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19-11-2020
स्वच्छता हमारे देश के प्राचीन संस्कारों में निहित इसे नियमित दिनचर्या में अपनाएं: राज्यपाल

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके गुरूवार को अहिंसा विश्व भारती की ओर से विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर आयोजित वेबिनार में शामिल हुई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस वर्ष शौचालय दिवस की थीम है स्थाई स्वच्छता और जलवायु परिवर्तन। यदि स्वच्छता को नियमित दिनचर्या में अपना लें तो इस विषय को चरितार्थ किया जा सकता है। राज्यपाल ने आव्हान किया कि स्वच्छता हमारे देश के प्राचीन संस्कारों में निहित है, उसे अपने नियमित दिनचर्या में अपनाएं, अपने बच्चों को सिखाएं और अपने घर में यह आदत डालें। यदि यह हमारी आदत बन जाए तो बड़ी से बड़ी बीमारी हमें छू नहीं पाएगी और हम विश्व में सबसे अग्रणी देश में शामिल रहेंगे। इस अवसर पर उन्होंने सेनेटरी नेपकिन के वितरण कार्यक्रम और वृक्षारोपण कार्यक्रम का वर्चुवल शुभारंभ किया। इसके लिए उन्होंने संस्थापक लोकेश मुनि व उनकी संस्था को शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने कहा- यदि हमारे घरों में शौचालय का निर्माण हुआ है तो उसका उपयोग करे और दूसरों को भी शौचालय का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। हमे घर की कचरे का निष्पादन उपयुक्त ढंग से करना चाहिए। यह समस्त प्रबंधन उचित होगा तो जलवायु परिवर्तन बाधित नहीं होगा। हर व्यक्ति का एक छोटा सा प्रयास एक क्रांति ला सकती है और भारत को पूर्ण रूप से विश्व का सबसे स्वच्छ देश बना सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आज के दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2013 में इस दिन को विश्व शौचालय दिवस के रूप में घोषित किया गया था। जिसका मुख्य ध्येय 2030 तक संपूर्ण मानव समुदाय के लिए सुरक्षित पेयजल एवं स्वच्छता सुविधाओं की उपलब्धता तथा उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाना है। ऐसे आयोजन से हम विश्व को सतत् विकास के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए अपना योगदान भी दे सकेंगे। उन्होंने कहा कि धमतरी जिले के ग्राम कोटाभर्री निवासी कुंवरबाई ने 104 वर्ष की उम्र में अपने परिवार और ग्राम के लोगों को शौचालय की सुविधा प्रदान करने के लिए अपने जीवनयापन में मददगार बकरियों को बेच दी थी। आज वो दुनिया में नहीं है, पर उन्होंने हमारे समक्ष एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर गई। आज हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि आज हम कोरोना संक्रमण से जूझ रहे हैं। इस समय हमारा जोर स्वच्छता पर है। हम स्वच्छता को पूर्ण रूप से अपनाएं हाथों को समय-समय पर धोते रहें, साथ ही मास्क का भी उपयोग करें। यदि हम स्वच्छ रहेंगे तो कोरोना जैसी बीमारियां भी हमें छू नहीं पाएंगी।

 

 

19-11-2020
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने विश्व शौचालय दिवस पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत बांटे 4.35 करोड़ के इनाम

रायपुर। मंत्री टीएस सिंहदेव ने आज विश्व शौचालय दिवस पर वर्चुअल माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों-संस्थाओं को अलग-अलग 15 विषयों में 4 करोड़ 35 लाख रूपए की नकद राशि, प्रशस्ति-पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। सिंहदेव ने वर्चुअल सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता के जरिए स्वच्छ और सुन्दर समाज का निर्माण कर मानव कल्याण के लिए बेहतर कार्य किया जा सकता है। यह एक अभियान के तहत जन सहभागिता से ही संभव हो सकेगा। उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन करते हैं पुरस्कृत सभी लोगों को बधाई और शुभकामनएं दी। सिंहदेव ने विजेताओं से उपलब्धियों को कायम रखते हुए और आगे भी इसी तरह बेहतर कार्य करने की अपील की। सिंहदेव ने कहा कि स्वच्छ और सुन्दर समाज से हमारा स्वास्थ और पर्यावरण अच्छा रहेगा। इससे जीवन अच्छा और लंबा होगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में स्वच्छ पर्यावरण और अच्छा वातावरण के निर्माण में बेहतर नीति के माध्यम से अपनी एक अलग पहचान बनाई है। इससे प्रदेश को पर्यावरण और स्वच्छता के क्षेत्र में एक नया आयाम मिला है। सिंहदेव ने कहा कि जहां साफ-सफाई दिखती हैं वहां स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले लोगों का कार्य प्रतिबिम्बित होता है। उन्होंने अपशिष्टों का बेहतर प्रबंधन एवं उपयोगिता की ओर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए नुकसानदायक प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और ऐसे वस्तुओं का बेहतर प्रबंधन के साथ उनके रिसायकल करने पर बल दिया। मंत्री सिंहदेव ने महावारी स्वच्छता प्रबंधन के क्षेत्र में कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं द्वारा सेनेटरी पैड का उपयोग बहुत कम किया जा रहा है। महिलाओं के स्वास्थ्य और मानसिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेनेटरी पैड के उपयोग के प्रति महिलाओं को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में तृतीय लिंग समुदाय और दिव्यांगों के लिए सुगम सामुदायिक शौचालय निर्माण एवं व्यवस्था के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।

 

26-10-2020
स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत दोनों पालियों में हो रही है बाजार क्षेत्रों की सफाई

भिलाई। नगर पालिक निगम, भिलाई क्षेत्रांतर्गत शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए बाजार क्षेत्रों की सुबह और रात दोनो पालियों में सफाई कराई जा रही है। निगम के स्वास्थ्य विभाग का अमला सुबह सड़क, नालियों की सफाई के साथ झिल्ली, पन्नी के कचरे का उठाव कर रहे है, ताकि शहर की स्वच्छता बनी रहे। निगम आयुक्त  ऋतुराज रघुवंशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व सफाई कार्य निर्धारित समय में करने के साथ ही बाजार व सार्वजनिक क्षेत्रों से कचरे का उठाव शीघ्रता के साथ किया जाए ताकि निगम क्षेत्र में कचरे का ढेर जमा न हो पाए तथा नागरिकों को भी स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित करें। स्वच्छ एवं सुंदर भिलाई के उददेश्य से भिलाई निगम क्षेत्र में सफाई कार्य समय पर किया जा रहा है।

निगम क्षेत्र के पाॅवर हाउस स्थित फल व सब्जी मंडी, नंदीनी रोड, सुपेला सब्जी मंडी, लक्ष्मी मार्केट, सुपेला बाजार, केम्प एरिया, नेहरू नगर, सुपेला बाजार, हार्डवेयर लाइन, दक्षिण गंगोत्री, उत्तर गंगोत्री, गोल मार्केट, सर्कुलर मार्केट, जवाहर मार्केट, अनाज रोड, लिंक रोड, सेक्टर एरिया के अलावा अन्य बाजार क्षेत्र में रात्रिकालीन सफाई किया जा रहा है, ताकि बाजार में आने वाले लोगों को गंदगी के कारण समस्या न हो। स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया कि निगम का सफाई अमला प्रतिदिन अलग अलग वार्डों में रूटचार्ट अनुसार सड़क व नालियों की सफाई करते हैं, कहीं भी कचरा जाम नहीं होने दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पहले निगम क्षेत्र में बहुत से ऐसे पॉइंट बन गए थे जहां कचरा का ढेर होता था, निगम की नियमित सफाई अभियान और लोगों की जागरूकता से स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत इन कचरो के ढेर को समाप्त कर स्वच्छ स्थल में तब्दील कर दिया गया है।

 

02-10-2020
रायपुर रेल मंडल के सभी स्टेशनों पर हुआ स्वच्छता कार्यक्रम, श्रमदान कर लोगों को किया गया जागरूक

रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में शुक्रवार को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। रायपुर स्टेशन में महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया। इसके बाद सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। पीपी यार्ड भिलाई सहित सभी स्टेशनों,यूनिटों पर महात्मा गांधी की जयंती मनाई गई। सभी स्टेशनों पर स्वच्छता कार्यक्रम हुए। रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों ने श्रमदान किया। स्टेशन परिसर में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। अपने आस-पास साफ-सफाई रखने,सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही लोगों को जागरूक किया गया कि सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम हमारे परिसर, हमारे समाज, हमारी कॉलोनियों ,हमारे कार्यालय परिसरों, सार्वजनिक स्थलों पर सफाई को महत्व देंगे। गंदगी मिटाने का सबसे आसान तरीका है कि गंदगी को होने नहीं दिया जाए और अपने-अपने कचरे के प्रति स्वयं जिम्मेदार बने। स्टेशन डायरेक्टर रायपुर की ओर से प्लेटफार्म,स्टेशनों परिसरों में अन्य स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित भी किए गए। पार्किंग स्टैंड परिसरों को विशेष रूप से साफ किया गया।

इसी कड़ी में दुर्ग स्टेशन के कोचिंग डिपो में कोचों में यात्रियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए पोस्टर लगाए गए।  दुर्ग स्टेशन पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों,मुख्य स्टेशन प्रबंधक ने श्रमदान किया। इसके साथ ही कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए एडिशनल कलेक्टर के उपस्थिती में सिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने आयुर्वेदिक औषधियां स्टेशन परिसर में वितरित की। कोरोना से बचने के लिए हेल्थ टिप्स भी दिया। मास्क लगाने, दो गज की दूरी का पालन करने, बार- बार साबुन से हाथ धोने, बिना हाथ धोए बार-बार चेहरे, नाक, आंख को न छुने की समझाइश दी गई। कहा गया कि जागरुकता से ही कोरोना से बचा जा सकता है। कार्यालयों, यूनिटों,वर्कशॉप में अधिकारियों, कर्मचारियों ने श्रमदान किया। पीपी यार्ड भिलाई में स्वच्छता कार्यक्रम चलाया गया। लोगों को जागरूक करने के लिए पेंटिंग,रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

 

24-09-2020
'मेरा गांव साफ हो,इसमें सबका हाथ हो' के नारे के साथ गांव में की गई साफ सफाई

कवर्धा। 'मेरा गांव साफ हो, इसमें सबका हाथ हो' के नारे के साथ ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से स्वच्छता का संदेश देते हुए साफ सफाई की। स्वच्छता को साकार करने के लिए सूर्या फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने ग्राम बरकोही के युवाओं और संस्कार केन्द्र बच्चों के द्वारा अपने गांव को साफ सुथरा रखने के लिये सावर्जनिक स्थानों की सफाई की। स्वच्छता अभियान,जिसमें गांव के गली मोहल्ले,हेण्डपम्प, मंदिर के आस-पास की सफाई की गई। ग्रामीणों को अपने घर के आसपास साफ सफाई रखने के लिए जागरूकता भी किया गया। इस अवसर पर सनत टंडन ने बताया कि प्रति वर्ष के अनुसार इस वर्ष भी 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता अभियान चलेगा। आज के कार्यक्रम लोमन साहू, विजय साहू, गौकरन साहू के साथ मोहल्ले के युवाओं का सहयोग रहा।

 

17-09-2020
 सेवा सप्ताह में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष कौशिक,कहा- स्वच्छता के विचार को आत्मसात करने की जरूरत

रायपुर। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन  पर आयोजित स्वच्छता अभियान की शुरूआत की। प्रधानमंत्री मोदी ने हमें जीवन में मन,विचार और शरीर से स्वस्थ्य व स्वच्छ रहने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक जीवन में हमें त्याग के साथ कार्य करने को प्रेरित किया है। हमें जीवन मे स्वच्छता के विचार को आत्मसात करने की जरूरत है। बिल्हा के सिरगिट्टी वार्ड संख्या 10 के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वच्छता कार्यक्रम व स्वास्थ्य परीक्षण का आयोजन किया गया। जिला भाजपा सदस्य मनोज दुबे,मंडल अध्यक्ष बलराम देवांगन, महामंत्री सीनू राव,हरिश्चन्द्र साहू,तिफरा के पार्षद श्यामलाल बंजारे,संजू सिंह,जिला भाजपा मंत्री रामु साहू, राजकुमार यादव,अजय कश्यप,रामगोपाल यादव,शिवा धुरी,राजाराम प्रजापति,रितेश अग्रवाल,पवन तिवारी ,विजय मरावी,दीनू कौशिक,प्रसाद राव,लोमस कश्यप,रंजन सिंह, राशिद उल्लाह खान,हर्ष ताम्रकार,संजू गुप्ता,मोनू रजक,पवन छाबडा सहित मंडल के कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

04-09-2020
तालाब कचरे के ढेर में तब्दील, स्वच्छता की उड़ रही धज्जियां

कोरिया। बैकुंठपुर राम मंदिर तालाब नई सब्जी मंडी के बाजू में शुक्रवार सुबह अज्ञात कारणों से सैकड़ों मछलियां मरी हुई पानी के ऊपर कचरे के साथ दिखी। राम मंदिर तालाब कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है। समाजसेवी अनुराग दुबे ने बताया कि कई बार नगर पालिका में शिकायत के बाद भी तालाब की सफाई नहीं कराई जा रही है। जबकि सौंदर्यीकरण, रखरखाव के लिए नगर पालिका इस तालाब में लाखों रुपए खर्च कर चुकी है। तालाब का पूरा पानी खराब हो चुका है। दुर्गंध के चलते आसपास के लोगों के साथ सब्जी बेचने वालों का जीना दूभर हो चुका है। बिना नाक बंद किए इस तालाब के बगल से नहीं निकल सकते। इससे पूर्व ग्लिब्स न्यूज़ ने सब्जी मंडी में कचरे से संबंधित मामले को उजागर किया था तब तत्काल नगर पालिका प्रशासन ने साफ कराया था।

01-09-2020
वार्डो में मिली गंदगी, 2 स्वच्छता निरीक्षक, 2 दरोगा और 7 सुपरवाइजर का कटा वेतन

दुर्ग। नगर निगम दुर्ग के विभिन्न वार्डो में कचरा और गंदगी पाए जाने पर निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के दो स्वच्छता निरीक्षक,दो दरोगा और 7 सुपरवाइजरों का एक-एक दिन का वेतन काटा गया। उन्होनें उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि दोबारा आपके वार्ड क्षेत्र में कचरा और गंदगी पाये जाने पर अन्य कड़ी कायर्वाही की जाएगी। इसके वे स्वयं जिम्मेदार होगें। उल्लेखनीय है कि निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा विगत दो दिनों 31 अगस्त और 1 सितंबर को रामदेव मंदिर वार्ड,पोटियाकला वार्ड 54, कचहरीवार्ड 39, पटरीपार में शहीद भगत सिंह वार्ड 19, तिरुरडीह वार्ड 21 और सिकोला भाठा वार्ड 14 का भ्रमण कर वहां की साफ-सफाई का अवलोकन किया गया। उपरोक्त वार्ड के अनेक जगहों पर कचरा और गंदगी पाई गई। उन्होनें तत्काल संबंधित वार्डो के स्वच्छता निरीक्षको, दरोगा और सुपरवाइजरों का वेतन काटने विभाग को निर्देशित किये।

इस संबंध में आयुक्त ने बताया कि मेरे द्वारा स्वच्छता निरीक्षक, दरोगा, सुपरवाइजरों को बार-बार किया गया है कि सभी अपने-अपने वार्ड क्षेत्रों का भ्रमण कर सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखें। बावजूद निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे, नाली में कचरा और गंदगी पाया गया। आस-पास के नागरिकों ने भी इस संबंध में शिकायत कर बताये, कि ठीक तरह से साफ-सफाई नहीं की जाती है। कार्य के प्रति लापरवाही बरतने के कारण स्वच्छता निरीक्षक मेनसिंग मंडावी, राजेन्द्र सराटे, दरोगा रामलाल भट्ट, प्रताप सोनी, सुपरवाईजर बल्लू नागेश, धरम नागेश, लोकेस दास, अनिल भट्ट, एवं संतोष गांड़ा का एक-एक दिन का वेतन विभाग द्वारा काटा गया। आयुक्त बर्मन ने सख्त हिदायत देते हुये कहा है कि सभी वार्ड दरोगा, सुपरवाईजर और स्वच्छता निरीक्षक आपसी तालमेल बनाकर वार्ड को साफ-सुथरा रखें, उन्होनें कहा घरों, दुकानों का कचरा बाहर फेंकने वालों को पकड़ें, पता करें, और उनसे जुर्माना वसूल करें। घर-घर कचरा गाड़ी जा रहा है या नहीं इसका भी ध्यान रखें। कचरा गाड़ी घर जाएगा तो कचरा बाहर सड़क पर नहीं आयेगा। कचरा गाड़ी आने के बाद भी किसी के द्वारा कचरा बाहर फेंका जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित करें।

18-08-2020
गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा देने स्वच्छ भारत मिशन देगी कुल 4.34 करोड़ रुपए के पुरस्कार

रायपुर। गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा देने राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा चार करोड़ 34 लाख रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। 15 विभिन्न श्रेणियों में दिए जाने वाले इन पुरस्कारों के लिए आवदेन करने की अंतिम तिथि 23 अगस्त है। मिशन द्वारा पहले इसकी अंतिम 15 अगस्त तय की गई थी। किंतु ज्यादा से ज्यादा प्रतिभागियों, ग्राम पंचायतों, संस्थाओं, विकासखंडों और जिलों को इन पुरस्कारों के लिए आवेदन का मौका देने अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। चयनित विजेताओं को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर 2 अक्टूबर को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन द्वारा खुले में शौचमुक्त हो चुके गांवों में इसका स्थायित्व बरकरार रखने, समुदाय की सहभागिता और लोगों में साफ-सफाई की अच्छी आदतों को प्रेरित करने ये पुरस्कार दिए जा रहे हैं। स्वच्छता को बढ़ावा देने अलग-अलग स्तरों पर अलग-अलग तरह के बेहतर काम करने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं, त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं और जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। मिशन द्वारा इस प्रोत्साहन से ग्रामीण स्वच्छता की उत्कृष्ट स्थिति प्राप्त करने और उसे लगातार बनाए रखने के प्रति जागरूक होंगे। 5 ग्राम पंचायतों, 3 विकासखंडों और एक जिले को स्वच्छता स्थायित्व के लिए साढ़े तीन करोड़ के पुरस्कार के साथ 15 अन्य श्रेणियों में व्यक्तिगत एवं संस्थागत पुरस्कार, राज्य स्वच्छता पुरस्कार-2020 के तहत स्वच्छ सुंदर शौचालय पुरस्कार के प्रत्येक विजेता हितग्राही को 5001 रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर दस-दस हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। स्वच्छ सुंदर सामुदायिक शौचालय पुरस्कार जिला एवं राज्य स्तर पर दिए जाएंगे। जिला स्तर की विजेता ग्राम पंचायत को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता पंचायत को एक लाख रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट सेग्रिगेशन शेड के लिए चयनित ग्राम पंचायत को एक लाख रूपए दिए जाएंगे। माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के लिए दो श्रेणियों में विजेताओं का चयन किया जाएगा। जिला स्तर की विजेता पंचायत को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता को 51 हजार रूपए के पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

विद्यार्थियों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने स्कूलों के माध्यम से उत्कृष्ट निबंध सृजन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिला स्तर पर पूर्व माध्यमिक और हाईस्कूल दो अलग-अलग वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता के दोनों वर्गों के विजेताओं को 21 हजार रूपए, 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। जिला स्तर पर आयोजित उत्कृष्ट नारा लेखन प्रतियोगिता के तीन विजेताओं को 21 हजार रूपए, 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। दीवार लेखन प्रतियोगिता के तहत जिला स्तर पर स्वच्छाग्रही या स्वसहायता समूह के प्रतिभागियों द्वारा दस सर्वश्रेष्ठ लेखन को प्रत्येक को पांच हजार रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा। प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायतों को जिला एवं राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। जिला स्तरीय विजेता को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता को एक लाख रूपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत काम कर रहे स्वसहायता समूहों में से उत्कृष्ट स्वच्छाग्रही समूह पुरस्कार के जिला स्तरीय विजेता को 21 हजार रूपए एवं राज्य स्तरीय विजेता को 51 हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट बायोगैस संयंत्र पुरस्कार की विजेता ग्राम पंचायत को 51 हजार रूपए दिए जाएंगे। एस.ई.सी.एल. की सहायता से संचालित दिव्यांगों के लिए सामुदायिक शौचालय निर्माण की पायलट परियोजना के अंतर्गत तीन सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों को क्रमशः ढाई लाख रूपए, डेढ़ लाख रूपए और एक लाख रूपए के पुरस्कार से नवाजा जाएगा। सामुदायिक शौचालय के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजायन प्रतियोगिता के तहत तीन वर्गों में पुरस्कार दिए जाएंगे। राज्य स्तरीय इस प्रतियोगिता में साढ़े तीन लाख रूपए, साढ़े चार लाख रूपए और साढ़े पांच लाख रूपए लागत के सामुदायिक शौचालय का उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन प्रस्तुत करने वाले एक-एक आर्किटेक्ट या इंजीनियर को 51 हजार रूपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

सेग्रिगेशन शेड का उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन बनाने वाले तीन विजेताओं को राज्य स्तर पर क्रमशः 21 हजार रूपए,11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। गांव को स्वच्छ बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्ययोजना (Best Working Plan) सुझाने वाले तीन व्यक्तियों को क्रमशः 21 हजार रूपए,11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह से ग्रामीण स्वच्छता के संबंध में सर्वश्रेष्ठ नवाचार का सुझाव देने वाले तीन प्रतिभागियों को क्रमशः 21 हजार रूपए,11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। इन प्रतिस्पर्धात्मक पुरस्कारों के साथ ही प्रदेश के एक जिले को एक करोड़ रूपए का स्वच्छता स्थायित्व पुरस्कार, तीन विकासखंडों को 50-50 लाख रूपए और पांच ग्राम पंचायतों को 20-20 लाख रूपए के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रविष्टि निर्धारित प्रारूप में आवेदन और फोटो के साथ संबंधित जनपद पंचायत के माध्यम से भेजी जा सकती हैं। सामुदायिक शौचालय के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजायन प्रतियोगिता, सेग्रिगेशन शेड के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन प्रतियोगिता, गांव को स्वच्छ रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्ययोजना (Best Working Plan) और ग्रामीण स्वच्छता के संबंध में सर्वश्रेष्ठ नवाचार के सुझाव के लिए प्रविष्टि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के राज्य कार्यालय को भेजना होगा। अलग-अलग पुरस्कारों के लिए प्राप्त प्रविष्टियों के अंतर्विकासखंड दल, अंतर्जिला दल और राज्य स्तरीय दल या एजेंसी द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद विकासखंड स्तरीय, जिला स्तरीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार चयन समिति द्वारा विजेताओं का चयन किया जाएगा।

 

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