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24-11-2020
पढ़ई तुंहर दुआर: बच्चों के लाउडस्पीकर वाले चचा दे रहे शिक्षा के साथ कोविड से बचने का ज्ञान

कोरिया। कोरोना महामारी के बीच शिक्षा की लौ जलाए रखने के उद्देश्य से विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ के दूरस्थ ग्रामीण अंचल के संकुल कछौड़ के एक कर्तव्यनिष्ठ और होनहार सीएसी पंचम रोहिणी के द्वारा 9 ग्राम पंचायतों के कुल 22 केन्द्रों में पढ़ाई हमर पारा के अंतर्गत मोहल्ला क्लास का संचालन किया जा रहा है। यहां पंचम के द्वारा बच्चों को लाउडस्पीकर के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। कोविड महामारी के समय विद्यालय से दूर रहने के कारण अध्यापन कार्य में होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए एक सार्थक और अभिनव पहल करते हुए बच्चों को अध्यापन कार्य से जोड़ा गया है। इसके लिए अपने पंचायतों में घूम-घूम कर एसएमसी और पीएलसी के सक्रिय सदस्यों की बैठक आयोजित कर पंचम विद्यार्थियों से सहमति प्राप्त कर मोहल्ला क्लास संचालन के लिए प्रेरित करते हैं।
लाउड स्पीकर के जरिये क्लास लेने में यहां उन्हें गांव के पालक, जनप्रतिनिधि और पढ़े-लिखे नवयुवकों का भी सहयोग बढ़-चढकर प्राप्त हुआ। कोरोना महामारी से बचाव के लिए बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजर का उपयोग, बार-बार हाथ धोने के साथ-साथ एक नए तरीके से अध्यापन कार्य से जोड़ा गया। इससे लोग अपने बच्चों को भी सोशल डिस्टेंसिग का महत्व बताते हुए नियमित रूप से मोहल्ला क्लास में अध्यापन कार्य के लिए भेजने लगे हैं। बच्चे भावनात्मक लगाव के कारण अब पंचम को चच्चा कहकर बुलाते हैं। पंचम रोहणी के द्वारा गांव में पंच, सरपंच,सचिव और शिक्षा सारथी के सहयोग से सफलतापूर्वक कक्षा का संचालन किया जा रहा है।

 

11-11-2020
बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए बना है और वे ही उसका उपयोग करे कलेक्टर ने शिक्षा अधिकारी को दिए निर्देश

रायपुर/जशपुरनगर। कलेक्टर महादेव कावरे ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि जशपुर के जयस्तंभ चौक स्थित बैंडमिंटन इंडोर स्टेडियम खिलाड़ियों के लिए बनाया गया है। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि जयस्तंभ चौक स्थित बैंडमिंटन इंडोर स्टेडियम में बैंडमिंटन खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम निर्मित किया गया है। जहां अब सिर्फ इस स्टेडियम का उपयोग बैडमिंटन खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए ही किया जाएगा। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि समय निर्धारित कर बच्चों को अभ्यास करने की अनुमति दे।

 

 

10-11-2020
सुकमा जिला शिक्षा के क्षेत्र में बाजी मार रहा है, 10वीं में अव्वल और 12वीं में छठा रहा वहां का छात्र

रायपुर/सुकमा। सुकमा के छात्र छात्राएं शिक्षा के क्षेत्र में झंडे गाड़ रहे हैं। ज्ञात हो कि इस वर्ष सुकमा के होनहार छात्रों ने दसवीं बोर्ड में जिले को प्रदेश भर में पहला स्थान दिलाया था वहीं बारहवीं की परीक्षाओं में 6वां स्थान कायम किया था। इसका श्रेय जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, शिक्षक शिक्षिकाओं साथ ही उन छात्रों को भी जाता है, जिन्होंने अपनी मेहनत से प्रदेश भर में जिले को गौरवान्वित किया है।

पढ़ई तुन्हर दुआर से लाभान्वित हो रहे बच्चे
कोरोना महामारी के दौर में बच्चों की शिक्षा पर बुरा प्रभाव डाला है। कोविड-19 के संक्रमण के फैलाव को देखते हुए सभी शैक्षणिक संस्थान बंद करने पड़े। इससे सबसे ज्यादा नुकसान अध्ययनरत छात्र छात्राओं को हुआ। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के छात्र छात्राओं को उनकी पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए ऑनलाइन माध्यम से पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम चलाकर बच्चों के घरों तक शिक्षा पहुंचाने की अनूठी पहल की। इससे प्रदेश भर के लाखों छात्र लाभान्वित हो रहे हैं। जिन क्षेत्रों में इंटरनेट सुविधा सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं है वहां शिक्षा सारथियों की मदद से बच्चों को घर पहुंच शिक्षा उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही नेटवर्कविहीन क्षेत्रों में ऑफलाइन माध्यम से शिक्षा दी गई।

शिक्षा सारथियों ने दिया अमूल्य योगदान
ऑफलाइन कक्षाओं के सफल क्रियान्वयन में ग्रामीण युवक युवतियों ने शिक्षा सारथी के रूप में अपना अमूल्य योगदान दिया है। इसी तारतम्य में सुकमा जिले के छिन्दगढ़ ब्लॅाक के ग्राम पंचायत बिरसठपाल, रतिनाईकरास के रहने वाले शिक्षा सारथी विजय कुमार मांझी ने अपने उत्कृष्ट योगदान से पढ़ई तुंहर दुआर पोर्टल पर ख्याति हासिल की है। उन्हें हमारे नायक के रूप में प्रदर्शित किया गया। मांझी ने बताया कि कोरोना के कारण सभी शालाएं बंद है। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ शासन ने पढ़ाई तुम्हार दुआर कार्यक्रम के जरिए बच्चों तक ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा पहुंचाने की पहल की है। सुकमा में कई ऐसे क्षेत्र है जहां नेटवर्क की सुचारू उपलब्धता नहीं होने के फलस्वरूप बच्चे ऑनलाइन कक्षाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे थे। उन्होंने तब बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए जून 2020 से मोहल्ला कक्षाओं का संचालन शुरू किया। इसमें बच्चों को लरनिंग किट के माध्यम से पढ़ाया गया, हर दो दिन में विजय बच्चों को दिए गए कार्य का अवलोकन कर उन्हें सही सीख देते गए। इससे बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे बेहतर करते गए।

07-11-2020
संसदीय सचिव ने राजनांदगांव की शालाओं में स्मार्ट टीवी से पढ़ाई का किया शुभारंभ

रायपुर। कोरोना काल में भी पढ़ई तुंहर दुआर अभियान के तहत किसी न किसी माध्यम से बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक निरंतर कार्य कर रहे हैं। मोहला के शिक्षकों ने पढ़ई तुहर पारा मोहल्ला के अंतर्गत एंड्रॉइड टीवी से पढ़ाने की नई पहल प्रारंभ की है। इस कड़ी में राजनांदगांव जिले के पेंदाकोड़ो संकुल के 20 प्राथमिक शाला व माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों ने स्वप्रेरित होकर राशि दी है और जनसहयोग से अध्यापन के लिए स्मार्ट टीवी लगाया है, जिसका शुभारंभ संसदीय सचिव इन्द्रशाह मण्डावी ने किया। इन्द्रशाह मण्डावी ने कहा कि हमको शिक्षा के महत्व को समझना होगा और जीवन में शिक्षा को सर्वाेपरि स्थान देना होगा। बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए यह जरूरी है कि उन्हें अच्छी शिक्षा मिले और उनका समग्र विकास हो।इस मौके पर संसदीय सचिव मण्डावी ने संकुल के कर्मठ शिक्षक भुवनदास मानिकपुरी, चंद्रिका कोमरे, हरिशंकर देशलहरा, थानसिंह गांवरे, नूतन सिंह साहू, दीप्ति ठाकुर, रामरतन कोमरे, चन्द्रहास सोनी, संतोष सोरी, सरोज साहू, उमा यादव, सुचित्रा सोनी, ओमप्रकाश कोवाची, यशवंत शाह मंडावी, जनकलाल तुलावी, वेदप्रकाश भुआर्य, राजेंद्र ठाकुर, संतोषी सलामें, शंकर लाल साहू, दमयंती कौशिक, कैलाश कोमरे, गंगोत्री नेताम, आत्माराम नेताम, कन्हैयालाल गोटे, ज्ञानसिंह साहू, देवनी कोमरे, दम्मीचंद निषाद, कांशीराम कंवलिया, नरसिंह हिड़ामें, रेखा सलामें, भागीरथी कुंजाम, संगीता श्यामकर, शांति हिचामें, महेश्वरी गोटे, पीतराम कोर्राम, धनसिंह देवांगन, सदाराम कुंजाम, दीपक राजपूत, अजय अनुप रामटेके, सलूजा कोवाची, कल्याणसिंह नायक, लता कोमरे, उषा घावड़े और सरोज नरेटी का सम्मान किया।

बेहतर समन्वय के लिए संकुल समन्वयक विष्णु निषाद को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।मुख्य बात यह है कि शिक्षा में इस नवाचार के लिए शिक्षकों ने स्वयं राशि दी है, साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी आर्थिक सहयोग किया है। एपीसी सतीश ब्यौहरे ने मजियापार और एबीईओ राजेन्द्र कुमार देवांगन ने झेलुकपारा स्कूल के लिए 1-1 स्मार्ट टीवी दान किया है। जनपद उपाध्यक्ष गमिता लोनहरे ने 2000 रूपए और वीपी प्रजापति ने 1000 रूपए का सहयोग दिया है। शुभारंभ कार्यक्रम के अवसर पर अतिथियों ने मोहला विकासखंड के नवाचारी शिक्षकों, विभागीय अधिकारियों व शिक्षक राजकुमार यादव, समाज सेवी संजय जैन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपसरपंच रमेश हिडामे ने संसदीय सचिव मंडावी के शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग व संकुल के शिक्षकों के बेहतर कार्य को पूरे वनांचल के लिए अनूठा बताया।

 

01-11-2020
Video: करणी सेना नक्सल प्रभावित क्षेत्र में करेगी शिक्षा के प्रचार-प्रसार का अभियान संचालित

रायपुर। राजपूत करणी सेना छत्तीसगढ़ इकाई की बैठक राजधानी स्थित एक होटल में रविवार को हुई। बैठक प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह परिहार के नेतृत्व में हुई। आलोक सिंह परिहार ने कहा कि छत्तीसगढ़ में क्षत्रिय समाज के महापुरुषों की अवहेलना की जा रही है, जिसका करणी सेना पुरजोर विरोध करती है। उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर के टाटीबंध चौक पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा का उचित रखरखाव प्रशासन सुनिश्चित करें। उन्होंने बस्तर नरेश भंजदेव और दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा लगाने की मांग की। महिला इकाई की प्रदेश अध्यक्ष अर्चना सिंह सेंगर ने कहा कि आने वाले समय में करणी सेना प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा के प्रचार-प्रसार का अभियान संचालित करेगी। इससे आने वाली युवा पीढ़ी नक्सलवाद का खात्मा कर अमन-चैन से जिंदगी जी सकें। बैठक में अनु अरुण सिंह व अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

20-10-2020
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा कराने राज्य सरकार से मांगी अनुमति

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा कराने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी और अभी तक अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में 60 हजार से अधिक बच्चों का भविष्य खरते में है। ओपन स्कूल के अधिकारियों का कहना है कि इस साल असाइनमेंट बेस पर परीक्षा ली गई थी। इसमें 10वीं और 12वीं के करीब 90 फीसद बच्चे पास हो गए हैं। ऐसे में 10 फीसद बच्चों के लिए परीक्षा नहीं कराई जाएगी। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के परीक्षा परिणाम में फेल और पूरक आने वाले परीक्षार्थियों को भी निराश होना पड़ रहा है। उनके लिए एक बार फिर श्रेणी सुधारने का अवसर अगस्त-सितंबर में मिलता था, लेकिन इस साल माशिमं परीक्षा नहीं करा पा रहा है। माशिमं ने परीक्षा कराने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है और अभी तक अनुमति नहीं मिली। ऐसे में 60 हजार से अधिक बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।

छात्रों को बोर्ड में मिली है पूरक की पात्रता
10वीं में 25 हजार 487 और 12वीं 34 हजार 880 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता मिली है। 10वीं में कुल 162 परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गए हैं, जिसमें 39 परीक्षार्थियों के परिणाम नकल प्रकरण के कारण और 117 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम पात्रता के अभाव में निरस्त किए गए हैं। वहीं 12वीं में कुल 241 परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गए, जिसमें 70 परीक्षार्थियों के परिणाम नकल प्रकरण के कारण, 168 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम पात्रता के अभाव में निरस्त किए गए हैं। प्रोफेसर वीके गोयल ने बताया कि इस बार ओपन स्कूल की असाइनमेंट बेस पर परीक्षा ली गई थी। इसमें करीब 90 फीसद बच्चे पास हुए हैं। अभी अवसर परीक्षा नहीं ली जाएगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल के बच्चों की पूरक परीक्षा को लेकर राज्य सरकार से अनुमति मांगी गई है।

25-09-2020
छात्रों को शिक्षा में किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए राजीव गांधी कक्षा शुरू

कवर्धा। छत्तीसगढ़ एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के निर्देश पर जिले के ग्राम बम्हनी से एनएसयूआई छत्तीसगढ़ की पहल "डर से दूर, शिक्षा के पास" राजीव गांधी कक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कोविड 19 की इस महामारी में छात्रों के भविष्य को संवारने में एनएसयूआई हर कदम पर साथ खड़ी हैं, के साथ गांव में बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा एनएसयूआई ने ली। एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष शितेष चन्द्रवंशी के नेतृत्व में शुक्रवार से स्कूल के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने एंव कोविड महामारी के दौरान संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक किया गया।  जिला उपाध्यक्ष शितेष ने बताया कि यह कक्षा निरंतर जारी रहेगी। जब तक कोरोना का संक्रमण खत्म नहीं हो जाता। इस दौरान एनएसयूआई जिला सचिव सोनू कौशिक, पीजी कॉलेज अध्यक्ष कृष्णकांत साहू, जयप्रकाश कौशिक, नरेंद्र कौशिक, आईटी सेल सचिव गणेश यादव, तारेंद्र कौशिक एवं अन्य साथियों का सहयोग रहा।

23-09-2020
भूपेश ने कहा-शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता प्राइवेट से कम न हो, यही सफलता का मापदंड होगा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में बेहतर अध्ययन और अध्यापन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि, इन स्कूलों की अधोसंरचना को बेहतर बनाने के साथ ही, यहां पर बच्चों को उच्च क्वालिटी की शिक्षा मिलें, इस पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में आवश्यक अधोसंरचना के निर्माण के लिए डीएमएफ मद की राशि की व्यवस्था तय करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री बघेल ने बुधवार को अपने निवास कार्यालय में शिक्षा विभाग की ओर से स्वीकृत और संचालित स्कूलों की व्यवस्था की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। 

मुख्यमंत्री ने राज्य के जिला मुख्यालयों में स्वीकृत व संचालित शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में बच्चों के दाखिला को लेकर मिले रूझानों पर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि, इन स्कूलों में एडमिशन के लिए पालक एप्रोच करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि,किसी भी स्थिति में शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूलों से कमतर न हो। यही इसकी सफलता पर मापदंड होगा। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में हमारी मंशा प्रत्येक जिला मुख्यालय में एक शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करने की थी, जो बाद में बढ़कर 40 हो गई। पालकों और बच्चों की डिमांड और स्थानीय प्रशासन के उत्साह के कारण अब यह संख्या बढ़कर 51 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी शिक्षा सत्र से राज्य के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करने शासन की मंशा है। 

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 51 स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था तय करने के साथ ही आगामी शिक्षा सत्र से ब्लॉक मुख्यालयों में शुरू होने वाले 146 इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए भी समानांतर प्लानिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों की नियुक्ति व उनके प्रशिक्षण पर विशेष रूप से ध्यान देने की बात कही।  बैठक के प्रारंभ में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने पावरपाइंट प्रजेन्टेशन से शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूलों में हो रहे अधोसंरचना विकास के कार्यों सहित इसके विस्तृत प्लान, प्राचार्यों की प्रतिनियिुक्त और शिक्षकों की भर्ती के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी,संचालक लोक शिक्षण जितेंद्र शुक्ला , उप सचिव सौम्या चौरसिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

22-09-2020
भूपेश बघेल की पहल पर विषम परिस्थियों में भी बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने में जुटी है सरकार

रायपुर/नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल से इस विषम परिस्थिति में भी बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने का प्रयास जारी है। कोरोना काल में स्कूल बंद होने से ग्रामीण अंचलों के बच्चों का घर में रहकर पढ़ाई करना बहुत ही बड़ी परेशानि बानी हुई है। ख़ासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में ऑनलाइन पढ़ाई में दिक्कत आती है क्योंकि नारायणपुर जिले की विषम भौगोलिक परिस्थिति के बीच बसे गाँव में नेटवर्क की समस्या हमेशा बनी रहती है। इस विश्वव्यापी संकट के दौर में पढ़ने वाले बच्चों की जिन्दगी स्थिर हो गई है। सरकार, अभिभावकों और शिक्षकों को अब उनकी शिक्षा की निरन्तरता की चिन्ता सताने लगी है। राज्य शासन द्वारा इस समस्या को दूर करने हर सम्भव प्रयास कर रही है। बच्चों तक शिक्षा की अलख जगाने व बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने  पढई तुंहर दुआर जैसे महत्वकांक्षी योजना का क्रियान्वयन पूरे प्रदेश में किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पहल से इस विषम परिस्थिति में भी बच्चों तक शिक्षा की अलख जगाने एवं बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने पढई तुंहर दुआर जैसे महत्वकांक्षी योजना का क्रियान्वयन पूरे राज्य के स्कूलों में करते हुए बच्चों तक बेहतर शिक्षा पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। इस अभियान की सफलता में कई चुनौतियां है। मसलन एन्ड्राइड मोबाइल, मोबाइल डाटा आदि की उपलब्धता घर में ये साधन हो भी तो बच्चों के लिए इनकी उपलब्धता और सबसे बड़ी बात समाज और अभिभावकों की सहभागिता। राज्य शासन से अब ऑनलाइन पढ़ाई के अतिरिक्त वैकल्पिक व्यवस्था गांव और मोहल्ले में समुदाय की सहायता से बच्चों की सीखने की व्यवस्था, लाउडस्पीकर तथा बुलटू के बोल के माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था करने के निर्देश मिले थे जिससे बच्चों को ऑनलाइन के बिना भी शिक्षा उपलब्ध हो सके।

नारायणपुर विकासखण्ड अन्तर्गत स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय कुम्हारपारा नारायणपुर की छात्रा सविता सलाम को पढ़ाई तुंहर दुआर पोर्टल मे हमारे नायक बनाये गये हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते महाविद्यालय बंद होने के कारण छात्रा घर में ही रककर पढ़ाई कर रही थी। तब उसे राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के बारे में पता चला। जिसमें वे अपने मोहल्ले के बच्चों को मोहल्ला क्लास के माध्यम से पढ़ाने का बीड़ा उठाया। सविता लगभग 45 दिनों से बच्चों को शिक्षा प्रदान करने का सराहनीय काम कर रही है। चर्चा करने पर सविता ने बताया कि वह अपने मोहल्ले में पढ़ने वाले प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को पढ़ाती है। इस दौरान वे विद्यार्थियों को सोशल डिसटेंसिंग का पालन भी कराती है। उनकी कक्षा में विद्यार्थी बड़े उत्साह से पढ़ाई करते हैं। कक्षा के बाद विद्यार्थियों को होमवर्क भी दिया जाता है। जिसे विद्यार्थी सफलतापूर्वक पूर्ण कर उन्हें अगले दिन कक्षा में दिखाकर जांच कराते हैं।

15-09-2020
Breaking  : शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय ने जारी की चयन और प्रतीक्षा सूची, प्रवेश की अंतिम तिथि 1 अक्टूूबर

रायपुर। शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय शंकर नगर रायपुर की सत्र 2020-22 के लिए एमएड एवं बीएड विभागीय और एमएड सीधी भर्ती के अभ्यर्थियों की चयन और प्रतीक्षा सूची जारी कर दी गई है। महाविद्यालय के प्राचार्य ने कहा कि, चयन और प्रतीक्षा सूची का अवलोकन शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय शंकर नगर रायपुर की वेबसाइट  www.cteraipur.org और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की वेबसाइट  scert.cg.gov.in  में किया जा सकता है। महाविद्यालय में प्रवेश के लिए अंतिम तिथि 1 अक्टूबर है।

 

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