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22-10-2019
चित्रकोट विधानसभा में नहीं होगा पुनर्मतदान, मतगणना 24 अक्टूबर को

रायपुर। चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र में उप निर्वाचन के अंतर्गत  21 अक्टूबर को मतदान के पश्चात मतदान का अंतिम प्रतिशत 78.12 प्रतिवेदित हो गया है। इस उप निर्वाचन के अंतर्गत हुए मतदान के पश्चात कहीं पर भी पुनर्मतदान की स्थिति निर्मित नहीं हुई है। भारत निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य के चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र में उप निर्वाचन के अंतर्गत मतदान का कार्य सफलतापूर्वक, शांतिपूर्वक और निष्पक्ष ढंग से संपादित करा लिया गया है। इस दौरान कहीं पर कोई भी अप्रिय घटना की स्थिति भी निर्मित नहीं हुई। सफलतापूर्वक ढंग से संपादित हुए मतदान के पश्चात ईवीएम मशीनों को जगदलपुर के धरमपुरा स्थित शासकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज के स्ट्रांग रूम में सील कर दिया गया है । मतगणना कार्य 24 अक्टूबर को होगा। मतगणना करने के लिए आवश्यक तैयारियां और प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।

 

03-09-2019
चंद्रयान-2 की पहली डी-ऑर्बिटिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक हुई पूरी

बेंगलुरु। चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर के सफलतापूर्वक ऑर्बिटर से अलग होने के एक दिन बाद मंगलवार को चंद्रयान-2 की पहली डी-ऑर्बिटिंग की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई। 
पहली डी-ऑर्बिटिंग की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद चंद्रयान-2 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने की यात्रा में एक और बाधा पार कर ली है और इसी के साथ यह अपने लक्ष्य के और करीब पहुंच गया है। 
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बताया कि योजनानुसार मंगलवार सुबह चंद्रयान-2 की पहली डी-ऑर्बिटिंग की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई। इस प्रक्रिया में चार सेंकड का समय लगा और वर्तमान में चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में परिक्रमा करता रहेगा। चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर और लैंडर दोनों सही तरह से और सही दिशा में कार्य कर रहे हैं। चंद्रयान-2 की डी-ऑर्बिटिंग की अगली प्रक्रिया कल सुबह साढ़े तीन और साढ़े चार बजे के बीच पूरी होगी। 

06-08-2019
चंद्रयान-2 पहुंचा चंद्रमा के पास, पांचवी बार पृथ्वी की कक्षा सफलतापूर्वक बदली

नई दिल्ली। चंद्रयान-2 ने मंगलवार को दोपहर बाद पृथ्वी की कक्षा पांचवी बार सफलतापूर्वक बदली। इसके साथ ही अब यह चंद्रमा के और पास पहुंच गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने ट्वीट करके कहा,“आज चंद्रयान-2 ने पांचवीं बार पृथ्वी की कक्षा बदली। चंद्रयान-2 ने मंगलवार को अपराह्न तीन बजकर चार मिनट पर पांचवीं बार सफलतापूर्व कक्षा बदली। उन्होंने कहा कि चंद्रयान सभी मापदंड़ों पर सही ढ़ंग से काम कर रहा है। इससे पहले 24 जुलाई को अपराह्न 2.52 बजे पहली बार चंदयान ने कक्षा बदली थी। इसके बाद 26 जुलाई को दूसरी बार,29 जुलाई को तीसरी बार और दो अगस्त को चौथी बार चंद्रयान ने पृथ्वी की कक्षा बदली थी। चंद्रयान-2 का 22 जुलाई को दोपहर 2.43 बजे श्रीहरिकोटा (आंध्रप्रदेश) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण हुआ था, जिसके 16 मिनट बाद ही यान सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में पहुंच गया था। चंद्रयान-2 में ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) शामिल हैं, जो 48 दिन में तीन लाख 844 किमी की यात्रा पूरी करके चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा। स्वदेशी तकनीक से निर्मित चंद्रयान-2 में कुल 13 पेलोड हैं। आठ ऑर्बिटर में, तीन पेलोड लैंडर ‘विक्रम’ और दो पेलोड रोवर ‘प्रज्ञान’ में हैं। पांच पेलोड भारत के, तीन यूरोप, दो अमेरिका और एक बुल्गारिया के हैं। चंद्रयान-2 के 20 सितंबर को चांद की सतह पर उतरने की संभावना है और चांद की कक्षा में पहुंचने के बाद ऑर्बिटर एक साल तक काम करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य पृथ्वी और लैंडर के बीच संपर्क स्थापित करना है।

 

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