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01-03-2021
छत्तीसगढ़ बजट 2021 : 20 लाख 53 हजार किसानों से खरीदी धान, नरेगा में रोजगार और भुगतान का बनाया रिकॉर्ड

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र शुरू हो चूका है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बजट पेश कर रहे हैं। सीएम ने बताया कि इस बार 20 लाख 53 हजार किसानों से धान की खरीदी की गई है। इस बार नरेगा में रोजगार और भुगतान दोनों में रिकॉर्ड बनाया गया है। शाकम्भरी योजना के लिए 123 करोड़ का प्रावधान है। उद्यानिकी फसलों के लिए 495 करोड़ का बजट है। गौठान योजना के लिए 175 करोड़ का प्रावधान है।

22-02-2021
संभागायुक्त ने किया महोरा गौठान का निरीक्षण, देखीं रोजगार मूलक गतिविधियां

कोरबा। जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखण्ड में स्थापित महोरा गौठान का संभागायुक्त डाॅ. संजय अलंग ने निरीक्षण किया। उन्होंने गौठान में वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन से लेकर गोबर खरीदी, गोबर के विभिन्न उत्पाद बनाने और चारागाह का भी अवलोकन किया। संभागायुक्त ने महोरा गौठान में महिला समूहों द्वारा की जा रही विभिन्न रोजगार उन्मुखी गतिविधियों से आय के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली। डाॅ. अलंग ने महोरा के गौठान में उपलब्ध अधोसंरचना, रोजगार मूलक गतिविधियां, बिजली-पानी की व्यवस्था के साथ-साथ चारागाह और सब्जी उत्पादन से प्रभावित होकर उसे माॅडल मल्टी एक्टिविटी सेंटर करार दिया। संभागायुक्त ने राज्य सरकार की मंशानुसार गौठान को मल्टी एक्टिविटी सेंटर के रूप में स्थापित करने पर कलेक्टर किरण कौशल और कोरबा जिले के अधिकारियों की टीम को बधाई तथा शुभकामनाएं दी। इस दौरान कलेक्टर किरण कौशल, अपर कलेक्टर प्रियंका महोबिया, डिप्टी कमीश्नर अर्चना मिश्रा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

 

20-02-2021
विस्थापित ग्रामों के बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की किसान सभा ने महाप्रबंधक से

कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा ने एसईसीएल परियोजना से प्रभावित भू विस्थापित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है। छत्तीसगढ़ किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू,पुरषोत्तम कंवर के नेतृत्व में गेवरा के कार्मिक प्रबंधक एस.वेंकटेश्वर को महाप्रबंधक के नाम का ज्ञापन सौंपा। जवाहर सिंह कंवर और दीपक साहू ने बताया की ग्रामीण किसान खेती किसानी पर आश्रित थे लेकिन एसईसीएल में जमीन अधिग्रहण के बाद गांव से अधिकांश विस्थापित परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एसईसीएल पर आश्रित है। आश्रित परिवार के बेरोजगार युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे है। कंपनी के अधीनस्थ कार्यरत आउट सोर्सिंग एवं वैकल्पिक कार्यों में भू विस्थापित युवाओं को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। किसान नेताओं ने कहा कि एसईसीएल की नैतिक जिम्मेदारी है कि भू विस्थापित ग्रामों के युवा बेरोजगारों को प्रशिक्षण की व्यवस्था कराकर विभिन्न स्थाई और सभी कामों में रोजगार उपलब्ध कराए।

 

16-02-2021
मनरेगा से कांकेर जिले में 63 हजार 445 परिवारों को प्रतिदिन मिल रहा रोजगार

कांकेर/रायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना से कांकेर जिले में 63 हजार 445 परिवारों को प्रतिदिन रोजगार प्राप्त हो रहा है। कलेक्टर चन्दन कुमार ने इस योजनांतर्गत वन विभाग को भी तालाब, डबरी जैसे अधिक से अधिक रोजगारमूलक कार्य स्वीकृत कराने और श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के लिए निर्देशित किया है। जनपद सीईओ को भी श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिये गये हैं। कांकेर जिले में वन अधिकार पट्टाधारी 3 हजार 635 परिवारों को मनरेगा में 100 दिवस रोजगार उपलब्ध कराया गया है, इसके अलावा 14 हजार परिवारों को भी 100 दिवस के रोजगार उपलब्ध कराये गये हैं। कलेक्टर चन्दन कुमार ने प्रधानमंत्री आवास निर्माण, गौठानों में गोबर खरीदी और उससे वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण, सोलर पंपयुक्त गौठानों में चारागाह का विकास, नरवा ट्रीटमेंट इत्यादि की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं।

सांसद व विधायक निधि अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में प्रगति की समीक्षा करते हुए वर्ष 2018-19 तक स्वीकृत कार्यों को मार्च माह तक पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। जाति प्रमाण पत्र बनाने के कार्य भी उनके द्वारा समीक्षा की गई और बीईओ स्तर से तहसील कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र का फार्म जमा करने में तेजी लाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये हैं। इस अभियान के तहत् अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग के 1372 विद्यार्थियों का स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनाया जा चुका है तथा 2646 आवेदन पंजीकृत हो चुके हैं। कलेक्टर चन्दन कुमार ने राजस्व प्रकरणों डायवर्सन, भू-अर्जन, सीमांकन इत्यादि की समीक्षा करते हुए प्रकरणों का तेजी से निराकरण एवं सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कार्ट में दर्ज करने के निर्देश एसडीएम, तहसीलदार को दिये हैं। नगरीय क्षेत्र में अतिक्रमित शासकीय भूमि का व्यवस्थापन एवं कोविन-19 के टीकाकरण की भी उनके द्वारा समीक्षा किया गया एवं कोरोना के टीकाकरण कार्य में तेजी लाने के लिए सीएमएचओ को निर्देशित किया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे, कांकेर वनमण्डलाधिकारी अरविन्द पीएम, अपर कलेक्टर एस.पी. वैद्य सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ एवं नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी उपस्थित थे।

 

15-02-2021
रोजगार मेला 17, 24 और 27 फरवरी को

धमतरी । जिले में रोजगार मेला का आयोजन संयुक्त रूप से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र धमतरी तथा कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। इसी कड़ी में आगामी 17 फरवरी को जनपद पंचायत धमतरी, 24 फरवरी को कुरूद और 27 फरवरी को मगरलोड जनपद पंचायत में रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। सहायक श्रमायुक्त अजय हेमंत देशमुख ने बताया कि उक्त रोजगार मेले में श्रम विभाग द्वारा भी प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना संबंधी आवेदन लिए जाएंगे। उन्होंने अपील की है कि 18 से 40 वर्ष तक इच्छुक ऐसे सभी निर्माणी एवं असंगठित श्रमिक, जो आयकर की श्रेणी में नहीं आते, वे अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इच्छुक श्रमिक अपना आधार कार्ड, बैंक पास बुक, उत्तराधिकारी आधार कार्ड एवं मोबाईल नंबर की जानकारी के साथ उक्त रोजगार मेला में उपस्थित हो, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

 

06-02-2021
मनरेगा आयुक्त ने ली बैठक,ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

रायपुर। मनरेगा आयुक्त मोहम्मद कैसर अब्दुल हक ने शनिवार को प्रदेश में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा में वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक ली। दिन भर चली मैराथन बैठक में सभी जिलों के कार्यक्रम अधिकारियों व सहायक परियोजना अधिकारियों को मनरेगा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए सभी जिलों को लक्ष्य के अनुसार ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार देने और पुराने अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने कहा। मनरेगा आयुक्त ने अधिक से अधिक जॉब-कार्डों को सक्रिय करते हुए सभी इच्छुक लोगों को काम उपलब्ध कराने कहा। ज्यादा से ज्यादा मनरेगा कार्य शुरू करने व उनमें श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने ग्राम रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों को सक्रिय कर प्रतिदिन के लक्ष्य व प्राप्ति का आंकलन कर वार्षिक वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्यों को हासिल करने कहा। मनरेगा के अंतर्गत हो रहे नरवा संरक्षण-संवर्धन कार्यों के परिणाम का मूल्यांकन भूजल स्तर व फसल के रकबे में बढ़ोतरी व नरवा में सतही जल की उपलब्धता की समयावधि के आधार पर करने कहा। उन्होंने मजदूरी भुगतान के रिजेक्टेड ट्रांजेक्शन का हल निकालने नरेगा सॉफ्ट में हितग्राही के नाम व बैंक के पास-बुक में अंकित नाम में भिन्नता को दूर करने व बिना आधार कार्ड सीडिंग वाले श्रमिकों की केवाईसी  कराने के लिए बैंकों से सतत सम्पर्क रखने कहा। उन्होंने इसके लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त करने कहा। मनरेगा आयुक्त ने फेस-1 के दौरान हुए कार्यों की जियो टैगिंग 31 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। मनरेगा के अंतर्गत टाइम-मोशन-स्टडीज के लिए मानसून पूर्व की कार्ययोजना भी तैयार करने कहा। उन्होंने अगला वित्तीय वर्ष शुरू होने के पहले महिला मेट की नियुक्ति के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में ऐसी महिलाओं का चिन्हांकन करने कहा जो मोबाइल एप्लीकेशन फ्रेंडली हों। नियमानुसार उनकी नियुक्ति कर प्रशिक्षण पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2018-19 तक के अपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने के लिए 15-15 दिनों की कार्ययोजना बनाकर राज्य कार्यालय को भेजने कहा। उन्होंने ऐसे कार्यों जो विद्यतीकरण नहीं होने के कारण अपूर्ण हैं, उनकी भी सूची राज्य कार्यालय को भेजने कहा ताकि राज्य स्तर से उस पर कार्यवाही की जा सके।

 

05-02-2021
ताम्रध्वज साहू ने ली अधिकारियों की बैठक,रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने पर दिया जोर

रायपुर। गरियाबंद जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने शुक्रवार को राजिम रेस्ट हाउस में गरियाबंद जिला अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जिले में जारी विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। मंत्री साहू ने निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और लक्षित बजट के अनुसार कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट के लिए भी प्रस्ताव बनाने कहा। उन्होंने कहा कि जिले के गौठानों को बहुउद्देश्यीय कार्यस्थल के रूप में विकसित किया जाए। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बैठक में मंत्री साहू ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए धान फसल के अलावा अन्य फसलों के लिए प्रेरित करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जिले में क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों और सड़कों की जानकारी भेजने को कहा, ताकि इनके मरम्मत लिए तत्काल राशि स्वीकृत की जा सके। बड़े निर्माण कार्यों को बजट में शामिल किया जा सके। उन्होंने नामांतरण, बटवारा और सीमांकन के प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकरण करने, प्रत्येक ग्राम पंचायतों में खाली जमीन में फलदार वृक्षों का रोपण और खेल मैदान के नाम पर जमीन आरक्षित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में समय पर खाद्यान्न सामग्री पहुंचानें, बैंक सखी के माध्यम से किसानों को सुगम भुगतान कराने, आश्रमों-छात्रावासों का नियमित रूप से निरीक्षण करने तथा छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराने, भूमि समतलीकरण, मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना के तहत दुर्गम और पहुंच विहीन गांव में शिविर लगाकर इलाज कराने कहा। मंत्री साहू ने कहा कि पूरक पोषण आहार, रेडी टू ईट की गुणवत्ता पर किसी पर किसी प्रकार की समझौता न हो, इस पर विशेष ध्यान रखते हुए बच्चों में संस्कार व नवाचारी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए।

05-02-2021
हर व्यक्ति को रोजगार मिले, प्रत्येक व्यक्ति आत्मनिर्भर हो ये है कोशिश भूपेश सरकार की, ग्राम स्वरोजगार पर काम शुरू

रायपुर/दंतेवाड़ा। भूपेश सरकार की कोशिश है यहां का प्रत्येक व्यक्ति आत्मनिर्भर बने हर व्यक्ति के पास काम हो रोजगार हो तभी सही मायने में ग्राम, राज्य व राष्ट्र आत्मनिर्भर बन सकेगा। दन्तेवाड़ा जिले में जिला प्रशासन ने एक अनुठी परिकल्पना ’’ग्राम स्वरोजगार’’ पर कार्य करना प्रारम्भ किया है। इस योजना के तहत् सर्वे दल द्वारा ग्रामों में सर्वे कार्य कराया गया, जिसमें ग्रामों में बेरोजगारी की स्थिति, बेराजगारी की संख्या, ग्रामों में जनसंख्या के आधार पर ग्राम की दैनिक आवश्यकताए, बेरोजगारों का विभिन्न कार्य में दक्षता का आंकलन उनके विभिन्न रोजगार के प्रति लगाव की जानकारी को एकत्रित किया गया प्राप्त जानकारियों का विश्लेषण कर ग्राम में रोजगार की उपलब्धता एवं संभावनाएं पर कार्य योजना निर्माण कर ’’ग्राम स्वरोजगार’’ पर कार्य प्रारम्भ किया है। शुरूआत में जिला प्रशासन में प्रत्येक विकासखण्ड के 5-5 पंचायतो को इस योजना से जोड़ा जिसमें 20 पंचायतों के कुल 121 हितग्राहियों को शामिल किया गया, इन हितग्राहियों का चयन जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा सभी चयनित 20 पंचायतों में जाकर सरपंच, सचिव आदि की उपस्थिति में हितग्राहियों की काउंसलिंग कर किया गया। प्रथम चरण में 8 पंचायतों का चयन किया गया, जिसमें गमावाड़ा, चितालूर, नेटापुर, चंदेनार, बेंगलूर, फरसपाल, समेली, गढमिरी के 55 हितग्राहियों को शामिल किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा गांव के अप्रशिक्षित बेरोजगार को उनके रूचि एवं ग्राम की आवश्यकता के अनुरूप स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण करवाया तथा स्वरोजगार के लिए आवश्यक धन शासन एवं जिला प्रशासन की विभिन्न योजनाओं के द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही है।

व्यक्तिगत स्वरोजगार के लिए परिवार के एक सदस्य को 50 हजार रुपए तथा सामूहिक स्वरोजगार के लिए 3 लाख रुपए तक की राशि 5.6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर हितग्राहियों को उपलब्ध करवाया जा रहा है। ग्राम स्वरोजगार के लिए पंचायतों की भूमिका बहुत ही अहम है पंचायतों स्वरोजगार के लिए पंचायत के भवन, या पंचायतों में भवन उपलब्ध नहीं है तो पंचायत द्वारा निर्मित अन्य भवन की मरम्मत कर बिजली फिटिंग या शेड निर्माण इत्यादि वैकल्पिक भवन की व्यवस्था कर रही है। तथा पंचायतों में संचालित छात्रावास, आश्रम एवं पोटाकेबिन में उनकी आवश्यक सामग्री का क्रय गांव के स्वरोजगार केन्द्रों से ही किये जाने हेतु प्रेरित किया जाता है। तथा इन केन्द्रों तक सामग्री की उपलब्धता आसान व सहज हो सके इस के लिए पंचायते जिला प्रशासन के सहायोग से केन्दों तक पक्की सड़कों का निर्माण कर रही है। जिला प्रशासन के ’’ग्राम स्वरोजगार योजना’’ का लाभ ग्रामिणों को मिल रहा है। उनके दैनिक आवश्यकताओं के पूर्ति उनके गांव में ही हो रही है। तथा बेरोजगारों को स्वरोजगार की रूप में आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है। प्रत्येक व्यक्ति इस योजना से कम से कम गांव एवं परिवार में रहते हुए 5 से 10 हजार का धनार्जन करने में सक्षम हुआ है। इन योजनाओं से हो रहे लाभ हेतु ग्रामीण व हितग्राही में प्रशासन के इन प्रयास के लिए धन्यवाद दिया है।

18-01-2021
जेएनपीटी को सेज में 4 हजार करोड़ रुपए का निवेश मिलने की उम्मीद

रायपुर/नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) को अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) में सार्वजनिक और निजी कंपनियों से 4,000 करोड़ रुपए का निवेश मिलने की उम्मीद है। प्रस्ताव के मसौदे से यह जानकारी मिली है। जेएनपीटी देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों में शामिल है। नवी मुंबई में स्थित जेएनपीटी देश का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह है। देश के कुल कंटेनर कार्गो में इस बंदरगाह की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक की है। जेएनपीटी सेज के विकास प्रस्ताव की मसौदा रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेज से 72,600 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। इसमें 4 हजार करोड़ रुपए का सार्वजनिक और निजी निवेश आकर्षित किया जा सकेगा। साथ ही इससे जेएनपीटी बंदरगाह का ट्रैफिक बढ़ेगा। इसके अलावा निवेशकों के लिए कारोबार की स्थिति को सुगम किया जा सकेगा। रिपोर्ट में उल्लेख है कि सेज से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कुल मिलाकर 1,50,000 रोजगार के अवसरों का सृजन करने की योजना है। सेज के विकास से आवास की जरूरत को जेएनपीटी और सिडको की आवासीय योजनाओं से पूरा किया जाएगा। प्रस्ताव के मसौदे के अनुसार, इस परियोजना का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। जेएनपीटी परियोजना के लिए पूरा वित्तपोषण उपलब्ध कराएगी।

14-01-2021
सतरेंगा की तर्ज पर संवरेगा चैतुरगढ़, स्थानीय लोगों को रोजगार पर रहेगा जोर

कोरबा। सतरेंगा को पर्यटन की दृष्टि से सुविधा सम्पन्न बनाने के बाद कलेक्टर किरण कौशल ने अब पाली विकासखण्ड के चैतुरगढ़ को संवारने की तैयारी शुरू कर दी है। माँ महिसासुर मर्दनी के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक मंदिर परिसर तथा चैतुरगढ़ पहाड़ी को धार्मिक स्थल के साथ साथ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की रूपरेखा भी कलेक्टर ने तय कर ली है। किरण कौशल ने इस संबंध में कलेक्टोरेट में प्रशासनिक अधिकारियों, निर्माण एजेंसी से जुड़े विभागों की बैठक में गहन विचार विमर्श किया। उन्होंने चैतुरगढ़ को भी सतरेंगा की तर्ज पर स्थानीय लोगों को पर्यटन से रोजगार की थीम पर संवारने पर जोर दिया। किरण कौशल ने बैठक में चैतुरगढ़ में अभी मौजूद आधारभूत संरचनाओं तथा सुविधाओं की जानकारी अधिकारियों से ली और इनमें व्यापक सुधार तथा जीर्णोद्धार की गुंजाईश पर भी चर्चा की। बैठक में डिप्टी कलेक्टर  आशीष देवांगन,प्रशांत मिश्रा सहित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।


बैठक में कलेक्टर ने चैतुरगढ़ पहाड़ पर पानी और बिजली जैसी आधारभूत आवश्यकता पहुंचाने के लिए तत्काल योजना बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। किरण कौशल ने चैतुरगढ़ में तात्कालिक तौर पर उपलब्ध कराई जा सकने वाली सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने मंदिर परिसर में लगी खराब सोलर लाईट को तत्काल ठीक कराने के निर्देश क्रेडा विभाग के अधिकारियों को दिए। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सतरेंगा की तर्ज पर ही चैतुरगढ़ को भी विकसित किये जाने की योजना तैयार की जाए। यहां विकसित होने वाली सुविधाओं से सतरेंगा की तरह ही स्थानीय लोगों को जोड़ा जाए ताकि उन्हें अपने ही क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर आय का साधन मिल सके। किरण कौशल ने पहाड़ के ऊपर पर्यटकों के रूकने के लिए कॉटेज एवं कमरा निर्माण पर भी विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बिजली व पानी का प्रबंध होने के बाद पर्यटकों को रूकने के लिए स्थान मिलने से क्षेत्र का धार्मिक महत्व भी बढ़ेगा। विशेष पूजा.अर्चना के लिए भी लोग यहां रूक सकेंगे साथ ही पर्यटकों के लिए भी सुविधा होगी। कलेक्टर ने पहाड़ के ऊपर तक पहुंचने के लिए संकरी सड़क के चैड़ीकरण की संभावनाओं पर भी बात की। कलेक्टर ने बैठक में मंदिर परिसर में स्थित तालाब के पानी को साफ कर पीने लायक बनाने के लिए आरओ वॉटर प्लांट स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पहाड़ के नीचे से पानी को ऊपर पहुंचाने के लिए हाई प्रेशर पंप की व्यवस्था करने को भी कहा। बैठक में किरण कौशल ने मड हाउस और पार्किंग स्थल के पास एक.एक सार्वजनिक शौचालय लगानेए दो बड़े डस्टबिन स्थापित करने के निर्देश भी जनपद पंचायत पाली के सीईओ को दिए। 

 

29-12-2020
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में हीरा ग्रुप के साथ हुए चार एमओयू,10 हजार स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मौजूदगी में मंगलवार को उनके रायपुर निवास कार्यालय में ऑटोमोबाइल, स्टील और सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए राज्य शासन के उद्योग विभाग और हीरा ग्रुप के मध्य चार एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इन परियोजनाओं में 2 हजार 576 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश होगा। इन उद्योगों की स्थापना से लगभग 10 हजार स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में इस्पात संयंत्र की स्थापना से उद्योगपतियों को बेहतर कीमत मिलेगी। इन उद्योगों की स्थापना से लगभग 10 हजार स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

उन्होंने कहा बस्तर अंचल में छोटे-छोटे उद्योगों की स्थापना के लिए पर्याप्त शासकीय भूमि उपलब्ध है। उद्योगों की स्थापना के लिए आदिवासियों, किसानों एवं निजी जमीन के अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। उद्योगों की स्थापना से आदिवासियों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। इस दौरान पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, उद्योग विभाग के संचालक अनिल टुटेजा और हीरा ग्रुप के पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

29-12-2020
लघु वनोपज खरीदी से स्व-सहायता समूहों को मिला रोजगार, हो रही आर्थिक स्थिति मजबूत

नारायणपुर। जिले की महिलाओं को सशक्त करने तथा ग्रामीणों को लघु वनोपज का वाजिब दाम दिलाने के लिए सरकार की ओर से महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से लघु वनोपज की खरीदी की जा रही है। इस व्यवस्था से महिलाओं को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। साथ ही संग्राहकों को भी फायदा हो रहा है। नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण सेे रोकथाम के लिए लगाए गए लॉक डाउन के दौरान लघु वनोपज की खरीदी से ग्रामीणों को जीवन-यापन के लिए बहुत बड़ा सहारा मिला और वे अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा कर सके। कोरोना संकट के समय में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए महिला स्व सहायता समूह के हजारों महिलाओं के माध्यम से संग्राहकों के घर-घर जाकर निर्धारित मानकों का पालन करते हुए कोरोना संकट के समय भी वनोपज की खरीदी की गई।

खरीदी के समय ही वनोपज का नकद भुगतान संग्राहकों को किया गया। जिले के 7 प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के माध्यम से ग्राम स्तर के संग्रहण केन्द्र तथा हॉट-बाजारों के संग्रहण केन्द्रों और वनधन केन्द्रों में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा हर्रा, बेहड़ा, इमली, चिरौंजी, आँवला, साल, चरोटा सहित अन्य वनोपजों की 21 हजार 468 क्विंटल खरीदी की गई। इसके एवज में 26 हजार 756 वनोपज संग्राहकों को 5 करोड़ 93 लाख रुपए का भुगतान किया गया। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से लघु वनोपज की खरीदी व्यवस्था से शुरू होने से महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।

पीयूष मंडल की रिपोर्ट

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