GLIBS
01-07-2020
टमाटर, अदरख, बैगन, मिर्च, केला, पपीता जैसी उद्यानिकी फसलों का बीमा किया जाएगा

रायपुर /मुंगेली। खरीफ मौसम में लगाई जाने वाली टमाटर, अदरक, बैगन, केला, पपीता, मिर्च जैसे उद्यानिकी फसलों को प्रतिकूल मौसम से होने वाले हानि की भरपाई के लिए इन उद्यानिकी फसलों का बीमा किया जायेगा। इसके लिए किसानों के फसल बीमा के लिए शासन की ओर से बजाज आलियांज जनरल इन्श्योरेंस लिमिटेड कंपनी से अनुबंध किया गया है। उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक चंद्रदेव सिंह ने बताया कि उद्यानिकी फसलों की मौसम आधारित फसल बीमा के लिए ऋणी और अऋणी उद्यानिकी कृषकों को 15 जुलाई तक आवेदन पत्र जमा करना होगा। उन्होंने बताया कि उद्यानिकी फसलों की बीमा से कृषको को बीमित राशि का मात्र 5 प्रतिशत प्रति हेक्टेयर कृषक अंश दान के रूप में जमा करना होगा।

टमाटर फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख रूपये की बीमा कराने पर 5 हजार, बैगन फसल प्रति हेक्टेयर 70 हजार रूपये की बीमा कराने पर 3 हजार 500 , अमरूद फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 40 हजार रुपए की बीमा कराने पर 2 हजार, केला फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख 50 हजार रुपए की बीमा कराने पर 7 हजार 500, पपीता फसल प्रति हेक्टेयर 1 लाख 10 हजार रुपए की बीमा कराने पर 5 हजार 500, मिर्च फसल प्रति हेक्टेयर 80 हजार रुपए की बीमा कराने पर 4 हजार और अदरक फसल प्रति हेक्टेयर 1 लाख 30 हजार रूपये की बीमा कराने पर 6 हजार 500 रूपये की राशि कृषक अंश दान निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि ओला वृष्टि, चक्रवाती, कम या ज्यादा तापमान, असमान्य वर्षा, वायु गति, मौसमी बीमारी, कीट और व्याधि से अधिसूचित फसलो की नुकसान होने पर बीमा की राशि का भुगतान किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए जिला स्तर पर कार्यालय सहायक संचालक उद्यान और विकास खण्ड स्तर पर वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

28-06-2020
बस मालिक, टूर्स एण्ड ट्रेव्हल्स ऑपरेटर्स की बैठक, वाहन परिचालन एवं कोविड-19 संक्रमण के बचाव के लिए दिए निर्देश

भिलाई। शासन द्वारा बसों के परिचालन की अनुमति दिये जाने पर बस परिचालन संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश दिये जाने के लिए  एवं कोविड-19 महामारी से बचाव संबंधी सुझाव देने  27 जून को पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर 6 में बस मालिक संघ तथा टूर एण्ड ट्रेव्हल्स एजेंसी संचालकों की मीटिंग आहूत की गई। मीटिंग में डॉ.आर.के.खण्डेलवाल मुख्य चिकित्सक एवं स्वास्थ अधिकारी, जिला चिकित्सालय दुर्ग द्वारा कहा गया कि, आपके वाहनों के माध्यम से जो भी यात्री एक राज्य से दूसरे राज्य या एक जिले से दूसरे जिले परिवहन करते है इसकी जानकारी आपके द्वारा हमारे दुर्ग चिकित्सालय कार्यालय में बनाये गये कंट्रोल रूम में (प्रोफार्मानुसार) आवश्यक रूप से यात्री की जानकारी देना होगा। जिससे स्वास्थ्य विभाग उनके निवास स्थान तक पहुंचकर जांँच के लिए सेम्पल ले सके और उन यात्रियों को 14 दिन क्वारेंइन किया जा सकें ताकि वे यदि संक्रमित पाये जाते है तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकें। आपके द्वारा स्वास्थ्य विभाग को किसी भी प्रकार की जानकारी देने के लिए हेल्प लाईन नंबर-104 या कार्यालय नंबर 0788-2210663 पर कॉल करके जानकारी दिया जा सकता है एवं स्वास्थ्य विभाग की डॉ.अर्चना चौहान के मोबाईल नंबर 98271 61626 नंबर पर एसएमएस या व्हाट्सअप से जानकारी दे सकते है।
मीटिंग के दौरान रोहित झा,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर के द्वारा कहा गया कि किसी के भी द्वारा कोई भी जानकारी छुपाये जाने पर उस पर सख्त कार्यवाही की जावेगी। वाहन मालिकों को बस ड्राइवर एवं कंडेक्टर के बचाव के लिए आवश्यक केबिन का निर्माण कराने क लिए सुझाव दिए गए। मीटिंग में बस मालिक संघ तथा टूर एण्ड ट्रेव्हल्स एजेंसी संचालक अनुप यादव,लोकेश्वर सिंह,गुरमीत सिंह,ललित लोधी,जीएस देशमुख,जावेद खान, गिरीश, ललन, सुमीत ताम्रकार,रूपेश कुमार राठौर, उपस्थित हुए।

 

 

25-06-2020
किसानों के बनाएं जाएं क्रेडिट कार्ड, स्वरोजगार योजनाओं की पहल के लिए कलेक्टर ने दिए निर्देश

बीजापुर। जिले में शासन की स्वरोजगार योजनाओं का कारगर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशीलता के साथ पहल किया जाये। इस दिशा में विभागीय अधिकारियों सहित बैंकर्स आपसी समन्वय के साथ स्वरोजगारियों के लाभान्वित करने के लिये सक्रिय सहभागिता निभायें।जिले में किसानों को खेती-किसानी कार्य के लिए फसल ऋण प्रदान करने के लिए सभी किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड बनाया जाए। इसके साथ ही पशुपालन कुक्कुटपालन, मछलीपालन,साग-सब्जी उत्पादन ईत्यादि कृषि के अनुशांगिक गतिविधियों के लिए कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किया जाये। उक्त निर्देश कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय साख  समन्वय समिति की बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों सहित बैंकर्स को दिये।कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने बैठक में वित्तीय वर्ष 2019-20 के तहत स्वरोेजगार योजनाओं के क्रियान्वयन ऋण-अनुदान स्वीकृति एवं वितरण स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्वीकृत सभी प्रकरणों के स्वरोजगारियों को आगामी 30 जून तक ऋण-अनुदान वितरित सुनिश्चित किये जाने अधिकारियो को निर्देशित किया। उन्होनें बैंकों के ऋण-जमा अनुपात सहित प्राथमिकता प्राप्त सेक्टरों में ऋण वितरण स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिले की अधिकांश आबादी अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग की है। इन जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता प्राप्त सेक्टरों में ऋण मुहैय्या कराये जाने संवेदनशीलता के साथ पहल किया जाये।इसके लिए बेरोजगार युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाये।कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने बैंकर्स को  बैंक सखी, कियोस्क,सीएसपी के जरिये मनरेगा मजदूरी,पेंशन भुगतान,तेन्दूपत्ता पारीश्रमिक भुगतान में प्रगति लाये जाने के निर्देश दिए। बैठक में खादी एवं ग्रामोद्योग, जिला व्यापार एवं उद्योग,राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन,राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन,जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति ईत्यादि की स्वरोजगार योजनाओं के तहत वर्ष 2020-21 के लिए आवंटित लक्ष्य के अनुरूप प्रकरण तैयार कर 15 जुलाई तक बैंकों में प्रस्तुत किये जाने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। बैठक के दौरान सीईओ जिला पंचायत पोषणलाल चन्द्राकर,अग्रणी बैंक प्रबंधक प्रतीक अग्निहोत्री सहित विभागीय अधिकारी तथा बैंकर्स उपस्थित थे।

 

03-06-2020
स्वप्निल को मिला स्वरोजगार का अवसर

रायपुर। शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। सरकार युवाओं को स्वरोजगार एवं नौकरी के लिए कई कार्यक्रम चलाकर प्रशिक्षित कर रही है। जगदलपुर शहर के युवा स्वप्निल खेंडुलकर के सपने तब उड़ान भरने लगे जब उन्होंने खुद का एक फ्लेक्स प्रिटिंग व्यवसाय को प्रारंभ किया। उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा संचालित ’प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना’ अंतर्गत लाभ मिला है। स्नातक की उपाधि प्राप्त स्वप्निल का व्यवसाय प्रारंभ में फोटो स्टुडियो का रहा है। ऑफसेट प्रिटिंग एवं फ्लेक्स प्रिटिंग के वर्तमान में मांग के आधार पर उन्होंने इसकी इकाई स्थापित करने का निश्चय किया। इकाई स्थापना में वित्त की समस्या थी इसी बीच उन्हें शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना की जानकारी अपने मित्र के माध्यम से मिली।

बैंक द्वारा साक्षात्कार उपरांत संतुष्ट होकर फ्लेक्स प्रिटिंग के लिए 10 लाख 60 हजार का ऋण प्रदान किया है और उद्योग विभाग द्वारा 1 लाख 60 हजार 305 राशि का अनुदान भी प्राप्त हुआ। स्वप्निल कम्प्यूटर साईस में स्नातक होने के कारण कम्प्यूटर डिजाईनिंग एवं अन्य कार्य स्वयं करते है। कुछ समय बाद इस व्यवसाय के साथ उन्होंने ऑफसेट प्रिटिंग मशीन की भी स्थापना की,जिससे एक छत के नीचे प्रिटिंग कि सभी सुविधा उपलब्ध हो गई। उन्होंने व्यवसाय में सहयोगी के रूप में 7 व्यक्तियों को रोजगार दिया है और नियमित रूप से बैंक का किश्त पटा रहे हैं। वर्तमान में इनका वार्षिक टर्नओवर लगभग 18-20 लाख है।

27-05-2020
स्कूल फीस के संबंध में निर्णय लेने शासन से वायएमएस की मांग, मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात

रायपुर। वायएमएस यूथ फाउंडेशन ने छत्तीसगढ़ शासन से स्कूलों की फीस में छूट दिलवाने की मांग की है। फाउंडेशन का कहना है कि लॉक में प्राय: प्रदेश के समस्त स्कूल बंद है। बहुत सी स्कूलें ऑनलाइन कक्षाएं ले रही हैं।  इस संबंध में शासन को एक स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए ताकि स्कूल की फीस को लेकर बन रही असमंजस की स्थिति स्पष्ट हो सके।  जब ऑनलाइन क्लास ही ली जा रही है तो बहुत से स्कूल व्यवस्था शुल्क, गाड़ियों और फूड के शुल्क भी वसूलने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि यह सेवाएं दी ही नहीं जा रही हैं।वायएमएस यूथ फाउंडेशन के महेंद्र सिंह,अमित जैन और अशोक श्रीवास्तव ने कहा है कि ऑनलाइन क्लास की ही फीस ली जाए,ताकि घर बैठे बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षकों को भी वेतन मिल सके। खाने या बस का कोई खर्च ही नहीं हो रहा, ऐसे में इन शुल्क को लिया जाना अनुचित है। देश के दिल्ली,पंजाब,उत्तराखंड जैसे राज्यों ने यह बड़े फैसले लिए हैं और उस स्कूल में सिर्फ ट्यूशन फीस या ऑनलाइन क्लास के ही रियायत वाले शुल्क लिए जा रहे हैं। लॉक डाउन की वजह से परिजनों की भी आय के स्रोत बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं, ऐसे में सभी के लिए स्कूल की मोटी फीस चुका पाना संभव नहीं है। ऐसे में यदि शासन छत्तीसगढ़ में संचालित स्कूल के शुल्क के निर्धारण पर कोई फैसला लेता है तो यह पालकों के लिए राहत देने वाला फैसला होगा। इस संबंध में वायएमएस यूथ फाउंडेशन का प्रतिनिधिमंड जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा।

 

20-05-2020
21 मई को मनाया जाएगा आंतकवाद विरोधी दिवस, शासन ने जारी किए दिशानिर्देश

रायपुर। राज्य शासन की ओर से विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी 21 मई को आंतकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने समस्त विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को पत्र जारी कर आतंकवाद विरोधी दिवस के आयोजन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देश के अनुसार समस्त शासकीय कार्यालयों और संस्थाओं में उपस्थित लोगों के बीच फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन तय करते हुए कार्यक्रम करने कहा गया है। आतंकवाद विरोधी दिवस पर सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करने और मानवजाति के सभी वर्गों के बीच शांति, सामाजिक सद्भाव व सूझबूझ कायम करने और मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुंचाने वाली और विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की शपथ लेने को कहा गया है। इसका उद्देश्य आम जनता को हो रहे कष्टों और आतंकवाद, हिंसा से राष्ट्रीय हितों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से आम लोगों विशेष रूप से युवाओं को आतंकवाद और हिंसा के मार्ग से दूर रखना है।

16-05-2020
स्कूल ग्रुप को बैन करने की मांग को लेकर एनएसयूआई ने डीईओ को सौंपा ज्ञापन

रायपुर। शिक्षा को व्यापार बनाने का आरोप लगाकर एनएसयूआई ने एक स्कूल ग्रुप को बैन करने की मांग जिला शिक्षा अधिकारी से की है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अमित शर्मा ने बताया कि स्कूल ग्रुप को बैन करने के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी केके चन्द्राकर को ज्ञापन सौंपा गया है। अमित ने कहा कि विगत कई वर्षों से यह स्कूल ग्रुप गली मोहल्लों में प्राइवेट कम्पनी की तरह ब्रांच खोल रहा है। इसमें कहीं भी स्कूल खोलने के लिए ना पर्याप्त जगह है और ना ही पर्याप्त संसाधन उपलब्ध। स्कूल खोलने की नियमों को ताक में रखकर एक प्रकार से व्यापार ही किया जा रहा है। अमित ने कहा कि रायपुर शहर में ही 20 से ज्यादा ब्रांच है जो गली मोहल्ले में देखने को मिल जाएगी। लॉक डाउन में शासन ने स्कूलों को पालकों से फीस वसूलने के लिए मना किया था।

इसके बावजूद स्कूल प्रशासन की ओर से पालकों को फोन और मैसेज कर फीस देने के लिए दबाव बनाया गया था जिस पर शासन की ओर से फटकार भी लगाई गई। इसके बाद भी स्कूल अपनी हरकतों से बाज नहीं आर रही। उन्होंने कहा कि स्कूल मनमानी पर उतर आई है जिस पर एनएसयूआई लगाम लगाना जानती है। आज पहली कड़ी में सिर्फ ज्ञापन सौंपा गया है। 10 दिन के भीतर अगर कार्रवाई नहीं हुई तो स्कूलों में एक साथ तालाबंदी कर उग्र प्रदर्शन एनएसयूआई करेगी। इस दौरान प्रदेश सचिव हेमंत पाल, जिला महासचिव निखिल वंजारी, विधानसभा अध्य्क्ष मोनू तिवारी, मेहताब हुसैन मौजूद थे।

09-05-2020
छत्तीसगढ़ से अन्य राज्य जाने के इच्छुक लोगों का होगा पंजीयन,शासन ने बनाया ऑनलाइन ऐप्लिकेशन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन के कारण फंसे अन्य राज्यों श्रमिकों और व्यक्तियों का अपने राज्य जाने पर पंजीयन किया जाएगा। ऐसे श्रमिक और व्यक्ति,जो अपने निवास के गृह राज्य में वापस जाने के इच्छुक हैं (स्वयं के साधन से जाने वाले और पास के लिए आवेदन करने वालों को छोड़कर), उनके पंजीयन के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन बनाया गया है। एप्लीकेशन का लिंक http:cglabour.nic.in/Covid19_Loginpage.aspx है।श्रम विभाग के सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि प्रदेश के जिला कलेक्टर कार्यालयोें की ओर से 29 अप्रैल से छत्तीसगढ़ राज्य में फंसे ऐसे श्रमिकों और व्यक्तियों के आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं, जो अपने निवास के राज्यों में वापस जाने के इच्छुक हैं। कलेक्टर कार्यालय की ओर से स्वीकार व प्राप्त किए गए, ऐसे आवेदनों को विभाग की ओर से बनाए गए लिंक में अपलोड किए जाने  के लिए सभी जिला कलेक्टर को यूजर आईडी और पासवर्ड जारी किया गया है। इसी प्रकार नवीन प्राप्त होने वाले आवेदनों को भी साथ-साथ ऑनलाइन पंजीयन और प्रविष्टि तय करने के लिए कहा गया है। ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था को 11 मई से आमजनों के लिए भी खोला जाएगा। प्रभावित व्यक्ति इस सुविधा का लाभ लेकर अपना पंजीयन करवा सकेंगे।

 

05-05-2020
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सोशल डिस्टेंसिग का करें पालन: चंद्राकर

बीजापुर। शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए जिले में  सोशल डिस्टेसिंग के साथ ग्रामीण पंजीकृत परिवार महात्मा गांधी नरेगा के विभिन्न निर्माण कार्यों में लगे हैं। महात्मा गांधी नरेगा योजना जिले के ग्रामीण आबादी के लिए राहत बनी हुई है। जिले में महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत 87 ग्राम पंचायतों में 315 कार्य चल रहे हैं,जिसमें  16798 मजदूर कार्यरत हैं। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी पोषण चंद्राकर ने बताया कि इस समय गांव में ही कार्य उपलब्ध होने के कारण कई गांव में बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर कार्य करने आ रहे हैं। किसी भी स्थिति में एक ही स्थान पर लोगों का जमावड़ा न हो, इस बात का  विशेष ध्यान रखने पंचायतो को निर्देश दिए गए हैं। कार्यो में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए कार्य संपादित किये जाने एवं जॉब कार्डधारी परिवारों को इस संबंध में जागरूक करने योजना से जुड़े मैदानी अमलों को कहा गया है। कार्य स्थल पर हाथ धुलाई की व्यवस्था आवश्यक रूप से किये जाने को निर्देश दिए गए हैं।

 

04-05-2020
  आपकी शराब आपके द्वार, ऑनलाइन आर्डर दीजिए घर बैठे शराब पाइए, भीड़ से बचने नया उपाय

रायपुर। भारत सरकार के आदेश के अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 4 मई से सोशल और पर्सनल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए राज्य की मदिरा दुकानों को संचालित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और कोविड-19 के फैलाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से होम डिलीवरी की अनुमति भी शासन ने प्रदान की है। राज्य की मदिरा दुकानें छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पाेरेशन की ओर से संचालित है। शासन के आदेश के पालन में मदिरा दुकानों में भीड़ को नियंत्रित करने सोशल एवं पर्सनल डिस्टेंसिंग के पालन के दृष्टि से डेलीवरी बॉय के माध्यम से मदिरा प्रदाय की व्यवस्था की शुरूआत की गई है। यह व्यवस्था वर्तमान में भारत सरकार के आदेश के तहत ग्रीन जोन में शुरू हो गई है।मदिरा की बुकिंग की वेबसाइट का ऐड्रेस http://csmcl.in  है। उक्त वेबसाइट के माध्यम से मदिरा की डेलिवरी की बुकिंग की जा सकती है। बुकिंग वेबसाइट http://csmcl.in में जाकर बटन को क्ल्कि कर या गूगल प्ले स्टोर में CSMCL APP खोज कर उसे एन्ड्राइड मोबाइल में इंस्टॉल किया जा सकता है। मोबाइल के माध्यम से भी बुकिंग की जा सकती है। ग्राहक को अपना मोबाइल नंबर, आधार कार्ड और पूर्ण पता दर्ज कर पंजीयन करना होगा। पंजीयन ओटीपी के माध्यम से कन्फर्म होगा।पंजीयन के बाद ग्राहक को लॉगिन करने के बाद अपने जिले के निकट के 1 विदेशी दुकान, 1 देशी और एक प्रीमियम दुकान को ड्रॉप के माध्यम से लिंक करने की सुविधा प्रदान की गई है। ग्राहक की सुविधा के लिए जिले की समस्त मदिरा दुकानों को गूगल मैप पर देखने की सुविधा भी प्रदान की गई है, जिससे ग्राहक की ओर से आसानी से अपनी निकट की दुकान का चयन कर लिंक किया जा सकता है। लिंक की गई दुकान से मदिरा डोर डिलीवरी के लिए बुक की जा सकती है। ग्राहकों संबंधित मदिरा दुकान में उपलब्ध मदिरा की सूची और उसका मूल्य प्रदर्शित किया गया है, जिसमें से अपनी पसंद की मदिरा को अपनी आवश्यकता अनुसार क्रय कर सकता है। ग्राहक एक मदिरा दुकान से एक बार में 5000 एमएल तक मदिरा डोर डिलीवरी के माध्यम से प्राप्त कर सकता है।ग्राहक की ओर से बुक की गई शराब सुपरवायजर की ओर से पैक किए जाने पर ग्राहक को स्वत: ओटीपी प्राप्त हो जाएगी। डिलीवरी बॉय से ऑर्डर की गई शराब मिलते ही उन्हें शराब का मूल्य और डिलीवरी चार्ज 120 रुपए का भुगतान करना होगा। भुगतान के बाद ग्राहक को ओटीपी डिलीवरी बॉय को डिलीवरी करने के लिए प्रदान करना होगा।

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804