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04-04-2020
लाॅक डाउन के दौरान किसानों को परेशानी से बचाने की कवायद

रायपुर। नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा कृषि मशीनरी की बिक्री दुकानें तथा इससे संबंधित स्पेयर पार्ट और मरम्मत दुकानें तथा राज्य मार्गों पर ट्रक रिपेयर दुकानों के संचालन के संबंध में पूर्व में जारी निर्देशों में चतुर्थ संशोधन किया गया है। इसके तहत देश में जारी लाॅक डाउन के दौरान खेती-किसानी को लेकर सरकार द्वारा कई तरह की छूट प्रदान की गई है ताकि किसानों को कोई परेशानी नही हो और देश में खाद्यान्न की कमी भी नहीं आने पाए। इस तारतम्य में गृह मंत्रालय द्वारा पूर्व में जारी आदेश में चतुर्थ संशोधन करते हुए एक और आदेश जारी किया गया है। यहां मंत्रालय महानदी भवन स्थित सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त विभागों के भारसाधक सचिव, संभागायुक्त, जिला कलेक्टर और विभागाध्यक्षों को उक्त आदेश प्रसारित कर दिया गया है और उन्हें जारी निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। खेती-किसानी के संबंध में गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार कृषि मशीनरी तथा उनके कल-पुर्जों की दुकानें लाॅकडाउन के दौरान चालू रखी जा सकेगी। इस छूट में संबंधित आपूर्तिकर्ताओं को भी शामिल किया गया है।

इसी तरह हाईवे पर ट्रकों की मरम्मत करने वाले गैरेज तथा पेट्रोल पम्पों को भी चालू किया जा सकेगा ताकि कृषि उपज का परिवहन सुगमता से हो सके। इसके तहत चाय बगानों पर अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारी रखते हुए काम किया जा सके। गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि इस दौरान सामाजिक दूरी बनाये रखने का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए और बीमारी से बचाव के लिए समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। इनमें जिला प्रशासन को सतत् रूप से निगरानी रखने के लिए भी कहा गया है।

 

04-04-2020
भूपेश बघेल ने रामविलास पासवान को लिखा पत्र, कहीं यह बात... 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान को पत्र लिखकर कहा है कि वर्तमान में फैली महामारी नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संदर्भ में देश के अन्य राज्यों में पीडीएस के लिए चावल की आवश्यकता की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ शासन सहयोग के लिए इच्छुक है। उन्होंने इसके लिए खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में भारतीय खाद्य निगम चावल उपार्जन की मात्रा 24 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 31.11 लाख मीट्रिक टन की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष  2019-20 में 18.20 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर कुल 83.67 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। प्रदेश में धान उपार्जन एवं कस्टम मिलिंग चावल जमा करने का कार्य राज्य शासन एवं भारत सरकार खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के मध्य हुए एमओयू के अनुसार किया जाता है। राज्य शासन एवं भारत सरकार खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के एमओयू की कंडिका 18 में समस्त सरप्लस चावल भारतीय खाद्य निगम द्वारा उपार्जन किए जाने का प्रावधान है। 

  खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग भारत सरकार द्वारा 19 दिसम्बर 2019 को भेजे पत्र में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में भारतीय खाद्य निगम में केन्द्रीय पूल अंतर्गत 24 लाख टन उसना चावल उपार्जन की अनुमति प्रदान की गई है। प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में कुल खरीदी 83.67 लाख मीट्रिक टन धान से निर्मित होने वाले चावल 56.51 लाख मीट्रिक टन में से राज्य के द्वारा पीडीएस की आवश्यकता के लिए 25.40 लाख मीट्रिक टन चावल उपार्जन किया जाएगा। (सेंट्रल पूल 15.48 लाख मीट्रिक टनए स्टेट पूल 9.92 लाख मीट्रिक टन) एवं शेष 31.11 लाख मीट्रिक टन चावल सरप्लस होगा। इसमें से भारत सरकार द्वारा भारतीय खाद्य निगम में 24 लाख मीट्रिक टन चावल उपार्जन की अनुमति दिए जाने से कुल उपार्जित धान में से 73.20 लाख मीट्रिक टन धान का ही निराकरण संभव हो सकेगा एवं लगभग 10.47 लाख मीट्रिक टन धान (अनुपातिक चावल 7.11 लाख मीट्रिक टन ) अनिराकृत स्थिति में रहेगा। राज्य शासन द्वारा पूर्व में भी 25 फरवरी 2020 को भेजे गए अर्द्ध शासकीय पत्र के माध्यम से भारतीय खाद्य निगम में चावल की उपार्जन की मात्रा बढ़ाकर 31 लाख टन किए जाने का अनुरोध किया गया था। वर्तमान में फैली महामारी नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संदर्भ में देश में अन्य राज्यों में पीडीएस के लिए चावल की आवश्यकता की पूर्ति के लिए छत्तीसगढ़ शासन सहयोग के लिए इच्छुक है, इसके लिए खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में भारतीय खाद्य निगम में चावल उपार्जन की मात्रा 24 लाख टन से बढ़ाकर 31.11 लाख टन किए जाने की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध है।

01-04-2020
Breaking : भूपेश बघेल ने लाभांडी इलाके में मजदूरों से की मुलाकात, व्यवस्थाओं का लिया जायजा  

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को शहर के लाभांडी इलाके में पहुंचे। उन्होंने प्रशासन और एनजीओ की देखरेख में आश्रय प्राप्त जरुरतमंदों और बेसहारा और मजदूरों से मुलाकात की। उनके भोजन और रुकने की व्यवस्थाओं की  जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी का अच्छे से ध्यान रखा जा रहा है। कई प्रदेशों के लोग, मजदूर यहां रुके हुए हैं। भारत सरकार के दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है। और भी बेहतर व्यवस्थाओं के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं।

30-03-2020
Breaking : सोनमणि बोरा राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त, लॉकडाउन से प्रभावित श्रमिकों का रखेंगे विशेष ध्यान

रायपुर। गृह सचिव भारत सरकार के पत्र के अनुपालन में सोनमणी बोरा, श्रम सचिव को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। श्रम विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जिसमें संपर्क किया जा सकता है। इस संबंध में आज सोमवार को डॉ. कमलप्रीत सिंह सचिव सामान्य प्रशासन विभाग आदेश जारी किया है। सोनमणि बोरा नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण के नियंत्रण के लिए लॉकडाउन से प्रभावित संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं का समाधान करेंगे। साथ ही वे छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में फंसे हुए स्थानीय प्रवासी मजदूरों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था सहित केंद्र सरकार और अन्य राज्य सरकारों से आवश्यक समन्वय बनाए रखेंगे। देखिए आदेश की कॉपी...

 

25-03-2020
VIDEO: भूपेश बघेल ने कहा - अपने इष्ट, परिवार के समीप रहें इसी में हम सबकी सुरक्षा है 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ी में राज्य की जनता को संबोधित किया।  उन्होंने चैत्र नवरात्र और गुढ़ी पड़वा की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि अभी बहुत लोग नवरात्र का उपवास कर रहे हैं, उपवास का अर्थ होता है अपने ईष्ट के समीप रहना। 9 दिन सभी अपने ईष्ट के समीप रहो। भारत सरकार और राज्य सरकार ने 21 दिन तक लॉकडाउन किया है। सभी को अपने-अपने घर में रहना है, अपने ईष्ट के समीप रहना है और परिवार के समीप रहना है, इसी में हम सबकी सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव से लोग फोन करके बता रहे हैं कि जो बाहर से आ रहे हैं उनको बगैर मेडिकल चेकअप के अंदर आने नहीं दिया जा रहा है। यही सही मायने में सुरक्षा है। ये बीमारी बाहर से आ रही है, इसी को ध्यान में रखते हुए जो जहां है वहीं रहे ये व्यवस्था हम लोगों को करना है। वीडियो में सुनिए और उन्होंने क्या कहा....

23-03-2020
एसडीएम न्यायालय में सुनवाई की तिथि टली

दुर्ग। कोरोना वासरस  के चलते भारत सरकार तथा राज्य सरकार की एडवाईजरी के दिशा निर्देशों पर अमल लाते हुए धमधा न्यायालय राजस्व में/दाण्डिक धारा 97, 98, 133 एवं 145 द.प्र.सं./ट्रस्ट/अपील/पंचायत एवं अन्य विविध मद के प्रकरणों की निम्नांकित तिथियों सुनवाई टाल दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सूचना पत्र के माध्यम से पक्षकार/उनके अधिवक्ता को संसूचित किया गया है। इस महीने होने वाली पेशी अगले महीने तक स्थगित कर दी गई है।

22-03-2020
 मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिलने पर विधायक चंद्राकर ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का जताया आभार

महासमुंद। जिले में प्रस्तावित मेडिकल काॅलेज के लिए केंद्र सरकार से अंततः हरी झंडी मिल गई। राज्य शासन से भेजे गए ड्राफ्ट पर केंद्र सरकार की ओर स्वीकृति दे दी गई है। महासमुंद में 325 करोड़ की लागत से मेडिकल काॅलेज का निर्माण होगा। इधऱ विधायक विनोद चंद्राकर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने मेडिकल काॅलेज की सौगात दिलाने पर आभार जताया है। गौरतलब है कि 20 नंवबर 2019 को विधायक चंद्राकर की मौजूदगी में रायपुर से पहुंचे एडिशनल डायरेक्टर डाॅ. निर्मल वर्मा, रजिस्टार डॉ. जितेंद्र तिवारी व असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. प्रतीक प्रधान ने मेडिकल काॅलेज के लिए ग्राम खरोरा के पास स्थल निरीक्षण करने के साथ ही जिला चिकित्सालय में उपलब्ध संसाधनों का जायजा लिया था। विधायक चंद्राकर ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सहमति के बाद छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इसका प्रस्ताव बनाकर भारत सरकार को भेजा गया। जिस पर केंद्र सरकार की ओर से महासमुंद में 325 करोड़ की लागत से मेडिकल काॅलेज के निर्माण के लिए स्वीकृति दी गई है। इसमें केंद्र का 60 प्रतिशत व राज्य सरकार का 40 प्रतिशत शेयर होगा। विधायक चंद्राकर ने बताया कि यह महासमुंद जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।  इसकी स्वीकृति मिलने की खबर मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से बात कर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया है। 

विधायक चंद्राकर ने मेडिकल काॅलेज की स्वीकृति मिलने पर जिला प्रशासन के अधिकारियों से चर्चा की। जिस पर उन्हें बताया गया कि राशि मिलने के साथ ही मेडिकल काॅलेज निर्माण की दिशा में काम शुरू कर दिया जाएगा। अगले सत्र से काॅलेज शुरू होने की संभावना है। वहीं विधायक चंद्राकर के लगातार प्रयास से मेडिकल कालेज का रास्ता खुलने पर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर, जनपद पंचायत अध्यक्ष भागीरथी चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण पटेल, दाउलाल चंद्राकर, हुलासगिरी गोस्वामी, अरूण चंद्राकर,  राजेंद्र चंद्राकर, अमर चंद्राकर, खिलावन साहू, संजय शर्मा, नानू भाई, सती साहू, अरुणा शुक्ला, तारा चंद्राकर, शेख छोटे मिया, प्रकाश साकरकर, अमन चंद्राकर, कुणाल चंद्राकर, गौतम सिन्हा, सीटू सलूजा, अतुल गुप्ता, आलोक नायक, नारायण नामदेव, आवेज खान, दारा साहू, रोशन पटेल, थनवार यादव, किशन देवांगन, देवेंद्र चंद्राकर, अनवर हुसैन, वीरेंद्र चंद्राकर, संतोष साहू, हर्ष शर्मा, विराज चंद्राकर, शिव यादव, जितेंद्र यादव, विजय बांदे, दिलीप जैन, गौरव चंद्राकर, जब्बर चंद्राकर, निर्मल जैन, तोषण कन्नौजे ने आभार जताया है।

21-03-2020
 31 मार्च तक अम्बेडकर अस्पताल की ओपीडी और आईपीडी सेवा में किए गए परिवर्तन

रायपुर। कोविड-19 के संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार एवं संचालक चिकित्सा शिक्षा छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार अस्पतालों और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों के लिए जारी एडवाइजरी (सलाह) के परिपालन में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में अंतः रोगी विभाग (आईपीडी) एवं बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) के सामान्य संचालन में कुछ आवश्यक परिवर्तन किये जा रहे हैं जो निम्नानुसार हैः-

01. कोविड - 19 से निपटने के लिए भविष्य की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए 31 मार्च 2020 तक गैर आवश्यक ऐच्छिक सर्जरी या पूर्व निर्धारित ऑपरेशन को स्थगित करते हुए केवल इमर्जेंसी ऑपरेशन ही किये जाएंगे। चिकित्सा आपातकाल सेवा पूर्ववत् जारी रहेंगी।

02. इस एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करते हुए सभी रोगियों एवं उनके परिजनों को मीडिया के माध्यम से यह सूचना एवं सलाह दी जाती है कि अगर अति आवश्यक न हो तब तक ओपीडी में नियमित रूप से आने से बचें।

03. किसी भी निकटवर्ती आपात स्थिति की संभावना को ध्यान में रखते हुए चिकित्सालय में अनावश्यक भीड़ की स्थिति निर्मित न हो इसके लिये एक मरीज के साथ केवल एक परिजन ही रहें।

04. आपातकालीन एवं अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर जहां तक हो सके सामान्य सर्दी, खांसी, बुखार के लिये नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दिखाने को प्राथमिकता देवें।

05. पुरानी बीमारियों एवं अन्य कोई छोटी समस्या उत्पन्न हो तो तृतीयक देखभाल केंद्रों  के बजाय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), कम्युनिटी हेल्थ केयर सेंटर (सीएचसी) देखभाल सुविधाओं की ओपीडी में जाने को प्राथमिकता देंवें।

21-03-2020
बाहर से लौटने वालों पर नजर रखने हर गांव में कराई जाएगी मुनादी, मितानिनें करेंगी सावधान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को हुई स्टेट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की बैठक में एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग, अस्पतालों में जांच व उपचार तथा क्वारेंटाइन सेंटर्स में तमाम व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने भारत सरकार और राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और एडवाइजरी का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तर पर गठित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा प्रतिदिन सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। बैठक में केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की संयुक्त सचिव ऋचा शर्मा भी मौजूद थीं।

बैठक में बताया गया कि क्वारेंटाइन सेंटर्स में चिकित्सा सुविधा, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए यहां कार्यपालिक दंडाधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की गई है। सभी क्वारेंटाइन सेंटर्स मंय बायो-वेस्ट्स (Bio-wastes) के समुचित निपटारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया। बैठक में सभी जिलों के नोडल अधिकारियों को हाल ही में विदेश प्रवास से लौटे लोगों की जांच कराकर आवश्यकतानुसार होम आइसोलेशन या क्वारेंटाइन सेंटर में रखने के निर्देश दिए गए। बाहर से लौटने वालों पर नजर रखने और इस बारे में लोगों को जागरूक करने कोटवारों के माध्यम से सभी गांवों में मुनादी करवाई जाएगी। बाहर से लौटने वालों को मितानिनों के जरिए जरूरी सतर्कता एवं सावधानियों के बारे में बताया जाएगा।

स्वास्थ्य सचिव ने बैठक में भारत सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर मास्क और हैंड-सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रसाधन को निर्देशित किया। सभी अस्पतालों में भी पर्याप्त संख्या में इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करने कहा। बैठक में अस्पतालों एवं क्वारेंटाइन सेंटर्स में संदिग्धों की देखभाल और इलाज में लगे डॉक्टरों व अन्य मेडिकल स्टॉफ के लिए पृथक आवासीय व्यवस्था तथा लॉजिस्टिक्स के संबंध में भी निर्देश दिए गए। समीक्षा  बैठक में संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एसएस आदिले, नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रसाधन  एसएन राठौर, रायपुर के कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, नगर निगम के आयुक्त सौरभ कुमार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल, सिविल सर्जन डॉ. रवि तिवारी, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. विनीत जैन और डॉ. आरके पंडा भी मौजूद थे।

 

18-03-2020
स्वास्थ्य विभाग ने बड़े कार्यक्रमों की अनुमति नहीं देने जिला मुख्यालयों को लिखा पत्र

रायपुर। स्वास्थ्य विभाग ने भारत सरकार द्वारा जारी सोशल डिस्टेसिंग एडवाइजरी का पालन सुनिश्चित करने 31 मार्च 2020 तक भीड़-भाड़ वाले आयोजन, सार्वजनिक कार्यक्रम और बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी वाले समारोह की अनुमति नहीं देने के लिए पत्र लिखा है। स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह ने आज प्रदेश से सभी संभागीय आयुक्तों, सभी रेंजों के पुलिस महानिरीक्षकों, सभी जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर ऐसे आयोजनों के लिए यथासंभव अनुमति नहीं देने के लिए कहा है।

स्वास्थ्य सचिव ने पत्र में कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार से समय-समय पर प्राप्त दिशा-निर्देशों के आधार पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निर्देश व एडवाइजरी जारी की गई है। सरकार कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने एवं लोगों को जागरूक करने लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।  किसी भी तरह के संक्रमण की संभावना के मद्देनजर संदिग्धों की जांच और उनका सैंपल लेने के लिए चिकित्सा दल की तैनाती के साथ ही आइसोलेशन/क्वारेंटाइन सेंटर स्थापित किए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए संक्रमण को रोकने हर तरह के उपाय जरूरी हैं। इसके लिए सोशल डिस्टेसिंग एडवाइजरी का भी पालन सुनिश्चित करना होगा।

 

18-03-2020
भारत सरकार के प्राईस मॉनिटरिंग पोर्टल में मास्क और सैनिटाइजर का मूल्य होगा दर्ज, निर्देश जारी

रायपुर। भारत सरकार के प्राईस मॉनिटरिंग पोर्टल में मास्क सैनिटाइजर के बाजार मूल्य की जानकारी को दर्ज किया जाएगा। खाद्य सचिव डॉ.कमलप्रीत सिंह ने प्रदेश के खाद्य नियंत्रक एवं खाद्य अधिकारियों को पत्र जारी कर 22 अन्य आवश्यक वस्तुओं के साथ-साथ मास्क एवं सेनिटाईजर का मूल्य नियमित रूप से दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। जारी पत्र में भारत सरकार के प्राईस मॉनिटरिंग सेल द्वारा उपरोक्त वस्तुओं की राज्य सरकार के प्राईस मॉनिटरिंग पोर्टल में मास्क 2 प्लाई एवं 3 प्लाई सर्जिकल मास्क, एन 95 मास्क और हैण्ड सैनिटाइजर, एल्कोहल बेस्ड फ्लोर क्लिनर जैसे-लाईजॉल, लिक्विड शोप, हैण्डवाश का दैनिक बाजार मूल्य 22 अन्य वस्तुओं के साथ-साथ नियमित रूप से दर्ज करने को कहा गया है। गौरतलब है कि भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा 13 मार्च को अधिसूचना जारी कर मास्क 2 प्लाई एवं 3 प्लाई सर्जिकल मास्क, एन 95 मास्क और हैण्ड सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत आवश्यक वस्तु की श्रेणी में शामिल किया गया है।

 

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