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09-01-2020
मुख्य न्यायाधीश ने कहा, सीएए को लेकर याचिका पर सुनवाई तभी जब हिंसा रुके

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि वह सीएए को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई उस वक्त करेंगे जब नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में हो रहा हिंसक प्रदर्शन खत्म होगा। मुख्य न्यायाधीश का यह बयान ऐसे समय में आया जब नागरिकता संशोधन एक्ट को संवैधानिक करार देने के लिए एडवोकेट विनीत धांडा ने याचिका दायर करके सुनवाई की अपील की है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि काफी हिंसा हो रही है। इस बेंच की अगुवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एसए बोबडे कर रहे हैं, जिसमें जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत भी शामिल हैं।

एडवोकेट धांडा की याचिका पर बेंच ने कहा कि आखिर हम इस कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई किए बगैर ऐसा फैसला दे दें। बेंच ने पूछा कि आखिर हम कैसे किसी कानून को संसद में संवैधानिक कहते हैं? संसद द्वारा पास किए गए कानून में हमेशा संवैधानिकता का अनुमान है। आप एक समय में काननू के छात्र रह चुके हैं, आपको पता होना चाहिए, मैं पहली बार इस तरह की प्रार्थना सुन रहा हूं। कोर्ट को कानून की वैद्यता को देखना पड़ेगी, ना कि यह फैसला देना है कि यह कानून संवैधानिक है। बेंच की ओर से कहा गया कि देश मुश्किल समय का सामना कर रहा है, हमारी कोशिश शांति को बनाने की होनी चाहिए, यह याचिकाएं इस लक्ष्य की प्राप्ति में कतई सहायक नहीं हैं। बता दें कि विनीत कौर धांडा ने कोर्ट से यह अपील की है कि वह निर्देश दे कि सीएए को लेकर तमाम अखबारों, टीवी मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रचार किया जा सकता है और इसको लेकर सफाई दी जा सकती है, यह प्रचार किया जा सकता है कि यह कानून संविधान की मूल भावना के खिलाफ नहीं है और ना ही देश के नागरिकों के खिलाफ है। साथ ही याचिका में अपील की गई है कि बेंच मुख्य चुनाव आयोग को निर्देश दे कि जो भी दल इस कानून भ्रम फैला रहे हैं उनकी पहचान करे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। साथ ही याचिका में कहा गया है कि बेंच तमाम राज्य सरकारों को निर्देश दे कि इस कानून का पालन करना अनिवार्य है।

 

19-12-2019
नगर पालिका चुनाव में नियमोें का नहीं किया गया पालन

मुंगेली। नगर पालिका चुनाव में इस बार चुनाव आयोग महज मूकदर्शक बन देखता नजर आया। जहां खुल कर शासकीय खम्भों पर प्रत्याशियों ने अपने पोस्टर चिपकाए और खुलकर नियमों की धज्जियां उड़ाई। न समय पर आयोग के समक्ष विवरण प्रस्तुत किया, न ही आयोग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन किया। इतना सब होने के बावजूद भी आयोग ने कोई ठोस कार्यवाही नहीं की, जिससे प्रत्याशियों में भय व्याप्त हो। 

 

16-12-2019
रेप इन इंडिया : चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से मांगा जवाब

नई दिल्ली। झारखंड में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के ‘रेप इन इंडिया’ बयान पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) से मामले की रिपोर्ट मांगी है। आयोग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि इस मामले की शिकायत मिलने पर आयोग ने राज्य के सीईओ से गांधी के विवादित बयान के बारे में घटनाओं की सिलसिलेवार जानकारी मांगी है। अधिकारी ने बताया कि इसमें सीईओ को बताना होगा कि राहुल गांधी ने कब, कहां और किस संदर्भ में उक्त बयान दिया था।

आयोग ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की अगुवाई वाले भाजपा महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल द्वारा की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है। भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी द्वारा झारखंड में चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली में भारत को ‘रेप इन इंडिया’ कहे जाने की शिकायत कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। आयोग के अधिकारी ने बताया कि शिकायत में उल्लिखित घटना की तथ्यात्मक रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। राहुल के रेप इन इंडिया बयान को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने चुनाव आयोग के पास शिकायत की। जिसपर आयोग ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से जवाब मांगा है। राहुल ने झारखंड के गोड्डा में 12 दिसंबर को यह बयान दिया था।

राहुल गांधी के खिलाफ राजद्रोह की शिकायत

वहीं राहुल गांधी के खिलाफ एक स्थानीय भाजपा नेता मुकेश राजावत ने शुक्रवार को जिला अदालत में राजद्रोह की शिकायत दर्ज कराई है। सिसोदिया ने बताया कि इस शिकायत में गांधी के रेप इन इंडिया वाली टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनके खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 124-ए (राजद्रोह) और अन्य सम्बद्ध धाराओं में मुकदमा चलाये जाने की अपील की गई है।

13-12-2019
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज कराई चुनाव आयोग में शिकायत

नई दिल्ली। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की और राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। बता दें कि राहुल गांधी के रेप इन इंडिया मामले में आक्रोशित भाजपा सांसद स्मृति ईरानी ने कहा कि हमने राहुल के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई है और चुनाव आयोग ने हमें आश्वासन दिया है कि वे कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए न्याय करेंगे। स्मृति ईरानी ने कहा कि हमने पहले भी यह कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने रेप को एक राजनीतिक टूल बनाने का साहस किया। हमने चुनाव आयोग से कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने एक रैली में पीएम मोदी के 'मेक इन इंडिया' नारे को 'रेप इन इंडिया' बताया था। संसद में आज इस मुद्दे पर हंगामा हुआ और भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी को देश से माफी मांगने को कहा। राहुल गांधी अपने बयान पर टिके रहे और माफी मांगने से इनकार कर दिया। उनके इस जवाब से भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का गुस्सा फूट पड़ा और वह चुनाव आयोग पहुंचकर राहुल गांधी की शिकायत की।

07-12-2019
झारखंड में दूसरे चरण का मतदान संपन्न, शाम 5 बजे तक 62.40 प्रतिशत हुई वोटिंग

रांची। झारखंड में दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव  में 20 सीटों पर मतदान संपन्न हो गया। नक्सल प्रभावित 18 सीटों पर सुबह सात बजे से तीन बजे तक वोट डाले गए जबकि जमशेदपुर पूर्वी और पश्चिमी सीट पर शाम 5 बजे तक मतदान हुआ। इन दोनों सीट पर वोटिंग प्रतिशत कम रहा। शाम 5 बजे तक सभी 20 सीटों पर कुल 62.40 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। गुमला के सिसई विधानसभा क्षेत्र में बूथ नंबर 36 पर ग्रामीण और पुलिस के बीच झड़प में एक ग्रामीण की मौत हो गई। जिसके बाद चुनाव आयोग ने वहां मतदान को रद्द कर दिया। झड़प में थानेदार समेत कई पुलिस वाले भी घायल हो गए। दूसरे चरण में कई दिग्गजों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सीएम रघुवर दास जमशेदपुर के भालूवासा में बूथ नंबर 21 पर परिवार के साथ मतदान किया। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने पत्नी के साथ खरसावां के खेलारी साईं स्थित बूथ-172 पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जमशेदपुर के बिष्टुपुर में निर्दलीय प्रत्याशी सरयू राय ने केएमपीएम वोकेशनल कॉलेज सेंटर के बूथ संख्या- 155 पर जाकर मतदान किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने चक्रधरपुर में अपने पैतृक गांव टोकलो के बूथ नंबर 74 पर मतदान किया। विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने पत्नी के साथ सिसई विधानसभा के मुरगु गांव स्थित बूथ नंबर 69 पर मतदान किया। दिग्गजों के अलावा महिलाओं और बुजुर्गों ने भी मतदान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। दूसरे चरण में कुल 48 लाख 25 हजार मतदाताओं ने 260 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला किया। इनमें कई दिग्गज भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री रघुवर दास, बीजेपी के बागी सरयू राय, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा, स्पीकर दिनेश उरांव, मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, पूर्व मंत्री राजा पीटर और पूर्व नक्सली कुंदन पाहन की किस्मत इस चरण में तय हो गई। कुल 260 प्रत्याशियों में 231 पुरुष और 29 महिला प्रत्याशी शामिल हैं।  

07-12-2019
झारखंड विधानसभा चुनाव : 20 सीटों पर शुरू हुआ दूसरे चरण का मतदान, ये दिग्गज है मैदान में...

रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत 20 सीटों पर शनिवार को मतदान शुरू हो गया। चुनाव आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा बलों और मतदानकर्मियों की तैनाती की है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर मतदाताओं से अनुरोध किया कि वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर मतदान करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में मदद करें। उन्होंने ट्वीट किया कि झारखंड विधानसभा चुनाव में आज दूसरे दौर का मतदान है। सभी मतदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मतदान कर लोकतंत्र के इस उत्सव को सफल बनाएं। चुनाव आयोग के अनुसार, जमशेदपुर पूर्व और जमशेदपुर पश्चिम सीटों पर सुबह 7 से शाम 5 बजे तक जबकि अन्य सीटों पर सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक वोट डाले जा सकेंगे। 20 सीटों में से 16 अनुसूचित जनजाति और एक सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
 
पुलिस के अनुसार, सात जिलों में फैली इन सीटों के लिए केंद्रीय बलों समेत 42000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। 48,25,038 मतदाता 260 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद करेंगे। इस चरण में प्रमुख उम्मीदवारों में राज्य के मुख्यमंत्री रघुबर दास, भाजपा से बगावत कर निर्दलीय खड़े सरयू राय, विधानसभा अध्यक्ष दिनेश ओरांव, सरकार में मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ, एजेएसयू नेता रामचंद्र साही, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप कुमार बालमाचू, जदयू अध्यक्ष सलखान मुर्मू, जेवीएम-पी बंधु टिर्की शामिल हैं। राज्य में पांच चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं। चुनाव परिणाम 23 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।

30-11-2019
झारखंड विधानसभा चुनाव : भाजपा और कांग्रेस समर्थकों में झड़प, कांग्रेस प्रत्याशी ने लहराई पिस्तौल

रांची। झारखड़ विधानसभा के प्रथम चरण के मतदान के दौरान यहां चैनपुर के कोसियारा गांव में भाजपा और कांग्रेस के समर्थकों के बीच झड़प की सूचना मिली है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी केएन त्रिपाठी ने भाजपा प्रत्याशी आलोक चौरसिया और उनके समर्थकों पर बूथ लूटने का आरोप लगाया है। वहीं पहले चरण में डाल्टनगंज विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी केएन त्रिपाठी द्वारा कथित तौर पर मतदान के दिन पिस्तौल लगाने के मामले को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने कहा है कि इस घटना को लेकर वहां के जिला निर्वाचन पदाधिकारी को संबंधित वीडियो क्लिपिंग भेज दी गई है। साथ ही उनसे इस बाबत कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक घंटे में रिपोर्ट आयोग के पास आएगी। उसके बाद विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी। चौबे ने कहा कि एक दो घटनाओं को छोड़कर प्रदेश के 6 जिलों में 13 विधानसभा इलाकों में वोटिंग शांतिपूर्ण हो रही है। 

 

26-11-2019
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में दी आदर्श आचार संहिता की जानकारी

जांजगीर-चाम्पा। जांजगीर-चांपा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जनक प्रसाद पाठक ने आज जिला स्तरीय विभागीय अधिकारियों की बैठक में नगरीय निकाय आम चुनाव 2019 के मद्देनजर चुनाव आयोग द्वारा आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा कि वे अपने कार्यालय में राजनीतिक दलों से संबंधित प्रचार-प्रसार के नारे, फोटो, बैनर आदि को तत्काल हटाने की कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी चुनाव कार्य निष्पक्ष रूप से करें और चुनाव आचार संहिता के प्रावधानों का कड़ाई से स्वयं और मातहत अधिकारियों-कर्मचारियों से पालन सुनिश्चित कराएं। अधिकारियों, कर्मचारियों के लिए आदर्श आचार संहिता के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देश जारी किया गया है। ऐसा कोई आदेश (स्थानांतरण आदेश) जारी न किया जाए। मतदाताओं को लुभाने वाली कोई सुविधा या छूट अथवा नई स्वीकृति जारी न करें। निर्माण, सुविधा विस्तार या विकास कार्यों आदि के लिए निविदा आहूत न करें। मंत्री, सांसद, विधायक या स्थानीय निकाय के किसी पदाधिकारी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शासकीय अधिकारी-कर्मचारी शामिल न हों। विश्राम गृहों या अन्य स्थानों के आबंटन में राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिए सुरक्षा के लिए तैनात किया जा सकता है। चुनाव संबंधी सभा आदि में शासकीय व्यय नहीं किया जाएगा। मंत्री आदि के चुनावी दौरों में सुरक्षा के लिए तैनात कर्मचारियों के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी को साथ नहीं रहना है। नगरीय निकाय क्षेत्र में जहां चुनाव होने वाला है, उस क्षेत्र के लिए स्वेच्छा अनुदान, जनसंपर्क या क्षेत्र विकास राशि स्वीकृत न की जाए। आदर्श आचार संहिता के दौरान शिलान्यास या उद्घाटन के कार्यक्रम नहीं होंगे। मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार में सरकारी व्यय नहीं किया जाएगा।

15-11-2019
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री को हाईकोर्ट का झटका, नहीं लड़ सकेंगे विधानसभा चुनाव

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। कोड़ा ने 2017 में खुद को अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती दी है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक उन्हें 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव लड़ने की इजाजत देने से मना कर दिया है। इससे पहले 13 नवंबर को उच्चतम न्यायालय मधु कोड़ा की उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए राजी हो गया था जिसमें उन्होंने चुनाव खर्च का ब्यौरा न देने की वजह से 2017 में निर्वाचन आयोग द्वारा उन्हें अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती दी है।
भारत के प्रधान न्यायाधीश का पदभार संभालने जा रहे न्यायमूर्ति एस ए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस दलील पर विचार किया कि इस तथ्य के मद्देनजर कोड़ा की याचिका पर तत्काल सुनवाई की आवश्यकता है कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 18 नवंबर को खत्म हो रही है। न्यायमूर्ति बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि याचिका को शुक्रवार को उचित पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करें। बता दें कि चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव लड़ने में कोड़ा द्वारा खर्च की गई राशि का ब्यौरा जमा न कराने की वजह से 2017 में उन्हें अयोग्य करार दे दिया था। निर्दलीय विधायक कोड़ा 2006 से 2008 तक झारखंड के मुख्यमंत्री का पद संभाल चुके हैं।

 

12-11-2019
चुनाव आयोग के अहमियत से नेताओं व आमजनों को रुबरु कराया था शेषन ने

रायपुर। भारत के दसवें मुख्य चुनाव आयुक्त रहे टीएन शेषन ने पहली बार नेताओं व आमजनों को चुनाव आयोग की अहमियत से रूबरू कराया था। इसके पहले आमजनों को तो चुनाव आयोग जैसी कोई संस्था है इसका भान भी नहीं था और नेताओं के लिए यह आयोग महज एक रस्म अदायगी का संस्था मानी जाती थी। प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के कार्यकाल में नियुक्त शेषन 12 दिसम्बर 1990 से ले 11 दिसम्बर 1996 तक इस पद पर आसीन रहे। यह समय भारतीय राजनीति के इतिहास मे संभवतः सर्वाधिक संवेदनशील रहा, जिसमें अयोध्या के विवादित ढांचा को गिराया जाना व इसके चलते सांप्रदायिक सौहाद्र पर मंडरा रहा खतरा भी शामिल था। इस घटना के बाद उनके कार्यकाल में होने जा रहे चुनाव के निर्विघ्न संपन्न हो पाने के प्रति प्रशासन के साथ-साथ आमजन भी आशंकित थे। ऐसे माहौल में शेषन ने न केवल चुनाव आयोग की अहमियत से नेताओं व आमजनों को रूबरू कराया वरन चुनाव आयोग की शक्तियों का इस निडरता व निष्पक्षता से प्रयोग किया कि नेताओं के इशारे पर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की घिग्घी बंध गई। नेता थरथराने लगे व आमजनों के पसंदीदा नायक बन गए। चुनाव के दौरान उनके वक्तव्य व निर्देश रेडियो, टीवी व अखबारों की सुर्खियां बनने लगे और इसकी वजह से आमजनों को जहां पहली बार चुनाव आयोग की अहमियत का अहसास हुआ वहीं आयोग की शक्तियों से रूबरू हो प्रशासन तंत्र भी निष्पक्ष व निर्विध्न चुनाव कराने मुस्तैद हो चला। इसके चलते उनका कई बार तात्कालिक सरकार व नेताओं से टकराहट भी हुआ पर वे न डरे, न डिगे। वे बेबाकी से कहते कि मैं वही करता हूं, जो कानून मुझसे कराना चाहता है। इसी दौरान उनके बेबाकीपन के चलते एक मामले में उच्चतम न्यायालय ने उन्हें अधिक न बोलने की नसीहत दे दी और इसके बाद वे मौन धारण कर अपना वैधानिक कर्तव्य का निर्वहन करते रहे व चुनाव को निष्पक्ष व निर्विध्न कराकर ही छोड़ा। 1996 में रमन मैग्सेसे अवार्ड से सम्मानित टीएन शेषन सेवानिवृत्ति के बाद वे देशभक्त ट्रस्ट की स्थापना कर समाज सुधार कार्यों में सक्रिय रहे। चुनाव आयोग की वैधानिक शक्तियों से देशवासियों को परिचित कराने व लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया को विश्वसनीय बनाने के साथ-साथ  भारत निर्वाचन आयोग को अलग पहचान दिलाने तथा मतदाता परिचय पत्र का इस्तेमाल करवा चुनावी प्रक्रिया मे सुधार का सिलसिला शुरू करने वाले शेषन के निधन पर मेरा श्रद्धा सुमन अर्पित।

भूपेन्द्र शर्मा

11-11-2019
कांग्रेस बाहुबल से निकाय चुनाव जीतना चाहती है : संजय श्रीवास्तव

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने नगरीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने के निर्णय को तुगलकी बताया है। श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस बाहुबल और सत्ता का इस्तेमाल कर निकाय चुनाव जीतना चाहती है।
भाजपा प्रवक्ता श्रीवास्तव ने कहा कि ईवीएम से चुनी हुई सरकार ने ईवीएम चुनाव प्रक्रिया पर अविश्वास करके अपनी  नासमझी और राजनीतिक विवेकशून्यता का ही परिचय दिया है। चुनाव आयोग ने माना है कि नगरीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने पर एक सौ टन कागज इसमें खर्च होगा। इसी तरह पाँच हजार बूथों पर मत पेटियां पहुंचाने में जो खर्च आएगा वह अलग है। श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार को प्रदेश के गहराते आर्थिक संकट से कोई मतलब ही नहीं है, वह तो बस बैक डोर एंट्री करके येन-केन-प्रकारेण अपनी सत्ता लोलुपता पूरी करने पर उतारू है। बैलेट पेपर से चुनाव कराने का निर्णय भी प्रदेश सरकार के इसी एजेंडे का एक हिस्सा है जिसमें राजनीतिक शुचिता और लोकतांत्रिक मान्यताओं व परंपराओं की खुलेआम धज्जियां उड़ाने की मंशा पर प्रदेश सरकार काम करती दिख रही है। इन सबसे बड़ी बात तो पर्यावरण की है। एक तरफ प्रदेश सरकार हरियर छत्तीसगढ़ के नाम पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाकर पौधरोपण का अभियान चला रही है वहीं दूसरी ओर भारी मात्रा में कागज खर्च कर बैलेट पेपर से चुनाव कराकर लाखों पेड़ों की बलि लेने में नहीं हिचकिचा रही है।

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