GLIBS
14-08-2019
खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता व खाद्य पंजीयन अनुज्ञप्ति के संबंध में शिविर 16 अगस्त को 

जांजगीर-चांपा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी ने आज यहां बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता तथा खाद्य पंजीयन और अनुज्ञप्ति के संबंध में नगर पालिका जांजगीर-नैला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले समस्त खाद्य कारोबारियों के लिये 16 अगस्त को प्रात: 11 बजे से शाम 5 बजे तक केमिस्ट भवन नैला में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता के संबंध में जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ खाद्य विभाग द्वारा खाद्य पंजीयन एवं अनुज्ञप्ति ली जाएगी। उन्होंने होटल, ढाबा, मध्याह्न भोजन, कैंटिन, रेस्टोरेंट, कैटरा, चाय-नाश्ता की दुकान, ठेला, फेरी वाला, किनारा दुकान, पान ठेला, डेयरी फार्म, फल एवं सब्जी विक्रेता, मांस एवं मछली विक्रेता भण्डार ग्रह, खाद्य ट्रांसपोर्टर, खाद्य निर्माता, समस्त अस्थायी व्यवसायी (ठेला वाले) और समस्त संस्थानों में संचालित कैंटिन, मेस तथा अन्य संस्थाओं को पासपोर्ट साइज की एक फोटो एवं आधार कार्ड के साथ उपस्थित होने के लिए आग्रह किया है।

13-08-2019
क्रिकेट: 16 अगस्त को होगा नए कोच का इंटरव्यू, इन 6 दिग्गजों में रहेगी जंग 

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच पद के लिए 16 अगस्त को इंटरव्यू होगा। बीसीसीआई से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि जिन प्रतिभागियों का इंटरव्यू होना है उनकी संख्या मात्र 6 है, जो मुख्य कोच बनने की रेस में बने हुए हैं। इन सभी का इंटरव्यू एक दिन में ही हो जाएगा। कुछ कागजी काम अभी भी बचे हुए हैं, जिसे सीएसी को इंटरव्यू के पहले पूरा करने हैं। अब ये प्रक्रिया 15 अगस्त से पहले नहीं होगी। बता दें कि इससे पहले कोच पद के इंटरव्यू 13-14 तारीख तक होने की आशंका थी लेकिन अब इसके लिए 16 तारीख तय की गई है। माैजूदा समय में रवि शास्त्री टीम के कोच बने हुए हैं। हालांकि विश्व कप दाैरान उनका कार्यकाल समाप्त हो चुका था लेकिन विंडीज दाैरे को देखते हुए उनका कार्यकाल 45 दिन के लिए बढ़ा दिया गया। अब विंडीज दाैरे के समाप्त होती ही उनका शास्त्री का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। कोच पद के लिए इंटरव्यू दाैरान 6 दिग्गजों में जंग रहेगी। हालांकि शास्त्री के फिर से कोच बनने की उम्मीद है लेकिन उन्हें 5 अन्य दावेदारों से चुनाैती मिलेगी। इसमें टाॅम मूडी, लालचंद राजपूत, राॅबिन सिंह, माइक हेसन और फिल सिमंस। भारतीय टीम के मुख्य कोच का इंटरव्यू सीएसी लेगी। इसके सदस्य विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी शामिल है। सितंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले भारतीय टीम को उनका नया कोच मिल जाने की उम्मीद है।

 

08-08-2019
16 अगस्त से समर्थन मूल्य पर धान व मक्का विक्रय के लिए कृषकों का होगा पंजीयन 

मुंगेली। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु कृषकों का पंजीयन 16 अगस्त से 31 अक्टूबर तक किया जायेगा। इस संबंध में कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने समस्त राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों, अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला विपणन अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी को निर्देशित किया है कि वर्ष 2019-20 में पंजीकृत किसानों की जानकारी अद्यतन किया जायेगा। गत खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में पंजीकृत कृषकों का डेटा अद्यतन किये जाने का कार्य 16 अगस्त से 31 अक्टूबर 2019 तक किया जायेगा। धान खरीदी हेतु पंजीकृत किसानों को खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के लिए पंजीकृत माना जायेगा। गत खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में पंजीकृत कृषकों को किसान पंजीयन हेतु समिति में आने की आवश्यकता नहीं है। अतः खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में किसान पंजीयन हेतु गत वर्ष 2018-19 में पंजीकृत कृषकों का पंजीयन डाटा इस वर्ष कैरी फारवर्ड कर लिया जाये। किंतु यदि पूर्व में पंजीकृत किसान किसी कारण से पंजीयन में संशोधन करवाना चाहते हैं तो समिति माॅड्यूल के माध्यम से यह संशोधन करने की व्यवस्था प्रदान की जाएगी। खरीफ वर्ष 2018-19 में पंजीकृत किसानों की दर्ज भूमि एवं धान की रकबे की जानकारी की सूची समिति के साॅफ्टवेयर से प्रिंट कर समिति द्वारा संबंधित क्षेत्र के पटवारी को उपलब्ध कराया जाएगा। उक्त सूची में अंकित जानकारी का पटवारी द्वारा राजस्व रिकार्ड के आधार पर सत्यापन किया जाएगा। पटवारी द्वारा सत्यापन पश्चात सूची अद्यतन कर समिति को वापस उपलब्ध करायी जाएगी। समिति एवं पटवारी द्वारा सत्यापित अद्यतन सूची के आधार पर डाटा एंट्री की जाएगी। डाटा एंट्री के पश्चात अंतिम सूची समिति द्वारा पिं्रट किया जाएगा। अंतिम सूची संलग्न प्रारूप प्रपत्र-1 अनुसार होगा। प्रपत्र-1 में पटवारी डाटा एंट्री आपरेटर एवं समिति प्रबंधक द्वारा हस्ताक्षर किया जाएगा एवं इसे स्केन कर बैक इंड में कार्यालयीन उपयोग हेतु रखा जाएगा। कम्प्यूटर के माध्यम से रेण्डम आधार पर चयनित किसानों के प्रपत्र-1 में अंकित पंजीयन आंकड़ों की सत्यता की जांच की जायेगी। यदि पटवारी द्वारा सत्यापित रकबे और डाटा एंट्री आॅपरेटर के द्वारा आॅनलाईन एंट्री किये गये रकबे में भिन्नता होती है तो डाटा एंट्री आॅपरेटर तथा उसके कार्यो के सीधे पर्यवेक्षण हेतु जिम्मेदार सहकारी समिति के प्रबंधक तथा अध्यक्ष की जवाबदेही निर्धारित की जायेगी। यदि राजस्व रिकार्ड में दर्ज रकबे और पटवारी के द्वारा सत्यापित रकबे में भिन्नता होती है तो संबंधित पटवारी की तथा उसे कार्यो का पर्यवेक्षण करने वाले राजस्व अमलों की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।

नये किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया- गत खरीफ वर्ष 2018-19 में जिन किसानों ने पंजीयन नहीं कराया था किंतु इस वर्ष जो धान विक्रय करने के इच्छुक है, ऐसे नवीन किसानों का पंजीयन तहसील माॅड्यूल के माध्यम से तहसीलदार द्वारा किया जायेगा। नये पंजीयन हेतु किसान द्वारा समिति से आवेदन प्राप्त कर (संलग्न प्रारूप-2) उसे भरकर आवश्यक दस्तावेज के साथ तहसील कार्यालय में जमा करना होगा। आवेदन में उल्लेखित भूमि एवं धान के रकबे का पटवारी द्वारा राजस्व रिकार्ड के आधार पर सत्यापन किया जायेगा। तहसीलदार के द्वारा सभी साक्ष्य देखने एवं परीक्षण करने के बाद नवीन किसान का सत्यापन किया जायेगा। तहसीलदार के द्वारा सभी साक्ष्य देखने एवं परीक्षण करने के बाद नवीन किसान का पंजीयन किया जायेगा। नवीन पंजीकृत किसानों की सूची प्रपत्र-1 में प्रिंट की जाकर इसमें पटवारी एवं डाटा एंट्री आॅपरेटर द्वारा हस्ताक्षर कर उसे स्केन कर बैक इंड में कार्यालयीन उपयोग हेतु रखा जायेगा। वर्ष 2019-20 में नवीन कृषक पंजीयन एवं वर्ष 2018-19 के पंजीकृत कृषकों के रकबे में संशोधन के दौरान ध्यान रखा जायें। जिले के उद्यानिकी तथा धान से पृथक अन्य फसलें (गन्ना, सोयाबीन, मक्का, सब्जियां आदि) के रकबों को किसी भी परिस्थिति में धान के रकबे के रूप में पंजीयन नहीं किया जायेगा। विधिक व्यक्तियों यथा ट्रस्ट/मण्डल/प्रा.लि. कंपनी/शाला विकास समिति/केंद्र एवं राज्य शासन के संस्थान/महाविद्यालय आदि संस्थाओं द्वारा संस्था की भूमि को धान बोने के प्रयेाजन हेतु यदि अन्य कृषकों को लीज अथवा अन्य माध्यम से प्रदाय किया गया है तो संस्था की कुल धारित भूमि के अधीन, वास्तविक खेती करने वाले टेनेंट फार्मर्स/लीज का पंजीयन किया जाये एवं समर्थन मूल्य की राशि इन कृषकों के खाते में भुगतान किया जाये। संस्था की ऋण पुस्तिका/बी-1 आदि सुसंगत राजस्व अभिलेख समिति द्वारा प्राप्त किया जाये। संस्था के अधिकृत व्यक्ति (यथा ट्रस्टी) द्वारा समिति को लिखित में सूचना दी जायेगी कि संस्था की भूमि पर किन कृषकों द्वारा धान की खेती की जायेगी। इस जानकारी के आधार पर संबंधित कृषकों की सहमति से पूर्ण विवरण सहित पंजीयन किया जायेगा एवं एमएसपी का भुगतान इन कृषकों के खातों में किया जायेगा। इस प्रकार संस्थाओं की भूमि पर वास्तविक खेती करने वालों को समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा। यही व्यवस्था संयुक्त देयता समूहों/रेघा/अधिया कृषकों के द्वारा धान विक्रय हेतु अपनाई जाए। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन में कृषि भूमि सिलिंग कानून के प्रावधानों का ध्यान रखा जाए। धान विक्रय से पूर्व पंजीकृत कृषक की मृत्यु हो जाने पर तहसीलदार के द्वारा परिवार के नामांकित व्यक्ति के नाम से धान खरीदी की जा सकेगी। सभी कृषकों के आधार नंबर उनकी सहमति से प्राप्त किया जायेगा। यदि किसी कृषक के पास आधार नंबर नहीं हो तो जिला कलेक्टर के द्वारा ऐसे कृषकों का आधार पंजीयन सुनिश्चित करते हुए आधार नंबर सहित पंजीयन कराया जायेगा। किंतु आधार नंबर नहीं होने पर किसी कृषक का पंजीयन नहीं रोका जायेगा। प्राप्त आधार नंबरों की गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी। समस्त धान बीज उत्पादक कृषकों का बीज निगम के साथ-साथ समिति में भी गत वर्ष अनुसार पंजीयन, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी एवं फेल धान बीज की खरीदी शासन द्वारा निर्धारित अवधि तक की जा सकती है।

 

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