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04-08-2020
राज्यपाल ने यूपीएससी में चयनित छत्तीसगढ़ के छात्र-छात्राओं को दी शुभकामनाएं

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में छत्तीसगढ़ से चयनित हुए छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों को हार्दिक शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल ने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। राज्यपाल ने कहा कि, इन युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम पाया है। मुझे विश्वास है कि, भविष्य में भी अपनी दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे और छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश में रोशन करेंगे।

 

02-08-2020
रक्षा बंधन का पर्व भाई-बहन के पवित्र स्नेह व प्रेम का प्रतीक है : राज्यपाल 

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है कि रक्षा बंधन का पर्व जहां भाई-बहन के पवित्र स्नेह एवं प्रेम का प्रतीक है, वहीं बहन की ओर से भाई की मंगल कामना और भाई द्वारा बहन की रक्षा किये जाने के संकल्प से जुड़ा है। उन्होंने यह कामना की है कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख-शांति एवं खुशहाली लेकर आए।

02-08-2020
राज्यपाल बहन को मुख्यमंत्री भाई की चिट्ठी : आपका संरक्षण हमारा सौभाग्य

रायपुर। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्यपाल अनुसुईया उइके की ओर से रक्षाबंधन पर्व पर भेजी गई राखी मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि रक्षाबंधन और भुजलिया पर्व के अवसर पर आपने मुझे स्नेह, आर्शीवाद तथा राखी भेजकर जो विश्वास व्यक्त किया है, वह मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता तथा सम्मान का विषय है। बघेल ने बहन उइके को रक्षाबंधन पर्व की परंपरा अनुरूप भाई की तरफ से शुभकामनाओं सहित उन्हें नगद राशि और साड़ी उपहार में भेजी है। मुख्यमंत्री बघेल ने बहन उइके को लिखे पत्र में कहा है कि रक्षाबंधन का यह पर्व हमारे पारिवारिक संबंधों को नए शिखर पर पहुंचाने का माध्यम बना है। आपका संरक्षण मेरे और राज्य के लिए सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करने, कोरोना महामारी से निपटने और प्रदेश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए आपने मेरा जो उत्साहवर्धन किया है, उसके लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूूंगा।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह पावन पर्व हमारी महान संस्कृति के गरिमामय उत्कर्ष का प्रतीक भी है, जो बहनों के प्रति भाईयों के संकल्पों को सुदृढ़ बनाता है। आपने उत्तरदायित्वों के प्रति सजग करते हुए मुझे जो शुभकामनाएं प्रेषित की है, उसके लिए मैं कृतज्ञता व्यक्त करता हूं तथा आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपकी भावनाओं के अनुरूप अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह पूरी निष्ठा तथा परिश्रम से करूंगा।

01-08-2020
जानिए राज्यपाल ने किन्हें भेजी गोबर और बांस से बनी राखी,त्यौहार पर विशेष सावधानी बरतने की अपील

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके शनिवार को लोक संस्कृति मंच राष्ट्रगाथा संस्था की ओर से आयोजित स्नेह बंधन त्यौहार और संस्कृति-स्वास्थ्य-स्वरक्षा विषय पर आयोजित वेबिनार में शामिल हुई। उन्होंने कहा कि, रक्षा बंधन का पर्व भाई और बहन के मध्य प्रेम का प्रतीक है। इस अवसर पर भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेता है। इस कोरोना के संक्रमण के समय यह पवित्र त्यौहार आया है। यह प्रयास करना है कि, उत्साह में कोई कमी न आएं, पर हम त्यौहार मनाते समय विशेष सावधानी रखें। साथ ही कोरोना वायरस से रक्षा करने का संकल्प लें। राज्यपाल ने सभी को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं भी दी। 

राज्यपाल उइके ने कहा कि, उन्होंने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को गोबर और बांस से बनी राखी भेजी है। स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं ने यह राखियां बनाई है। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प लेने का आह्वान किया है। इस कोरोना काल में हमें स्थानीय स्तर पर बनाए गए उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि हमारी अर्थव्यवस्था सशक्त हो सके। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि, जान है तो जहान है। हम सबको कोरोना वायरस के संक्रमण से सावधान रहने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि, रक्षाबंधन हमारे प्रमुख त्यौहारों में से एक है। यह स्नेह का, प्यार का आशीर्वाद का, रक्षा के वादे का बंधन है। हमारी संस्कृति ही वसुधैव कुटुम्बकम की है। सर्वे भवन्तु सुखिन: की है। हमारी परम्परा हमें सिखाती है कि सभी कल्याण हो और सभी स्वस्थ और सुखी रहें। उन्होंने कहा कि,आज पूरा विश्व कोरोना के वायरस के संक्रमण से जुझ रहा है। यह त्यौहार रक्षा का त्यौहार है अत: हम इस अवसर पर कोरोना वायरस से रक्षा करने का संकल्प लें। कोशिश करें भीड़ वाली जगह पर ना जाए और आपस में मिलते समय मास्क का जरूर उपयोग करें। हमारे डॉक्टर्स, पुलिस कर्मचारी, प्रशासन के लोग, सैनिक सभी बहुत मेहनत से सबकी सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं। हमारी थोड़ी भी लापरवाही हमें कई मुसीबतों का सामना कराएगी। राज्यपाल से सभी से प्रसन्न, स्वस्थ, सुरक्षित रहने की अपील की है। कोरोना रूपी अदृश्य वायरस से बचाव के सभी उपाय अपनाकर जीतने की अपील की है। इस दौरान पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा, सांसद शंकर लालवानी, गायिका मालिनी अवस्थी ने भी अपना संबोधन दिया। इस मौके पर मंजुषा राजस जोहरी और अन्य नागरिक उपस्थित थे।

01-08-2020
राज्यपाल की भेजी राखी स्वीकार कर मुख्यमंत्री बघेल ने दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राखी और मिठाई भेजकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने ईश्वर से मुख्यमंत्री की यशस्वी, दीघार्यु और स्वस्थ जीवन प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा है कि मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर होता रहेगा।राज्यपाल की भेजी राखी को स्वीकार कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। भूपेश बघेल ने कहा कि रक्षा बंधन और भुजलिया पर्व के अवसर पर आपने मुझे स्नेह आशीर्वाद और राखी भेजकर जो विश्वास व्यक्त किया है वह मेरे लिए अत्यंत प्रसन्नता तथा सम्मान का विषय है। रक्षाबंधन का यह पर्व हमारे पारिवारिक संबंधों को नए शिखर पर पहुंचाने का माध्यम बना है। उन्होंने कहा है कि यह पावन पर्व हमारी संस्कृति के गरिमामय उत्कर्ष का प्रतीक भी है, जो बहनों के प्रति भाईयों के उत्तरदायित्वों के संकल्पों को सदृढ़ बनाता है।

 

29-07-2020
छत्तीसगढ़ के दिनदुखियों व आदिवासियों का दुःख दर्द दूर करने का संकल्प ले कर आई है राज्यपाल अनुसुईया उइके

रायपुर। राज्यपाल अनुसुइया उइके परंपरागत अवधारणाओं के विपरीत आम आदमियों दिनदुखियों और आदिवासियों के लिए काम करने का संकल्प लेकर यहां आई है और राज्यपाल के रूप में उन्होंने यह सब करने की पूरी कोशिश की। उनके एक साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। इस एक साल में राज्यपाल ने समाज के हर तबके से मुलाकात की। छत्तीसगढ़ के हर पक्ष को जाना। आत्मसमर्पित नक्सलियों से मुलाकात की और हर समस्या की जड़ तक जाकर उसे समझने और सुलझाने की कोशिश की। राज्यपाल के रूप में उनका एक साल बेहद सफल माना जा सकता है। उनका आम आदमी से सीधा संपर्क भी उनके राज्य के प्रति लगाव को साबित करता है। 16 जुलाई 2019 वह दिन था जब अनुसुईया उइके राष्ट्रीय जनजाति आयोग के कार्यालय में उत्तरप्रदेश के कलेक्टरों से वहां के जाति प्रमाण पत्र से जुड़े समस्या के समाधान के लिए चर्चा कर रही थी। तभी यह खबरें चलने लगीं कि उन्हें छत्तीसगढ़ के राज्यपाल का दायित्व सौंपा गया। उन्हें इस बात का अंदेशा नहीं था कि उन्हें इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। इसलिए उन्होंने खुद तस्दीक की। एक तरफ उन्हें आयोग के कार्यकाल पूर्ण करने से पहले पहले थोड़ा अचरज हुआ पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर खुशी भी हुई। 

उन्होंने 26 जुलाई की शाम तक अपने बचे हुए कामकाज को निपटाया और 27 जुलाई 2019 को छत्तीसगढ़ पहुंची। छत्तीसगढ़ पहुंचते ही उन्हें अहसास हो गया था कि यह वह राज्य है जिसकी 32 प्रतिशत जनसंख्या आदिवासियों की है और आधे से अधिक भूभाग 5वीं अनुसूची क्षेत्र अर्थात आदिवासी बाहुल्य इलाका है। शपथ से पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीर नारायण सिंह को नमन किया और उसके बाद उन्होंने शपथ की प्रक्रिया पूर्ण की। चूंकि उइके ने यह संकल्प लेकर ही छत्तीसगढ़ पहुंची थी कि मुझे जो दायित्व मिला है, उसके परम्परागत अवधारणा के विपरीत आम लोगों, आदिवासियों और दीन-दुखियों के लिए काम करेंगी। सबसे पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की समस्या को जानने के लिए सर्व आदिवासी समाज के राजभवन आने पर उन्होंने घंटों छत्तीसगढ़ की खासियत और यहां की समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति उनके दरवाजे पर पहुंचता है तो उनकी समस्या सुने बिना उन्हें जाने न दें, इसके लिए कठिन प्रक्रिया का पालन न करें। कुछ ही दिनों में उनकी सक्रियता की जानकारी छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में पहुंची और अभी तक जो कभी राजभवन के दरवाजे भी नहीं पहुंचे थे, वे छत्तीसगढ़ के अति पिछड़ी जनजाति के लोग थे। उन्हें किसी प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। उइके को जैसे ही जानकारी मिली उन्हें अंदर बुलाया और अपने कार्यालय में उनका अभिवादन किया और उनकी समस्या सुनी ही नहीं, उनके समाधान के लिए तुरंत कार्यवाही की और कुछ दिनों के भीतर उनकी वर्षों से लंबित विशेष भर्ती प्रक्रिया को शासन ने हरी झंडी दे दी। 

उइके यह जानती थी कि छत्तीसगढ़ के लोगों में इतनी सरलता है कि कई बार उन्हें अपनी बात रखने में भी संकोच होता है और इसी कारण छोटी-छोटी समस्या भी नहीं सुलझती। उन्होंने इसके लिए पहल की और बिना किसी विशेष प्रोटोकाल के समस्याओं से जुड़े आवेदन स्वीकार करना शुरू किए और उसके लिए एक ‘ट्रेकिंग सिस्टम’ बनाने के निर्देश दिए, जिससे उनकी समस्या का समाधान कागजों में न हो, जमीनी स्तर में हो। उइके ने निरंतर मीडिया और आम जनता से संपर्क बनाएं रखा, तभी उन्हें आदिवासी जिला गरियाबंद के ग्राम सुपेबेड़ा की जानकारी मिली, जहां के कई लोग किडनी की बीमारी से काल-कलवित हो गए थे। यह सिलसिला रूक नहीं रहा था। उन्होंने सारे निर्धारित कार्यक्रमों को रद्द किया और स्वयं सुपेबेड़ा पहुंची और ग्रामीणों से मिलकर समस्या की वास्तविकता को जाना और उस मंच से ही आवश्यक निर्देश दिए। यही नहीं, उन्होंने अपना व्यक्तिगत मोबाईल नंबर आम जनता को दिया और कहा कि वे किसी भी समस्या के लिए राजभवन आएं और सीधे बात करें। आगे उनकी तकलीफों का ध्यान वे स्वयं रखेंगी। उनकी पहल पर स्वास्थ्य एवं पंचायत मंत्री ने मंच से ही 24 करोड़ के कार्यों की घोषणा की जो करीब 15 वर्षों से लंबित था। साथ राज्यपाल ने 132 के.वी. विद्युत सब स्टेशन को प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उइके का मानना है कि योजनाएं काफी सारी बनती है लेकिन उनका क्रियान्वयन और असल व्यक्ति को लाभ पहुंचना जरूरी है। इसलिए वे स्वयं नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले पहुंची और अधिकारियों की बैठक ली। योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति और वास्तविकता को जाना। यही नहीं जब मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मंडल के अन्तर्गत गेज परिवर्तन कार्य के लिए अधिग्रहित जमीन के किसानों को भारतीय रेलवे द्वारा नौकरी देने में विलंब होने पर राज्यपाल ने स्वयं हस्तक्षेप किया और उन्हें कुछ महीने के भीतर ही नौकरी मिल गई। 

छत्तीसगढ़ की ज्वलंत समस्या नक्सलवाद के संबंध में उइके का मानना है कि उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए आदिवासियों के साथ संवेदनशीलता के साथ पेश आएं और उनके हाथों में काम दें। इसके लिए वे स्वयं आत्मसमर्पित नक्सलियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि वे आत्मसमर्पण तो किया लेकिन उनके रहने और रोजगार की पुख्ता व्यवस्था होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आत्मसमर्पित नक्सलियों को पक्के मकान देने का आग्रह किया और उन्होंने तुरंत इसकी घोषणा भी की। उइके कुलाधिपति के रूप में दीक्षांत समारोह में शामिल होकर मार्गदर्शन दिया बल्कि कोई विद्यार्थी उनके समक्ष समस्याओं को लेकर पहुंचा तो उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए कुलपति और अधिकारियों की बैठक लेकर मौके पर ही समाधान किया। उइके दीन-दुखियों की मदद के लिए हमेशा संजीदा रही और इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है कि कैंसर बीमारी से पीड़ित मरीज के परिजनों ने एक सामान्य से पत्र के माध्यम से संपर्क किया तो उन्होंने बिना किसी देरी के मदद की। यही नहीं एक सजायाफ्ता कैदी के परिजनों ने सजामाफी की गुहार लगाई तो उनकी परिस्थितियों को देखते हुए मानवता का परिचय देकर उन्हे सजा माफी दी। जब पूरा देश और प्रदेश कोरोना संकट से जूझ रहा था, तब राज्यपाल उइके अपने आप को निवास तक सीमित न कर सक्रिय हुई और लॉक डाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों और नागरिकों एवं विदेश में फंसे विद्यार्थियों को अपने घर पहुंचने की व्यवस्था कराई। साथ ही कोरोना वॉरियर्स की हौसलाअफजाई भी करती रही।




 

 

 

 

27-07-2020
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को राज्यपाल अनुसुईया उइके से मुलाकात की। प्रदेश कांग्रेस ने राज्यपाल से मुलाकात कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश कांग्रेस ने राष्ट्रपति से राजस्थान की निर्वाचित सरकार पर आए संकट को संज्ञान में लेने का आग्रह किया है। राज्यपाल से मुलाकात करने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के साथ रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा, अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन, कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, प्रभारी महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे, नगर निगम रायपुर के सभापति प्रमोद दुबे सहित अन्य राजभवन पहुंचे थे।

26-07-2020
सोमवार को मोहन मरकाम के साथ राज्यपाल से मिलेंगे कांग्रेसी, राष्ट्रपति के नाम सौपेंगे ज्ञापन 

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल सोमवार को राज्यपाल अनुसुईया उइके से मिलेगा। धनंजय सिंह ठाकुर, प्रवक्ता, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि निर्वाचित सरकार को गिराने और देश के संवैधानिक और प्रजातांत्रिक व्यवस्था को पहुंचाए जा रहे नुकसान के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल 27 जुलाई को दोपहर 12 बजे राज्यपाल से मुलाकात करेगा। 11 सदस्य प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा, अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन, कांग्रेस संचार विभाग के सदस्य राजेंद्र तिवारी, कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, प्रभारी महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला, प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र साहू, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे, रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष उधोराम वर्मा शामिल रहेंगें।

25-07-2020
राज्यपाल ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीदों को किया नमन

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि 26 जुलाई 1999 को भारतीय सेना ने अपने अदम्य साहस के साथ दुश्मनों पर विजय हासिल की। देश में अमन, चैन एवं शांति बनाए रखने में सेना के जवान सतत् सजग रहते हैं। ऐसे वीर जवानों के हौसले एवं जज्बे के लिए देश का हर नागरिक कृतज्ञ है।

 

22-07-2020
साय ने की राज्यपाल से मुलाकात, कहा-सेट 2019 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने मिले अवसर

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय ने राज्यपाल अनुसुईया उइके से मुलाकात कर प्रदेश के युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सेट परीक्षा 2019 में उत्तीर्ण अभियर्थियों को सहायक प्रध्यापक भर्ती परिक्षा में अवसर प्रदान करने के संदर्भ में चर्चा कर ज्ञापन सौंपा। विगत दिनों सीजी सेट 2019 पात्र अभ्यर्थी अधिकार मंच के प्रतिनिधिमंडल ने साय से रायपुर में मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। विष्णुदेव साय ने कहा कि सहायक प्रध्यापक भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए व्यापम द्वारा आयोजित सेट पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होता है। व्यापम द्वारा राज्य पात्रता परीक्षा का आयोजन सितंबर 2019 में किया गया, इसका परिणाम 24 जून 2020 को जारी हुआ। वहीं 3-4 महीने में ही लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक प्राध्यापक भर्ती के लिए 2019 में विज्ञापन जारी किया गया था। इसकी परीक्षा अभी तक आयोजित नहीं हुई है। साय ने कहा कि अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर मिलना चाहिए था। सेट परीक्षा में सिर्फ राज्य के ही मूल निवासी छात्र सम्मिलित होते हैं और अपने राज्य में ही सहायक प्रध्यापक परीक्षा के लिए ही पात्र होते हैं। राज्य पात्रता परीक्षा 2019 में उत्तीर्ण कई अभ्यर्थी ऐसे भी हैं जिनके लिए आयु की दृष्टि से यह अंतिम अवसर होगा। प्रदेश के युवाओं के हित को दृष्टिगत रखते हुए उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात कर सेट 2019 में उत्तीर्ण समस्त अभियर्थियों को सहायक प्रध्यापक भर्ती परीक्षा में सम्मिलित करने राज्य शासन को निर्देशित करने का आग्रह किया है।

 

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