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03-07-2020
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल वित्तीय प्रबंधन से राज्य की अर्थव्यवस्था सुधरी : कांग्रेस

रायपुर। कोविड संकट के बावजूद राज्य की अर्थव्यवस्था में हो रहे सुधार पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के वित्तीय प्रबंधन की सराहना की है । प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि एक ओर महामारी के कारण वैश्विक मंदी छायी हुई है, ऐसे हालात में छत्तीसगढ़ की अर्थ व्यवस्था लॉक डाउन के बाद पटरी पर न सिर्फ वापस लौटना बल्कि और देश के अन्य समकक्ष राज्यों की तुलना में बेहतर दिखना राहत की बात है। राज्य के वित्तीय प्रबंधन और आर्थिक हालात पर सवाल खड़ा कर भ्रम फैलाने वाले वाले भाजपा नेताओं को भी हाल ही सार्वजनिक हुए आंकड़ों का अध्यन करना चाहिए।कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ग्रामीण और कृषि सशक्तिकरण की सोच वाली नीति के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ इतनी बड़ी महामारी के झंझावत में भी संभल गया।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों की मदद और मनरेगा के माध्यम से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के कारण छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था द्रुत गति से पटरी पर आई है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना में किसानों को धान की कीमत के अंतर राशि की  पहली किस्त के भुगतान कारण प्रदेश भर में किसानों ने 3000 से अधिक ट्रैक्टर की खरीदी की है। राज्य में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 23.5 प्रतिशत की तुलना में लगभग आठ गुना से भी कम 3.4 प्रतिशत है। शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल वित्तीय प्रबंधन और दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि कोविड संकट के बावजूद इस वर्ष राज्य के जीएसटी कलेक्शन में 22 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसका सीधा अर्थ है तीन से चार महीने की बंदी और महामारी के संकट के बावजूद राज्य के उद्योग धंधों ने बेहतर परफार्मेंस दिया है। कृषि, मनरेगा लघु बनोपज संग्रहण को सरकार की ओर से प्रोत्साहन के कारण और 31 वनोपजों के शासन खरीदी के कारण भी सुदूर वन क्षेत्रों के निवासियों की आर्थिक उन्नति हुई। उनकी क्रय शक्ति बढ़ी,जिसका समन्वित फायदा समूचे राज्य को हुआ है। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि राज्य के कृषि क्षेत्र और उससे जुड़े व्यवसाय  में तेजी की सराहना रिजर्व बैंक ने भी किया है।

 

02-07-2020
भूपेश बघेल ने मनरेगा में ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार देने के दिए निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश ने राज्य में मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार देने के निर्देश दिए हैं। कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षा के लिए लॉक डाउन के कारण अन्य स्थानों से आए श्रमिकों को भी मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के 27 जिलों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब तक 55 हजार 981 परिवारों को सौ दिन का रोजगार दिया गया है। कबीरधाम जिला सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देने में राज्य में प्रथम स्थान पर है। कबीरधाम जिले में अब तक 6 हजार 139 परिवारों को सौ दिन का रोजगार दिया गया है। मनरेगा के तहत कबीरधाम जिले में बड़ी संख्या में रोजगार मूलक कार्य कराए जा रहे हैं। यह पहला अवसर है कि गत महीनों में लगभग 1.40 लाख मजदूर प्रतिदिन काम कर रहे थे। चालू वित्तीय वर्ष में 1 लाख 47 हजार 862 परिवारों को रोजगार देते हुए अब तक 63.49 लाख से अधिक मानव दिवस रोजगार का सृजन किया जा चुका है।


कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने बताया की वैश्वीक महामारी कोविड लॉक डाउन के दौरान रोजगार गारंटी योजना ग्रमीणों के लिए सहारा बन कर सामने आया। एक ओर जहां शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर कम थे तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना से लगातार काम मिल रहा था। तालाब, डबरी, कुंआ, सड़क मिटटीकरण जैसे हितग्राही मूलक कार्यो से ग्रामीण बहुत लाभान्वित हुए। यही कारण है कि चालू वित्तीय वर्ष के माह अप्रेल, मई एवं जून के दौरान ग्रामीणों को रोजगार दिया गया। जिले में वर्ष के लिए लगभग 77 लाख मानव दिवस का लक्ष्य रखा गया था, जिसके विरूद्ध इस वित्तीय वर्ष के तीन माह में ही 63 लाख से अधिक के मानव दिवस रोजगार का सृजन कर लिया गया है। जो कि लक्ष्य का 82 प्रतिशत है। इस तरह आने वाले समय में मनरेगा के तहत लक्ष्य से और अधिक ग्रामीणों को रोजगार मिल सकेगा। जिले में जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत 1 हजार 873 परिवार, जनपद पंचायत कवर्धा में 1 हजार 590 परिवार, जनपद पंचायत बोड़ला में 1 हजार 480 परिवार एवं जनपद पंचायत पंडरिया में 1 हजार 196 परिवारों सहित कुल 6 हजार 139 परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है तथा अब तक 13 हजार 341 कार्यो को पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में भी बहुत से हितग्राही एवं सामुदायिक मूलक कार्य चल रहें है, जिसमें पंजीकृत मजदूरों को रोजगार का अवसर मिल रहा है।

 

02-07-2020
कबीरधाम जिला मनरेगा  में सार्वधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देने में प्रदेश में अव्वल

कवर्धा। प्रदेश के 27 जिलों को पीछे छोड़ते हुए कबीरधाम जिला महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में वित्तीय वर्ष 2020-21 में अब-तक सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देने में प्रथम स्थान पर है। जहां पूरे राज्य में माह जून तक 55 हजार 981 परिवारों को सौ दिन का रोजगार दिया गया है, जिसमें से कबीरधाम जिला अकेले ही लगभग 11 प्रतिशत 6 हजार 139 परिवारों को सौ दिन का रोजगार दे चुका है। कबीरधाम के बाद जिला बिलासपुर और राजनांदगांव क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान है। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने बताया की वैश्वीक महामारी कोविड लॉकडाउन के दौरान रोजगार गारंटी योजना ग्रमीणों के लिए सहारा बन कर सामने आया। एक ओर जहां शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर कम थे तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी योजना से लगातार काम मिल रहा था। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय दयाराम के. ने बताया कि जिले में मनरेगा के तहत कार्य लगातार हो रहे है। वर्ष के लिए जहां लगभग 77 लाख मानव दिवस का लक्ष्य रखा गया था उसके विरूद्ध इस वित्तीय वर्ष के तीन माह में ही 63 लाख से अधिक के मानव दिवस रोजगार का सृजन कर लिया गया है। जो कि लक्ष्य का 82 प्रतिशत है।

 

29-06-2020
युवक ने किया आत्महत्या का प्रयास,भूपेश बघेल ने कहा-भावावेश में ऐसा नकारात्मक कदम ना उठाएं

रायपुर। सिविल लाइन इलाके में सोमवार दोपहर धमतरी जिले के एक युवक ने आग लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। झुलसे युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक का उपचार जारी है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि किसी को भी भावावेश में आकर ऐसा नकारात्मक कदम नहीं उठाना चाहिए। राज्य सरकार ने कोरोना संकट के इस काल में भी पूरे राज्य में रोजगार देने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने घायल हरदेव सिन्हा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। परिवार वालों से प्राप्त जानकारी के अनुसार धमतरी जिले के ग्राम तेलीनसत्ती निवासी 27 वर्षीय हरदेव सिन्हा पिछले 2 साल से मानसिक रूप से अस्वस्थ है। अनुविभागीय दंडाधिकारी धमतरी ने इस युवक के संबंध में बताया कि हरदेव अपने घर में माता-पिता और तीन भाई के साथ रहता है।

पत्नी मजदूरी का काम करती है और उसकी 6 वर्ष और 3 वर्ष की दो बेटियां हैं। हरदेव का छोटा भाई भी मानसिक रूप से अस्वस्थ है,जिसने विवाह नहीं किया है और घर पर ही रहता है। बड़ा भाई धमतरी के गैरेज में काम करते हैं और पिता बुजुर्गं होने के कारण घर पर ही रहते हैं। हरदेव सिन्हा की गांव में दो एकड़ कृषि भूमि है और वह 9वीं तक पढ़ाई किया है। हरदेव सिन्हा का रोजगार गारंटी में जॉब कार्ड है और पिछले माह उसने 11 दिन का कार्य भी किया है। उसके परिवार के लोगों ने 21 दिन काम किए हैं। हरदेव सिन्हा ने ग्राम पंचायत तेलीनसत्ती में यूट्यूब में पिक्चर बनाने की अनुमति का भी आवेदन दिया था।

27-06-2020
छत्तीसगढ़ लौटे 5.34 लाख प्रवासी श्रमिक और अन्य, 1.10 लाख से अधिक को मिला रोजगार

रायपुर। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों, बसों और अन्य माध्यमों से अब तक 5 लाख 34 हजार प्रवासी श्रमिक और अन्य लोग छत्तीसगढ़ लौट चुके हैं। इनमें 103 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से छत्तीसगढ़ पहुंचे एक लाख 50 हजार से अधिक श्रमिक भी शामिल हैं। वापस लौटने पर इन श्रमिकों को स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन अवधि तक क्वारेंटाइन के बाद मनरेगा के तहत रोजगार भी दिया जा रहा है। 25 जून की स्थिति में प्रदेश के 29 लाख 35 हजार मजदूरों को मनरेगा से काम मिल रहा है। इसके अतिरिक्त श्रम विभाग की ओर से प्रदेश के छोटे-बड़े 1521 कारखानों को फिर से प्रारंभ कर एक लाख 10 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अन्य प्रदेशों से श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भवन और अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा अब तक 4 करोड़ 65 लाख रेल मण्डलों को और बसों पर खर्च किए गए हैं।उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत करीब 29 लाख से अधिक मजदूरों को रोजगार मिल रहा उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर अन्य जिलों से 15 हजार 767 श्रमिकों को सकुशल उनके गृह जिला भिजवाया गया है, वहीं छत्तीसगढ़ में रूके अन्य राज्यों के 28 हजार 450 श्रमिक सुरक्षित वापस अपने गृह राज्य जा चुके हैं। छत्तीसगढ़ से श्रमिक स्पेशल ट्रेन के माध्यम से 882 श्रमिकों को उत्तरप्रदेश भेजा गया। राज्य कर्मचारी बीमा सेवाएं (ईएसआई) के द्वारा संचालित 42 क्लीनिकों के माध्यम से लगभग 99 हजार श्रमिकों को नि:शुल्क इलाज एवं दवाएं उपलब्ध कराया गया।

 

24-06-2020
राज्य भर में लगाए जाएंगे फलदार और छायादार पौधे,पथिकों को फल भी मिलेंगे और छाया भी

रायपुर। प्रदेश में वृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत बड़े पैमाने पर फल एवं छायादार पौधे लगाए जाएंगे, जिससे लोगों को खाने के लिए फल और पर्यावरण संरक्षण के लिए चंहु ओर हरियाली आएगी। वृक्षारोपण से ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा। इस कड़ी में जांजगीर-चांपा के बीस किलोमीटर लंबे नहर मार्ग में छायादार पौधे लगाए जाएंगे, जिले के सभी गोठानों में फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। जिले में वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। जिले में मनरेगा के तहत 8 लाख 73 हजार फल और छायादार पौधे तैयार किए गए हैं। इससे जिले में हरियाली आएगी वहीं मनरेगा के पंजीकृत मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा।अभियान के तहत मनरेगा के तहत विभिन्न प्रजातियों के 8 लाख 73 हजार फलदार, छायादार पौधे लगाने की स्वीकृति वन, रेशम विभाग को मनरेगा से दी गई है। पौधों का रोपण सार्वजनिक स्थानों, सरकारी स्कूल, कॉलेज, भवनों, सड़क किनारे, गौठान, चारागाह, ब्लॉक प्लांटेशन, सहित उन स्थानों पर भी किए जाएंगे,जहां पर सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है।

आगामी वर्षों में इन फलदार वृक्षों से महिला स्व सहायता समूहों, ग्रामीणों की आजीविका भी निर्मित होगी।इस वर्ष बारिश में पौधे लगाने का काम बड़े पैमाने पर कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्गदर्शन में किया जाएगा। पौधरोपण किए जाने के पूर्व गड्ढे खोदने की तैयारियां चल रही हैं। जिपं सीईओ ने बताया कि क्रियान्वयन एजेंसी रेशम विभाग के माध्यम से 238 हेक्टयेर में 7 लाख 37 हजार पौधे रोपे जाएंगे। वन विभाग द्वारा करीब 1 लाख 35 हजार 300 के पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा ग्राम पंचायतों के माध्यम से गौठान और चारागाहों में भी पौधरोपण होगा। उद्यानिकी विभाग को 2 लाख 25 हजार पौधे तैयार करने की मंजूरी दी गई है,जिन्हें अगले वर्ष पौधरोपण करने के लिए लिया जाएगा।मनरेगा से 7 लाख 37 हजार पौधे की मंजूरी रेशम विभाग को अर्जुन के पौधरोपण करने के लिए दी है। इसमें मनरेगा के साथ ही रेशम विभाग अपने विभागीय मद से भी राशि खर्च करेगा। अर्जुन के पौधरोपण होने से जिले में कोसा का उत्पादन बढ़ेगा, जिससे आगामी वर्षों में कोसा कारोबार से जुड़े लोगों के लिए रोजगार का सृजन होगा।

रेशम विभाग के माध्यम से 238 हेक्टेयर क्षेत्र में अर्जुन के पौधे जनपद पंचायत अकलतरा, बलौदा, सक्ती, जैजैपुर, पामगढ़, नवागढ़, मालखरौदा में लगाए जाएंगे, जिन्हें ब्लाक प्लाटेंशन के रूप में विकसित किया जाएगा।वृहद स्तर पर किए जा रहे इस अभियान की क्रियान्वयन एजेंसी वन विभाग के माध्यम से पौधों की नर्सरी तैयार की गई है। पौधे तैयार होने के उपरांत बलौदा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नैला से पकरिया नहर किनारे 10 किलोमीटर क्षेत्र में 10 हजार पौधे एवं सक्ती क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली मसनिया से डुडगा नहर के किनारे 10 किलोमीटर क्षेत्र में 10 हजार  नीम, आम, पीपल, बरगद, इमली के पौधे रोपित किए जाएंगे। करीब 1 लाख 33 हजार पौधे नीम, शीशम, मुनगा, सीताफल, इमली, आम, नीबू, जामुन, अमलवास, कटहल, करंज, गुलमोहर, अमरूद, आंवला, कोसम, महुआ आदि छायादार एवं फलदार पौधे गौठान एवं चारागाह में रोपे जाएंगे।

21-06-2020
भूपेश बघेल सरकार ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को गणवेश सिलाई के जरिये सतत उपलब्ध करा रही है रोजगार

रायपुर। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ राज्य में ग्रामोद्योग को अपने जीवनयापन का जरिया बनाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर स्वावलंबी बनाने और ग्रामीणों को उनकी कुशलता और दक्षता के अनुरूप घर बैठे रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। हाथकरघा संघ ने महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी 7000 महिलाओं को गणवेश सिलाई के माध्यम से नियमित रूप से रोजगार उपलब्ध कराया है। स्व-सहायता समूह से जुड़ी बुनकर महिलाओं ने कोरोना संकट और लॉक डाउन की विषम परिस्थिति को भी अपने हुनर और हौसले से लाभ के अवसर में बदल दिया है। समूह की महिलाओं ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बाजार में मास्क की डिमांड को देखते हुए सूती कपड़े का अच्छी क्वॉलिटी का 3 लाख 80 हजार मास्क तैयार किया।

 बुनकर महिलाओं ने अपने लाभांश राशि में से एक लाख 45 हजार 303 रुपए की राशि का चेक मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए और 1500 नग मास्क भेंट कर कोरोना की लड़ाई में अपनी अनुकरणीय सहभागिता निभाई हैं। राज्य में हाथकरघा के माध्यम से वस्त्रों की बुनाई में जुटीं महिला स्व-सहायता समितियों और बुनकर समितियों ने लॉक डाउन की अवधि में 7 करोड़ 65 लाख रुपए से अधिक का कारोबार किया है। हाथकरघा संघ ने 12 हजार 600  हाथकरघों के माध्यम से प्रदेश के 37 हजार बुनकर परिवारों को वर्ष भर रोजगार उपलब्ध कराया है। खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार मूलक कार्यक्रम के अंतर्गत 661 इकाईयों की स्थापना किया जाना प्रस्तावित है। इनके जरिए 6 करोड़ 94 लाख 83 हजार रुपए का अनुदान वितरित कर 3965 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

20-06-2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉन्च किया गरीब कल्याण रोजगार अभियान, मजदूरों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘गरीब कल्याण रोजगार अभियान’ का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने गलवान में शहीद हुए सैनिकों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज जब मैं बिहार के लोगों से बात कर रहा हूं, तो मैं गौरव के साथ इस बात का जिक्र करना चाहूंगा कि बिहार रेजिमेंट के जवानों ने लद्दाख में पराक्रम दिखाया है। जिस वजह से हर बिहारी को इस पर गर्व है। जिन सैनिकों ने अपना बलिदान दिया है उन्हें मैं श्रद्धांजलि देता हूं। दिल्ली में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस अभियान को पीएम ने रिमोट द्वारा बिहार के खगड़िया जिले के ब्लॉक बेलदौर के गांव तेलिहार से लॉन्च किया। 125 दिनों तक चलने वाले गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत देश के 116 जिलों में गांव वापस पहुंचे कम से कम हर जिले में 25000 प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जाएगा। इसके तहत अब गांव में ही 25 तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम दिए जाएंगे, जिसके लिए 50 हजार करोड़ रुपए का बजट एलोकेट किया गया है।

अभियान की प्रेरणा मिली उत्तर प्रदेश के उन्नाव से :

उत्तर प्रदेश के उन्नाव की खबर का जिक्र करते हुए कहा कि इस काम की प्रेरणा प्रवासी मजदूरों से ही मिली। गांव के सरकारी स्कूल में बने क्वारंटाइन सेंटर को प्रवासी मजदूरों ने आगे बढ़कर उसकी रंगाई-पुताई करके उसकी काया पलट कर दी। पीएम ने कहा कि क्वारंटाइन में रह रहे मजदूरों का यह काम मुझे बहुत प्रेरित किया। पीएम ने कहा कि शहरों की तरह ही गांव में सस्ता और तेज इंटरनेट जरूरी है। हर गांव में पंचायत भवन बनेंगे। गांवों में इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने के लिए भी काम होगा क्योंकि पहली बार शहरों से ज्यादा गांवों में इंटरनेट का इस्तेमाल हो रहा है।

कोरोना से पूरी दुनिया हिली, लेकिन भारत के गांव ने संक्रमण को रोका : पीएम मोदी

लॉन्चिग के बाद पीएम ने कहा कि कोरोना संकट के साथ राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार को आपकी चिंता थी। भारत के गांवों ने जिस तरह कोरोना का मुकाबला किया है वह शहरों के लिए सबक है। 85 प्रतिशत आबादी वाले गांवों के लोगों ने कोरोना के संक्रमण को बहुत प्रभावी तरीके से रोका है। पीएम ने कहा कि आप इस प्रशंसा के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि आपके इस पराक्रम पर कोई आपकी पीठ थपथपाए या न थपथपाए, मैं जरूर थपथपाउंगा। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मैंने बिहार के अलग-अलग जिलों में वापस आए मजदूरों से बात की थी। सभी का कहना था कि वो राज्य से बाहर नहीं जाना चाहते हैं, बस मजबूरी उन्हें खींच ले जाती है। अब इस योजना के शुरू होने से मजदूरों को दूसरे राज्य में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1.7 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया गया था। जिसके तहत 6 राज्यों के 116 जिलों में 125 दिनों का ये अभियान प्रवासी श्रमिकों की मदद करेगा।

इसका उद्देश्य कोरोना संकटकाल में ग्रामीण भारत में रोजगार बनाए रखना है। 1.7 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज को दो हिस्सों में बांटा गया है। जिसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ रुपए गरीबों और दिहाड़ी मजदूरों को दिए जाएंगे।वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबों को तीन महीने तक मुफ्त राशन दिया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में मनरेगा के तहत काम करने वालों को अब 182 रुपए के बदले 202 रुपए मिलेंगे। इससे उनकी आय में 2000 रुपए की बढ़ोतरी होगी। इस योजना के तहत तीन करोड़ गरीब वृद्धों, गरीब विधवाओं और गरीब दिव्यांगों को एक-एक हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया गया है।

18-06-2020
वनांचल में रोजगार बढ़ाने कांकेर जिले में वनौषधि प्रसंस्करण संयंत्र लगाने की पहल

रायपुर/कांकेर। वनांचल के लोगों को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप कांकेर जिले के ईच्छापुर ग्राम में वनौषधि प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना की पहल जिले के प्रभारी मंत्री गुरु रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में शुरू कर दी गई है। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने बताया कि वनांचल में लघु वनोपजों के वेल्यू एडिशन के लिए प्रसंस्करण और प्रोसेसिंग केंद्र स्थापित किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इससे वनांचल के लोगों को रोजगार का अवसर उपलब्ध होने के साथ ही इसका लाभ भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि कांकेर जिले के मर्दापोटी कलस्टर अंतर्गत ग्राम ईच्छापुर में वनौषधि प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।


कांकेर विधायक शिशुपाल सोरी, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी, कलेक्टर  के. एल. चौहान और वनमण्डलाधिकारी ने ईच्छापुर में वनौषधि प्रसंस्करण केन्द्र के लिए चयनित स्थल का संयुक्त रूप से मौका-मुआयना किया और ग्रामीणों की बैठक ली। ग्रामीणों को वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र के माध्यम से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस मौके पर ग्रामीणों से जंगल बचाने और उसे संरक्षित करने की अपील के साथ ही गांवों में  खाली पड़ी भूमि और आसपास की वनभूमि में हर्रा, बहेड़ा, आंवला, कुसुम, बांस इत्यादि पौधों लगाने की भी समझाईश दी गई।   यह उल्लेखनीय है कि लघु वनोपज के प्रसंस्करण के लिए ग्राम इच्छापुर में हर्रा प्रसंस्करण मशीन लगाई जाएगी,जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। मर्दापोटी कलस्टर के गांव में प्रचुर मात्रा में लघु वनोपज मिलते हैं। इसके प्रसंस्करण से ग्रामीणों एवं संग्रहणकर्ताओं को लाभ होगा। बैठक में ग्रामीणों को अपने घरों की बाड़ी में सब्जी और फलदार पौधों का रोपण करने की भी समझाईश दी गई।

12-06-2020
श्रमिकों की स्किल मैपिंग कर रोजगार उपलब्ध कराने करें पहल : शिव डहरिया

रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डाॅ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉक डाउन में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण छत्तीसगढ़ के श्रमिक देश के अन्य राज्यों से वापस लौट रहे हैं। उन्होंने प्रवासी श्रमिक सहित प्रदेश के अन्य श्रमिकों के स्किल मैपिंग कर उन्हें उनके हुनर के अनुरूप रोजगार दिलाने की दिशा में विशेष पहल किया जाए। डाॅ. डहरिया ने कहा कि श्रम विभाग के अंतर्गत श्रमिक कार्ड के लिए 90 दिन काम करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अतः अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन कर श्रमिकों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। डाॅ. डहरिया ने उक्त बाते अपने प्रभार जिले सरगुजा और कोरिया में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रग्रति की समीक्षा के दौरान कही। डाॅ. डहरिया ने बैठक में क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी श्रमिकों के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुरूप व्यवस्था सुदृढ़ करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासी श्रमिकों की कोरोना टेस्ट के बाद जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाता तब तक उन्हें क्वारेंटाइन सेंटर में ही रखा जाए, ताकि बाहर जाने पर किसी अन्य व्यक्ति में फैलने वाले संक्रमण से बचा जा सके।

डाॅ. डहरिया ने मनरेगा के तहत प्रवासी श्रमिकों को प्राथमिकता के तौर पर काम दिलाने को कहा। साथ ही ऐसे प्रवासी श्रमिक जिनका पंजीयन कार्ड नही बना है, उन्हें भी मनरेगा के तहत जाॅब कार्ड बनाकर काम दिया जाए। उन्होंने जिलों के आश्रम, छात्रावासों और स्कूलों में शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले सेनेटाईज करने सहित व्यवस्था चुस्त दुरूस्थ करने के निर्देश दिए। डाॅ. डहरिया ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को दी गई पहली किश्त की राशि के संबंध में जानकारी हासिल की। अधिकारियों ने बताया कि शत-प्रतिशत किसानों केे खातों में राशि जमा करा दी गई है। इस पर डाॅ. डहरिया ने दोनों जिलों के अधिकारियों की सराहना की। बैठक में सोनहत के विधायक गुलाब कमरो, मनेन्द्रगढ़ के विधायक डाॅ. विनय जायसवाल और बैकुण्ठपुर की विधायक अंबिका सिंहदेव विशेष रूप से उपस्थित थीं। डाॅ. डहरिया ने राजीव गांधी आश्रय योजना की जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने पात्र हितग्राहियों को परीक्षण कर शीघ्र पट्टा प्रदान करने के निर्देश दिए। डाॅ. डहरिया ने शहरी क्षेत्रों में झुग्गियों में बहुत सालों से कब्जा कर रह रहे हैं ऐसे गरीब परिवारों को चिन्हांकित कर उन्हें पट्टा प्रदान करने, नियमितिकरण व व्यवस्थापन करने के निर्देश दिए।  डाॅ. डहरिया ने मौसमी बीमारियों के रोकथाम के लिए ऐहतियात बरतने तथा दवाई आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पौधारोपण की तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण करने विशेष कर सड़क किनारे फलदार एवं छायादार पौधे लगाने को कहा। डाॅ. डहरिया ने कोरिया जिले में बिजली विभाग द्वारा बिजली व्यवस्था जैसे प्राथमिकता के कार्य में लापरवाही बरतने पर विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सरगुजा एवं कोरिया जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला श्रमायुक्त, वनमण्डलाधिकारी सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकरी उपस्थित थे।

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