GLIBS
31-08-2020
 मोदी सरकार पर राहुल गांधी ने बोला हमला, कहा- भारतीय अर्थव्यवस्था 40 सालों में पहली बार भारी मंदी में

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी ने एक वीडियो में देश की अर्थव्यवस्था के बारे में बात करते हुए मौजूदा सरकार पर जमकर भड़ास निकाली है। राहुल गांधी ने वीडियो में अर्थव्यवस्था के बारे में बात करते हुए कहा कि, 'जो आर्थिक त्रासदी देश झेल रहा है, उस दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई की आज पुष्टि हो जाएगी। भारतीय अर्थव्यवस्था 40 वर्षों में पहली बार भारी मंदी में है। असत्याग्रही इसका दोष ईश्वर को दे रहे हैं।' राहुल गांधी द्वारा जारी किए गए इस वीडियो में कहा कि'बीजेपी की सरकार ने असंगठित अर्थव्यवस्था पर आक्रमण किया है, और आपको गुलाम बनाने की कोशिश की जा रही है। 2008 में जबरदस्त आर्थिक तूफान पूरी दुनिया में आया। अमेरिका, यूरोप के बैंक गिर गए लेकिन इंडिया को कुछ नहीं हुआ। राहुल गांधी ने कहा कि उस वक्त यूपीए की सरकार थी और मैं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने गया और पूछा की पूरी दुनिया में आर्थिक नुकसान हुआ है लेकिन इंडिया में क्यों नहीं हुआ? प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा राहुल अगर हिंदुस्तान के अर्थव्यवस्था को समझना चाहते हो तो यह समझना होगा कि भारत में दो अर्थव्यवस्था है।

पहली असंगठित अर्थव्यवस्था और दूसरी संगठित अर्थव्यवस्था। संगठित अर्थव्यवस्था में बड़ी कंपनिया आती हैं, वहीं असंगठित अर्थव्यवस्था में किसान, मजदूर, मीडिल दुकानदार इत्यादि आते हैं। राहुल गांधी ने बताया कि मनमोहन सिंह ने उस वक्त बताया कि जिस दिन तक भारत की असंगठित अर्थव्यवस्था मजबूत है, उस दिन तक हिंदुस्तान को कोई भी आर्थिक नुकसान छू नहीं सकता है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में बीजेपी की तीन नीतियों से असंगठित अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। इसमें से उन्होंने बताया कि पहला नोटबंदी दूसरा जीएसटी और तीसरा लॉकडाउन है। इसके अलावा उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री  को सरकार चलाने के लिए मीडिया की जरूरत है, मार्केटिंग की जरूरत है। मीडिया-मार्केटिंग 15-20 लोग करते हैं। इनफॉर्मल सेक्टर में लाखों करोड़ रुपए हैं। इस सेक्टर को तोड़कर ये लोग पैसा लेना चाहते हैं। इसका नतीजा ये होगा कि हिंदुस्तान रोजगार पैदा नहीं कर पाएगा, क्योंकि इनफॉर्मल सेक्टर 90% से ज्यादा रोजगार देता है।'

 

13-05-2020
आज शाम चार बजे वित्त मंत्री करेंगी प्रेस कॉन्फ्रेंस, बताएंगी कैसे होगा 20 लाख करोड़ के पैकेज का इस्तेमाल

नई दिल्ली। कोरोना संकटकाल में मंदी से जूझ रही अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान का आगाज किया है। बता दें कि कल सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान किया था। इस राहत पैकेज के इस्तेमाल के बारे में अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण विस्तार से बताएंगी। वित्त मंत्री आज यानी बुधवार को शाम चार बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। बता दें कि सोमवार को पीएम मोदी ने लॉक डाउन 4.0 का भी ऐलान किया। ये बिल्कुल नए रंग रूप में होगा। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि आज सोमवार की शाम चार बजे निर्मला सीतारमण प्रेस कान्फ्रेंस करेंगी। भारतीय अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर भारत को आत्म-निर्भर बनाने में मदद के लिए मंगलवार को कुल 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की और स्थानीय कारोबारों को प्रोत्साहित करने की वकालत की। प्रधानमंत्री ने बड़े आर्थिक सुधारों का संकेत देते हुए कहा कि आर्थिक पैकेज के बारे में विस्तृत ब्योरा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार से अगले कुछ दिनों तक देंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘‘यह आर्थिक पैकेज हमारे श्रमिकों, किसानों, ईमानदार करदाताओं सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों और कुटीर उद्योगों के लिये होगा।

पैकेज में भूमि, श्रम, नकदी और कानून सभी क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है। यह पैकेज भारतीय उद्योग जगत के लिए है, उसे बुलंदी पर पहुंचाने के के लिए है। कुल 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज में आरबीआई द्वारा अब तक कोविड-19 संकट से निपटने के लिए घोषित उपाय भी शामिल हैं। हालांकि इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है कि यह राशि कहां से आएगी और इससे देश की राजकोषीय सेहत पर क्या असर पड़ सकता है। इस कदमों की श्रृंखला में वित्त मंत्रालय ने गरीबों, बुजुर्गों और किसानों के लिए 1.74 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की थी।

14-01-2020
बढ़ती महंगाई पर मोदी सरकार पर बिफरी प्रियंका गांधी, कही यह बात...

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुदरा महंगाई दर बढ़कर साढ़े पांच साल के उच्चतम स्तर 7.35 फीसदी पर पहुच जाने के बाद मंगलवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गरीबों की जेब काटकर उनके पेट पर लात मारी है। प्रियंका ने ट्वीट किया, "सब्जियां, खाने-पीने के सामान के दाम आम लोगों की पहुंच से बाहर हो रहे हैं। जब सब्जी, तेल, दाल और आटा महंगा हो जाएगा तो गरीब खाएगा क्या? ऊपर से मंदी की वजह से गरीब को काम भी नहीं मिल रहा है। भाजपा सरकार ने तो जेब काट कर पेट पर लात मार दी है।" बता दें कि आधिकारिक आंकड़ों में दर्शाया गया कि खाद्य कीमतों में बड़े पैमाने पर वृद्धि के बाद भारत की खुदरा महंगाई दर नवंबर के 5.55 प्रतिशत से बढ़कर दिसंबर 2019 में 65 महीनों के उच्च स्तर 7.35 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इसके बाद प्रियंका गांधी यह बयान आया है।

 

21-11-2019
प्रियंका गांधी ने कहा-अर्थव्यवस्था बहुत खराब स्थिति में

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने को लेकर गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह  राजनीति  है। एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर प्रियंका ने कहा कि यह तो राजनीति है, होती रहती है। प्रियंका पार्टी महासचिवों की बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रही थीं। प्रियंका ने अर्थव्यवस्था के सवाल पर कहा कि अर्थव्यवस्था बहुत खराब स्थिति में है, मंदी है और सरकार को कुछ करना चाहिए। बता दें कि हाल ही में गृह मंत्रालय ने सुरक्षा की समीक्षा करने के बाद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी से एसपीजी सुरक्षा वापस ले लिया था। अब इन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है। इसके तहत केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जिम्मे गांधी परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। सीआरपीएफ  ने गांधी परिवार और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह व उनकी पत्नी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली है। स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप  से यह जिम्मेदारी मिलने के बाद सीआरपीएफ  ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के जरिए भेजे पत्र में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व उनके परिवार और मनमोहन से जुड़े प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई है।

08-11-2019
कांग्रेस ने रायपुर के सभी ब्लॉकों में हस्ताक्षर अभियान के साथ केन्द्र सरकार के खिलाफ  किया प्रदर्शन

रायपुर। केन्द्र सरकार की किसान विरोधी, आर्थिक मंदी, बेरोजगारी, राज्य विरोधि नीतियों को लेकर कांग्रेस लगातार चरणबद्ध आंदोलन कर रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने शहर के सभी ब्लॉकों में हस्ताक्षर अभियान के साथ आज एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन सुबह 11:30 बजे से शुरू होकर 2:30 बजे तक चला। शहर जिला कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी की सरकार ने किसानों के लिए कर्जमाफी, 2500 रुपए समर्थन मूल्य जैसे अहम निर्णय लिए, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। दुबे ने केन्द्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की सरकार नहीं चाहती कि किसानों की स्थिति मजबूत हो। केन्द्र सरकार 1815 रुपए में धान खरीदी करना चाहती है, जबकि कांग्रेस सरकार 2500 रुपए में धान खरीदी करने का निर्णय लिया है, जिसे केन्द्र की भाजपा सरकार पचा नहीं पा रही है। सभा को महापौर प्रमोद दुबे, विधायक कुलदीप जुनेजा व कन्हैया अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि पूरे भारत देश में आर्थिक मंदी है लेकिन छत्तीसगढ़ ही एक ऐसा राज्य है, जहां किसानों की आय बढ़ी है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में मंदी का कोई असर नहीं दिख रहा है।

शहर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता बंशी कन्नौजे ने जानकारी दी कि आज यह प्रदर्शन शहीद पंकज विक्रम ब्लॉक अध्यक्ष सुमित दास के नेतृत्व में सिद्धार्थ चौक में, महंत लक्ष्मी नारायण दास ब्लॉक अध्यक्ष सुनीता शर्मा, आजाद चौक, पंडित जवाहर लाल नेहरू ब्लॉक अध्यक्ष अरुण जंघेल, स्टेशन चौक, नेताजी कन्हैया लाल बजारी ब्लॉक अध्यक्ष दाउलाल साहू,  खमतराई बाजार, संतमाता कर्मा ब्लॉक अध्यक्ष सहदेव व्यवहार, राजेन्द्र नगर आरडीए बिल्डिंग के पास, ले. अरविंद दीक्षित ब्लॉक अध्यक्ष नवीन चंद्राकर, राजीव गांधी चौक, डॉ. खूबचंद बघेल ब्लॉक अध्यक्ष प्रशात ठेंगड़ी, चंगौरा भाठा ओवरब्रिज के नीचे, गुरु घासीदास ब्लॉक अध्यक्ष कमरान अंसारी, मरीन ड्राईव, वीरांगना अवंति बाई ब्लॉक अध्यक्ष सुनील भुवाल, देवेन्द्र नगर मोड़, सरदार वल्लभ भाई पटेल ब्लॉक अध्यक्ष देवकुमार साहू, विवेकानंद चौक, संतकबीर दास ब्लॉक अध्यक्ष माधव साहूृ, भनपुरी चौक ओवरब्रिज के पास, शहीद भगत सिंह ब्लॉक अध्यक्ष अशोक ठाकुर के नेतृत्व में  किया गया।
इस प्रदर्शन में प्रमुख रूप से इंदरचंद धाड़ीवाल, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलाम रिजवी, एमए इकबाल, विकास तिवारी, राजू घनश्याम तिवारी, प्रमोद चौबे, मोहम्मद फहीम, पंकज मिश्रा, हसन खान, सारिक रईस खान, सायरा खान, आशा चौहान ऐजाज ढेबर, शब्बीर खान, मदन तालेड़ा मो. जावेद, जीतू भारती, शिव गौलानी, आनंद कुकरेजा, अजीत कुकरेजा, राकेश धोतरे, रेखा रामटेके, इंन्द्रजीत गहलोत, अरसद अली, भोजकुमारी यदु, समीर खान, हरीश तिवारी, राजेश चौबे, समीर पांडेय, दीपक चौबे, नवीन लाजरस, सत्यनारायण नायक, सुयश शर्मा, राजू नायक, उत्तम साहू, सोनिया यादव, रोहित वर्मा, भरत ठाकुर, भाई राम चरण सोनकर, नीन युसुफ, तेजकुमार बजाज, विक्की जुडानी, फारूक असरफी, असरफ  हुसैन और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।
 

 

07-10-2019
मंदी के बावजूद ऑटोमोबाइल सेक्टर में सर्वाधिक वृद्धि दर वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

रायपुर। देश में मंदी का माहौल है लेकिन छत्तीसगढ़ में ऑटोमोबाइल सेक्टर में सर्वाधिक वृद्धि दर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की कर्ज माफी और 2500 रूपए प्रति क्विंटल धान का मूल्य देने के साथ ही लिये गए अन्य फैसलों से छत्तीसगढ़ के बाजारों में रौनक है। इसका सीधा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी दिख रहा है। आर्थिक जगत के देश के प्रमुख अखबार इकोनॉमिक्स टाइम्स द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में ऑटोमोबाइल सेक्टर के संबंध में जारी किये गए एनलिसिस में छत्तीसगढ़ पूरे देश में अव्वल है। एनलिसिस के अनुसार इस वर्ष अप्रैल से लेकर सितंबर माह तक ऑटोमोबाइल सेक्टर में देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक वृद्धि दर छत्तीसगढ़ में दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ में इस अवधि में ऑटोमोबाइल सेक्टर में 13 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ में सभी प्रकार के वाहनों के आरटीओ में रजिस्ट्रेशन में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ के बाद सर्वाधिक वृद्धि पश्चिम बंगाल में 7 प्रतिशत, बिहार और असम में 4 प्रतिशत, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में 2-2 प्रतिशत तथा राजस्थान में एक प्रतिशत वृद्धि ऑटोमोबाइल सेक्टर में दर्ज की गई है।
इकोनॉमिक्स टाइम्स के आकलन के अनुसार इस वर्ष माह अप्रैल से सितंबर तक ऑटोमोबाइल सेक्टर में सर्वाधिक 19 प्रतिशत गिरावट गोवा में, इसके बाद 14 प्रतिशत गिरावट महाराष्ट्र में, दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड राज्यों में 13 प्रतिशत की गिरावट, झारखंड और गुजरात में 11 प्रतिशत, तमिलनाडु में 10 प्रतिशत, कर्नाटक में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसी प्रकार ओड़ीशा में 6 प्रतिशत की गिरावट और हिमाचल प्रदेश में 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

 

22-09-2019
प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम भूपेश बघेल, कहा- प्रदेश में नहीं मंदी का असर

रायपुर। राजधानी के प्रेस क्लब में रविवार को प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में सीएम भूपेश बघेल शामिल हुए। कार्यक्रम में सीएम बघेल ने कहा कि हमने जो वादे चुनाव के दौरान किए थे उन्हें पूरा करने में लगे है। आज देश में मंदी का दौर है वही छत्तीसगढ़ में इसको हमने रोकने का भरपूर प्रयास भी किया है। शिक्षित बेरोजगारी की दर में छत्तीसगढ़ में कमी आई है। जब देश आर्थिक मंदी से गुजर रहा है तब छत्तीसगढ़ में इसका असर बहुत कम है। आंकड़े बताते है की मंदी का असर छत्तीसगढ़ में नहीं के बराबर है। सीएम बघेल ने कहा कि हमने 2500 क्विंटल की दर से धान की खरीदी की उससे किसान की जेब में सीधे पैसा गया, जिससे उसे फायदा हुआ। सीएम भूपेश बघेल ने कार्यक्रम में पत्रकारों के सवालों के उत्तर दिए। अध्यक्ष दामू अंबाडारे ने सीएम बघेल को वरिष्ठ पत्रकारों के लिए शासन की ओर से दी जाने वाली सम्मान राशि बढ़ाए जाने पर धन्यवाद दिया और पत्रकारों की अन्य मांगों से अवगत कराया। कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक कुलदीप जुनेजा, रायपुर प. विधायक विकास उपाध्याय, महापौर प्रमोद दुबे, प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अनिल पुसदकर सहित अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।

 

गांधी जयंती से प्रारंभ किया जाएगा सुपोषण अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ और पर्यावरण को नया जीवन देने के लिए सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा और बारी के संवर्धन के कार्य किए जा रहे है। आज प्रदेश में कुपोषण एक बड़ी समस्या है इसके निजात के लिए प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है इस अभियान को महात्मा गांधी की जयंती आगामी 2 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में प्रारंभ किया जाएगा। इसी तरह प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में लोगों तक सुगम स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी के लिए मुख्यमंत्री हॉट बाजार क्लिनिक योजना प्रारंभ की गई जिसका परिणाम यह हुआ कि इन क्षेत्रों के स्वास्थ्य केन्द्रों से दुगना ओपीडी हॉट बाजार क्लिनिक में आ रही है। लोग बाजार करने के साथ अपनी स्वास्थ्य जांच कराकर दवाएं आसानी से प्राप्त कर रहे है। सीएम बघेल ने कहा कि इस योजना को आगामी 2 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में लागू करने के साथ ही शहरी इलाकों के स्लम क्षेत्रों में भी प्रारंभ किया जाएगा ताकि झुग्गी बस्तियों में रहने वालों का स्वास्थ्य बेहतर हो सके। सार्वभौम पीडीएस के जरिए बीपीएल परिवारों के अलावा अब एपीएल परिवारों के भी राशन कार्ड बनाने का काम किया जा रहा है। एपीएल परिवारों को 10 रूपए प्रति किलों की दर से चावल प्रदान किया जाएगा। बीपीएल परिवारों के जब तक नए कार्ड नही बन जाते तब तक उन्हें पुराने कार्ड पर ही राशन मिलता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारों के लिए राज्य सरकार ने सम्मान निधि को 5 हजार रूपए से बढ़ाकर 10 हजार रूपए कर दिया है। अधिमान्यता को राज्य और जिला से बढ़ाकर अब ब्लाक तक कर दिया गया है। इसके अलावा पत्रकारों के लिए चिकित्सा सुविधा के तहत अधिकत्तम सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रूपए कर दिया गया है। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने के लिए न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा इस दिशा में कार्य किया जा रहा है।  

 

 

10-09-2019
अर्थव्यवस्था पर बोले मंत्री लखमा, कम बोलने वाले पीएम के समय नहीं आई मंदी, ज्यादा बोलने वाले के समय भाग रहे उद्योग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्व सरकार पर उद्योग नीति के लिए सही दिशा में काम नहीं करने का आरोप मंत्री कवासी लखमा ने लगाया है। लखमा ने कहा कि प्रदेश में 15 साल में भाजपा सरकार ने उद्योग नीति की धज्जियां उड़ा दी। आज उद्योग का नाम लेने में लोग परेशान हो रहे हैं। वहीं देश की अर्थव्यवस्था पर उन्होंने कहा कि आज दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ता है जब पूरी दुनिया में मंदी चल रही थी, देश में एक प्रधानमंत्री थे डॉ.मनमोहन सिंह, जो बोलते कम थे तब उनके दस सालों में न मंदी आई न उद्योग कम हुए। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अब यहां बड़ा बड़ा बोलने वाले प्रधानमंंत्री के सामने कई उद्योग छोड़ कर भाग रहे हैं। लोगों के पास पैसा नहीं है सोना गिरवी रखना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने घोषणापत्र में कहा था कि प्रदेश में सरकार बनने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश में छोटे उद्योग स्थापित किए जाएंगे, जिसमें बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। हमने सुकमा में एर्राबोर में उद्योग नगर की स्थापना की जा रही है। प्रदेश के विभिन्न स्थानों में काम चालू कर रहे हैं। किसी को बेदखल किए बिना, नुकसान पहुंचाए बिना हमारी सरकार हमारे मुख्यमंत्री की सोच है हर तहसील में छोटे से बड़ा उद्योग लगाया जाएगा। लेकिन अब गंभीर होकर हमें उद्योग लगाकर उनकी मदद करनी होगी। मंत्री लखमा ने कहा कि हमारी सरकार बंद कमरे में एसी में बैठकर नीति नहीं बनाएंगी। उद्योगपति, छोटा उद्योगपति, गांव वालों को क्या लाभ मिलेगा, इसके लिए बिजली, पानी कैसे देना है। इस पर गंभीरता से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल काम कर रहे हैं। नौजवानों को रोजगार देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ में उद्योग फलेगा भी और फूलेगा भी। पूर्व सरकार ने जो कानून बनाया था उसे हटाकर नया बनाएंगे। बस्तर, दुर्ग और अंबिकापुर में ट्रेनिंग सेंटर खोला जा रहा है। कम पढ़े लिखों को वहा प्रशिक्षण दिया जाएगा। 6 महीने वहीं रहकर प्रशिक्षित होंगे। छत्तीसगढ़ में रोजगार मिला तो यहां नहीं तो अन्य प्रदेश में जाकर पेट पालेंगे।

03-09-2019
प्रियंका गांधी ने लगाया केंद्र सरकार पर आरोप, कहा- मंदी से उबरने का करें प्रयास

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर आर्थिक मंदी की स्थिति को छिपाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि असलियत पर पर्दा डालने की बजाय सरकार को इससे निपटने के प्रयास करने चाहिए।
प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, “किसी झूठ को सौ बार कहने से झूठ सच नहीं हो जाता। भाजपा सरकार को ये स्वीकार करना चाहिए कि अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक मंदी है और उन्हें इसे हल करने के उपायों की तरफ बढ़ना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है और इसकी जानकारी सबको है इसलिए मीडिया मैनेजमेंट के जरिये इसे छिपाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा “मंदी का हाल सबके सामने है। सरकार कब तक हेडलाइन मैनेजमेंट से काम चलाएगी?”
गौरतलब है कि दो दिन पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी आर्थिक मंदी को लेकर सरकार पर तीखा हमला किया था और मिलकर इसके समाधान का रास्ता निकालने का सुझाव सरकार को दिया था।

29-08-2019
हीरा कारोबार पर हावी हुई मंदी, 60 हजार लोगों की गयी नौकरी 

नई दिल्ली।देश के हीरा कारोबार के गढ़ गुजरात में मंदी का असर दिखने लगा है। पिछले कुछ महीनों में 60 हजार लोगों के पास नौकरी नहीं है। 40 फीसदी फैक्ट्रियों ने अपने शटर गिरा दियें है, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। फिलहाल 15 फीसदी लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। 

इन तीन कारणों से पड़ा असर
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सूरत को गुजरात में हीरा कारोबार का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। यहां के कारोबारियों के मुताबिक नवंबर 2016 के बाद से स्थितियां काफी मुश्किल होना शुरू हो गई थीं। नवंबर 2016 में नोटबंदी, उसके बाद जुलाई 2017 में जीएसटी और फरवरी 2018 में नीरव मोदी, मेहुल चौकसी द्वारा किए गए पीएनबी घोटाले ने कारोबार की कमर पूरी तरह से तोड़ दी है। सूरत के अलावा अमरेली और भावनगर में भी हीरे की कटिंग और पॉलिशिंग का कारोबार होता है। 

विश्व में घटी मांग
भारतीय हीरे की मांग पूरे विश्व में कम होती जा रही है। चीन में 20 फीसदी, खाड़ी देशों और यूरोप व अमेरिका में भी भारतीय हीरों की मांग में कमी देखने को मिली है। कट पोलिश हीरे का निर्यात जुलाई में 18.15 फीसदी घट गया है। वहीं पिछले साल के मुकाबले वित्त वर्ष की शुरुआत के चार महीनों में 15.11 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
 
20 लाख लोग करते हैं नौकरी
हीरे के कारोबार से गुजरात में 20 लाख लोग जुड़े हुए हैं, जिसमें से आठ लाख लोग केवल हीरे की कटिंग और पॉलिशिंग करते हैं। कई कंपनियां अब केवल एक पाली में काम करा रही हैं। जबकि पहले तीन पालियों में काम होता था। हालांकि इस दौरान हीरे की कीमतों में भी छह से 10 फीसदी की कमी हुई है। जुलाई में केवल 18,633.10 करोड़ रुपये के हीरे का निर्यात हुआ था। यह पिछले साल के मुकाबले 11.08 फीसदी की कमी है। पिछले साल इसी महीने 84,272.30 करोड़ रुपये का निर्यात किया गया था। भारत दुनिया में रफ डायमंड की कटिंग और पॉलिशिंग का सबसे बड़ा केंद्र है। ऐसा भी कहा जाता है कि दुनिया के 15 में से 14 रफ डायमंड की पॉलिशिंग यहीं होती है। 

 

21-08-2019
पाकिस्तान में छायी मंदी, डेढ़ लाख लोगों की छिन गई नौकरी

इस्लामाबाद। दुनिया की सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं मंदी के हालातों से गुजर रही हैं। दुनिया की बड़ी रेटिंग एजेंसियों ने पिछले दिनों अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर हालत नहीं सुधरे तो आने वाले तीन साल काफी मुश्किल साबित हो सकते हैं। पहले ही कर्ज में डूबे पाकिस्तान के लिए भी मंदी के ये हालात बुरी खबर लेकर आए हैं। पाकिस्तान के ऑटो सेक्टर में इस मंदी से काफी बुरा असर पड़ा है और लगातार शोरूम बंद हो रहे हैं और लोगों को नौकरी से निकाला जा रहा है। पाकिस्तान में कारों की बिक्री में 40 से 60 फीसदी तक की कमी आई है। पाकिस्तान में कार इंडस्ट्री में संकट की वजह से करीब डेढ़ लाख लोगों को अपनी नौकरियां खोनी पड़ी हैं। पाकिस्तान के ऑटो मोबाइल सेक्टर ने 2021 तक 3 लाख कारें बेचने का लक्ष्य रखा था। कार बनाने वाली कंपनियों को उम्मीद थी कि वो 2022 तक कम से कम 5 लाख कारें बेच पाएंगी। लेकिन ऑटो मोबाइल सेक्टर की पॉलिसी में आए बदलाव, टैक्स की दरों में फेरबदल और कार प्रोडक्शन में आने वाली लागत में बढ़ोतरी की वजह से कारों के दाम बढ़ाने पड़े। इसकी वजह से कारों की बिक्री में गिरावट आ गई।

 

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804