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30-06-2020
रायपुर के कई इलाके हुए कंटेनमेंट जोन से मुक्त, नहीं मिले नए कोरोना केस 

रायपुर। नए कोरोना मरीज की पहचान होने पर जिला प्रशासन की ओर से कंटेनमेंट जोन की घोषणा की जा रही है। इसी क्रम में रायपुर जिले के कई इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया था। उक्त क्षेत्रों में नए कोरोना केस नहीं मिलने से अब कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है। जिला प्रशासन के मुताबिक नगर पालिक निगम रायपुर अंतर्गत तिरूपति इनक्लाइव, कंचन विहार थाना आमानाका, कैपिटल पैलेस के सामने अवंति विहार थाना खम्हारडीह, डंगनिया, खदानबस्ती थाना डीडी नगर और संजय नगर थाना टिकरापारा को कोरोना पॉजीटिव केस मिलने के बाद कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया था।  इसी तरह नगर पालिक निगम बिरगांव अंतर्गत वार्ड क्रमांक -35, दुर्गा नगर थाना उरला और तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत केसला थाना खरोरा क्षेत्र को कंटेनटमेंट जोन घोषित किया गया था। इन सभी क्षेत्रों में सोमवार की स्थिति में नया कोरोना मरीज नहीं मिला है। इसलिए जिला प्रशासन ने भारत सरकार और आईसीएमआर की ओर से जारी की गई गाइडलाइन अनुसार उक्त क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन से मुक्त किया है।

29-06-2020
जम्मू-कश्मीर : आतंकियों से मुक्त हुआ डोडा जिला, अनंतनाग में तीन आतंकी ढेर

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की शामत आ चुकी है। त्राल के बाद डोडा डिस्ट्रिक्ट को सुरक्षाबलों ने आतंकियों से मुक्त कर दिया है। कश्मीर में आतंक का गढ़ माने जाने वाले त्राल सेक्टर के बाद अब भारतीय सुरक्षाबलों को डोडा जिले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। सोमवार को सुरक्षाबलों ने अनंतनाग जिले के खुलचोहर में सोमवार तड़के हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकियों को ढेर कर दिया, जिसमें एक कमांडर भी शामिल है। सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में इन आतंकवादियों को मार गिराया गया है। मारे गए आतंकवादियों के पास से एक एके राइफल और दो पिस्तौल बरामद हुई है। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने कहा कि हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) के कमांडर मसूद को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है, जिसके बाद से डोडा पूरी तरह से 'आतंकवादी मुक्त' जिला बन गया है

सिंह ने कहा ने कहा कि स्थानीय आरआर यूनिट के साथ पुलिस ने अनंतनाग के खुलचोहर क्षेत्र में आज के ऑपरेशन को अंजाम दिया। इसमें एक जिला कमांडर और एक एचएम कमांडर मसूद सहित 2 लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों को ढेर कर दिया और जम्मू का डोडा जिला पूरी तरह से एक बार फिर से आतंकवाद मुक्त हो गया। डीजीपी ने कहा कि डोडा जिले का रहने वाला मसूद बलात्कार के मामले में आरोपी था और वह तब से फरार चल रहा था। वह बाद में हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया था और ऑपरेशन के क्षेत्र को कश्मीर में स्थानांतरित कर दिया था। 

इससे पहले त्राल को किया था आतंक मुक्त :

जम्मू-कश्मीर के त्राल क्षेत्र से सुरक्षाबलों ने 26 जून को एक ऑपरेशन में हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आंतवादियों को ढेर कर दिया था। कश्मीर पुलिस के आईजीपी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि त्राल क्षेत्र से हिजबुल मुजाहिदीन के आंतवादियों का खात्मा हो गया और 1989 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है।

17-06-2020
सरगुजा संभाग कोरोना महामारी से मुक्त, मरीज स्वास्थ्य लाभ लेकर लौटे घर

अंबिकापुर। एक और जहां छत्तीसगढ़ में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं दूसरी ओर सरगुजा जिले में कोरोना महामारी से 1 माह के अंतराल में मुक्ति पा ली है। सरगुजा में अब एक भी करोना पॉजिटिव मरीज नहीं है। जिले के उदयपुर ब्लॉक का बचा मरीज भी आज डिस्चार्ज हो गया। कोविड अस्पताल अंबिकापुर से बुधवार को कुल 6 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। इनमें कोरिया जिले से 3, जशपुर, बलरामपुर व सरगुजा जिले से 1-1 मरीज हैं। ज्ञात हो कि सरगुजा जिले में 17 मई को पहले कोरोना पॉजिटिव मरीज की पुष्टि हुई थी। अहमदाबाद से लौटी महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। उसके पश्चात अंबिकापुर शहर से 7 मरीजों को मिलाकर कुल जिले में 24 पॉजिटिव मरीज पाए गए थे। 17 जून को पूरे एक महीने बाद सरगुजा कोरोना मुक्त हो गया। उदयपुर ब्लॉक से बचा एकमात्र कोरोना पॉजिटिव मरीज भी आज डिस्चार्ज हो गया।कोविड अस्पताल अंबिकापुर में सरगुजा संभाग के सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया व जशपुर जिले के करीब 150 मरीज भर्ती हुए थे। इसमें से 70 प्रतिशत मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। बुधवार को स्वस्थ हुए मरीजों में कोरिया जिले से 3, सरगुजा, बलरामपुर व जशपुर से 1-1 मरीज शामिल हैं।

 

11-06-2020
एमपीएम अस्पताल कंटेनमेंट से हुआ मुक्त, ओपीडी समेत अन्य सुविधाएं हुई बहाल 

रायपुर/जगदलपुर। शहर के रविद्रनाथ टैगोर वार्ड के नयामुण्डा निवासी युवती की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से जिला प्रशासन ने एमपीएम अस्पताल को कंटेनमेंट जोन घोषित कर इसे सील कर दिया था, और लगभग 10 दिनों तक ओपीडी की सारी सुविधा को भी बंद कर दिया गया था। एमपीएम अस्पताल को कलेक्टर के आदेश के बाद पहले की तरह सभी इलाज के लिए बहाल कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब एमपीएम अस्पताल में इलाज के लिए पहुचंने वाले मरीजों को ओपीडी की भी सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल प्रबंधक फादर थामस वादा कुमकरा, डॉ अभिनव पाठक ने कलेक्टर से मुलाकात कर अस्पताल के मापदंडों की जानकारी दी जिसके बाद बस्तर कलेक्टर ने अस्पताल खोलने की हरी झंडी दिखाई, कलेक्टर के आदेश के बाद एक बार फिर से आम लोगों के लिए एमपीएम अस्पताल को इलाज के लिए खोल दिया गया है और अब लोगों को यहां पर ओपीडी की भी सुविधा मिल सकेगी। अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए बस्तर कलेक्टर रजत बंसल को धन्यवाद दिया है।

06-06-2020
खपरी व भानपुरी को बफर जोन से किया गया मुक्त

धमतरी। जिला के ग्राम पंचायत खपरी एवं भानपुरी को बफर जोन मुक्त किया गया है। ज्ञात हो कि जिले में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से ग्राम पंचायत खपरी एवं भानपुरी को बफर जोन घोषित किया गया था,जिसे कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य द्वारा आदेश जारी कर मुक्त किया गया है। नए आदेश के अनुसार क्षेत्र में संपूर्ण गतिविधि सामान्य रूप से जारी रहेगी किंतु पूर्व में आदेश के तहत सीआरपीसी 1973 के तहत धारा 144 लागू रहेगी। ज्ञात हो कि दोनों बफर जोन में स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर स्क्रीनिंग की तथा संदिग्धों का सैम्पल लेकर जांच किया गया, दोनों गांव में कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिलने पर बफर जोन से मुक्त किया गया है।

 

26-04-2020
सिंगर कनिका कपूर ने तोड़ी चुप्पी, सोशल मीडिया में लिखी पोस्ट, कही यह बात...

मुंबई। सिंगर कनिका कपूर कोरोना वायरस से पूरी तरह से मुक्त हो चुकी हैं फिलहाल अब वो खतरे से बाहर हैं और अपने घर पर अपने परिवार वालों के बीच में हैं, उन पर लोगों ने लापरवाही और अपनी ट्रैवल हिस्ट्री को छुपाने के आरोप लगाए और उन पर केस भी दर्ज हुआ है। इस पूरे प्रकरण पर अब बॉलीवुड सिंगर ने चुप्पी तोड़ी है।इस बारे में कनिका कपूर ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखी है, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर उठे सभी सवालों को जवाब दिया है, कनिका ने इंस्टाग्राम पर लिखा है कि मुझे पता है कि मेरे बारे में कई कहानियां घूम रही हैं, कुछ कहानियों में तो जानबूझकर आग लगाई गई, क्योंकि मैंने चुप रहना सही समझा था, मैं इसलिए चुप नहीं थी क्योंकि मैं गलत थी बल्कि इसलिए चुप थी कि मैं इस बात को जानती थी कि लोगों को गलतफहमी हो गई है और गलत जानकारी दी गई है, मैंने इस बात को समय दिया की सच खुद ब खुद सामने आएगा और लोगों को खुद सच पता चल जाएगा।कनिका ने आगे लिखा है कि मैं अपने परिवार, दोस्तों का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुझे इतनी स्पेस दी कि मैं खुद अपनी इच्छा के मुताबिक लोगों को पूरी सच्चाई बता सकूं, मैं यूके से लेकर मुंबई और लखनऊ तक जिन भी लोगों से मिली थी, उन में कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे, वो सब कोरोना नेगेटिव भी पाए गए थे, कनिका ने पोस्ट में इस बात का भी जिक्र किया कि उनकी एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की गई थी।

कनिका ने लिखा-मैंने किसी से कुछ नहीं छुपाया बता दें कि कनिका पर ऐसे आरोप लगे थे कि उन्होंने कोरोना के बीच एयरपोर्ट पर अपनी स्क्रीनिंग नहीं करवाई थी, वो वहां से भाग निकली थीं, कनिका ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि वो 10 मार्च को यूके से मुंबई आई थीं, तब इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनकी स्क्रीनिंग की गई थी, लेकिन तब तक ऐसी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की गई थी कि बाहर से आने वाले को खुद को क्वारंटीन करना है। मैं 11 मार्च को लखनऊ आई, वहां पर भी कोई स्क्रीनिंग नहीं की गई थी, फिर मैंने 14-15 मार्च को लंच भी अटेंड किया था, लेकिन मैंने अपनी ओर से कोई पार्टी आयोजित नहीं की थी। मैं इस वक्त अपने मां-पापा के साथ हूं, मैं उम्मीद करती हूं कि अब इस मैटर को लोग सच्चाई और संवेदनशीलता के साथ डील करें, किस पर भी कोई चीज थोपेंगे नहीं। मालूम हो कि 20 मार्च को कनिका ने इंस्टाग्राम पर उन्होंने खुद के कोरोना पॉजिटिव होने की बात सार्वजनिक की थी। इसके बाद उन पर खुद के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर छिपाने और लापरवाही बरतने के आरोप लगने लगे थे। कोरोना वायरस से संक्रमित होने और शहर में खुद को आइसोलेट करने के अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देश के बावजूद शहर में विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने और लापरवाही बरतने के आरोप में कनिका के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

 

25-04-2020
कोरोना सहित मलेरिया मुक्त अभियान लेकर पहुंच विहीन क्षेत्र में पहुंच रहे स्वास्थ्य संयोजक

कांकेर। अंतागढ़ विकासखंड के पहुंचविहींन गांव गरदा, जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर है। यह गांव चर्रे मर्रे नदी के उस पार होने के कारण बारिश के दिनों में यहां पहुंच पाना नामुमकिन है। यह गांव उच्च मलेरिया जोखिम क्षेत्रों में गिना जाता है। उप स्वास्थ्य केन्द्र बड़े जपोड़ी के दायरे में आने वाले गांव के स्वास्थ्य संयोजक टोमनलाल साहू बताते हैं कि 8 किमी पगडंडियों के सहारे पैदल यात्रा कर गांव पहुंचते हैं। वर्तमान में मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान अन्तर्गत घर घर सर्वेक्षण कर बुखार ग्रसित लोगों की खून जांच कर उनका तुरंत उपचार किया जा रहा है। सबसे बड़ी चुनौती एक से दूसरे घर के बीच का फासला 50 मीटर है। अभी तक 32 घरों के 171 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच की गई, 20 व्यक्ति बुखार पीड़ित मिले,जिनका प्राथमिक उपचार कर स्वास्थ्य परामर्श दिया गया।ग्राम पंच राजाराम नाग का कहना है कि कोविड 19 के लिए स्वास्थ्य विभाग के पूरा गांव सतर्क एवं सावधान है। मजदूरी के लिए अन्य राज्यों में गये लोग गांव नहीं लौटे हैं। ग्राम की सीमा सील कर दी गई है। लॉक डाउन का शत-प्रतिशत पालन किया जा रहा है। मितानिन प्रशिक्षक सियाबाई स्थानीय स्वास्थ्य संयोजिका रीना सोरी के साथ महिला बच्चों व बुजुर्गों को कोरोना से बचाव के तरीका बता रहीं है।

16-01-2020
सभी कराए मलेरिया का परीक्षण : पोषण लाल चंद्राकर

बीजापुर। बीजापुर को मलेरिया मुक्त बनाए जाने के लिए जिले में जारी अभियान की कड़ी में स्वास्थ विभाग की टीम गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय पहुंची। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी पोषण लाल चंद्राकर ने स्वयं का मलेरिया परीक्षण कराकर सभी कर्मचारियों को प्रेरित किया। सीईओ ने अपने अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारियों को जानकारी देते हुए कहा कि 15 जनवरी से 14 फरवरी तक मलेरिया माॅस स्क्रीनिंग कार्यक्रम चलाया जा रहा है। मलेरिया मुक्त बीजापुर बनाने के लिए यह आवश्यक है कि जिले के प्रत्येक व्यक्ति को मलेरिया परीक्षण कराना आवश्यक है। इसलिए प्राथमिकता के साथ सभी अधिकारी कर्मचारी अभिायान में अपनी सहभागिता निभाए और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। स्वास्थ अमलों की तरफ से सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मलेरिया परीक्षण संपन्न होने के बाद  परिसर में साफ-सफाई व गंदे जलभराव का निरीक्षण करना है।

 

08-01-2020
जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग, ग्रामीणों ने दी चुनाव बहिष्कार करने की धमकी

कोरबा। रजगामार पंचायत के सरकारी जमीन को अगर अतिक्रमण से मुक्त नहीं कराया गया तो क्षेत्र के ग्रामीणों ने चुनाव का बहीष्कार करने की घोषणा कर दी है। पटवारी से मिलकर जमीन दलाल द्वारा ग्रामीणों की निस्तारी की जमीन को अवैध तरीके से बेचा जा रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी जब बात नहीं बनी तब वे कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया। ग्राम पंचायत रजगामार के ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान प्रशासन ने जल्द नहीं किया तो आने वाले समय में उनकी परेशानियां बढ़ सकती है। गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन को चुनाव बहीष्कार का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी निस्तारी की जमीन को बचाने प्रशासन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस जमीन के सहारे उनकी निस्तारी की समस्या का समाधान हो रहा है उस जमीन को एक जमीन दलाल पटवारी के साथ मिलकर कई टुकड़े कर बेच रहा है। 26 दिसंबर को इस संबंध में शिकायत की गई थी बावजूद इसके उनकी नहीं सुनी गई। यही वजह है,कि मंगलवार को एक बार फिर से ग्रामीणों की भीड़ कलेक्टर के पास पहुंची और जमीन को मुक्त कराने की मांग रखी गई । अगर उनकी जमीन को मुक्त नहीं कराया गया तो वे पंचायत चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। ग्रामीणों की चेतावनी से प्रशासन के अधिकारी सकते में आ गए है। ग्रामीणों की धमकी सुनकर मामले की जांच शुरु कर दी गई है।

13-08-2019
एनएसयूआई ने सड़कों को लावारिस मवेशियों से मुक्त कराने दिया ज्ञापन

रायगढ़। जिले  के शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर घूम रहे मवेशियों से आम नागरिकों को होने वाली समस्याओं को देखते हुए एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने निगम कमिश्नर को मंगलवार को  ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने शहर में सड़कों पर आवारा घूमते हुए पशुओं पर नियंत्रण लगाने के लिए निगम कमिश्नर से निवेदन किया। शहर के प्रमुख चौक चौराहों में ही नहीं वरन गली मोहल्लों में भी आवारा पशु नजर आते हैं। ऐसे में आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार इन मवेशियों के सड़क में बैठे होने की वजह से दुर्घटनाएं भी घटित होती हैं और लोगो को जान माल का नुकसान भी उठाना पड़ता है।

एनएसयूआई ने नगर निगम पहुंचकर निगमायुक्त से मुलाकात की और उन्हें इन समस्याओं से अवगत कराया। वहीं निगम आयुक्त ने बताया कि यह शहर के लिए अत्यंत गंभीर समस्या है। इसके लिए निगम कार्ययोजना बना रहा है। कलेक्टर से जमीन की मांग की गई है और आने वाले दिनों में शहर में दो जगहों पर इन मवेशियों को रखने की व्यवस्था की जाएगी। अभी निगम के द्वारा लगभग 40 गायों को गौशाला में शिफ्ट किया गया है। आगे भी जगह की व्यवस्था की जा रही है, जिसके लिए निजी गौशाला संचालको से संपर्क किया जा रहा है, ताकि ऐसी लावारिस गायों को आश्रय मिल सके। जब तक नगर निगम की गौशाला तैयार नहीं हो जाती इन गायों को निजी गौशाला में रखने की व्यवस्था नगर निगम द्वारा की जाएगी।

 

30-07-2019
शैक्षणिक संस्थानों में तंबाकू मुक्‍त करने के लिए होगी येलो लाइन जोन

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नई पीढ़ी में तम्बाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरुकता लाने के लिए शैक्षणिक संस्‍थानों सहित सार्वजनिक स्‍थानों को चिंन्‍हांकित कर येलो लाइन जोन अभियान शुरू किया है। स्‍कूल व कालेजों के आसपास लगभग 100 गज के दायरे में तंबाकू युक्‍त पान मसाला, बीडी, सिगरेट सहित अन्‍य नशीला पदार्थ बेचने पर सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पादन एक्ट के तहत कार्यवाही किया जाएगा। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कोटपा एक्‍ट-2003 को लेकर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने कार्रवाई के साथ ही जागरुकता अभियान शुरू कर दिया गया है।

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