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17-09-2020
 सेवा सप्ताह में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष कौशिक,कहा- स्वच्छता के विचार को आत्मसात करने की जरूरत

रायपुर। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन  पर आयोजित स्वच्छता अभियान की शुरूआत की। प्रधानमंत्री मोदी ने हमें जीवन में मन,विचार और शरीर से स्वस्थ्य व स्वच्छ रहने की प्रेरणा दी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक जीवन में हमें त्याग के साथ कार्य करने को प्रेरित किया है। हमें जीवन मे स्वच्छता के विचार को आत्मसात करने की जरूरत है। बिल्हा के सिरगिट्टी वार्ड संख्या 10 के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्वच्छता कार्यक्रम व स्वास्थ्य परीक्षण का आयोजन किया गया। जिला भाजपा सदस्य मनोज दुबे,मंडल अध्यक्ष बलराम देवांगन, महामंत्री सीनू राव,हरिश्चन्द्र साहू,तिफरा के पार्षद श्यामलाल बंजारे,संजू सिंह,जिला भाजपा मंत्री रामु साहू, राजकुमार यादव,अजय कश्यप,रामगोपाल यादव,शिवा धुरी,राजाराम प्रजापति,रितेश अग्रवाल,पवन तिवारी ,विजय मरावी,दीनू कौशिक,प्रसाद राव,लोमस कश्यप,रंजन सिंह, राशिद उल्लाह खान,हर्ष ताम्रकार,संजू गुप्ता,मोनू रजक,पवन छाबडा सहित मंडल के कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

04-09-2020
तालाब कचरे के ढेर में तब्दील, स्वच्छता की उड़ रही धज्जियां

कोरिया। बैकुंठपुर राम मंदिर तालाब नई सब्जी मंडी के बाजू में शुक्रवार सुबह अज्ञात कारणों से सैकड़ों मछलियां मरी हुई पानी के ऊपर कचरे के साथ दिखी। राम मंदिर तालाब कचरे के ढेर में तब्दील हो चुका है। समाजसेवी अनुराग दुबे ने बताया कि कई बार नगर पालिका में शिकायत के बाद भी तालाब की सफाई नहीं कराई जा रही है। जबकि सौंदर्यीकरण, रखरखाव के लिए नगर पालिका इस तालाब में लाखों रुपए खर्च कर चुकी है। तालाब का पूरा पानी खराब हो चुका है। दुर्गंध के चलते आसपास के लोगों के साथ सब्जी बेचने वालों का जीना दूभर हो चुका है। बिना नाक बंद किए इस तालाब के बगल से नहीं निकल सकते। इससे पूर्व ग्लिब्स न्यूज़ ने सब्जी मंडी में कचरे से संबंधित मामले को उजागर किया था तब तत्काल नगर पालिका प्रशासन ने साफ कराया था।

01-09-2020
वार्डो में मिली गंदगी, 2 स्वच्छता निरीक्षक, 2 दरोगा और 7 सुपरवाइजर का कटा वेतन

दुर्ग। नगर निगम दुर्ग के विभिन्न वार्डो में कचरा और गंदगी पाए जाने पर निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के दो स्वच्छता निरीक्षक,दो दरोगा और 7 सुपरवाइजरों का एक-एक दिन का वेतन काटा गया। उन्होनें उन्हें सख्त हिदायत दी गई है कि दोबारा आपके वार्ड क्षेत्र में कचरा और गंदगी पाये जाने पर अन्य कड़ी कायर्वाही की जाएगी। इसके वे स्वयं जिम्मेदार होगें। उल्लेखनीय है कि निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन द्वारा विगत दो दिनों 31 अगस्त और 1 सितंबर को रामदेव मंदिर वार्ड,पोटियाकला वार्ड 54, कचहरीवार्ड 39, पटरीपार में शहीद भगत सिंह वार्ड 19, तिरुरडीह वार्ड 21 और सिकोला भाठा वार्ड 14 का भ्रमण कर वहां की साफ-सफाई का अवलोकन किया गया। उपरोक्त वार्ड के अनेक जगहों पर कचरा और गंदगी पाई गई। उन्होनें तत्काल संबंधित वार्डो के स्वच्छता निरीक्षको, दरोगा और सुपरवाइजरों का वेतन काटने विभाग को निर्देशित किये।

इस संबंध में आयुक्त ने बताया कि मेरे द्वारा स्वच्छता निरीक्षक, दरोगा, सुपरवाइजरों को बार-बार किया गया है कि सभी अपने-अपने वार्ड क्षेत्रों का भ्रमण कर सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखें। बावजूद निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे, नाली में कचरा और गंदगी पाया गया। आस-पास के नागरिकों ने भी इस संबंध में शिकायत कर बताये, कि ठीक तरह से साफ-सफाई नहीं की जाती है। कार्य के प्रति लापरवाही बरतने के कारण स्वच्छता निरीक्षक मेनसिंग मंडावी, राजेन्द्र सराटे, दरोगा रामलाल भट्ट, प्रताप सोनी, सुपरवाईजर बल्लू नागेश, धरम नागेश, लोकेस दास, अनिल भट्ट, एवं संतोष गांड़ा का एक-एक दिन का वेतन विभाग द्वारा काटा गया। आयुक्त बर्मन ने सख्त हिदायत देते हुये कहा है कि सभी वार्ड दरोगा, सुपरवाईजर और स्वच्छता निरीक्षक आपसी तालमेल बनाकर वार्ड को साफ-सुथरा रखें, उन्होनें कहा घरों, दुकानों का कचरा बाहर फेंकने वालों को पकड़ें, पता करें, और उनसे जुर्माना वसूल करें। घर-घर कचरा गाड़ी जा रहा है या नहीं इसका भी ध्यान रखें। कचरा गाड़ी घर जाएगा तो कचरा बाहर सड़क पर नहीं आयेगा। कचरा गाड़ी आने के बाद भी किसी के द्वारा कचरा बाहर फेंका जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही प्रस्तावित करें।

18-08-2020
गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा देने स्वच्छ भारत मिशन देगी कुल 4.34 करोड़ रुपए के पुरस्कार

रायपुर। गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा देने राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा चार करोड़ 34 लाख रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। 15 विभिन्न श्रेणियों में दिए जाने वाले इन पुरस्कारों के लिए आवदेन करने की अंतिम तिथि 23 अगस्त है। मिशन द्वारा पहले इसकी अंतिम 15 अगस्त तय की गई थी। किंतु ज्यादा से ज्यादा प्रतिभागियों, ग्राम पंचायतों, संस्थाओं, विकासखंडों और जिलों को इन पुरस्कारों के लिए आवेदन का मौका देने अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। चयनित विजेताओं को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर 2 अक्टूबर को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन द्वारा खुले में शौचमुक्त हो चुके गांवों में इसका स्थायित्व बरकरार रखने, समुदाय की सहभागिता और लोगों में साफ-सफाई की अच्छी आदतों को प्रेरित करने ये पुरस्कार दिए जा रहे हैं। स्वच्छता को बढ़ावा देने अलग-अलग स्तरों पर अलग-अलग तरह के बेहतर काम करने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं, त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं और जिलों को पुरस्कृत किया जाएगा। मिशन द्वारा इस प्रोत्साहन से ग्रामीण स्वच्छता की उत्कृष्ट स्थिति प्राप्त करने और उसे लगातार बनाए रखने के प्रति जागरूक होंगे। 5 ग्राम पंचायतों, 3 विकासखंडों और एक जिले को स्वच्छता स्थायित्व के लिए साढ़े तीन करोड़ के पुरस्कार के साथ 15 अन्य श्रेणियों में व्यक्तिगत एवं संस्थागत पुरस्कार, राज्य स्वच्छता पुरस्कार-2020 के तहत स्वच्छ सुंदर शौचालय पुरस्कार के प्रत्येक विजेता हितग्राही को 5001 रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर दस-दस हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। स्वच्छ सुंदर सामुदायिक शौचालय पुरस्कार जिला एवं राज्य स्तर पर दिए जाएंगे। जिला स्तर की विजेता ग्राम पंचायत को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता पंचायत को एक लाख रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट सेग्रिगेशन शेड के लिए चयनित ग्राम पंचायत को एक लाख रूपए दिए जाएंगे। माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के लिए दो श्रेणियों में विजेताओं का चयन किया जाएगा। जिला स्तर की विजेता पंचायत को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता को 51 हजार रूपए के पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

विद्यार्थियों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने स्कूलों के माध्यम से उत्कृष्ट निबंध सृजन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जिला स्तर पर पूर्व माध्यमिक और हाईस्कूल दो अलग-अलग वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता के दोनों वर्गों के विजेताओं को 21 हजार रूपए, 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। जिला स्तर पर आयोजित उत्कृष्ट नारा लेखन प्रतियोगिता के तीन विजेताओं को 21 हजार रूपए, 11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। दीवार लेखन प्रतियोगिता के तहत जिला स्तर पर स्वच्छाग्रही या स्वसहायता समूह के प्रतिभागियों द्वारा दस सर्वश्रेष्ठ लेखन को प्रत्येक को पांच हजार रूपए का पुरस्कार दिया जाएगा। प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायतों को जिला एवं राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। जिला स्तरीय विजेता को 21 हजार रूपए और राज्य स्तरीय विजेता को एक लाख रूपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत काम कर रहे स्वसहायता समूहों में से उत्कृष्ट स्वच्छाग्रही समूह पुरस्कार के जिला स्तरीय विजेता को 21 हजार रूपए एवं राज्य स्तरीय विजेता को 51 हजार रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। राज्य स्तर पर उत्कृष्ट बायोगैस संयंत्र पुरस्कार की विजेता ग्राम पंचायत को 51 हजार रूपए दिए जाएंगे। एस.ई.सी.एल. की सहायता से संचालित दिव्यांगों के लिए सामुदायिक शौचालय निर्माण की पायलट परियोजना के अंतर्गत तीन सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों को क्रमशः ढाई लाख रूपए, डेढ़ लाख रूपए और एक लाख रूपए के पुरस्कार से नवाजा जाएगा। सामुदायिक शौचालय के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजायन प्रतियोगिता के तहत तीन वर्गों में पुरस्कार दिए जाएंगे। राज्य स्तरीय इस प्रतियोगिता में साढ़े तीन लाख रूपए, साढ़े चार लाख रूपए और साढ़े पांच लाख रूपए लागत के सामुदायिक शौचालय का उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन प्रस्तुत करने वाले एक-एक आर्किटेक्ट या इंजीनियर को 51 हजार रूपए का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

सेग्रिगेशन शेड का उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन बनाने वाले तीन विजेताओं को राज्य स्तर पर क्रमशः 21 हजार रूपए,11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। गांव को स्वच्छ बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्ययोजना (Best Working Plan) सुझाने वाले तीन व्यक्तियों को क्रमशः 21 हजार रूपए,11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह से ग्रामीण स्वच्छता के संबंध में सर्वश्रेष्ठ नवाचार का सुझाव देने वाले तीन प्रतिभागियों को क्रमशः 21 हजार रूपए,11 हजार रूपए और पांच हजार रूपए के पुरस्कार दिए जाएंगे। इन प्रतिस्पर्धात्मक पुरस्कारों के साथ ही प्रदेश के एक जिले को एक करोड़ रूपए का स्वच्छता स्थायित्व पुरस्कार, तीन विकासखंडों को 50-50 लाख रूपए और पांच ग्राम पंचायतों को 20-20 लाख रूपए के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रविष्टि निर्धारित प्रारूप में आवेदन और फोटो के साथ संबंधित जनपद पंचायत के माध्यम से भेजी जा सकती हैं। सामुदायिक शौचालय के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजायन प्रतियोगिता, सेग्रिगेशन शेड के उत्कृष्ट ड्राइंग-डिजाइन प्रतियोगिता, गांव को स्वच्छ रखने के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्ययोजना (Best Working Plan) और ग्रामीण स्वच्छता के संबंध में सर्वश्रेष्ठ नवाचार के सुझाव के लिए प्रविष्टि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के राज्य कार्यालय को भेजना होगा। अलग-अलग पुरस्कारों के लिए प्राप्त प्रविष्टियों के अंतर्विकासखंड दल, अंतर्जिला दल और राज्य स्तरीय दल या एजेंसी द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद विकासखंड स्तरीय, जिला स्तरीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार चयन समिति द्वारा विजेताओं का चयन किया जाएगा।

 

10-08-2020
स्वच्छता से संबंधित पेंटिंग से आकर्षक लग रही पावर हाउस अंडरब्रिज

भिलाई। नगर निगम प्रशासन स्वच्छ भारत मिशन के मानकों के मुताबिक स्वच्छ एवं सुंदर शहर बनाने प्रयासरत है। वही स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के अंतर्गत अधिक से अधिक अंक हासिल करने की दिशा में कार्य शुरू किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर की प्रमुख सड़कों के डिवाइडर का मरम्मत, चौक-चौराहे और अंडरब्रिज का रंगरोंगन सहित सौंदर्यीकरण करवाई जा रही है। दीवारों पर पेटिंग्स और स्लोगन के माध्यम से लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है। इसी कड़ी में नंदनी रोड के डिवाइडर की रंगाई पुताई करवाई जा रही है! बता दें कि नंदनी रोड के सौंदर्यीकरण के लिए निगमायुक्त ऋतुराज रघुवंशी ने निगम सीमा क्षेत्र से लगे हुए एसीसी जामुल के प्रबंधक को पत्र प्रेषित किया था, तथा निगम आयुक्त ने जल्द ही कार्य प्रारंभ करने कहा था जिस पर सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया है और डिवाइडर की पुताई मनमोहक रूप में की जा रही है!

स्वच्छता संबंधी पेंटिंग से आर्कषक लग रही है पावर हाउस अंडरब्रिज

पेटिंग्स और चित्रकारी से पावर हाउस का अंडरब्रिज चमक उठी है। स्वच्छ भारत मिशन, भारतीय रेल, शिक्षित भारत, स्वस्थ भारत जैसे पेटिंग्स से अंडरब्रिज की दीवारें आकर्षक लग रही है। निगम प्रशासन ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत, स्वच्छ भिलाई सुंदर भिलाई की परिकल्पना  को साकार करने के लिए कई सारे कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में अंडरब्रिज की दीवारों का रंगरोगन भी किया जा रहा है। कलाकारों को स्वच्छता से जुड़े पेटिंग्स और स्लोगन लिखने कहा गया है। कलाकारों ने अब तक अंडरब्रिज की दीवारों पर चित्र के माध्यम से कोरोना महामारी से बचाव के लिए चेहरे पर मास्क जरूरी, सोशल डिस्टेसिंग, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति जैसे कई चित्र बनाई गई है।

 

 

06-07-2020
रायपुर के दो वार्डों को किया गया सैनिटाइज, महापौर ने स्वास्थ्य और स्वच्छता पर ध्यान देने की अपील 

रायपुर। महापौर एजाज ढेबर और ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा ने सोमवार को जोन 1 के यतियतन लाल वार्ड क्रमांक 4 और बंजारी माता मंदिर वार्ड क्रमांक 5 के क्षेत्र में सैनिटाइजेशन का कार्य शुरू करवाया। इस दौरान निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष नागभूषण राव, यतियतन लाल पार्षद टेसू नंद किशोर साहू, पूर्व पार्षद कृष्णा साहू, जोन कमिश्नर नेतराम चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता सुभाष चंद्राकर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी उमेश नामदेव की उपस्थिति में प्रारंभ करवाया। महापौर ढेबर ने निगम के सभी सफाई मित्रों का आभार व्यक्त किया। सभी कोविड—19 संकट में शहर के सभी वार्डों में संक्रमण की कारगर रोकथाम का कार्य कड़ी मेहनत से कर रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से कोविड-19 से सुरक्षित रहने, स्वस्थ रहने, सामाजिक दूरी के सिद्धांत का पालन करने, हर समय मास्क अनिवार्य रूप से पहनने, सैनिटाइजर का उपयोग नियमित रूप से करने सहित सामान्य स्वास्थ्य नियमों का दैनिक जीवन में पालन करने का आव्हान किया। महापौर ने जोन कमिश्नर को राशन कार्ड को लेकर आ रही जनसमस्याओं को जनहित में तुरंत निराकृत करने, वार्डों में सफाई व्यवस्था की सतत निगरानी कर निरंतर दुरूस्त बनाए रखने, जलभराव की समस्या को दूर करने सतत मॉनिटरिंग करने कहा है।

30-05-2020
जिले में सुबह 8 से शाम 6 बजे तक खुलेंगे सैलून और ब्यूटी पार्लर, करना होगा स्वच्छता-सोशल डिस्टेशिंग का पालन    

कोरिया। कलेक्टर सत्यनारायण राठौर ने जिले में नाई, सैलून एवं ब्यूटी पार्लरों को सुबह 8 से शाम 6 बजे तक संचालित किये जाने की अनुमति निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की है। इसके तहत क्षेत्र मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, झगराखाण्ड, नई लेदरी एवं खोंगापानी के लिए सोमवार से शनिवार तक संचालन की अनुमति दी गई है। प्रत्येक रविवार साप्ताहिक बंदी रहेगी। इसी तरह क्षेत्र बैकुण्ठपुर, सोनहत, खड़गवां, भरतपुर के लिए रविवार से शुक्रवार तक संचालन की अनुमति दी गई है तथा प्रत्येक शनिवार को साप्ताहिक बंदी रहेगी।नाई, सैलून एवं ब्यूटी पार्लरों के संचालन के संबंध में जिन शर्तों का पालन करना होगा, उनमें संचालित दुकानों व प्रतिष्ठानों में पूर्व से अनुमति लेकर आने की अनिवार्यता, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, ग्राहकों तथा उपयोग की जाने वाली सभी वस्तुओं का प्रत्येक बार उपयोग के पश्चात सैनिटाइज करने की अनिवार्यता शामिल है।

इसके साथ ही शर्त के अधीन संचालित प्रतिष्ठानों में न्यूनतम कर्मचारी उपस्थित होंगें। एक समय में एक ही ग्राहक की अनुमति होगी। फोंम शेंविग का प्रयोग किया जाये। ग्राहकों को अपने साथ आवश्यक टॉवेल एवं कपड़े लाना अनिवार्य होगा एवं सैलून के इन वस्तुओं का उपयोग नहीं करेंगें। दुकान में उपलब्ध सामग्री जैसे - कुर्सी, टेबल, कपड़े, ब्रश तथा अन्य उपयोग की जाने वाली अन्य सामाग्री का सैनिटाइज करना अनिवार्य होगा। आने वाले सभी ग्राहकों का नाम, पता, मोबाइल नम्बर तथा किसी अन्य स्थान से आने का विवरण की जानकारी संलग्न प्रारूप में दर्ज कराकर हस्ताक्षर करवाकर रिकार्ड संधारित करना अनिवार्य होगा।

 

27-05-2020
सेहत और सुरक्षा के लिए सैनेटरी पैड्स के लिए तय हैं मानक

रायपुर। मासिक धर्म में जिन सैनिटरी पैड्स का इस्तेमाल स्वच्छता और सुरक्षा के लिए किया जाता है वह पूरी तरह से सुरक्षित हो और उससे महिलाओं की सेहत पर बुरा असर भी न पड़े, इसके लिए सरकार ने मानक तय कर रखे हैं।
इंडियन ब्यूरो ऑफ़ स्टैंडर्ड्स ने सैनेटरी पैड के लिए यह मानक मूलरूप से 1969 में प्रकाशित किया था,जिस से फिर 1980 में संशोधित किया गया। समय-समय पर इसमें बदलाव भी किए जाते रहे हैं।
"सैनिटरी नैपकिन" या "सैनिटरीपैड" मासिक धर्म के दौरान रक्त को सोखने के लिए उपयोग किया जाता है। मासिक स्राव के मद्देनजर तय किए गए मानक के मुताबिक पैड्स एक उचित मोटाई, लंबाई और अवशोषण क्षमता वाले होने चाहिए। यानि सैनिटरी पैड का काम सिर्फ़ ब्लीडिंग को सोखना नहीं स्वच्छता (हाइजिन) के पैरामीटर पर भी खरा उतरना है। अमूमन जब सैनिटरी पैड खरीदते हैं तो ब्रांड वैल्यू पर विश्वास करते हुए पै़ड्स ख़रीद लेते हैं जबकि सैनिटरी पैड की अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए, भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा सख्त विनिर्देश तैयार किए गए हैं। आईएस 5405 में मानदंडों और नियमों का विस्तृत विवरण है, जिसका सैनिटरी पैड निर्माताओ कों पालन करना होता है।

सैनिटरी पैड गुणवत्ता के लिए मानक :

-  सैनिटरी पैड बनाने के लिए अब्सॉर्बेंट फ़िल्टर और कवरिंग का सबसे अधिक ख़्याल रखना होता है। कवरिंग के लिए भी अच्छी क्वालिटी के कॉटन का इस्तेमाल होना चाहिए।
- फिल्टर मैटेरियल सेल्युलोज़पल्प, सेल्युलोज़अस्तर, टिशूज़ या कॉटन का होना चाहिए। इसमें गांठ, तेल के धब्बों, धूल और किसी भी चीज़ की मिलावट नहीं होनी चाहिए। यह आईएस 758 के अनुरूप होना चाहिए।
- नैपकिन में कम से कम 60 मिलीलीटर और नैपकिन के वजन से 10 गुना तरल पदार्थ सोखने की क्षमता होना जरूरी है।
- नैपकीनकाकवर (बाहरीपरत) कपास, सिंथेटिक, जालीऔर बिना बुने हुए कपडे का और स्वच्छ होना चाहिए।
- निर्माता के नाम या ट्रेडमार्क के साथ सैनिटरी नैपकिन की संख्या हर पैकेट पर चिह्नित होनी चाहिए।
- सैनिटरी नैपकिन विभिन्न आकृतियों और डिजाइन के हो सकते हैं। नियमित पैड्स 210 एमएम, लार्ज 211 से 240 एमएम, एक्ट्रालार्ज 241 से 280 एमएम और एक्स एक्स एल यानि 281 से अधिक होना चाहिए।
- सैनिटरी पैड की सतह चिकनी, नरम और आरामदायक होनी चाहिए,जिससे त्वचा को इंफेक्शन और जलन न हो। पैड पर चिपकाने वाले पदार्थो को सही जगह चिपकना चाहिए।
- पैड्स डिस्पोजेबल होना चाहिए यानि उन्हें 15 लीटर पानी के कंटेनर में डाल दें तो पैड्स को विघटित होना चाहिए ।
-आईएसओ 17088 : उत्पाद है या नहीं, बायोडिग्रेडेबल, कम्पोस्टेबल या ऑक्सी-डिग्रेडेबल है, इसकी जानकारी सैनिटरी नैपकिन के हर पैकेट पर अंकित किया जाए।
-पैड्स की पैकिंग गत्ते का डिब्बा बोर्ड, पॉलीथीन, पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलिएस्टरया अन्य जो पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करती हो उसी में होनी चाहिए।

इस तरह पहचानें नैपकीन :

- बाजार से नैपकिन खरीदते समय नैपकिन की सोखने की क्षमता  60 मिलीलीटर से कम लिखी है और प्लास्टिक रहित नहीं लिखा है तो नैपकिन न खरीदे।
- नैपकिन पर 60 मिलीलीटर पानी दो बार में  5-5 मिनट के अंतराल में धीरे-धीरे डालें तथा 10 मिनट के बाद नैपकिन का सूखापन हाथ से देखें। नैपकिन से पानी वापस नहीं निकलता है तो सोखने की क्षमता मानकों के अनुसार है।
- नैपकिन को छूकर उसकी सतह की पहचान करें कि उसकी सतह कितनी मुलायम है। कहीं पॉलिथीन का अगर प्रयोग हुआ है तो नैपकिन से हवा पास नहीं होगी। अतः ऐसा नैपकीन न खरीदें नहीं तो लाल दाने और खुजली जैसी समस्या सूखेपन के बाबजूद हो सकती है ।

20-05-2020
स्वच्छता में रायगढ़ नगर निगम को मिला थ्री स्टार रेटिंग

रायगढ़। स्वच्छता के मामले में केंद्र सरकार ने पूरे देश के शहरों की रेटिंग घोषित किया है, जिसमें रायगढ़ नगर पालिक निगम को थ्री स्टार रेटिंग मिला है। स्वच्छता के लिए नगर निगम ने बहुत कार्य किया था। शहर के भीतरी हिस्से में दो समय सफाई की जा रही है। निगम के अधिकारी दोनों समय शहर में घूमकर मोनिटरिंग कर रहे हैं।स्टार रेटिंग में नगर पालिक निगम रायगढ़ को तीन स्टार मिलने पर निगम आयुक्त राजेन्द्र गुप्ता ने सभी सफाई कर्मचारियों,स्वच्छता दीदीयों, सफाई सुपरवाइजर सफाई दरोगा एवं मीडिया के साथियों,आम नागरिकों व्यापारी बंधुओं शहर के समस्त जनता को हृदय से धन्यवाद दिया है औऱ कहा कि आप लोगों के प्रयास से ही थ्री स्टार लाने में आज रायगढ़ नगर निगम सफल रहा। आयुक्त राजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि इसी प्रकार टीम भावना से कार्य करें ताकि हम फाइव स्टार ला सकें।इसके पहले भी ओडीएफ प्लस प्लस घोषित किया जा चुका है तत्पश्चात स्टार रेटिंग की घोषणा की गई। एवं स्वच्छ सर्वेक्षण के नतीजे लॉक डाउन के पश्चात घोषित होंगे।

निम्न कार्यों के उच्च प्रदर्शन पर मिली स्टार रेटिंग

डोर टू डोर कलेक्शन, सोर्स एग्रीकेशन,डे शिपिंग नाइट शिपिंग, नीला हरा डब्बा वितरण, बीन फ्री सिटी(गीला सूखा कचरा का संधारण करना) पेनाल्टी( यत्र तत्र कचरा फेंकने पर) यूजर चार्ज, प्लास्टिक बैग कार्यवाही, सीएनडी वेस्ट, बल्क बेस्ट जनरेटर (होटलों में वेस्ट खाना का कंपोजीशन)।

 

19-05-2020
भिलाई नगर पालिक निगम कचरा मुक्त शहरों में हुआ शामिल, मिली 3 स्टार रेटिंग

भिलाई। स्वच्छता के मापदंडों पर खरा उतरने के लिए नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर देवेंद्र यादव एवं आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के कुशल मार्गदर्शन में स्वच्छता के निचले स्तर के कर्मचारियों से लेकर सभी अधिकारियों ने कड़ी मेहनत की और शहर की जागरूकता जनता ने कचरा मुक्त शहरों में भिलाई नगर को आखिर सम्मिलित करा ही दिया तथा भिलाई ने 3 स्टार रेटिंग प्राप्त किया है। वर्ष 2019 में पूरे देश में 11 वां रैंक प्राप्त करने का गौरव भिलाई को हासिल हुआ था। भिलाई शहर की जनता स्वच्छता के प्रति जागरूक है तभी भिलाई कचरा मुक्त शहर में शामिल हो सका है! स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा ने बताया कि भिलाई शहर ने कचरा मुक्त शहर के मामले में 3 स्टार रेटिंग प्राप्त की है!
निगम के महापौर देवेंद्र यादव ने कहा कि भिलाई की जनता हमेशा स्वच्छता के प्रति जागरूक है। कचरा मुक्त शहर में शामिल होने में लोगों अपनी पूर्ण सहभागिता दिखाई है। संपूर्ण विश्वास है कि भिलाई शहर स्वच्छता में देश में प्रथम पायदान पर आएगा।

स्टार रेटिंग पर किया था फोकस
 स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत निगम प्रशासन ने स्टार रेटिंग एवं वाटर प्लस पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया था ताकि स्वच्छ सर्वेक्षण के मापदंडों के अनुरूप सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक अंक प्राप्त किया जा सके।
नालियों में कचरा रोकने जाली नालियों में कचरा को रोकने के लिए तथा सीधे जल स्रोतों में कचरा न मिले इसके लिए नालियों में जालियां लगाने का कार्य किया गया तथा जीवीपी पाइंट को समाप्त कर सौंदर्यीकरण करने का कार्य किया गया। स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता निगम क्षेत्र में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उददेश्य से दीवारों पर रंग रोगन कर चित्रों व स्लोगन के माध्यम से आम जनता को जागरूक करने का कार्य किया गया।

दो पालियों में सफाई
मार्केट क्षेत्र में सुबह व रात्रि दोनों पालियों में सफाई व कचरा कलेक्शन कार्य किया गया। मुख्य सड़कों सहित गली, मोहल्लों की सफाई व प्रतिबंधित प्लास्टिक मुक्त शहर बनाने झिल्ली, पन्नी, प्लास्टिक के कचरा का उठाव करने का कार्य किया गया। सुबह एवं रात्रिकालीन सफाई कार्यों की माॅनिटरिंग विभागीय अधिकारियों ने जिम्मेदारी के साथ किया। एसएलआरएम सेंटर में कचरों का बेहतर निष्पादन डोर टू डोर कचरा कलेक्शन में सूखा कचरा अलग एवं गीला कचरा अलग को प्राथमिकता के तौर पर ध्यान दिया गया। एसएलआरएम सेंटर में कचरों का पृथकीकरण, घनी आबादी वाले क्षेत्रों की सघन सफाई व डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के अन्तर्गत सभी पैरामीटर को ध्यान में रखते हुए कार्य संपादित किया गया।

वार्ड वार अधिकारियों को जिम्मेदारी
प्रत्येक वार्ड के लिए निगम के अधिकारी/कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जो सुबह से अपने-अपने नियुक्त क्षेत्रों में और स्वच्छता के कार्यों को बेहतर करने गतिविधियों पर नजर रखते थे। महापौर देवेंद्र यादव तथा आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी के नेतृत्व में सभी के अथक प्रयासों से निगम भिलाई आज कचरा मुक्त शहर के सूची में शामिल हो पाया है! इसमें बीएसपी प्रबंधन एवं शहरवासियों ने भी अहम भूमिका निभाई है।

 

19-05-2020
अंबिकापुर यूं ही देश के पटल पर नहीं, प्रशासन और निगम की पूरी टीम के दिन रात मेहनत का नतीजा : भूपेश बघेल  

रायपुर। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि स्वच्छता के मामले में अंबिकापुर शहर का नाम यूं ही देश के पटल पर नहीं है, यहां का प्रशासन, निगम प्रशासन, निगम जनप्रतिनिधि और शहरवासी भी शहर की सफाई को लेकर काफी जागरूक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता दीदियों और निगम के स्वच्छता अमलों की दिन-रात की मेहनत से अंबिकापुर व अन्य निकाय घोषित रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन किया है। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में स्वच्छता के मामले में अंबिकापुर शहर ने एक बार फिर पूरे देश में नाम रोशन किया है।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट में 5 स्टार रेटिंग के साथ छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर शहर को इस सूची में प्रथम स्थान पर जगह मिली है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य 14 शहरी निकायों को भी 3 स्टार और 1 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है। केन्द्र सरकार की ओर से मंगलवार को स्टार शहरों की गारबेज स्टार रेटिंग प्रोटोकॉल के नतीजे नेशन मीडिया सेंटर से आनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जारी किए गए। इसमेंं छत्तीसगढ़ का अंबिकापुर शहर पहले स्थान पर है। इससे पहले पिछले रेटिंग में भी अंबिकापुर को देश में दूसरा स्थान मिला था। अंबिकापुर के महिला स्व-सहायता समूह की ओर से गारबेज कलेक्शन का काम किया जाता है। इससे साथ ही यहां बड़े पैमाने पर शहर से रोजाना निकलने वाले कचरें को री-सायकिल किया जाता है।

डॉ.डहरिया ने बताया कि अंबिकापुर शहर के नगरीय निकाय की ओर से अपनाई गई कचरा संग्रहण प्रणाली की पूरे देश सहित दुनिया भर में काफी तारिफ हुई है और अब अंबिकापुर नगर निगम की तर्ज पर छत्तीसगढ़ की बाकी निगमों में भी इस प्रणाली को लागू किया गया है। इसके साथ ही अंबिकापुर शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अलावा वेस्ट वाटर के रि-साईक्लिंग की प्रणाली विकसित की है। यहां बड़े पैमाने पर ड्रेनेज वाटर को शुद्ध कर वापस उपयोग के योग्य बनाया जा रहा है। अंबिकापुर के इस उपलब्धि ने पूरे छत्तीसगढ़ राज्य को गौरवान्वित किया हैै।डॉ. डहरिया ने बताया कि केन्द्रीय शहरी मंत्रालयों की इस सूची में 5 स्टार रेटिंग के अतिरिक्त 3 और 1 स्टार की भी रंैकिंग जारी की गई है। केन्द्रीय मंत्री आवास पर्यावरण एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी की ओर से घोषित इस रैंकिंग में छत्तीसगढ़ की 9 शहरी क्षेत्रों को 3 स्टार रेटिंग प्रदान की गई है। कचरा मुक्त नगरीय क्षेत्रों में 5 निकायों को 1 स्टार रेटिंग मिली है। 3 स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले शहरों में दुर्ग जिले के भिलाई नगर और पाटन सहित दंतेवाड़ा के बारसुर, बिलासपुर, जशपुर नगर, कांकेर के नरहरपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, मुंगेली के सरगवां शामिल हैं। इसी प्रकार 1 स्टार रेंटिंग प्राप्त करने वालों शहरों में रायगढ़ जिले के बरमकेला, बेमेतरा के बेरला, बालोद के चिखलाकसा, कोरबा के कटघोरा और कांकेर के पखांजूर शहर शामिल हैं।

 

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