GLIBS
02-08-2020
नई शिक्षा नीति में स्कूली बच्चों को सुबह पौष्टिक नाश्ता का प्रस्ताव, होगी छात्रों की नियमित स्वास्थ्य जांच

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मध्याह्न भोजन के साथ सरकारी या सहायता प्राप्त स्कूलों में बच्चों को नाश्ता मुहैया कराने का प्रावधान रखने का भी प्रस्ताव है। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई इस शिक्षा नीति में कहा गया है कि सुबह के समय पोषक नाश्ता मिलना ज्ञान-संबंधी असामान्य मेहनत वाले विषयों की पढ़ाई में लाभकर हो सकता है। इसी के मद्देनजर नई शिक्षा नीति में प्रस्ताव किया गया है कि मध्याह्न भोजन के दायरे का विस्तार कर उसमें नाश्ते का प्रावधान जोड़ा जाए। शिक्षा नीति में कहा गया, ‘जब बच्चे कुपोषित या अस्वस्थ होते हैं तो वे बेहतर रूप से सीखने में असमर्थ हो जाते हैं। इसलिए, बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य (मानसिक स्वास्थ्य सहित) पर ध्यान दिया जाएगा। पोषक भोजन और अच्छी तरह से प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ताओं, काउंसलर, और स्कूली शिक्षा प्रणाली में समुदाय की भागीदारी के साथ-साथ शिक्षा प्रणाली के अलावा विभिन्न सतत उपायों के माध्यम से कार्य किया जाएगा।’ इसमें कहा गया, ‘शोध बताते हैं कि सुबह के समय पोषक नाश्ता ज्ञान-संबंधी असामान्य मेहनत वाले विषयों की पढ़ाई में लाभकारी हो सकता है।

इसलिए बच्चों को मध्याह्न भोजन के अतिरिक्त साधारण लेकिन स्फूर्तिदायक नाश्ता देकर सुबह के समय का लाभ उठाया जा सकता है।’ जिन स्थानों पर गरम भोजन संभव नहीं है,उन स्थानों पर साधारण लेकिन पोषक भोजन मसलन मूंगफली या चना गुड़ और स्थानीय फलों के साथ उपलब्ध कराया जा सकता है।नई शिक्षा नीति में कहा गया है,‘सभी स्कूली छात्रों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जाए और उनका शत प्रतिशत टीकाकरण हो। इसकी निगरानी के लिए स्वास्थ्य कार्ड भी जारी किए जाएंगे।’ नई नीति में प्रस्ताव किया गया है कि पांच साल की उम्र के पहले सभी बच्चों को ‘प्रारंभिक कक्षा’ या ‘बालवाटिका’ को भेजा जाए। इसमें कहा गया है, ‘प्रारंभिक कक्षा में पढ़ाई मुख्य रूप से खेल आधारित शिक्षा पर आधारित होगी और इसके केंद्र में ज्ञान-संबंधी, भावात्मक और मनोप्ररेणा क्षमताओं के विकास को रखा गया है। मध्याह्न भोजन कार्यक्रम का विस्तार प्राथमिक स्कूलों की प्राक्-प्रवेश कक्षाओं में भी किया जाएगा।’ शिक्षा नीति के तहत पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई उनकी मातृ भाषा या क्षेत्रीय भाषा में होगी, बोर्ड परीक्षाओं के महत्व को इसमें कुछ कम किया गया है।

04-04-2020
कार्य में लापरवाही बरतने पर दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

धमतरी। नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जिले के सभी शैक्षणिक संस्थाओं को बंद किया गया है। शासन के निर्देश अनुसार मध्याह्न भोजन योजना का सूखा खाद्यान्न बच्चों के घर तक पहुंचाकर दिया जाना है, किन्तु आज सुबह 7.30 बजे स्थानीय मेनोनाईट हिन्दी स्कूल के प्रधानपाठक द्वारा बच्चों एवं पालकों को स्कूल में बुलाकर खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा था। इसकी वजह से अनावश्यक भीड़ की स्थिति वहां निर्मित हो गई। ड्यूटी पर उपस्थित पुलिस द्वारा वस्तुस्थिति की जानकारी दिए जाने पर तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उक्त स्कूल का निरीक्षण कर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी धमतरी डीआर गजेन्द्र के मोबाइल पर सम्पर्क किया गया, किन्तु निर्देश की अवहेलना करते हुए वे स्कूल में उपस्थित नहीं हुए। इसी तरह सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी संजीव कश्यप को मध्याह्न भोजन योजना के सूखे खाद्यान्न वितरण के समय निरीक्षण करने का दायित्व सौंपा गया था, किन्तु वे सुबह 10.15 बजे तक स्कूल में उपस्थित नहीं हुए। उच्चाधिकारी के निर्देशों की अवहेलना करने और छत्तीसगढ़ (सिविल सेवा) आचरण नियम 1965 के विपरीत कार्य कर पदीय दायित्वों के निर्वहन करने में लापरवाही बरतने की वजह से जिला शिक्षा अधिकारी ने उक्त दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

02-04-2020
मध्याह्न भोजन के राशन का बच्चों के घर में होगा वितरण

दुर्ग। लॉक डाउन अवधि के दौरान मध्याह्न भोजन की व्यवस्था के लिए राशन बच्चों के घरों में वितरित किया जाएगा। कलेक्टर अंकित आनंद ने यह कार्य शीघ्रता शीघ्र पूरा कर लेने के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए है। साथ ही उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को हितग्राहियों को जिनमें बच्चे तथा गर्भवती एवं शिशुवती माताएं शामिल है। उन्हें सूखा राशन प्रदान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि लॉक डाउन की अवधि के दौरान का राशन उन्हें उपलब्ध करा दिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि यह सारा कार्य दोपहर 3 बजे की अवधि के भीतर हो। उल्लेखनीय है कि सुपोषण अभियान सुपोषण अभियान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके अंतर्गत बच्चों को कुपोषण के दायरे से बाहर लाने के लिए कार्य किया जा रहा है। लॉक डाउन की अवधि के दौरान यह कार्य किसी तरह से बाधित ना हो इसके लिए विभाग द्वारा यह पहल की जा रही है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग एवं निगम के अधिकारियों से आइसोलेटेड किए हुए नागरिकों की सतत मानीटरिंग के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि यदि इन्हें भोजन आदि जुटाने में किसी तरह की दिक्कत होती है तो इसके लिए वालंटियर के माध्यम से भोजन भेजा जाए। बैठक में नगर निगम भिलाई कमिश्नर  ऋतुराज रघुवंशी, जिला पंचायत सीईओ कुंदन कुमार,अपर कलेक्टर गजेंद्र ठाकुर, बीबी पंचभाई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

17-01-2020
मध्याह्न भोजन में अंडा नहीं मिलने पर महिलाओं ने खोला मोर्चा, शिकायत लेकर पहुंची जिला मुख्यालय

कांकेर। नरहरपुर ब्लॉक के स्कूलों में स्कूली बच्चों को शासन द्वारा चलाये जा रहे योजना में मध्याह्न भोजन में अंडा नहीं मिलने की शिकायत लेकर ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुँचे थे। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि सरकार द्वारा सभी स्कूलों में अंडा दिये जाने की योजना आंरभ की है। जिसके तहत सभी स्कूलों में अंडा दिया जाना है, लेकिन नरहरपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में स्कूली बच्चों को अंडा नहीं दिया जा रहा है। जब ग्रामीणों को इस बात की जानकारी लगी तो ग्रामीण स्कूल पहुंच शिक्षकों से जानकारी लेने पर शिक्षकों ने लिखित आदेश नहीं मिलने, अंडा शाकाहारी होने, व्हाट्एसएप में आदेश आने, फंड की कमी सहित अनेक बहाने बना रहे है। अधिकारी से शिकायत करने पर अधिकारी द्वारा किसी प्रकार का जवाब नहीं दिया जाना शिक्षकों द्वारा बताया जाता है। जिसे लेकर मोर्चा खोलते हुए ब्लॉक के बहुत से गांव की महिलाओं ने एक जुट होकर कलेक्टर से शिकायत की है। इस दौरान राधिका, शारदा, रमशीला, चितेश्वरी, रोहिणी, सरिता, चन्द्ररेखा, सुनिता मरकाम, सरस्वती कश्यप समेत बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही। 

 

15-01-2020
विद्यार्थियों को वितरित की गई भोजन के लिए थालियां  

रायगढ़। लायंस क्लब रायगढ़ मिडटाउन ने राजीव नगर शासकीय शाला में मध्याह्न भोजन के लिए पात्र वितरित किया। माध्यमिक शाला में साइंस क्विज़ का भी आयोजन किया गया। लायंस क्लब रायगढ़ मिड टाउन ने शिक्षा में मदद देने के प्रयासों में गति प्रदान करते हुए क़ोतरा रोड राजीव नगर स्थित प्राथमिक व माध्यमिक शाला में मध्याह्न भोजन ग्रहण करने के लिए विद्यार्थियों को थालियां वितरित की। माध्यमिक शाला के छात्र छात्राओं में विज्ञान विषय के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए साइंस क्विज़ का आयोजन भी लायंस क्लब रायगढ़ मिड टाउन के तत्वावधान में किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और अपने ज्ञान का प्रदर्शन कर पारितोषिक प्राप्त किया। कार्यक्रम को सफ़ल बनाने में लायंस क्लब से अध्यक्ष लायन सतपाल सिंह वाधवा,उपाध्यक्ष प्रथम ऋषि वर्मा, रीज़न सचिव लायन दयानन्द अवस्थी,उपाध्यक्ष तृतीय लायन आनंद बेरिवाल,सचिव लायन उमेश थवाईत,लायन विनोद अजंता का विशेष योगदान रहा।

 

27-11-2019
एनीमियामुक्त भारत अभियान : डाटा मैनेजर व डाटा एंट्री ऑपरेटरों को मिला प्रशिक्षण

रायपुर। एनिमिया मुक्त भारत के तहत रायपुर संभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला डाटा मैनेजर व डाटा एंट्री ऑपरेटरों का एक दिवसीय उन्न्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। राजधानी के कालीबाड़ी स्थित टीबी अस्पताल के हॉल में बुधवार को संभाग के सभी पांचों जिलों रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी के डाटा एंट्री ऑपरेटरों को प्रतिवेदन की रिपोर्टिंग और पोषण अभियान पोर्टल में ऑनलाइन डाटा एंट्री की जानकारी दी गई। सीएमएचओ डॉ  मीरा बघेल ने बताया कि एनीमिया के कारण होने वाले मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्युदर में बढ़ोत्तरी हो रही है। इसलिए एनीमिया से निजात दिलाने के लिए प्रदेश में एनीमिया मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में 4 से 9 माह की गर्भवती महिलाओं और शिशुवती माताओं को आयरन की खुराक दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के डॉ एडी माहपात्रा ने कहा कि एनीमिया हर आयु वर्ग को प्रभावित करता है। किशोर-किशोरियों में एनीमिया की वजह से किसी काम में मन का न लगना व सुस्ती आदि की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। प्रशिक्षण के दौरान अतुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि पोषण अभियान के तहत पोर्टल में सही डाटा एंट्री होने से कार्यक्रम में सकारात्मक लक्ष्य हासिल हो सकेगा। एनीमिया की दर में कमी लाने केन्द्र सरकार ने देशव्यापी पोषण अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत आईसीडीएस, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, पंचायती राज, शिक्षा विभाग सहित कई विभाग मिलकर मिलकर काम कर रहे हैं।  प्रशिक्षण में शिक्षा विभाग से स्कूलों में मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट को एंट्री करने वाले ऑपरेटर, स्वास्थ्य विभाग के जिला डाटा प्रबंधक व आईसीडीएस के पर्यवेक्षकों को साप्ताहिक रिपोर्टिंग प्रणाली की जानकारी दी गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने रजिस्टर में एंट्री करने के बाद कलस्टर, पर्यवेक्षक और सीडीपीओ के बाद बीएमओ को रिपोर्ट सौंपेंगे। बीएमओ से डीपीओ के माध्यम होते हुए रिपोर्ट सीएमएचओ को पहुंचेगी। इसी तरह स्कूलों से संकुल में रिपोर्ट को बीईओ दफ्तर में एकत्रित किया जाएगा। बीईओ अपनी रिपोर्ट बीएमओ को सीएमएचओ और डीईओ को भेजेंगे। सीएमएचओ जिले से अपनी रिपोर्ट को स्टेट नोडल अधिकारी को भेजेंगे। न्यूट्रेशन इंटरनेशल संस्था की ओर से प्रशिक्षण में डॉ. मिनाक्षी ने एनीमिया मुक्त अभियान के तहत विटामिन-ए एवं फोलिक एसिड के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के सभी 27 जिलों में 6 माह से 59 माह के बच्चों की संख्या 27 लाख है। वहीं 10 से 19 आयु वर्ग के किशोरियों की संख्या 11 लाख व किशोरों की संख्या 10 लाख है। प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की संख्या 8 लाख व शिशुवती महिलाएं 7 लाख हैं।

 

25-11-2019
स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने अधिकारियों की बैठक

रायगढ़। सृजन कक्ष में सोमवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ  संजय चन्दन त्रिपाठी, सहायक कलेक्टर संबित मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी मनिंन्द्र श्रीवास्तव व जिले के सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सीएसई व बीआरसी उपस्थित थे। बैठक का उद्देश्य जिले में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना था। सभी विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को जिले के समस्त शासकीय विद्यालयों में समय पर सिलेबस पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया। मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता व सभी सरकारी स्कूलों में मेनू के हिसाब से मध्याह्न भोजन दिया जाए इस बात का विशेष ध्यान रखने सभी को जिला पंचायत सीईओ ने निर्देशित किया। प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए प्रयासरत है। जिले में सरकारी स्कूल भवन की मरम्मत की भी आवश्यकता है। इसपर भी आज की बैठक में चर्चा की गई।

 

19-11-2019
 अध्यापन के दौरान शिक्षक मोबाइल का उपयोग बिल्कुल न करें : कलेक्टर

गरियाबंद। मंगलवार को दोपहर शिक्षा विभाग की बैठक में कलेक्टर श्याम धावड़े ने सभी शालाओं में शिक्षकों को समय पर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये हैं। बैठक में उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में तभी सुधार हो सकता है जब शिक्षक समय पर शाला आये और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी एसएल ओगरे, जिला मिशन समन्वयक श्याम चन्द्राकर सहित सभी बीईओ, बीआरसीसी, एमसीएसी मौजूद थे। धावड़े ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कहा कि जिले में बेहतर काम करने का अवसर है। शिक्षा विभाग टीम भावना के साथ कार्य करते हुए बेहतर परिणाम देेंं। उन्होंने कहा कि बच्चों की बौद्धिक और मानसिक स्तर में सुधार करना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। मिशनमोड में कार्य कर शिक्षा के स्तर को  बेहतर करना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक निर्धारित शाला समय सुबह 10 बजे से शाम 04 बजे तक अपनी उपस्थिति देना सुनिश्चित करें। जो शिक्षक बिना अनुमति के अवकाश में जाते है, उनका वेतन काटा जाये। ऐसे शिक्षकों पर अधिकारी निगरानी रखे और कार्यवाही भी करें। यह सुनिश्चित किया जाये कि अध्यापन के दौरान शिक्षक मोबाइल का उपयोग न करें।  धावड़े ने कहा कि सभी बीईओ और बीआरसी टीम बनाकर शालाओं का सतत् निरीक्षण करें तथा अधिकारी शालाओं में बीचबीच में स्वयं अध्यापन करें और बच्चों को प्रेरित करते रहे। ऐसे शिक्षकों को पुरस्कृत भी करें जो बच्चों को बेहतर और नवाचारी शिक्षा प्रदान कर रहे है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी एसएल ओगरे के मार्गदर्शन में बच्चों को दी जा रही मोटिवेशन क्लास की सराहना की। कलेक्टर ने बैठक के दौरान मध्याह्न भोजन गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित मीनू के आधार ही मध्यान्ह भोजन दिया जाये। उन्होंने अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान स्कूलों में मध्याह्न भोजन खाने के निर्देश दिये। साथ ही कहा कि मध्याह्न भोजन बच्चों के साथ बैठकर करें, जिससे भोजन की गुणवत्ता परखा जा सके।  धावड़े ने स्कूलों में पुराने और टूटे फर्नीचर को राइट ऑफ  करते हुए नये फर्नीचर खरीदने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

17-09-2019
मंत्री टेकाम कल एकलव्य विद्यालय में करेंगे मध्याह्न भोजन में ब्रेकफास्ट का शुभारंभ

बैकुंठपुर। विकासखण्ड खडग़वां के एकलव्य आवासीय आदर्श विद्यालय पोंड़ीडीह में 18 सितम्बर को दोपहर 12 बजे मध्याह्न भोजन योजनान्तर्गत सोया दूध एवं ब्रेकफास्ट का शुभारंभ प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भरतपुर-सोनहत विधायक गुलाब कमरो करेंगे। शुभारंभ समारोह में बैकुण्ठपुर विधायक अम्बिका सिंहदेव, मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती मरकाम, चिरमिरी नगरपालिक निगम महापौर के. डोमरू रेड्डी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सरोजनी कमरो, खडग़वां जनपद पंचायत अध्यक्ष हृदय सिंह एवं जनपद पंचायत उपाध्यक्ष अशोक जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। 

13-09-2019
मध्याह्न भोजन के लिए 1044 क्विंटल खाद्यान्न का आबंटन

धमतरी। मध्याह्न भोजन योजना के तहत् अक्टूबर महीने के लिए जिले के 1336 प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में कुल 1044 क्विंटल 70 किलोग्राम खाद्यान्न का आबंटन किया गया है। इनमें 884 प्राथमिक स्कूलों के लिए 524 क्विंटल 90 किलोग्राम और 452 माध्यमिक स्कूलों के लिए 519 क्विंटल 80 किलोग्राम चावल का आबंटन शामिल है। जिला शिक्षा अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक धमतरी विकासखण्ड के 343 स्कूलों के लिए 322 क्विंटल 70 किलोग्राम चावल आबंटित किया गया है। इनमें 205 प्राथमिक स्कूलों के लिए 146 क्विंटल 70 किलोग्राम और 138 माध्यमिक स्कूलों के लिए 176 क्विंटल चावल का आबंटन शामिल है। इसी तरह कुरूद विकासखण्ड के 302 स्कूलों के लिए 297 क्विंटल 80 किलोग्राम चावल आबंटित किया गया है। यहां के 184 प्राथमिक स्कूलों के लिए 156 क्विंटल 30 किलोग्राम तथा 118 माध्यमिक स्कूलों के लिए 141 क्विंटल 50 किलोग्राम चावल, मगरलोड विकासखण्ड के 224 स्कूलों के लिए 254 क्विंटल 90 किलोग्राम चावल का आबंटन किया गया है। यहां के 153 प्राथमिक स्कूलों में 131 क्विंटल 70 किलोग्राम और 71 माध्यमिक स्कूलों में 123 क्विंटल 20 किलोग्राम चावल का आबंटन किया गया है। इसी तरह नगरी विकासखण्ड के 467 स्कूलों में 169 क्विंटल 30 किलोग्राम चावल का आबंटन किया गया है। यहां के 342 प्राथमिक स्कूलों के लिए 90 क्विंटल 20 किलोग्राम और 125 माध्यमिक स्कूलों के लिए 79 क्विंटल 10 किलोग्राम चावल का आबंटन किया गया है।

12-09-2019
बच्चों को सप्ताह में दो दिन उबले अण्डे देने अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

बीजापुर। बीजापुर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में भारत सरकार द्वारा बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखण्ड में मध्याह्न भोजन योजनांन्तर्गत संचालित प्राथमिक एवं अपर प्राथमिक शालाओंं के बच्चों को मध्याह्न भोजन के अलावा सप्ताह में दो दिन उबले अण्डे देने का निर्णय लिया गया है। बीजापुर जिले के आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मध्याह्न भोजन के साथ बच्चों को पौष्टिक पदार्थ दिए जाने का निर्णय केन्द्र सरकार का है। बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक प्रभाव पड़े एवं मध्याह्न भोजन योजना के प्रति बच्चों की रुचि बढ़े तथा इससे शाला स्तर पर लाभान्वित बच्चों की संख्या भी बढ़े, इस  उद्देश्य से यह नवाचार योजना प्रारंभ की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी कृष्ण कुमार उद्देश ने इस योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए जिला स्तर पर प्रमुख अधिकारी सहायक संचालक मध्याह्न भोजन, मध्याह्न  भोजन नोडल अधिकारी तथा विकासखण्ड स्तर पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, सीएसी, तथा शाला स्तर पर प्रधान अध्यापक, मध्याह्न भोजन प्रभारी एवं शाला के अन्य शिक्षकों को दायित्व सौंपा है।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804