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13-01-2021
बहुचर्चित किशनपुर हत्याकांड के घटना स्थल की फॉरेंसिक एक्सपर्ट करेंगे पुन: जांच, महिला आयोग करेगा खर्च वहन

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने बुधवार को महासमुंद में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर जन-सुनवाई की। सुनवाई में 16 प्रकरण रखे गये थे। इसमें 13 प्रकरण सुनवाई के पूर्व रजामंदी होने के कारण नस्तीबद्ध किया गया। इसी प्रकार 7 प्रकरणों को भी रजामंदी और सुनवाई योग्य नही होने के कारण नस्तीबद्ध किया गया। डॉ. नायक ने महिलाओं को समझाइश दी कि  घरेलू आपसी मनमुटाव का समाधान परिवार के बीच किया जा सकता है। घर के बड़े बुजुर्गों का सम्मान एवं आपसी सामंजस्य सुखद गृहस्थ के लिए महत्वपूर्ण है। पिथौरा विकासखंड के आवेदकों ने पुलिस अधिकारियों और चार अन्य लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। आवेदकों ने बताया कि किशनपुर हत्याकांड के मामलें में पुलिस अधिकारियों ने समुचित जांच नहीं करने की जानकारी दी। इस प्रकरण पर महिला आयोग ने तीन साल पुराने मामलें की निष्पक्ष तरीके से जांच कराने कहा। महिला एवं बाल विकास विभाग के व्यय पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सुनंदा ढेंगे को नियुक्त किया गया है। उनके सहयोग के लिए आयोग की अधिवक्ता शमीम रहमान और एसडीओपी अपूर्वा सिंह को दो माह के भीतर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। इस संबंध में आवश्यकतानुसार न्यायालय से अनुमति प्राप्त की जाएगी।इसी तरह एक अन्य मामले में पिथौरा के आवेदिका ने पटवारी पुत्र को मानसिक प्रताड़ना व भरण पोषण की राशि दिलाने की मांग की। आयोग ने अनावेदक को आपसी रजामंदी से प्रत्यके माह की पहली तारीख को 8,000 रुपए आवेदिका के खातें आरटीजीएस के माध्यम से जमा करने कहा। स्वयं अपने विभाग में आवेदन देकर लिखित सहमति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा आवेदिका को अनावेदक के घर पर किसी भी प्रकार की दखल अंदाजी नहीं करने के निर्देश दिए। इस पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई। इसके अलावा पिथौरा के आवेदिका ने अनावेदक के खिलाफ दैहिक शोषण की शिकायत की थी।  इस पर अध्यक्ष ने दोनो पक्षो को गंभीरता से सुनने के बाद पति-पत्नि को सुलह के साथ रहने की समझाइश दी।एक अन्य प्रकरण में महिला आवेदक ने दैहिक शोषण का आरोप लगाया। इस पर आयोग ने दोनों पक्षोें की बातों को गंभीरता पूर्वक सुनकर अनावेदिका को भरण-पोषण के लिए एकमुश्त 1,60,000 (एक लाख 60 हजार रूपए) की राशि देने के निर्देश दिए।  इस पर आवेदक एवं अनावेदिका पक्ष ने आयोग के समक्ष आपसी रजामंदी में तलाक लेने की बात भी स्वीकार की।
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित सुनवाई में मुख्य रूप से महिलाओं से मारपीट, मानसिक, शारीरिक, दैहिक प्रताड़ना, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर जोगेन्द्र कुमार नायक अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक मेघा टेंबुलकर, डिप्टी कलेक्टर बीएस मरकाम, सीमा ठाकुर, प्रशिक्षु डीएसपी अपूर्वा सिंह, शासकीय अधिवक्ता शमीम रहमान सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

06-01-2021
राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष राजकुमारी दीवान कल कांकेर में जन सुनवाई करेंगी

रायपुर कांकेर। छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की उपाध्यक्ष राजकुमारी दीवान व सदस्य  नितिन पोटाई गुरूवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कांकेर जिले के प्रकरणों की जन सुनवाई करेंगे। और विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेंगे। इसके पहले वे  अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक संघ व सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे ।

 

16-12-2020
गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष ने किया विकास फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ

जांजगीर चांपा। राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ.रामसुन्दर दास महंत ने बुधवार को  शिवरीनारायण के राम वन गमन परिपथ पर्यटन सामुदायिक सांस्कृतिक हाल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय विकास फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के 2 वर्ष का सफल कार्यकाल पूरा होने पर विकास योजनाओं, उपलब्धियों, शासन के जनहितकारी कार्यक्रमों पर आधारित विकास फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। डॉ.महंत के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष यनीता चंद्रा, उपाध्यक्ष  राघवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य दिनेश शर्मा, एसडीएम मेनका प्रधान, तहसीलदार सहित कमलेश सिंह, पूणेन्द्र तिवारी ने भी विकास फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। डॉ.महंत ने जनसंपर्क विभाग द्वारा फोटो प्रदर्शनी आयोजन की प्रशंसा की और नगरवासियों को इस प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की। शिवरीनारायण के नागरिकों द्वारा इस प्रदर्शनी का उत्साह के साथ अवलोकन किया जा रहा है। प्रदर्शनी को स्कूल, कॉलेज की छात्र-छात्राओं, नागरिकों, जन एवं पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा अवलोकन कर योजना की जानकारी ली जा रही है। प्रदर्शनी का अवलोकन करने लोगों को जनसंपर्क विभाग द्वारा आदि प्रचार सामग्री वितरित की जा रही है।

 

01-12-2020
राज्यपाल को मुख्य सूचना आयुक्त राउत ने वार्षिक प्रतिवेदन-2019 भेंट की, आयोग की गतिविधायों की दी जानकारी

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके से राजभवन में राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त एमके राउत ने सौजन्य मुलाकात की। एमके राउत ने राज्यपाल को छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन-2019 भेंट की। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन-2019 में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत राज्य के सभी जिलों से प्राप्त आवेदन और उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा की आयोग के माध्यम से अपील प्रकरणों में सुनवाई के समय जनसूचना अधिकारी और अपीलार्थी को नोटिस देकर निर्धारित तिथि को अभिलेखों के साथ बुलाया जाता है तथा दोनों पक्षों को अपना तर्क प्रस्तुत करने के लिए समुचित अवसर प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग द्वितीय अपील और शिकायतों की सुनवाई कर समयबद्ध निराकरण किया जाता है। राउत ने बताया कि कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील और शिकायत के प्रकरणों की सुनवाई के लिए अपीलार्थी, शिकायतकर्ता और जनसूचना अधिकारी/प्रथम अपीलीय अधिकारी की आयोग में उपस्थिति प्रतिबंधित कर दी गई है। अपीलार्थी और जनसूचना अधिकारी/प्रथम अपीलीय अधिकारी प्रकरण से संबंधित तर्क/जवाब लिखित रूप से आयोग को  ई-मेल, व्हाट्सअप और फैक्स से भेंजने निर्देशित किया गया। एमके राउत ने बताया कि कोविड-19 के तहत कोरोना के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत द्वितीय अपील और शिकायत के प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से की जा रही है।


मुख्य सूचना आयुक्त एमके राउत ने बताया कोविड-19 के बाद भी आयोग में मार्च 2020 से नवंबर 2020 तक कुल 2995 प्रकरणों का निराकरण किया गया है, जिसमें 2255 अपील और 740 शिकायत के प्रकरण शामिल हैं  आयोग को जनवरी 2019 से दिसम्बर 2019 की स्थिति में कुल 4001 द्वितीय अपील प्राप्त हुई। गत वर्षों के 6,586 द्वितीय अपीलों के सहित कुल 10,587 द्वितीय अपीलों में से कुल 3,944 द्वितीय अपील प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन निराकृत द्वितीय अपील प्रकरणों में रूपये 10,04,000 मात्र (कुल रूपये दस लाख चार हजार मात्र) अर्थदण्ड की राशि आरोपित की गई तथा रूपये 2,59,650 मात्र (रुपये दो लाख उनसठ हजार छः सौ पचास मात्र) की क्षतिपूर्ति राशि आवेदकों को देने हेतु विभिन्न विभागों को आदेशित किया गया। आयोग को जनवरी 2019 से दिसम्बर 2019 की स्थिति में कुल 998 शिकायतें प्राप्त हुई गत वर्षाे में 2,551 शिकायतों के सहित कुल 3,549 शिकायत प्रकरणों में से कुल 1,346 शिकायत प्रकरणों का निराकरण किया गया। निराकृत शिकायत प्रकरणों में रूपये कुल 8,20,500 (रूपये कुल आठ लाख बीस हजार पाँच सौ मात्र) अर्थदण्ड की राशि अधिरोपित की गई तथा शिकायतों पर कुल रूपये 64,850 (रूपये चौसठ हजार आठ सौ पचास रूपए मात्र) की क्षतिपूर्ति राशि आवेदकों को भुगतान करने के लिए विभागों को आदेशित किया गया।

 

12-11-2020
विभिन्न जिलों के 9 विकासखण्डों में की जाएगी लेबर रिसोर्स सेंटर की स्थापना 

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष अजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक मेें कोविड-19 और लॉक डाउन के कारण छत्तीसगढ़ के प्रवासी कामगारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली योजनाओं का अध्ययन करने के संबंध में चर्चा की गई। राज्य योजना आयोग में यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम के सहयोग से कोविड-19 और लॉक डाउन के कारण प्रवासी मजदूरों के बीच समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है। यह प्रकोष्ठ कामगारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली योजनाओं का अध्ययन करेगा एवं उन्हें अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए अपनी अनुशंसा प्रदान करेगा। यूएनडीपी के वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग इस प्रकोष्ठ में छह विषय विशेषज्ञों की नियुक्ति भी की गई है।

इस योजना के तहत पायलट के रूप में राज्य के बलरामपुर, जशपुर, कोरबा, बिलासपुर, जांजगीर चाम्पा, मुंगेली, राजनंदगांव, कांकेर एवं बस्तर जिले के नौ विकासखण्डों में लेबर रिसोर्स सेंटर की स्थापना की जाउगी। शुरुआती तौर पर इन केन्द्रों को स्थापित एवं संचालित करने के लिए यूएनडीपी ने समर्थन संस्था के नेतृत्व में एनजीओ के एक समूह का चयन किया है। इस सेंटर के माध्यम से श्रमिकों को विभिन्न विभागों की सामाजिक सुरक्षा से सम्बंधित कार्यक्रमों की जानकारी दी जाएगी। यह सेंटर कामगारों का पंजीयन के साथ कौशल विकास में भी सहायता प्रदान करेगा। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए योजना आयोग द्वारा आयोजित बैठक में योजना आयोग के अधिकारियों, सभी संबंधित विभागों एवं चयनित एनजीओ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

10-11-2020
Breaking: भूपेश सरकार ने आयोग के अध्यक्षों को दिया कैबिनेट मंत्री का दर्जा, आदेश जारी

रायपुर। भूपेश बघेल सरकार ने आयोग के अध्यक्षों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव एसके सिंह ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास, महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेन्द्र छाबड़ा, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू, खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है।

02-11-2020
6, 9 और 10 नवंबर को कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा

रायपुर। कर्मचारी चयन आयोग की ओर से मैट्रिकुलेशन उच्च माध्यमिक, स्नातक और उससे उपर स्तर के शैक्षणिक योग्यता वाले पदों के लिए परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा 6, 9 और 10 नवंबर को रायपुर के दो परीक्षा केंद्रों में होगी। परीक्षा कम्प्यूटर बेस्ड परीक्षा फॉर फेस आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में सुबह 10 बजे से 5:20 बजे तक ली जाएगी। पूनम शर्मा डिप्टी कलेक्टर को परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है।

 

 

01-10-2020
बस्तर में कोरोना से बचाव के लिए जारी प्रयास बेहतर, नीति आयोग ने की सराहना 

रायपुर। नीति आयोग ने आकांक्षी जिला बस्तर में सुरक्षित दादा-दादी नाना-नानी अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना की। नीति आयोग ने बस्तर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में हुई एक बैठक की तस्वीर को ट्वीट किया है। बताया गया है कि सोशल डिस्टेंसिंग के प्रदर्शन का यह एक शानदार उदाहरण है। कोरोना से बचाव के लिए बुजुर्गों को जागरुक किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि नीति आयोग की ओर से कोरोना के दौरान बुजुर्गों की देखभाल के लिए सुरक्षित दादा-दादी नाना-नानी अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें उन्हें सभी जानकारी के साथ ही उनके जीवन शैली और दिनचर्या के बारे में जानकर उनकी मदद की जा रही है।

16-07-2020
निगम, मंडल व आयोग में जिले का दबदबा

राजनांदगांव। शुरुआती दौर में यह कहा जाता था कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राजनांदगांव से कोई ज्यादा लगाव नहीं है लेकिन निगम, मंडल व आयोग में नियुक्तियों के बाद यह बात पूरी तरह निराधार साबित हुई। उन्होंने सबसे पहले अल्पसंख्यक आयोग में हफ़ीज़ खान को नियुक्त किया उसके बाद संसदीय सचिव में इंदरशाह मण्डावी और भुनेश्वर बघेल का नाम आया। तीसरी किश्त में करुणा शुक्ला को समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष,पूर्व विधायक धनेश पटिला को अंत्यवसाई सहकारी वित्त एवं विकास निगम,दलेश्वर साहू विधायक डोंगरगांव को अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया। इस प्रकार जिले से 6 लोगों को जवाबदारी दी गई है।

13-02-2020
370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में होगा पहला पंचायत चुनाव, 1 हजार से अधिक सीटें  है खाली

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से पहली बार राज्य में होने वाले पंचायत चुनावों की तारीखों का एलान हो गया है। जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। जम्मू-कश्मीर के हर ब्लॉक में खाली पड़े पदों के लिए पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। इस पंचायत चुनाव में बैलेट बॉक्स का इस्तेमाल किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव 5 मार्च से 20 मार्च तक कराए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर में इस पंचायत चुनाव को 8 चरणों में संपन्न कराया जाएगा। बता दें कि कश्मीर के कुछ इलाकों में चुनाव नहीं कराए जा सके थे। ये चुनाव उन्हीं इलाकों में होंगे। आयोग ने बताया कि प्रदेश में सरपंच की 1011 सीटें खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए लंबे समय से चुनाव की अटकलें लगाई जा रही थीं, जिस पर अब विराम लग गया है। 

 

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