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14-09-2020
हाथकरघा संघ ने 486 महिला समूहों को दिया गणवेश तैयार करने का जिम्मा, 5832 महिलाओं को मिल रहा रोजगार

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर द्वारा गणवेश सिलाई के कार्य में छत्तीसगढ़ के लोगों को ही प्राथमिकता से कार्य दिया जा रहा है। गणवेश सिलाई के इस कार्य में अन्य प्रदेश के लोग शामिल नहीं हैं। छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा ने बताया कि ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर द्वारा कोरोना संक्रमण के बावजूद प्रदेश के 486 महिला स्व-सहायता समूह को गणवेश सिलाई के माध्यम से 5832 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही है। महिला स्व-सहायता समूह को समय-सीमा में गणवेश आपूर्ति करने के लिए फरवरी 2020 से ही गणवेश सिलाई का कार्य चालू किया गया था। कोरोना संक्रमण के कारण महिला स्व-सहायता समूह द्वारा गणवेश सिलाई में विलंब हुआ। संघ कार्यालय द्वारा प्रदेश के महिला स्व-सहायता समूह जो संघ के निर्धारित मापदण्ड के अनुसार 486 महिला स्व-सहायता समूह को गणवेश सिलाई का कार्य आदेश दिया है एवं उन्हीं महिला स्व-सहायता समूह को सिलाई के विरूद्ध आर.टी.जी.एस. के माध्यम से सिलाई पारिश्रमिक भुगतान किया गया है।

महिला स्व-सहायता समूह के सिलाई क्षमता, कुशलता, दक्षता के आधार पर गणवेश सिलाई का कार्य संघ द्वारा दिया जाता है। प्रबंध संचालक राणा ने बताया कि विगत दिनों एक दैनिक समाचार पत्र में ‘हाथकरघा में गड़बड़ झाला स्कूलों ड्रेस का काम बंगाल के कारीगरों को सौंपा‘ शीर्षक से प्रकाशित समाचार अनुसार माधुरी यदु, क्षीरसागर महिला स्व-सहायता समूह द्वारा काम देने के एवज में पैसे की मांग की जा रही है एवं माह फरवरी से काम दिया गया था। उसके बाद अचानक काम देना बंद कर दिया गया, का प्रकाशन हुआ था। इस प्रकाशित समाचार के संबंध में उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा संघ रायपुर द्वारा विगत कई वर्षों से महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से गणवेश सिलाई कर स्कूल शिक्षा विभाग एवं राजीव गांधी शिक्षा मिशन को आपूर्ति की जाती है। राणा ने बताया कि महिला स्व-सहायता समूह द्वारा समूह के महिलाओं को असुविधा से बचाने के लिए कार्यालय से सिलाई कार्य आदेश तैयार कर संघ के भनपुरी गोदाम से वस्त्र प्रदाय किया जाता है। जिसमें अभी तक किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। संघ द्वारा पंजीयन सहकारी संस्थाएं फर्म्स से पंजीकृत एवं हाथकरघा संघ से संबद्ध स्व-सहायता समूहों को ही गणवेश सिलाई हेतु वस्त्र प्रदाय किया जाता है। बंगाली कारीगरों अथवा अन्य राज्य के बाहरी कारीगरों को आज तक नहीं दिया गया है। क्षीर सागर महिला स्व-सहायता समूह रायपुर को इस वर्ष 28 हजार गणवेश सेट का सिलाई आदेश दिया जा चुका है जो कि अन्य महिला स्व-सहायता समूहों के कार्य आदेश से सर्वाधिक है। साथ ही उक्त समूह को विगत एक सितंबर 2020 को ही गणवेश सिलाई का भी कार्य आदेश दिया गया है।

 

 

08-09-2020
एथेनॉल निर्माण संबंधी 508 करोड़ की चार प्रस्तावों पर एमओयू, पहली बार स्थापित हो रहे एथेनॉल निर्माण की इकाईयां

रायपुर। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य की पूरे देश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी नई पहचान बनेगी। मुख्यमंत्री बघेल की उपस्थिति में आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ में एथेनॉल निर्माण संबंधी 507 करोड़ 82 लाख रुपए के चार प्रस्तावों पर एमओयू संपन्न हुआ। इन इकाईयों की वार्षिक उत्पादन क्षमता एक लाख 17 हजार 500 किलोलीटर एथेनॉल निर्माण की है, जिसके लिए लगभग 3 लाख 50 हजार टन धान की आवश्यकता होगी। चारों इकाईयों में 583 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। इन इकाईयों में से दो इकाईयां मुंगेली और एक-एक इकाईयां जांजगीर-चांपा तथा महासमुंद में स्थापित होंगे। इन एमओयू पर राज्य शासन की ओर से उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ तथा संबंधित एथेनॉल निर्माण इकाई के उद्योगपतियों द्वारा हस्ताक्षर किया गया। 

मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर राज्य में एथेनॉल निर्माण इकाईयों के स्थापना के लिए बधाई तथा शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि इन एथेनॉल निर्माण इकाईयों से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन आएंगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। यहां एथेनॉल निर्माण की इकाईयों की स्थापना होने से राज्य में धान के आधिक्य का पूरा-पूरा उपयोग होगा। इसका राज्य में गरीब आदिवासी किसानों सभी वर्ग के लोगों को भरपूर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार की विशेष पहल से छत्तीसगढ़ में एथेनॉल निर्माण की इकाई की स्थापना संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की पहचान सीमेंट, बिजली और स्टील प्लांट आदि के रूप में तो विख्यात है ही, लेकिन अब यहां एथेनॉल निर्माण की इकाई से छत्तीसगढ़ की खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी नई पहचान बनेगी। इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि राज्य में एथेनॉल निर्माण इकाई की स्थापना यहां किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री बघेल की पहल पर राज्य सरकार द्वारा की गई है। राज्य में धान खरीदी, उत्पादन तथा निष्पादन की प्रक्रिया सतत् रूप से चलने वाली है। एथेनॉल निर्माण की इकाई स्थापित होने से राज्य की आर्थिक व्यवस्था को विशेष गति मिलेगी। इस दौरान एथेनॉल निर्माण की इकाई स्थापित करने वाले उद्योगपतियों से इकाईयों की स्थापना को शीघ्रता से पूर्ण करने के लिए भी कहा गया। इसमें राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग के लिए आश्वस्त किया गया। 

राज्य में एथेनॉल निर्माण के लिए एमओयू संपन्न हुए चार इकाईयों में से मेसर्स छत्तीसगढ़ डिस्टीलरीज लिमिटेड कुम्हारी द्वारा उक्त परियोजना में 157 करोड़ 50 लाख रूपए का पूंजी निवेश किया जाएगा। इससे 100 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उक्त इकाई द्वारा 36 हजार 500 किलोलीटर एथेनॉल और 1825 किलोलीटर अशुद्ध स्प्रीट के उत्पादन का वार्षिक लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह मेसर्स चिरंजीवनी रियलकॉम प्रायवेट लिमिटेड बिलासपुर द्वारा उक्त परियोजना में 130 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश किया जाएगा। इससे 118 लोगों को रोजगार मिलेगा। इकाई द्वारा 1.80 करोड़ लीटर एथेनॉल, 1.80 करोड़ लीटर ई.एन.ए. तथा 14 हजार 400 टन डीडीजीएस वार्षिक उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह मेसर्स क्यूबिको केमिकल्स प्रायवेट लिमिटेड भिलाई द्वारा उक्त परियोजना में 122 करोड़ 32 लाख रूपए पूंजी निवेश किया जाएगा।

इससे 222 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध होगा। इकाई द्वारा 33 हजार किलोलीटर एथेनॉल निर्माण का वार्षिक उत्पादन लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा मेसर्स श्याम वेयरहाउसिंग एंड पावर प्रायवेट लिमिटेड द्वारा उक्त परियोजना में 98 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश किया जाएगा। इससे 93 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। इकाई द्वारा 30 हजार किलोलीटर एथेनॉल निर्माण का वार्षिक लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया, संसदीय सचिव रश्मि आशीष सिंह, राज्य महिला आयोग की अघ्यक्ष  किरणमयी नायक, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, अपर मुख्य सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, सचिव डॉ. एम.गीता, सचिव आर. प्रसन्ना, नीलेश क्षीरसागर सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

07-09-2020
युवा कांग्रेस और एनएसयूआई ने किया मानव श्रंखला बनाकर सांकेतिक प्रदर्शन, रोजगार दो की मांग

भिलाई। एनएसयूआई और युवक कांग्रेसियों ने ख़ुर्सीपार गेट चौक से मुर्ग़ा चौक सेक्टर 1 तक मानव श्रंखला बना कर सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और स्टिकर बना कर रोज़गार दो की मांग की। प्रदर्शन में विधायक देवेंद्र यादव,पूर्व महापौर नीता लोधी,ज़िला कांग्रेस भिलाई अध्यक्ष तुलसी साहू,युवा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री,सीजु ऐन्थॉनी,डी॰कामराजु,सौरभ दत्ता समेत ज़िला कांग्रेस के अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे। इस दौरान कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार को कोसा। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव कहा कि कैसे नरेंद्र मोदी ने हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोज़गार देने का वादा कर मुकर गई। यादव ने कहा कि झूठ बोलकर भाजपा की केंद्र सरकार सत्ता में आई है। हर वर्ग के साथ इन्होंने छलावा करने का काम किया है। रोज़गार दो अभियान को लेकर देवेंद्र यादव ने कहा कि मुझे बहुत दुःख होता है कि हमारे शहर में इस प्लांट के होते हुए जब कोई मेरे पास नौकरी माँगने के लिए आता है तो मैं कहता हूँ।

भाई ठेका श्रमिक ही बन सकते हैं। यहाँ पर ये बीएसपी प्रबंधन यहाँ के स्थानीय लोगों के लिए किसी भी प्रकार की स्थायी या अस्थायी भर्ती नहीं निकालती है। बल्कि पूरे देश भर से लोगों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर यहाँ के लोगों को से उनका हक़ मारकर रोज़गार से वंचित रखने का काम कर रहे हैं। इसके लिए हम अब लड़ाई लड़ रहे और युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के साथ मिलकर इस लड़ाई को लड़ेंगे और जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी इस अभियान की जानकारी देकर स्थानीय लोगों के रोज़गार के लिए यहाँ आरक्षण सुनिश्चित करने के विषय पर चर्चा की जाएगी। युवक कांग्रेस अध्यक्ष अफ़रोज़ खान और एनएसयूआई के ज़िलाध्यक्ष आदित्य सिंह ने संबोधित करते हुए बताया कि पूरे देश भर में युवा कांग्रेस यह अभियान चला रही है। इसके तहत आज हम लोग भिलाई में मेरा भिलाई मेरा रोज़गार का नारा देते हुए भिलाई स्टील प्लांट में समक्ष प्रदर्शन कर रहे है।

इसमें की मुख्य माँग भिलाई स्टील प्लांट में स्थानीय युवाओं को रोज़गार दिया जाना चाहिए तथा साथ ही भिलाई में स्थित समस्त निजी उद्योगों तथा उद्योगिक क्षेत्रों में भी स्थानीय लोगों को रोज़गार देने की माँग की जाएगी। अभी आगे अन्य चरण में रोज़गार दो अभियान के तहत जैसा दिशा निर्देश संगठन से मिलेगा युवा कांग्रेस एवं एन॰एस॰यू॰आई॰ बेरोज़गार युवाओं की इस लड़ाई को लड़ती रहेगी। कार्यक्रम में मुख्यरूप युवा कांग्रेस के आमिर सिद्दीक़ी,अंकुश पिल्ले,अमित उपाध्याय,सुनील गोयल,अरविंद राय,आशीष शुक्ला,अभिषेक मिश्रा,अतुल राय,नरसिंग नाथ,बबीता बैसारे,डी॰नागमणी,तुलसी पटेल,निलेश चौबे,विभोर दुर्गोरकर,आकाश मजूमदार,मनीष तिवारी,संगम यादव,दिलीप,शुभम झा,आकाश यादव,अखिलेश जोशी,अर्जुन शर्मा,अमरेश गिरी,शशिकांत साव,हरीश सिंग,नवदीप सिंग एवं हज़ारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

05-09-2020
महापौर परिषद की बैठक में चंद्रा मौर्या टॉकीज के सामने कब्जे के आधार पर आवंटित भूमि के संबंध में हुई चर्चा

भिलाई । महापौर परिषद के सदस्य नीरज पाल की अध्यक्षता एवं उपायुक्त अशोक द्विवेदी की उपस्थिति में शनिवार को निगम के सभागार में सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते हुए महापौर परिषद की बैठक हुई। राजस्व विभाग द्वारा महापौर परिषद के समक्ष लाए गए प्रस्ताव चंद्रा मौर्या टॉकीज के सामने कब्जे के आधार पर आवंटित भूमि के संबंध में चर्चा की गई और प्रकरण अगले बैठक में लाने पर विचार किया गया। महापौर परिषद की बैठक में इस प्रकरण को लाने के पूर्व निगम अधिवक्ता से राय ली गई है! जोन क्रमांक 4 के अंतर्गत आने वाले उद्यानों के रखरखाव एवं संधारण के लिए महिला स्व सहायता समूह को दिए जाने के लिए प्रस्ताव महापौर परिषद के समक्ष जोन 4 द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव अनुसार उद्यानों के आसपास नागरिकों को खानपान सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने अस्थाई ठेला, वेंडर्स, कार्ट लगाने की अनुमति महिला स्व सहायता समूह, स्वयंसेवी संस्थाओं को दी जाती है तो उद्यान के रखरखाव की व्यवस्था के साथ ही महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके लिए शहरी आजीविका केंद्र में पंजीकृत महिला या महिला समूह को संचालन के लिए जिम्मेदारी दी जा सकती है।

उद्यानों को इस आधार पर रखरखाव में देने के लिए नियम शर्ते भी तैयार की गई है। इसके तहत प्रथम चरण में जोन क्रमांक 4 अंतर्गत पांच उद्यानों को पंजीकृत महिला या महिला समूह को संचालन के लिए दिए जाने की स्वीकृति महापौर परिषद से चाही गई है। परंतु महापौर परिषद ने चर्चा के उपरांत कहा कि इस प्रकार के प्रकरण समस्त जोन द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें सलाहकार समिति में रखा जाना उचित होगा। सलाहकार समिति में चर्चा होने के उपरांत प्रस्ताव महापौर परिषद के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। उद्यान विभाग द्वारा उद्यानों के रखरखाव एवं संधारण के लिए तैयार किए गए नियम शर्तों को भी सलाहकार समिति के माध्यम से महापौर परिषद के समक्ष प्रस्तुत करने पर चर्चा की गई। बैठक में महापौर परिषद के सदस्य डाॅ.दिवाकर भारती, दुर्गा प्रसाद साहू, जोहन सिन्हा, साकेत चंद्राकर, सूर्यकांत सिन्हा, जी.राजू, सुशीला देवांगन, सदीरन बानो, सोशन लोगन, निगम के जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा, कार्यपालन अभियंता संजय बागड़े, डीके वर्मा, सहायक अभियंता सुनील जैन एवं सुनील दुबे, लेखा अधिकारी जितेंद्र ठाकुर, सचिव जीवन वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

27-08-2020
सांसद सुनील सोनी को समाज कार्य संघ ने सौंपा ज्ञापन...

रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र में व्यवसायिक समाजकार्य संघ जिला रायपुर के सदस्यों ने कोषाध्यक्ष चंद्रकांत सोनमिरी के नेतृत्व में सांसद सुनील सोनी से मुलाकात की। उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को सरकार तक पहुंचाने की मांग की। संघ के सदस्यों ने सांसद सोनी को बताया कि लोकसभा 2018 का बिल क्रमांक 130 भारतीय गणतंत्र के 60वें वर्ष में संसद द्वारा अधिनियमित किया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में समाजकार्य विषय की पढ़ाई करने से संबंधित सभी समस्या व रोजगार के कमी के बारे में जानकारी दी। साथ ही संघ की समस्याओं को विधानसभा के मानसून सत्र में रखने का मांग किया। वहीं सांसद ने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रभारी जिलाध्यक्ष प्रियंका पांडे, उप जिलाध्यक्ष भरत सिन्हा, सचिव दीपा पटेल, निशा ठाकुर, कोषाध्यक्ष चंद्रकांत सोनमिरी, मीडिया प्रभारी आशीष ठाकुर, संजय कुमार कोर कमिटी मेंबर, प्रतीक्षा तिवारी, अभिमन्यु सिंग सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

25-08-2020
इस साल अब तक 9.44 करोड़ मानव दिवस रोजगार का सृजन, कुल लक्ष्य का 70 फीसदी पूरा, 2092 करोड़ का मजदूरी भुगतान

रायपुर। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) श्रमिकों के मजदूरी भुगतान के लिए केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए 45 करोड़ 80 लाख रुपए जारी किए गए हैं। प्रदेश में चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा के अंतर्गत अब तक 25 लाख 98 हजार परिवारों को सीधे रोजगार उपलब्ध कराते हुए 2091 करोड़ 90 लाख रुपए से अधिक का मजदूरी भुगतान किया जा चुका है। इसमें राज्य सरकार द्वारा मनरेगा श्रमिकों को उपलब्ध कराए गए 50 अतिरिक्त दिनों के रोजगार के एवज में 94 करोड़ 82 लाख रुपए का मजदूरी भुगतान भी शामिल है। इस दौरान सामग्री मद में भी 384 करोड़ 12 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि प्रदेश के लिए इस साल स्वीकृत कुल 13 करोड़ 50 लाख मानव दिवस लेबर बजट के विरुद्ध प्रदेश में अब तक नौ करोड़ 44 लाख मानव दिवस रोजगार सृजित हो चुका है।

चालू वित्तीय वर्ष में पांच महीने से भी कम समय में साल भर के लक्ष्य का लगभग 70 फीसदी हासिल कर लिया गया है। प्रदेश में मनरेगा जॉबकॉर्डधारी 79 हजार 280 परिवारों को सौ दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। 
छत्तीसगढ़ के लिए भारत सरकार द्वारा मजदूरी मद में इस वर्ष अब तक कुल 2204 करोड़ 88 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 2116 करोड़ 20 लाख रुपए प्रदेश को प्राप्त हुए हैं। भारत सरकार से अभी मजदूरी मद में 118 करोड़ 91 लाख रुपए और सामग्री मद में 148 करोड़ 25 लाख रुपए की राशि जारी होना लंबित हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सिंहदेव कोविड-19 के चलते राष्ट्रव्यापी लॉक-डॉउन के दौरान प्रदेश में व्यापक स्तर पर शुरू किए गए मनरेगा कार्यों तथा वर्षा ऋतु में जरुरतमंदों को रोजगार उपलब्ध कराने संचालित कार्यों के मजदूरी भुगतान के लिए भारत सरकार से शीघ्र राशि जारी करवाने लगातार पहल कर रहे हैं।

19-08-2020
लोक सेवा गारंटी अंतर्गत ग्रामोद्योग विभाग में सभी प्रकरण निराकृत

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की मंश अनुरूप ग्राम उद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में सभी प्रकरणों का निराकरण किया गया। विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के अंतर्गत माह जनवरी से जुलाई 2020 तक मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के 877 और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के 1619 आवेदन प्राप्त हुए थे। रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत लोक सेवा गारंटी के प्राप्त कुल 2496 आवेदनों का समय-सीमा में सभी प्रकरणों का निराकरण किया गया।

निराकृत प्रकरणों में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत नारायणपुर के 5, बीजापुर के 6, रायपुर और कांकेर के 7-7, बेमेतरा-9, कोरिया-10, मुंगेली-11, सुकमा और दंतेवाड़ा के 12-12, गरियाबंद और सरगुजा के 13-13, महासमुंद के 19, कोरबा के 20, बालोद के 22, सूरजपुर के 23, दुर्ग और कोण्डागांव के 28-28, राजनांदगांव के 30, बस्तर के 47, कवर्धा के 52, धमतरी के 59, जशपुर और रायगढ़ 68-68, बिलासपुर के 72, बलौदाबाजार-भाटापारा के 115 और जांजगीर-चांपा के 122 प्रकरण शामिल हैं।

इसी प्रकार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत नारायणपुर के 6, बालोद के 8, बीजापुर के 11, सुकमा के 20, दंतेवाड़ा और बेमेतरा के 21-21, गरियाबंद के 26, बलौदाबाजार भाटापारा के 31, जशपुर के 37, सरगुजा के 41, बलरामपुर और दुर्ग के 44-44, धमतरी के 48, रायपुर के 49, सूरजपुर के 54, कोण्डागांव के 55, बस्तर के 56, मुंगेली के 63, बिलासपुर के 64, महासमुंद के 70, कवर्धा के 71, कांकेर के 92, रायगढ़ के 97, राजनांदगांव के 118, कोरबा और कोरिया के 139-139 तथा जांजगीर-चांपा जिले के 194 प्रकरण शामिल हैं।

17-08-2020
छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती से लेकर सब इंस्पेक्टर भर्ती और पुलिस भर्ती तक सब ठप्प क्यों पड़े हैं? : भाजयुमो

रायपुर। भाजयुमो नेता उमेश घोरमोड़े ने कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि भगवान राम के अस्तित्व पर हलफनामा दे कर सवाल खड़ा करने वाले भव्य राम मंदिर के शिलान्यास के बाद अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। अच्छा हिन्दू राम मंदिर का निर्माण नहीं चाहता कहने वाले और सालों साल राम मंदिर निर्माण में बाधा उत्पन्न करने वाले राम का नाम ले कर अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें शायद इस बात का अंदाजा नहीं कि वे अब पिट चुके मोहरे हैं। उमेश घोरमोड़े ने कहा कि बेनकाब हो गए राम को काल्पनिक बताने वाले और बार बार तारीख पूछ राजनीति करने वाले। भगवान प्रभु श्रीराम हमारे आराध्य है। देश ने तारीख भी देख ली, दीपोत्सव भी माना लिया शिलान्यास भी हो गया, जल्द भव्य मंदिर भी देश देखेगा। उन्होंने कहा कांग्रेस को मंदिर की नहीं अब अपने अस्तित्व की चिंता करने की आवश्यकता है।

घोरमोड़े ने कहा कि किस मुह से बेरोजगारों की बात कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता उन्हें पहले बताना चाहिए की प्रदेश में शिक्षक भर्ती से लेकर सब इंस्पेक्टर भर्ती और पुलिस भर्ती सब ठप्प क्यों पड़ा हैं? सारी प्रकिया पूर्ण कर चुके शिक्षक भर्ती को क्यों लटकाया जा रहा है? रोजगार देने का वादा कर सत्ता में आने वाली कांग्रेस सत्ता में आते ही रोजगार छिनने वाली और बेरोजगारी भत्ता के नाम पर ठगने के साथ साथ अब मेहनत से रोजगार प्राप्त करने वालों के वेतन में भी कटौती करने वाली बन गई है। घोरमोड़े ने कहा कि गोधन न्याय योजना किस प्रकार विश्व की सबसे बड़ी घोटाला योजना की ओर अग्रसर हो रही है यह किसी से छुपा नहीं है। छत्तीसगढ़ में बीते 18 महीनों में प्रदेश की सरकार की एक भी योजना धरातल पर नजर नहीं आती। विफल योजनाओं से न सिर्फ प्रदेश की जनता का दम घुटने लगा है अपितु योजना के नाम पर गोवंश का दम निकल रहा है।

14-08-2020
सब्जी उगाकर सुरेश को मिली बेरोजगारी से आजादी, अब दे रहा 10-15 लोगों को खुद रोजगार

कोरबा। बेरोजगारी से संघर्ष कर आजादी पाने वाले सुरेश कुमार निर्मलकर जिले और प्रदेश के युवाओं के बीच सामाजिक, आर्थिक स्वतंत्रता के लिए आइकाॅन बन गए हैं। आज सुरेश ने सब्जी उत्पादन कर जिले के सब्जी व्यापारियों के बीच विशेष पहचान बना ली है। साल में लगभग 15-16 लाख रूपए का टर्न ओवर रखकर सब्जी उत्पादन करने वाले सुरेश कुमार के पतरापाली के 10 एकड़ खेत में 10 से 15 लोग लगातार काम कर रहे हैं। सुरेश ने कोरबा के डिग्री काॅलेज से आर्ट्स संकाय में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। खुद सुरेश बताते हैं कि डिग्री लेने के बाद रोजगार के लिए तीन साल आफिस चक्कर लगाए। व्यवसाय के लिए लोन प्राप्त करने बैंको में गए, परंतु सब जगह सक्षमता और अनुभवहीनता के कारण बात नहीं बनी।
सुरेश कुमार छत्तीसगढ़ सरकार के उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के सम्पर्क में आए और उनकी बेरोजगारी की रात रोजगार के लम्बे दिनों में तब्दील हो गई। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने सुरेश कुमार निर्मलकर को सब्जियों की खेती करने की सलाह दी और जरूरी तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया। विभाग के अधिकारियों ने इसके साथ ही उन्हें बीज-खाद, दवाई और अन्य जरूरी सामानों के रूप में भी सब्जी की खेती के लिए मदद की। शुरूआत में सुरेश कुमार निर्मलकर ने कोरबा विकासखण्ड के पतरापाली में लीज़ पर जमीन लेकर लगभग तीन एकड़ रकबे में खीरा, करेला और बरबट्टी की फसल लगाई थी। सब्जियों को कोरबा, कटघोरा, पाली सहित उपनगरीय क्षेत्र दीपका में भी बेचकर सुरेश को पूरे सीजन में इन तीनों फसलों से लगभग आठ लाख रूपए मिले थे। सुरेश स्वयं बताते हैं कि पहली बार मेहनत का फल चखा, मन खुश हो गया। खीरा लगभग एक लाख 82 हजार रूपए का, करेला लगभग तीन लाख रूपए का और बरबट्टी लगभग तीन लाख रूपए की बेची थी।
सब्जी उगाने से फायदे को देखते हुए सुरेश निर्मलकर ने इस काम को व्यवसाय के रूप में विकसित करने का फैसला किया और बेंदरकोना गांव में दस एकड़ जमीन लीज़ पर लेकर सब्जियों का व्यवसायिक उत्पादन शुरू किया। बीज-खाद, दवाई के साथ-साथ जमीन पर ट्यूबवेल खुदवाकर ड्रिप सिस्टम भी उद्यानिकी विभाग से सब्सिडी पर लेकर सुरेश ने बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती शुरू कर दी। इस काम में हाथ बंटाने के लिए सुरेश ने 10-15 स्थानीय लोगो को भी काम पर रख लिया। करेला, बरबट्टी, डोंड़का, लौकी जैसी बेलदार सब्जियों के लिए उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में नई-नई तकनीकों का प्रयोग भी सुरेश कुमार अपने खेत में कर रहे हैं। उन्होने अधिक फसल उत्पादन, सिंचाई की समन्वित तकनीक और खरपतवारों से फसल को बचाने के लिए मल्चिंग पद्धति भी सब्जी उत्पादन के लिए अपना ली है। आज सुरेश कुमार के खेत में लगभग 10 एकड़ रकबे में सब्जियां लगी है। समय-समय पर सब्जियों की तौड़ाई कर उन्हें कोरबा सहित कटघोरा और दीपका की मंडियों में बेचकर सुरेश कुमार हर साल 10 से 15 लाख रूपए का टर्न-ओवर रख कर रहे हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार देने के साथ-साथ सुरेश कुमार पूरे जिले में सब्जी उत्पादन के लिए दूसरे लोगों को भी प्रेरित कर रहे हैं। सुरेश कुमार अपने इस व्यवसाय को निरंतर आगे बढ़ाने के प्रयास में लगे रहते हैं। वे अब कोरबा विकासखण्ड के ही गौड़ी गांव में ही तीन एकड़ जमीन और बुंदेली गांव में पांच एकड़ जमीन लीज़ पर लेकर बड़े पैमाने पर अलग-अलग सीजन में अलग-अलग सब्जियां उगाने की तैयारी कर रहे हैं। सुरेश कुमार के सब्जी उत्पादन के बारे में वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी दिनकर ने बताया कि सुरेश कुमार ने सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में कोरबा जिले में बड़े इन्टरप्रेन्योर के रूप में अपनी पहचान बना ली है। सब्जियां उगाने के साथ-साथ उसकी मार्केटिंग और भण्डारण आदि के बारे में भी उनकी जानकारी अच्छी है। लोगो को ताजी सब्जियां उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय लोगो को रोजगार से जोड़ने की सुरेश की यह पहल निश्चित ही दूसरे लोगो के लिए प्रेरणादायी है।

 

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