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31-05-2020
राज्यपाल आदिवासी-ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू करना चाहतीं हैं प्राकृतिक चिकित्सा और योग का संस्थान

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा कि स्वस्थ जीवन ही हमारी असली पूंजी है। योग और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाकर अपने जीवन को निरोगी बना सकते हैं। मेरा मानना है कि इस कोरोना महामारी के समय नेचुरोपैथी और योग का अधिक से अधिक उपयोग करें, इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और इससे हम संक्रमण से मुक्त रहेंगे। राज्यपाल ने रविवार शाम सूर्या फाउंडेशन व इंटरनेशनल नेचुरोपैथी ऑगेर्नाइजेशन के नेचुरोपैथी डॉक्टर्स, विद्यार्थी, आईएनओ के सदस्य व सूर्या फाउण्डेशन आदर्श गांव योजना के सभी कार्यकर्ताओं को फेसबुक लाइव से संबोधित किया। उन्होंने सूर्या फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि प्राकृतिक चिकित्सा को घर-घर पहुंचाएं। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में योग और आयुर्वेद के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अपने जीवन में अपनाया है। राज्यपाल ने सभी लोगों से आग्रह किया कि वे भी इसे अपने जीवन में अपनाएं और नियमित रूप से अभ्यास करें। राज्यपाल ने संकल्प लिया है कि जब भी उन्हें समय मिलेगा तो वे आदिवासी-ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक चिकित्सा और योग का संस्थान प्रारंभ करेंगी। इससे वे यहां के लोगों को जागरूक करेंगी।

राज्यपाल ने कहा कि संसार के सभी प्राणी प्रकृति से जुड़े हैं। प्रकृति से प्राप्त शक्ति से ही सब प्राणी सदैव स्वस्थ व निरोग रहते हैं। इसलिए बीमार पड़ने पर प्रकृति के पंच तत्व मिट्टी, पानी, धूप, हवा व उपवास से सब रोगों का इलाज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी प्रकृति से जुड़ी हुई हैं। इस लॉक डाउन के दौरान वे नियमित रूप से सुबह-शाम वाकिंग और योग-प्राणायाम कर रहीं हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी विभिन्न बीमारियों का इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से करते थे। राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक समय में मनुष्य की जीवन शैली अप्राकृतिक होती जा रही है। वह रात में देर से सोता है और सुबह देर से उठता है, जिसके कारण आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ नए रोगों की बढ़ोत्तरी हो रही है। मनुष्य अप्राकृतिक आहार-विहार अपनाकर घातक रोगों को आमंत्रित कर रहा है। अब समय आ गया है कि इसके बारे में गंभीरता से सोचा जाएगा, उत्तम स्वास्थ्य प्राप्ति के लिए हमें अपने जीवन में परिवर्तन कर अपने खान-पान रहन-सहन व विचारों को बदलना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा में आहार को औषधि कहा जाता है। सभी से आग्रह है कि हमारी भारतीय चिकित्सा का ज्ञान व लाभ घर-घर तक पहुंचाने ईमानदारी से प्रयास करें।

 

29-05-2020
राज्यपाल ने सागौन बंगला पहुंच अजीत जोगी को अर्पित की श्रद्धांजलि

रायपुर। प्रदेश की राज्यपाल अनुसुईया उइके ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निवास सागौन बंगला पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्व.जोगी की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। राज्यपाल ने अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी और पुत्र अमित जोगी से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की।

27-05-2020
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के वेबसाइट का किया लोकार्पण

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने  बुधवार को राजभवन में छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल को समाज की पत्रिका ‘छत्तीसगढ़ी संगठन युग’ भेंट की। राज्यपाल ने पत्रिका का वार्षिक विशेषांक ’मंगल माधुरी’ का विमोचन भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज अपनी दानशीलता के कारण जाना जाता रहा है। वे सदैव आगे आकर दीन दुखियों की सेवा करते हैं। छत्तीसगढ़ में चिकित्सालय, शिक्षण संस्थाओं के लिए समाज ने आगे बढ़कर दान दिया है, इन संस्थानों के माध्यम से कई लोगों की सेवा हो रही है। इस वेबसाइट का निर्माण सराहनीय कार्य है। इसके माध्यम से अधिक से अधिक लोग छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के कार्यों के बारे में जान सकेंगे।

छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज रायपुर के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान समाज द्वारा 73 टन सब्जी और सूखा राशन, मास्क का वितरण किया गया। साथ ही छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज को एक दहेजमुक्त समाज का गौरव प्राप्त है ।छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के द्वारा दान की गई भूमि पर दाउ कल्याण सिंह सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, एम्स और तेलीबांधा तालाब जैसे संस्थाओं का निर्माण हुआ है। समाज सदैव कल्याणकारी कार्यों के लिए अग्रसर रहता है। इस अवसर पर अजय दानी, जेपी अग्रवाल, अरविन्द अग्रवाल उपस्थित थे।

25-05-2020
राज्यपाल से मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात, ईद की दी शुभकामनाएं

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके से सोमवार को छत्तीसगढ़ राज्य वफ्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलाम रिजवी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर ईद की शुभकामनाएं दी। राजभवन में ईद-उल-फितर के मौके पर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को राज्यपाल ने भी ईद की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव शांति का टापू रहा है। यहां ऐसी ही सद्भावना बनी रहे और सदैव प्रगति की राह में आगे बढ़ता रहे। वफ्फ बोर्ड के सदस्य सैयद फैसल रिजवी, मो. ताहिर उपस्थित थे।राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि केन्द्र शासन और राज्य शासन की ओर से अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है।

जानकारी समाज को दें और आगे बढ़कर कर उसका लाभ उठाएं। इस समय पूरे देश-प्रदेश में कोरोना का संकट छाया हुआ है। यह बड़ी खुशी की बात है कि हम सारे धर्म-सम्प्रदाय और समाज के लोग मिलकर इस कोरोना संकट का सामना कर रहे हैं और हरसंभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि अन्य देशों की तुलना में भारत में मृत्यु दर कम है। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की है कि आने वाले समय में हम कोरोना संक्रमण से जल्द मुक्त होंगे।

24-05-2020
नेकी और भलाई का संदेश देता है ईद-उल-फितर : अनुसुईया उइके 

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने ईद-उल-फितर के अवसर पर प्रदेशवासियों को मुबारकबाद देते हुए राज्य के सभी नागरिकों के सुख, शांति एवं खुशहाली की कामना की है। राज्यपाल ने कहा कि ईद-उल-फितर का पर्व पवित्र महीना रमजान के माह भर के कठिन उपवास के बाद आता है और नेकी एवं भलाई करने का संदेश देता है। उन्होंने कामना की है कि ईद का पर्व सभी के जीवन में खुशियां एवं भाई-चारे लेकर आएगा और अमन-चैन, सौहार्द्र और एकता का संदेश देगा। राज्यपाल ने कहा कि इस अवसर पर मैं इबादत करती हूं कि देश और प्रदेश को जल्द कोरोना संक्रमण से मुक्ति मिले।

22-05-2020
राज्यपाल ने बेमेतरा सड़क दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने बेमेतरा जिले के टेमरी गांव में कल घटी सड़क दुर्घटना में 2 मजदूरों की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने इस हादसे में घायल हुए लोगों के जल्द  स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

 

20-05-2020
राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर किया नमन

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि 21 मई पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा है कि वे आधुनिक सोच वाले राजनेता थे। वे देश को उच्च तकनीक से पूर्ण करने की आकांक्षा रखते थे। स्व. राजीव गांधी ने देश में संचार क्रांति, कम्प्यूटर क्रांति, युवाओं को मताधिकार और पंचायती राज जैसे अभिनव पहल की। उनके पुण्यतिथि को आंतकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन हम संकल्प लें कि आंतकवाद, नक्सलवाद जैसे बुराईयों का डटकर सामना करेंगे और एकजुट होकर देश-प्रदेश को इनसे मुक्त करेंगे।

 

18-05-2020
राज्यपाल ने संत देवप्रभाकर शास्त्री के निधन पर दुख व्यक्त किया

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने संत देवप्रभाकर शास्त्री ‘दद्दा जी’ के निधन पर दुख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने कहा कि वे एक महान संत थे। उनका पूरा जीवन दीन-दुखियों की सेवा में समर्पित रहा। देवप्रभाकर शास्त्री ने समाज को मानवता की राह में चलने को प्रेरित किया। राज्यपाल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

13-04-2020
राज्यपाल ने दी डाॅ. भीमराव अंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने प्रदेशवासियों को डाॅ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि डाॅ. बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सामाजिक समरसता पर बल देते हुए हमेशा शोषितों और पीड़ितों के लिए आवाज बुलंद की। वे महिला उत्थान के भी प्रबल पक्षधर थे और उन्हें सशक्त, सबल एवं शिक्षित करने पर बल दिया। राज्यपाल ने कहा कि हम सबको डाॅ. अम्बेडकर के विचारों का अनुसरण करते हुए समतामूलक समाज की स्थापना करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।

03-04-2020
राष्ट्रपति ने कोविड-19 से बचाव के मद्देनजर राज्यपालों से की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, अनुसुईया उइके ने दी जानकारी 

रायपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना वायरस के संक्रमण के सम्बंध में दूसरी बार राज्यपालों की बैठक ली। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु उपस्थित थे। उन्होंने पूरे देश में कोरोना के संक्रमण के बचाव के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी ली। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए ठोस प्रयास किये जा रहे हैं। राज्यपाल ने कहा - छत्तीसगढ़ में 09 कोरोना पाॅजिटिव पाए गए थे, इसमें से 03 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। अन्य मरीजों की हालात में भी सुधार हो रहा है। इस संबंध में मैंने भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान छत्तीसगढ़ के निदेशक से बात की और वहां पर भर्ती कोरोना से प्रभावित प्रत्येक मरीज की जानकारी ली और अन्य सभी मरीजों की जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मैंने एम्स के समस्त चिकित्सक और अन्य कर्मचारियों को उनके कार्य के लिए धन्यवाद भी दिया। इसके लिए राष्ट्रपति ने सराहना की और उपराष्ट्रपति ने कहा-वेरी गुड। उन्होंने रेडक्रास सोसायटी द्वारा किये जा रहे कार्य और फसल कटाई, उनके रखरखाव और खाद बीज की उपलब्धता की जानकारी भी ली।

राज्यपाल ने बताया कि इंडियन रेडक्रास सोसायटी के संदर्भ पूरे प्रदेश में लगभग 5000 वाॅलेंटियर्स चिन्हित किये जा चुके हैं, जिनमें से प्रदेश में 944 वालेंटियर्स सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनके द्वारा अब तक 17 हजार से अधिक हितग्राहियों का सहयोग किया जा चुका है। सोसायटी द्वारा जरूरतमंद और क्वारेंटाइन में रह रहे लोगों को निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही क्वारेंटाइन में चिन्हित घरों की निगरानी भी उनके द्वारा की जा रही है। इंडियन रेडक्रास सोसायटी ने 25 लाख रूपए का रिलीफ फंड जारी किया है, जिसे छोटे और पिछड़े जिलों में आवश्यकतानुसार खर्च किया जाएगा। राज्यपाल उइके ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग 12 हजार से अधिक श्रमिक भारत के विभिन्न 21 राज्यों में फंसे हुए हैं, उनके द्वारा शासन से और शासन द्वारा भी उनसे संपर्क किया गया और संबंधित राज्य द्वारा समन्वय बनाकर उनके लिए भोजन तथा रहने की व्यवस्था कराई गई।  

राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने एक महीने का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष में और राजभवन के समस्त अधिकारी-कर्मचारी भी अपनी एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया गया है। राज्यपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए लाॅकडाउन के निर्देश का पालन करने को कहा है। साथ ही मुख्य सचिव, स्वास्थ्य सचिव, खाद्य सचिव, श्रम सचिव, पुलिस एवं जिला कलेक्टर की राजभवन में संयुक्त बैठक लेकर संपूर्ण राज्य के संदर्भ में जानकारी प्राप्त की गई और नियमित रूप से जानकारी देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही राज्य के सभी कुलपतियों को भी निर्देशित किया है कि महाविद्यालयीन विद्यार्थी सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यमों से लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के संबंध में जागरूक करे।
  

20-03-2020
राज्यपाल की अपील, 22 मार्च को जनता कर्फ्यू में अधिक संख्या में हो शामिल  

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने प्रदेशवासियों से कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर सजगता और सतर्कता बरतने को कहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के आग्रह में अधिक से अधिक सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 22 मार्च को सुबह 7ः00 बजे से रात 9ः00 बजे तक घर से बाहर न निकलें और साथ ही कोरोना संक्रमण के बचाव में लगे हुए चिकित्साकर्मी, सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों, सुरक्षा बल, मीडियाकर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता का उत्साहवर्धन के लिए उनके सम्मान में शाम को 5ः00 बजे अपने घर एवं बालकनी से तालीयां, थाली और घण्टी बजाकर उनका आभार व्यक्त करें, ताकि उनका मनोबल बढ़ सके। राज्यपाल ने कहा है कि इस बीमारी को लेकर विश्व के कुछ देशों में महामारी की स्थिति है। हमारे देश एवं प्रदेश में यह स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए आवश्यक सावधानी बरतें, भीड़-भाड़ वाले स्थान में जाने से बचें। अपने आसपास साफ-सफाई रखे और अपने हाथों को बार-बार साबून से धोयें। यदि किसी को सर्दी या फ्लू हो तो खांसते समय रूमाल या टीसू पेपर का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि प्रयास करें कि आपस में मुलाकात के दौरान भारतीय परम्परा के अनुसार नमस्ते करें, हाथ न मिलाएं। आपस में निश्चित दूरी बनाकर रखें। यदि किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस से संबंधित लक्षण दिखाई देते है तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें और परीक्षण कराएं, साथ ही सजग और जागरूक रहें। रूटीन चेक-अप के लिए अस्पताल जाने से बचें, जो सर्जरी बहुत आवश्यक न हो उसकी तारीख आगे बढ़वाएं।

 

14-03-2020
सैनिकों के कल्याण के लिए जितना कार्य करेंगे उतना ही देश की सुरक्षा मजबूत होगी : राज्यपाल  

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके से राजभवन में शहीद सैनिकों के परिजन और प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यपाल ने 27 शहीदों की पत्नियों ‘‘वीर नारी’’ उनकी वीर माता और उनके उत्तराधिकारियों को सादगीपूर्ण कार्यक्रम में सम्मानित किया और डेढ़ लाख रूपये की अनुदान राशि भी दी। प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सैनिकों के कल्याण के लिए हम जितना कार्य करेंगे, उतना ही देश की सूरक्षा मजबूत होगी। हम सबका नैतिक दायित्व भी है कि सैनिकों के साथ हर परिस्थिति में खड़े रहें। जब हम उनके सुख-दुख में भागीदार होते हैं तो उन्हें भी हार्दिक प्रसन्नता होती है। इस अवसर पर सैनिको के परिजनों ने अपनी समस्याएं बताई। उन्होंने शहीद स्मारक बनाने की भी मांग की। राज्यपाल ने एक परिजन की सुपुत्री के विवाह के लिए 1 लाख रूपये देने की घोषणा की। साथ ही स्मारक बनाने के लिए शासन स्तर पर चर्चा करने की बात कहीं और उनके अन्य समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे देश के सैनिक दिन-रात देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं और वे अपने प्राणों की भी परवाह नहीं करते। पूरा देश जब त्यौहार-पर्व मनाता है, तब हमारे सैनिक अपने परिवार से दूर देश की सीमाओं में तैनात रहते हैं। देश आजाद होने के पश्चात कई परिस्थितियां निर्मित हुई, पर हमेशा हमारी सेना ने देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया और देश को सुरक्षित रखा। हम आज जो शांति से रह पा रहे हैं और त्यौहार और पर्व का आनंद ले रहे हैं, यह सैनिकों के कारण ही संभव हो पाया है। इस अवसर पर संचालनालय सैनिक कल्याण के एयर कमोडोर एएन कुलकर्णी और राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के अन्य अधिकारी, भूतपूर्व सैनिक तथा सैनिकों के परिजन उपस्थित थे।

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