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18-10-2020
Video: डोंगरगढ़ में इस बार नहीं लगेगा मेला, ट्रेनों का स्टापेज भी बंद

राजनांदगांव। नवरात्रि पर डोंगरगढ़ में मेला नहीं लगेगा। ट्रेनों के स्टापेज पर रोक लगा दी गई है। माँ बम्लेश्वरी माई के दरबार में हर साल नवरात्रि पर बड़े पैमाने पर मेला लगता ​है। लेकिन इस बार कोरोना संकट काल के कारण रोक लगा दी गई हैं। इस बार नवरात्रि के दौरान डोंगरगढ़ में ट्रेनों का विशेष स्टापेज नहीं होगा। दर्शनार्थियों को बम्लेश्वरी मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। वहीं डोंगरगढ़ के लिए बिलासपुर से चलने वाली स्पेशल ट्रेनें भी नहीं चलेंगी।

कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बिलासपुर, रायपुर, जांजगीर चांपा, कोरबा और रागयढ़ के कलेक्टरों को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि कोविड-19 के कारण मंदिर में मेला और बड़े पैमाने पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इसे रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कुछ कड़े फैसले किए हैं। इसे अमल में लाने के लिए अन्य जिलों के अधिकारियों से सहयोग की अपील की गई है। बता दें कि हर साल नवरात्रि में रेल और अन्य माध्यमों से दर्शनार्थी मां बम्लेश्वरी का दर्शन करने डोंगरगढ़ पहुंचते हैं। इनकी संख्या लाखों में होती है। इस बार कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कलेक्टर ने सरकारी निर्देशों का हवाला देते हुए इस बार सारी गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही है।

25-09-2020
डोंगरगढ़ में इस नवरात्रि नहीं लगेगा मेला,मंदिर में भी दर्शनार्थी नहीं कर पाएंगे प्रवेश

रायपुर/राजनांदगांव। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण नवरात्र पर्व पर डोंगरगढ़ में इस बार मेला नहीं लगेगा। मंदिर दर्शन के लिए लगे रोपवे भी इस बार बंद रहेंगे। राजनांदगांव जिला कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण के साथ जनप्रतिनिधियों, मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और अफसरों की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। मां बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शनार्थियों के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। प्रतिबंध के दौरान केवल पंडित-पुजारियों और ट्रस्ट के पदाधिकारियों को ही मंदिर में जाने की अनुमति होगी। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर मंदिर में केवल पूजा पाठ की इजाजत होगी।

18-03-2020
कोरोना वायरस से सतर्कता, मां बम्लेश्वरी के दरबार में प्रवेश पर लगी रोक

रायपुर। देश में कोरोना वायरस के लगातार मामले समाने आ रहे है। इसके कारण देश के कई अलग-अलग राज्यों में नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए डोंगरगढ़ में दर्शनार्थियों के मंदिर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। इससे पहले माँ बम्लेश्वरी मंदिर में इस चैत्र नवरात्रि को मेला नहीं लगने का आदेश जारी हुआ था। जिला प्रशासन के आदेश के बाद कोरोना के असर के कारण चैत्र नवरात्र में मां बम्लेश्वरी मंदिर के दर्शन पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के मद्देनजर प्रशासन ने आदेश जारी किया है।

चैत्र नवरात्र के पहले दिन यानी 25 मार्च से 2 अप्रैल तक दौरान मंदिर में भक्तों के प्रवेश पूर तरह से बंद रहेंगे। बता दें कि इसस पहले प्रशासन में डोंगरगढ़ में मेला नहीं लगाने का आदेश जारी किया था, वहीं अब मंदिर दर्शनार्थियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। केवल मंदिर के पुजारी ही पूजा पाठ कर सकेंगे। दर्शनार्थियों को मंदिर जाने की अनुमति नहीं। जिला प्रशासन के आदेश के बाद मेले को स्थगित कर दिया गया है। वहीं माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ में यात्रियों की सुविधा के लिए लगा रोपवे भी 17 मार्च से आगामी आदेश तक बंद रहेगा। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों में ही पूजा-पाठ करें। राजनांदगाव कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने आदेश जारी किया है।

11-11-2019
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी कार्तिक पूर्णिमा की बधाई

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार के दिन कार्तिक पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खुशहाली और अमन चैन की कामना की है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और भगवान शिव की आराधना करने की परम्परा है। इस दिन छत्तीसगढ़ में विभिन्न स्थानों में पवित्र नदियों और देवालयों के स्थान में मेला लगता है। राजधानी के रायपुरा स्थित खारून नदी के किनारे महादेव घाट पर दो दिवसीय मेला का आयोजन होता है, जहां पर प्रदेश भर के श्रद्धालु आकर स्नान करते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं और मेला का आनंद उठाते हैें। 

05-08-2019
बारसूर के नागफनी मंदिर में लगा वार्षिक मेला 

दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के बारसूर में नागफनी मंदिर में आज वार्षिक मेला हुआ जिसमें यहां के सभी निवासियों ने हिस्सा  लिया।  बता दें कि वर्तमान बारसूर में गंगवंश के पतन के बाद दक्षिण के नागवंशराजाओं का राज्य था। इस राज्य को विजय हासिलकर अपने अधिपत्य में लेकर दक्षिण के राजाओं ने कई मूर्तियों एवं मंदिरों का निर्माण भी करवाया जिसके साक्ष्य आज भी बाल सूर्य राज्य बस्तर में देखने को मिलते हैं। नागवंशी राजाओं के द्वारा निर्मित यह प्राचीन लघु मंदिर आज भी अस्तित्व में है। जनश्रुति के अनुसार नागवंशी राजाओं एवं उनकी धर्मपत्नियां इस नाग मंदिर में अवसर विशेष में पूजा-अर्चना करती थीं। राज्य विस्तार समर के लिए जब नागवंशी राजा निकलते थे तब इस नागमंदिर में आरती पूजा करते थे।

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