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12-01-2021
राज्यपाल ने विधानसभा परिसर में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति पर पुष्प अर्पित किया

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मंगलवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा और सांसद ज्योत्सना महंत उपस्थित थीं। राज्यपाल ने कहा कि  स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मैं नमन करती हूं। स्वामी विवेकानंद ने पूरे देश को यह संदेश दिया था कि देश की युवा पीढ़ी ही देश को शक्तिशाली बना सकते हैं। वे युवाओं से कहते थे कि उठो, जागो तब तक ना रूको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो। आज हमारे युवा साथी स्वामी विवेकानंद को प्रेरणास्त्रोत मानकर राष्ट्र सेवा में लगे हुए हैं। राज्यपाल ने विधानसभा के विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया। उन्होंने सेंट्रल हॉल के सामने पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के रोपित कदम्ब के वृक्ष का अवलोकन किया। साथ ही उसे सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत ने राज्यपाल को शाल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक कुलदीप जुनेजा, पूर्व विधायक गुरूमुख सिंह होरा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़, विधानसभा के प्रमुख सचिव चंद्रशेखर गंगराड़े उपस्थित थे।

05-01-2021
छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की वर्चुअल बैठक ने बनाया वर्ल्ड रिकार्ड

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके को राजभवन में 17 दिसंबर को हुए वर्चुअल बैठक के लिए गोल्डन बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड के प्रतिनिधि ने वर्ल्ड रिकार्ड का प्रमाण पत्र प्रदान किया। राज्यपाल ने इसके लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि इसके लिए छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग और उनके अध्यक्ष शिववरण शुक्ल बधाई के पात्र हैं। इसमें प्रदेश के 15 निजी विश्वविद्यालय जुड़े हुए थे।  उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर सार्थक संवाद हुआ था। ऐसे आयोजन से अच्छे विचारों का आदान-प्रदान होता है। इस अवसर पर संस्था के प्रतिनिधि सोनल राजेश शर्मा ने बताया कि आयोग की ओर से 17 दिसंबर को हुई बैठक में प्रदेश के 15 निजी विश्वविद्यालय जुड़े हुए थे। ऐसा पहला अवसर था कि किसी वेबिनार निजी विश्वविद्यालय एक साथ शामिल हुए हों। लंबे समय तक आॅनलाइन बैठक हुई हो। यह बैठक राज्यपाल  उइके के मार्गदर्शन में हुई थी। इस बैठक को वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया है। प्रमाण पत्र मिलने के दौरान छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष शिववरण शुक्ल, आयोग के सचिव रामजी द्विवेदी एवं आयोग की प्रशासनिक सदस्य  रेणु देशमुख भी उपस्थित थीं।

21-12-2020
राज्यपाल ने कहा-नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी देगी

रायपुर। नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को अपने पुरातन परंपराओं और संस्कारों से जोड़कर रखेगी। इस नीति की सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें अपनी बोली-भाषाओं पर शिक्षा देने की बात कही गई है। इससे बच्चे शिक्षा अपेक्षापूर्ण अधिक अच्छे ढंग से ग्राह्य कर पाएंगे। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी मिलेगी। उनमें मानवता और संवेदनशीलता के गुण भी विकसित होंगे। यह बातें राज्यपाल अनुसुईया उइके ने राजभवन में राष्ट्र सेविका समिति के राष्ट्रीय शिक्षा नीति अभियान-2020 के वर्चुअल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।  राज्यपाल ने कहा कि यह देखा जाता है कि कुछ लोग डिग्रियां ले लेते हैं, लेकिन संस्कार नहीं होता है। ऐसे डिग्री किसी काम की नहीं होती है। नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी देगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से घोषित शिक्षा नीति निश्चित ही अपने उद्देश्यों में सफल होगी। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत का नारा दिया है, उससे प्रेरणा लेकर आम जनता उस दिशा में काम कर रही है। हमारे छत्तीसगढ़ में कई महिला समूह स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम स्थापित कर काम कर रही है। वे गोबर से दीए बना रही है और अच्छा आय अर्जन भी कर रही है।
राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के रचनात्मक कार्यक्रम की 18 परियोजनाओं में से नई शिक्षा की संकल्पना भी एक थी। मूलभूत शिक्षा के प्रति गांधीवादी दृष्टिकोण सर्वांगीण था, जिसमें व्यक्ति के बौद्धिक, शारीरिक, सामाजिक और आध्यात्मिक जैसे सभी पहलू समाहित हैं, नई शिक्षा नीति में इसे शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा पद्धति में व्यापक बदलाव लाने वाली है। इसमें हमारी युवा पीढ़ी यानी विद्यार्थियों के बचपन से समग्र विकास की संकल्पना प्रस्तुत की गई है ताकि वे न केवल शैक्षणिक और कौशल विकास की दृष्टि से सुयोग्य बन कर जीवन में चहुंमुखी प्रगति कर सकें, बल्कि एक संवेदनशील मानव भी बन सके। इस शिक्षा नीति में शिक्षा और ज्ञान को भारत केन्द्रित बनाने का तो प्रयास किया ही गया है। साथ ही इसमें शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को भी अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने की कोशिश की गई है ताकि हमारे विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने के आकर्षण की बजाय अपने देश में ही उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्राप्त कर सकें। साथ ही, विदेशी विद्यार्थी भी भारत में शिक्षा के प्रति आकर्षित होकर यहां आएं जैसे कभी नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालय विश्व में प्रसिद्ध थे और हजारों विदेश छात्र यहां पढ़ने आते थे।

20-12-2020
राज्यपाल ने पंडित सुंदरलाल शर्मा और ठाकुर प्यारेलाल सिंह को किया नमन

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारेलाल सिंह की जयंती पर उन्हें नमन किया है। राज्यपाल ने कहा कि ठाकुर प्यारे लाल सिंह छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन के प्रणेता थे। उनके किए गए सामाजिक एकता और उत्थान के कार्य नई पीढ़ी को प्रेरणा देते रहेंगे। राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं साहित्यकार पंडित सुंदरलाल शर्मा की जयंती पर उन्हें नमन किया है। राज्यपाल ने कहा है कि पंडित सुंदरलाल शर्मा ने देश की आजादी के लिए राष्ट्रीय आंदोलन में भागीदारी निभाई। उन्होंने समाज में छुआछुत की भावना दूर करने और अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। इसके साथ ही पं. सुंदरलाल शर्मा ने छत्तीसगढ़ी में महत्वपूर्ण साहित्य की रचना कर छत्तीसगढ़ी भाषा की अभिवृद्धि में भी अमूल्य योगदान दिया है।

 

 

18-12-2020
राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा, हर निजी विश्वविद्यालय अपनी गुणवत्ता बनाए रखें

रायपुर। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की वर्चुअल बैठक में राज्यपाल अनुसुईया उइके शामिल हुई। राज्यपाल ने कहा कि हर एक निजी विश्वविद्यालय अपनी गुणवत्ता बनाए रखे और विश्वसनीयता कायम रखें। वे अपने कार्यों के आधार पर ऐसी छवि बनाएं कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी विद्यार्थी पढ़ने के लिए हमारे प्रदेश आएं। बैठक में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. शिववरण शुक्ल ने भी संबोधित किया। वर्चुअल बैठक में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के राष्ट्रीय प्रमुख मनीष विश्नोई ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक के आयोजित इस वेबिनार को वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कर लिया है। राज्यपाल ने कहा कि यह बड़ी खुशी की बात है कि पहली बार कोरोना काल में सारे निजी विश्वविद्यालयों के कार्यों और योगदान की समीक्षा की जा रही है। इसके लिए उन्होंने आयोग के अध्यक्ष डॉ. शिववरण शुक्ल तथा आयोग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी विश्वविद्यालयों के आने से शिक्षा का विस्तार हुआ है। परंतु हम यह भी मंथन करें कि हम इस उद्देश्य में कहां तक सफल हो रहे हैं। हम शिक्षण संस्थानों का क्षेत्रीय विकेन्द्रीयकरण करें तथा उनकी संरचना ऐसी निर्मित करें, जिससे एक सामान्य परिवार का बच्चा भी प्रवेश लेकर शिक्षा प्राप्त कर सके, उच्चतम वर्ग तक सीमित ना हो। हमारी नई शिक्षा नीति में भी जोर दिया गया है कि एक विद्यार्थी का संपूर्ण विकास हो।

उन्होंने कहा कि हम नई शिक्षा नीति की बात करें तो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 संपूर्ण रूप से शिक्षा के मानकों को स्थापित करने वाली हैए इसके समस्त प्रावधान उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, स्वायत्ता और छात्रों को बेहतर विकल्प प्रदान करते हुए शोध में नवाचार लाने में सहायक है। यह 21वीं सदी में देश की प्रथम शिक्षा नीति है, जो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करने और भारत को वैश्विक महाशक्ति तथा आत्मनिर्भर भारत बनने में सहायक होगी। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों में आध्यात्मिक नैतिक शिक्षा संबंधी पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जाना चाहिए, जिससे नई पीढ़ी को पुरातन संस्कृति की जानकारी मिलेगी और उसे अपनी परंपराओं से जोड़े रखेगी। उन्होंने विश्वविद्यालयों में स्थानीय बोलियों, वन संसाधन और जड़ी बूटियों के ज्ञान पर आधारित पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का भी सुझाव दिया। इस अवसर पर भारतीय विश्वविद्यालय संघ नई दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष और प्रोफेसर पीवी शर्मा, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति प्रो.अखिलेश कुमार पाण्डेय और मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ.भरतशरण सिंह और निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतिग और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड की छत्तीसगढ़ प्रतिनिधि सोनल शर्मा उपस्थित थीं।

 

 

16-12-2020
राज्यपाल ने डॉ. पंडित चैतन्य गोस्वामी को दी श्रद्धांजलि 

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव निवासी आयुर्वेदाचार्य, आध्यात्मिक व्यक्तित्व, बनारस विश्वविद्यालय के संस्थापक सदस्य और महामना मदनमोहन मालवीय के शिष्य 109 वर्षीय डॉ. पंडित चैतन्य गोस्वामी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है और उनके शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

14-12-2020
Breaking: डॉ. आरपी दुबे सीवी रमन विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय कोटा, बिलासपुर के कुलपति पद पर प्रोफेसर डॉ. आरपी दुबे को नियुक्त किया है। डॉ. दुबे का कार्यकाल, उपलब्धियां और सेवा शर्ते विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम में निहित प्रावधान अनुसार होंगी। उनकी नियुक्ति छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय(स्थापना एवं संचालन) अधिनियम, 2005 (क्रमांक 13 सन 2005) की धारा 17 की उपधारा (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है।

 

12-12-2020
राज्यपाल अनुसुईया उइके से मिले निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ.शिववरण शुक्ल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ.शिववरण शुक्ल ने  राज्यपाल अनुसुईया उइके से सौजन्य मुलाकात की। राज्यपाल ने शाल व श्रीफल देकर उनका सम्मान किया और उन्हें प्रतीक चिन्ह भेंट की। डॉ.शुक्ल ने राज्यपाल को बताया कि आने वाले समय में समस्त निजी विश्वविद्यालयों की वर्चुअल बैठक ली जाएगी, जिसमें कोरोना काल में उनके द्वारा की गई गतिविधियों और उनके भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस बैठक में राज्यपाल उइके भी शामिल होंगी और अपना संबोधन देंगी। इस अवसर पर आयोग के सचिव रामजी द्विवेदी व आयोग की प्रशासनिक सदस्य रेणु देशमुख भी उपस्थित थीं।

 

12-12-2020
त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके से राजभवन में त्रिपुरा के राज्यपाल रमेश बैस ने सौजन्य भेंट की। राज्यपाल उइके ने  बैस का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। उन्होंने  बैस का शाल व श्रीफल देकर सम्मान किया और उन्हें प्रतीक चिन्ह भी भेंट भी।

 

10-12-2020
राज्यपाल ने जयस्तंभ चौक में शहीद वीर नारायण को दी श्रद्धांजलि, दो लाख रूपए आर्थिक मदद की घोषणा की

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने गुरूवार को राजधानी के जय स्तंभ चौक में शहीद वीर नारायण सिंह को उनके शहादत दिवस पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह के परिवार की मदद के लिए दो लाख रूपए आर्थिक मदद देने की भी घोषणा की। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के महानायक शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए हैं। उन्होंने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ आम जनता को जागृत किया और संगठित किया। उनके मन में गरीबों के प्रति संवेदना थी। उन्होंने देश और समाज के लिए लड़ते हुए अपने प्राणों की आहूति दे दी।

वे चाहते थे कि आम जनता के मध्य खुशहाली रहे। आज उनके शहादत दिवस के अवसर पर उन्हें नमन करते हैं और उनके बताए हुए रास्ते पर चलने का संकल्प लेते हैं। इस अवसर पर विधायक कुलदीप जुनेजा, महापौर एजाज ढेबर, पूर्व मंत्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री लता उसेण्डी, पार्षद अनवर हुसैन, विकास मरकाम एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

07-12-2020
कोचिंग संचालकों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्यपाल ने शिक्षा मंत्री से की चर्चा

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके से राजभवन में छत्तीसगढ़ एजुकेशनल कोचिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधिमण्डल ने मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। राज्यपाल ने कहा कि आपकी समस्या जायज है। इस समय कोरोना काल सभी के लिए संकट का समय है। उन्होंने ने इस संबंध में उसी समय स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम से दूरभाष पर चर्चा की और कहा कि कोचिंग सेंटर के बंद होने से वहां पढ़ाने वाले शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं, साथ ही विद्यार्थियों को भी परेशानी हो रही है। अतः इन सबके मद्देनजर केन्द्र सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों और कोरोना संक्रमण से बचने के मापदण्ड का पालन करते हुए इनकी समस्या का समाधान करना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो शासन पालकों, और कोचिंग संचालकों की बैठक कर चर्चा करे और ऐसा रास्ता निकालें कि सभी की समस्याओं का समाधान हो।

राज्यपाल को एसोसिएशन के सचिव भरत भम्भवानी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण सारे कोचिंग सेंटर लंबे समय से बंद है, बड़े कोचिंग संस्थानों को छोड़कर मध्यम कोचिंग संस्थान है जहां मध्यमवर्गीय परिवार के बच्चे कोचिंग प्राप्त करते हैं, वहां शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की आजीविका निर्भर करती है। कोचिंग संस्थान बंद होने से आय का साधन बंद होने से उनके सामने रोजी रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। इससे हॉस्टल एवं इससे जुड़े अन्य संस्थान भी प्रभावित हो रहे हैं। होटल, रेस्टोरेंट जैसे अन्य संस्थानों को खोलने की अनुमति दी गई है, इसी तरह सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क इत्यादि का प्रयोग करते हुए कोचिंग संस्थान खोलने की अनुमति दी गई तो वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों एवं ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी लाभ होगा। इस अवसर पर अभिषेक राय एवं एसोसिएशन के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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