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30-12-2020
विधायक की अनुशंसा से डुबान क्षेत्र में लाखों के निर्माण कार्य की मिली स्वीकृति

धमतरी।विधायक रंजना साहू ने डुबान क्षेत्र के क्षेत्रीय आवश्यकता एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत डुबान क्षेत्र में लाखों की विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वीकृति दिलाई है। इसके अंतर्गत कोरेगांव बी में पक्की नाली निर्माण विदेशी घर से मिलन घर की ओर 5 लाख, अरौद डुबान में पक्की नाली निर्माण दिलीप घर की ओर 5 लाख, ग्राम पंचायत मोंगरागहन के डुमरपारा पहुंच मार्ग में पुलिया निर्माण 7 लाख, ग्राम पंचायत अकलाडोंगरी हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में साइकिल स्टैंड निर्माण 3 लाख, ग्राम पंचायत चिखली के आश्रित ग्राम माटेगहन में सीसी रोड निर्माण कार्य बिसंभर घर से डोमन घर की ओर वार्ड 9 में 5 लाख एवं तुमराबहार ग्राम पंचायत के अंतर्गत ग्राम खिड़कीटोला में सीसी रोड निर्माण शीतला मंदिर से मुक्तिधाम की ओर 5 लाख की राशि की स्वीकृति मिली है। विधायक की अनुशंसा से स्वीकृति मिलने पर क्षेत्रवासी शैलेश नाग जनपद सदस्य चंद्रहास जैन, अहमद अली खान, जोहर साहू, मोतीलाल यादव सरपंच अकलाडोगरी, कोडेगांव बी सरपंच सत्यवती सिंहा सहित आदि ने विधायक का आभार व्यक्त किये।

16-10-2020
Breaking: रायपुर में आवासीय हॉकी अकादमी और बिलासपुर में एक्सिलेंस सेंटर की मिली स्वीकृति,मुख्यमंत्री ने दी बधाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के खिलाड़ियों का सपना अब साकार होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की परिकल्पना को खेल के मैदानों में उतारते हुए राज्य में खेलों के विकास का नया अध्याय जोड़ा है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहली बार रायपुर में आवासीय हॉकी अकादमी प्रारंभ होने जा रही है। इसके साथ ही साथ बहतराई बिलासपुर में एक्सिलेंस सेन्टर प्रारंभ होने जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से खेलो इंडिया योजना के तहत रायपुर में आवासीय हॉकी अकादमी तथा बिलासपुर में एथलेटिक, कुश्ती एवं तैराकी के लिए एक्सिलेंस सेन्टर का प्रस्ताव भारतीय खेल प्राधिकरण को प्रेषित किया गया था, जिसकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है।

राज्य के युवाओं की खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें उपयुक्त प्रशिक्षण की व्यवस्था के लिए गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ को खेल के क्षेत्र में साकार करने के प्रयास अब मूर्तरूप लेते जा रहे हैं। इसके पूर्व खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से तीरंदाजी के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसकी स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है। वर्तमान में रायपुर में तीरंदाजी का प्रशिक्षण खिलाड़ियों को दिया जा रहा है। वन स्टेट वन गेम के तहत रायपुर में तीरंदाजी खेल के विकास की कार्यवाही भी प्रक्रियाधीन है। रायपुर में आवासीय हॉकी अकादमी और बिलासपुर में एथलेटिक, कुश्ती और तैराकी के लिए एक्सिलेंस सेन्टर की मान्यता मिलने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और खेल मंत्री उमेश पटेल ने खिलाड़ियों, खेल प्रशिक्षकों और राज्य के खेल और युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

 

09-10-2020
संविदा नियुक्ति अवधि में किया गया इजाफा

धमतरी। राज्य शासन की ओर से सेवानिवृत्त, स्टेनोग्राफर वर्ग-02, एसएल देवांगन के संविदा नियुक्ति में वृद्धि करने की स्वीकृति दी गई है। अवर सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से कलेक्टोरेट कार्यालय में पदस्थ एसएल देवांगन को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 के प्रावधान अनुसार अधिकतम एक वर्ष अथवा उक्त पद की पूर्ति होने तक जो भी पहले हो, के शर्त पर संविदा नियुक्ति में वृद्धि करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। ज्ञात हो कि देवांगन पिछले कई वर्षों से जिला कार्यालय में कलेक्टर के निजी सहायक के पद पर हैं और कुछ दिनों पहले वह सेवानिवृत्त हुए थे।

28-09-2020
मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव में बनेगा नया भवन, स्वास्थ्य विभाग ने दी स्वीकृति

रायपुर। कोरोना संक्रमण के मध्य राज्य में विकास की गति निरंतर आगे बढ़ रही है। इसी विकास मार्ग पर चलते हुए सोमवार को छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के भवन निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान की है। इस संबंध में शासन से 372 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसमें पूर्व में ही लोक निर्माण विभाग को 266 रुपए करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2020-21 मे राज्य शासन के बजट में प्रावधानित राशि 30.00 करोड़ रुपए में से लोक निर्माण विभाग के अंतिम देयक राशि 22.00 रुपए करोड़ को विमुक्त कर भुगतान किए जाने की अनुमति का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। लोक निर्माण विभाग की ओर से  22.00 करोड़ रुपए की मांग की गई है। इसे स्वीकृत कर शासन ने इस कार्य को आगे बढ़ाया है। इस महाविद्यालय में भवन निर्माण से अध्यनरत छात्र-छात्राओं के लिए सुविधाएं बढ़ने के साथ ही प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र में प्रगति की नव दिशा निर्धारित होगी।

 

 

30-08-2020
शहर में बनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल और इंडोर स्टेडियम, मिली स्वीकृति

 दुर्ग। शहर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल और इंडोर खेल के लिए बनाया जाएगा। इसके लिए दुर्ग विधायक अरुण वोरा ने विधानसभा सत्र के दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.शिव डहरिया से मुलाकात की और 35 सौ सीटर इंडोर स्टेडियम व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पुल निर्माण कार्य की स्वीकृति दिलाई। केंद्रीय जेल व सिविल लाइन के बीच निर्माण कार्य के लिए जगह प्रस्तावित किया गया है।बता दें कि स्वीमिंग पुल और इंडोर स्टेडियम निर्माण का प्रस्ताव नगर निगम में पिछले 20 साल से बन रही है। हर साल के बजट में इसका प्रावधान किया जाता रहा। बार-बार शहर की जनता को स्वीमिंग पुल और इंडोर स्टेडियम निर्माण की सौगात देने का दावा किया जाता रहा। लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद विधायक अरूण वोरा दोनों योजनाओं के लिए मंजूरी दिलाने में सफल रहे।

वोरा की पहल का खेलप्रेमियों, खिलाड़ियों ने स्वागत किया है।वोरा ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खेलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप दुर्ग में भी स्पोर्ट्स सुविधाएं बढ़ाई जाएगी। आने वाले समय में स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स के निर्माण के लिए बैडमिंटन, बॉलीवाल, बास्केटबॉल और टेनिस कोर्ट के निर्माण के लिए राशि मंजूर कराई जाएगी। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व मुख्यमंत्री से ऑनलाइन भूमिपूजन कराने समय लिया जाएगा।वोरा ने बताया कि नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए स्वीमिंग पूल बनाया जाएगा। तैराकी सबसे अच्छा व्यायाम माना जाता है। इससे फिटनेस बढ़ने के साथ ही युवाओं को तैराकी प्रतियोगिता में भी शामिल होने की तैयारी करने का अवसर मिलेगा। एक ही स्थान पर इंडोर स्टेडियम और स्वीमिंग पूल बनने पर खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

 

14-08-2020
एसटीपी स्थापना की अनुमति के लिए महापौर परिषद से मिली स्वीकृति, निगम को मिलेगा राजस्व

भिलाई नगर। महापौर परिषद के सदस्य नीरज पाल की अध्यक्षता एवं आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी की उपस्थिति में निगम के सभागार में सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते हुए महापौर परिषद की बैठक हुई। जहां एसटीपी की स्थापना के लिए विष्णु केमिकल लिमिटेड औद्योगिक क्षेत्र को अनुमति प्रदान करने के लिए सर्वसम्मति से महापौर परिषद के सदस्यों ने सहमति जताई। इस प्रस्ताव पर सहमति जताने के साथ ही निगम को इससे राजस्व की प्राप्ति भी होगी। जल कार्य विभाग द्वारा किए गए गणना के अनुसार 5 रुपए प्रति किलोलीटर नाले की जल को लेने की एवज में लिया जाएगा। जितना जल विष्णु केमिकल लिमिटेड द्वारा लिया जाएगा उसकी गणना इसी आधार पर करते हुए राशि की वसूली की जाएगी। बता दें कि विष्णु केमिकल लिमिटेड औद्योगिक क्षेत्र नंदिनी रोड भिलाई के द्वारा एसटीपी की स्थापना की अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

शव दफन के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर भी लिया फैसला भिलाई क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय द्वारा शव दफन के लिए कब्रिस्तान, सतनामी समाज एवं कबीरपंथी समुदाय के शव के अंतिम संस्कार के लिए जमीन की मांग लंबे समय से की जा रही थी, मांग के अनुसार निगम क्षेत्र में बड़े भूखंड की आवश्यकता है, परंतु जमीन की अनुपलब्धता के चलते इसके लिए नगर पालिक निगम भिलाई सीमा क्षेत्र से बाहर लगे हुए ग्रामीण क्षेत्र में नजूल रिक्त भूमि उपलब्ध कराने नजूल शाखा कार्यालय कलेक्टर, दुर्ग को पत्र प्रेषित किया जाएगा! महापौर परिषद के सदस्यों ने इसके लिए सहमति दी है। बैठक में महापौर परिषद के सदस्य लक्ष्मीपति राजू, जोहन सिन्हा, डाॅ.दिवाकर भारती, दुर्गा प्रसाद साहू, सूर्यकांत सिन्हा, सुभद्रा सिंह, सत्येन्द्र बंजारे, जी.राजू, सुशीला देवांगन, सदीरन बानो, निगम उपायुक्त अशोक द्विवेदी एवं तरुण पाल लहरें, जोन आयुक्त सुनील अग्रहरि, अमिताभ शर्मा एवं पूजा पिल्ले, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा, लेखा अधिकारी जितेंद्र ठाकुर, सचिव जीवन वर्मा, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

10-07-2020
आरंग के गांव रानीसागर में जल आवर्धन योजना के लिए मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया की पहल पर 37 लाख मंज़ूर

रायपुर। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया की पहल पर आरंग विकासखण्ड के ग्राम रानीसागर में जल आवर्धन योजना के लिए 37 लाख 6 हजार रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति नाबार्ड पोषित योजना मद से दी गई है। उल्लेखनीय है कि रानीसागर के ग्रामीणों द्वारा विगत कई सालों से जल आवर्धन योजना की मांग की जा रही थी। मंत्री डॉ.डहरिया ने ग्रामीणों की मांग पर इसे प्राथमिकता से लेते हुए स्वीकृति के लिए पीएचई विभाग को अनुशंसा पत्र प्रेषित किया। उनके इस प्रयास से रानीसागर में जल आवर्धन योजना की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

09-07-2020
मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के पहले चरण में 49 कार्यों के लिए 4.95 करोड़ स्वीकृत

रायपुर। मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के तहत प्रदेश के पहुंच विहीन शासकीय भवनों को पक्की सड़क से जोड़ने के लिए पहले चरण में 49 कार्यों के लिए 4 करोड़ 95 लाख 58 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और लोक निर्माण विभाग ताम्रध्वज साहू की पहल पर इस योजना की शुरुआत 19 जून को की गई थी। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के माध्यम से प्रदेश के सभी शासकीय भवनों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचना अब आसान होगा। इस योजना से प्रदेश भर के ऐसे सभी शासकीय शालाएं, चिकित्सालय, कॉलेज, आंगनबाड़ी भवन, उचित मूल्य की दुकानों और अन्य शैक्षणिक संस्थाएं जो अभी तक मुख्य मार्गों से पक्की सड़क से नहीं जुड़े हुए थे, वे सभी पक्के और बारहमासी मार्ग से जुड़ेगें।

लोक निर्माण विभाग द्वारा इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष 200 करोड़ रुपए के 1116 कार्य कराए जाएंगे। प्रथम चरण में 49 कार्यों के लिए 4 करोड़ 95 लाख 58 हजार रुपए की स्वीकृति प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग परिक्षेत्र रायपुर को जारी की गई है। इनमें धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में 19 कार्यों के लिए 1 करोड़ 36 लाख 34 हजार रुपए, डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 11 कार्यों के लिए 1 करोड़ 27 लाख 38 हजार रुपए, खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 7 कार्यों के लिए 97 लाख 13 हजार रुपए, पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में 6 कार्यों के लिए 50 लाख 36 हजार रुपए, अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के लिए 3 कार्यों के लिए 47 लाख 45 हजार रुपए और सराइपाली विधानसभा क्षेत्र में 3 कार्यों के लिए 36 लाख 92 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इससे लगभग 6 हजार 833 मीटर पक्की सड़क प्रस्तावित है।

23-06-2020
जेटिंग मशीन से सुधारा जाएगा सीवेज सिस्टम, भिलाई निगम को 3 नई मशीन खरीदने शासन से मिली स्वीकृति

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत सीवेज सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए सक्शन कम जेटिंग मशीन खरीदने की स्वीकृति मिली है। नई मशीन के आने के बाद निगम क्षेत्र के घरों और काॅलोनियों के सीवेज चेंबर से गंदगी निकालने का काम और शीघ्रता से होने लगेगा। अमृत मिशन के सैप्टेज मैनेजमेंट घटक के तहत मशीन खरीदने के लिए महापौर देवेन्द्र यादव ने शासन स्तर पर प्रयास किए थे, जिस पर आज राज्य शहरी विकास अभिकरण से विभिन्न शर्तों के साथ अनुमति प्राप्त हुई है। भिलाई निगम क्षेत्र में सीवेज के चेंबर से गंदा अपशिष्ट को निकालने के लिए 3 नई मशीन खरीदे जाएंगे। शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए तथा सीवेज सिस्टम की सफाई को और बेहतर तरीके से करने के लिए शासन से जेटिंग मशीन की मांग की गई थी, जिस पर 3 नग सक्शन कम जेटिंग मशीन खरीदने की स्वीकृति मिली है। वाहन शाखा के कार्यपालन अभियंता टीके रणदिवे ने बताया कि निगम क्षेत्र के घरों और काॅलोनियों के चेंबर से अपशिष्ट गंदगी निकालने के लिए खरीदी जाने वाली मशीन की क्षमता 9000 लीटर की होगी, जिससे निगम के रहवासी क्षेत्रों से सेप्टिक टैंक व चेंबरों को खाली कर एवं इसकी सफाई के लिए आने वाले मांग को शीघ्रता के साथ किया पूरा किया जाएगा। विदित हो कि पूर्व से इस प्रकार की एक वाहन 9000 लीटर क्षमता की निगम के पास उपलब्ध है साथ ही 3000 लीटर क्षमता वाली दो वाहन उपलब्ध है! अब तीन नई मशीन आने से इस कार्य में तीव्रता आएगी।महापौर देवेंद्र यादव ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 3 नग सक्शन कम जेटिंग मशीन खरीदने की स्वीकृति की मांग की गई थी, जिस पर शासन स्तर से अनुमति प्राप्त हुई है, सीवेज की गंदगी को दूर करने के लिए यह एक बेहतर माध्यम साबित होगा।

 

   

 

05-06-2020
कोरोना का सरकारी योजनाओं पर असर, मार्च 2021 तक कोई नई योजना शुरू नहीं करेगी सरकार

नई दिल्ली। लॉकडाउन से पस्त हुई इकोनॉमी का असर सरकार की योजनाओं पर भी दिखने लगा है। कोरोना संकट के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे असर के बीच मोदी सरकार ने शुक्रवार को अहम फैसला लिया। केन्द्र सरकार ने आदेश जारी कर कहा है कि सभी मंत्रालय किसी नई योजना की शुरुआत न करें। सभी अपना ध्यान प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना या आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घोषित योजनाओं पर केंद्रित करें।

केंद्र मौजूदा वित्त वर्ष (2020-21) में कोई भी नई सरकारी योजना की शुरुआत नहीं करेगा। वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों को नई योजनाओं को इस वित्त वर्ष के आखिर तक शुरू नहीं करने के लिए कहा है। हालांकि सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजनाओं पर किसी भी तरह की रोक नहीं लगाई है।  

वित्त मंत्रालय के आदेश के अनुसार कोई भी सरकारी योजनाओं को इस साल स्वीकृति नहीं दी जाएगी। पहले से ही स्वीकृत नई योजनाओं को 31 मार्च, 2021 या फिर अगले आदेशों तक स्थगित किया जाता है। बदलती प्राथमिकताओं के साथ संसाधनों का विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करने की आवश्यकता है। इसमें 500 करोड़ से ऊपर की किसी नई परियोजना की शुरुआत 1 साल तक निलंबित रखने को कहा गया है।

04-06-2020
भूपेश बघेल ने लिखा पत्र, राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकसित करने के कॉन्सेप्ट प्लान को स्वीकृति देने किया आग्रह

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केन्द्रीय पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद पटेल को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पर्यटन परिपथ को विकसित करने के लिए तैयार किए गए कॉन्सेप्ट प्लान को,केन्द्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है। छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकसित करने के लिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन विभाग ने 9 स्थलों का चयन किया है। 137 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत का एक कॉन्सेप्ट प्लान तैयार किया है।मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ का इतिहास प्राचीन होने के साथ ही प्रशस्त भी है। त्रेतायुगीन छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम दक्षिण कोसल और दण्डकारण्य के रूप में विख्यात था। दण्डकारण्य में भगवान श्रीराम के वन गमन यात्रा की पुष्टि वाल्मीकि रामायण से होती है। शोधकतार्ओं से प्राप्त जानकारी, शोध लेखों और पुस्तकों के अनुसार प्रभु श्रीराम अपने वनवास काल के 14 वर्षों में से लगभग 10 वर्ष से भी अधिक समय छत्तीसगढ़ में व्यतीत किए थे। इसकी पुष्टि यहां के लोकगीतों के माध्यम से भी होती है।मुख्यमंत्री बघेल ने लिखा है कि प्रभु श्रीराम ने उत्तर भारत से छत्तीसगढ़ में प्रवेश के बाद विभिन्न स्थानों पर चौमासा व्यतीत करते हुए दक्षिण भारत में प्रवेश किया था। अत: छत्तीसगढ़ को दक्षिण पथ भी कहा जाता है। छत्तीसगढ़ में कोरिया जिले की गवाई नदी से होकर सीतामढ़ी हरचौका नामक स्थान से प्रभु श्रीराम ने छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। इस दौरान उन्होंने 75 स्थलों का भ्रमण करते हुए सुकमा जिले के रामाराम से दक्षिण भारत में प्रवेश किया था। उक्त स्थलों में से 51 स्थल ऐसे है 

जहां प्रभु श्रीराम ने भ्रमण के दौरान रूक कर कुछ  समय व्यतीत किया था, जिसकी पुष्टि शोधकतार्ओं के शोध आलेखों से होती है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से राम वन गमन पथ का, पर्यटन की दृष्टि से विकास की योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य में आने वाले पर्यटकों, आगन्तुकों के साथ-साथ देश और राज्य के लोगों को भी राम वन गमन मार्ग एवं स्थलों से परिचित कराना एवं इन ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण के दौरान पर्यटकों को उच्च स्तर की सुविधाएं भी उपलब्ध कराना है।मुख्यमंत्री ने लिखा है कि छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पर्यटन परिपथ को विकसित करने के उद्देश्य से प्रथम चरण में 9 स्थलों का चयन किया गया है। इन स्थलों में सीतामढ़ी-हरचैका (कोरिया), रामगढ़ (अम्बिकापुर), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा-सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर), रामाराम (सुकमा) शामिल हैं। राम वन गमन पर्यटन परिपथ में प्रस्तावित 9 स्थलों को लेते हुए पर्यटन विभाग ने एक कॉन्सेप्ट प्लान तैयार किया है। राम वन गमन पर्यटन परिपथ के लिए  राज्य शासन की ओर से गत वर्ष (2019-20) राशि 5 करोड़ रुपए और इस वर्ष (2020-21) 10 करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में किया गया है। इस तरह कुल राशि रूपए 15 करोड़ राज्य शासन द्वारा स्वीकृत है। मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में केन्द्रीय पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) से छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पर्यटन परिपथ विकसित करने के कॉन्सेप्ट प्लान को स्वीकृति देने का आग्रह किया है।

 

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