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05-12-2019
400 शिवसैनिकों ने थामा भाजपा का दामन, गैर-हिंदू पार्टियों के साथ गठबंधन पर थे नाराज

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शिवसेना ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई है। इस गठबंधन को महा विकास अघाड़ी (एमवीए) का नाम दिया गया है। पार्टी के फैसले से नाराज लगभग 400 शिवसैनिकों ने भाजपा का दामन थाम लिया। इन सभी ने धारावी के एक कार्यक्रम में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। शिवसेना के विशेष कार्यकारी अधिकारी रहे रमेश नादेसन ने कहा, 'हमारी पार्टी के चार सौ समर्थक भाजपा में शामिल हो गए क्योंकि उन्हें तब धोखे जैसा महसूस हुआ जब पार्टी ने गैर-हिंदू पार्टियों के साथ हाथ मिलाया।' एक विशेष कार्यकारी अधिकारी पार्टी में नई भर्तियां करता है। उन्होंने सरकार बनाने के लिए एमवीए में शामिल होने पर शिवसेना की आलोचना करते हुए कहा कि वह पार्टी के साथ इसलिए थे क्योंकि उसने हिंदुत्व के एजेंडे को उच्च प्राथमिकता दी हुई थी। केवल 400 पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि शिवसेना में कई अन्य लोग भी इस फैसले से दुखी हैं।

नादेसन ने कहा, 'कोई भी समर्थक की भावनाओं और जज्बातों को नहीं समझता है जो बिना किसी चीज के बदले असल में पार्टी के लिए काम करता है। पिछले सात सालों से हम कांग्रेस और एनसीपी समर्थकों के खिलाफ लड़ रहे हैं। चुनाव के दौरान कार्यकर्ता हर दरवाजे पर जाकर वोट मांगते हैं। हम कैसे वापस जाकर उन्हीं लोगों का सामना कर सकते हैं जिनके खिलाफ हमने एक ईमानदार सरकार बनाने के लिए वोट मांगा था?' भाजपा में शामिल होने वाले शिवसेना के दूसरे कार्यकर्ता ने कहा, 'हम शिवसेना अध्यक्ष के कांग्रेस और एनसीपी के साथ हाथ मिलाने के फैसले से खुश नहीं हैं। हम पार्टी इसलिए छोड़ रहे हैं क्योंकि पार्टी ने हिंदुत्व के अपने मुख्य एजेंडे को छोड़ दिया है।'

01-12-2019
महाराष्ट्र : विधानसभा अध्यक्ष चुनाव में गठबंधन विजयी, नाना पटोले चुने गए स्पीकर

मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में शिवसेना,कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन के उम्मीदवार को निर्विरोध चुन लिया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले निर्विवाद रूप से महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। स्पीकर को लेकर सर्वदलीय बैठक में फैसला लिया गया है। भाजपा ने अपना स्पीकर पद पर किया नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद कांग्रेस के नाना पटोले निर्विरोध रूप से स्पीकर चुन लिए गए। बता दें कि स्पीकर के लिए भाजपा की ओर से किशन कथोरे का नाम आगे किया था, जिसके बाद भाजपा ने उनका नाम वापस ले लिया। इससे पहले 30 नवंबर को हुए फ्लोर टेस्ट में महा विकास अघाड़ी के सीएम उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के असेंबली में बहुमत हासिल कर लिया था। इस तरह रविवार को महाराष्ट्र में उद्धव सरकार ने दूसरा महत्वपूर्ण पड़ाव सफलतापूर्वक पार कर लिया।

30-11-2019
महाराष्ट्र : उद्धव सरकार ने सदन में हासिल किया बहुमत,पक्ष में पड़े 169 वोट

मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है। फ्लोर टेस्ट के दौरान उद्धव ठाकरे सरकार के समर्थन में कुल 169 विधायकों के वोट पड़े। जबकि सरकार को विश्वासमत के दौरान बहुमत के लिए जो जरूरी आंकड़ा है वो 145 होना चाहिए। इससे पहले, फ्लोर टेस्ट के दौरान भाजपा के विधायकों ने महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट किया। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नियमों के खिलाफ अधिवेशन बुलाया गया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम से विधानसभा की कार्यवाही शुरू क्यों नहीं हुई। प्रोटेम स्पीकर दिलीप वलसे ने कहा राज्यपाल के मंजूरी से ही यह अधिवेशन बुलाया गया है और यह नियमों के अनुसार है तो आपका प्वाइंट खारिज किया जाता है।

महाराष्ट्र में गठबंधन शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस ने मिलकर बनाया है। रविवार को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा,जिसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा। नए विधानसभा अध्यक्ष इसके बाद विधानसभा में नेता विपक्ष के नाम की घोषणा करेंगे। बता दें कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। ठाकरे के अलावा छह अन्य मंत्रियों शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस से दो-दो ने भी शपथ ली थी।

 

30-11-2019
फ्लोर टेस्ट : उद्धव सरकार के समर्थन में कांग्रेस-एनसीपी के साथ छोटे दल भी करेंगे वोट

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बहुमत परीक्षण के समर्थन में उद्धव सरकार के पक्ष में कई छोटे दल आ गए हैं। शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), कांग्रेस के अलावा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे), सीपीआई-एम, किसान और वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया (पीडब्लूपी), बहुजन विकास अघाड़ी, स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के विधायक भी उद्धव सरकार के पक्ष में वोट करेंगे। छोटे दलों के साथ आने से महा विकास अघाड़ी को समर्थन करने वाले विधायकों का आंकड़ा 171 तक पहुंच गया है। इसमें शिवसेना के 56, एनसीपी के 54, कांग्रेस के 44, सपा के 2, स्वाभिमानी शेतकारी  के एक, बहुजन विकास अघाड़ी के 3 और निर्दलीय 8 विधायक हैं। इसके अलावा एमएनएस, पीडब्लूपी और सीपीआई के एक-एक विधायक भी उद्धव सरकार को वोट देंगे। हालांकि, स्पीकर वोट नहीं कर पाएगा। इसलिए सरकार के पक्ष 170 वोट पड़ सकते हैं।

क्या है बहुमत का आंकड़ा

महाराष्ट्र विधानसभा में कुल सीटें 288 हैं. बहुमत के लिए कम से कम 145 विधायकों का समर्थन जरूरी है। शिवसेना के 56, एनसीपी के 54, कांग्रेस के 44 विधायको को मिलकर आंकड़ा 154 तक पहुंचता है। यानी सबकुछ ठीकठाक रहा तो गठबंधन के पास बहुमत से 9 सीटें ज्यादा हैं।

29-11-2019
महाराष्ट्र के नए गठबंधन के खिलाफ दायर याचिका खारिज, सुको ने कहा-कोई आधार नहीं

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना गठबंधन के विरोध में दायर एक याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अखिल भारतीय हिंदू महासभा की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया था कि चुनाव प्रक्रिया के बाद महाराष्ट्र में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना (महाविकास अघाडी) का गठबंधन हुआ, यह गलत है और इसे असंवैधानिक करार दिया जाए। शीर्ष अदालत ने याचिका का कोई आधार नहीं माना और इसे खारिज कर दिया। इस मामले की सुनवाई उसी बेंच ने की जिसने महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट को लेकर सुनवाई की थी। इससे पहले 24 और 25 नवंबर को दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में 24 घंटे के अंदर फ्लोर टेस्ट करवाने और विधायकों की शपथ ग्रहण का आदेश दिया था। इसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और अजित पवार ने डिप्टी सीएम के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन की सरकार का रास्ता साफ  हो गया था।

29-11-2019
देवेंद्र फडणवीस को नागपुर पुलिस ने भेजा समन, जाने क्या है पूरा मामला...

नई दिल्ली। नागपुर पुलिस ने यहां की एक स्थानीय अदालत द्वारा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम समन जारी किया है। फडणवीस द्वारा चुनावी हलफनामे में अपने खिलाफ दो आपराधिक मुकद्दमों के बारे में सूचनाएं छिपाने के आरोप से जुड़ा मामला है। इसी मामले में समन जारी हुआ है। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ है, जब महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन ने सरकार बनाई है। फडणवीस नागपुर से विधायक हैं। मजिस्ट्रेटी अदालत ने 1 नवंबर को एक याचिका पर सुनवाई शुरू की थी, जिसमें भाजपा नेता के खिलाफ कथित तौर पर सूचनाएं छिपाने के लिए आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई थी।

शहर के वकील सतीश उके ने अदालत में एक याचिका दायर कर फडणवीस के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी। बंबई हाईकोर्ट ने उके की याचिका खारिज करने के निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने 1 अक्टूबर को मजिस्ट्रेटी अदालत को उके द्वारा दी गई याचिका पर सुनवाई के लिए आगे बढ़ने का निर्देश दिया था। फडणवीस के खिलाफ 1996 और 1998 में जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए थे लेकिन दोनों मामले में आरोप नहीं तय किए गए थे। उके ने आरोप लगाया था कि फडणवीस ने अपने चुनावी हलफनामे में इस सूचना का खुलासा नहीं किया। 

28-11-2019
भूपेश बघेल उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगे

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार शाम कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना के गठबंधन से बनने वाली सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने मुंबई जाने वाले थे, भूपेश बघेल को इस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण मिला था। अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उद्धव ठाकरे के शपथग्रहण समारोह में शामिल  नहीं होंगे। संशोधित दौरा कार्यक्रम के अनुसार सीएम बघेल झारखंड के दौरे के बाद अपरान्ह 3:30 बजे माना विमानतल रायपुर लौट रहे हैं। उनका महाराष्ट्र दौरा टल गया है। सीएम बघेल तय कार्यक्रम के अनुसार आज 28 नवंबर को रांची से दोपहर 12:50 बजे झारखण्ड के धनबाद जिले के बाघमारा पहुंचे, यहां आमसभा को संबोधित करने के बाद रांची लौटे। सीएम बघेल दोपहर 2:10 बजे रवाना होकर जशपुर आएंगे, जशपुर से 3 बजे रवाना होकर 3:30 बजे सीएम बघेल रायपुर लौट आएंगे।

27-11-2019
महाराष्ट्र से देश में परिवर्तन की शुरुआत, अजित पवार को मिलेगा अच्छा पद : संजय राउत

मुंबई। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है। वे मुख्यमंत्री की शपथ गुरुवार शाम 6 बजकर 40 मिनट पर शिवाजी पार्क में लेंगे। इस बीच शिवसेना के सांसद संजय राउत ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र से देश में परिवर्तन की शुरुआत हो गई है। आज उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने हैं और इसका मतलब है कि देश में परिवर्तन की शुरुआत हो गई है। संजय राउत ने कहा कि अजित पवार को गठबंधन में ठीक स्थान मिलेगा, वो बहुत बड़ा काम करके आए हैं। संजय राउत ने बुधवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबाेधित करते हुए कहा कि बीजेपी की ओर से ‘अघोरी’ प्रयोग किया गया था, लेकिन महाराष्ट्र की जनता ने सबकुछ ध्वस्त कर दिया। अब इस प्रकार के प्रयोग नहीं चलेंगे और महाराष्ट्र का असर अन्य राज्यों में भी दिखेगा।

 

25-11-2019
महाराष्ट्र की सियासत पर सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा महाफैसला कल

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलाने के महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन की याचिका पर मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे अपना आदेश पारित करेगा। न्यायमूर्ति एन वी रमन, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ विश्वास मत कराने पर आदेश पारित कर सकती है। शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस यह मांग कर रहे थे कि विश्वास मत सोमवार को कराने का आदेश दिया जाए, जिसका फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विरोध किया।

सुनवाई के दौरान केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि महाराष्ट्र में जब कोई दल सरकार बनाने की स्थिति में नहीं था तब राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति शासन लगाया है। केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और फडणवीस के पत्र सौंपे। न्यायमूर्ति एन वी रमन, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने ये पत्र सौंपने के निर्देश दिए थे। मालूम हो कि शनिवार सुबह देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी, जिसके बाद से यह सियासी मामला और गरमा गया था। वहीं एनसीपी के चार में से दो और विधायक वापस आ गए हैं। दोनों विधायकों को दिल्ली से मुंबई ले जाया गया। 

24-11-2019
एनसीपी प्रमुख के घर पहुंचे भाजपा सांसद, आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

मुंबई। महाराष्ट्र में शनिवार को कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उप मुख्यमंत्री अजित पवार के शपथ ग्रहण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर आज सुनवाई होगी। इस बीच भाजपा सांसद संजय काकडे शरद पवार के घर उनसे मिलने के लिए पहुंचे हैं। काकडे को एनसीपी अध्यक्ष का करीबी माना जाता है। उनके अलावा एनसीपी नेता जयंत पाटिल भी उनके आवास पर पहुंच गए हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट रविवार सुबह 11.30 बजे शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की संयुक्त याचिका पर सुनवाई करेगी। अपनी याचिका में इन तीनों दलों ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा देवेंद्र फडणवीस को शपथ दिलाने के निर्णय को रद्द करने की मांग की है। साथ ही याचिका में जल्द से जल्द विधानसभा में बहुमत हासिल करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में राज्यपाल के फैसले को मनमाना और असंवैधानिक बताया गया है। साथ ही इसमें कहा गया है कि उनके गठबंधन के पास 154 विधायकों का समर्थन है।

23-11-2019
शिवसेना को राजनीति भारी पड़ी : सरोज पाण्डे

रायपुर। भाजपा सांसद सरोज पाण्डे ने शिवसेना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब हम गठबंधन के साथ चुनाव में गए तो भाजपा को जो जनादेश मिला शिवसेना ने उसका सम्मान नहीं किया। जिन विषयों को उन्होंने कहा ऐसे विषय मेरी जानकारी में नहीं है। जनादेश यदि गठबंधन के साथ मिला है तो वह विषय पहले ही साफ होने चाहिए थे। शिवसेना ने उस विषय पर राजनीति की और यह उन्हें भारी पड़ी। राजनीति में कोई हमेशा हावी रहे यह मुकालता किसी को नहीं होना चाहिए। सांसद सरोज पाण्डे ने कहा कि यह जनादेश का सम्मान है। चुनाव में हम गठबंधन में जिनके साथ गए उन्होंने जनादेश का सम्मान नहीं किया। लोकतंत्र में आवश्यक था कि सरकार बने। भाजपा ने महाराष्ट्र में सरकार बनाई है हमारे मुख्यमंत्री बने हैं। उप मुख्यमंत्री एनसीपी से बने हैं और हम सदन में अपना बहुमत साबित करेंगे।

23-11-2019
कांग्रेस की शिवसेना के साथ गठबंधन की सोच थी गलत : संजय निरुपम

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार गठन पर कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने कहा कि लोग सोच रहे होंगे कि मैं आज के इस सियासी घटनाक्रम से खुश हूं, लेकिन मैं वास्तव में बहुत दुखी हूं। महाराष्ट्र की राजनीति ने कांग्रेस को बदनाम और कमजोर करने की साजिश रची है। निरुपम ने कहा कि शिवसेना के साथ गठबंधन की सोच कांग्रेस की गलती थी। उन्होंने कहा, मैं सोनिया गांधी से अपील करता हूं कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी को भंग करें। संजय निरुपम ने कहा कि राहुल गांधी को कांग्रेस की कमान संभाल लेनी चाहिए। बता दें कि कांग्रेस के शिवसेना के साथ जाने पर संजय निरुपम ने पहले ही नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने ट्वीट कर कांग्रेस पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि आखिर ये तीन तिगाड़े काम बिगाड़े वाली सरकार कबतक चलेगी।

 

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