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07-09-2020
सीएम ने ली बैठक : अब जाति प्रमाण पत्रों की शिकायतों पर होगी जल्द कार्रवाई, निरस्त करने की प्रक्रिया भी होगी सरल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत गठित राज्य स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक ली। सदस्यों ने बैठक में सुझाव दिया कि, जाति प्रमाण-पत्रों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने सदस्यों के सुझावों पर जाति प्रमाण-पत्रों के निरस्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया आसान है, लेकिन उसके निरस्त करने की प्रक्रिया कठिन है। निरस्तीकरण की प्रक्रिया सरल होने से प्रमाण पत्र धारकों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों के निराकरण में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्याचार निवारण के संबंध में अनुभाग स्तर पर सर्तकता समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। किसी व्यक्ति का फर्जी प्रमाण-पत्र भी न बन पाए इसके लिए निचले स्तर पर प्रक्रिया सुदृढ़ करने का सुझाव भी सदस्यों ने दिया।
बैठक में सदस्यों ने सुझाव दिया कि जाति प्रमाण-पत्र शिकायत के मामले में हाईकोर्ट से स्टे लिया गया है। ऐसे प्रकरणों के स्टे वेकेंट करवाने की कार्रवाई की जाए। संचालक लोक अभियोजन ने बताया अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) के  प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के लिए नियमित लोक अभियोजक की नियुक्ति के लिए विधि एवं विधायी विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। मानव तस्करी के मामले में प्रभावी कार्रवाई के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के लिए 75 लाख रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में गृह विभाग (पुलिस) से प्रतिवेदन प्राप्त करने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण थाना प्रभारी उन्हीं वर्ग के लोगों को बनाया जाए।


बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अत्याचार निवारण के अंतर्गत वर्ष 2017, 2018 और 2019 में पुलिस और विशेष न्यायालय की ओर से दर्ज प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की गई। अंतजार्तीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य शासन की ओर से वर्तमान में प्रति दंपत्ति प्रोत्साहन राशि 2 लाख 50 हजार रूपए दी जा रही है। वर्ष 2019-20 में 747 दंपत्ति इस योजना से लाभान्वित हुए। उन्हें 1652 लाख 75 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। अधिनियम के तहत पीड़ित व्यक्तियों को वर्ष 2019 में 4 लाख 40 हजार 605 रुपए, वर्ष 2018 में 3 लाख 66 हजार 324 रुपए और वर्ष 2017 में 2 लाख 44 हजार 290 रुपए यात्रा भत्ता, मजदूरी की क्षतिपूर्ति और आहार राशि पर व्यय किए गए। अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 2019-20 में 940 व्यक्तियों को 1487 लाख 75 हजार रुपए, वर्ष 2018-19 में 773 व्यक्तियों को 1015 लाख 64 हजार रुपए और वर्ष 2017-18 में 883 व्यक्तियों को 998 लाख 85 हजार रुपए की राहत राशि प्रदान की गई।

 

05-09-2020
7 सितंबर को भूपेश बघेल लेंगे दो महत्वपूर्ण बैठक, वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़ेंगे सदस्य  

रायपुर। भूपेश बघेल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक 7 सितंबर को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी। जनजाति सलाहकार परिषद के सदस्य अपने जिले के एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष से बैठक में भाग लेंगे। परिषद की ओर से अनुसूचित जनजाति के उत्थान और कल्याण से संबंधित नीतिगत विषयों पर शासन को परामर्श दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि, यह समिति संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत गठित की गई है। इसमें अनुसूचित जनजाति वर्ग के विधायक सदस्य हैं।

इसी तरह मुख्यमंत्री बघेल की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गठित राज्य स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक भी 7 सितंबर को दोपहर 1 बजे से होगी। यह बैठक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मुख्यमंत्री निवास में होगी। इस समिति में सांसद और विधायक सदस्य होते हैं। बैठक में अनुसूचित वर्गों पर हो रहे अत्याचारों से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की जाती है। राज्य स्तरीय समिति के सदस्या अपने जिले के एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष से बैठक में भाग लेंगे।

 

06-08-2020
777 व्यक्तिगत तथा 1515 सामुदायिक वनाधिकार पट्टे का होगा वितरण

बीजापुर। जिले में अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी अधिनियम 2006 के तहत् नवीन लक्ष्य के एवज में 777 व्यक्तिगत वनाधिकार मान्यता पत्र सहित 1515 सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदान किये जायेंगे। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक में उक्त सभी प्रकरणों का अनुमोदन किया गया और उपरोक्तानुसार वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदान करने का निर्णय लिया गया। बैठक में जिला स्तरीय वनाधिकार समिति के सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम,जिला पंचायत सदस्य नीना उद्दे सहित डीएफओ अशोक पटेल और जिला स्तरीय वनाधिकार समिति के सदस्य सचिव सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीकांत दुबे मौजूद थे। बैठक के दौरान वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय के लिए राज्य शासन द्वारा निर्धारित ल़क्ष्य के विरूद्ध अब तक प्राप्त प्रकरणों का परीक्षण किया गया और 777 पात्र हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे प्रदान करने का अनुमोदन किया गया। इसमें जिले के बीजापुर तहसील अंतर्गत 257 तथा भैरमगढ़ तहसील के 520 हितग्राही सम्मिलित हैं।

भोपालपटनम एवं उसूर तहसील के प्रकरणों का अतिशीघ्र परीक्षण कर अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिये गये। इसके साथ ही जिले में सामुदायिक प्रयोजन के लिए 1515 सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदान करने का अनुमोदन किया गया। इसके तहत् बीजापुर तहसील में 287, भैरमगढ़ में 444, भोपालपटनम में 323 तथा उसूर तहसील में 461 सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदान किये जायेंगे। बैठक में अवगत कराया गया कि अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी अधिनियम 2006 के तहत् जिले में अभी तक 8 हजार 704 वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदान किये गये हैं,जिसमें 7 हजार 962 व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे तथा 742 सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र सम्मिलित हैं। जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक के दौरान जिले के अंतर्गत लम्बित वनाधिकार प्रकरणों पर अतिशीघ्र विचार किये जाने का निर्णय लिया गया।

 

30-07-2020
भूपेश सरकार के वन ​अधिकार पट्टे के आवंटन से एतवाराम के परिवार में छाई खुशी, खेती-बाड़ी के साथ कर रहे मछली पालन 

रायपुर। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप जशपुर जिला प्रशासन द्वारा दूरस्थ अंचलों में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं के वन अधिकार पत्र वितरण का कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड के ग्राम पंचायत कारादरी के टोलापारा स्थिति कस्बा कादोपानी मुख्यालय से 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां अनुसूचित जनजाति के पहाड़ी कोरवा किसान एतवाराम परिवार के साथ खेती-बाड़ी करके जीवनयापन कर रहे हैं। राज्य शासन द्वारा उन्हें वन अधिकार का पट्टा दिया है। चारो ओर से जंगल से घिरे कादोपानी एक छोटा सा कस्बा है। जहां अनुसूचित जनजाति, पहाड़ी कोरवा का एक समुदाय निवास करता है। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप वनों में निवास करने वाले आदिवासी किसानों एवं अनुसूचित जनजाति के पहाड़ी कोरवा परिवारों को वन अधिकार पट्टा दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि कादोपानी ग्राम के 68 वर्षीय एतवाराम ने बताया कि उनका परिवार लगभग 5 पीढ़ी से इस गांव में निवास कर रहे हैं। कृषक एतवाराम का कृषि कार्य में विशेष रूचि होने के कारण खेती-किसानी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। वन अधिकार मान्यता अधिनियम के लागू होने के बाद एतवाराम ने जिला प्रशासन को वन भूमि पट्टा के लिए आवेदन किया। उन्हें काबिज भूमि का वन अधिकार पट्टा दिया गया। जिला प्रशासन द्वारा मनरेगा के माध्यम से उनके भूमि का समतलीकरण कार्य भी किया गया है। एतवाराम अब वन भूमि के मिले पट्टे के जमीन पर खेत बनाकर खेती-बाड़ी करने लगे हैं। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा विकास प्राधिकरण मद से उनके खेत में तालाब निर्माण होने से उनके द्वारा मछली पालन भी किया जा रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। एतवाराम का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ मिलने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी हो गई है।

13-07-2020
वित्तीय ऋण सहायता व प्रशिक्षण देकर अनुसूचित ज़नजाति वर्ग के युवाओं को स्वावलंबी बनाने में जुटी सरकार

रायपुर। अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय ऋण सहायता और व्यवसायिक प्रशिक्षण दिलाकर स्वावलंबी बनाने का कार्य शासन के उद्देश्य अनुसार कराया जा रहा है। इस कार्य को जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति की ओर से क्रियान्वित किया जा रहा है और इन वर्गों के बेरोजगार युवकों में व्यवसायिक मानसिकता विकसित करने, जागरूक बनाने के उद्देश्य से व्यवसाय स्थापना के पूर्व कौशल विकास के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है। अनुसूचित जाति,सफाई कामगार व अल्प संख्यक वर्ग के लोगों को स्वयं का रोजगार व्यवसाय स्थापित करने के लिए ऋण के लिए पात्र इच्छुक हितग्राहियों से 25 जुलाई 2020 तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए है। चालू वित्तीय वर्ष में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला है। इसके अंतर्गत स्माॅल बिजनेस योजना अंतर्गत 8 हितग्राहियों को एक-एक लाख रुपए का लघु व्यवसाय योजनान्तर्गत 8 हितग्राहियों को 2-2 लाख रुपए, माइक्रो क्रेडिट योजना के तहत 10 यूनिट के लिए 30-30 हजार रुपए, महिला समृद्धि योजना के अंतर्गत 10 युनिट के स्थापना के लिए 30-30 हजार और महिला समृद्धि योजना के तहत 5 युनिट की स्थापना के लिए पात्र हितग्राहियों को 50-50 हजार रुपए का ऋण दिया जाएगा।

आवेदन पत्र जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, कलेक्ट्रेट परिसर महासमुंद से कार्यालयीन समय में प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जैसे  स्थाई जाति प्रमाण पत्र, स्थाई निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड व शपथ पत्र, नोड्यूज के लिए जमा करना आवश्यक होगा। आवेदक जिले का मूल निवासी हो उम्र 18-50 वर्ष तक हो तथा आवेदक की वार्षिक आय शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तीन लाख से अधिक न हो। वाहन के लिए वैद्य कामर्शियल ड्रायविंग लायसेंस होना अनिवार्य है। टेªक्टर ट्राॅली के लिए आवेदक के नाम पर 5 एकड़ कृषि भूमि होना अनिवार्य है। जिसका बी-वन, नक्शा, खसरा, ऋण पुस्तिका जमा करना आवश्यक होगा।

 

07-07-2020
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लोगों के काम हो रहे निर्धारित समय सीमा में

रायपुर। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत विभिन्न विभागों के अंतर्गत लोगों का काम निर्धारित समय-सीमा पर हो रहा है। इस अधिनियम के दायरे में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, भुईंया से नकल, जन्म पंजीकरण और मृत्यु पंजीकरण प्रमाण पत्र, विधवा पेंशन योजना, नल कनेक्शन, दुकान एवं स्थापना पंजीयन प्रमाण पत्र, जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र में सुधार, विवाह प्रमाण पत्र में सुधार, संपत्ति नामांतरण नगर पालिका क्षेत्र और विभिन्न राजस्व सेवाएं सहित विभिन्न सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सम्मलित किया गया है। इन सेवाओं का लाभ लेने के लिए लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। साथ ही ई-डिस्ट्रिक्ट डॉट सीजी स्टेट डॉट जीओवी डॉट इन पर लॉग-इन करके भी आवश्यक जानकारी व आवेदन किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 लागू किया गया है। इस अधिनियम के तहत लोक सेवा प्रदान करने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। इसके साथ ही नियत समय पर लोक सेवा पर कार्रवाई नहीं करने पर प्रत्येक विलंबित दिवस के लिए जिम्मेदार अधिकारी ने आवेदक को क्षतिपूर्ति भुगतान का प्रावधान भी किया है। उल्लेखनीय है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के माध्यम से समय सीमा में लाभ दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

06-07-2020
 कृतज्ञ राष्ट्र हमेशा स्मरण रखेगा डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी के बलिदान को : नंदकुमार साय

 

रायपुर। डॉ.श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदकुमार साय ने पुष्पांजलि अर्पित की। साय ने कहा कि डॉ.मुखर्जी वो नेता हैं जिनकी खिंची हुई रेखाओं में हम भारतीय आज रंग भर रहे हैं। उनके त्याग तपस्या और बलिदान की पराकाष्ठा को आज समग्र राष्ट्र नमन करता है। विलक्षण प्रतिभा, देश प्रेम, अखंड भारत की उनकी कल्पना से आज न केवल भाजपा का कार्यकर्ता बल्कि सम्पूर्ण भारत के लोग जोश और ऊर्जा से भर उठते हैं। राष्ट्रभक्ति के वे मूर्तिमान प्रतीक थे। कश्मीर में जब उन्होंने प्रवेश किया तब पूरा भारत डॉ.मुखर्जी की जय जयकार करने लगा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके सपने को साकार करने के लिए धारा 370 और 35ए हटाने का अदम्य साहस भरा निर्णय किया। ये देश आज के दिन उस महान व्यक्तित्व को नमन करता है,जिसने सम्पूर्ण भारत वर्ष को अखंड भारत की कल्पना का भान कराया।

 

29-06-2020
भूपेश सरकार ने किया लोक सेवा पदोन्नति नियम 2003 में संशोधन, अधिसूचना जारी

रायपुर। राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा पदोन्नति नियम 2003 में संशोधन किया है। इसके तहत प्रत्येक विभागों में गठित की जाने वाली पदोन्नति एवं छानबीन समिति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रत्येक प्रवर्ग से पृथक-पृथक एक-एक सदस्य को रखा जाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में लोक सेवा पदोन्नति नियम 2003 के नियम 11 में संशोधन कर संशोधित अधिसूचना का प्रकाशन 18 जून को छत्तीसगढ़ राजपत्र में किया गया है। अधिसूचना जारी होने की तिथि से यह नियम प्रभावशील हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन से सभी विभागों, अध्यक्ष राजस्व मंडल बिलासपुर, सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को परिपत्र जारी कर नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

 

29-06-2020
साक्षात्कार एवं चयन समिति में एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग का अलग-अलग प्रतिनिधित्व अनिवार्य

रायपुर। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 की धारा-8 में प्रदत्त शक्तियों के तहत प्रत्येक विभाग के अधीन गठित साक्षात्कार एवं चयन समिति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग का पृथक-पृथक प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन से सभी विभागों, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजस्व मण्डल बिलासपुर, सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को परिपत्र जारी किया गया है।

07-05-2020
छात्रावास-आश्रम उत्कृष्ट केन्द्रों के रूप में विकसित किए जाए : टेकाम

रायपुर। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए राज्य शासन की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हर जिले में दो-दो आश्रम और छात्रावासों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने तथा इन्हें उत्कृष्ट केन्द्रों के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। इसी तारतम्य में बघेल की मंशानुरूप आदिम जाति तथा अनसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बुधवार छह मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सहायक आयुक्तों को दिशा-निर्देश दिए है। मंत्री टेकाम ने कहा कि सभी छात्रावास और आश्रमों को आदर्श रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए सभी जिलों में कम से कम ऐसे दो-दो छात्रावास का चयन किया जाए, जो मुख्यमार्ग के पास हो। यह छात्रावास विधायक द्वारा जिले में गोद लिए गए छात्रावासों के अतिरिक्त हो। चयन किए गए छात्रावासों का क्षेत्रीय विधायक द्वारा अवलोकन कराया जाए। डॉ. टेकाम ने मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का सभी सहायक आयुक्तों को अनिवार्य रूप से पालन करने कहा। उन्होंने कहा कि छात्रावासों वातावरण ऐसा हो कि बच्चों को घर जैसा वातावरण मिले और वहां जाने के लिए लालायित हो। यहां मूलभूत सुविधाएं, रंग-रोगन, फर्श ठीक हो, खेल का मैदान होना चाहिए, छात्रावास में टाइल्स लगाया जाए। आधुनिक किचन का निर्माण किया जाए। लायब्रेरी और कम्प्यूटर कक्ष स्थापित किया जाए, कम्प्यूटर कक्ष में 5 से 10 कम्प्यूटर रखे जा सकते हैं। छात्रावासों में विभिन्न सामग्री रखने के लिए स्टोरेज की व्यवस्था हो, विद्युत व्यवस्था भी अच्छी होनी चाहिए। हर जिले में मॉडल छात्रावास में सुरक्षा के लिए कैमरा लगाया जाए।

डॉ. टेकाम ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में वनवासियों की आर्थिक उन्नति के लिए लाभदाायक वनों की जानकारी दी जाए और लघुवनोपज से संबंधित वृक्षारोपण के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि वनाधिकार का क्रियान्वयन, निरस्त दावों के प्रकरण का निराकरण पर ध्यान दे। जहां ज्यादा प्रकरण निरस्त हुए है वहां जांच कर ले, वहां तीन पीढ़ी के साक्ष्य की जरूरत होगी तो वहां बुजुर्गों का साक्ष्य ले लिया जाए। वनाधिकार दावों को निपटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए। जिला स्तर पर निरस्त दावे, दावों पर पुर्नविचार, अंतिम रूप से जिला स्तर पर निराकरण की अद्यतन जानकारी रखी जाए। सामुदायिक दावों में लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विचार करें। सामुदायिक वन संसाधन में राजस्व और वन विभाग के समन्वय के साथ कार्य करें। डॉ.टेकाम ने बताया कि वन अधिकार के मामलों के निराकरण में ओड़िसा के बाद छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर है। इसी प्रकार वनवासियों को दिए गए वनाधिकार मान्यता पत्र के रकबे में भी छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र के बाद दूसरे स्थान पर है। आदिम जाति तथा अनसूचित जाति विकास विभाग के सचिव डीडी सिंह ने जिले के सहायक आयुक्तों को छात्रावास-आश्रम की आवश्यकता के प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर विभाग को प्रेषित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि छात्रावास उन्नयन के लिए वित्तीय व्यवस्था में विकास प्राधिकरण से राशि उपलब्ध करायी जाएगी। आवश्यकता होने पर विधायक निधि और जिला खनिज निधि (डीएमएफ) से भी राशि उपलब्ध करायी जाएगी। सिंह ने कहा कि छात्रावास और आश्रमों में वहां की दर्ज संख्या अनुसार 25 हजार से 40 हजार रूपए मान से राशि उपलब्ध करायी गई है। जिला स्तर के सभी छात्रावास आदर्श होने चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों और आश्रमों में उपयोग की जाने वाली सामग्रियों के लिए एक साल में 100 करोड़ रूपए की आपूर्ति महिला समूहों के माध्यम से कर सकते है। इन सामग्रियों की गुणवत्ता से कोई समझौता न करें। उन्होंनेे कहा कि छात्रावास-आश्रमों में बच्चों के लिए गद्दों, चादर के साथ-साथ बाथरूम में पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं। छात्रावास आश्रमों में बाड़ियों में उत्पादित ताजी सब्जियां, साग-भाजी, देवभोग उत्पादित दूध, आश्रमों के बच्चों को पावडर दूध दिया जा सकता है। शक्कर की आपूर्ति खाद्य विभाग या प्रदेश में स्थित शक्कर कारखानों से हो सकती है। डॉ. सिंह ने बताया कि इस वर्ष खुलने वाले नवीन एकलव्य विद्यालय की सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। इन विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए खसरा-नक्शा की आवश्यकता होगी। वनाधिकार मान्यताधारी हितग्राहियों को मनरेगा में कार्य उपलब्ध कराने वृक्षारोपण के प्रस्ताव दिए जाए। उन्होंने बताया कि वन उपज से 20 करोड़ रूपए से अधिक के प्रोक्यूरमेंट हो चुुका है। किसान सम्मान निधि से छूटे हितग्राहियों को शेष राशि दिलाने के लिए आधार सीडिंग की कार्रवाई भी की जाए।

09-04-2020
एकलव्य आवासीय विद्यालय में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए चयन परीक्षा 26 अप्रैल को

धमतरी। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय धमतरी में अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों का कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए चयन परीक्षा का आयोजन आदिवासी विकास विभाग द्वारा आगामी 26 अप्रैल को किया गया है। यह परीक्षा सुबह 10.30 से दोपहर 12.30 बजे तक स्थानीय मेनोनाईट इंग्लिश एवं हिन्दी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित की जाएगी। गौरतलब है कि पूर्व में यह परीक्षा 19 अप्रैल को आयोजित की जानी थी, जिसे अपरिहार्य कारणों से संशोधित कर अब 26 अप्रैल को आयोजित की जा रही है। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग ने बताया कि परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी अथवा उनके पालक प्रवेश पत्र संबंधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। बताया गया है कि अपरिहार्य कारणों से यदि किसी विद्यार्थी को प्रवेश पत्र नहीं मिल पाया हो, तो उन्हें परीक्षा तिथि को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश पत्र वितरित किया जाएगा।

इसके लिए विद्यार्थियों को परीक्षा शुरू होने के डेढ़ घंटे पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचा आवश्यक है। उन्होंने बताया कि शेष विद्यार्थी एक घंटे पहले पहुंचना सुनिश्चित करें। आदिवासी विकास विभाग द्वारा प्रयास आवासीय विद्यालय में कक्षा नवमीं में प्रवेश के लिए 26 अप्रैल को आयोजित की जाने वाली परीक्षा स्थगित कर दी गई है। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व में इस परीक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन करने की तिथि अब 25 अप्रैल नियत किया गया है। गौरतलब है कि पूर्व में आवेदन की तिथि 11 अप्रैल थी, जिसमें आंशिक संशोधन किया गया है।

24-02-2020
छत्तीसगढ़ विधानसभा आदर्श परंपराओं और अनुपम कार्यप्रणाली का गढ़ : राज्यपाल अनुसुईया उइके

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके के अभिभाषण के साथ आज सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हुआ। छत्तीसगढ़ राज्य की पांचवीं विधानसभा के सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। आप लोगों ने छत्तीसगढ़ विधानसभा को आदर्श परंपराओं और अनुपम कार्यप्रणाली का गढ़ बनाया है, इसके लिए मैं आप सभी को साधुवाद देती हूं। मुझे आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि नये वर्ष 2020 में भी आप लोग जनता के नुमाइंदे के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह पूरी लगन और निष्ठा से करते हुए जनता के सपनों को पूरा करेंगे।
 

सरकार ने संस्कृति,धरोहर और विभूतियों के सम्मान की परिपाटी को आगे बढ़ाया

राज्यपाल ने कहा कि यह बड़े ही गौरव का विषय है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर वर्षभर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2019 को विशेष सत्र के आयोजन के साथ हुई। देश में अपनी तरह की इस नई पहल से प्रदेश की छवि उज्जवल हुई। अपनी संस्कृति, धरोहर और विभूतियों के सम्मान की परिपाटी को आगे बढ़ाते हुए मेरी सरकार ने रायपुर में स्वामी विवेकानंद स्मारक, भगवान राम वनगमन परिपथ के विकास की दिशा में कार्य शुरू करके बहुत ही सकारात्मक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुसार अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को आगामी 10 वर्षों के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव पारित करने में आप लोगों का योगदान दर्ज होना निश्चय ही सौभाग्य का विषय है। मेरी सरकार ने त्वरित निर्णयों और विभिन्न कार्यों से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग, पिछड़े तबकों सहित सभी वर्गों में नई उम्मीद जगाई है। प्रदेश में नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता से संपन्न हुए।  इससे निचले स्तर पर लोकतंत्र को मजबूती मिली। इस महती जिम्मेदारी को पूरा करने में सहयोगी अमले और मतदाताओं को बधाई प्रेषित करती हूं।

निर्दोष आदिवासियों को प्रकरणों से मुक्ति का मार्ग हुआ प्रशस्त

राज्यपाल ने कहा कि एक साल पहले बस्तर के बहुत से आदिवासी परिवारों की जिंदगी आपराधिक प्रकरणों के कारण बेहद कष्ट में थी। मेरी सरकार ने इसके लिए जस्टिस एके पटनायक की अध्यक्षता में एक समिति गठित की, जिसकी सिफारिश पर निर्दोष आदिवासियों को प्रकरण से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जो उनके लिए बहुत बड़ी आर्थिक और सामाजिक राहत भी है। बस्तर में लोहण्डीगुड़ा, आदिवासियों को न्याय दिलाने का प्रतीक बन गया है। इससे जल-जंगल-जमीन पर उनके अधिकार को रेखांकित करने में मेरी सरकार सफल हुई है। प्रसन्नता का विषय है कि सरकार गठन के मात्र एक माह की अल्प अवधि में ही  जमीन वापसी की सारी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई, और यह संदेश भी प्रखरता के साथ गया कि मेरी सरकार आदर्श पुनर्वास कानून का पालन कराने के प्रति गंभीर है।

अनुसूचित जनजाति और वन निवासियों को मिला लाभ

उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने अनुसूचित जनजाति की वनों पर निर्भरता, वनों पर निर्भर आजीविका के विषयों को काफी गंभीरता से लेते हुए अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम-2006 के विभिन्न प्रावधानों का उचित पालन करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ दिलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जहां एक तरफ पूर्व में निरस्त दावों की पुन: समीक्षा की जा रही है। सामुदायिक वन अधिकारों के तहत बड़े पैमाने पर ग्रामीणों को जमीन के अधिकार पत्र देने के लिए भी बड़े कदम उठाये जा रहे हैं। मेरी सरकार ने दशकों से उपेक्षित रहे बस्तर के अबुझमाड़ क्षेत्र की विशेष चिन्ता की गई है और वहां के निवासियों को वन अधिकार पत्र देने की विशेष पहल की जा रही है।

लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए अनेक कदम

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधाएं देते हुए प्री-मेट्रिक छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों सहित आश्रमों में निवासरत विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति दर बढ़ाकर 1000 रुपए प्रतिमाह कर दी है। मेट्रिकोत्तर छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भोजन सहायता की राशि बढ़ाकर 700 रू. प्रतिमाह कर दी गई है। 17 नये एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शुरू किये गये हैं। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मेरी सरकार  लगभग 15 हजार स्थाई शिक्षक-शिक्षिकाओं की भर्ती कर रही है जिससे 7 हजार से अधिक शिक्षक-शिक्षिकायें आदिवासी अंचलों की शालाओं को मिलेंगे। मेरी सरकार ने बस्तर व सरगुजा संभाग के साथ कोरबा जिले में अनुसूचित जनजाति युवाओं की बहुलता को देखते हुए जिला संवर्ग के तहत तृतीय, चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों में भर्ती की अवधि 31 दिसम्बर 2021 तक बढ़ा दी है। बस्तर और सरगुजा संभाग में स्थानीय लोगों की भर्ती में तेजी लाने के लिए विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड का गठन, कौशल उन्नयन और रोजगारपरक प्रशिक्षण के अनेक उपाय किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में अनेक नये कदम उठाये हैं। बस्तर, सरगुजा तथा मध्य क्षेत्र के लिए पृथक-पृथक आदिवासी विकास प्राधिकरण गठित किये गये हैं और मुख्यमंत्री के स्थान पर स्थानीय विधायकों को ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद पर पदस्थ किया गया है।

सरकार के काम-काज से किसानों का विश्वास मजबूत हुआ

राज्यपाल ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विश्व के सामने प्रस्तुत करने के लिए मेरी सरकार ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया, जिसमें 24 प्रदेशों, 6 अन्य देशों के 1800 कलाकारों ने सीधी भागीदारी निभाई। वहीं, विभिन्न दलों के चयन के लिए ब्लॉक स्तर से शुरू हुई प्रतियोगिता में 15 हजार से अधिक आदिवासी कलाकार शामिल हुए। मेरी सरकार ने किसानों को प्रति क्विंटल धान के लिए 2500 रुपए देने, अल्पकालीन ऋण माफी के साथ ही मक्के की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने, उद्यानिकी फसलों का विस्तार करने जैसे अनेक किसान हितकारी कदम उठाये हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है। मेरी सरकार के काम-काज से किसानों का विश्वास सरकार तथा खेती किसानी के प्रति मजबूत हुआ है। यही वजह है कि एक साल में ब्याज मुक्त कृषि ऋण प्रदाय ने 4 हजार करोड़ रू. के आगे निकलने का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों में उत्पादित शक्कर को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लिया जा रहा है। कवर्धा स्थित शक्कर कारखाने में इथेनॉल प्लांट की स्थापना की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। पंडरिया और अंबिकापुर के सहकारी शक्कर कारखानों में भी इथेनॉल प्लांट लगाये जाएंगे। धान से इथेनॉल बनाने के लिए भी पुरजोर कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कोंडागांव जिले के ग्राम कोकोड़ी में 136 करोड़ रुपए की लागत से मक्का प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है।  सुकमा से लेकर सरगुजा तक प्रदेश में अनेक स्थानों पर फूड पार्क, कृषि तथा वनोपज प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की दिशा में ठोस प्रगति की जा रही है।

ग्रामीण संस्कृति के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को मिली नई दिशा

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार की अभिनव पहल नरवा, गरवा, घुरवा, बारी से ग्रामीण संस्कृति के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को नई दिशा मिली है। जिसके अंतर्गत 1000 से अधिक जलाशयों के वैज्ञानिक ढंग से विकास के कदम उठाए जा रहे हैं। 4000 से अधिक ग्राम पंचायतों में गौठानों का विकास किया जा रहा है जिसमें से प्रत्येक विकासखंड में एक ह्यमॉडल गौठानह्ण बनाया जा रहा है। घुरवा कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 3 लाख 14 हजार मीट्रिक टन जैविक खाद का निर्माण और उपयोग किया गया है। अब इस कार्यक्रम का समुचित विस्तार हो रहा है। मेरी सरकार जल संसाधन विकास के सारे विकल्पों पर भी गंभीरता से कार्य कर रही है। समग्र और समन्वित प्रयासों के लिए जल संसाधन नीति तैयार की जा रही है। सिंचाई विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। वर्तमान में निर्मित योजनाओं से लगभग 13 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में वास्तविक सिंचाई हो पाती है। इसे बढ़ाकर 5 वर्षों में दोगुना करने के लिए 55 सूक्ष्म सिंचाई 2,292 लघु 80 उद्वहन सिंचाई योजनाएं तथा 689 एनीकट,स्टापडेम का का कार्य शीघ्र पूरा करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए बहु-आयामी प्रयासों पर बल

राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों को सम्मान-सुरक्षा और सुविधा का जीवन मुहैया कराने के लिए अनेक प्रयास किये गए हैं। औद्योगिक स्थापनाओं में सेवारत कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी गई है। असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु समग्र नीति का निर्माण किया जा रहा है। संगठित श्रमिकों तथा निर्माण श्रमिकों के कल्याण हेतु नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा दुकान एवं स्थापना अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत संस्थानों को वार्षिक नवीनीकरण से छूट दी गई है। 10 से कम श्रमिकों वाले संस्थानों, संविदा श्रम अधिनियम में नवीनीकरण की छूट जैसी अनेक रियायतों से राहत का दायरा बढ़ा है। मेरी सरकार ने युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए बहु-आयामी प्रयासों पर बल दिया है, जिसके तहत् प्रदेश में 10 आदर्श महाविद्यालयों की स्थापना, 54 महाविद्यालयों में अधोसंरचना विकास हेतु आर्थिक सहायता दी गई है, वहीं दूसरी ओर सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी के लगभग एक हजार 500 पदों पर भर्ती की जा रही है। 34 सरकारी कॉलेजों में लगभग 4 हजार तथा 56 अशासकीय कॉलेजों में 6 हजार सीटें बढ़ाई गई हैं। हर जिले में कन्या छात्रावास की उपलब्धता को अनिवार्य बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने युवाओं के कैरियर के अवसरों को बढ़ाने के लिए पढ़ाई के साथ खेल और अन्य विधाओं पर भी ध्यान दिया है। छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण का गठन, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को मिलने वाली पुरस्कार राशि में वृद्धि और राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन इसी दिशा में किए गए प्रयास हैं। जिसका असर युवाओं के उत्साह और उनकी रचनात्मक सोच में वृद्धि के रूप में दिखाई पड़ रहा है। स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित युवा महोत्सव में प्रदेश के 7 हजार से अधिक युवाओं ने रायपुर आकर 37 विधाओं में 821 प्रस्तुतियां दी, इस प्रकार युवाओं में उमंग, भाई-चारे और समन्वय को नई दिशा मिली।

आवासीय और निर्माण संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने समाज के कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक समस्याओं को हल करने का वायदा भी पूरी शिद्दत से निभाया है। छोटे भूखण्डों की खरीदी-बिक्री पर लगी रोक हटाने, गाइड लाइन दरों में 30 प्रतिशत की कमी, पंजीयन शुल्क में 2 प्रतिशत की कमी जैसे जमीनी फैसलों से लाखों लोगों को राहत मिली। लगभग एक लाख छोटे भूखण्डों का सौदा हुआ और इससे कई परिवारों में शादी, शिक्षा और कई जरूरतों के लिए पैसे का इंतजाम हुआ। नगरीय क्षेत्रों में 7500 वर्गफीट तक की सरकारी जमीन के 30वर्षीय पट्टे, फ्री-होल्ड अधिकार, भू-भाटक से छूट, नामांतरण-डायवर्सन में सरलता, भुइयां सॉफ्टवेयर से जन सुविधा जैसे अनेक फैसलों से जन-जीवन को इस बात का अहसास हुआ कि सरकार उनके साथ है। मेरी सरकार ने आवासीय तथा निर्माण संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी सार्थक कदम उठाये हैं। कॉलोनी-टाउनशिप के विकास हेतु अनापत्तियां-अनुमतियां सिंगल विंडो से देने की प्रणाली विकसित की गई है। आॅनलाइन भवन तथा विकास अनुज्ञा की व्यवस्था से पारदर्शिता और सुगमता बढ़ेगी। नदियों की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों और स्थानीय निकायों को समन्वय के साथ काम करने की प्रणाली विकसित की गई है तथा एक्शन प्लान बनाया गया है। बस्तर में ह्यइंद्रावती विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है।

सबकी सेहत के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने सबकी सेहत का ध्यान रखते हुए 2 महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। ह्यडॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्राथमिकता एवं अंत्योदय राशन कार्डधारी 56 लाख परिवारों को 5 लाख रुपए तक एवं शेष राशन कार्डधारी परिवारों को 50 हजार रुपए तक के उपचार की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत दुर्लभ व गंभीर बीमारियों के लिए 20 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य सहायता दी जाएगी। मेरी सरकार ने शहरों और गांवों में रहने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति परिवारों की सेहत संबंधी विशेष जरूरतों को काफी बारीकी से समझा है। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना आदिवासी अंचलों में ऐसे परिवारों के लिए जीवनदायिनी बन गई है, जो किसी भी कारण से अस्पताल नहीं पहुंच पाते थे। जनवरी 2020 तक 2 हजार 343 हाट बाजारों में 17 हजार 150 शिविर आयोजित किए गए, जिसका लाभ 10 लाख 3 हजार मरीजों को मिला। इसी प्रकार ह्यमुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 3 हजार 318 शिविर आयोजित किए गए, जिसका लाभ एक लाख 45 हजार से अधिक मरीजों को मिला। राज्य में मलेरिया उन्मूलन हेतु पहली बार बस्तर संभाग के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों से मलेरिया परजीवी को समूल नष्ट करने हेतु ह्यमलेरिया मुक्त बस्तर अभियान चलाया जा रहा है। 15 जनवरी से 14 फरवरी 2020 तक बस्तर संभाग अंतर्गत उन सभी क्षेत्रों में जिनका वार्षिक परजीवी सूचकांक 10 से अधिक है, वहां घर-घर सघन जांच तथा पूर्ण उपचार किया गया। इस अभियान में दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा एवं नारायणपुर जिले के सभी विकासखण्ड तथा बस्तर, कांकेर व कोण्डागांव जिले के 3 विकासखण्ड के 39 उप स्वास्थ्य केन्द्र शामिल हैं।

विश्वास, विकास और सुरक्षा की त्रिवेणी से कानून और व्यवस्था को संवारा

राज्यपाल ने कहा कि मेरी सरकार ने विश्वास, विकास और सुरक्षा की त्रिवेणी से कानून और व्यवस्था को संवारा है। राज्य की नक्सल पुनर्वास कार्य-योजना को और अधिक आकर्षक बनाया गया है। प्रदेश में चिट्फण्ड, सायबर अपराध, मानव तस्करी रोकने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अंजोर रथ, जनमित्र, ग्राम रक्षा समितियाँ, सीनियर सिटिजन सेल, महिला हेल्प डेस्क आदि ने सामुदायिक पुलिसिंग के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने की दिशा में सप्ताहिक अवकाश से लेकर रिस्पांस भत्ता देने तक अनेक कदमों ने भूमिका निभाई है। सचेत पुलिस बल और न्याय दिलाने की स्वस्फूर्त पहल के कारण नक्सली हिंसा और अपराधों में कमी आई है। इस स्थिति को बनाए रखना और बेहतर बनाना अपने आप में एक चुनौती है। मेरी सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत् नशाबंदी के संबंध में अध्ययन हेतु राजनीतिक समिति, सामाजिक समिति, प्रशासनिक समिति गठित की है। वर्ष 2019-2020 में 50 मदिरा दुकानों को बंद किया गया है, वहीं एक अप्रैल 2020 से 49 बीयर बार बंद करने का भी निर्णय लिया गया है। शराब व्यसन मुक्ति अभियान के तहत नशामुक्ति अभियान दल का गठन प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में किया जा रहा है। मेरी सरकार के कामकाज के कारण छत्तीसगढ़ को देश के नए विश्वास के रूप में देखा जा रहा है। अपने संसाधनों का सम्मान, राज्य में वैल्यू एडीशन, नई औद्योगिक नीति से लेकर सामाजिक सद्भाव तक की इसमें बड़ी भूमिका है। छत्तीसगढ़ राज्य के गठन ने अपनी सार्थकता साबित की है। विकास का नया-दौर, सबकी खुशहाली और सबकी भागीदारी का नया-दौर साबित हो, इसके लिए आप सबकी एकजुटता के साथ विकास की गति आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे ऐसा मेरा अटूट विश्वास है।

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