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02-03-2020
भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री को लिखा खत, आयकर कार्रवाई को बताया संघीय ढांचे पर चोट, हस्तक्षेप की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जारी आयकर कार्रवाई पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। इसके पूर्व कार्रवाई के विरोध में भूपेश बघेल ने दिल्ली में सोनिया गांधी से भी मुलाकात की थी। सोमवार को भूपेश बघेल ने पीएम मोदी को खत लिखा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लिखा कि हमारे पूर्वजों ने संविधान में संघीय ढांचे का प्रावधान बहुत सोच समझकर किया था। आपने मुख्यमंत्री रहते हुए इसका बार—बार जिक्र भी किया है। कुछ केंद्रीय एजेंसियों द्वारा छत्तीसगढ़ में संघीय ढांचे के प्रावधानों को चोट पहुंचाने वाली कार्रवाइयां हुई हैं। विनम्रता पूर्वक आपके संज्ञान में लाते हुए आपसे हस्तक्षेप की अपेक्षा है।

 

 

05-08-2019
माकपा ने लगाया आरोप :  लोकतंत्र और संघीय ढांचे की हत्या की मोदी सरकार ने

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से जुड़े संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने के मोदी सरकार के फैसले को वामदलों ने जनविरोधी बताता है। माकपा ने कहा कि सरकार के इस कदम से लोकतंत्र और संघीय ढांचे की हत्या हुई है। माकपा पोलित ब्यूरो द्वारा सोमवार को जारी बयान के अनुसार मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 खत्म कर लोकतंत्र और संविधान पर कुठाराघात किया है। पार्टी ने कहा कि कश्मीर के लोगों ने इस विश्वास के साथ खुद को भारत के साथ हमेशा एकजुट रखा कि उनके राज्य को मिली स्वायत्तता और विशेष राज्य का दर्जा बरकरार रहेगा। पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार ने इस विश्वास को तोड़कर जम्मू कश्मीर की जनता के साथ विश्वासघात किया है। पोलित ब्यूरो ने सरकार के इस फैसले को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताते हुए कहा कि यह महज जम्मू कश्मीर को ही प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि यह लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और स्वयं संविधान पर हमला है। भाकपा के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की जनता शुरू से ही सभी प्रकार की विषम परिस्थितियों के बावजूद भारत के साथ एकजुटता से खड़ी रही। जम्मू-कश्मीर का इस प्रकार से बंटवारा करना वहां की जनता पर जालिमाना हमला है। अनजान ने कहा कि जरूरत इस बात की थी कि इतना बड़ा फैसला करने से पहले उपयुक्त माहौल बनाया जाता। इससे यह संदेश गया है कि मोदी सरकार देश के अन्य राज्यों को भी कश्मीर की तर्ज पर कभी भी बांट सकती है। देश की एकता और अखंडता के लिये यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण दिन है।  

 

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