बाहर से रेत खनन करने पर संबंधित ठेकेदार या लीज प्राप्त संस्था के विरूद्ध सीधे एफआईआर कराने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिये। स्वीकृत रेत खदानों पर पूरी जानकारी जैसे स्वीकृत रकबा, स्थान, लीज अवधि सहित ठेकेदार का नाम, लीज की राशि आदि प्रदर्शित करने वाला बोर्ड भी लगाया जायेगा। बरसात के मौसम में पिछले तीन-चार महीने से रेत खदानोें से रेत उत्खनन प्रतिबंधित था और अब 16 अक्टूबर से स्वीकृत रेत खदानों से रेत निकालना शुरू किया जायेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में रेत के दाम भी नियंत्रित रखने के लिये कलेक्टर किरण कौशल ने राजस्व अधिकारियों को सतत निगरानी करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने स्वीकृत घाटों से रेत खनन शुरू होने से लेकर पहले एक हफ्ते तक लगातार राजस्व अमले द्वारा खनन स्थल पर जाकर निरीक्षण अवलोकन करने के निर्देश दिये।

कलेक्टर ने तीनो अनुविभागों के एसडीएम और तहसीलदारों को रेत उत्खनन करने वाले ठेकेदारों तथा लीज प्राप्त कर्ताओं की बैठक लेकर निर्धारित दरों पर ही जनसामान्य को रेत उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं। बैठक में कलेक्टर ने रेत भण्डारण की अनुमति प्राप्त लीजदारों का स्थल निरीक्षण कर उनका भी सीमांकन करने, वर्तमान मे उपलब्ध स्टाॅक की जानकारी लेने के भी निर्देश अधिकारियों को दिये। किरण कौशल ने अवैध रूप से रेत का उत्खनन करने, ज्यादा राशि पर रेत का विक्रय करने और अवैध रूप से भण्डारित रेत के प्रकरणों पर कड़ी कार्रवाई करते हुये एफआईआर तक दर्ज कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने रेत परिवहन में लगे सभी वाहनों के मालिकों, चालकों और लीज ठेकेदारों को जरूरी सभी दस्तावेज और राॅयल्टी पर्ची आदि साथ रखने के निर्देश दिये ताकि जांच के दौरान समय पर जांच अधिकारी के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत किये जा सकें। श्रीमती कौशल ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि अवैध रेत खनन और परिवहन में लगे वाहनों तथा मशीनों की जब्ती के बाद प्रकरण पर कलेक्टर की अनुमति से ही जप्त वाहनों को छोड़ा जाये। कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों के लिये रेत की आवश्यकता की पूर्ति करने वाले वाहनों और चालकों आदि को भी वैध पत्र या दस्तावेज देकर ही रेत परिवहन और खनन कराना सुनिश्चित करने के निर्देश सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिये। 16 अक्टूबर से 15 रेत घाटों से शुरू होगी वैध रेत निकासी- आने वाले 16 अक्टूबर से कोरबा जिले के 15 स्वीकृत रेत घाटों से रेत की निकासी लीज धारकों द्वारा की जायेगी।

जिले में इस वर्ष 19 रेत घाटों की स्वीकृति निविदा प्रक्रिया के तहत मिली है जिसमें से चार रेत घाट तकनीकी कारणों से अभी शुरू नहीं हो पायेंगे। 19 स्वीकृत घाटों में कटघोरा विकासखण्ड में सात, कोरबा विकासखण्ड में एक, पाली विकासखण्ड में एक, करतला विकासखण्ड मे पांच, पोड़ी विकासखण्ड में एक रेत घाट शामिल हैं जिसमे से कटघोरा विकासखण्ड के दो, करतला और पोड़ी विकासखण्ड के एक-एक रेत घाट तकनीकी कारणों से बंद रहेंगे। शेष 15 घाटों से रेत का उत्खनन 16 अक्टूबर से शुरू हो जायेगा। स्वीकृत रेत घाटों में से हसदेव नदी पर आठ, अहिरन नदी पर पांच, बम्हनी नदी पर दो, देउर नाला, टेटी नदी, सोन नदी और खारून नदी पर एक-एक घाट स्वीकृत है। स्वीकृत घाटों में से हसदेव नदी के दो, अहिरन नदी के एक तथा टेटी नदी के एक घाट से रेत खनन तकनीकी कारणों से नहीं होगा। कटघोरा विकासखण्ड में गेरवाघाट, कसनिया घाट, छुरीकला घाट, दवईपुर घाट, टेलसरा घाट से रेत का खनन किया जायेगा, पाली विकासखण्ड में पोड़ी घाट और कोरबा विकासखण्ड में मोतीसागर घाट से वैध रूप से रेत निकलेगी। करतला विकासखण्ड में चोरीभट्टी घाट, बंजारी घाट, बगदर घाट, भैंसामुड़ी घाट से रेत का खनन शुरू होगा। पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड में सिर्रीघाट, बैराघाट, बांगोघाट और दुल्लापुर घाट से रेत निकलेगी। पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के आमाटीकरा घाट, कटघोरा विकासखण्ड के कसरेंगा और घमोटा घाट, करतला विकासखण्ड के तरदा घाट से तकनीकी कारणों से रेत का खनन 16 अक्टूबर से नहीं होगा।

 

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