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02-07-2020
चुनाव आयोग का फैसला, वरिष्ठ नागरिक और कोरोना संक्रमित करेंगें डाक मतपत्र का इस्तेमाल

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में 65 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोगों को डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) के इस्तेमाल की अनुमति दी है। इसके साथ-साथ कोरोना पॉजिटिव मरीज भी पोस्टल बैलट का इस्तेमाल कर सकते हैं। माना जा रहा है कि ये फैसला बिहार चुनावों को देखते हुए लिया गया है। देश में हर रोज हजारों की संख्या में कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चुनावों में पोस्टल बैलेट के लिए मतदाताओं की आयु सीमा कम कर दी गई है। इसके साथ ही कोरोना संक्रमित मरीजों को भी मुश्किल समय में वोटिंग राइट दिया जा रहा है। कोरोना वायरस के मामलों के बीच बिहार ऐसा पहला राज्य होगा, जहां विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में बिहार के मतदाता संशोधित नियमों से सबसे पहले लाभान्वित होंगे। बता दें कि इससे पहले पोस्टल बैलेट का अधिकार 80 वर्ष तक के बुजुर्ग और दिव्यांगजनों को प्राप्त था। इसके अलावा मौजूदा व्यवस्था में सेना, अर्ध सैनिक बलों के जवानों और विदेशों में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों व निर्वाचन ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को ही डाक मतपत्र से वोट देने का अधिकार प्राप्त है। अक्टूबर 2019 में हुए संशोधन के तहत दिव्यांगों और 80 साल या इससे ज्यादा की उम्र के लोगों को लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पोस्टल बैलेट से वोट करने की इजाजत दी थी। अब मंत्रालय ने फिर संशोधन किया है और 65 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोगों को पोस्टल बैलेट से वोट करने की अनुमति दी है।

25-02-2020
अप्रैल में खाली हो रही 55 राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को होंगे चुनाव, भाजपा रहेगी बहुमत से दूर

नई दिल्ली। राज्यसभा की अप्रैल में रिक्त हो रही 55 सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होगा। चुनाव आयोग ने मंगलवार को यह घोषणा की। आयोग ने कहा कि राज्यसभा में 17 राज्यों की ये सीटें अप्रैल में रिक्त हो रही हैं। 55 सीटों में सर्वाधिक सात महाराष्ट्र से, छह तमिलनाडू, पांच-पांच सीटें पश्चिम बंगाल और बिहार से, चार-चार सीटें गुजरात और आंध्र प्रदेश से तथा तीन-तीन सीटें राजस्थान, ओडिशा और मध्यप्रदेश से शामिल हैं। राज्यसभा से इस साल जिन प्रमुख नेताओं का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, रामदास आठवले, दिल्ली भाजपा नेता विजय गोयल, कांग्रेस के दिग्विजय सिंह और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार भी शामिल हैं।

फिलहाल भाजपानीत एनडीए और अन्य मित्रदलों की सदस्य संख्या राज्यसभा में 106 और अकेली भाजपा की 82 है। जबकि 245 सदस्यीय राज्यसभा में बहुमत के लिए 123 सदस्यों की आवश्यकता होती है। गौरतलब है कि 2018 और 2019 में भाजपा को कुछ राज्यों में हार का सामना करना पड़ा है, जिसका सीधा असर राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव परिणाम पर पड़ना स्वाभाविक ही है। दूसरी तरफ, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की स्थिति 245 सदस्यीय राज्यसभा में सुधरेगी। इस समय भाजपा के राज्यसभा में 83, और कांग्रेस के 45 सदस्य हैं। समीकरण के हिसाब से राज्यसभा में भाजपा की संख्या 83 के आसपास बनी रहेगी और सदन में बहुमत की उसकी आस फिलहाल पूरी नहीं हो पाएगी। जबकि छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड और महाराष्ट्र की सत्ता में आने के बाद कांग्रेस को राज्यसभा में अपनी कुछ सीटें बढ़ाने का मौका मिलेगा।

 

19-02-2020
आधार से लिंक होगा वोटर आईडी कार्ड, केंद्र ने चुनाव आयोग को दी हरी झंडी

नई दिल्ली। आधार कार्ड को मतदाता पहचान पत्र के साथ जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने चुनाव आयोग को आधार कार्ड और वोटर कार्ड को लिंक करने के लिए कानूनी शक्तियां देने का फैसला किया है। बता दें कि मंगलवार को चुनाव आयोग और केंद्रीय कानून मंत्रालय के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग के प्रस्ताव पर कानून मंत्रालय ने भी सहमति दे दी है। इसके लिए सरकार चुनाव आयोग को कानूनी शक्ति देगी। वोटर आईडी को आधार से लिंक करने पर फर्जी और डुप्लिकेट वोटरों को हटाया जा सकेगा। साथ ही प्रवासी मतदाताओं को रिमोट वोटिंग अधिकार देने में आसानी होगी।

आयोग ने मंगलवार को बैठक में पेड न्यूज और चुनावी हलफनामे में गलत सूचना देने को अपराध बनाने का भी प्रस्ताव दिया। कानून मंत्रालय चुनाव प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी में है। इससे मौजूदा तरीका भी बदल जाएगा, जिसमें प्रवासी उस क्षेत्र में तब ही वोट कर सकता है जब वह वहां हो। आयोग ने कानून मंत्रालय को जनप्रतिनिधि ऐक्ट में संशोधन का प्रस्ताव दिया था। इसके तहत वोटर आईडी कार्ड बनवाने और मतदाता सूची में पहले से शामिल लोगों से आधार नंबर मांगने का प्रावधान होगा। कानून मंत्रालय ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए डेटा को मल्टीपल स्तर पर सुरक्षित करने के निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय को अगस्त 2019 में वोटर आईडी कार्ड को आधार से लिंक करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मान लिया था। चुनाव आयोग ने कहा था कि 12 नंबर वाले आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड को लिंक करने के लिए उसे कानूनी अधिकार चाहिए। चुनाव आयोग ने कहा था कि फर्जी वोटरों पर लगाम लगाने के लिए सभी पुराने और नए वोटर कार्ड धारकों को अपना आधार नंबर देना होगा। हालांकि अगर कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता है तो भी उसका नाम वोटर लिस्ट से हटाया नहीं जा सकता है और न ही उसे लिस्ट में शामिल होने से रोका जा सकता है। 

 

 

11-02-2020
एक बार फिर भरे बाज़ार सरेआम इज्जत तार-तार होने से बच गई उसकी

रायपुर। एक बार बच गई वो, इस बार भी उसकी इज़्ज़त खतरे में थी और उसे आए दिन नंगा करने वाले पूरी तरह तैयार थे। बल्कि यूं कहा जाए कि उसे भरे बाज़ार सरेआम नंगा करने की पूरी तैयारी कर चुके थे। वो तो भला हो लोगों का जिन्होंने उसकी इज़्ज़त तार-तार होने से बचा लिया। वो भी अब राहत की सांस ले रही है कि एक बार उसके इज़्ज़त दांव पर लगने के बावजूद बच गई। अब हाल फिलहाल कही कोई खतरा नहीं है और उस पर कीचड़ उछालने वाले भी दिल्ली के चुनावी नतीजों से खुश है। जी हां हम बात कर रहे है ईवीएम की जो हर चुनाव में हारने वालोंं के हाथ चीरहरण का शिकार होती रही है। एक बार फिर भला हो दिल्ली की जनता का जो इसने ईवीएम के साथ-साथ चुनाव आयोग की भी लाज रख ली।

 

11-02-2020
दिल्ली चुनाव में भाजपा ने कड़ी टक्कर दी कांग्रेस को लेकिन अपना पिछला रिकार्ड मेंटेन करने चूक गई

रायपुर। दिल्ली के विधानसभा चुनाव में भाजपा कांग्रेस को कड़ी टक्कर देती नज़र आई। हालांकि भाजपा के बड़बोले पेपर टाइगर्स ने कही कोई कसर नही छोड़ी थी लेकिन वो कांग्रेस की तरह अपना पिछला रिकार्ड मेंटेन नही कर पाई। वैसे आंकड़ों के लिहाज से देखा जाए तो दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दम भरने वाली भाजपा ने कोई खास तीर नहीं मारा मगर उनके आलोचक ये जरूर कह सकते हैं उनकी सीट दुगनी से ज्यादा हो गई है यानी 3 से 7। अब बताइए भला 4 सीट ज्यादा जीतना महत्वपूर्ण है या फिर अपना पिछला रिकार्ड मेंटेन करना। जब देश की सबसे पुरानी और स्वतंत्रता संग्राम पर अकेले क्लेम ठोकने वाली कांग्रेस जब अपना पिछला रिकार्ड मेंटेन कर सकती है तो हर बात में उनसे मुकाबला करने वाली भाजपा भी तो 3 पर ही टिकी रह सकती थी। बेवजह बेचारे नए नवेले मफलरमैन की पार्टी को अपना रिकार्ड मेंटेन करने से रोक दिया। अगर मफलरमैन केजरीवाल की पार्टी दोबारा 67 सीट जीत कर अपना रिकार्ड मेंटेन करती तो आखिर नाम तो दिल्ली और देश का ही होता न। खैर जिस तरह से बकवास करने में कांग्रेस के दिग्गजों को भाजपा के बड़बोले पेपर टाइगर टक्कर दे रहे है, उससे लगता है अगले चुनाव में दोनों अपना रिकार्ड सुधार ही लेंगी। कांग्रेस के लिए तो शायद माइनस मार्किंग जैसी व्यवस्था करना पड़ेगा चुनाव आयोग को और यही हाल रहा तो भाजपा भी उसी राह पर होगी।  

 

08-02-2020
दिल्ली विधानसभा चुनाव : ईवीएम में खराबी, मतदाता हुए परेशान 

नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव को लेकर सुबह आठ बजे मतदाता मतदान करने पहुंच गए है। दिल्ली में सुबह से अलग-अलग बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइनें देखने को मिल रही है। मतदान के दौरान कई जगहों पर ईवीएम में गड़बड़ी देखने को मिल रहा है। सूत्रों के मुताबिक विधानसभा क्षेत्र के सरकार पटेल विद्यालय के बूथ नंबर 114 पर इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन काम नहीं कर रही है। तो कहीं यमुना विहार से भी कुछ ऐसी ही खबर आई है। यहां के सी-10 ब्लॉक में ईवीएम में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद चुनाव आयोग की टेक्निकल टीम मौके पर पहुंची। रोहताश नगर विधानसभा क्षेत्र के पंचशील पार्क निगम स्कूल में ईवीएम मशीन में तकनीकी खराबी के कारण वोटिंग करीब पौना घंटे की देरी से शुरू हुई। इस कारण मतदाताओं की लंबी कतारें लगी।

बता दें कि दिल्ली विधानसभा का चुनाव एक चरण में हो रहा है। दिल्ली में कुल 1.47 करोड़ मतदाता है। इन कुल मतदाता में से पुरुषों की संख्या 81.05 लाख है, वहीं महिला वोटरों की संख्या 66.80 लाख है। इनमें पहली बार वोट डालने वालों की संख्या 2.32 लाख है। 
 

07-02-2020
दिल्ली विधानसभा चुनाव : थमा प्रचार-प्रसार का शोर, आज रहेगा सोशल मीडिया पर जोर

नई दिल्ली। विधानसभा का चुनावी शोर अब थमा गया है। इसके साथ ही सभी पार्टियां सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर मतदाताओं को लुभाने की कोशिश में रहेंगी। 672 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कल होगा। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 8 फरवरी को मतदान होना है। 6 जनवरी को चुनाव की घोषणा होते ही दिल्ली में आदर्श आचार संहिता लगी हुई है। 14 से 21 जनवरी तक नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही प्रत्याशियों ने प्रचार शुरू कर दिया। भाजपा ने केन्द्रीय कैबिनेट से लेकर मुख्यमंत्री तक को मैदान में उतार दिया। नेताओं के सियासी बोल पर चुनाव आयोग को भी सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में भड़काऊ बयानबाजी के चलते सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई। भाजपा प्रत्याशी कपिल मिश्रा, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद प्रवेश वर्मा पर दो से चार दिन तक प्रतिबंध लगाया गया। आचार संहिता का उल्लंघन करने पर सबसे ज्यादा 31 एफआईआर आम आदमी पार्टी के खिलाफ दर्ज हुई हैं, जबकि नौ और छह एफआईआर क्रमश: भाजपा व कांग्रेस के खिलाफ दर्ज हुई। दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 11 जिलों में 21 स्ट्रांग रूम फाइनल कर लिए हैं। यहां मतदान के बाद ईवीएम रखी जाएगी। निष्पक्ष एवं भयमुक्त चुनाव के लिए 22 व्यय पर्यवेक्षक, 28 सामान्य पर्यवेक्षक और 11 पुलिस पर्यवेक्षकों को नियुक्त किए गए हैं। 516 इलाकों में 3841 संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों की पहचान हो चुकी है। यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। दिल्ली चुनाव कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहली बार दिल्ली के चुनाव में बूथ प्रबंधन के लिए बूथ एप की शुरूआत होगी। यह दिल्ली में 11 विधानसभाओं और विधानसभा संख्या 38 के कुछ मतदान बूथों पर कार्य करेगा।

05-02-2020
भाजपा सांसद के प्रचार पर चुनाव आयोग ने फिर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली। सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आपत्तिजनक बयान के मामले में चुनाव आयोग ने भाजपा नेता प्रवेश वर्मा के प्रचार करने पर 24 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया है। इस चुनावी सीजन में दूसरी बार है जब प्रवेश वर्मा के प्रचार करने पर चुनाव आयोग ने बैन लगाया है।। दरअसल, प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल को आतंकवादी कह दिया था और आम आदमी पार्टी ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की थी। अब चुनाव आयोग ने उन पर 24 घंटे का प्रतिबंध लगाया है। इसके तहत गुरुवार शाम के छह बजे तक वर्मा न तो बीजेपी उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर सकते हैं और न ही कोई इंटरव्यू दे सकते हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार भी कल शाम को थम रहा है और वोट 8 फरवरी को वोट डाले जाएंगे।

02-02-2020
चुनाव आयोग की कार्रवाई, हटाए गए साउथ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने साउथ-ईस्ट डीसीपी चिन्मय बिस्वाल को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली की 2 फायरिंग की घटनाओं के बाद कार्रवाई की गई है। शाहीन बाग का इलाका साउथ-ईस्ट दिल्ली में ही आता है, जहां पर पिछले 48 घंटे के भीतर फायरिंग की दो घटनाएं सामने आई हैं। फायरिंग की एक घटना जामिया तो एक शाहीन बाग इलाके में हुई थी। अब एडिशनल डीसीपी कुमार ज्ञानेश को साउथ-ईस्ट का चार्ज सौंपा है। चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा, "साउथ-ईस्ट डीसीपी चिन्मय बिस्वाल को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटाया जाता है। वर्तमान हालात को देखते हुए एडिशनल डीसीपी कुमार ज्ञानेश तत्काल प्रभाव से प्रभार संभालेंगे।" गौरतलब है कि चुनाव आयोग की तीन सदस्यीय टीम शाहीन बाग हालात का जायजा लेने पहुंची थी। दिल्ली में 8 फरवरी को मतदान होना है। शाहीन बाग में लगभग 50 दिनों से नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है। 

 

02-02-2020
दिल्ली विधानसभा चुनाव : आज से शुरू होगा भाजपा का महा जनसंपर्क अभियान, शाह संभालेंगे कमान

नई दिल्ली। मतदान की तारीख जैसे-जैसे पास आ रही है, राजनीतिक पार्टियों के नेता लोगों तक पहुंचने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। रैलियों और नुक्कड़ सभा के बाद अब बीजेपी रविवार से महा जनसंपर्क अभियान शुरू कर रही है। दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र में इस अभियान की कमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, ग्रेटर कैलाश में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और आदर्श नगर विधानसभा में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर संभालेंगे। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि महा जनसंपर्क अभियान का मकसद है कि बीजेपी दिल्ली में अपने विकास मॉडल से लोगों को घर-घर जाकर रूबरू कराए।

इसबार कुल 1.46 करोड़ वोटर

इसबार कुल 1.46 करोड़ (1,46,92,136) वोटर्स हैं। इसमें 66.35 महिला और 80.55 लाख पुरुष वोटर हैं। 2 लाख 08 हजार 883 लोग ऐसे हैं जो पहली बार वोट डालेंगे।

70 में से 12 सीट रिजर्व

चुनाव आयोग ने बताया कि दिल्ली में कुल 70 सीटों में से 58 सीट जनरल, 12 सीट एससी के लिए रिजर्व हैं।

QR कोड स्कैन होगा, तभी डाल पाएंगे वोट

सभी वोटरों को QR कोड वाली पर्ची दी जाएगी। चुनाव कर्मी उसे स्कैन करके नंबर देंगे, तभी वोट डालने की अनुमति होगी। अगर कोई QR कोड वाली पर्ची लेकर नहीं आया होगा तो वह अपने मोबाइल पर वोटर हेल्पलाइन से डिजिटल क्यूआर कोड भी जनरेट कर सकेगा।

घर बैठे वोटिंग कर सकेंगे बुजुर्ग

80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को वोट डालने के लिए बूथ तक नहीं जाना होगा। वह इस बार घर बैठे पोस्टल बैलेट से मतदान कर सकेंगे। दिव्यांग मतदाताओं को भी यह सुविधा मिलेगी। इस अभियान के तहत बीजेपी के करीब एक लाख कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता 70 विधानसभा क्षेत्रों के करीब 13,750 पोलिंग स्टेशन के आसपास रहने वाले लोगों से संपर्क कर उन्हें विकास मॉडल की जानकारी देंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा किए गए जनकल्याण कार्यों के बारे में भी लोगों को बताया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी दिल्ली में विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है। बीजेपी ने शुक्रवार को जो संकल्प पत्र जारी किया है, उसके बारे में भी लोगों को विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा पिछले पांच सालों में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के लोगों से जो झूठ और फरेब की राजनीति की है, उसका पर्दाफाश किया जाएगा।

01-02-2020
प्रवेश वर्मा की पत्नी ने दिल्ली में संभाली प्रचार की कमान

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने भड़काऊ भाषणों और नारों पर सख्ती बरते हुए अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा पर चुनाव प्रचार के लिए 96 घंटे तक प्रतिबंध लगा दिया है। तो वहीं उसकी पत्नी स्वाति सिंह ने चुनाव प्रचार अभियान की कमान संभाल ली। स्वाति ने मटियाला विधानसभा क्षेत्र में सुबह से देर रात तक पदयात्रा कर प्रत्याशी राजेश गहलोत के लिए वोट मांगे।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया कहते हैं कि वो लोग शाहीन बाग के साथ हैं और दिल्ली की जनता ये जानती है कि कुछ साल पहले जैसी आग कश्मीर में लगी थी, जो कश्मीरी पंडितों की बहन बेटियों के साथ हुआ वो यहां भी हो सकता है। वो आग यूपी में लगती रही, हैदराबाद और केरल में लगती रही आज वो आग दिल्ली के कोने में लग गई है। स्टार प्रचारकों के उतरने से पहले कांग्रेस की सभी महिला प्रत्याशी धुआंधार प्रचार कर रही हैं। अलका लांबा, शिवानी चोपड़ा, राधिका खेड़ा, पूनम आजाद, कृष्णा तीरथ सहित तमाम उम्मीदवार घर-घर जाकर वोटरों से संपर्क साध रहे हैं। शुक्रवार को अलका लांबा ने चांदनी चौक के जामा मस्जिद, मोरी गेट सहित कई इलाकों में पदयात्रा की। उन्होंने लोगों से रोजगार देने, महिला सुरक्षा सहित पुरानी दिल्ली की बुनियादी सुविधाओं की बेहतरी का वादा किया। इस दौरान सीएए के विरोध का भी मुद्दा प्रमुखता से उठा।

30-01-2020
निवार्चन आयोग ने दिखाई सख्ती, अनुराग ठाकुर 72 और प्रवेश वर्मा 96 घंटे नहीं कर सकेंगे प्रचार

नई दिल्ली। चुनाव प्रचार में विवादित बयानबाजी करने वाले भारतीय जनता पार्टी के नेता अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा पर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर पर 72 घंटे और बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा पर 96 घंटे का रोक लगाई है।
बता दें कि दिल्ली की रिठाला सीट पर चुनावी सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने 'देश के गद्दारों को गोली मारने' वाले नारे लगवाए थे। इसके अलावा पश्चिमी दिल्ली से बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने नागरिकता संसोधन कानून के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में पिछले 40 से ज्यादा से ज्यादा दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी की थी।

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